जंगली हाथी के हमले से पालतू हाथी की हुयी मौत

तीन जिलों की सीमा में फैला राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में एक पालतू हाथी की जंगली हाथी के हमले के दौरान मौत हो गई। जिससे क्षेत्र में रोष है। यह पालतू हाथी राजाजी टाइगर रिजर्व का था। बताया जा रहा है कि राजाजी टाइगर रिजर्व में राजा नाम से प्रसिद्ध इस पालतू हाथी पर जंगली हाथी ने हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गयी। घटना से राजाजी प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। दरअसल राजा 1993 में रेलवे ट्रैक पर पड़ा हुआ मिला था राजा। तभी से पार्क प्रशासन इसका पालन पोषण कर रहा था। राजा पर्यटकों को सफारी भी करा रहा था।

उत्तराखंड राज्य आंदोलन दुनिया के अन्य आंदोलन से अलग

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शहीद स्थल झूलाघर, मसूरी में 02 सितम्बर 1994 को मसूरी गोली कांड में शहीद हुए आन्दोलनकारियों स्व0 बेलमती चौहान, स्व0हंसा धनई, स्व0बलबीर सिंह नेगी, स्व0 धनपत सिंह, स्व0 मदन मोहन ममगाई एवं स्व0 राय सिंह बंगारी को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के लिए इन जाबांजों के बलिदान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन दुनिया के अन्य आन्दोलनों से अलग रहा है। इस आन्दोलन में मातृशक्ति एवं सैनिक पृष्ठभूमि की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह एक ऐसा आन्दोलन था जो लगातार चलता रहा। आन्दोलन के दौरान इसमें कभी भी ब्रेक नहीं लगा। इस आन्दोलन में प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति की किसी न किसी रूप में भागीदारी रही। प्रेस ने भी समाचार पत्रों के माध्यम से इस आन्दोलन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी की आबादी 50 हजार है जबकि प्रतिवर्ष यहां 30 लाख पर्यटक आते हैं। पार्किंग की छमता कम है इसके लिए पार्किंग की व्यवस्था की जायेगी। इसके साथ ही मोनो रेल पहुंचाने के लिए योजना बनाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आन्दोलनकारियो के सपनों को साकार करने के लिए जैसा राज्य वे चाहते थे उसके अनुरूप हमें राज्य के विकास को आगे बढ़ाना होगा। राज्य के विकास के लिए पलायन को रोकना, रोजगार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ना होगा। पलायन को रोकने एवं रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए 13 डिस्ट्रिक 13 न्यू डेस्टिनेशन पर राज्य सरकार का विशेष फोकस है। कृषि और उद्योगों के विकास के लिए भी निरन्तर प्रयास किये जा रहे है। जिससे अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सके। उन्होंने कहा कि देहरादून में एक संस्कृति ग्राम विकसित किया जा रहा है। जिसमें सम्पूर्ण उत्तराखण्ड की झलक एक साथ दिखेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती हमारा आधार है इसके लिए चकबन्दी का कार्य शुरू किया जा रहा है। चकबंदी के लिए एक हजार पटवारियों की भर्ती की जायेगी तथा रिटायर तहसीलदारों की नियुक्ति की जायेगी। स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुगम बनाने के लिए आर्मी से डॉक्टरों की मांग की जा रही है। 71 डाक्टरों ने जिसमें सहमति भी जताई है। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शहीद स्थल मसूरी के निकट हिमवंत कवि चन्द्रकुंवर बर्त्वाल की प्रतिमा का अनावरण भी किया।

7वर्ष पूर्व पत्नी के टुकड़े करने वाले पति का क्या हुआ, अधिक पढ़े

देहरादून के चर्चित अनुपमा गुलाटी हत्याकांड में कोर्ट ने हत्यारे पति को उम्रकैद की सजा सुनाई हैं। साथ ही उस पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। साल 2010 में अनुपमा की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हत्यारे पति ने लाश के कई टुकड़े कर उसे फ्रीजर में छिपा दिया था। लगभग 7 साल बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया है।
दिल दहला देने वाला यह मामला उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का है। बहुचर्चित अनुपमा गुलाटी हत्याकांड में गुरुवार को जज ने अपना फैसला सुनाते हुए हत्यारे पति राजेश गुलाटी को दोषी करार दिया और शुक्रवार को उसे उम्रकैद की सजा सुना दी। राजेश को आईपीसी की धारा 302, हत्या और 201, सबूत मिटाने के आरोपों के तहत दोषी करार दिया गया।
अदालत में अंतिम तथ्य पेश करने के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि राजेश गुलाटी पर हत्या की धारा नहीं बनती, क्योंकि इस केस में कोई प्रत्यक्ष गवाह नहीं है। जबकि अभियोजन पक्ष ने कहा कि लाश के टुकड़े राजेश के फ्लैट से मिले थे। ऐसे में अपने आप साबित होता है कि आरोपित ने ही हत्या की है।
बताते चलें कि कत्ल की यह सनसनीखेज वारदात कैंट कोतवाली क्षेत्र के प्रकाशनगर में 11 दिसंबर, 2010 को सामने आई थी। पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश गुलाटी यहां एक मकान में पत्नी अनुपमा और दो बच्चों के साथ रहता था। अनुपमा 17 अक्टूबर, 2010 को अचानक लापता हो गई थी। बच्चों द्वारा मां के बारे में पूछे जाने पर राजेश उन्हें दो महीने तक टालता रहा। 11 दिसंबर को अनुपमा का भाई राजेश के घर पहुंचा तो उसे घर में घुसने नहीं दिया गया। जिसके बाद उसने पुलिस को इसकी सूचना दी। घर की तलाशी के दौरान पुलिस को राजेश के घर में रखे डीप फ्रीजर से अनुपमा की लाश के टुकड़े मिले। राजेश ने अनुपमा की लाश के 72 टुकड़े किए थे। इन टुकड़ों को वह धीरे-धीरे मसूरी के जंगलों में ठिकाने लगा रहा था। पति-पत्नी के बीच अक्सर होने वाला मामूली झगड़ा कब मारपीट में तब्दील हुआ और कब इसने खूनी बदले की शक्ल अख्तियार कर ली, पता ही नहीं चला। अनुपमा जल्लाद पति के इसी गुस्से का शिकार हुई थी।

जानिए सीएम ने किसको दिलाई शपथ

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में अधिकारियों व कर्मचारियों को हिमालय बचाओ अभियान की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि 09 एवं 10 सितम्बर को हिमालय दिवस का आयोजन किया जाएगा और हिमालय के पर्यावरण पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों को लेकर व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर पर्यावरण को सन्तुलित करने में हिमालय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हिमालय जल, जीवन और पर्यावरण का मूल आधार है। पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए सभी को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि सभी को संकल्प लेना होगा कि हिमालय को किसी प्रकार से नुकसान नहीं पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के लिए हर दिन हिमालय दिवस है। यहाँ का आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक ताना बाना हिमालय पर पूर्ण रूप से आधारित है। हिमालय के संरक्षण और समृद्धि में ही हमारी समृद्धि है। इस अवसर पर मुख्य सचिव एस.रामास्वामी सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

डीएवी में अभाविप की लगातार 11वीं जीत से भाजपा गदगद

प्रदेश के सबसे बड़े महाविद्यालय दयानंद एंग्लोवैदिक महाविद्यालय देहरादून में ें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने 11वीं जीत दर्ज की है। अध्यक्ष पद पर विद्यार्थी परिषद के शुभम सेमल्टी ने एनएसयूआई के विकास नेगी को 35 वोट से हराया, जबकि नोटा पर 37 वोट पड़े। महासचिव पद पर आर्यन के आकाश गौड़ ने सत्यम संगठन के अरविंद चौहान को 344 वोट से हराया। जीत के बाद एबीवीपी और आर्यन से जुड़े छात्रों ने बारिश के बावूजद विजय जुलूस निकाला।
दरअसल उत्तराखंड के सबसे बड़े पीजी कॉलेज होने के कारण इस कॉलेज कें छात्र संघ चुनाव पर राजनैतिक दलों की नजरें टिकी हुयी होती है। ऐसा माना जाता है कि इस कॉलेज की राजनीति करने वाला छात्र भविष्य में बड़ी राजनीति करता है।
आपको बता दें कि अभाविप हर वर्ष डीएवी कॉलेज में केवल अध्यक्ष पद पर ही अपना उम्मीदवार उतारती है। इसी तरह ऑर्यन व सत्यम ग्रुप भी केवल महासचिव पद पर ही प्रत्याशी उतारते है।
डीएवी कॉलेज छात्र संघ परिणाम
अध्यक्ष
शुभम सेमल्टी एबीवीपी-1346
विकास नेगी एनएसयूआई- 1311
उपाध्यक्ष
हिमांशु नेगी- 1745
शिवानी- 1238
महासचिव
आकाश गौड़- 1263
उपाध्यक्ष
हिमांशु नेगी- 1745
शिवानी- 1238
महासचिव
आकाश गौड़- 1263
अरविंद चौहान-919

जानिए थाइलैंड की लड़की मसाज पार्लर में क्या कर रही?

देहरादून के पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र में आइएसबीटी के पास स्थित एक होटल में चल रहे मसाज पार्लर में दो विदेशी युवतियों के मौजूद होने की खबर से हड़कंप मच गया। एसएसपी ने तत्काल एलआइयू की टीम को होटल भेज कर जांच कराई तो मामला सही पाया गया। दोनों युवतियां थाईलैंड की रहने वाली हैं। इनमें से एक टूरिस्ट तो दूसरी बिजनेस वीजा पर यहां रह रही है। पुलिस ने बुधवार को दोनों को अन्य कागजातों के साथ थाने बुलाया है।
पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि आइएसबीटी के पास एक होटल के मसाज पार्लर में दो विदेशी युवतियां रखी गई हैं। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि इस सूचना पर एलआइयू की टीम को होटल भेजा गया तो वहां थाईलैंड की दो युवतियां मिलीं।
दोनों के दस्तावेज चेक किए गए तो एक युवती के पास टूरिस्ट और दूसरी के पास बिजनेस वीजा मिला। इसके अलावा वह कोई और दस्तावेज नहीं दिखा सकीं। एसएसपी ने बताया कि जांच की जा रही है कि दोनों यहां स्वयं आई हैं या किसी ने उन्हें यहां लाकर रखा है। फिलहाल संबंधित देश से भी दोनों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

बड़ी खबरः हरक सिंह ने प्रेस वार्ता कर लगाई वन आरक्षी की भर्ती पर रोक

उत्तराखंड में वन विभाग ने फॉरेस्ट गार्ड भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। वन मंत्री हरक सिंह रावत ने बताया कि जबतक नियमावली में संसोधन नहीं हो जाता, तब तक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगी रहेगी। दरअसल, राज्य में वन विभाग के 1218 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही थी। इसके लिए पिछली सरकार ने शैक्षणिक योग्यता इंटर साइंस रखी थी और आयु की सीमा भी कम थी। जिसे लेकर राज्य के युवाओं में आक्रोश बना हुआ था।
भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में वन मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि आयु सीमा और शैक्षणिक योग्यता में बदलाव को लेकर फैसला किया जाएगा। जबतक नियमावली में संसोधन नहीं हो जाता, तबतक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगी रहेगी। वन विभाग के इस फैसले से कहीं न कहीं युवाओं को भी राहत मिल सकती है।

बच्चों को बेहतर खेल सुविधा मिले, इसके लिये हो रहा है कामः त्रिवेन्द्र

29 अगस्त यानी राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर प्रदेश के मुखिया त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गाँधी पार्क में आयोजित ‘रन फॉर उत्तराखण्ड‘ का हरी झण्डी दिखाकर शुभारम्भ किया। इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री बोले राष्ट्रीय खेल दिवस एक ऐसे खिलाड़ी, मेजर ध्यान चंद कीे याद में मनाया जाता है जिसने देश की आन बान और शान के लिये जी-तोड़ मेहनत की। भारत को हॉकी का सरताज बना दिया। कभी हार न मानना, मुश्किलों में बहाना नहीं बनाना, जुझारूपन, लीडरशिप क्वालिटी जैसी बातें हम मेजर ध्यान चंद के जीवन से सीख सकते हैं। ‘रन फॉर उत्तराखण्ड‘ में नौजवानों एवं बड़ी उम्र के लोगों को भाग लेते हुए देख कर बहुत खुशी हो रही है। हम राज्य के विकास के लिये दौड़ें, हम जो भी करें राज्य के लिये करें। हमारे लिये राज्य का विकास ही सर्वोच्च होना चाहिए। आप लोगों के मजबूत इरादे, जोश और खेल भावना को देखकर ही इस रैली को ‘रन फॉर उत्तराखण्ड‘ नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 में उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय खेल होने हैं। उसकी तैयारियों के लिये एक महत्वपूर्ण शुरूवात हुयी है। इसके लिये हम आयोजन स्थलों को भी तैयार कर रहे हैं। बच्चों को बेहतर खेल सुविधाएं मिलें, इस पर सरकार गम्भीरता से काम कर रही है। समय-समय पर ऐसे आयोजन होते रहेंगे, ताकि राज्य राष्ट्रीय खेलों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर सके। इस वर्ष यह दौड़ उत्तराखण्ड के लिये हो रही है, अगले वर्ष यह दौड़ देश के लिये होगी। इस अवसर पर खेल मंत्री अरविन्द पाण्डे, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, हरबंस कपूर, खजानदास, शूटिंग टेªनर जसपाल राणा सहित बड़ी संख्या में स्कूलकॉलेजों के छाघ्त्रछात्राएं और एनसीसी कैडेट्स उपस्थित थे।

ईनामी बदमाश स्पोर्ट कॉलेज के चेक पोस्ट से गिरफ्तार

राजधानी देहरादून में इनामी अपराधियो के धरपकड़ के लिए लगातार चल रहे सत्यापन अभियान के तहत 2013 से फरार इनामी अपराधी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सत्यापन के बाद अपराधी को पकड़ने के लिए एसएसपी ने टीम गठित की थी जिसके बाद मोबाइल लोकेशन से पता चला की अपराधी दिल्ली में है, तभी उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को दिल्ली गयी। लेकिन पुलिस के पहुचने से पहले ही अपराधी प्रदीप सकलानी दिल्ली से देहरादून के लिए रवाना हो चुका था। जिसके बाद लोकेशन के आधार पर अपराधी को देहरादून से गिरफ्तार किया।
एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि शातिर अपराधी प्रदीप सकलानी पर देहरादून के अलग अलग थानों में ठगी ओर धोखाधड़ी के 17 मुकदमे दर्ज है। पुलिस प्रदीप को 2013 से ही गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही थी लेकिन अपराधी अपना ठिकाना बार बार बदलता था। जिस वजह से सही लोकेशन न मिल पाने की वजह से गिरफ्तार नही हो पाया था। लेकिन कल एसओजी और थाना पटेल नगर की पुलिस ने दिल्ली से लगातार अपराधी का पीछा किया और आखिर पुलिस ने अपराधी प्रदीप को महाराणा प्रताप स्पोर्ट कॉलेज चेक पोस्ट से गिरफ्तार कर लिया।

पुस्तकें हमारी मित्र, कभी साथ नही छोड़ती

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को नेशनल बुक ट्रस्ट तथा उच्च शिक्षा विभाग उत्तराखंड शासन द्वारा परेड ग्राउंड में आयोजित देहरादून पुस्तक मेले के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। देहरादून पुस्तक मेले का शुभारंभ संयुक्त रुप से राज्यपाल डॉ कृष्णकांत पाल, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तथा उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
उपस्थित छात्र छात्राओं तथा पाठको को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 दिवसीय पुस्तक मेला सभी छात्रों और पाठको के लिए एक अच्छा अवसर है। पुस्तकों के बिना हमारा जीवन अधूरा है। पुस्तके मात्र छपी सामग्री ही नहीं है बल्कि यह ज्ञान का स्रोत है। यदि हम पुस्तकों का महत्व समझें तो यह हमारे जीवन में सुख का आधार है। उन्होंने छात्रों से कहा कि यदि उन्हें दोस्ती करनी है तो पुस्तकों से करें। पुस्तके ऐसी मित्र है जो कभी साथ नहीं छोड़ती। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी भी पढ़ने की आदत पर विशेष बल देते हैं। आज आईटी, ई-लाइब्रेरी, डिजिटल बुक्स के लोकप्रिय होने से तकनीकी क्षेत्र में संक्रमण काल चल रहा है। हमारे समक्ष चुनौती है कि हमें डिजिटल भी होना है तथा पुस्तकों का महत्व बनाए रखना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम संकल्प ले सकते हैं कि एक घंटा धार्मिक, सांस्कृतिक, तकनीकी, विज्ञान, ललित कला आदि से संबंधित पुस्तकें पढ़ें। उन्होंने पंचायत स्तर पर पुस्तक मेले आयोजित करने की बात कही।