सीएम ने भीमताल, काशीपुर एवं रूद्रपुर विधानसभा क्षेत्रों के योजना प्रस्तावों को मुख्यमंत्री घोषणा में सम्मिलित किये जाने की प्रदान की स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उधमसिंह नगर में 11 मई 2023 को नैनीताल लोकसभा क्षेत्र की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में विधानसभा क्षेत्र भीमताल, काशीपुर एवं रुद्रपुर के विधायकगणों द्वारा अपने क्षेत्र से सम्बन्धित विकास कार्यों के प्रस्तावों को मुख्यमंत्री को उपलब्ध कराये गये थे। शासन स्तर पर इस प्रस्तावों पर सम्यक विचारोपरांत इन्हें मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल करने के लिये मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने जिन प्रस्तावों को मुख्यमंत्री घोषणा में सम्मिलित किये जाने की स्वीकृति प्रदान की है उनमें भीमताल विधान सभा क्षेत्र के काठगोदाम से खनस्यू मीडार मोटर मार्ग का आवश्यकतानुसार संरेखन, चौड़ीकरण व डामरीकरण कार्य, काशीपुर विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत काशीपुर-रामनगर रोड़ से काशीपुर-रूद्रपुर रोड़ तक द्वोणसागर नगर के ऊपर टू-लेन बाईपास रोड़ लम्बाई 3.90 कि०मी० का कार्य, लोक निर्माण काशीपुर द्वारा 10 सड़कों हेतु 420.49 लाख लागत के मोटर मागों के निर्माण हेत धनराशि आवंटित किये जाने, काशीपुर में जैतपुर-धनौरी मार्ग के 10 व 11 के 02 कि०मी० मोटर मार्ग के क्षतिग्रस्त भाग का पुनर्निर्माण के साथ ही काशीपुर की सड़कों के निर्माण हेतु 05 सड़कों लागत रू0 599.97 लाख के कार्यों की स्वीकृति शामिल है।

मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही रुद्रपुर विधान सभा के अंतर्गत रुद्रपुर शहर को ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए मल्टीलेवल पार्किंग का प्रस्ताव तैयार कर चरणबद्ध रूप से निर्माण कराये जाने एवं उत्तराखण्ड प्रवेश पर सुन्दर स्वागत द्वार का निर्माण एवं एन एच 87 मुख्य मार्ग का सिडकुल तक सौंदर्यीकरण के साथ मोदी मैदान में स्टेडियम (इन्डोर व आउटडोर) का प्रस्ताव तैयार कर चरणबद्ध रूप से निर्माण कार्यों को मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल किये जाने की स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री द्वारा रुद्रपुर में जल भराव व गंदगी की समस्या के समाधान हेतु विस्तृत कार्य योजना तैयार कर’ चरणबद्ध रूप से कराये जाने संबंधी कार्यों को मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल किये जाने की स्वीकृति प्रदान की है।

प्रदेश के विकास के लिए हर क्षेत्र में महिलाओं का योगदान जरूरी- धामी

हल्द्वानी स्थित एमबी इंटर कालेज में गुरुवार को ईजा-बैंणी महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें नैनीताल समेत अन्य जिलों से करीब 40 स्वयं सहायता समूहों ने पहाड़ी उत्पादों के स्टाल लगाए। महोत्सव में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिले के लिए 713 करोड़ की 66 योजनाओं का लोकार्पण और 193 योजनाओं का शिलान्यास किया।
ईजा बैंणी महोत्सव को लेकर आर्मी गेट से लेकर एमबी इंटर कॉलेज चौराहे तक पारंपरिक लोक वाद्य यंत्र छोलिया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित किया। तिकोनिया चौराहे से दुर्ग सिटी सेंटर चौराहे तक दोनों तरफ हजारों की संख्या में लोगों ने मुख्यमंत्री का अभिवादन किया इस दौरान स्कूली बच्चे व महिलाओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
महोत्सव में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का महिलाओं ने दुर्गा सिटी सेंटर में फूल मालाओं के साथ कलश यात्रा कर जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल में पहुंचे मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम 713 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया तथा साथ ही प्रदेश के अन्य जनपदों के विकास योजनाओं का भी शिलान्यास व लोकार्पण वर्चुअल माध्यम से किया। इसके बाद कार्यक्रम स्थल में महिला समूहों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का निरीक्षण कर महिला समूहों का उत्साहवर्धन किया। जहां महिलाएं मुख्यमंत्री का स्वागत कर रहीं थी। वहीं मुख्यमंत्री ने भी महोत्सव में पहुंची महिलाओं का पुष्प वर्षा कर आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कन्या पूजन और दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। महोत्सव में पहुंचे मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य के विकास के लिए महिलाओं का योगदान बहुत जरुरी है। कहा कि मातृ शक्ति के सहयोग से राष्ट्र का संपूर्ण विकास होगा। इस दौरान उन्होंने व्यवसाय के क्षेत्र में स्टार्ट अप कर रही महिलाओं से बात कर महिला समूहों का उत्साहवर्धन किया। साथ ही जन कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से उत्कृष्ट महिला उद्यमी महिलाओं को सम्मानित किया। जिसमें लीला मटियाली, कमला नेगी, कृति, मिनाक्षी खाती, श्रद्धा कांडपाल, हेमा परगांई, कमला नेगी, पूजा रावत, कमला अरोड़ा, गुंजन, निर्मला देवी, कोमल अधिकारी, मनोरमा, खष्टी राघव को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की घोषणाएं
ईजा बैंणी महोत्सव में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिले के लिए कई महत्त्वपूर्ण घोषणाएं की। जिसमें मुख्य रूप से जम्मू कश्मीर राजौरी में शहीद संजय बिष्ट की याद में रातीघाट स्थित इंटर कालेज को शहीद संजय बिष्ट इंटर कालेज के साथ हली मोटर मार्ग को शहीद संजय बिष्ट के नाम से जानने की घोषणा की। साथ ही राजकीय इंटर कालेज कालाढूंगी में सड़क का विस्तार, हल्द्वानी गौवंश संरक्षण के लिए जल्द ही गौशाला निर्माण, शीशमहल स्थित फिल्टर प्लांट का क्षमता विकास, रानीबाग पुल का निर्माण करने की बात कही।

हल्द्वानी हरित कोयला परियोजना
नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम एवं एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड (एनवीवीएन) के मध्य एमओयू किया गया। अनुमानित परियोजना लागत 230 करोड है जिसे एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड एनवीवीएन), एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा ही वहन किया जाना है। यह उत्तराखंड की प्रथम सुविधा है जो नगरीय ठोस अपशिष्ट को हरित चारकोल में बदलेगी। गौला रौखड़ (गौला बायपास रोड), हल्दवानी में प्लांट प्रस्तावित है।
भारत सरकार के द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान का समर्थन करने के लिए हल्द्वानी में एक ‘वेस्ट टू चारकोल’ सुविधा स्थापित की जाएगी। जिसमें नगर निगम द्वारा एकत्रित किया गया 500 टन प्रति दिन (टीपीडी) नगरीय ठोस अपशिष्ट (एम.एस.डब्ल्यू.) को चारकोल में प्रसंस्कृत किया जायेगा। यह सुविधा पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित होगी और भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान का समर्थन करेगी।
यह परियोजना हल्द्वानी के लिए महत्वपूर्ण अप्रत्यक्ष लाभ प्रदान करेगी, जो कूड़े से मुक्त शहरों के रूप में होगा, जो भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को प्राप्त करने में मदद करेगा। इस परियोजना से कार्बन उत्सर्जन में 1.5 लाख टन कार्बन डाई ऑक्साइड में कमी की उम्मीद है।

पहाड़ी उत्पादों की अम्मा की रसोई का लिया स्वाद
पहाड़ का मोटा अनाज यानी श्री अन्न द्वारा निर्मित स्वादिष्ट व्यंजनों का स्टालों से प्रदर्शन किया गया। महोत्सव में पहुंचे लोगों ने झंगोरे की खीर, मंडवे की पूरी, पिंडालु, दाल के पकोड़े, गहथ के दुबके आदि का स्वाद लिया। राज्य के उत्पाद अपने स्वाद के साथ ही पौष्टिकता से भरपूर है। जहां कंडाली का सेवन एनीमिया में फलदायक है वही मंडवे में दूध से अधिक कैल्शियम पाया जाता है।

हथकरघा, ऐपण, स्वयं सहायता समूह के लगभग 40 स्टालों की प्रदर्शनी
महोत्सव में लाइव कला का प्रदर्शन कर रहे कुम्हार के साथ घड़ा बनाने में हाथ बढ़ाकर मुख्यमंत्री ने कारीगरों का मनोबल और मान बढ़ाया। वहीं वोकल फॉर लोकल उत्पादों का प्रोत्साहित भी किया। उन्होंने कहा कि लोकल उत्पाद पहाड़ की पहचान के साथ ही राज्य की आर्थिकी में भी सहायक है। विदेशों में उत्तराखंड के हथकरघा और हस्तकला की मांग बढ़ती जा रही है। हमें राज्य की कलाओं को संरक्षण और संवर्धन के साथ ही बेहतर ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर भी कार्य रहे है जिससे कलाकारों को उनके उत्पादों की विदेशों के साथ ही देश में भी उचित दाम मिल सके। महोत्सव में लगभग 40 स्टालों की प्रदर्शनी लगाई गई और उनकी अच्छी खासी बिक्री भी हुई।

नंदा गौरा योजना की तिथि बढ़ाई
महोत्सव में पहुंची महिला सशक्तिकरण एवम् बाल विकास मंत्री और नैनीताल प्रभारी रेखा आर्या ने महिला समूहों और महिला हित के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं छोटे छोटे उद्योग और पहाड़ी उत्पादों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही है। जो कि राज्य के लिए गर्व की बात ही। उन्होंने कहा कि नंदा गौरा योजना की आवेदन तिथि 20 दिसंबर बढ़ा दी गई। इच्छुक प्रतिभागी 20 दिसंबर तक आवेदन कर सकती हैं।

जिलाधिकारी वंदना चौहान ने मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा आज के समय में महिलाओं को उद्योग से जुड़ने के लिए संसाधन बहुत हैं। साथ ही सरकार भी महिलाओं को सशक्त बनाने के हर संभव कार्य कर रही है। समाज में कन्या भ्रूण हत्या जैसी बुराईयों और कुरुतियों को हटाने के लिए हम सबको आगे आना होगा।

नैनीताल हाइकोर्ट ने खनन पट्टों की नीलामी पर लगाई गई रोक हटाई

नैनीताल जिले के बेतालघाट एवं अन्य मैदानी जनपदों के खनन पट्टों की नीलामी हेतु आमंत्रित ई-निविदा की प्रक्रिया पर लगाई गई रोक को हाइकोर्ट ने हटा दिया है। आज कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि राज्य में खनन गतिविधियां ई०आई०ए० नोटिफिकेशन के अन्तर्गत पर्यावरणीय मंजूरी के बाद ही संचालित की जाती है। कोर्ट ने सरकार के जवाब से संतुष्ट होकर जनहित याचिका को खारिज कर दिया।
नैनीताल हाइकोर्ट में आज बेतालघाट निवासी तरुण शर्मा की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। जिसमें कहा गया कि बेतालघाट में कोसी नदी के किनारे करीब 19 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर करीब एक दर्जन खनन पट्टों की नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई है। नीलामी का टेंडर 19 अक्टूबर को खुलना था। कोर्ट की रोक के बाद निविदा प्रक्रिया को रोक दिया गया था।
आज हुई सुनवाई में कोर्ट द्वारा नैनीताल जिले के बेतालघाट एवं अन्य मैदानी जनपदों के खनन पट्टों की नीलामी हेतु आमंत्रित ई-निविदा की प्रक्रिया पर लगाई गई रोक हटा दी गई है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि राज्य में खनन गतिविधियां ई०आई०ए० नोटिफिकेशन दिनांक 14.09.2006 के अन्तर्गत पर्यावरणीय मंजूरी के बाद ही संचालित की जाती है। मा० उच्च न्यायालय द्वारा उक्त रिट याचिका को निरस्त किये जाने के फलस्वरूप उक्तानुसार आमंत्रित निविदा की तकनीकी निविदा खोले जाने की कार्यवाही बहाल हो गयी है।

समय बहुमूल्य है इसकी महत्ता को सभी को समझना होगा-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को नैनीताल स्थित प्रेमा जगाती सरस्वती विहार विद्यालय के वार्षिकोत्सव में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में शिक्षा ग्रहण करने का अर्थ केवल किताबी ज्ञान अर्जित करने तक सीमित नहीं है, यह एक ऐसी यात्रा है जिसमें हम स्वयं की और अपने अस्तित्व की खोज करते हैं। एक व्यक्ति के रूप में हमारे सर्वांगीण विकास और एक श्रेष्ठ समाज के निर्माण में शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। एक व्यक्ति बचपन में जिस प्रकार की शिक्षा और संस्कार प्राप्त करता है उसी से उसका चरित्र निर्माण होता है।
उन्हांेने विद्यार्थियों से कहा कि किताबी ज्ञान तक सीमित ना रहें स्वयं के अस्तित्व की खोज कर अपने जीवन को सफल बनायें। उन्होंने कहा बचपन के संस्कार सम्पूर्ण जीवन में काम आते है इसलिए हमें बच्चों को बचपन से ही संस्कारवान शिक्षा प्रदान कर भविष्य के निर्माण के लिए कार्य करना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन का लक्ष्य तय करते हुए पूर्ण मनोयोग, ईमानदारी,कर्तव्यनिष्ठा से कार्य करने को कहा। यही मूल मंत्र जीवन को सफल बनाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कहा था कि प्रत्येक मनुष्य में अनंत ऊर्जा शक्ति का भण्डार है उसे सिर्फ जानने व दिशा देने की जरूरत है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में कभी कोई परेशानी आती है तो उसे सकारात्मक सोच के साथ समस्या का समाधान करें। उन्होंने बच्चों से कहा कि यह शिक्षा का कालखण्ड दोबारा आपके जीवन में कभी नहीं आयेगा, समय बहुमूल्य है इसकी महत्ता को सभी को समझना होगा, एक-एक पल जीवन के लिए उपयोगी है अगर हम समय को समझ लेते हैं तो अपने जीवन के साथ ही देश व प्रदेश नाम रोशन कर सकते है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है, गुरुकुलों की भूमि है, यहां ऐसे ऋषि- मुनि हुए जिन्होंने सनातन ग्रंथो की रचना की। वीरभट्टी की इस महान धरती पर पढ़ने वाले आप सभी विद्यार्थी भी ऋषि संतानें हैं और अवश्य ही आप लोग अपना,अपने परिवार का और अपने प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे छात्र देश का भविष्य है। देश व प्रदेश को आगे ले जाने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज नए भारत का निर्माण हो रहा है, जिसके अंतर्गत देश में अभूतपूर्व रूप से नित-नए कार्य किए जा रहे हैं। वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री द्वारा वर्तमान समय के अनुसार बनाई गई नई शिक्षा नीति को हमारे सम्मुख रखा गया। नई शिक्षा नीति से स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा को नए आयाम प्राप्त होंगे, इससे सभी वर्ग के लोगों को समानता के आधार पर शिक्षा प्राप्त करने के अवसर भी मिलेंगे। स्कूली स्तर पर ’’कौशल विकास’’ से ’’युवा कुशलता’’ के साथ कार्य करने में सक्षम होंगे। साथ ही इससे शोध एवम् अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। देश को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री जी के लक्ष्य को पूर्ण करने में नई शिक्षा नीति अवश्य ही कारगर साबित होगी। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि अमृत काल में भारत को विश्व की तीसरी बड़ी इकोनॉमी बनाना है। इसके लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी तभी हम सफल होंगे। उन्होंने कहा कोरोना काल में देश के प्रधानमंत्री ने अभिभावक की तरह देश व विश्व में कार्य किया। अपने देश में कोरोना वैक्सीन देने के साथ ही विश्व में कोरोना वैक्सीन देने का कार्य किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड स्कूली शिक्षा में नई शिक्षा नीति लागू करने वाला पहला राज्य है। हमारी सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ’’विकल्प रहित संकल्प’’ को पूर्ण करने हेतु प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालय के इस गरिमामय समारोह में आकर वे अभिभूत हैं। यहां आकर उनकी छात्र जीवन की स्मृतियां जीवंत हो गयी। विद्यालय अत्यंत ही कठिन परिस्थितियों में स्थापित हुआ परंतु आज ये विद्यालय एक विशाल वट वृक्ष का रूप ले चुका है। जगाती परिवार ने इस शिक्षण संस्थान के लिए अपनी भूमि दान कर जो शिक्षा सेवा का पुण्य कमाया है, उसके लिए जगाती परिवार बधाई का पात्र है।
पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार स्कूल के 36 वें वार्षिकोत्सव समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बच्चों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा इस विद्यालय के विद्यार्थी आज इंजीनियर,कारोबारी, प्रशासनिक अधिकारी व राजनीतिज्ञ बनकर अपनी बुलंदियों को छू रहे हैं। विद्यालय परिवार द्वारा इस स्थान पर एक विश्वविद्यालय बनाए जाने का संकल्प लिया है। उनका संकल्प अवश्य पूर्ण होगा, इस संबंध में राज्य सरकार के स्तर पर जो भी सहयोग होगा वह किया जायेगा। भूमि चिन्हीकरण कार्य के लिए पूर्ण प्रयास कर परिकल्पना को साकार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यालय की सड़क मार्ग को दुरुस्त करने का कार्य लोनिवि द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि विद्यालय में विद्युत की जो भी समस्या हो उसे दुरूस्त करना सुनिश्चित किया जाये।
इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि इस विद्यालय से पढ़कर विद्यार्थी देश के विभिन्न क्षेत्रों में सेना, प्रशासन व आदि स्थानों पर कमान संभाल रहे है। उन्होंने अध्ययनरत विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और गुरुजनों का हृदय से आभार व्यक्त किया।
महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि सरस्वती विद्या मंदिर के प्राचार्य और गुरुजनों की मेहनत से यहाँ के विद्यार्थियों ने देश के विविध क्षेत्रों में अपनी सुगंध फैलाई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मूल मंत्र विद्या भारती से लिए गया है। इस शिक्षा नीति से विद्या भारती ही नहीं अपितु देश के समस्त सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों को इंडिया से भारत बनने की संकल्पना को पूरा किया जाएगा। नई शिक्षा नीति में शिक्षा के साथ ही व्यवसायिक विषयों पर जोर दिया गया है। इससे देश को कौशल युक्त उच्च कोटि के मानव संसाधन मिलेंगे जो राष्ट्र को विश्व गुरु बनने में पूर्ण सहयोगी बनेंगे। उन्होंने युवा पीढ़ी के सर्वागींण विकास के लिए आध्यात्मिक इंटेलिजेंस से जोड़ने की बात पर जोर दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा विद्यालय के 12वी के तीन और 10वी के 15 मेधावियों को पुरस्कृत किया।
विद्यालय के प्राचार्य डॉ सूर्या प्रकाश ने विद्यालय की आगामी वार्षिक कार्ययोजना के साथ ही विद्यालय की सम्पूर्ण गतिविधियों, उपलब्धियों की जानकारी दी। वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में शिव तांडव, हनुमान, गणेश वंदना नृत्य और नाटक सिक्का बदल गया मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ माधव प्रसाद के साथ ही विद्यार्थी रक्षित कर्नाटक और कृष्णा त्यागी ने किया।
कार्यक्रम में विद्यालय के संरक्षक कामेश्वर प्रसाद काला, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष प्रो के पी सिंह, प्रबंधक श्याम अग्रवाल, कोषाध्यक्ष विपिन अग्रवाल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री डोमेश्वर साहू, राष्ट्रीय मंत्री किशन वीर, विधायक नैनीताल सरिता आर्या, भीमताल राम सिंह कैड़ा, लालकुआ डॉ मोहन सिंह बिष्ट, कपकोट सुरेश गढ़िया, मंडी अध्यक्ष डॉ अनिल कपूर डब्बू, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवम अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष सुरेश भट्ट, जिलाधिकारी वंदना सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी एन मीणा, सीडीओ डॉ संदीप तिवारी, अपर जिलाधिकारी शिव चरण द्विवेदी सहित विद्यालय के गुरुजन और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

टनकपुर-बागेश्वर रेललाइन निर्माण को लेकर रेल मंत्री से मिले सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में रेल भवन पहुंचकर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भेंट कर प्रदेश में सुदृढ़ रेल कनेक्टिविटी के सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने रेल मंत्री से लखनऊ से देहरादून के मध्य “वंदे भारत एक्सप्रेस“ के संचालन एवं पर्वतीय क्षेत्रों में रेल सेवा के विस्तार के दृष्टिगत बहुप्रतीक्षित टनकपुर-बागेश्वर रेललाइन निर्माण की यथाशीघ्र स्वीकृति प्रदान करने हेतु अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने अहमदाबाद से काठगोदाम, हरिद्वार और देहरादून को जोड़ने हेतु सीधी रेल सेवा शुरू करने, दून एक्सप्रेस में कोटद्वार के कोच का व जनता एक्सप्रेस में रामनगर के कोच का पुनः परिचालन करने एवं टनकपुर से राजस्थान के मेहंदीपुर बालाजी तक नई रेल सेवा प्रारम्भ करने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल सेवाओं के विस्तार से प्रदेशवासियों एवं पर्यटकों के लिए आने वाले समय में यातायात सुगम होगा साथ ही पर्यटन प्रमुख राज्य होने के कारण प्रदेश की आर्थिकी भी सशक्त होगी। केंद्रीय रेल मंत्री ने हर सम्भव सहयोग के प्रति मुख्यमंत्री धामी को आश्वस्त किया।

दैणा होया खोली का गणेशाय से की गई वैश्विक व्याघ्र दिवस पर आयोजित कार्यक्रम की शुरूआत

दैणा होया खोली का गणेशाय से सीआरवीआर रामनगर में ग्लोबल टाइगर डे की शुरूआत की गई। संस्कृति विभाग के सौजन्य से उत्तराखंड की अनूठी परम्परा के साथ ही झोड़ा, छपेली कार्यक्रम की रंगारंग सांस्कृतिक झलक की मनोहर प्रस्तुति दी गई।
सीआरवीआर रामनगर में वैश्विक व्याघ्र दिवस आयोजित किया गया। ग्लोबल टाइगर्स दिवस बाघों के संरक्षण के लिए मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य बाघों की प्रजातियों की घटती आबादी के बारे में जागरूकता पैदा करना है। इस अवसर पर राज्यवार बाघों के आंकड़े जारी किए व बाघों के संरक्षण व संवर्धन हेतु तीन रिपोर्ट भी जारी की गई। इसके साथ ही भारत के 06 टाइगर रिजर्व को ग्लोबल कैट्स ऐक्ररेडिशन सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया। पूरे भारत मे वन्य जीव संरक्षण की दिशा में असाधारण व सराहनीय कार्य करने वाले वन विभाग के कुल 11 फ्रंटलाइन वर्कर को सम्मानित किया गया जिसमें सिमलीपाल टाइगर रिजर्व के 02 कार्मिकों को मरणोपरांत उनके कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।

ग्लोबल टाइगर डे पर आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअली प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वनों एवं वन्यजीवों का संरक्षण देवभूमि की संस्कृति एवं दैनिक जीवन का अभिन्न अंग है तथा प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाना हमारा संस्कार है। यह उत्तराखंड की संस्कृति है जो हमें धरोहर के रूप में हमें पुरखों से संस्कार में मिली है। हमें इको टूरिज्म में स्थानीय समुदाय की और अधिक भागीदारी सुनिश्चित करते हुए होम स्टे, बर्ड वॉचिंग व अन्य क्रियाकलापों पर अधिक कार्य करने की आवश्यकता है।
उत्तराखंड में बाघों की संख्या में इजाफा होने पर सीएम ने उत्तराखण्ड की जनता, वन विभाग के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ ही स्थानीय प्रतिभागियों को बधाई दी। कहा कि वर्ष 2018 में 442 बाघों की संख्या थी जो वर्ष 2022 तक बढ़ कर 560 हो गई है।
मुख्यमंत्री ने देश भर के टाइगर रिजर्व से पहुँचे प्रमुख वन्य जीव संरक्षकों से जिम कॉर्बेट संग्रहालय कालाढूंगी में जाने का अनुरोध किया। कहा कि विश्व विख्यात जिम कॉर्बेट ने अपने जीवन का काफी समय कालाढूंगी में व्यतीत किया। कालाढूंगी में उनका पुराना घर है जिसे एक संग्रहालय का रूप दिया गया है।

हम उत्तराखंडवासी पीढ़ियों से पर्यावरण के संरक्षक हैं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हम अपनी सदियों पुरानी परंपरा का आज भी पालन कर रहे हैं, जो हमें सिखाती है कि हमें जीव-जंतुओं, पेड़-पौधों के संग समरसता के साथ रहना चाहिये, क्योंकि ये सब भी इस धरती पर हमारे साथ ही रहते हैं। चिपको आंदोलन के नाम से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मशहूर हुए इस महिला सत्याग्रह ने पूरी दुनिया में पर्यावरण संरक्षण और नारी सशक्तिकरण को नए अर्थों में परिभाषित किया। हमने हाल ही में इस आंदोलन के 50 वर्ष पूर्ण किए हैं और मैं आज इस मंच से उन सभी सत्याग्रहियों को नमन करता हूं, जिन्होंने उस समय हमारे पेड़ों को बचाया।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा हल्द्वानी में जल्द ही वाइल्ड लाइफ हॉस्पिटल का शिलान्यास भी किया जाएगा। साथ ही वन विभाग के अधिकारियों को कार्य के दौरान आने वाली चुनौतियों पर कार्य करके उनके समाधान के प्रयास पर कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि वन्यजीव और मानव संघर्ष के प्रकरणों पर विभाग को स्वतः ही सरकार द्वारा दी जाने वाली अनुमन्य सहायता दी जानी चाहिए जिससे पीड़ित पक्ष को अनावश्यक दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़े।
केंद्रीय वन, पर्यावरणीय ,जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री अश्विनि कुमार चौबे ने कहा कि प्रकृति की रक्षा करना मानव जीवन का कर्तव्य है। जब मनुष्य प्रकृति की रक्षा करेगा तो प्रकृति स्वयं ही प्राणियों की रक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि आज बाघ संरक्षण के 05 दशक पूरे किए हैं जो कि उपलब्धियों से परिपूर्ण है। पूरे विश्व के 75 प्रतिशत से अधिक बाघ भारत में पाए जाते है। उन्होंने कहा बाघों के संरक्षण संवर्धन में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए वन विभाग को अत्याधुनिक उपकरणों के प्रयोग से लैस किया गया है किन्तु आवश्यकता है अधिक सशक्त बनाने की। उन्होंने कहा जिस प्रकार सेना व पुलिस को उनकी वीरता के लिए पदक दिया जाता है उसी प्रकार वन विभाग को भी उनके साहसिक कार्यों के लिए वीरता पदक से राष्ट्रपति द्वारा नवाजा जाए, इस दिशा में कारगर प्रयास जारी है।
उन्होंने बाघों के महत्व के विषय मे बताया कि बाघ को स्थानीय समुदायों की आजीविका एवं सतत विकास का प्रतीक चिन्ह माना गया है। इसे पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य का संकेतक मानते हुए वैश्विक स्तर पर सतत विकास, जैव विविधता संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन निवारण के मानक के रूप में देखा गया है।
केंद्रीय मंत्री एवं पर्यटन रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि वन्य जीव टाइगर के संरक्षण व संवर्धन के लिये 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत की गई। कहा कि बाघों के संरक्षण व संवर्धन के लिए वित्तीय सहयोग भी किया जाएगा।
कार्यक्रम में राज्यवार बाघों के आंकड़े जारी किए गए। पूरे भारत वर्ष में 2018 की तुलना में 2022 में 715 बाघों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। 2022 के आंकड़ों के आधार पर बाघों की कुल संख्या 3682 है जो कि 2018 में 2967 थी। सर्वाधिक बाघ मध्यप्रदेश में 785 फिर कर्नाटक में 563 व उत्तराखंड में 560 बाघों की संख्या रही। जारी आंकड़ों के अनुसार उत्तरखण्ड कार्बेट टाइगर रिजर्व में बाघों की सँख्या बड़ी है। 2018 की तुलना में 118 बाघ बड़े है राज्य में अब कुल बाघ 560 हो गए है। वहीं कार्बेट टाइगर रिजर्व में पहले 231 बाघ जो बढ़कर 260 हो गए है।
प्रोजेक्ट टाइगर के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी व नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री द्वारा एक चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसकी थीम थी टाइगर, द किंग ऑफ जंगल। 18 राज्यों व 02 केंद्र शासित प्रदेशों से 6892 प्रविष्टि देशभर में की गई थी जिसमें से 20 लोगों को पुरस्कृत किया गया। प्रथम तीन स्थान पर आने वालों को क्रमशः 5000 4000 व 3000 की धनराशि दी गई। प्रथम स्थान पर दिल्ली के ग्यारहवीं के युवराज द्वितीय स्थान पर दिल्ली के ही बारहवीं कक्षा के अनुराग कुमार व तृतीय स्थान पर भुवनेश्वर की 11वीं की नयनिका जीना रही।
कार्यक्रम में भारत के विभिन्न टाइगर रिजर्व से आये ईडीसी व स्वयं सहायता समूह द्वारा स्थानीय उत्पादों का स्टाल लगाकर प्रदर्शन भी किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, विधायक रामनगर दीवान सिंह बिष्ट, भीमताल राम सिंह, नैनीताल सरिता आर्या,यमकेश्वर रेणु बिष्ट, महानिदेशक वन सीपी गोयल, सदस्य सचिव एनटीसीए डॉ ऐस पी यादव, आईजीएफ अमित मलिक, प्रमुख वन संरक्षक अनूप मलिक, समीर सिन्हा, कुमाऊँ मुख्य वन संरक्षक पी के पात्रो, आईजी नीलेश आंनद भरणे, डायरेक्ट कॉर्बेट डॉ धीरज पांडेय, राजाजी डॉ साकेत बड़ोला सहित अन्य वन अधिकारी उपस्थित थे।

कंट्रोल रूम से जनवद वार प्रत्येक दिन की आपदा के नुकसान का आंकलन करेंः गणेश जोशी

प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की गई।
बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुए कहा कि किसान हमारा अन्नदाता है और भारी बारिश से किसान को हुए नुकसान की भरपाई करना सरकार की जिम्मेदारी है। मंत्री ने कृषि सचिव तथा कृषि महानिदेशक को 27 जुलाई को प्रभावित क्षेत्र में कैंप करने और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में मंत्री ने निदेशालय स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए गढ़वाल मंडल में उत्तरकाशी के पुरोला तथा कुमाऊं मंडल के नैनीताल के प्रभावित क्षेत्र में राजस्व की टीम के साथ सर्वेक्षण कर रिपोर्ट प्रेषित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में मंत्री ने निदेशालय स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम के माध्यम से जनपद वार प्रत्येक दिन की आपदा के नुकसान का आंकलन किया जाए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आपदा के मानकों के पुनरीक्षण करने पर विचार करते हुए भू-राजस्व, सिंचाई, विद्युत बिल को माफ करना एवं राज्य स्तर पर टॉपअप आदि के माध्यम से किसानों को स्पेशल पैकेज के ज़रिए सहायता की जाएगी। उन्होंने कहा हरिद्वार जनपद के आपदा प्रभावित में कुछ जगह पर यह देखा गया कि सिडकुल और शुगर मिल का केमिकल से कृषि को बहुत ज्यादा क्षति हुई है। इस संबंध में मंत्री ने डीएम हरिद्वार को पॉल्यूशन विभाग से जांच कराने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा किसानों को फलसों के बीमा कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाए, फसल बीमा का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार के भी निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि अब तक प्रदेश में सेब की पेटियों की मांग 5.10 लाख आई हैं, इसके सापेक्ष विभाग द्वारा अबतक 2.20 लाख की आपूर्ति की जा चुकी है।
इस अवसर पर कृषि सचिव दीपेंद्र चौधरी, कृषि महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

नैनीताल और यूएस नगर के विधायकों ने मुख्यमंत्री की पहल को सराहा, जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पं. गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर के प्रशासनिक भवन सभागार में जनपद नैनीताल एवं ऊधमसिंह नगर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों की विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इसमें विधानसभा क्षेत्र लाल कुआं, भीमताल, नैनीताल, कालाढूंगी, काशीपुर, गदरपुर, रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र शामिल थे। समीक्षा बैठक में केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, बंशीधर भगत, मोहन बिष्ट, सरिता आर्य, शिव अरोरा, राम सिंह कैड़ा सहित शासन एवं जनपदों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में उपस्थित विधायकगणों ने मुख्यमंत्री की पहल की सराहना करते हुये उनका आभार जताया। मुख्यमंत्री ने विधायकगणों द्वारा इंगित समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु अधिकारियों को जन समस्याओं के समाधान तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर ध्यान देने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में यह व्यवस्था बनाई जा रही है कि प्रत्येक माह की एक तारीख तक समाज कल्याण विभाग की योजनाओं के लाभार्थियों की पेंशन उनके खाते में पहुँच जाये। साथ ही छात्रों को उनके समस्त प्रकार के आवश्यक प्रमाण पत्र उनको विद्यालय में ही उपलब्ध कराये जाने का अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा सरलीकरण के रास्ते पर चलने हेतु वन विभाग को प्रोत्साहित किया गया। प्रत्येक जिले में सर्किट हाउस बनाने के लिए निर्देश भी उन्होंने दिये। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि आने वाले बारिश के सीजन को देखते हुए आपदा राहत की तैयारियों के साथ जल जनित बीमारियों को दूर रखने के लिए साफ़ सफ़ाई अभियान चलाने, लम्पी वायरस से बचाव के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाये। मुख्यमंत्री ने बैठक में उठाये गये बिंदुओं को शीघ्रता से निस्तारित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि विधायकगणों द्वारा अपने क्षेत्रों की जिन जन समस्याओं को रखा जा रहा है, अधिकारी उन्हें गंभीरता से लेकर शीघ्र समाधान करायें। विकास कार्यों को एक दूसरे पर थोपे जाने के बजाय विभागीय अधिकारी उनका आपसी समन्वय के साथ निस्तारण पर ध्यान दे। जिन जन समस्याओं का समाधान जल्दी हो सकता है, उन्हें शीघ्रता से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि गणों द्वारा विधानसभा क्षेत्रों में विभिन्न घोषणाओं के लिए जो भी प्रस्ताव आते हैं, उनका पहले भली भांति परीक्षण कर लिया जाए। यह भी स्पष्ट किया जाए कि यह घोषणा कितनी समयावधि में पूर्ण हो जायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में एक नई कार्य संस्कृति लागू करनी है। जन समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए अधिकारी संवादहीनता को दूर कर आपसी समन्वय बढ़ाकर कार्य करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि विधायकगणों द्वारा अपनी विधानसभा क्षेत्रों की जिन जन समस्याओं को बैठक में रखा गया है, सभी विभागीय सचिव उनको प्राथमिकता में लेते हुए यथाशीघ्र समाधान करें।

बैठक में विधायकगणों द्वारा सड़कों के निर्माण एवं सुधारीकरण, नहरों के मरमत्तीकरण, बाढ़ नियंत्रण से संबंधित कार्य, सीवरेज एवं ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने, पर्यटक स्थलों के विकास एवं विधानसभा क्षेत्रों की अन्य समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकगणों द्वारा जो भी जन समस्याएं रखी गई हैं, उनका हर संभव समाधान किया जायेगा।

रामनगर में रोडवेज की बस पुल से नीचे गिरी, चालक की मौत

हल्द्वानी से रामनगर आ रही रोडवेज बस बाइपास पुल पर सामने से आ रहे टाटा 407 से टकराने के बाद पुल से नीचे गिर गई। हादसे में बस चालक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि परिचालक समेत छह यात्री घायल हो गए। बस में चालक परिचालक समेत 18 यात्री सवार थे।
शुक्रवार को रामनगर रोडवेज की बस संख्या यूके 07 पीए 2487 हल्द्वानी से रामनगर आ रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रामनगर से दो किलोमीटर पहले ही बाइपास पुल पर चढ़ते समय सामने से आ रहे टाटा 407 वाहन से टकराने के बाद बस अनियंत्रित होकर पुल से 10 फीट नीचे जाकर पलट गई।
दुर्घटना के दौरान टाटा 407 वाहन भी सड़क पर ही पलट गया और चालक मौके से फरार हो गया। जबकि हादसे में रोडवेज के बस चालक कालागढ़ निवासी गुलवदन सिंह 40 पुत्र सरबजीत की मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासन में हड़कंप मच गया।
सीओ बलजीत भाकुनी, कोतवाल अरुण सैनी, एसएसआइ अनीस अहमद ने टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर लोगों की मदद से बस सवार लोगों को बाहर निकाला। दुर्घटना में जिला पौड़ी कालागढ़ निवासी परिचालक करमपाल पुत्र बलदेव सिंह, मोहल्ला भरतपुरी निवासी मुस्कान (19) पुत्री भगत सिंह, प्रिया (21) पुत्री जीवन सिंह, काजल (19) पुत्री मोहन चंद, कौशल्या (52) पत्नी सुरेंद्र बिष्ट एवं भगवान कौर (52) पत्नी कश्मीर सिंह घायल हो गए। भगवान कौर व परिचालक करमपाल सरकारी अस्पताल में भर्ती है।

सीएम ने नैनीताल में सुनी पीएम के मन की बात कार्यक्रम का 100वां संस्करण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डीएसए मैदान, मल्लीताल, नैनीताल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का 100 वां संस्करण सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि 03 अक्टूबर, 2014 से अनवरत रूप से प्रसारित हो रहे मन की बात कार्यक्रम का 100 वें संस्करण ने ऐतिहासिक मिसाल कायम की है।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री के वचनों को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि ‘‘मन की बात’’ कार्यक्रम ने आज तमाम भारतीयों के जीवन को बदलने का काम किया है। समाज के अंतिम छोर पर काम कर रहे व्यक्ति के समाज के लिए अथक प्रयासों का जिक्र इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री करते हैं जो समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन तमाम लोगों का जिक्र भी प्रधानमंत्री ने ‘‘मन की बात’’ में किया है जो चुपचाप समाज सेवा में जुटे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम की ‘मन की बात’ से आज जन-जन जुड़ा हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम ने देशवासियों को जोड़कर एक नई सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने का कार्य किया है। मन की बात कार्यक्रम ने सरकारी योजनाओं में सामूहिक जनसहभागिता को जोड़कर सफल बनाया है। वहीं संघर्षरत युवाओं के अधूरे सपने को साकार करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में मानसखंड मंदिर माला मिशन से पर्यटकों की संख्या मे इजाफा होगा व पहाड़ की आर्थिकी सशक्त होगी। इसके साथ ही वोकल फोर लोकल को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश की स्वयं सहायता समूह को सशक्त किया गया है व उनके उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग की जा रही है। लोकल फोर ग्लोबल के लिए स्थानीय उत्पादों में मूल्य सम्वर्द्धन किया जा रहा है। मूल्य संवर्धन से काश्तकारों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रेरक शब्दों का अनुसरण कर हम उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए संकल्पित हैं।
उत्तराखंड में भी पीएम की ‘‘मन की बात’’ कार्यक्रम को सुनने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। स्कूल, कॉलेज इत्यादि में भारी संख्या में छात्रों के साथ आम लोगों ने पीएम के मन की बात को सुना। इस अवसर पर विधायक सरिता आर्य, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, एस एस पी पंकज पांडेय, जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी महेंद्र पांडेय, सांसद प्रतिनिधि गोपाल रावत, डॉ अनिल कपूर डब्बू, सीडीओ संदीप तिवारी, अपर जिलाधिकारी अशोक जोशी, उपजिलाधिकारी राहुल शाह, परितोष वर्मा, आनंद बिष्ट, दया किशन पोखरिया, मनोज जोशी, सीएमओ डॉ भागीरथी जोशी सहित स्कूली बच्चे व आमजनता उपस्थित थी।