मदन कौशिक को हुआ कोरोना, कृषि मंत्री हुए सेल्फ आइसोलेट

शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक कोरोना पाॅजीटिव पाए गए है। उन्होंने स्वयं अपनी पाॅजीटिव रिपोर्ट की बात कबूल की है। साथ ही संपर्क में आए लोगों को खुद आइसोलेट हो जाने को कहा है। मदन कौशिक जल्द ही एम्स ऋषिकेश में भर्ती होंगे। उधर, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल अपने बेटे और भतीजी के पाॅजीटिव आने के बाद सेल्फ आइसोलेट हो गए हैं।

मदन कौशिक शनिवार शाम से पांच दिन के लिए खुद आइसोलेट हो गए थे। बताया जा रहा है कि वह कोविड संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए थे। बता दें कि कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में शामिल हुए थे। इस बैठक में गोपन विभाग के स्टाफ के अलावा शासन के सभी प्रमुख आलाधिकारी मौजूद थे। कौशिक की आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मंत्रियों और आलाधिकारियों को आइसोलेशन में जाना पड़ सकता है।

रात्रि में घर लौट रहे एक शिक्षक पर जानलेवा हमला, गोली लगने से हुई मौत

हरिद्वार जिले के रूड़की में एक शिक्षक पर बदमाशों से गोली चला दी। गोली शिक्षक के सिर में लगने से उनकी मौत हो गई। अस्पताल में डाॅक्टर ने उन्हें मृत घोषित किया।
बता दें कि सुल्तानपुर क्षेत्र स्थित ओसपुर गांव निवासी 40 वर्षीय शिक्षक ओम सिंह बृहस्पतिवार रात करीब नौ बजे वह बाइक से गांव लौट रहे थे। गांव के पास ही बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। रास्ते से गुजर रहे एक ग्रामीण ने उन्हें लहूलुहान हालत में सड़क किनारे पड़ा देखा तो परिजनों को सूचना दी। परिजन सहित सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचे। परिजनों ने आननफानन में उन्हें सुल्तानपुर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां डाॅक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कोतवाली प्रभारी हेमेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि शिक्षक के सिर में गोली लगी थी। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। परिजनों से जानकारी ली जा रही है। अभी तक तहरीर नहीं आई। तहरीर आने पर केस दर्ज किया जाएगा।

हरिद्वार जिले में धर्मस्थल हटाने की कार्रवाई ने लिया राजनीतिक रंग

हरिद्वार जिले में सरकारी भूमि पर बनाए गए धर्मस्थलों को कोर्ट के आदेश पर हटाने के अभियान का विरोध दिल्ली और लखनऊ तक पहुंच गया है। मंगलवार शाम यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती की ओर से इस मुद्दे पर ट्वीट किए जाने के बाद मामला और गरमा गया। दूसरी ओर, झबरेड़ा से भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल भी इस मुद्दे को लेकर दिल्ली पहुंच गए हैं। उनका कहना है कि एक भी मंदिर को तोड़ने नहीं दिया जाएगा।
जिला प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश पर सोमवार को जिलेभर में सरकारी जमीन पर बनाए गए धर्मस्थलों को हटवाने की मुहिम चलाई थी। इस दौरान लक्सर, लंढौरा, खानपुर और पथरी क्षेत्र सहित कई स्थानों से धर्मस्थल हटाए गए थे, लेकिन कई स्थानों पर विधायकों के नेतृत्व में जनता की ओर से विरोध किए जाने पर प्रशासन को बैरंग लौटना पड़ा था। ऐसे कई मामलों को लेकर गतिरोध बरकरार है।
मंगलवार दोपहर यह मामला उस समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया जब बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने ट्वीट कर हरिद्वार के बादशाहपुर क्षेत्र स्थित संत रविदास मंदिर हटाने के फैसले गलत बताया। उन्होंने कहा कि बसपा ऐसे निर्णय की निंदा करती है। सरकार को इसका समाधान निकालना चाहिए। मायावती के ट्वीट के बाद बसपा के स्थानीय नेता भी सक्रिय हो गए।
प्रदेश अध्यक्ष नरेश गौतम ने कहा कि प्रशासन का रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है। आस्था के केंद्रों को तोड़ने नहीं दिया जाएगा। इस बारे में बसपा का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिलेगा। प्रशासन के सामने कोर्ट के आदेशों का पालन कराने की बाध्यता है तो कोई बीच का रास्ता निकाला जाना चाहिए। प्रदेश उपाध्यक्ष मो. शहजाद ने कहा कि कोई भी धर्मस्थल तोड़ा जाना उचित नहीं है। आपसी विचार विमर्श के आधार पर समस्या का कोई समाधान निकाला जाना चाहिए।
दूसरी ओर, भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल भी इस मुद्दे को लेकर दिल्ली कूच कर गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, राष्ट्रीय सह महामंत्री शिव प्रकाश सहित कई नेताओं को पत्र लिखकर धर्मस्थल तोड़े जाने के निर्णय पर सवाल उठाया है।

इस वर्ष भी आयोजित होगी छड़ी यात्रा, कुंभ मेले को लेकर तैयारियां शुरु

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि कुम्भ मेला 2021 दिव्य एवं भव्य रूप से आयोजित किये जाने के लिये राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी अखाड़ों के सन्त महात्माओं के सहयोग एवं आशीर्वाद से यह आयोजन सफल होगा। सचिवालय में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं महामंत्री तथा अन्य पदाधिकारियों के साथ कुम्भ मेले के आयोजन के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने व्यापक विचार विमर्श किया। इस अवसर पर नगर विकास मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव ओम प्रकाश, पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार के साथ ही शासन के उच्चाधिकारी एवं मेले से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेले की व्यवस्थाओं के तहत किये जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी स्थायी व अस्थायी निर्माण कार्यों को 15 दिसम्बर से पूर्व सम्पन्न करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये।
बैठक में सभी अखाड़ों के सुझावों पर मुख्यमंत्री ने नील धारा सहित अन्य क्षेत्रों में निर्मित होने वाले स्नान घाटों के नाम 13 अखाड़ों के ईष्ट देवों के नाम पर रखे जाने, 2010 कुम्भ मेले की भांति इस बार भी उतने ही क्षेत्रफल में कुम्भ मेले के आयोजन, मंशा देवी हिल वाई पास सड़क को मेले के दौरान प्रयोग में लाये जाने तथा आन्तरिक सड़कों के निर्माण में तेजी लाये जाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में संत महात्माओं को भू समाधि के लिये स्थान चयन को संत समाज के हित में लिया गया निर्णय बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष भी सभी अखाड़ों के सहयोग से छड़ी यात्रा आयोजित की जायेगी धर्मस्व एवं संस्कृति विभाग इसका नोडल विभाग होगा। उन्होंने कहा कि कुम्भ मेले को भव्य एवं दिव्य रूप से आयोजित किये जाने के लिये लगातार बैठकें की जाती रही हैं। कोविड के कारण उत्पन्न समस्याओं का तत्समय आभास नहीं था। पूरा विश्व इस संकट का सामना कर रहा है। इससे सभी स्तरों पर कार्यों की गति में अवरोध पैदा हुआ है उन्होंने कहा कि इस दौरे से भी हम निजात पायेंगे तथा संतों के आशीर्वाद से इस आयोजन को बेहतर तरीके से सम्पन्न कर पायेंगे। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में देश काल व परिस्थिति के अनुसार भी निर्णय लिया जायेगा। आगे स्थितियां कैसी होगी, इसका पूर्वानुमान लगाया जाना कठिन है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी संत महात्माओं को उनकी अगुवाई में राम मन्दिर निर्माण के शिलान्यास के लिये भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि इसके लिये हमारे संत महात्माओं ने भी अपना बलिदान दिया। आखिर वह शुभ दिन आया जब प्रधानमंत्री ने श्री राम के भव्य मन्दिर का शिलान्यास किया।
इस अवसर पर नगर विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कुम्भ मेले के आयोजन में सभी अखाड़ों का सहयोग मिल रहा है। अखाड़ों की सुविधा के लिये भी सभी व्यवस्थायें की जा रही हैं। निर्माण कार्यों में तेजी लायी गई है। कोरोना के कारण इसकी गति कुछ धीमी जरूर हुई है। कुम्भ मेले से सम्बन्धित सभी पुलों, स्नान घाटों, सड़कों, आस्था पथों आदि का निर्माण 15 दिसम्बर तक पूर्ण हो इसका प्रयास किया जा रहा है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने उज्जैन व प्रयाग राज कुम्भ की भांति अखाड़ों को धनराशि व अन्य सुविधायें उपलब्ध कराये जाने की बात रखी। उन्होंने अखाड़ों में साफ-सफाई व अतिक्रमण को हटाने, आवागमन व पेशवाई मार्ग निर्धारण, पुलों, घाटों के निर्माण में तेजी लाये जाने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कुम्भ मेले के सफल आयोजन के लिये सभी अखाड़ों की ओर से हर संभव सहयोग का भी आश्वासन दिया।
इस अवसर पर मेलाधिकारी दीपक रावत द्वारा निर्माण कार्यों से संबंधित प्रस्तुतीकरण दिया गया। बैठक में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महन्त हरि गिरि, महन्त प्रेम गिरि, महन्त महेश पुरी, महन्त सत्यगिरि, महन्त कैलाशपुरी, महन्त मुकुन्दानन्द ब्रहमचारी, महन्त सोमेश्वरानन्द ब्रहमचारी, महन्त ओंकार गिरि, महन्त रविन्द्र पुरी सहित बड़ी संख्या में संत महात्मा एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

टिहरी बांध विस्थापितों की मांग पूरी, राजस्व ग्राम बनाने की अधिसूचना जारी

शासन द्वारा जनपद देहरादून के टिहरी बांध विस्थापित क्षेत्र पशुलोक ऋषिकेश के सात गांवों तथा जनपद हरिद्वार के टिहरी विकास नगर एवं टिहरी बन्द्राकोटी को राजस्व ग्राम बनाये जाने की अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा इन गांवों के निवासियों की वर्षो पुरानी मांग पर गत माह ही इन गांवों को राजस्व ग्राम बनाये जाने की स्वीकृति प्रदान की थी। टिहरी बांध विस्थापित क्षेत्र के गांवों को राजस्व ग्राम बनाये जाने सम्बन्धी अधिसूचना जारी किये जाने पर विधायक स्वामी यतीश्वरानन्द ने गुरूवार को मुख्यमंत्री से भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राजस्व ग्राम बनाये जाने से इन गांवों के निवासियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है। राजस्व ग्राम बनने से ग्राम वासियों को सभी सरकारी योजनाओं, ग्राम पंचायतों के गठन आदि की सुविधायें उपलब्ध हो सकेगी।
सचिव राजस्व सुशील कुमार द्वारा जारी अधिसूचना के साथ राजस्व ग्राम बनाये गये इन गांवों- ग्राम मालीदेवल, विरयाणी पैंदार्स, असैना, लम्बोगड़ी गोजियाड़ा, सिरांई, सिरांई राजगांव, डोबरा, टिहरी विकास नगर एवं टिहरी बन्द्राकोटी में सम्मिलित किये गये गाटों की संख्या, क्षेत्रफल व नक्शा भी अधिसूचित किया गया है।
अधिसूचित राजस्व ग्रामों में टिहरी बांध विस्थापित क्षेत्र पशुलोक के ग्राम माली देवल में निर्मल ब्लाक ए व ए (ई) की 90.19 एकड़ भूमि सम्मिलित होगी जबकि ग्राम विरयाणी पैंदार्स में निर्मल ब्लाक ए की 64.69 एकड़ भूमि, ग्राम असैना में श्यामपुर ब्लाक ए 62.07 एकड़ भूमि, ग्राम लम्बोगडी गोजियाड़ा में निर्मल ब्लाक सी व श्यामपुर ब्लाक सी की 107.40 एकड़ भूमि, ग्राम सिरांई में कृषि निर्मल ब्लाक बी, आवासीय निर्मल ब्लाक बी-पार्ट-2 की 85.11 एकड़ भूमि, ग्राम सिरांई राजगांव में कृषि निर्मल ब्लाक बी, आवासीय निर्मल ब्लाक बी-पार्ट-1 की 69.61 एकड़ भूमि तथा ग्राम डोबरा में श्यामपुर ब्लाक बी की 38.14 एकड़ भूमि सम्मिलित होगी।
इसी प्रकार हरिद्वार जनपद के टिहरी बांध परियोजना विस्थापित क्षेत्र पथरी भाग 3 के पूर्व एवं पश्चिम क्षेत्र के ग्राम टिहरी विकास नगर में आदर्श टिहरी नगर के 365 गाटों की 871.58 एकड़ भूमि तथा ग्राम टिहरी बन्द्राकोटी में आदर्श टिहरी नगर के 104 गाटों की 227 एकड़ भूमि शामिल हैं।
सचिव राजस्व द्वारा आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद से नवगठित राजस्व ग्रामों से सम्बन्धित विवरण जनपद की सम्बन्धित तहसील भवन तथा सम्बन्धित ग्रामों के प्रमुख स्थान पर चस्पा कराने के साथ ही सम्बन्धित अभिलेखों में इन्द्राज कराने की भी अपेक्षा की है।

अन्तरराष्ट्रीय मानकों के तहत कुशल युवाओं को तैयार करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय देहरादून से हरिद्वार के जगजीतपुर आईटीआई में स्थापित अन्तरराष्ट्रीय स्तर के नवीनतम उपकरणों से सुसज्जित स्मार्ट वैल्डिंग लैब का ई-लोकार्पण किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जगजीतपुर, आईटीआई के आधुनिकीकरण से राज्य में आईटीआई के आधुनिकीकरण की अच्छी शुरूआत हुई है। हमें क्वाटिंटी के बजाय क्वालिटी एजुकेशन पर अधिक ध्यान देना होगा। उत्तराखण्ड में आईटीआई एवं पाॅलिटेक्निक में गुणातम्क सुधार की दिशा में विशेष प्रयास करने होंगे। जगजीतपुर में आईटीआई का जो आधुनिकीकरण किया गया है। इससे जो छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण लेंगे। उन्हें रोजगार के अनेक अवसर मिलेंगे। इस आईटीआई में प्रशिक्षण के लिए आधुनिकतम तकनीक का प्रयोग होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग द्वारा जिन आईटीआई के आधुनिकीरण की योजना बनाई गई, यह कार्य जल्द किया जाय। यह समय कार्य के लिए उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के लिए आईटीआई में आधुनिक यंत्रों का इस्तेमाल हो। जिससे युवाओं को राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने का मौका मिल सके। उन्होंने कहा कि युवाओं के कौशल विकास के लिए सरकार, इंडस्ट्री एवं प्रशिक्षण संस्थान आपसी सामंज्य से कार्य कर रहे हैं। इससे इंडस्ट्रियों को किस क्षेत्र में काम करने वालों की डिमांड अधिक है, किन क्षेत्रों में प्रशिक्षण संस्थानों को अधिक ध्यान देने की जरूरत है एवं युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर कैसे बढ़ सकते हैं, इसकी जानकारी रहेगी।
कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री डाॅ. हरक सिंह रावत ने कहा कि राज्य में 25 आईटीआई को हाईटैक किया जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि युवाओं के हाथ में हुनर हो। प्रधानमंत्री जी के स्किल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रशिक्षण संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। आईटीआई एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें युवाओं का कौशल विकास अच्छे तरीके से हो तो, इसमें रोजगार एवं स्वरोजगार की बहुत संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि जगजीतपुर हरिद्वार में आईटीआई का जो आधुनिकीकरण किया गया है, यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर युवाओं को रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। वैल्डिंग एक ऐसा कार्य है, जिसकी जरूरत हर क्षेत्र में है। प्रशिक्षण संस्थानों में संख्याबल की अपेक्षा गुणवत्ता पर अधिक ध्यान दिये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं।
सचिव कौशल विकास एवं सेवायोजन डाॅ. रणजीत सिन्हा ने कहा कि श्रीनगर आईटीटाई को सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जायेगा। आईटीआई के आधुनिकीकरण के लिए अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। इंडस्ट्री से निरन्तर समन्वय स्थापित किये जा रहे हैं, कि उद्योगों को किन-किन क्षेत्रों में मेन पावर की अधिक आवश्यकता है।

गंभीर आरोप लगने से निलंबित हुए हरिद्वार जिले के जिला शिक्षा अधिकारी

जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक शिक्षा हरिद्वार ब्रह्मपाल सिंह सैनी को कुछ स्कूलों में गलत मान्यता देने और कई तरह की अनियमितताओं के आरोप लगने से निलंबित कर दिया है। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने आदेश जारी करते हुए कहा कि निलंबन के दौरान वह निदेशक माध्यमिक शिक्षा के कार्यालय में संबद्ध रहेंगे।

बता दें कि जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक शिक्षा हरिद्वार ब्रह्मपाल सिंह सैनी अपने गृह जनपद में तैनात हैं। उन पर एक शिक्षक को गलत सत्रांत लाभ देने का भी आरोप है। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि हाईकोर्ट नैनीताल में दाखिल जनहित याचिका पदम कुमार बनाम उत्तराखंड राज्य व अन्य में 30 जुलाई 2020 को पारित आदेश के क्रम में जिला शिक्षा अधिकारी को पांच अगस्त 2020 को आरोप पत्र दिया गया था। कहा कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं, जिसे देखते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

ग्राम वासियों की वर्षों से लम्बित मांग हुई पूरी, गठित हो सकेगी ग्राम पंचायतें, सरकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जनपद देहरादून के टिहरी बांध विस्थापित क्षेत्र पशुलोक ऋषिकेश के सात गांवों तथा जनपद हरिद्वार के टिहरी विकास नगर एवं टिहरी बन्द्राकोटी को राजस्व ग्राम बनाये जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व ग्राम बनाये जाने से इन गांवों के निवासियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है। राजस्व ग्राम बनने से यहां के निवासियों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सकेगा तथा ग्राम पंचायतों का भी गठन हो सकेगा।

राजस्व ग्राम घोषित किये गये ग्रामों में टिहरी बांध विस्थापित क्षेत्र पशुलोक के ग्राम, माली देवल, विरयाणी, पैंदार्स, असैना, लम्बोगडी, गोजियाड़ा सिरांई, सिरांई राजगांव तथा डोबरा कुल सात गांव, जबकि हरिद्वार जनपद के टिहरी बांध परियोजना विस्थापित क्षेत्र पथरी भाग तीन के पूर्व एवं पश्चिम क्षेत्र के ग्राम टिहरी विकास नगर एवं टिहरी बन्द्राकोटी शामिल हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने सचिव राजस्व को इस संबंध में शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिये हैं।

कुंभ मेले में मान्यताओं एवं परम्पराओं का रखा जायेगा ध्यान, निर्धारित समय पर होगा आयोजनः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में नगर विकास मंत्री मदन कौशिक एवं अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी एवं अन्य अखाड़ों के प्रतिनिधियों के साथ आगामी कुम्भ मेले के आयोजन के संबंध में विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अखाड़ा परिषद के सदस्यों के विचार एवं सुझावों पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने अखाड़ा परिषद के सदस्यों से अपनी समस्याओं से नगर विकास मंत्री को अवगत कराने को कहा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि 2021 में हरिद्वार में आयोजित होने वाला कुम्भ निर्धारित समय पर आयोजित होगा। इसका स्वरूप कैसा रहेगा यह उस समय की परिस्थितियों पर भी निर्भर रहेगा। उन्हो।ने कहा कि अखाड़ों द्वारा श्रद्धालुओं के लिये अपने स्तर पर की जाने वाली व्यवस्थाओं के लिये जिनके पास भूमि उपलब्ध होगी उन्हें ग्रान्ट के रूप में धनराशि उपलब्ध करायी जायेगी, कार्यों की गुणवत्ता आदि की जांच हेतु विभागीय अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ से पूर्व हरिद्वार में संचालित सभी स्थायी निर्माण कार्य पूर्ण कर दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि हरिद्वार को जोड़ने वाले पुलों एवं सड़कों के निर्माण में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अखाड़ा परिषद के सदस्यों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जायेगा। अखाड़ों को जोड़ने वाली सड़कों के पुनर्निर्माण के साथ ही अतिक्रमण को हटाने तथा साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जायेगा।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने मुख्यमंत्री से हरिद्वार कुम्भ मेले में घाटों का नाम 13 अखाड़ों के ईष्ट देवों तथा सेक्टरों के नाम भी अखाड़ों के नाम पर रखे जाने का अनुरोध किया। उन्होंने अखाड़ों को दी जाने वाली धनराशि से होने वाले कार्यों की गुणवत्ता की जांच आदि के लिये किसी अधिकारी को नामित करने का भी अनुरोध किया, उन्होंने अखाड़ों के सम्पर्क मार्गों की मरम्मत, बिजली, पानी, साफ-सफाई, शौचालयों की मरम्मत आदि के लिए भी मेले से जुड़े अधिकारियों को निर्देश देने का अनुरोध मुख्यमंत्री से किया।

यूपी-उत्तराखंड के नारसन बॉर्डर पर बिना पास के एंट्री कराने पर शिक्षक गिरफ्तार

(एनएन सर्विस)
यूपी-उत्तराखंड के नारसन बॉर्डर पर तैनात एक शिक्षक ने बिना पास के प्रदेश में एंट्री करवाने के लिए पैसे मांगे तो लोगों ने मौके पर हंगामा कर दिया। विवाद बढ़ा तो मौके पर मौजूद पुलिस ने शिक्षक को हिरासत में लिया। साथ ही मामले की शिकायत शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कर दी। बताया जा रहा कि शिक्षक के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की सिफारिश भी की है।
कोरोना संक्रमण के चलते अन्य प्रदेशों से आने वाले वाहनों के लिए पास अनिवार्य किया गया है। इसके लिए नारसन बॉर्डर पर पुलिस के साथ-साथ शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बृहस्पतिवार रात अन्य प्रदेश से कुछ लोग यूपी-उत्तराखंड के नारसन बॉर्डर पर पहुंचे थे। शिक्षक को इन लोगों ने पास नहीं होने की जानकारी दी। आरोप है कि इस पर शिक्षक ने प्रति व्यक्ति के हिसाब से पर्ची बनवाने के लिए 300 रुपये लिए। जब यह लोग वहां से निकासी द्वार पर पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने रोककर पास मांगा। इस पर उन लोगों ने बताया कि पास नहीं होने पर ड्यूटी में तैनात एक कर्मचारी ने उनसे 300 रुपये लेकर पर्ची बनाई है, लेकिन पुलिस ने उन्हें जाने नहीं दिया। जिस पर लोगों ने अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए मौके पर हंगामा कर दिया। विवाद बढ़ता देख पुलिस ने संबंधित शिक्षक को हिरासत में ले लिया और उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
साथ ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों से भी शिकायत की गई। चैकी प्रभारी लक्ष्मण सिंह कुंवर ने बताया कि एक शिक्षक मौके पर अवैध तरीके से 300 रुपये में पर्ची बना रहा था। हंगामा कर रहे लोगों के पहचान करने पर शिक्षक को हिरासत में ले लिया गया है। चेक पोस्ट प्रभारी जय सिंह ने बताया कि शिकायत से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। वहीं, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामि बंसल ने बताया कि शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है। वहीं, कुछ दिन पहले नारसन बॉर्डर पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के नाम पर वसूली करते एक व्यक्ति को पकड़ा गया था। मामले में पुलिस की रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम से कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।