विकसित उत्तराखंड के निर्माण में सचिवालय परिवार की भूमिका महत्वपूर्णः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज उत्तराखंड सचिवालय संघ के शपथ ग्रहण समारोह में प्रतिभाग कर नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड सचिवालय संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष दीपक जोशी, उपाध्यक्ष राकेश जोशी एवं संजय कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष प्रमिला टम्टा, महासचिव राजेन्द्र रतूड़ी, सचिव अतुल कुमार सिंह, संयुक्त सचिव दिव्यांशु डोभाल एवं सुरेन्द्र सिंह रावत, संप्रेक्षक रीना मखनवाल, कोषाध्यक्ष रमेश सिंह बर्त्वाल तथा प्रचार सचिव दीपक बिष्ट सहित समस्त नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सचिवालय केवल एक भवन नहीं, बल्कि प्रदेश की शासन व्यवस्था की आत्मा और जनविश्वास का प्रमुख केंद्र है। यहीं से नीतियों का निर्माण होता है, जनकल्याणकारी योजनाओं को दिशा मिलती है और प्रदेश के विकास की रूपरेखा तैयार होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिवालय में कार्यरत प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी विकसित उत्तराखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण सहभागी है। सरकार द्वारा बनाई गई नीतियों और योजनाओं को धरातल पर उतारने तथा अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने में सचिवालय परिवार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि सचिवालय के अधिकारी और कर्मचारी शासन एवं जनता के बीच विश्वास के मजबूत सेतु के रूप में कार्य करते हैं। उनकी कार्यकुशलता, कर्मनिष्ठा और समर्पण से सरकार की योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रारंभ से ही शासन व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने का प्रयास किया है। इसी क्रम में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से लेते हुए समाधान की दिशा में कार्य किया गया है।

उन्होंने कहा कि एक मजबूत, प्रेरित और संतुष्ट कर्मचारी तंत्र सुशासन की सबसे बड़ी शक्ति होता है। शासन और कर्मचारी जब टीम भावना के साथ कार्य करते हैं तो विकास कार्यों को गति मिलती है और जनता का विश्वास शासन व्यवस्था पर और अधिक मजबूत होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, तकनीक आधारित सेवाओं को बढ़ावा देने और ई-गवर्नेंस को सशक्त करने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आम नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध हों। इस लक्ष्य की प्राप्ति में सचिवालय परिवार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में उत्तराखंड सचिवालय बेहतर कार्य संस्कृति, आपसी समन्वय और सकारात्मक वातावरण के माध्यम से सुशासन एवं कार्यकुशलता की नई मिसाल स्थापित करेगा।

मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी से अपेक्षा की कि वे सेवा, संवेदनशीलता और समर्पण की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए देवभूमि उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के सरकार के “विकल्प रहित संकल्प” को सिद्धि तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर शासन के वरिष्ठ अधिकारी, सचिवालय संघ के पदाधिकारी तथा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

पौड़ी में आधुनिक विज्ञान संग्रहालय का सीएम धामी ने किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पौड़ी गढ़वाल के भ्रमण के दौरान जनपद मुख्यालय स्थित श्रीनगर रोड पर जिला प्रशासन द्वारा विकसित आधुनिक विज्ञान संग्रहालय का लोकार्पण तथा रामलीला मैदान में आयोजित कंडोलिया महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद को ₹110.55 करोड़ की लागत वाली 19 विकास योजनाओं की सौगात देते हुए 14 योजनाओं का शिलान्यास एवं 5 योजनाओं का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने श्रीनगर रोड स्थित जिला विज्ञान संग्रहालय का विधिवत लोकार्पण किया तथा संग्रहालय में विकसित की गयी विज्ञान आधारित गतिविधियों और प्रयोगात्मक शिक्षण व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने संग्रहालय का भ्रमण कर विभिन्न वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित इंटरएक्टिव मॉडलों, वैज्ञानिक प्रदर्शनों, एवं आधुनिक उपकरणों का अवलोकन किया। विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने संग्रहालय में स्थापित वैज्ञानिक प्रदर्शनों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान बच्चे उत्साहित नजर आए। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी कई प्रदर्शनियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विज्ञान, अंतरिक्ष, ऊर्जा, पर्यावरण एवं तकनीकी नवाचारों से संबंधित प्रदर्शनों का अवलोकन करते हुए कहा कि ऐसे विज्ञान संग्रहालय बच्चों में जिज्ञासा, अनुसंधान की भावना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला विज्ञान संग्रहालय केवल प्रदर्शनी स्थल नहीं, बल्कि यह संग्रहालय विद्यार्थियों और युवाओं के लिए एक आधुनिक विज्ञान शिक्षण एवं नवाचार केंद्र के रूप में कार्य करेगा। यहां बच्चे विज्ञान को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से समझ सकेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह संग्रहालय जनपद के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, जिज्ञासा और नवाचार का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा वैज्ञानिक चेतना के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

मुख्यमंत्री ने इसके बाद कंडोलिया मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने रामलीला मैदान पहुंचकर कंडोलिया पौड़ी महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा कंडोलिया महोत्सव को सरकारी कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय महोत्सव के रूप में विकसित किये जाने की घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कंडोलिया महोत्सव उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को नई पहचान देने का सशक्त माध्यम है। आज जनपद के विकास में एक नया अध्याय जुड़ा है। इस अवसर पर लगभग 110 करोड़ रुपये की लागत से 19 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। चारधाम यात्रा लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है तथा अब तक लाखों श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य विकास को पहाड़ के अंतिम छोर तक पहुंचाना है और इसी सोच के साथ हाउस ऑफ हिमालय, एक जनपद-दो उत्पाद योजना, मिलेट मिशन, नई पर्यटन एवं फिल्म नीति, स्वरोजगार तथा होमस्टे योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। पिछले चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पूर्ण पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सनातन संस्कृति, मूल स्वरूप और सामाजिक सौहार्द की रक्षा सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से समान नागरिक संहिता (यूसीसी), धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून तथा सख्त भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने पौड़ी और श्रीनगर क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की पहली एनसीसी अकादमी, एनआईटी परिसर, गंगा संस्कृति केंद्र, सिंगटाली पुल, पौड़ी-श्रीनगर मार्ग चौड़ीकरण, झील निर्माण, ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक तथा खेल अवस्थापना से जुड़ी परियोजनाएं क्षेत्र के विकास को नई दिशा प्रदान करेंगी और रोजगार व पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ाएंगी।

इस अवसर पर विधायक राजकुमार पोरी, दलीप सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, नगर पालिकाध्यक्ष हिमानी नेगी, ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पं. राजेंद्र अण्थवाल, जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति भदौरिया, एसएसपी सर्वेश पंवार, सीडीओ अशोक जोशी एवं अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।

खटीमा में उत्साह के साथ निकली प्रगति पथ यात्रा, सीएम धामी ने किया नेतृत्व

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने खटीमा प्रवास के दौरान भव्य “प्रगति पथ यात्रा” में प्रतिभाग किया। खटीमा मुख्य मार्ग पर आयोजित इस यात्रा में हजारों की संख्या में युवा, मातृशक्ति, पार्टी कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक तिरंगा लेकर शामिल हुए। पूरे मार्ग में देशभक्ति, विकास और जनसमर्थन का उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला।

प्रगति पथ यात्रा मुख्य चौराहे से होते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क पहुंची, जहां मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके उपरांत यात्रा का समापन शहीद स्थल पर शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण एवं श्रद्धासुमन अर्पित कर किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा के लिए महान विभूतियों एवं शहीदों का योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।

यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री का विभिन्न स्थानों पर स्थानीय नागरिकों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

इस अवसर पर दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, रणजीत सिंह नामधारी, किशन सिंह किन्ना, दर्जा राज्य मंत्री हुकम सिंह कुंवर, मोहन पाठक, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, जिला पंचायत सदस्य सागर सिंह धामी, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, अध्यक्ष नगर पंचायत नानकमत्ता प्रेम सिंह टुरना, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तम सिंह नेगी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं जनता उपस्थित रहे।

खटीमा में “जन-जन की सरकार, आपके द्वार” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गिनाई केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा 3 दिवसीय खटीमा प्रवास के दौरान रविवार को शहीद हरी किशन शिक्षण संस्थान, बगुलिया में आयोजित जन-जन की सरकार, मुख्य सेवक आपके द्वार कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का फूल मलाओं, थारू सांस्कृतिक नृत्य के साथ एवं अंगवस्त्र ओढ़ाकर जोरदार स्वागत किया गया। जिलाधिकारी द्वारा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित पंचमुखी हनुमान तस्वीर भेंट की गई। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्यमंत्री द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरिक्षण किया एवं ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत सदभावना सीएलएफ द्वारा संचालित दीदी कैफे का फीता काटकर शुभारम्भ किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आयोजित “जन-जन की सरकार, आपके द्वार” कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में केंद्र सरकार ने गरीब, किसान, महिला और युवाओं के हित में ऐतिहासिक फैसले लेकर देश को नई दिशा देने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि, मुफ्त राशन, उज्ज्वला योजना और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने पारदर्शिता और तकनीक के माध्यम से भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण किया है तथा योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, पर्यटन और हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू कर ऐतिहासिक पहल की है और नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है तथा भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है और “जन-जन की सरकार, आपके द्वार” कार्यक्रम इसी संकल्प को मजबूत करने का माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने खटीमा को अपना परिवार बताते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और भविष्य में भी विकास कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने क्षेत्रवासियों से राज्य को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प में सहभागी बनने का आह्वान किया।

जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि धामी सरकार प्रदेश की जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी केवल खटीमा ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की जनता की समस्याओं के प्रति सजग रहते हैं और जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हैं।

उन्होंने कहा कि खटीमा मुख्यमंत्री जी का गृह क्षेत्र होने के कारण उनसे इस क्षेत्र का विशेष भावनात्मक जुड़ाव है। मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में क्षेत्र की छोटी से छोटी समस्या का भी गंभीरता से समाधान किया जा रहा है। वहीं जिन मामलों का समाधान शासन स्तर पर आवश्यक होता है, उन्हें तत्काल मुख्यमंत्री जी के संज्ञान में लाया जाता है ताकि उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।

अजय मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में खटीमा सहित पूरे क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिली है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं, जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिल रहा है।

कार्यक्रम में मत्स्य विभाग द्वारा ओर्नामेंटल फिश यूनिट निर्माण कार्य के लिए संजीत कुमार को 1 लाख, 80 हजार एवं परदेशी राय को 1 लाख 20 हजार की धनराशि से लाभान्वित किया गया। कृषि विभाग द्वारा रुद्रपुर के शशिकांत वर्मा कृषि समाधान समिति सैजनी, सृजन स्वयं सहायता समूह खटीमा, राधा स्वयं सहायता समूह, मटिहा सितारगंज को 80 प्रतिशत अनुदान पर फार्म मशीनरी बैंक स्थापना हेतु 7.12 लाख एवं स्वायत सहकारिता गोलू स्वयं सहायता समूह भगचुरी खटीमा को 9.18 का अनुदान से लाभान्वित किया गया एवं 22 किसानों को रासायनिक उर्वरक वितरण किये गए। समाज कल्याण विभाग द्वारा 10 लोगों को सहायक उपकरण वितरित किये गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जननी सुरक्षा योजना से 5 महिलाओं को लाभान्वित किया गया। सहकारिता विभाग द्वारा प0 दीन दयाल योजना के अंतर्गत शून्य ब्याज दरों पर 1 लाख रूपये प्रति व्यक्ति से 8 लोगों को ऋण का चेक वितरित किया गया।

इस अवसर पर दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, रणजीत सिंह नामधारी, किशन सिंह किन्ना, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, जिला पंचायत सदस्य सागर सिंह धामी, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, अध्यक्ष नगर पंचायत नानकमत्ता प्रेम सिंह टुरना, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तम सिंह नेगी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं जनता उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा के बग्घा चौवन में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के बग्घा चौवन में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित विशेष जनसंपर्क अभियान में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में पहुंचने पर क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री का छोलिया एवं थारू सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुतियों तथा पुष्पमालाओं से भव्य स्वागत किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह दो दिवसीय खटीमा प्रवास पर हैं और अपने प्रवास के कार्यक्रमों की शुरुआत बग्घा चौवन से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण हुए हैं। इन 12 वर्षों में प्रधानमंत्री ने देशहित में अनेक ऐतिहासिक एवं दूरगामी निर्णय लिए हैं, जिनसे भारत आज विश्व में एक मजबूत शक्ति के रूप में उभरकर सामने आया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पदभार ग्रहण करने के बाद से ही जनकल्याण को केंद्र में रखते हुए अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं और अभियानों की शुरुआत की। मातृ शक्ति को सशक्त बनाने के उद्देश्य से “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान शुरू किया गया, जिससे बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर सुनिश्चित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से देशभर में स्वच्छता को जनआंदोलन बनाया गया और करोड़ों परिवारों को शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसी प्रकार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से माताओं और बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाने का कार्य किया गया। हर घर जल योजना के माध्यम से दूरस्थ और जल संकट वाले क्षेत्रों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का अभियान चलाया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से देश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उत्तराखंड में भी प्रत्येक पात्र नागरिक को पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क उपचार सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं में से एक है, जिसने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत दी है।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कठिन दौर में जब पूरी दुनिया प्रभावित थी और लोगों के रोजगार पर संकट आया था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना शुरू की गई, जिसके माध्यम से करोड़ों लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में भारत ने स्वदेशी वैक्सीन तैयार कर देशवासियों को निःशुल्क टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई तथा विश्व के अनेक देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराकर वैश्विक सहयोग और विश्व बंधुत्व का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से उत्तराखंड में भी अनेक ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्णय लिया है। युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप नकल माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए कई लोगों को जेल भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक क्षेत्र में विकास की गति तेज हो और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बग्घा चौवन क्षेत्र में भी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि क्षेत्रवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, दर्जा राज्यमंत्री रंजीत सिंह नामधारी, प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश भट्ट, राजपाल सिंह, विमला बिष्ट, सोमनाथ मौर्य, मोहन सिंह चुफाल, देवेंद्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी देवेश शाशनी, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. उत्तम सिंह नेगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के.के. अग्रवाल, उपजिलाधिकारी तुषार सैनी, हिमांशु कफल्टिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने गदरपुर में अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का लिया जायजा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज ऊधम सिंह नगर जनपद के गदरपुर क्षेत्र में आयोजित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल पर पहुंचकर प्रतियोगिता से संबंधित विभिन्न तैयारियों, खिलाड़ियों के लिए की जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी व्यवस्थाओं, आवागमन, ठहरने की व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक प्रबंधों का बारीकी से निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों एवं देश-विदेश से आने वाले प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं भी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का अनुभव लिया और कहा कि उत्तराखण्ड में साहसिक खेलों की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य की प्राकृतिक परिस्थितियां जल क्रीड़ा, पर्वतीय खेल और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए अनुकूल हैं। इस दिशा में सरकार द्वारा खेल सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक खेल अवसंरचना विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखण्ड को खेलों के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई जाए। इसके लिए खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करती हैं और उन्हें वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से केवल खेल गतिविधियों को ही बढ़ावा नहीं मिलता, बल्कि प्रदेश में पर्यटन, स्थानीय व्यवसाय, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलती है। उत्तराखण्ड की पहचान एक साहसिक पर्यटन राज्य के रूप में और अधिक मजबूत होगी तथा देश-विदेश के पर्यटक यहां की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ खेल गतिविधियों से भी जुड़ेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को जन-जन तक पहुंचाने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए कई स्तरों पर कार्य कर रही है। खेल प्रतिभाओं को चिन्हित कर उन्हें आगे बढ़ाने, प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता स्थल पर स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित की जाएं, ताकि यह आयोजन उत्तराखण्ड की बेहतर कार्य संस्कृति और आतिथ्य का उदाहरण बने।

इस अवसर पर विधायक अरविन्द पांडेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

गंभीर अथवा जन्मजात बीमारी से ग्रसित बच्चें की जानकारी निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र में देंः डीएम

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने जनपद में गंभीर एवं जन्मजात बीमारियों से ग्रसित ऐसे बच्चों के चिन्हीकरण एवं उपचार की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं, जिनके परिजन आर्थिक रूप से उपचार का व्यय वहन करने में सक्षम नहीं हैं। जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास विभाग को 06 वर्ष तक की आयु के बच्चों तथा मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून को 06 वर्ष से 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों एवं किशोरों के चिन्हीकरण हेतु विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में कोई भी बच्चा केवल आर्थिक अभाव के कारण उपचार से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन्मजात अथवा अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों की पहचान कर उनकी जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें समयबद्ध उपचार प्रदान किया जा सके।

डीएम ने बताया कि चिन्हित बच्चों का उपचार भारत सरकार के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत निःशुल्क कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त जिन गंभीर बीमारियों का उपचार आरबीएसके के तहत संभव नहीं होगा, उनके उपचार के लिए अन्य उपलब्ध वित्तीय संसाधनों एवं राइफल फंड का उपयोग किया जाएगा, जिससे बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में बाल विकास विभाग द्वारा जनपद में अब तक 06 वर्ष तक की आयु के 12 गंभीर रूप से बीमार बच्चों का चिन्हीकरण किया जा चुका है। इन बच्चों के उपचार एवं आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी प्रारंभ की जा रही है।

डॉ0 चौहान ने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य एवं भविष्य सुरक्षित करना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों के माध्यम से व्यापक सर्वेक्षण कर ऐसे बच्चों की पहचान में तेजी लाई जाए। साथ ही चिन्हित बच्चों के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर उपचार हेतु अग्रसारित किया जाए।

जिला प्रशासन का यह अभियान केवल एक प्रशासनिक कार्यवाही नहीं, बल्कि समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग के प्रति मानवीय दायित्व का निर्वहन है। जिला प्रशासन प्रत्येक जरूरतमंद बच्चे तक उपचार की सुविधा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी भी बच्चे का जीवन प्रभावित न हो।

जनपदवासियों से भी अपील की गई है कि यदि उनके संज्ञान में कोई ऐसा बच्चा है जो किसी गंभीर अथवा जन्मजात बीमारी से ग्रसित है और जिसका परिवार उपचार कराने में असमर्थ है, तो उसकी जानकारी निकटतम आंगनबाड़ी केन्द्र, विद्यालय, स्वास्थ्य केन्द्र अथवा संबंधित विभाग को उपलब्ध कराएं, ताकि उसे समय पर उपचार एवं सहायता प्रदान की जा सके।

नीट की पुनः परीक्षा को लेकर मुख्य सचिव ने ली बैठक, 21 जून को होनी है परीक्षा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली। मुख्य सचिव ने 21 जून, 2026 को आयोजित होने वाली नीट पुनर्परीक्षा की तैयारियों के सम्बन्ध में सभी आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि नीट परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और लीक-प्रूफ आयोजित कराए जाने हेतु अत्यधिक सुरक्षा एवं निगरानी के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने परीक्षार्थियों के लिए परिवहन विभाग की बसों में निशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराए जाने हेतु शीघ्र शासनादेश जारी किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों बारिश की सम्भावना को देखते हुए सड़कें बंद होने पर बैकअप प्लान भी तैयार रखे जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने 14 जून, 2026 को उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय पुनर्परीक्षा के लिए भी सभी आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों को सभी आवश्यक जांचें, संदिग्ध का वैरीफिकेशन, परीक्षार्थियों की चौकिंग आदि के साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही मुख्य सचिव ने 21 जून, 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा एवं आवश्यक तैयारियों के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी जनपद स्तर पर आयोजन स्थलों के लिए आवश्यक बुनियादी व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराएंगे। साथ ही आयोजन स्थलों के पास वाहन पार्किंग की व्यवस्था भी आवश्यक रूप से उपलब्ध करायी जाए।

इस अवसर पर अध्यक्ष उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग जी.एस. मार्ताेलिया, प्रमुख सचिव अमित कुमार सिरोही, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, एडीजी डॉ. वी. मुरूगेशन, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, आर. राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन एवं धीराज सिंह गर्ब्याल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जनपदों से जिलाधिकारी एवं एसएसपी उपस्थित थे।

सीएम धामी ने अधिकारियों को मानसून से पहले सभी तैयारियां पूर्ण करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में मानसून सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून प्रारम्भ होने से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन, जनसुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं एवं आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने के लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करें तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्ण तैयारी रखें।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून के बाद 15 नवम्बर, 2026 तक प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष आपदा प्रभावित क्षेत्रों में शेष कार्यों को मानसून शुरू होने से पहले पूरा किया जाए। पुलों, कल्वर्टों एवं ड्रेनेज सिस्टम की जांच कर आवश्यक मरम्मत कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएं तथा सभी नालों एवं जल निकासी मार्गों की सफाई मानसून से पूर्व सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने डेंगू, मलेरिया एवं अन्य जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग जीवनरक्षक दवाओं, चिकित्सा उपकरणों एवं एम्बुलेंस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करे। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनपदों में गर्भवती महिलाओं की अद्यतन सूची मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से प्राप्त कर नियमित रूप से अपडेट रखें। संवेदनशील एवं दुर्गम क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं के लिए निकटवर्ती अस्पतालों के आसपास ठहरने की व्यवस्था की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर हेली एम्बुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में भूस्खलन संभावित स्थलों, बाढ़ संभावित क्षेत्रों, नदी तटों एवं भू-कटाव वाले क्षेत्रों का अद्यतन मानचित्र तैयार किया जाए। साथ ही ऐसे गांवों, स्कूलों, अस्पतालों एवं अन्य महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सूची भी तैयार की जाए जो आपदा की दृष्टि से संवेदनशील हैं। चारधाम यात्रा मार्ग सहित राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर संवेदनशील स्थलों का विशेष निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों का भौतिक निरीक्षण किया जाए। जेसीबी, पोकलैंड, डंपर, क्रेन एवं अन्य आवश्यक मशीनरी को पहले से ही संवेदनशील स्थानों पर तैनात रखा जाए। जहां मानसून के दौरान सड़कें बार-बार बाधित होती हैं, वहां वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। सभी प्रभावी सचिव अपने-अपने जनपदों का भ्रमण कर मानसून के दृष्टिगत जनपदों में की गई तैयारियों का निरीक्षण करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में चेतावनी संकेतक एवं सूचना बोर्ड लगाए जाएं तथा प्रत्येक तहसील में राहत एवं बचाव सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र एवं जिला नियंत्रण कक्षों के बीच 24×7 समन्वय स्थापित किया जाए। मौसम संबंधी अलर्ट ग्राम स्तर तक त्वरित रूप से पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था की जाए तथा पर्यटकों एवं यात्रियों को समय पर मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने मानसून से पूर्व अतिक्रमण हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि जल निकासी एवं यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के दौरान विद्युत, पेयजल, सड़क, दूरसंचार एवं अन्य मूलभूत सेवाएं लंबे समय तक प्रभावित न हों। इसके लिए सभी संबंधित विभाग विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें। एसटीपी एवं पुलों के आसपास की विद्युत लाइनों का सुरक्षा ऑडिट भी कराया जाए।

कैंचीधाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण उत्पन्न होने वाली जाम की समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में कैंचीधाम बाईपास कल से आवागमन के लिए प्रारम्भ किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों को यातायात में बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून अवधि के दौरान सतर्कता, त्वरित कार्रवाई एवं प्रभावी समन्वय के माध्यम से जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम रखने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ब्रिक्स डिजास्टर रिस्क रिडक्शन वर्किंग ग्रुप की बैठक में उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल को मिली अंतरराष्ट्रीय सराहना पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, एसडीआरएफ, यूएलएमएमसी तथा आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी एजेंसियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य के समन्वित प्रयासों, तकनीक आधारित कार्यप्रणाली और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे सतत नवाचारों का परिणाम है।

इस अवसर पर सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने मानसून सीजन के दृष्टिगत की गई सभी तैयारियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

बैठक में कैबिनेट मंत्री आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक, उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन विनय कुमार रोहिला, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, रविनाथ रमन, धीराज गर्ब्याल, रणवीर सिंह चौहान, सी. रविशंकर, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वर्चुअल माध्यम से कुमांऊ कमिश्नर दीपक रावत, गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप एवं सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

सरकारी नौकरी में परीक्षा पास कर चयनित हुए अभ्यर्थियों को सीएम धामी ने दिए ज्वाइनिंग लेटर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से शहरी विकास, कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग, पशुपालन विभाग में विभिन्न पदों पर चयनित 221 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शहरी विकास, कौशल विकास एवं सेवायोजन तथा पशुपालन विभाग के अंतर्गत आज नवचयनित 221 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। राज्य में बीते साढ़े चार वर्षों में सरकार ने 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं से जोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा यह पल युवाओं की वर्षों के परिश्रम और संघर्ष की सफलता का स्वर्णिम क्षण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के चेहरों पर मुस्कान बताती है कि राज्य सरकार, सही दिशा में आगे बढ़ रही है। राज्य के युवा वर्तमान के साथ भविष्य की भी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नई स्टार्टअप नीति, राज्य में नया स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और युवा प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आर्थिक और तकनीकी रूप मजबूत किया जा रहा है। सरकार के प्रयासों से युवा आज अपने सपनों को लेकर पहले से कई अधिक आश्वस्त है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब युवाओं के सपनों और उनके माता-पिता के त्याग के साथ अन्याय होता था। पर आज रिकॉर्ड समय में भर्तियां पूरी हो रही हैं। पहले युवाओं को हताशा और निराशा मिलती थी, आज राज्य सरकार युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपने का काम करती है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होने देगी। उन्होंने कहा आज के दिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में पूरे 12 वर्ष पूरे हो रहे हैं। जो अपने आप में एक ऐतिहासिक दिन है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नकल माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। राज्य सरकार ने देश में सबसे कड़ा कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि आगे भी राज्य सरकार इसी रफ्तार, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ युवाओं को लगातार रोजगार के अवसर देती रहेगी। उन्होंने कहा विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि खाली पदों को भी तुरंत भरा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा सभी अभ्यर्थियों से सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि के मंत्र को अपना ध्येय मानकर हर गरीब, हर जरूरतमंद की समस्या का समाधान करने की बात कही। उन्होंने कहा नए अभ्यार्थी केवल सरकारी कर्मचारी नहीं हैं बल्कि उत्तराखंड के विकास के सहभागी भी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश, विकसित भारत-2047 के महान संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इस अमृतकाल में सभी ने मिलकर इस महायज्ञ में सक्रिय भागीदारी निभानी है और राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देना है।

कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि उत्तराखंड में एक समय ऐसा था जब लोग सरकारी नौकरी का सपना देखा करते थे, पर आज टैलेंटेड युवा अपनी मेहनत से सरकारी नौकरी पा रहा है। तय समय में युवाओ को नियुक्ति पत्र भी मिल रहे हैं। अब तक मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हजारों युवा को बिना किसी शिकायत के सरकारी नौकरी मिली है। मुख्यमंत्री धामी ने राज्य के बच्चों के भविष्य को संवारने का काम किया है। उन्होंने बताया कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के प्रशिक्षण प्रखण्ड के अन्तर्गत चयनित 173 अनुदेशकों, 04 वैयक्तिक सहायकों एवं पशुपालन विभाग में चयनित 09 वैयक्तिक सहायक को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे हैं।

कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिना सिफारिश के नियुक्तियां हो रही हैं। आज मेहनती बच्चों को ही पारदर्शिता से नौकरियां मिल रही हैं। बीते 2 वर्षों में शहरी विकास विभाग में 215 लोगों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। आज शहरी विकास विभाग में चयनित 35 सहायक लेखाकारों को नियुक्ति पत्र वितरण किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा आज युवा मुख्यमंत्री धामी पर भरोसा करते हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विधायक सविता कपूर, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र अणथ्वाल, भूपेंद्र कंडारी, सचिव नितेश झा, अपर सचिव सी. रविशंकर एवं अन्य लोग मौजूद रहे।