सीएम ने की पंतनगर में औद्योगिक क्षेत्र का नाम एनडी तिवारी के नाम पर रखने की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंतनगर में स्थित औद्योगिक क्षेत्र (इंडस्ट्रियल स्टेट) का नाम पूर्व मुख्यमंत्री पंडित नारायण दत्त तिवारी के नाम पर रखने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि उत्तराखंड के सपूत स्व. नारायण दत्त तिवारी ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार के मंत्री के रूप में सदैव उत्तराखण्ड के सर्वांगीण विकास हेतु प्रयास किया। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहार बाजपेई ने राज्य को औद्योगिक पैकेज दिया उस समय स्व. नारायण दत्त तिवारी ही मुख्यमंत्री थे। पंडित तिवारी ने अपने व्यक्तिगत प्रयासों से नव सृजित उत्तराखण्ड में औद्योगिक विकास की नींव रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर, पंडित नारायण दत्त तिवारी के राज्य के प्रति योगदान को सम्मानित करने और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए पंतनगर इंडस्ट्रियल स्टेट का नाम उनके नाम पर किया जा रहा है।

फिल्म निर्माण के लिए 24 गांवों को होगा कायाकल्प

उत्तराखंड में पलायन के कारण खाली हो रहे नैनीताल जिले के वीरान गांवों में होम स्टे विकसित किए जा रहे हैं। अहमदाबाद की एक फर्म के साथ मिलकर उत्तराखंड के पर्यटन विभाग ने यह योजना शुरू की है। इसके तहत विभाग ने नैनीताल के पास कुंजखड़क गांव के आसपास के इलाकों को चिह्नित किया है, जहां कम्युनिटी बेस होम स्टे शुरू करने की तैयारी है। विभाग इन गांवों में खंडहर हो चुके मकानों को ठीक कर पर्यटकों को ठहरने की सुविधा देगा। योजना का मुख्य उद्देश्य पर्यटन विकास के साथ ही खाली गांवों का इस्तेमाल फिल्म निर्माण के लिए करने की भी योजना है।
पर्यटन विभाग के अनुसार, इस योजना के तहत नैनीताल जिले में करीब 24 गांव चिह्नित किए हैं। इनमें कुछ की पौराणिक व रोचक कहानियां हैं। कुछ बेहद अच्छी लोकेशंस पर स्थित हैं। फिल्म निर्माण के लिए भी योजना अच्छी साबित हो सकती है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। पर्यटन विभाग ऐसे गांवों को स्थानीय लोगों के साथ ही निवेशकों की मदद से विकसित करेगा।

इटली के गांवों को देख कर बनाई योजना
उत्तराखंड पर्यटन विभाग को यह विचार विदेशों में इस तरह की पहल को देखकर आया है। इटली में कई पुराने खाली हो चुके गांवों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है। जहां प्रतिवर्ष विश्वभर से बड़ी संख्या में पर्यटक घूमने जाते हैं। इसी तर्ज पर पर्यटन विभाग ने प्रदेश के ऐसे कुछ गांवों को चिह्नित करना शुरू किया है। उत्तरकाशी की नेलांग घाटी के जादूंग गांव और गर्तातोली की सीढ़ियों को इसी तर्ज पर विकसित किया गया है। यह गांव 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद खाली करा दिए गए थे।
वहीं, नैनीताल के जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल ने बताया कि पलायन रोकने को होम स्टे योजना काफी कारगर है। खाली हो चुके कई गांव बहुत अच्छी लोकेशन्स और इलाकों में स्थित हैं। इन्हें सही तरीके से विकसित किया जाए तो यह राज्य की आर्थिकी के साथ स्वरोजगार का सबसे अच्छा माध्यम बन सकते हैं। इस तरह लोग उत्तराखंड की कला संस्कृति से भी जुड़ पाएंगे।

अनूसूचित जाति के लोगों की जमीन एक ही समुदाय के द्वारा खरीदने पर सवाल

नैनीताल के सरना गांव में अनुसूचित जाति के लोगों की जमीन कौड़ियों के दाम एक ही समुदाय के लोगों ने एक साथ खरीदी। इस मुद्दे को संवेदनशील करार देते हुए भाजपा नेता अजेंद्र अजय ने आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाक़ात कर उच्च स्तरीय जांच का अनुरोध किया।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाक़ात में नैनीताल की धारी तहसील के सरना गांव के मामले को उठाते हुए अंदेशा जताया कि इसके लिए बड़ी संख्या में एक समुदाय विशेष के लोगों ने शायद अनुसूचित जाति के लोगों को डराया-धमकाया और लालच दिया गया होगा। उच्च स्तरीय जांच से इसका खुलासा हो सकता है।
उन्होंने ने कहा कि 21 व 22 सितम्बर को सरना गांव में एक साथ 13 लोगों ने भूमि की रजिस्ट्री की। इस भूमि के सभी खरीददार अलीगढ़ व संभल के हैं। कुछ भूमि बेचने वालों की पत्नियों ने धारी के उप जिलाधिकारी को इस मामले में लिखित शिकायत की है। महिलाओं ने कहा है कि उनके पति ने अपनी भूमि के पंजीकृत बैनामे कर दिए। इससे भविष्य में परिवार पर प्रत्यक्ष व परोक्ष तौर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने यह भी शिकायत की है कि ये वे भूमि हैं जिस पर बैंक ऋण भी लिया गया है।
उन्होंने कहा कि बेची गई भूमि के सह खातेदार भी हैं। एक सह खातेदार ने इस सम्बन्ध में धारी के तहसीलदार के न्यायालय में एक वाद भी दाखिल किया गया है। यह भी जानकारी मिली है कि भूमि को बाजार भाव के विपरीत कौड़ियों के भाव ख़रीदा गया है। भूमि का लेन-देन नगद किया गया है। इससे यह संदेह पैदा हो रहा है कि भूमि की खरीद-फरोख्त में किसी एक खास व्यक्ति अथवा संस्था की भूमिका है। उसकी तरफ से बेनामी संपत्ति खरीदी जा रही है। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।

धामी सरकार को मिली कामयाबी, हाईकोर्ट ने श्रद्धालुओं की संख्या से रोक हटाई

हाइकोर्ट नैनीताल ने बदरीनाथ-केदारनाथ सहित चारधाम यात्रा के श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाए जाने के मामले को लेकर दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। हाइकोर्ट ने चारों धाम में श्रद्धालुओं की निर्धारित संख्या से रोक हटा दी है। अब तीर्थ यात्री बेरोकटोक चारधाम यात्रा के लिए जा सकेंगे। साथ ही हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि शासन को कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करवाना होगा। कोर्ट के इस आदेश से सरकार सहित दूसरे प्रदेशों से आने वाले तीर्थ यात्रियों, चारधाम यात्रा रूट पर होटलों, दुकानदारों आदि स्थानीय लोगों को भी बड़ी राहत मिली है।
मुख्य न्यायमूर्ति आरएस चौहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर व मुख्य स्थाई अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत ने उत्तराखंड सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि चारधाम यात्रा शुरू करने के लिए तीर्थ यात्रियों की सख्यां को निर्धारित किया गया था। साथ ही, तीर्थ यात्रियों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की भी सख्त हिदायत दी गई थी।
माधिवक्ता द्वारा कहा गया कि चारधाम यात्रा करने के लिए कोविड को देखते हुए कोर्ट ने पूर्व में श्रद्धालुओं की संख्या निर्धारित कर दी थी। लेकिन वर्तमान समय मे प्रदेश में कोविड के केस ना के बराबर आ रहे है। इसलिए चारधाम यात्रा करने के लिए श्रद्धालुओं की निर्धारित संख्या के आदेश में संशोधन किया जाए।कहा कि चारधाम यात्रा समाप्त होने में 40 दिन से कम का समय बचा हुआ है।
इसलिए जितने भी श्रद्धालु वहां आ रहे है उन सबको दर्शन करने की अनुमति दी जाए। जो श्रद्धालु ऑनलाइन दर्शन करने हेतु रजिस्ट्रेशन करा रहे है, वे भी नहीं आ पा रहे हैं। जिसके कारण वहां के स्थानीय लोगो पर रोजी-रोटी का खतरा उत्पन्न हो रहा है। सरकार द्वारा कोर्ट ने पूर्व दिए गए दिशा-निर्देशों का हर सम्भव प्रयास किया जा रहा। चारधाम यात्रा में सभी सुविधाओं को उपलब्ध करा दिया गया है।
सरकार की तरफ से यह भी कहा गया है कि चारधाम यात्रा करने के लिए श्रद्धालुओं की निर्धारित संख्या से रोक हटाई जाए या फिर श्रद्धालुओं की संख्या तीन से चार हजार प्रतिदिन किया जाए ताकि दूसरे प्रदेशों से भी लोग दर्शन को आ सकें। कहा कि कोरोना महामारी पर कोविड गाइडलाइन का सख्ती से पालन भी किया जा रहा है। सरकार का पक्ष सुनने के बाद हाईकोर्ट ने रोक हटा दी गई है।

उत्तराखण्ड का समग्र विकास हमारा एजेण्डा-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स संवाद कार्यक्रम को वर्चुअली सम्बोधित करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड का समग्र विकास हमारा एजेण्डा है। सभी के सहयोग से उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाना लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश देव भूमि के साथ वीर भूमि भी है। वे स्वयं सैनिक परिवार में पले-बढ़े हैं। सेना के प्रति हमारा सदैव सम्मान का भाव रहा है। देश की सुरक्षा के प्रति सेना के गौरवपूर्ण योगदान का कोई मूल्य नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के निर्माण में हमारी मातृशक्ति का महान योगदान रहा है। राज्य निर्माण आंदोलन में खटीमा, मसूरी व रामपुर तिराहा की घटनाओं में वे प्रतिभागी रहे हैं। राज्य की आर्थिकी के विकास में भी महिलाओं की बड़ी भूमिका है। महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिये राष्ट्रीय आजीविका मिशन के साथ ही अन्य योजनाओं से उन्हें जोड़ा गया है। स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख तक बिना ब्याज का ऋण उपलब्ध कराने के साथ ही उनके उत्पादों के विपणन की कारगर व्यवस्था की गई है। प्रसाद योजना भी उनके आर्थिक स्वावलम्बन का आधार बनी है। इसके लिये 119 करोड़ के पैकेज की व्यवस्था भी की गई है। जल जीवन मिशन के तहत हर घर को नल से जोड़ा जा रहा है। अनाथ बच्चों के लिये वात्सल्य योजना तथा गरीब महिलाओं के लिये महालक्ष्मी किट योजना शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे युवा स्वयं को स्वरोजगार से जोड़कर रोजगार देने वाले बनें इसके लिये अनेक स्वरोजगार देने वाले बनें इसके लिये मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना आदि के तहत युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। इसके शिविरों का आयोजन ऋण एवं अन्य स्वीकृतियां जारी करने का कार्य आरम्भ किया जा रहा है। 24 हजार सरकार पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया प्रारम्भ की गई इससे भी युवाओं को रोजगार उपलब्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का राज्य के प्रति भावनात्मक लगाव है। राज्य के विकास हेतु अनेक योजनायें स्वीकृत की है। चार धाम सड़क योजना भारत माला परियोजना के अन्तर्गत अच्छी सड़कों का निर्माण हो रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन राज्य में आवागमन एवं पर्यटन विकास को मजबूती देने वाले हैं। चार धाम यात्रा शुरू हो गई है। इससे यात्रा से जुड़े व्यवसायियों को लाभ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के बेहतर कार्य संस्कृति तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन नीतियों के सरलीकरण के बल पर राज्य के सर्वांगीण विकास के प्रति हम प्रयासरत हैं।

पाकिस्तानी नागरिक की जमानत याचिका खारिज

भारत की जासूसी करने वाले पाकिस्तानी नागरिक की जमानत याचिका उत्तराखंड हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। जासूसी के आरोपी पाकिस्तानी नागरिक आबिद अली उर्फ असद अली उर्फ अजीत सिंह निवासी लाहौर, पाकिस्तान की सजा को कोर्ट ने बरकरार रखा है। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि उसकी जमानत के बांड को निरस्त करे और उसे हिरासत में लें। वर्तमान में वह रुड़की में रह रहा है।
बुधवार को न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा कि उसके खिलाफ जासूसी के आरोप में तमाम सबूत हैं। उसने पासपोर्ट एक्ट का भी दुरुपयोग किया है। मामले में पूर्व में हुई सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया

क्या था मामला
दरअसल 25 जनवरी 2010 को महाकुंभ के दौरान हरिद्वार पुलिस ने आबिद अली को ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट, विदेशी नागरिक एक्ट और पासपोर्ट एक्ट में रुड़की से गिरफ्तार किया था। उसके पास से मेरठ, देहरादून, रुड़की सहित अनेक स्थानों पर स्थित सैन्य संस्थानों के नक्शे, अनेक संदिग्ध और गोपनीय दस्तावेज, पेन ड्राइव आदि सामग्री बरामद हुई थी। रुड़की में उसके निवास स्थान पर पुलिस के छापे में बिजली की फिटिंग के बोर्ड और पंखे में छिपाकर रखे गए एक दर्जन सिमकार्ड भी मिले थे।इस मामले में एफआईआर दर्ज होने और मुकदमे के बाद दिसंबर 2012 में निचली अदालत ने उसे दोषी मानते हुए सात साल की सजा सुनाई थी। सजा के विरुद्ध अभियुक्त की ओर से अपील दायर की गई थी जिस पर सुनवाई के बाद जुलाई 2013 में अपर जिला जज (द्वितीय) हरिद्वार ने उसे बरी करने के आदेश पारित किए। इस पर जेल अधीक्षक ने कोर्ट तथा एसएसपी को सूचित किया कि अभियुक्त के विदेशी नागरिक होने के चलते उसकी रिहाई से पूर्व उसका व्यक्तिगत जमानत बांड व अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी आवश्यक हैं।

तीसरे दौरे में केजरीवाल ने युवाओं के लिए की बड़ी घोषणा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार के अपने उत्तराखंड (कुमाऊं) दौरे के दौरान युवाओं को लुभाने का पूरा प्रयास किया। उन्होंने युवा वोटरों को लुभाने के लिए छह बड़ी घोषणाएं कीं। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हल्द्वानी दौरे के दौरान युवाओं के लिए बड़ी घोषणाएं करते हुए कहा कि उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी की सरकार आने पर छह माह में एक लाख नौकरी दी जाएंगी। साथ ही सरकारी और निजी क्षेत्र में 80 प्रतिशत नौकरियां उत्तराखंड के युवाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी। आप की सरकार बनने के बाद उत्तराखंड के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। रोजगार न मिलने तक हर परिवार से एक युवा को पांच हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। इसके साथ ही अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी पांच साल का स्थाई मुख्यमंत्री भी देगी। इस दौरान केजरीवाल ने कहा कि दूसरे दलों में जो अच्छे लोग हैं उनका स्वागत है। अरविंद केजरीवाल आज रविवार को उत्तराखंड के एक दिनी दौरे पर रहे। हल्द्वानी में मीडिया से बात करने के बाद अरविंद केजरीवाल तिरंगा संकल्प यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी। समर्थन में आए कार्यकर्ता और लोग हाथों में तिरंगा लिया संकल्प यात्रा में पहुंचे। इस दौरान केजरीवाल और कर्नल (रिटा.) अजय कोठियाल के समर्थन में खूब नारेबाजी की गई। गौरतलब है कि बीते दो महीनों में केजरीवाल देहरादून का दो बार दौरा कर चुके हैं। वहीं, आज उनका कुमाऊं क्षेत्र का पहला दौरा है।

ई-सेवा केन्द्र, अब वादी और प्रतिवादी को भटकना नहीं पड़ेगा

उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय न्याय प्रणाली को और अधिक सरल व सुगम बनाने की दिशा में लगातार आगे कदम बढ़ा रहा है। इस दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए उच्च न्यायालय परिसर में ई-सेवा केन्द्र की स्थापना की गयी है। जिससे न्याय प्रणाली में वादियों एवं प्रतिवादियों को जानकारी के अभाव में होने वाली दिक्कतों से बचाव हेतु जानकारी उपलब्ध कराने के लिए मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान की पहल पर न्यायालय परिसर में ई-सेवा केन्द्र की स्थापना की गयी है। जिसका शुभारंभ गुरूवार को मुख्य न्यायमूर्ति आरएस चौहान द्वारा फीता काट कर किया गया।
रजिस्ट्रार जनरल धनन्जय चतुर्वेदी ने बताया कि ई-सेवा केन्द्र उत्तराखण्ड राज्य का पहला सेवा केन्द्र है। इसके बाद अल्मोड़ा में शीघ्र ही ई-सेवा केन्द्र खोला जायेगा। इसकी महत्ता को देखते हुए भविष्य में सभी जनपदों के जिला न्यायालयों में ई-सेवा केन्द्रों की स्थापना की जायेगी। उन्होंने बताया कि स्थापित ई-सेवा केंद्र में वादो की अद्यतन स्थिति तथा सुनवाई तिथि के साथ ही सुनवाई हेतु निर्धारित कोर्ट की भी जानकारी उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि ई-न्यायालय परियोजना के तहत डिजिटल रूप से उपलब्ध सुविधाओं के सम्बन्ध में पूछताछ एवं सहायता, जजों के अवकाश की सूचना, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों, उच्चतम न्यायालय विधिक सेवा समिति से निःशुल्क कानूनी सेवाओं का लाभ उठाने के बारे में लोगों का मार्गदर्शन भी किया जायेगा। जस्टिस एप की जानकारी मुहैया कराने के साथ ही एप डाउनलोड करने में भी सहायता प्रदान की जायेगी।
इस अवसर पर न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी, न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा, न्यायमूर्ति एनएस धानिक, न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे, न्यायमूर्ति रविन्द्र मैथानी, न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा, रजिस्ट्रार कम्प्यूटर अम्बिका पन्त, एडवोकेट जनरल एसएन बाबुलकर, बार अध्यक्ष एएस रावत, सचिव विकास बहुगुणा सहित सभी रजिस्ट्रार व अधिवक्तागण उपस्थित थे।

सरकार की मजबूत पैरवी से हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा से प्रतिबंध हटाया

उत्तराखंड चारधाम यात्रा पर लंबे समय से लगी रोक पर गुरुवार को हुई सुनवाई के बाद माननीय उच्च न्यायालय ने चारधाम यात्रा पर लगी रोक को कुछ प्रतिबंधों के साथ हटा दिया है।

मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने केदारनाथ धाम में प्रतिदिन 800, बद्रीनाथ धाम में 1000, गंगोत्री में 600, यमनोत्री धाम में 400 श्रद्धालुओं को दर्शन करने की अनुमति दे दी है।

चारधाम यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को 72 घंटे पूर्व तक की कोविड जांच की नेगेटिव रिपोर्ट अथवा दोहरी वैक्सीन का प्रमाण पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। साथ ही तीर्थ यात्रियों को देवस्थानम बोर्ड में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। न्यायालय ने चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में होने वाली चारधाम यात्रा के दौरान आवयश्यक्तानुसार पुलिस फोर्स लगाने को कहा है। भक्त किसी भी कुंड में स्नान नहीं कर सकेंगे।

मुख्य सचिव डॉ एसएस संधू ने सचिवालय में चारधाम त्यारियो की बैठक के दौरान सम्बंधित सभी विभागों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा के लिए समय काफी कम बचा है वे अपनी सारी तैयारियां पूरी करें। उन्होंने कहा कि चारधाम प्रदेश के लाखों व्यक्तियों के रोजगार और आजीविका का साधन है। चारधाम आने वाले सभी श्रद्धालुओं को मास्क पहनना, शारीरिक दूरी के मानक का अनुपालन कराना और सैनिटाइजेशन कराना सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि माननीय हाईकोर्ट ने स्थानीय लोगों की आजीविका, कोविड नियंत्रण में होने, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, एसओपी का कड़ाई से पालन आदि के आधार पर चारधाम यात्रा पर लगी रोक को हटाया है। यात्रा शुरू होने से हजारों यात्रा व्यवसायियों व तीर्थ पुरोहितों समेत उत्तरकाशी, चमोली व रुद्रप्रयाग जिले के निवासियों की आजीविका पटरी पर लौट सकेगी।

राष्ट्रीय लोक अदालत का मिला लाभ, 7630 वादों का निस्तारण

उच्च न्यायालय नैनीताल सहित राज्य के विभिन्न न्यायालयों में शनिवार को देर रात्रि तक आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 7630 वादों का निस्तारण किया गया तथा 978854657 रुपये की समझौता धनराशि जमा की गई।
यह जानकारी देते हुए उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के सदस्य-सचिव/ जिला जज आर.के. खुल्बे द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण,नैनीताल के तत्वाधान में मा0 उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, नैनीताल एवं समस्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों द्वारा दिनांक 11 सितम्बर, 2021 को माननीय उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल, उत्तराखण्ड राज्य के 13 जनपदों के जनपद न्यायालयों, पारिवारिक न्यायालयों एवं वाह्य न्यायालयों, श्रम न्यायालयों, ऋण वसूली न्यायाधिकरण,देहरादून एवं राज्य/जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के सदस्य-सचिव/जिला जज आर.के. खुल्बे द्वारा बताया गया कि मा0 उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत हेतु मा0 न्यायमूर्ति आर.सी. खुल्बे जी एवं मा0 न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी की दो खण्डपीठ गठित की गयी थी। उपरोक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित वादों का विवरण निम्नवत है।
मा0 उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल नियत वाद 366, निस्तारित वाद 51 वाद समझौता धनराशि 2,59,99,887 न्यायालय अल्मोडा द्वारा नियत वाद 149 निस्तारित वाद 81 समझौता धनराशि 1,23,85,079, न्यायालय बागेश्वर द्वारा नियत वाद 114 निस्तारित वाद 62 समझौता धनराशि 42,61,442, न्यायाल चमोली द्वारा नियत वाद 187 निस्तारित वाद160 समझौता धनराशि 7,46,27,341 न्यायालय चम्पावत द्वारा नियत वाद 78 निस्तारित वाद 45 समझौता धनराशि 6,75,000 न्यायालय देहरादून नियत वाद1475 निस्तारित वाद 1305 समझौता धनराशि 45,82,26,193, न्यायालय हरिद्वार द्वारा नियतवाद 1949 निस्तारित वाद 1277 समझौता धनराशि 3,32,24,222,न्यायालय नैनीताल नियतवाद1181 निस्तारित वाद 1010 समझौता धनराशि 4,79,11,562 न्यायालय पौड़ी गढ़वाल द्वारा नियतवाद 329 निस्तारित वाद समझौता धनराशि 289 81,67,288, न्यायालय पिथौरागढ द्वारा नियत वाद़ 226 निस्तारित वाद 196 समझौता धनराशि 2,67,99,229, न्यायालय रूद्रप्रयाग द्वारा नियत वाद 56 निस्तारित वाद 51 समझौता धनराशि 42,51,617, न्यायालय टिहरी गढ़वाल नियत वाद 354 निस्तारित वाद 194 समझौता धनराशि 2,65,54,196, न्यायालय ऊधम सिंह नगर नियत वाद 1820 निस्तारित वाद 1150 समझौता धनराशि 5,33,15,422, न्यायालय उत्तरकाशी नियत वाद 188 निस्तारित वाद 150 समझौता धनराशि 1,11,96,223,15 ऋण वसूली न्यायाधीकरण, न्यायालय देहरादून नियतवाद 248 निस्तारित वाद 11 समझौता धनराशि 3,74,54,000 एवं 16 उपभोक्ता न्यायालय द्वारा नियतवाद 106 निस्तारित वाद 56 समझौता धनराशि 51,42,848, 17 श्रम न्यायालय द्वारा नियत वाद 28 निस्तारित वाद 14 समझौता धनराशि 22,44,981 तथा 18 प्री-लिटिगेशन वाद (जो अभी न्यायालय में नहीं गये हैं) 6497 1528 14,64,18,127 तथा उत्तराखण्ड के कुल न्यायालयों द्वारा नियत वाद 15351 निस्तारित वाद 7630 वाद समझौता धनराशि 97,88,54,657 जमा की गई।