बांद्रा टर्मिनस से दिल्ली सराय रोहिल्ला गरीब रथ का हरिद्वार तक विस्तार, हरिद्वार से वेरावल और ओखा के लिए नई एसी एक्सप्रेस

देहरादून। उत्तराखण्ड में रेल कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रेलवे मंत्रालय ने बांद्रा टर्मिनस-दिल्ली सराय रोहिल्ला गरीब रथ एक्सप्रेस का हरिद्वार तक विस्तार करने के साथ ही हरिद्वार-वेरावल एसी एक्सप्रेस और हरिद्वार-ओखा एसी एक्सप्रेस के संचालन को स्वीकृति प्रदान की है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र के माध्यम से ये जानकारी दी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की धार्मिक, पर्यटन एवं आर्थिक गतिविधियों को गति देने में बेहतर रेल कनेक्टिविटी की महत्वपूर्ण भूमिका है। केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में रेल सेवाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। इससे प्रदेश में आने वाले तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम यात्रियों को सुविधा मिलेगी।

उत्तराखंडः सीमांत क्षेत्रों तक धामी सरकार, विकास को नई रफ्तार

देहरादून/चम्पावत। उत्तराखण्ड में शासन को प्रदेश के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक नई पहल की है। इसी क्रम में आज भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे चम्पावत जनपद के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की जा रही है। चम्पावत जिले में पहली बार कैबिनेट बैठक आयोजित हो रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कैबिनेट बैठकें अब केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भी आयोजित की जाएंगी। इससे स्थानीय स्तर की समस्याओं, विकास की संभावनाओं और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को सीधे शासन के समक्ष रखने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र केवल राज्य की भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि हमारी सुरक्षा, संस्कृति और विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए आधारभूत सुविधाओं, रोजगार, पर्यटन और कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शासन को जनता के और करीब ले जाना है। जब कैबिनेट की बैठकें प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में होंगी, तो वहां की स्थानीय परिस्थितियों, जन अपेक्षाओं और विकास की आवश्यकताओं को समझने तथा उन पर त्वरित निर्णय लेने में भी मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड के हर क्षेत्र का संतुलित विकास राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है। सीमांत गांवों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक विकास की गति को समान रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।

सीएस बर्द्धन के उत्तरकाशी दौरे का दूसरा दिन, गंगोत्री धाम में व्यवस्थाओं का लिया जायजा

जनपद भ्रमण के दूसरे दिन मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन आनंद बर्द्धन ने गंगोत्री धाम में मां गंगा और विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान काशी विश्वनाथ एवं शक्ति मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। उन्होंने विधिवत पूजा कर मां गंगा से प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

पूजा-अर्चना के बाद मुख्य सचिव ने गंगोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर गंगोत्री धाम में चल रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, पेयजल, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में अधिकारियों से जानकारी लेते हुए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। उन्होंने यात्रा मार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही घाटों पर स्वच्छता व्यवस्था, नियमित साफ-सफाई, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि घाटों एवं मंदिर परिसर के आसपास साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर बनी रहे और श्रद्धालुओं को दर्शन एवं स्नान के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

इस दौरान मंदिर समिति सचिव सुरेश सेमवाल, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र सहित अन्य अधिकारी और मंदिर समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

सीएस ने उत्तरकाशी में की जिलास्तरीय समीक्षा बैठक, योजना दीदी ई-पुस्तक का किया विमोचन

मुख्य सचिव ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिलास्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने जनपद में संचालित जिला योजना, राज्य वित्त, 25 सूत्रीय कार्यक्रम तथा केंद्र पोषित विभिन्न विकास कार्यक्रमों व जनकल्याणकारी योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जिले में क्रियान्वित समस्त योजनाओं की विस्तृत जानकारी को समाहित करने वाली डिजिटल पहल श्योजना दीदीश् ई-पुस्तक का विमोचन किया। बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सभी स्वीकृत निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिये।

समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने धामों व धार्मिक स्थलों में स्वच्छता व्यवस्था के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत कूड़ा निस्तारण हेतु कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त सड़कों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बीआरओ, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई और स्थानीय नगर निकायों को आगामी 15 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के अभियान चलाने का अल्टीमेटम दिया। विभागीय कार्यप्रणाली में गति लाने हेतु विभागाध्यक्षों को नियमित रूप से धरातलीय निरीक्षण करने तथा अंतर-विभागीय समन्वय के माध्यम से लंबित प्रकरणों का शीघ्र समाधान निकालने करने के निर्देश दिये। मुख्य विकास अधिकारी को उद्यान विभाग के तहत पॉलीहाउस निर्माण एवं श्जायकाश् परियोजना के निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष धीमी प्रगति में सुधार लाने हेतु उद्यान विभाग की योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने के साथ जिला सैनिक कल्याण विभाग के अंतर्गत क्रियान्वित की जा रही सैनिक कल्याण योजनाओं की भी समीक्षा करने के निर्देश दिये।

इस दौरान जल शक्ति मंत्रालय (भारत सरकार) के राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और उत्तराखंड राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के संयुक्त तत्वावधान में ष्प्रारंभ – नदी, जलीय संसाधनों का संरक्षण और जैव विविधता विरासत प्रबंधनष् परियोजना के लिए प्रशासनिक स्वीकृति एवं व्यय की मंजूरी दी गई है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन द्वारा ष्स्वच्छ गंगा, निर्मल एवं अविरल यमुनाष् के संकल्प के साथ गंगोत्री और यमुनोत्री क्षेत्रों की हिमालयी नदियों के संरक्षण हेतु लगभग 3.26 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस जिला-स्तरीय मॉडल का आधिकारिक उद्घाटन किया गया।

बैठक से पूर्व मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने जिला सभागार में सिविल सोसायटी, भूतपूर्व सैनिक एवं अर्द्धसैनिक बलों के पेंशनर्स, होटल एसोसिएशन तथा विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के साथ संवाद किया। इस दौरान प्रतिनिधियों ने क्षेत्र के विकास, पर्यटन, पूर्व सैनिकों एवं पेंशनर्स से जुड़े विषयों सहित जनहित की विभिन्न समस्याओं और सुझावों से मुख्य सचिव को अवगत कराया। प्रमुख रूप से वीबी जी रामजी योजना में ऑनलाइन उपस्थिति की समस्या, नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा निस्तारण, सड़क एवं नेटवर्क की समस्या, उपनल में पूर्व सैनिकों के लिए समान कार्य-समान वेतन, नेलांग-जादुंग परमिट के लिए एकल खिड़की व्यवस्था तथा स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित मुद्दे रखे गए। मुख्य सचिव ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि विभिन्न वर्गों और संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद के माध्यम से क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं और समस्याओं को समझने में मदद मिलती है तथा जनहित से जुड़े विषयों का नियमानुसार परीक्षण कर समाधान की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अवगत कराया कि प्राप्त अधिकांश समस्याओं के निस्तारण की कार्यवाही गतिमान है, जबकि शेष समस्याओं एवं मांगों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न संगठनों द्वारा उठाए गए उचित एवं जनहित से जुड़े विषयों के निस्तारण के लिए संबंधित विभागों के माध्यम से नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया गया कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान और जनहित से जुड़े विषयों पर हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। मुख्य सचिव ने जिला मुख्यालय स्थित स्मार्ट कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर संचालित आधुनिक निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम में स्थापित सीसीटीवी नेटवर्क, रियल टाइम मॉनिटरिंग प्रणाली तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था के संबंध में अवगत कराया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की सुरक्षा एवं सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए स्मार्ट निगरानी प्रणाली का और अधिक प्रभावी ढंग से संचालन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने भटवाड़ी विकासखंड के गणेशपुर में होलिस्टिक टूरिज्म पहल के तहत संचालित वूमेन हिल्स ट्रैक एडवेंचर का अवलोकन किया। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं से संवाद कर पर्यटन गतिविधियों से जुड़कर उनके अनुभवों की जानकारी ली। इस पहल के माध्यम से महिलाओं को ट्रेकिंग, गाइडिंग, कुकिंग एवं कैंपिंग का प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है। मुख्य सचिव ने महिला सशक्तिकरण और स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने वाली इस पहल की जानकारी ली।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, ब्लॉक प्रमुख भटवाड़ी ममता पंवार, ब्लॉक प्रमुख डुंडा राजदीप परमार सहित विभिन्न संगठनों के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी सहित पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह, अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

खटीमा में सीएम धामी ने किया 108.84 करोड़ की 15 विकास योजनाओं का शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्दीघेरा, खटीमा में ₹7.23 करोड़ की लागत से नवनिर्मित गौशाला का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने ₹108.84 करोड़ की 15 विकास योजनाओं का शिलान्यास भी किया। इनमें प्रमुख रूप से ₹34.44 करोड़ की लागत से राज्य मार्ग-70 के सत्रहमील से नानकसागर प्रभाग तक 13.60 किमी मार्ग के उच्चीकरण का कार्य शामिल है।

मुख्यमंत्री ने हल्दीघेरा गौशाला के भविष्य में आवश्यकता के अनुसार विस्तार की घोषणा करते हुए कहा कि इससे अधिक से अधिक निराश्रित गोवंश को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आश्रय उपलब्ध कराया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गौशाला निराश्रित गोवंश के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। सड़कों पर विचरण करने वाले निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आश्रय मिलने से जहां उनकी बेहतर देखभाल सुनिश्चित होगी, वहीं किसानों और स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी। इससे सड़कों पर गोवंश के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ माता का विशेष स्थान है। गौ माता का संरक्षण केवल हमारी परंपरा ही नहीं, बल्कि हमारा कर्तव्य, धर्म और जिम्मेदारी भी है। देवभूमि उत्तराखण्ड सदैव गौ संरक्षण और गौ सेवा की परंपरा वाली भूमि रही है। राज्य सरकार निराश्रित गोवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गौ सदनों के माध्यम से 16 हजार से अधिक निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आश्रय दिया जा रहा है। ग्राम्य गौ सेवक योजना को भी प्रदेश में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। शहरी विकास और पंचायती राज विभाग के सहयोग से प्रदेश में 63 स्थानों पर गौशाला निर्माण के लिए भूमि चिन्हित की गई है। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण के साथ-साथ गोवंश को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। बद्री गाय के शुद्ध घी और दुग्ध उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष ग्रोथ सेंटर स्थापित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ ही पशुधन के संवर्धन की दिशा में भी अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास और जनकल्याण के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा सहित पूरे ऊधम सिंह नगर जनपद में सड़क, पुल, शिक्षा, बाढ़ सुरक्षा और अन्य अवस्थापना सुविधाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

टिहरी झील को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने को लेकर मुख्य सचिव ने ली बैठक

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में पर्यटन विभाग के साथ बैठक के दौरान टिहरी झील को ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित करने के लिए समग्र मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि टिहरी लेक क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए पूरे क्षेत्र की दीर्घकालिक और सुनियोजित प्लानिंग की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी झील के आसपास के लगभग 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सम्मिलित करते हुए समग्र मास्टर एवं जोनल प्लान तैयार किया जाए। इसमें सरकारी एवं निजी दोनों प्रकार की भूमि को शामिल किया जाए। उन्होंने बेतरतीब विकास को रोकने के लिए पूरे क्षेत्र का मास्टर प्लान तैयार करने के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के लिए आवश्यकतानुसार जोन निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान तैयार करते समय सभी सम्बन्धित स्टेकहोल्डर्स से विचार-विमर्श किया जाए, ताकि क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों, स्थानीय आवश्यकताओं, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और पर्यटन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजना तैयार की जा सके। मास्टर प्लानिंग के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए), नई दिल्ली एवं एसपीए, भोपाल से तकनीकी सहयोग लेने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी झील क्षेत्र को ग्लोबल डेस्टिनेशन बनाने के लिए पूरे लेक एरिया में विभिन्न पर्यटन गतिविधियों को समाहित करते हुए आकर्षण के प्रमुख केंद्र (मैगनेट एरिया) विकसित किए जाएं। इसके लिए फेजवाइज योजना तैयार की जाए, ताकि प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न परियोजनाओं को विकसित किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि टिहरी लेक में ऐसी पर्यटन गतिविधियों की विस्तृत योजना तैयार की जाए, जिससे पर्यटक क्षेत्र में कम से कम एक-दो दिन या उससे अधिक समय तक क्षेत्र में ठहर सकें। वाटर स्पोर्ट्स के साथ ही एडवेंचर, ट्रैकिंग, नेचर, कल्चर, विलेज टूरिज्म सहित विभिन्न गतिविधियों को एकीकृत रूप से विकसित किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि अप्रैल, मई और जून में जलस्तर कम रहने के दौरान भी पर्यटकों के लिए पर्याप्त गतिविधियां उपलब्ध रहें, इसके लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए। वर्षभर पर्यटन गतिविधियों का संचालन सुनिश्चित करने के लिए मौसम एवं जलस्तर के अनुसार गतिविधियों का कैलेंडर तैयार किया जाए। उन्होंने टिहरी झील क्षेत्र में नए ट्रैकिंग रूट्स एवं ट्रेल्स विकसित करने तथा आसपास के गांवों को पर्यटन से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटकों के लिए विलेज एवं कल्चरल विजिट की व्यवस्था विकसित की जा सकती है, जिससे उन्हें स्थानीय संस्कृति, परंपराओं, खान-पान और ग्रामीण जीवन से परिचित होने का अवसर मिले और स्थानीय लोगों को भी रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि टिहरी लेक को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की समग्र कार्ययोजना और प्रस्तावित गतिविधियों पर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन तैयार की जाए, जिसे प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके। मुख्य सचिव ने अगली बैठक में टीएचडीसी के अधिकारियों को भी आमंत्रित करने के निर्देश दिए, ताकि झील क्षेत्र के विकास से सम्बन्धित विभिन्न विषयों पर समन्वित रूप से चर्चा की जा सके।

इस अवसर पर सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, एपीसीसीएफ डॉ. विवेक पाण्डेय, सुरेन्द्र मेहरा, सीसीएफ प्रसन्ना कुमार पात्रो, अपर सचिव विनीत कुमार, हिमांशु खुराना, अभिषेक रोहिला एवं जिलाधिकारी टिहरी नितिका खण्डेलवाल उपस्थित थीं।

उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियां पर्वतारोहण और साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं प्रदान करती हैंः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, उत्तरकाशी द्वारा संचालित चार सफल पर्वतारोहण अभियानों का फ्लैग-इन किया। इनमें जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स, पहलगाम के साथ संयुक्त रूप से संचालित माउंट एकांकागुआ अभियान भी शामिल था।

मुख्यमंत्री ने सभी पर्वतारोहियों को सफल अभियानों के लिए बधाई देते हुए चुनौतीपूर्ण उच्च पर्वतीय परिस्थितियों में उनके साहस, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और टीम भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि पर्वतारोहियों की ये उपलब्धियां उत्तराखण्ड के साथ ही देश के युवाओं को साहसिक गतिविधियों के प्रति प्रेरित करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नेहरू पर्वतारोहण संस्थान ने पर्वतारोहण, साहसिक खेलों, युवा विकास और उच्च हिमालयी प्रशिक्षण के क्षेत्र में देश और प्रदेश में महत्वपूर्ण पहचान बनाई है। संस्थान द्वारा युवाओं को पर्वतारोहण एवं साहसिक गतिविधियों के लिए उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ उनमें साहस, नेतृत्व, अनुशासन और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता भी विकसित की जा रही है।

माउंट एकांकागुआ (6,961 मीटर), अर्जेंटीना के लिए छप्ड और श्रप्ड-ॅै के संयुक्त अभियान का नेतृत्व कर्नल हेम चंद्र सिंह ने किया। छह सदस्यीय अभियान दल ने 22 फरवरी 2026 को माउंट एकांकागुआ के शिखर पर सफल आरोहण किया। इस संयुक्त अभियान को रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली स्थित साउथ ब्लॉक से फ्लैग ऑफ किया था।

नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के नुन-कुन अभियान-2026 का नेतृत्व संस्थान के प्रधानाचार्य कर्नल एस.एस. राजपुरोहित ने किया। अभियान दल ने 15 अगस्त 2026 को माउंट कुन की 7,077 मीटर ऊंची चोटी पर सफल आरोहण किया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हासिल की गई यह उपलब्धि अभियान दल के लिए विशेष रही। इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए दल ने 26 अगस्त 2026 को माउंट डेल्टा-41 की 5,908 मीटर ऊंची चोटी तथा 31 अगस्त 2026 को माउंट नुन की 7,135 मीटर ऊंची चोटी पर भी सफल आरोहण किया। इस प्रकार अभियान दल ने एक ही अभियान के दौरान नुन-कुन पर्वत श्रृंखला की तीन चोटियों पर सफल आरोहण की उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।

मुख्यमंत्री ने सभी अभियान सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियां पर्वतारोहण और साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं प्रदान करती हैं। पर्वतारोहियों की ऐसी उपलब्धियां युवाओं को साहसिक खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करने के साथ ही उत्तराखण्ड की पहचान को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करती हैं।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल एवं युवा कल्याण अमित कुमार सिन्हा, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के प्रधानाचार्य कर्नल एस.एस. राजपुरोहित, जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स, पहलगाम के प्रधानाचार्य कर्नल हेम चंद्र सिंह, कैप्टन जी. संतोष कुमार सहित नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के अधिकारी एवं विभिन्न पर्वतारोहण अभियानों के सदस्य उपस्थित थे।

सीएम धामी ने हरिद्वार में प्रथम पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पतंजलि वेलनेस योगग्राम, ग्राम औरंगाबाद, हरिद्वार में प्रथम पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् के उद्घाटन समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने गुरुकुलम् के शुभारंभ पर योगगुरु स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण तथा समस्त पतंजलि परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार हमारी आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रमुख केंद्र है। देवभूमि में पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का शुभारंभ भारत की गौरवशाली ज्ञान परंपरा को आधुनिक युग से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि भारत की गुरुकुल परंपरा हजारों वर्षों से ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और चरित्र निर्माण का आधार रही है। गुरुकुलों में विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ जीवन जीने की कला और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का भी बोध कराया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सा विद्या या विमुक्तये’ का भाव हमारी प्राचीन शिक्षा परंपरा का आधार रहा है। सच्ची शिक्षा वही है, जो मनुष्य को अज्ञान, भय और संकीर्णता से मुक्त कर उसके व्यक्तित्व का समग्र विकास करे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् भारतीय ज्ञान परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा। यहां आधुनिक विज्ञान और तकनीक के साथ योग, आयुर्वेद, भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों का समन्वय विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में तेजी से बदलती दुनिया में गुरुकुल शिक्षा की प्रासंगिकता और बढ़ी है। आधुनिक ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन और संतुलित जीवन शैली की शिक्षा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने योग, आयुर्वेद, शिक्षा, अनुसंधान और जन-स्वास्थ्य के क्षेत्रों में निरंतर कार्य किया है। स्वामी रामदेव ने योग को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जबकि आचार्य बालकृष्ण द्वारा आयुर्वेद के अध्ययन, शोध और प्रसार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में कौशल, नवाचार, भारतीय ज्ञान परंपरा और विद्यार्थियों के समग्र विकास पर विशेष बल दिया गया है। उत्तराखण्ड भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता और परंपरा एक-दूसरे की विरोधी नहीं बल्कि पूरक हैं। अपनी जड़ों और विरासत से जुड़कर आधुनिक ज्ञान को अपनाने वाली युवा पीढ़ी भविष्य की चुनौतियों का अधिक आत्मविश्वास से सामना कर सकती है। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा, दर्शन और संस्कृति के अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा देने के लिए दून विश्वविद्यालय में हिंदू अध्ययन केंद्र स्थापित किया गया है। राज्य सरकार का प्रयास है कि युवा पीढ़ी अपनी समृद्ध विरासत को जाने, समझे और उसे विश्व के समक्ष आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विज्ञान, शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी विकसित की जा रही है। विभिन्न क्षेत्रों में साइंस एवं इनोवेशन सेंटर सहित वैज्ञानिक गतिविधियों के लिए आवश्यक संसाधन विकसित किए जा रहे हैं। राज्य में स्टार्टअप और इनोवेशन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के साथ युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग पांच वर्षों में करीब 35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में रोजगार के अवसर मिले हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को पर्यटन के साथ-साथ ज्ञान, योग, आयुर्वेद और अध्यात्म के प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् जैसे शिक्षण संस्थान इस दिशा में महत्वपूर्ण सहयोगी सिद्ध होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् आने वाले समय में उत्तराखण्ड और देश के साथ विश्वभर के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, विज्ञान, योग और आयुर्वेद के अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी ज्ञान, संस्कार और सेवा की भावना के साथ समाज एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, विधायक ज्वालापुर ई.रवि बहादुर, पूर्व कैबिनेट स्वामी यतिस्वारानंद, गोल्डन बाबा, स्वामी भू देव, जिलाध्यक्ष भाजपा आसुतोष शर्मा, जिला अध्यक्ष भाजपा रुड़की डॉ मधु सिंह, राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, राज्य मंत्री आदेश सैनी, श्यामवीर सैनी, अजीत सिंह, मेयर नगर निगम रुड़की अनीता अग्रवाल, वरिष्ठ कार्यकर्ता भाजपा राजेंद्र चौधरी, लव शर्मा, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी डॉ ललित नारायण मिश्र, एसपी ट्रैफिक निशा यादव, जॉइन मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ, सिटी मजिस्ट्रेट हरिद्वार हर गिरी, उप जिलाधिकारी हरिद्वार योगेश मेहरा सहित बड़ी संख्या संस्थान के छात्र-छात्राएं एवं जनप्रतिनिधि में मौजूद रहे।

जन्मदिन पर दिव्यांग बच्चों के बीच बिताया गया समय जीवन को नई ऊर्जा और प्रेरणा देता हैः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने जन्म दिवस के अवसर पर देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान पहुंचकर वहां अध्ययनरत बच्चों के साथ अपना जन्म दिवस मनाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ केक काटा और उनके बीच रहकर जन्म दिवस की खुशियां साझा कीं।

मुख्यमंत्री बच्चों से बेहद आत्मीयता और स्नेह के साथ मिले। उन्होंने बच्चों के बीच जाकर उनसे संवाद किया, उनका उत्साहवर्धन किया और उनके साथ समय बिताया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर बच्चे भी उत्साहित और प्रसन्न नजर आए। इस दौरान पूरा वातावरण आत्मीयता, स्नेह और अपनत्व से भरा रहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के बीच बिताया गया समय जीवन को नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है। प्रत्येक बच्चे में अपार प्रतिभा और संभावनाएं होती हैं। उन्हें आगे बढ़ने के लिए अवसर, प्रोत्साहन और विश्वास मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन का सशक्तिकरण केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास से जीवन की प्रत्येक चुनौती को पार किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को अपने लक्ष्य की ओर पूरे विश्वास और उत्साह के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर, सम्मान और आगे बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्नेह और उनके चेहरों की खुशी उनके लिए जन्म दिवस का सबसे विशेष और यादगार उपहार है।

इस अवसर पर गीता पुष्कर धामी, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी एवं संस्थान के शिक्षक मौजूद थे।

सीएम धामी के निर्देश पर राजस्व, वन विभाग और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम पहुंची सकण्ड गांव

चमोली जिले के कर्णप्रयाग विकासखंड के अंतर्गत सकण्ड (स्कंद) गांव में सड़क सुविधा को लेकर ग्रामीणों द्वारा स्वयं गेती, फावड़े और कुदाल उठाकर श्रमदान किए जाने की खबरों का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जिलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए तथा सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीणों की सड़क संबंधी समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और सड़क निर्माण की कार्रवाई को तीन माह के भीतर पूरा करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार के लिए गांवों का विकास और ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है। दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए किसी भी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े, इसके लिए शासन-प्रशासन को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ और विकास कार्य धरातल पर गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में आज राजस्व विभाग, वन विभाग और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम सकण्ड पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया और सड़क निर्माण से संबंधित आवश्यक कार्रवाई शुरू की। संयुक्त टीम ने ग्रामीणों को सड़क निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा तीन माह के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री के त्वरित हस्तक्षेप और शासन-प्रशासन की कार्रवाई पर ग्राम प्रधान शिवानी चौधरी ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने ग्रामीणों की समस्या का तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को निर्देश दिए , जिसके क्रम में आज राजस्व, वन विभाग और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ग्राम सकण्ड पहुंची है। उन्होंने कहा कि टीम द्वारा मामले में तीन माह के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। ग्राम प्रधान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ-साथ शासन एवं जिला प्रशासन का भी आभार व्यक्त किया।