दून डीएम का ऑपरेशन सफाई, 96 अवैध होमस्टे का पंजीकरण निरस्त, एक्शन निरंतर जारी

जनपद में कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार होमस्टे संचालन की गहन जांच कराई जा रही है। जांच में मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर जिला प्रशासन द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 96 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। जिसमें प्रथम चरण में 17 तथा द्वितीय चरण में 79 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए गए हैं। संबंधित होमस्टे को विभागीय वेबसाइट से भी विलोपित करने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है।

जिले में होटल रूप में शहरी धनाडय अमीरों के होमस्टे पर डीएम ने कार्रवाई का डंडा चला दिया है। इसी क्रम में जिला प्रशासन की मजिस्टेªट टीमों ने अब तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 136 निरीक्षण करते हुए मानक विपरित संचालित मिले 96 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त करते हुए पर्यटन वेबसाइट से विलोपित की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने ऑपरेशन सफाई शुरू करते हुए प्रथम चरण में 17 तथा द्वितीय चरण में 79 अवैध होमस्टे का पंजीकरण निरसत कर दिया है तथा आगे भी कार्रवाई गतिमान रहेगी। विगत कई माह से शहर में बढती आपराधिक घटना नशे एवं ओवर स्पीड में वाहन चलाना अदि घटनाएं बढी है। जिसका एक बडे़ कारण में से एक होमस्टे में रात भर नियम विस्द्ध बार संचालन आदि निकल कर सामने आए है, जहां लाउड डीेजे नशे गैर कानूनी गतिविधि के अड्डे बन रहे होमस्टे में उपद्रवी प्रवृत्ति के व्यक्तियों के ठहरने से आमजन की जान का खतरा बना हुआ है। इसी के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सख्त रूख अख्तियार करते हुए होमस्टे का सत्यापन एवं निरीक्षण किया जा रहा है। होमस्टे होटल में निर्धारित प्रक्रिया पालन किए बिना पर्यटक एवं उपद्रवी प्रवृत्ति के लोग ठहराए जा रहे है। होमस्टे भी लीज पर संचालित हो रहे है जो जिले की कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन रहे है। उपद्रवी प्रवृत्ति के व्यक्तियों द्वारा शहर में हुड़दंग मचाने तथा नशे की हालत में ओवर स्पीड, पिस्टल तमचों से फायरिंग की घटनाएं भी सामने आ रही है।

जिलाधिकारी ने कहा कि होमस्टे योजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों के प्रचार-प्रसार तथा स्थानीय निवासियों की आय में वृद्धि करना है, किंतु निरीक्षण के दौरान कई होमस्टे का उपयोग होटल अथवा व्यावसायिक प्रतिष्ठान की भांति किया जाना पाया गया, जिससे अव्यवस्था एवं कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार सहसपुर एवं रायपुर विकासखंड के नगरीय क्षेत्रों में पंजीकृत होमस्टे की जांच हेतु क्षेत्रवार समितियों का गठन किया गया। समितियों द्वारा निरीक्षण उपरांत 96 होमस्टे ऐसे पाए गए जो उत्तराखण्ड गृह आवास (होमस्टे) नियमावली के प्रावधानों के अनुरूप संचालित नहीं हो रहे थे। इन सभी के पंजीकरण निरस्त करने की संस्तुति की गई, जिसे स्वीकार करते हुए प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई।
निरीक्षण के दौरान कई होमस्टे में रसोई की व्यवस्था नहीं पाई गई। अग्निशमन उपकरण अनुपलब्ध या उनकी वैधता समाप्त पाई गई। होमस्टे का उपयोग बारात घर एवं व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। कई स्थानों पर स्वामी का निवास नहीं पाया गया तथा इकाइयों को लीज/किराये पर संचालित किया जा रहा था। निर्धारित क्षमता से अधिक कमरों का संचालन किया जा रहा था। विगत निरीक्षण में विदेशी नागरिकों के ठहराव की सूचना (सी-फॉर्म) उपलब्ध नहीं कराने सम्बन्धी घटनाएं प्रकाश में आई थी। कुछ होमस्टे पंजीकृत होने के बावजूद संचालित नहीं पाए गए।

कैबिनेट फैसले: धामी की अध्यक्षता में हुआ निर्णय, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जल्द प्रभावी ईवी पॉलिसी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रीमंडल की बैठक में, राज्य में ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के बाद, रूस – यूक्रेन संघर्ष और वर्तमान में जारी पश्चिम एशिया के संकट के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला विशेष तौर पर ईंधन, खाद्य पदार्थ और उर्वरकों पर दबाव बढ़ा है। इस वैश्विक संकट के कारण भारत भी बढती ईंधन लागत, आयात निर्भरता और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्तमान हालात में नागरिकों से छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों के माध्यम से राष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग की अपील की है। जिसका जनसामान्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
इसी क्रम में उत्तराखंड में भी कई अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधार तत्काल प्रभाव से लागू किए जा रहे हैं।

*वर्क फ्रॉम होम*
सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढावा दिया जाएगा। निजी क्षेत्रों में भी वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही लोगों को सार्वजनिक परिवहन के अधिकतम उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

*नो व्हीकल डे*
मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगणों के वाहन फ्लीट में वाहनों की संख्या आधी की जाएगी। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे घोषित किया जाएगा। वर्क फ्रॉम होम के तहत घर से ही कार्य करेंगे। जन सामान्य को भी सप्ताह में एक दिन “No Vehicle Day” के लिए प्रेरित किया जाएगा।
सरकारी एवं निजी भवनों में AC के प्रयोग को सीमित करने के प्रयास किए जाएंगे।

*एक अधिकारी, एक वाहन*
परिवहन विभाग को सार्वजनिक बसों की सेवा और क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग हेतु प्रेरित किया जाएगा। जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभाग हैं, उनके द्वारा एक दिन में अधिकतम एक वाहन का इस्तेमाल किया जाएगा।

*ईवी पॉलिसी*
इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए जल्द ही प्रभावी ईवी पॉलिसी लाई जाएगी, नए सरकारी वाहनों के क्रय में 50 प्रतिशत अनिवार्य तौर पर EV होंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए चार्जिंग स्टेशन / नेटवर्क का प्राथमिकता के आधार पर विस्तार किया जाएगा।

*सरकारी विदेश यात्राएं सीमित होंगी*
सरकारी विदेशी यात्राओं को सीमित किया जाएगा।
“Visit My State अभियान के माध्यम से घरेलू पर्यटन को बढावा दिया जाएगा। राज्य में विरासत, धार्मिक, वेलनेस, ग्रामीण और इको-टूरिज्म सर्किटों के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

राज्य में Destination Weddings को प्रोत्साहन और Single Window Clearance की व्यवस्था की जाएगी। उत्तराखंड इस दिशा में पहले ही पहल कर चुका है। प्रवासी भारतीयों को उत्तराखंड में छुट्टियां बिताने हेतु प्रेरित किया जाएगा।

*”मेरा भारत, मेरा योगदान”*
“मेरा भारत, मेरा योगदान” जैसे जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। “Made in State” अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाई जाएगी। सरकारी खरीद में “Make in India” नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
नागरिकों को एक वर्ष तक सोने की खरीद को सीमित करने के लिए जागरुक किया जाएगा।

*खाद्य तेल की खपत घटाना*
आम जनमानस को कम तेल वाले भोजन से होने वाले स्वास्थ्य लाभों पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में तेल उपयोग की समीक्षा करते हुए उसके उपयोग में कमी लाए जाने के प्रयास किए जाएंगे। होटल, ढाबा और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को Low-Oil Menu” अपनाने हेतु प्रेरित किया जाएगा।

*प्राकृतिक खेती को बढ़ावा*
किसानों को Natural Farming, Zero Budget Farming और Bio-inputs का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उर्वरकों के संतुलित उपयोग और मृदा स्वास्थ्य पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

*स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा*
PNG (Piped Natural Gas) कनेक्शनों के संयोजनों को मिशन मोड में चलाया जाएगा। होटल, रेस्टोरेंट और सरकारी आवासों में PNG उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।

PM Surya Ghar Yojana के अंतर्गत Rooftop Solar को बढ़ावा दिया जाएगा। गोबर गैस को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज विभाग और ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया गया।
Mining, Solar और Power Projects की मंजूरी प्रदान करने में तेजी लायी जाएगी। मुख्यसचिव की अध्यक्षता में गठित एचपीसी 60 दिन में प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान करेगी।

खिलाड़ियों के साथ खेल मैदान में उतरे मुख्यमंत्री धामी, क्रिकेट और फुटबॉल खेलकर बढ़ाया युवाओं का उत्साह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अपने पिथौरागढ़ जनपद भ्रमण कार्यक्रम के दौरान श्री सुरेन्द्र सिंह वल्दिया स्टेडियम पहुंचकर उच्चीकृत क्रिकेट मैदान का लोकार्पण किया तथा क्रिकेट मैदान को जनपदवासियों को समर्पित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने क्रिकेट पिच पर स्वयं बल्लेबाजी करते हुए छह गेंदों का ओवर खेलकर पिच का औपचारिक उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री का खिलाड़ियों के साथ खेल मैदान में उत्साहपूर्ण और आत्मीय अंदाज देखने को मिला।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वहां उपस्थित खिलाड़ियों एवं युवाओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ फुटबॉल, हॉकी एवं अन्य खेल गतिविधियों में भी सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम भी हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने वहां उपस्थित समस्त युवाओं को नशे के खिलाफ शपथ भी दिलाई तथा उन्हें नशे से दूर रहकर अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से नशे के खिलाफ राज्य में चल रहे अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, स्वस्थ जीवनशैली एवं सकारात्मक सोच की ओर प्रेरित करते हैं। मुख्यमंत्री ने समस्त खिलाड़ियों को आशीर्वाद प्रदान किया तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 9 खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए खेलों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और उत्तराखंड को खेल के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं में अपार प्रतिभा एवं क्षमता है। खेल महाकुंभ जैसे आयोजनों से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को अपनी कुशलता प्रदर्शित करने का बेहतरीन मंच प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति के माध्यम से राज्य के उदीयमान खिलाड़ियों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है, ताकि वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने तथा आधुनिक खेल सुविधाओं के विस्तार हेतु निरंतर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ सहित राज्य के विभिन्न जनपदों में खेलों के लिए बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को खेलों के माध्यम से सकारात्मक दिशा प्रदान करना तथा उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि इस क्रिकेट मैदान में चारों ओर फ्लड लाइट की व्यवस्था की जाएगी।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, खेल प्रेमी एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।

देवभूमि के शिखर पर स्वास्थ्य का नया अध्याय की भावना से संचालित होगा अस्पतालः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री केदारनाथ धाम में भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड हॉस्पिटल का विधिवत लोकार्पण किया। यह अस्पताल स्वामी विवेकानन्द हेल्थ मिशन सोसाइटी द्वारा संचालित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार श्री केदारनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस उच्च हिमालयी क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त अस्पताल का संचालन स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगा। यह अस्पताल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित बनाए रखने हेतु स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। यात्रा मार्ग पर चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वास्थ्य जांच केंद्रों, ऑक्सीजन सुविधाओं एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार स्वस्थ उत्तराखंड समृद्ध उत्तराखंड के सपने को साकार करने के लिए प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं सुधारीकरण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 61 लाख आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं जिसके माध्यम से आज प्रदेश के अंदर लाखों मरीजों को निशुल्क उपचार मिल रहा है इसके साथ ही राज्य के प्रत्येक जनपद में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा केदार के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना भी की। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ धाम केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सेवा एवं मानवता का भी प्रतीक है और इसी भावना के साथ सरकार देवभूमि में स्वास्थ्य एवं जनसुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में उपस्थित विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल ने कहा कि यह अस्पताल सेवा, समर्पण एवं जनकल्याण का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो भविष्य में लाखों श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस अवसर पर भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय खन्ना, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी, विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक दिनेश चंद्र, बद्री केदार मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, बद्री केदार उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, श्री केदार सभा के अध्यक्ष पं. राजकुमार तिवारी, ब्लॉक प्रमुख ऊखीमठ पंकज शुक्ला, जिला पंचायत सदस्य अमित मेंखडी, महा मंत्री अकिंत सेमवाल, संजय तिवारी, , जिला पंचायत सदस्य सुबोध बगवाड़ी, केशव बहुगुणा, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक निहारिक तोमर, उप जिलाधिकारी कृष्णा त्रिपाठी, कर्नल अजय कोटियाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

पिथौरागढ़ में मुख्यमंत्री धामी ने जिला अस्पताल पहुंच मरीजों का जाना हालचाल, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का दिया भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ भ्रमण कार्यक्रम के समापन उपरांत पिथौरागढ़ के जिला अस्पताल बी डी पाण्डेय पहुंचकर इमरजेंसी एवं चिल्ड्रन वार्ड का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर मरीजों का हालचाल जाना तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को मरीजों को बेहतर उपचार एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और किसी भी मरीज को उपचार के अभाव में परेशानी नहीं होने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने मरीजों के परिजनों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि किसी भी प्रकार की समस्या या दिक्कत आती है तो वे अपनी बात जिलाधिकारी आशीष भटगाईं के माध्यम से सीधे उन तक पहुंचा सकते हैं। मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार एवं संवेदनशीलता से अस्पताल में मौजूद मरीजों एवं उनके परिजनों में भरोसा और उत्साह देखने को मिला।

बिथ्याणी महाविद्यालय में एआई बॉट से रूबरू हुए मुख्यमंत्री योगी और धामी, ओपन जिम में व्यायाम कर दिया फिटनेस का संदेश

उत्तराखंड की पावन भूमि यमकेश्वर आज दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों के मिलन और विकास कार्यों की साक्षी बनी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संयुक्त रूप से यमकेश्वर क्षेत्र का भ्रमण कर महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दोनों मुख्यमंत्रियों ने यमकेश्वर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया। उन्होंने महादेव से देश व प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की प्रार्थना की। यमकेश्वर आगमन पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने अतिथियों का स्वागत किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पैतृक गाँव पंचूर पहुँचे। यहाँ उन्होंने श्री विष्णु महायज्ञ में प्रतिभाग किया और परिवार व ग्रामीणों के साथ आध्यात्मिक अनुष्ठान का हिस्सा बने। मुख्यमंत्री योगी ने मंदिर समिति का आभार जताते हुए कहा कि तीन वर्ष पूर्व जहाँ केवल श्रद्धा का भाव था, आज वहाँ भव्य मंदिर खड़ा है। युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा जीवन में प्रगति के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण का होना अनिवार्य है। अच्छा सोचने से परिणाम सुखद होते हैं, और इस सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखने के लिए ईश्वर की भक्ति और आध्यात्मिकता ही सबसे सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व की सराहना करते हुए ऑपरेशन सिंदूर की बरसी का उल्लेख किया। उन्होंने क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए बिथ्याणी महाविद्यालय को आदर्श कॉलेज के रूप में विकसित करने और क्षेत्र में मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को वैश्विक स्तर की शिक्षा और खेल सुविधाएं देने हेतु संकल्पबद्ध है, जिसके क्रम में इस महाविद्यालय को हाईटेक किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।

महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय, बिथ्याणी पहुँचने पर छात्राओं ने पारंपरिक भव्यता के साथ दोनों मुख्यमंत्रियों का भावपूर्ण अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरु गोरखनाथ की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अतिथियों ने महाविद्यालय की नई एआई आधारित वेबसाइट का डिजिटल उद्घाटन किया, जिसकी कार्यप्रणाली के बारे में त्रिलोक चंद्र शर्मा ने विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान डिजिटल तकनीक का अनूठा उदाहरण तब देखने को मिला जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं एआई बॉट से संवाद कर महाविद्यालय की परीक्षा प्रणाली व परिणामों की समीक्षा की, जबकि मुख्यमंत्री धामी ने छात्र संख्या और कौशल विकास जैसे विषयों पर चर्चा की। इसके अतिरिक्त, महाविद्यालय के नए भवन व सेमिनार हॉल का उद्घाटन और श्विकसित भारत एक संकल्पश् पुस्तक का विमोचन भी गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ।

युवाओं को फिटनेस के प्रति प्रेरित करने के लिए महाविद्यालय परिसर में ओपन जिम का लोकार्पण किया गया। दोनों मुख्यमंत्रियों ने स्वयं जिम उपकरणों पर व्यायाम कर स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता का संदेश दिया। प्रस्तावित स्टेडियम के लिए चिन्हित भूमि के निरीक्षण के दौरान उन्होंने आश्वस्त किया कि निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही यह जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ धन सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ आनंद उनियाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य विकास अधिकारी, गिरीश गुणवंत, उपजिलाधिकारी चतर सिंह चौहान, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ योगेश कुमार शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल सहित अन्य अधिकारी, महाविद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाएं, छात्र छात्राएं तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए रेफ्रिजरेटेड फिशरीज वैन का किया फ्लैग ऑफ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निरंजनपुर देहरादून में राज्यभर से आये पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों एवं मत्स्य पालकों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए रेफ्रिजरेटेड फिशरीज वैन का भी फ्लैग ऑफ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पशुपालन ग्रामीण जीवन शैली का प्रमुख आधार रहा है, जो लाखों परिवारों की आजीविका का भी प्रमुख साधन है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार हो सकता है, जब हमारे गांव, किसान और पशुपालक आर्थिक रूप से सशक्त होंगे। इसलिए केंद्र सरकार पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए “प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना”, “राष्ट्रीय पशुधन मिशन”, “राष्ट्रीय गोकुल मिशन”, “पशुपालन अवसंरचना विकास कोष” तथा “किसान क्रेडिट कार्ड” जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में “मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन” के अंतर्गत पशुधन इकाइयों की स्थापना की जा रही है। इनमें पात्र लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तक ऋण अनुदान प्रदान किया जा रहा है। गोट वैली और पोल्ट्री वैली जैसी योजनाओं के माध्यम से भी पशुपालकों को सहायता प्रदान की जा रही है। पिछले चार वर्षों में गौ पालन, बकरी पालन और भेड़ पालन के माध्यम से राज्य में साढ़े 11 हजार से अधिक लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन के अंतर्गत भी राज्य में करीब 4 हजार से अधिक युवाओं और महिलाओं को भी स्वरोजगार से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि पशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 60 विकासखंडों में मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स संचालित की जा रही हैं। साथ ही प्रत्येक जनपद में मॉडल पशु चिकित्सालयों का निर्माण किया जा रहा है। वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत सीमांत क्षेत्रों के पशुपालकों को आईटीबीपी के माध्यम से सीधा बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड को वर्ष 2030 तक खुरपका-मुंहपका रोग मुक्त राज्य बनाने के लिए चयनित किया गया है, जिससे पशुपालकों को होने वाले आर्थिक नुकसान में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि पिछले 4 वर्षों में राज्य के दुग्ध उत्पादन में प्रतिवर्ष लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। पिछले वर्ष राज्य में सहकारी समितियों के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को लगभग 380 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कामधेनु “बद्री गाय” के ‘बद्री घी’ को देश में प्रथम जीआई टैग प्राप्त हुआ है। इस जीआई टैग के माध्यम से बद्री घी की गुणवत्ता और विशिष्टता को वैश्विक स्तर पर एक विशिष्ट पहचान मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्राउट फार्मिंग हमारे राज्य में स्वरोजगार का एक बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। ट्राउट फार्मिंग को प्रोत्साहित करने के लिए पिछले वित्तीय वर्ष में 170 करोड़ रुपये की ट्राउट प्रोत्साहन योजना शुरू की है। उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ एवं बागेश्वर जनपद में एक-एक ट्राउट हैचरी की स्थापना की जा रही है। इसके साथ ही सरकार उत्तराखंड को हाई वैल्यू फिश प्रोडक्शन एवं एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। इन सब प्रयायों से उत्तराखण्ड का मत्स्य सेक्टर 9 प्रतिशत से अधिक की दर से वृद्धि कर रहा है। पिछले वर्ष भारत सरकार द्वारा उत्तराखण्ड को हिमालयी राज्यों की श्रेणी में श्रेष्ठ मत्स्य राज्य का सम्मान भी प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री के साथ संवाद के दौरान हरिद्वार के पशुपालक श्री हरिकिशन लखेड़ा ने कहा कि उन्होंने ब्रीड मल्टीप्लीकेशन फार्म योजना के तहत 50 गायें खरीदी। इस योजना का फायदा मिलने के बाद वे साहिवाल गाय से प्रतिदिन 300 लीटर दूध का उत्पादन कर रहे हैं। आठ लोग इस कार्य में उनसे जुड़े हैं। इससे उनकी प्रतिमाह 01 लाख 15 हजार की शुद्ध आय अर्जित हो रही है। डोईवाला के अमित सिंह ने कहा कि उन्होंने गायों के चारे के लिए एफ.पी.ओ की स्थापना की। इसमें उनके साथ 386 लोग जुड़े है। तीन साल में उनका 10 करोड़ से अधिक का टर्न ओवर रहा है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगणा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मागदर्शन में पिछले चार सालों में पशुपालन, डेरी और मत्स्य पालन के क्षेत्र में अनेक नवाचार हुए हैं। राज्य में मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना लागू की गई। गोट वैली प्रोजक्ट में 5 हजार 827 लाभार्थी जुड़े। अनेक योजनाओं में सब्सिडी दी जा रही है। आज सभी दुग्ध संघ फायदे में हैं।

इस अवसर पर अध्यक्ष गौ सेवा आयोग राजेन्द्र प्रसाद अंथवाल, उत्तराखण्ड पशु कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष सुरेन्द्र मोघा, उत्तराखंड मत्स्य पालक विकास अभिकरण के उपाध्यक्ष उत्तम दत्ता, सीमा चौहान, अपर सचिव संतोष बडोनी मौजूद थे।

मुख्य सचिव ने की मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में आगामी मानसून सीजन को लेकर विभागों एवं जनपदों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सभी विभागों को मानसून पूर्व तैयारियां समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मानसून के दौरान जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि मानसून के दौरान आगामी कुछ महीने अत्यंत संवेदनशील एवं चुनौतीपूर्ण रहेंगे। वर्तमान में चारधाम यात्रा भी संचालित हो रही है, ऐसे में सभी रेखीय विभागों को 24×7 अलर्ट मोड में कार्य करना होगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पूर्व सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करते हुए क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत पूरी कर ली जाए।

बिजली एवं पेयजल विभाग को विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों तथा पेयजल लाइनों की पूर्व मरम्मत एवं रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि मानसून अवधि में विद्युत एवं जलापूर्ति अधिक समय तक प्रभावित न हो। उन्होंने शहरी विकास विभाग, नगर निकायों तथा जिलाधिकारियों को नालों एवं नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव की स्थिति किसी भी दशा में उत्पन्न नहीं होनी चाहिए तथा नदी-नालों के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न करने वाले अवरोधों एवं अतिक्रमणों को हटाया जाए। उन्होंने कहा कि कामचलाऊ व्यवस्थाओं से बचते हुए गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित किए जाएं।

मुख्य सचिव ने राज्य में नदी तटीय क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए नदियों के चौनलाइजेशन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि नदी मार्ग में जमा आरबीएम को हटाया जाए ताकि नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित न हो और कटाव से आबादी एवं आधारभूत संरचनाओं को नुकसान न पहुंचे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संसाधनों की कोई कमी नहीं रखी जाएगी, इसलिए सभी विभाग अपने दायित्वों का समयबद्ध निर्वहन सुनिश्चित करें। संवेदनशील स्थलों पर सड़क खोलने हेतु जेसीबी मशीनों की अग्रिम तैनाती की जाए तथा बैली ब्रिज का पर्याप्त भंडारण रखा जाए। साथ ही बाढ़ संभावित क्षेत्रों में नाव एवं बोट की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने विभागीय तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में विभिन्न रेखीय विभागों के नोडल अधिकारियों की तैनाती की जा चुकी है तथा मानसून अवधि के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।

बैठक में विशेष सचिव पराग मुधकर धकाते, सचिव पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव एल फैनई, सचिव सचिन कुर्वे, बीके संत, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, सचिव खाद्य आनंद स्वरूप, सूचना निदेशक बंशीधर तिवारी, एसीईओ प्रशासन महावीर सिंह चौहान, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, वित्त नियंत्रक अभिषेक कुमार आनंद, जेसीईओ मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी आदि मौजूद रहे।

आवश्यक सामग्री का भण्डारण किया जाए, न हो कोई कमी

देहरादून। मुख्य सचिव आंनद बर्द्धन ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को गैस, राशन, खाद्यान्न, डीजल एवं पेट्रोल सहित आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में राहत सामग्री एवं खाद्य सामग्री के वितरण हेतु पूर्व से विस्तृत रणनीति तैयार की जाए ताकि दूरस्थ क्षेत्रों तक त्वरित सहायता पहुंचाई जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को मानसून अवधि के दौरान संभावित संक्रामक एवं जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभी से फॉगिंग अभियान चलाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट मोड में रखने को कहा। साथ ही हेली एम्बुलेंस सेवाओं को भी तैयार रखने के निर्देश दिए गए ताकि आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

क्रियाशील रहें हाइड्रोमेट के सेंसर, नियमित टेस्टिंग जरूरी

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हाइड्रोमेट सिस्टम, सेंसर तथा सेटेलाइट फोन का नियमित परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम संबंधी चेतावनियां व अलर्ट आमजन तक त्वरित रूप से पहुंचना अत्यंत आवश्यक है, ताकि लोग समय रहते आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठा सकें। उन्होंने सचेत एप तथा सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक के अधिकाधिक उपयोग पर विशेष जोर दिया।

फेक वीडियो प्रसारित करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने आपदा संबंधी भ्रामक एवं फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने पर सख्त नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की भ्रामक सूचनाएं आमजन में अनावश्यक भय एवं भ्रम की स्थिति उत्पन्न करती हैं, जिससे आपदा प्रबंधन कार्य प्रभावित होते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत ऐसे मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

03 डॉप्लर रडार संचालित, 03 और लगेंगे
देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 525 हाइड्रोमेट सेंसर सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं, जिनके माध्यम से विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में 03 डॉप्लर वेदर रडार स्थापित हैं तथा 03 अतिरिक्त डॉप्लर रडार स्थापित किए जाने प्रस्तावित हैं, जिससे मौसम पूर्वानुमान प्रणाली और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने जानकारी दी कि पिथौरागढ़ में आरएसआरडब्ल्यू (रेडियो सांडे, रेडिया विंड) की स्थापना की जानी प्रस्तावित है। इसके स्थापित होने से पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम की गतिविधियों का अधिक सटीक एवं स्थानीय स्तर पर पूर्वानुमान प्राप्त हो सकेगा, जिससे समय रहते चेतावनी जारी कर जनहानि एवं नुकसान को कम करने में सहायता मिलेगी।

बद्रीनाथ धाम के दिव्य स्वरूप को और अधिक भव्य व आकर्षक बनाने को मास्टर प्लान में सभी आवश्यक प्रावधान करेंः धामी

बद्रीनाथ धाम में संचालित पुनर्निर्माण कार्यों के साथ ही अब बद्रीनाथ को स्प्रिचुअल हिल टाउन के रूप में विकसित किये जाने की कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है। इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष सचिवालय में पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान के अंतर्गत चल रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की। बैठक में सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल द्वारा प्रस्तुतिकरण के माध्यम से बताया गया कि बद्रीनाथ को एक आध्यात्मिक स्मार्ट हिल टाउन के रूप में विकसित करने के लिए बहु-आयामी और चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य तीर्थयात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ दिव्य और व्यवस्थित अनुभव प्रदान करना है।

उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान के तहत क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्थलों को विशेष रूप से विकसित किया जा रहा है। देव दर्शनी पॉइंट को इस प्रकार तैयार किया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को यहां से बद्रीनाथ धाम के प्रथम दर्शन एक भव्य और दिव्य रूप में प्राप्त हो सकें। वहीं बद्रीनारायण चौक को एक प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं और आकर्षक सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होंगे।

बद्रीनाथ धाम में आईएसबीटी वॉल पर स्थानीय कला एवं धार्मिक विषयों पर आधारित भित्ति चित्रों के माध्यम से क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जायेगा। वसुधा वाटिका कलाकृति के माध्यम से प्रकृति, आध्यात्मिकता और उत्तराखंड की पारंपरिक कला का समावेश करते हुए आकर्षक लैंडस्केप तैयार किए जायेंगे।

मास्टर प्लान में भगवान विष्णु से जुड़े प्रतीकों को भी प्रमुखता दी गई है, जिनमें पाञ्चजन्य शंख, कौमोदकी गदा, सुदर्शन चक्र, वैकुंठ द्वार जैसी भव्य कलाकृतियों का निर्माण किया जायेगा, जो न केवल धार्मिक महत्व को दर्शायेंगे, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनेंगे। इसके साथ ही शेषनेत्र कलाकृति और पंच तत्व थीम पर आधारित संरचनाएं आध्यात्मिक ऊर्जा और भारतीय दर्शन को दर्शाने का कार्य करेंगी। भगवान राम एवं कृष्ण पर आधारित रामायण एवं महाभारत कालीन प्रतीकों का इसमें समावेश किया गया है। दिया आरती स्थल के विकास की योजना भी तैयार की गई है, ताकि यहां आयोजित होने वाली आरती श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य और अविस्मरणीय अनुभव बने। वहीं पूरे क्षेत्र में स्ट्रीटस्कैप का विकास कार्य किया जाना भी प्रस्तावित है, जिसके तहत आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल तरीके से पैदल मार्ग, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधाएं, साइनेज और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्य कराये जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बद्रीनाथ धाम के दिव्य स्वरूप को और अधिक भव्य एवं आकर्षक बनाने के लिए इस मास्टर प्लान में सभी आवश्यक प्रावधान सुनिश्चित किये जायें। साथ ही स्थानीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि इन सभी कार्यों के माध्यम से बद्रीनाथ में न केवल आध्यात्मिक वातावरण सुदृढ़ होगा, बल्कि पर्यटन को भी नई दिशा दी जा सकेगी। परियोजना के पूर्ण होने पर बद्रीनाथ एक ऐसे आदर्श स्थल के रूप में स्थापित होगा, जहां आस्था, आधुनिकता और प्रकृति का संतुलित संगम देखने को मिलेगा।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, संयुक्त सचिव अनिल जोशी एवं संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री धामी ने वन क्लिक के माध्यम से साढ़े सात लाख से अधिक पेंशनर्स के खाते में भेजी पेंशन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज कल्याण विभाग के पेंशनर्स को वन क्लिक के माध्यम से अप्रैल माह की पेंशन का भुगतान किया। जिसमें शत प्रतिशत राज्य पोषित योजनाओं के 756682 पेंशनर्स को कुल 111 करोड़ 82 लाख 52 हजार रुपए की धनराशि जारी की गई, इसमें वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, परित्यक्ता, भरण पोषण अनुदान, तीलू रौतेली और बौना पेंशन शामिल है।

सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा सरकार अंत्योदय के लिए समर्पित है, इसलिए सरकार आर्थिक- सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को समाज कल्याण विभाग की पेंशन का लाभ दिलाने के लिए लगातार कैम्प आयोजित किए जा रहे हैं, जिसके फलस्वरूप अब प्रत्येक वर्ष 60 हजार से अधिक नए लोग समाज कल्याण की पेंशन से जुड़ रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगे भी इस तरह के बहुउददेशीय कैम्प आयोजित किए जाएं। साथ ही प्रत्येक वर्ष 59 वर्ष की आयु पूरे करने वाले लोगों के बीच सर्वे कर पात्र लाभार्थियों के आवेदन पत्र सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी कर लें, ताकि 60 साल की उम्र पूरी होते ही उन्हें योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए वार्षिक आय को व्यावहारिक बनाया जाए, साथ ही पेंशन योजनाओं सहित विभाग की अन्य योजनाओं की जानकारी एक जगह पर उपलब्ध कराने को कहा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नवाचार अपनाने के लिए निर्देश देते हुए कहा कि, विभाग समाज कल्याण के क्षेत्र में कुछ बेस्ट प्रैक्टिस कर अन्य विभागों के साथ भी साझा करें। साथ ही कॉल सेंटर के माध्यम से बुजुर्गों और पेंशनर्स से संवाद भी करें।

इस मौके पर विभागीय मंत्री खजान दास ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विभाग, प्रत्येक जरूरतमंद का ख्याल रख रहा है। उन्होंने कहा कि पेंशन योजनाओं में पूरी तरह पारदर्शिता बरती जा रही है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, निदेशक समाज कल्याण डॉ. संदीप तिवारी, अपर सचिव समाज कल्याण प्रकाश चंद्र एवं समाज कल्याण विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।