ऐतिहासिकः हल्द्वानी में 6.75 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक मीडिया सेन्टर का शिलान्यास, सीएम धामी ने किया बड़ा ऐलान

देवभूमि उत्तराखण्ड में पत्रकारों के सशक्तिकरण, आधुनिक सुविधाओं के विस्तार एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक पहल की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊँ मीडिया सेन्टर भवन, हल्द्वानी का विधिवत शिलान्यास किया।

₹6 करोड़ 75 लाख 88 हजार रुपये की लागत से निर्मित होने वाला यह अत्याधुनिक मीडिया सेन्टर कुमाऊँ मंडल के पत्रकारों के लिए एक समर्पित, सुसज्जित एवं बहुउद्देश्यीय केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को समर्पित एक आधुनिक केंद्र
मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह मीडिया सेन्टर केवल एक भवन नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभकृपत्रकारिताकृको समर्पित एक जीवंत मंच होगा। यह केन्द्र पत्रकारों की कर्मस्थली, विचार-विमर्श का संगम और जन-जन की आवाज को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करने का माध्यम बनेगा।उन्होंने कहा कि अब तक कुमाऊँ मंडल के पत्रकारों को कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए देहरादून पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन इस मीडिया सेन्टर के निर्माण के बाद अधिकांश कार्य हल्द्वानी से ही संचालित हो सकेंगे, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा मीडिया सेन्टर
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि इस भवन में आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें प्रमुख रूप से
आधुनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल।
हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधा।
डिजिटल स्टूडियो।
समृद्ध लाइब्रेरी।

’कैंटीन एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के साथ-साथ दूरस्थ क्षेत्रोंकृमुनस्यारी, बागेश्वर, कपकोट, पिथौरागढ़, चंपावत, अल्मोड़ा एवं रानीखेत आदि क्षेत्रों से आने वाले पत्रकारों के लिए आवासीय गेस्ट रूम की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे उन्हें आवागमन की कठिनाइयों से राहत मिल सके।

समाचार पत्रों के निरीक्षा कार्य होंगे सुगम
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि समाचार पत्रों से संबंधित निरीक्षा कार्य अब इसी मीडिया सेन्टर से संपन्न किए जाएंगे। इससे पारदर्शिता, दक्षता एवं त्वरित कार्यप्रणाली को बढ़ावा मिलेगा और पत्रकारों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं में आसानी होगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पत्रकारों के कल्याण एवं सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सरकार द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि
पत्रकार कल्याण कोष में वृद्धिरू कोष की राशि बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दी गई है, जिससे आकस्मिक निधन या गंभीर बीमारी की स्थिति में पत्रकारों के परिजनों को त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।अधिस्वीकृत पत्रकारों एवं उनके आश्रितों के लिए ₹5 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा लागू की गई है। इसके साथ ही 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ पत्रकारों को ₹8000(आठ हजार) प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह मीडिया सेन्टर हल्द्वानी को कुमाऊँ क्षेत्र का एक प्रमुख मीडिया हब बनाएगा। यहां से संचालित होने वाली पत्रकारिता न केवल क्षेत्रीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रभावी भूमिका निभाएगी।
उन्होंने पत्रकारों से आह्वान किया कि वे सकारात्मक पत्रकारिता को बढ़ावा दें, विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाएं तथा जहां कहीं कमियां हों, वहां निष्पक्ष रूप से सरकार को अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि “आपकी कलम ही सरकार के लिए मार्गदर्शक है और लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है।”

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि चंपावत जनपद के टनकपुर में मीडिया सेंटर गेस्ट हाउस का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है, जिससे सीमांत क्षेत्रों के पत्रकारों को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
इस अवसर पर मा० सांसद अजय भट्ट, मा०कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरम्वाल, विधायक सरिता आर्या,अध्यक्ष मीडिया सलाहकार समिति उत्तराखंड गोविन्द सिंह,मेयर हल्द्वानी गजराज सिंह,ब्लॉक प्रमुख हल्द्वानी मंजू गौड़, ब्लॉक प्रमुख भीमताल हरीश बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट,
उत्तराखंड सरकार में दर्जा राज्यमंत्री डॉ अनिल कपूर डब्बू, ध्रुव रौतेला, दिनेश आर्या, सुरेश भट्ट, शंकर कोरंगा, नवीन वर्मा,दीपक मेहरा,दिनेश मानसेरा,
के अतिरिक्त महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल,एसएसपी डॉ मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डे,उपनिदेशक सूचना बद्रीचंद्र, जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी, सूचना अधिकारी अहमद नदीम, व्यवस्था अधिकारी रामपाल उत्तराखंड पेयजल निर्माण निगम के महाप्रबंधक कुमाऊं अनूप कुमार पाण्डे, परियोजना प्रबंधक एस पी बड़ौनी
सहित प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पत्रकार बंधु कार्यक्रम में मौजूद रहे।

कुमाऊँ मीडिया सेन्टर का निर्माण उत्तराखण्ड में मीडिया इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह पहल पत्रकारों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ राज्य में पारदर्शी, जवाबदेह एवं सशक्त लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।यह ऐतिहासिक कदम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व और पत्रकार हितैषी नीतियों का प्रतीक है, जो आने वाले समय में उत्तराखण्ड को मीडिया सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

यदि गांव विकसित होंगे, तो राज्य और राष्ट्र स्वतः ही विकास ऊँचाइयों को प्राप्त करेगाः धामी

विकास खण्ड सभागार खटीमा में जन जन की सरकार, मुख्यमंत्री संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंचायत व निकाय जनप्रतिनिधियों से संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आत्मा हमारे गांवों में बसती है और देश की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब हमारे गाँव और कस्बे सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने कहा कि यदि गांव विकसित होंगे, तो राज्य और राष्ट्र स्वतः ही विकास ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा। यही कारण है कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, वी बी जीरामजी, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छता अभियान जैसी अनेकों योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य सरकार भी विभिन्न नीतियों और योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवथा को और अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जहां एक ओर एक जनपद, दो उत्पाद योजना और हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से अपने पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान दिलाने का काम कर रहे हैं। वहीं, स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहलों के माध्यम से हम प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए व्यापक रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी पहलों ने न केवल हमारी ग्रामीण आर्थिकी को सशक्त किया है, बल्कि स्थानीय युवाओं को उनके गांव में ही रोजगार के अवसर प्रदान कर पलायन पर भी प्रभावी अंकुश लगाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि हम आज जहां एक ओर प्रदेश की लाखों महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आर्थिक रूप से भी सशक्त बना रहे हैं। साथ ही रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर सेंटर योजना के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और उद्यमिता को भी निरंतर प्रोत्साहित कर रहे हैं। ये हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि आज राज्य की 2 लाख 65 हजार से अधिक बहनों ने ष्लखपति दीदीष् बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में नया इतिहास रचा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा राज्य के शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में भी निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमने एक ओर जहां क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए गदरपुर-खटीमा बाईपास और नौसर में पुल का निर्माण कराया है, वहीं पूरे क्षेत्र में सड़कों के व्यापक नेटवर्क का विकास भी सुनिश्चित किया है। इसके साथ ही, खटीमा में अत्याधुनिक बस स्टैंड का निर्माण कराकर यातायात सुविधाओं को सुदृढ़ किया है, जिससे आज आमजनों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर परिवहन व्यवस्था उपलब्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि हमने खटीमा में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना करने के साथ-साथ चकरपुर में राष्ट्रीय स्तर के आधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण भी कराया है। इसके अलावा, खटीमा में आधुनिक आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेज तथा 100 बेड के नए अस्पताल परिसर का निर्माण कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ष्साथी केंद्रष् की स्थापना भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा और टनकपुर के बीच एक भव्य सैन्य स्मारक भी बनाने जा रहे हैं, जिस पर जल्द ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हमने एक ओर जहां राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी की कक्षाएं शुरू कराई, वहीं जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय का संचालन भी प्रारंभ किया। उन्होंने कहा कि उधमसिंह नगर जनपद के किच्छा में 351 करोड़ रूपए की लागत से 100 एकड़ भूमि पर एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। हम पंतनगर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का हवाईअड्डा का निर्माण भी करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहाँ सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में अरोमा पार्क, काशीपुर में इलैक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर और पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना की है। वहीं, हम खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी की स्थापना के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र के विकास को गति देने का प्रयास भी कर रहे हैं। इसके साथ ही, हम लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से मानूनगर-गदरपुर से दिनेशपुर-मटकोटा होकर सीधे हल्द्वानी को जोड़ने वाले मोटर मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य भी करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम जहां एक ओर लगभग 590 करोड़ रुपए की लागत से रूद्रपुर बाईपास निर्माण करा रहे हैं, वहीं, रूद्रपुर को खटीमा-टनकपुर एवं गदरपुर-जसपुर से जोड़ने वाली चार लेन सड़कों का निर्माण भी करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण पुनः प्रारंभ कर पूरे तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान करने का ऐतिहासिक कार्य भी किया है। हमारी सरकार ने गन्ना किसानों की आय में बढ़ोतरी करने के उद्देश्य से गन्ने के समर्थन मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि भी की है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश में सुनियोजित लैंड जिहाद पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 12 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को लैंड जिहादियों से मुक्त कराया है। उन्होंने कहा कि हमनें 550 के करीब अवैध मजारों को ध्वस्त किया है, वहीं वन भूमि पर अतिक्रमण करके बनाई गई अवैध मस्जिदों को भी हटाया है। इसके साथ ही, हमने प्रदेश में दंगों की राजनीति करने वालों को सबक सिखाने के लिए एक सख्त दंगारोधी कानून बनाकर दंगों में होने वाले नुकसान की भरपाई भी दंगाईयों से ही करने का काम किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सड़कों पर कब्जा कर धार्मिक आयोजन करने वालों के लिए सख्त दिशा निर्देश जारी किए हैं जिसके अंतर्गत हमने यातायात को बाधित कर सड़कों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगाई है। इसके अलावा, हाल ही में हमारी सरकार ने राज्य में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है। जिसके अंतर्गत अब उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित हो पाएंगे, जिनमें हमारे सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य में अवैध रूप से संचालित लगभग 250 से अधिक मदरसों को भी बंद करवाया है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि राज्य में शिक्षा के मंदिर स्थापित हों, जहां तय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाए, न कि शिक्षा के नाम पर बच्चों को अलगाववादी मानसिकता की ओर धकेला जाए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार राज्य में सनातन संस्कृति को बदनाम करने वाले पाखंडियों के विरुद्ध भी ऑपरेशन कालनेमि के माध्यम से भी सख्त कार्रवाई कर रही है। हमारी सरकार ने ही भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। इसी का परिणाम है कि पिछले 4 वर्षों में राज्य के 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू होने के बाद हमने बीते 4 वर्षों में 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाया है, जिन्होंने पूर्व की सरकारों के समय उत्तराखंड में नकल को एक उद्योग बना दिया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने समाज में व्याप्त असमानताओं को समाप्त करने तथा सभी के लिए समान अधिकार एवं न्याय सुनिश्चित करने के लिए देश में सबसे पहले ष्समान नागरिक संहिताष् कानून को लागू करने का साहसिक कार्य भी किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में धर्मांतरण का खेल चल रहा था। हाल ही में इस क्षेत्र में भी कई धर्मांतरण के मामले सामने आये थे, लेकिन हमने ये गलत काम करने वालों को ऐसा सबक सिखाया है कि अब ये पाखंडी और घुसपैठिए स्वतः ही अपना बोरिया बिस्तर उठाकर राज्य छोड़कर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ष्विकल्प रहित संकल्प” को पूर्ण करने के लिए लगातार काम कर रही है। और मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारे इस संकल्प को साकार करने में खटीमा के मेरे आप सभी परिवारजन इसी प्रकार हमारी सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपना योगदान देते रहेंगे।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद रमेश चंद्र जोशी, अध्यक्ष ग्राम प्रधान संगठन आशा बिष्ट, ज्येष्ठ प्रमुख भागीरथी राणा, कनिष्ठ प्रमुख गौरव नेगी, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, पंकज उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ उत्तम सिंह नेगी, परियोजना निदेशक डीआरडीए हिमांशु जोशी, जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल, सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

89 लाख रुपये की विकास योजनाओं का खटीमा में हुआ लोकार्पण, सीएम धामी ने गिनाई सरकार की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने खटीमा भ्रमण के दौरान विकासखंड कार्यालय परिसर में शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और जनसुविधाओं को नई दिशा देने वाली विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने लगभग 89 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुई परियोजनाओं का लोकार्पण करते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए लगातार कार्य कर रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 55 लाख रुपये की लागत से निर्मित आधुनिक “दीदी की लाइब्रेरी”, 7.50 लाख रुपये की लागत से नवीनीकृत,आधुनिकीकृत व्यायामशाला भवन तथा 26.50 की लागत से विकासखंड सभागार के आधुनिकीकरण कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि ये सभी सुविधाएं क्षेत्र के विद्यार्थियों, युवाओं एवं आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी तथा शिक्षा विकास की नई संभावनाओं को गति देंगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति का सबसे मजबूत आधार होती है। खटीमा में स्थापित की गई दीदी की लाइब्रेरी विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए ज्ञान का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह पुस्तकालय छात्रों को शांत एवं अनुकूल अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराएगा, जिससे वे अपने लक्ष्य निर्धारण के साथ बेहतर तैयारी कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं सीमांत क्षेत्रों के अनेक प्रतिभाशाली छात्र संसाधनों की कमी के कारण गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सुविधाओं से वंचित रह जाते थे। नई लाइब्रेरी ऐसे विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगी,यहां उपलब्ध पुस्तकों, अध्ययन सामग्री से युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा तथा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी करने का अवसर मिलेगा। यह पुस्तकालय केवल किताबों का संग्रह नहीं बल्कि युवाओं के सपनों को साकार करने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में लगातार कार्य कर रही है, इसी क्रम में इस लाइब्रेरी का संचालन भी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा संचालित किया जयेगा जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक युवा अपनी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ सके। इसके लिए शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ आधुनिक अध्ययन सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है। खटीमा में स्थापित यह लाइब्रेरी आने वाले वर्षों में हजारों विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने व्यायामशाला भवन के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण को भी युवाओं के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। आधुनिक उपकरणों एवं बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित व्यायामशाला युवाओं को फिटनेस, खेलकूद और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने में सहायक होगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में फिट इंडिया मूवमेंट और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दिया जा रहा है। उत्तराखंड सरकार भी युवाओं को नशामुक्त, स्वस्थ और अनुशासित जीवन की ओर प्रेरित करने के लिए खेल एवं फिटनेस से जुड़ी सुविधाओं का लगातार विस्तार कर रही है। आधुनिक व्यायामशाला स्थानीय युवाओं को नियमित व्यायाम, शारीरिक दक्षता और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में समान रूप से कार्य कर रही है, ताकि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच सके। खटीमा उनका गृह क्षेत्र होने के साथ-साथ विकास के प्रति उनकी विशेष प्रतिबद्धता का भी केंद्र है और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के माध्यम से क्षेत्र के छात्र-छात्राओं और युवाओं को अपने सपनों को साकार करने तथा आत्मनिर्भर भविष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए मजबूत आधार प्राप्त होगा।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद रमेश चंद्र जोशी, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, पंकज उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ उत्तम सिंह नेगी, जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

श्री आनंद धर्मशाला सेवा, समर्पण और परोपकार की भावना का सजीव प्रतीकः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में श्री आनंद धर्मशाला ट्रस्ट द्वारा निर्मित धर्मशाला के लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की तथा इस अवसर पर आनंद धर्मशाला ट्रस्ट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षत्रिय एकलौता समाज ने सदैव अपने परिश्रम, साहस और संस्कारों के बल पर समाज एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि खेती, व्यापार, शिक्षा, समाज सेवा तथा देश की सुरक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में इस समाज के लोगों ने उल्लेखनीय कार्य किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल तथा अन्य सुरक्षा बलों में सेवाएं देकर समाज के वीर सपूत राष्ट्र की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ बना रहे हैं। उन्होंने श्री आनंद धर्मशाला ट्रस्ट द्वारा धार्मिक जागरण, सांस्कृतिक संरक्षण और मानव कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि श्री आनंद धर्मशाला सेवा, समर्पण और परोपकार की भावना का सजीव प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार भारत की आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति का प्रवेश द्वार है, जहां देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु माँ गंगा की गोद में आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करते हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धर्मशाला का निर्माण पुण्य और सराहनीय कार्य है तथा यह आगामी कुंभ और चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले हरिद्वार कुंभ को भव्य, दिव्य और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि घाटों के पुनरुद्धार, सड़क व्यवस्था, स्वच्छता, यातायात और मूलभूत सुविधाओं के विकास हेतु तेजी से कार्य किए जा रहे हैं, ताकि हर श्रद्धालु को सुव्यवस्थित और सुरक्षित अनुभव प्राप्त हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति को वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम पुनर्विकास, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकाल लोक जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड में भी केदारखंड एवं मानसखंड क्षेत्रों के प्राचीन मंदिरों के पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण के कार्य निरंतर प्रगति पर हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, सनातन मूल्यों और सामाजिक समरसता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। उन्होंने इसे मातृशक्ति के सम्मान और न्यायपूर्ण समाज की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि निर्धारित स्थलों पर ही धार्मिक आयोजन सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जिस प्रकार पतित पावनी माँ गंगा करोड़ों श्रद्धालुओं को आस्था, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करती हैं, उसी प्रकार श्री आनंद धर्मशाला भी आने वाले समय में श्रद्धालुओं, जरूरतमंदों और समाज के लिए सेवा, सहयोग और सुविधा का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी।
इस अवसर पर हरी चेतना नन्द महाराज महामंडलेश्वर, कैलाश विजयवर्गीय मंत्री नागरिक प्रशासन मध्य प्रदेश, विनय रोहिला उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन, विशाल पटेल पूर्व विधायक देपालपुर इन्दौर, संतोष पटेल, उपाध्यक्ष आनंद ट्रस्ट धर्मशाला, आशाराम सिसोदिया अध्यक्ष महाकालीका ट्रस्ट इन्दौर, सीताराम पटेल अध्यक्ष देवास छात्रावास, जिलाध्यक्ष भाजपा आशुतोष शर्मा, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर, पुलिस अधीक्षक देहरादून प्रमेन्द्र सिंह डोभाल, उप जिलाधिकारी हरिद्वार जितेन्द्र कुमार, योगेश मेहरा सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए ट्रस्टी एवं श्रद्धालू मौजूद रहे।

पारिवारिक परिस्थितियों से निस्तेज हुई बालिकाओं की शिक्षा के दीपक में शिक्षारूपी लौ जला रहा प्रोजेक्ट “नंदा-सुनंदा”

जिला प्रशासन देहरादून द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट “नंदा-सुनंदा” के 15वें संस्करण में आज ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में 39 जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित करते हुए रू0 12.98 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बालिकाओं को चेक वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा शिक्षा के प्रति निरंतर समर्पित रहने का संदेश दिया। नंदा-सुनंदा 15वें संस्करण में प्राइमरी की 12, अपर प्राइमरी की 9, सेकेंडरी की 5, सीनियर सेकेंडरी की 7, ग्रेजुएशन की 5 तथा पोस्ट ग्रेजुएशन की 1 बालिका को सहायता प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान भावुक क्षण तब आए जब बालिकाओं एवं उनकी माताओं ने अपनी जीवन संघर्ष की कहानी साझा की। कई बालिकाओं ने बताया कि पिता की मृत्यु, आर्थिक तंगी, पारिवारिक संकट अथवा एकल अभिभावक की परिस्थितियों के कारण उनकी शिक्षा बीच में रुकने की स्थिति में पहुंच गई थी। उनकी पीड़ा सुनकर सभागार में उपस्थित अधिकारी, कर्मचारी एवं अभिभावकों की आंखें नम हो गईं।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक हैं, लेकिन मजबूत इच्छाशक्ति से हर कठिन परिस्थिति का सामना किया जा सकता है। उन्होंने बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें प्राप्त अवसरों का पूरा उपयोग कर अपने लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि “नंदा-सुनंदा” मा० मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में संचालित एक संवेदनशील पहल है, जिसका उद्देश्य आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर बालिकाओं की शिक्षा को बाधित होने से बचाना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी प्रतिभा आर्थिक अभाव के कारण पीछे न रह जाए। जिलाधिकारी ने इस अभियान से जुड़े समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ग्राउंड टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को नई उड़ान देने का अभियान है।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि बच्चों को पूरी जिम्मेदारी और लगन से पढ़ाई करनी चाहिए, ताकि आगे चलकर वे स्वयं सक्षम बनें और समाज के अन्य जरूरतमंद लोगों के लिए भी सहयोग का माध्यम बन सकें। उन्होंने कहा कि सरकार एवं जिला प्रशासन हर हाल में यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक अभाव में न रुके। कार्यक्रम में कई प्रेरणादायक उदाहरण सामने आए।

अंशिका शर्मा, एमएससी द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा ने बताया कि उनकी माता आंगनबाड़ी कार्यकर्ती हैं तथा आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पढ़ाई जारी रखना कठिन हो गया था। मदीहा बेग, बीसीए द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा ने बताया कि पिता की मृत्यु के बाद उनकी माता सिलाई कर परिवार चला रही हैं। तनिष्का मेहर ने कहा कि पिता के निधन के बाद पूरा परिवार मां के सहारे है और आर्थिक संकट के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। हर्षिता, बीएससी ओटीटी की छात्रा ने बताया कि उनकी विधवा माता सिलाई कार्य कर परिवार चला रही हैं और फीस भरना संभव नहीं था। आंचल पुण्डीर, बीएससी नर्सिंग की छात्रा ने कहा कि आर्थिक अभाव के कारण उनकी शिक्षा रुकने की स्थिति में थी। अमृता शर्मा, बीए-बीएड की छात्रा ने बताया कि वर्ष 2020 में पिता के निधन के बाद उनकी माता आंगनबाड़ी कार्यकर्ती के रूप में परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। सभी 39 बालिकाओं ने जिला प्रशासन द्वारा मिली सहायता का सदुपयोग करते हुए आगे बढ़ने तथा सफल होकर समाज के जरूरतमंद एवं असहाय लोगों की सेवा करने का संकल्प लिया।

जिला प्रशासन का यह प्रोजेक्ट अब तक 175 बालिकाओं की शिक्षा को नया जीवन दे चुका है। अब तक कुल रू0 57 लाख की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत प्राइमरी की 41, अपर प्राइमरी की 31, सेकेंडरी की 24, सीनियर सेकेंडरी की 31, ग्रेजुएशन की 34, पोस्ट ग्रेजुएशन की 6, पीएचडी की 2, एएनएम की 1, सिविल इंजीनियरिंग की 1, एमबीबीएस की 1, होटल मैनेजमेंट की 1 तथा स्किल डेवलपमेंट की 2 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की जा चुकी है।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, संबंधित क्षेत्रों की सीडीपीओ, अन्य अधिकारी, कार्मिक, बालिकाएं एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव बर्द्धन ने की चारधाम यात्रा की समीक्षा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आपदा नियंत्रण कक्ष, आईटी पार्क जाकर चारधाम यात्रा की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा को लेकर व्यवस्था चाकचौबन्द किए जाने हेतु जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि चारों धामों में श्रद्धालुओं को दर्शन सुगमता एवं सरलता से हों एवं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए जिला प्रशासन, बीकेटीसी एवं हितधारकों को आपसी सामंजस्य से सभी आवश्यक सुविधाएं एवं सेवाएं उपलब्ध करानी होंगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने पर पिछले वर्षों की भांति रात्रिकालीन दर्शन की व्यवस्था को सुचारू किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने यात्रा के विभिन्न पड़ावों में निचले क्षेत्रों में होल्डिंग एरिया में श्रद्धालुओं को रखे जाने के निर्देश देते हुए होल्डिंग एरिया में सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने आने वाले मानसून सीजन को लेकर भी जिलाधिकारियों को अपने जनपदों में सभी आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी होल्डिंग एरिया को अभी से एक्टिवेट कर लिया जाए। साथ ही, सभी सम्बन्धित जनपद भारी वर्षा और भूस्खलन आदि के दृष्टिगत होल्डिंग एरिया एवं निकासी योजना तैयार रखें। उन्होंने युकाडा को भी अपनी निकासी योजना तैयार रखे जाने के निर्देश दिए, ताकि एयरलिफ्ट कराए जाने की परिस्थिति में पहले से व्यवस्थाएं उपलब्ध रहें । उन्होंने सम्बन्धित सभी जनपदों को राशन सहित अन्य आवश्यक सामग्री का भी समुचित स्टॉक रखे जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण के साथ ही स्वास्थ्य जांच पर विशेष ध्यान दिये जाने के निर्देश दिए। कहा कि 60 वर्ष से अधिक एवं बहुत छोटे बच्चों को लेकर जाने वाले श्रद्धालुओं एवं बीमार लोगों को यात्रा न करने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए लगातार प्रचार प्रसार भी किया जाए।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली, सचिन कुर्वे, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव विनोद कुमार सुमन, धीराज गर्ब्याल एवं एडीजी डॉ. वी. मुरूगेशन सहित सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने “क्यालु हिम तेंदुआ” शुभंकर का किया अनावरण, प्रतिभागियों के साथ प्रतीकात्मक दौड़ में हुए शामिल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 के काउंटडाउन रन कार्यक्रम का फ्लैग ऑफ किया और मशाल प्रज्ज्वलित कर प्रतीकात्मक दौड़ में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 31 मई 2026 को होने वाले नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन के शुभंकर क्यालु- हिम तेंदुआ का अनावरण भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों में नई ऊर्जा, नए अवसर और नए विश्वास को जागृत करने का अभियान है। उन्होंने कहा कहा कि कार्यक्रम में युवाओं का उत्साह, ऊर्जा और आत्मविश्वास यह दर्शाता है कि देवभूमि उत्तराखंड के युवाओं में साहस, संकल्प और देश के लिए कुछ बड़ा करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा है। उन्होंने कहा कि आज यहां गूंज रहे युवाओं के कदम आने वाले समय में नीति घाटी की ऊंचाइयों पर इतिहास रचेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौड़ केवल शारीरिक क्षमता की परीक्षा नहीं, बल्कि इच्छाशक्ति, धैर्य और आत्मविश्वास को मजबूत करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि नीति घाटी जैसे दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में दौड़ने के लिए बुलंद हौंसला, हिमालय जैसा अडिग विश्वास और चुनौतियों को स्वीकार करने का साहस आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों को देवभूमि उत्तराखंड के साहस, पर्यटन और सामर्थ्य का ब्रांड एंबेसडर बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड केवल प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ता नया उत्तराखंड है। उन्होंने कहा कि नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन नए उत्तराखंड की शक्ति और सामर्थ्य के प्रदर्शन का प्रतीक बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह विजन कि सीमावर्ती गांव देश के अंतिम नहीं, बल्कि पहले गांव हैं, इस आयोजन के माध्यम से साकार हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, रोजगार, होमस्टे, स्थानीय उत्पादों और युवा उद्यमिता को नई गति प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 31 मई को नीति घाटी की पावन एवं दुर्गम धरती पर आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम उत्तराखंड के खेल एवं एडवेंचर टूरिज्म के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय लिखेगा। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के 27 राज्यों और 2 अन्य देशों से 900 से अधिक प्रतिभागियों ने इस महाआयोजन के लिए पंजीकरण कराया है, जो युवाओं में इस आयोजन के प्रति बढ़ते आकर्षण का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में फिट इंडिया मूवमेंट, खेलो इंडिया एवं राष्ट्रीय खेलों जैसे अभियानों के माध्यम से खेल और फिटनेस को जनआंदोलन बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी उत्तराखंड को देश का अग्रणी एडवेंचर स्पोर्ट्स एवं स्पोर्ट्स टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे पूरे आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ दौड़ में प्रतिभाग करें तथा सुरक्षित रूप से इसे पूर्ण कर 31 मई को नीति घाटी में नया इतिहास रचें। उन्होंने सभी प्रतिभागियों एवं आयोजकों को कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

इस अवसर पर सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पर्यटन विकास परिषद नरेन्द्र भंडारी एवं अनेक प्रतिभागी मौजूद थे।

डीएम के प्रयासों से कैंसर पीड़ित विधवा को मिली आर्थिक सहायता, बच्चों की शिक्षा और उपचार में मिला सहारा

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन एवं जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में जिला प्रशासन देहरादून द्वारा जरूरतमंद, असहाय एवं वंचित परिवारों के कल्याण हेतु संवेदनशीलता, तत्परता एवं मानवीय दृष्टिकोण के साथ निरंतर कार्य किया जा रहा है। जिला प्रशासन केवल प्रशासनिक दायित्वों तक सीमित न रहकर पीड़ित एवं संकटग्रस्त परिवारों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहा है। उपचार, शिक्षा, आर्थिक सहायता, रोजगार एवं ऋण राहत जैसे विषयों पर जिला प्रशासन द्वारा सैकड़ों प्रकरणों का प्रभावी निस्तारण कर जरूरतमंदों को नई आशा एवं संबल प्रदान किया गया है।
डोईवाला निवासी कैंसर पीड़ित एकल महिला सुनीता कलवार को जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण आर्थिक एवं शैक्षिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। सुनीता कलवार ने जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत होकर अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि वह एक विधवा महिला हैं तथा कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय होने के कारण उनके समक्ष उपचार एवं बच्चों की शिक्षा दोनों को जारी रखना कठिन हो गया था। उन्होंने अपने दोनों बच्चों की शिक्षा बाधित न हो, इसके लिए फीस माफी एवं आर्थिक सहयोग प्रदान किए जाने का अनुरोध किया था।
प्रकरण को गंभीरता एवं संवेदनशीलता से लेते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा तत्काल आवश्यक निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन द्वारा रायफल क्लब फंड से विधवा सुनीता कलवार को रू0 50,000 की आर्थिक सहायता स्वीकृत एवं उपलब्ध कराई गई। इसके अतिरिक्त उनके पुत्र का विद्यालय में दाखिला सुनिश्चित कराया गया, जबकि उनकी पुत्री की बाधित शिक्षा को जिला प्रशासन की महत्वाकांक्षी पहल ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के माध्यम से पुनः प्रारंभ कराया गया। जिला प्रशासन की इस पहल से दोनों बच्चों के भविष्य को नई दिशा एवं सुरक्षा मिली है।
उल्लेखनीय है कि सुनीता कलवार का 11 जुलाई 2024 को जौलीग्रांट स्थित अस्पताल में कैंसर का ऑपरेशन हुआ था तथा वर्तमान में उनका उपचार निरंतर जारी है। उपचार के दौरान आर्थिक एवं सामाजिक चुनौतियों से जूझ रहे इस परिवार को जिला प्रशासन ने न केवल आर्थिक सहायता प्रदान की, बल्कि मानवीय सहयोग एवं भरोसे का भी संबल दिया है। जिला प्रशासन द्वारा उनके उपचार एवं पारिवारिक सहयोग के लिए लगातार समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन द्वारा विगत वर्षों में भी अनेक जरूरतमंद परिवारों को लाखों रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। साथ ही विद्युत एवं जल संबंधी बकाया प्रकरणों के निस्तारण, बैंक ऋण राहत, चिकित्सा सहायता एवं रायफल क्लब फंड से सहयोग उपलब्ध कराकर कई परिवारों को राहत पहुंचाई गई है। वहीं ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के माध्यम से सैकड़ों जरूरतमंद एवं असहाय बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित कर उन्हें पुनः मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। जिला प्रशासन की यह पहल शासन की संवेदनशील एवं जनकल्याणकारी कार्यशैली का प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिसमें प्रशासन जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने हेतु प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

फॉरेस्ट गार्ड के एक हजार पदों पर होगी नई नियुक्तियांः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में वनाग्नि नियंत्रण, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं एवं मानसून तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन संपदाओं को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा वनाग्नि की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि वनाग्नि की सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचें।

वनाग्नि नियंत्रण के लिए शीतलखेत मॉडल अपनाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने वनाग्नि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए शीतलखेत मॉडल को प्रदेशभर में लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने फायर लाइन के आसपास छोटी-छोटी तलैया बनाने, वनाग्नि रोकथाम के लिए ठोस एक्शन प्लान तैयार करने तथा आग बुझाने वाले कार्मिकों को पर्याप्त उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए।

मुख्यमंत्री ने फॉरेस्ट गार्ड की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक हजार नई नियुक्तियां करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम समितियों एवं वन पंचायतों को वनाग्नि रोकथाम के लिए नियमानुसार आवश्यक बजट उपलब्ध कराने को कहा। मुख्यमंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग के प्रत्येक डिवीजन में पशु चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने मोबाइल अलर्ट प्रणाली के माध्यम से संबंधित क्षेत्रों में वनाग्नि की सूचना तत्काल उपलब्ध कराने पर बल दिया।

पेयजल और विद्युत व्यवस्था सुचारू रखने पर जोर

ग्रीष्मकाल को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल टैंकरों की पूरी उपलब्धता बनी रहे तथा क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को शीघ्र सुचारू किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को पेयजल के लिए किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ तीर्थाटन एवं पर्यटन स्थलों पर भी पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विद्युत आपूर्ति निर्बाध बनी रहे और ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिए और अधिक प्रभावी प्रयास किए जाएं।

मानसून तैयारियों की समीक्षा, प्रभारी सचिव करेंगे स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपदों के प्रभारी सचिव अपने-अपने जिलों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लें तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए।

अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों का फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पतालों में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं का पूरा डाटा सुरक्षित रखा जाए तथा मानसून काल में उन्हें अस्पतालों तक पहुंचाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा पर जाने वाले जिन श्रद्धालुओं को स्क्रीनिंग टेस्ट में स्वास्थ्य की दृष्टि से फिट नहीं पाया जा रहा है, उन्हें यात्रा न करने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सकुशल यात्रा कराना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्रा, सचिव सचिन कुर्वे, सी. रविशंकर, रणवीर सिंह चौहान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

दून डीएम का मानवीय निर्णय, 64 हजार का ऋण कराया जमा, रोजगार को रायफल क्लब फंड से दिए 25 हजार

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने एक बार फिर संवेदनशील एवं मानवीय प्रशासन का परिचय देते हुए ईस्ट पटेल नगर निवासी शत-प्रतिशत दिव्यांग संजीव कुमार को बड़ी राहत प्रदान की है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने आर्थिक तंगी और सामाजिक संकट से जूझ रहे दिव्यांग की फरियाद सुनते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए 64 हजार 915 रुपये की बकाया ऋण राशि सीएसआर फंड से जमा कराने के निर्देश दिए। 03 नौनिहाल बालिकाओं के 100 दिव्यांग पिता व 65 प्रतिशत् दिव्यांग माता के उपर से 64 हजार का बोझिल ऋण से जीविका उपार्जन के अति कठिन साधन व लाचारी में जिला प्रशासन देहरादून द्वारा मदद का हाथ बढाते हुए ऋण माफी के साथ ही रोजगार हेतु रायफल क्लब फंड से 25 हजार आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
संजीव कुमार ने वर्ष 2018 में उत्तराखण्ड बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम, देहरादून से मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान खोलने हेतु 50 हजार रुपये का ऋण लिया था। प्रारम्भिक अवधि में उन्होंने लगभग 15 से 20 किश्तों का भुगतान भी किया, किन्तु वर्ष 2020 में कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण उनका व्यवसाय पूरी तरह बंद हो गया। आर्थिक संकट गहराने पर वे शेष किश्तें जमा नहीं कर सके।
ऋण अदायगी न होने पर निगम द्वारा 64,915 रुपये की आरसी तहसील देहरादून भेज दी गई। दिव्यांग दंपति केवल 3000 रुपये की पेंशन पर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी थी कि बेटियों की शिक्षा तक प्रभावित होने लगी थी। प्रार्थी ने जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत होकर अवगत कराया कि अमीन द्वारा तहसील जेल भेजने की धमकी दी जा रही है, जिससे पूरा परिवार भय और मानसिक तनाव में जी रहा था।
मामले की गंभीरता और मानवीय पक्ष को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लिया तथा प्रभारी अधिकारी शस्त्र को निर्देशित किया कि दिव्यांग संजीव कुमार की बकाया ऋण राशि राइफल क्लब फंड से जमा कराई जाए, ताकि परिवार को राहत मिल सके और आरसी की कार्रवाई समाप्त हो सके।
जिलाधिकारी ने केवल आर्थिक राहत तक ही स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में भी पहल की। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास को निर्देशित किया कि संजीव कुमार की 3 बेटियों को प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत शिक्षा सहायता प्रदान करने हेतु प्रकरण की जांच कर शीघ्र आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, जिससे उनकी शिक्षा निर्बाध रूप से जारी रह सके। जिला प्रशासन की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई से एक जरूरतमंद परिवार को नया संबल मिला है।  जिला प्रशासन केवल प्रशासनिक दायित्वों तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक राहत पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त होने वाले ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सहायता से वंचित न रहे।