मुख्यमंत्री धामी ने “क्यालु हिम तेंदुआ” शुभंकर का किया अनावरण, प्रतिभागियों के साथ प्रतीकात्मक दौड़ में हुए शामिल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 के काउंटडाउन रन कार्यक्रम का फ्लैग ऑफ किया और मशाल प्रज्ज्वलित कर प्रतीकात्मक दौड़ में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 31 मई 2026 को होने वाले नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन के शुभंकर क्यालु- हिम तेंदुआ का अनावरण भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों में नई ऊर्जा, नए अवसर और नए विश्वास को जागृत करने का अभियान है। उन्होंने कहा कहा कि कार्यक्रम में युवाओं का उत्साह, ऊर्जा और आत्मविश्वास यह दर्शाता है कि देवभूमि उत्तराखंड के युवाओं में साहस, संकल्प और देश के लिए कुछ बड़ा करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा है। उन्होंने कहा कि आज यहां गूंज रहे युवाओं के कदम आने वाले समय में नीति घाटी की ऊंचाइयों पर इतिहास रचेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौड़ केवल शारीरिक क्षमता की परीक्षा नहीं, बल्कि इच्छाशक्ति, धैर्य और आत्मविश्वास को मजबूत करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि नीति घाटी जैसे दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में दौड़ने के लिए बुलंद हौंसला, हिमालय जैसा अडिग विश्वास और चुनौतियों को स्वीकार करने का साहस आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों को देवभूमि उत्तराखंड के साहस, पर्यटन और सामर्थ्य का ब्रांड एंबेसडर बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड केवल प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ता नया उत्तराखंड है। उन्होंने कहा कि नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन नए उत्तराखंड की शक्ति और सामर्थ्य के प्रदर्शन का प्रतीक बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह विजन कि सीमावर्ती गांव देश के अंतिम नहीं, बल्कि पहले गांव हैं, इस आयोजन के माध्यम से साकार हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, रोजगार, होमस्टे, स्थानीय उत्पादों और युवा उद्यमिता को नई गति प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 31 मई को नीति घाटी की पावन एवं दुर्गम धरती पर आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम उत्तराखंड के खेल एवं एडवेंचर टूरिज्म के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय लिखेगा। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के 27 राज्यों और 2 अन्य देशों से 900 से अधिक प्रतिभागियों ने इस महाआयोजन के लिए पंजीकरण कराया है, जो युवाओं में इस आयोजन के प्रति बढ़ते आकर्षण का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में फिट इंडिया मूवमेंट, खेलो इंडिया एवं राष्ट्रीय खेलों जैसे अभियानों के माध्यम से खेल और फिटनेस को जनआंदोलन बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी उत्तराखंड को देश का अग्रणी एडवेंचर स्पोर्ट्स एवं स्पोर्ट्स टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे पूरे आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ दौड़ में प्रतिभाग करें तथा सुरक्षित रूप से इसे पूर्ण कर 31 मई को नीति घाटी में नया इतिहास रचें। उन्होंने सभी प्रतिभागियों एवं आयोजकों को कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

इस अवसर पर सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पर्यटन विकास परिषद नरेन्द्र भंडारी एवं अनेक प्रतिभागी मौजूद थे।

डीएम के प्रयासों से कैंसर पीड़ित विधवा को मिली आर्थिक सहायता, बच्चों की शिक्षा और उपचार में मिला सहारा

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन एवं जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में जिला प्रशासन देहरादून द्वारा जरूरतमंद, असहाय एवं वंचित परिवारों के कल्याण हेतु संवेदनशीलता, तत्परता एवं मानवीय दृष्टिकोण के साथ निरंतर कार्य किया जा रहा है। जिला प्रशासन केवल प्रशासनिक दायित्वों तक सीमित न रहकर पीड़ित एवं संकटग्रस्त परिवारों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहा है। उपचार, शिक्षा, आर्थिक सहायता, रोजगार एवं ऋण राहत जैसे विषयों पर जिला प्रशासन द्वारा सैकड़ों प्रकरणों का प्रभावी निस्तारण कर जरूरतमंदों को नई आशा एवं संबल प्रदान किया गया है।
डोईवाला निवासी कैंसर पीड़ित एकल महिला सुनीता कलवार को जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण आर्थिक एवं शैक्षिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। सुनीता कलवार ने जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत होकर अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि वह एक विधवा महिला हैं तथा कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय होने के कारण उनके समक्ष उपचार एवं बच्चों की शिक्षा दोनों को जारी रखना कठिन हो गया था। उन्होंने अपने दोनों बच्चों की शिक्षा बाधित न हो, इसके लिए फीस माफी एवं आर्थिक सहयोग प्रदान किए जाने का अनुरोध किया था।
प्रकरण को गंभीरता एवं संवेदनशीलता से लेते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा तत्काल आवश्यक निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन द्वारा रायफल क्लब फंड से विधवा सुनीता कलवार को रू0 50,000 की आर्थिक सहायता स्वीकृत एवं उपलब्ध कराई गई। इसके अतिरिक्त उनके पुत्र का विद्यालय में दाखिला सुनिश्चित कराया गया, जबकि उनकी पुत्री की बाधित शिक्षा को जिला प्रशासन की महत्वाकांक्षी पहल ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के माध्यम से पुनः प्रारंभ कराया गया। जिला प्रशासन की इस पहल से दोनों बच्चों के भविष्य को नई दिशा एवं सुरक्षा मिली है।
उल्लेखनीय है कि सुनीता कलवार का 11 जुलाई 2024 को जौलीग्रांट स्थित अस्पताल में कैंसर का ऑपरेशन हुआ था तथा वर्तमान में उनका उपचार निरंतर जारी है। उपचार के दौरान आर्थिक एवं सामाजिक चुनौतियों से जूझ रहे इस परिवार को जिला प्रशासन ने न केवल आर्थिक सहायता प्रदान की, बल्कि मानवीय सहयोग एवं भरोसे का भी संबल दिया है। जिला प्रशासन द्वारा उनके उपचार एवं पारिवारिक सहयोग के लिए लगातार समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन द्वारा विगत वर्षों में भी अनेक जरूरतमंद परिवारों को लाखों रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। साथ ही विद्युत एवं जल संबंधी बकाया प्रकरणों के निस्तारण, बैंक ऋण राहत, चिकित्सा सहायता एवं रायफल क्लब फंड से सहयोग उपलब्ध कराकर कई परिवारों को राहत पहुंचाई गई है। वहीं ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के माध्यम से सैकड़ों जरूरतमंद एवं असहाय बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित कर उन्हें पुनः मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। जिला प्रशासन की यह पहल शासन की संवेदनशील एवं जनकल्याणकारी कार्यशैली का प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिसमें प्रशासन जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने हेतु प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

फॉरेस्ट गार्ड के एक हजार पदों पर होगी नई नियुक्तियांः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में वनाग्नि नियंत्रण, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं एवं मानसून तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन संपदाओं को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा वनाग्नि की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि वनाग्नि की सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचें।

वनाग्नि नियंत्रण के लिए शीतलखेत मॉडल अपनाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने वनाग्नि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए शीतलखेत मॉडल को प्रदेशभर में लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने फायर लाइन के आसपास छोटी-छोटी तलैया बनाने, वनाग्नि रोकथाम के लिए ठोस एक्शन प्लान तैयार करने तथा आग बुझाने वाले कार्मिकों को पर्याप्त उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए।

मुख्यमंत्री ने फॉरेस्ट गार्ड की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक हजार नई नियुक्तियां करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम समितियों एवं वन पंचायतों को वनाग्नि रोकथाम के लिए नियमानुसार आवश्यक बजट उपलब्ध कराने को कहा। मुख्यमंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग के प्रत्येक डिवीजन में पशु चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने मोबाइल अलर्ट प्रणाली के माध्यम से संबंधित क्षेत्रों में वनाग्नि की सूचना तत्काल उपलब्ध कराने पर बल दिया।

पेयजल और विद्युत व्यवस्था सुचारू रखने पर जोर

ग्रीष्मकाल को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल टैंकरों की पूरी उपलब्धता बनी रहे तथा क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को शीघ्र सुचारू किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को पेयजल के लिए किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ तीर्थाटन एवं पर्यटन स्थलों पर भी पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विद्युत आपूर्ति निर्बाध बनी रहे और ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिए और अधिक प्रभावी प्रयास किए जाएं।

मानसून तैयारियों की समीक्षा, प्रभारी सचिव करेंगे स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपदों के प्रभारी सचिव अपने-अपने जिलों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लें तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए।

अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों का फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पतालों में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं का पूरा डाटा सुरक्षित रखा जाए तथा मानसून काल में उन्हें अस्पतालों तक पहुंचाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा पर जाने वाले जिन श्रद्धालुओं को स्क्रीनिंग टेस्ट में स्वास्थ्य की दृष्टि से फिट नहीं पाया जा रहा है, उन्हें यात्रा न करने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सकुशल यात्रा कराना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्रा, सचिव सचिन कुर्वे, सी. रविशंकर, रणवीर सिंह चौहान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

दून डीएम का मानवीय निर्णय, 64 हजार का ऋण कराया जमा, रोजगार को रायफल क्लब फंड से दिए 25 हजार

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने एक बार फिर संवेदनशील एवं मानवीय प्रशासन का परिचय देते हुए ईस्ट पटेल नगर निवासी शत-प्रतिशत दिव्यांग संजीव कुमार को बड़ी राहत प्रदान की है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने आर्थिक तंगी और सामाजिक संकट से जूझ रहे दिव्यांग की फरियाद सुनते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए 64 हजार 915 रुपये की बकाया ऋण राशि सीएसआर फंड से जमा कराने के निर्देश दिए। 03 नौनिहाल बालिकाओं के 100 दिव्यांग पिता व 65 प्रतिशत् दिव्यांग माता के उपर से 64 हजार का बोझिल ऋण से जीविका उपार्जन के अति कठिन साधन व लाचारी में जिला प्रशासन देहरादून द्वारा मदद का हाथ बढाते हुए ऋण माफी के साथ ही रोजगार हेतु रायफल क्लब फंड से 25 हजार आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
संजीव कुमार ने वर्ष 2018 में उत्तराखण्ड बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम, देहरादून से मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान खोलने हेतु 50 हजार रुपये का ऋण लिया था। प्रारम्भिक अवधि में उन्होंने लगभग 15 से 20 किश्तों का भुगतान भी किया, किन्तु वर्ष 2020 में कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण उनका व्यवसाय पूरी तरह बंद हो गया। आर्थिक संकट गहराने पर वे शेष किश्तें जमा नहीं कर सके।
ऋण अदायगी न होने पर निगम द्वारा 64,915 रुपये की आरसी तहसील देहरादून भेज दी गई। दिव्यांग दंपति केवल 3000 रुपये की पेंशन पर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी थी कि बेटियों की शिक्षा तक प्रभावित होने लगी थी। प्रार्थी ने जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत होकर अवगत कराया कि अमीन द्वारा तहसील जेल भेजने की धमकी दी जा रही है, जिससे पूरा परिवार भय और मानसिक तनाव में जी रहा था।
मामले की गंभीरता और मानवीय पक्ष को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लिया तथा प्रभारी अधिकारी शस्त्र को निर्देशित किया कि दिव्यांग संजीव कुमार की बकाया ऋण राशि राइफल क्लब फंड से जमा कराई जाए, ताकि परिवार को राहत मिल सके और आरसी की कार्रवाई समाप्त हो सके।
जिलाधिकारी ने केवल आर्थिक राहत तक ही स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में भी पहल की। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास को निर्देशित किया कि संजीव कुमार की 3 बेटियों को प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत शिक्षा सहायता प्रदान करने हेतु प्रकरण की जांच कर शीघ्र आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, जिससे उनकी शिक्षा निर्बाध रूप से जारी रह सके। जिला प्रशासन की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई से एक जरूरतमंद परिवार को नया संबल मिला है।  जिला प्रशासन केवल प्रशासनिक दायित्वों तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक राहत पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त होने वाले ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सहायता से वंचित न रहे।

खड़खड़ी श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के हुआ दिवंगत खूंडरी का अंतिम संस्कार

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (से.नि) को हरिद्वार स्थित खड़खड़ी श्मशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी मौजूद रहे।

मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (से.नि) की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा और हर वर्ग के लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।अंतिम संस्कार के दौरान सेना एवं पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम सलामी दी। उनके पुत्र मनीष खंडूरी ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की।

इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी का निधन राज्य और देश के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने सेना, केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री के रूप में पारदर्शिता और अनुशासन के साथ उत्कृष्ट कार्य किए। उन्होंने कहा कि वह हम सभी के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगे। उनकी कमी एक अभिभावक के रूप में हमेशा महसूस होगी।

केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी का जीवन सादगी, अनुशासन और ईमानदारी का उदाहरण रहा। उन्होंने मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और सेना अधिकारी के रूप में हर दायित्व को पूरी निष्ठा से निभाया। उनके कार्यों को उत्तराखंड ही नहीं, पूरा देश हमेशा याद रखेगा। सुशासन और लोकपाल जैसे महत्वपूर्ण विचारों को आगे बढ़ाने में उनका योगदान प्रेरणादायक रहा।

इस अवसर पर पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र/पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, तीरथ सिंह रावत, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, महामंत्री संगठन अजेय कुमार, सांसद अनिल बलूनी, अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, सतपाल महाराज, डॉ .धन सिंह रावत, गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, खजान दास, विधायकगण, संतगण मौजूद थे।

डीएम दून सविन बंसल ने कुख्यात बिल्डर पुनीत अग्रवाल को किया 6 माह के लिए जिला बदर

जिला प्रशासन ने कानून व्यवस्था एवं आमजन की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए एटीएस कॉलोनी में आतंक और भय का वातावरण पैदा करने वाले बिल्डर पुनीत अग्रवाल के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने उत्तर प्रदेश/उत्तराखण्ड गुण्डा नियंत्रण अधिनियम-1970 की धारा 3(3) के अंतर्गत पुनीत अग्रवाल को “गुण्डा” घोषित करते हुए 06 माह के लिए जनपद देहरादून की सीमा से बाहर रहने के आदेश जारी किए हैं।

प्रकरण की शुरुआत एटीएस कॉलोनी निवासी एवं डीआरडीओ वैज्ञानिक हेम शिखा सहित अन्य निवासियों द्वारा 25 अप्रैल 2026 को जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत शिकायती प्रार्थना पत्र से हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि पुनीत अग्रवाल द्वारा 13 अप्रैल 2026 को डीआरडीओ में कार्यरत वैज्ञानिक के परिवार पर आक्रामक एवं जानलेवा हमला किया गया। मारपीट में पीड़ित का कान का पर्दा फट गया तथा महिलाओं एवं बुजुर्गों के साथ अभद्रता और गाली-गलौच की गई। शिकायतकर्ताओं ने आरोपी को महिलाओं, बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों को डराने-धमकाने वाला असामाजिक तत्व बताते हुए गुण्डा एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने उप जिलाधिकारी मसूरी से गोपनीय जांच कराई गई। जांच में क्षेत्रवासियों ने बताया कि पुनीत अग्रवाल का व्यवहार लगातार भय और असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न कर रहा था तथा उसके विरुद्ध पहले से कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। थाना रायपुर में दर्ज एफआईआर, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो क्लिप्स तथा स्थानीय निवासियों की सामूहिक शिकायतों को न्यायालय ने गंभीरता से लिया। प्रकरण में डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं निदेशक मनोज कुमार ढाका द्वारा भी शिकायत प्रस्तुत कर कार्रवाई की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी का व्यवहार समाज में भय और असुरक्षा का कारण बन चुका है तथा यदि उस पर रोक नहीं लगाई गई तो कभी भी गंभीर अप्रिय घटना हो सकती है।

वहीं विपक्षी पक्ष द्वारा इसे आपसी रंजिश एवं सिविल विवाद बताया गया, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों, दर्ज मुकदमों, वायरल वीडियो, शिकायतों तथा गोपनीय जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी न्यायालय ने पाया कि पुनीत अग्रवाल अभ्यस्त आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जो लोगों को डराने-धमकाने और क्षेत्र में अशांति फैलाने का आदी है।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पुनीत अग्रवाल अगले 06 माह तक देहरादून जनपद की सीमा में बिना अनुमति प्रवेश नहीं कर सकेगा। यदि वह आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध कठोर कारावास एवं जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। थाना रायपुर पुलिस को आदेश की तत्काल तामील कराते हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर जनपद से बाहर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

शहर के सहस्त्रधारा रोड स्थित एटीएस कालोनी में बिल्डर की गूंडागर्दी पर जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट ने स्वतरू संज्ञान लेते हुए गुंडा एक्ट में मामला दर्ज किया था। इससे पूर्व भी विवादित बिल्डर पर दीपावली में नाबालिग बच्चों पर पिस्टल लहराने तथा लाईसेंसी शस्त्र को प्रदर्शित करने पर डीएम ने शस्त्र लाईसेंसधारक पुनीत अग्रवाल की लापरवाही मानते हुए उनका शस्त्र जब्त करते हुए शस्त्र लाईसेंस निलम्बित कर दिया था। आरोपी बिल्डर पर डीआरडीओं वैज्ञानिक के साथ मारपीट एवं उत्पीड़न, नशे में धुत होकर एटीएस आरडब्ल्यूए अध्यक्ष के साथ मारपीट, बच्चों से गाली गलौच, दीपावली पर पिस्टल तानने, बच्चों से गाली गलौच एवं गाड़ी से टक्कर मारने का प्रयास, जनरल बाडी मीटिंग में धमकाने अभद्र भाषा का प्रयोग, आरोपी द्वारा निवासियों एवं आरडब्ल्यूए के सदस्यों को जानबूझकर झूठे मुकदमों एवं निराधार आरोपों में फंसाकर उत्पीड़न करने का प्रयास, विधवा महिला की भूमि को कूट रचित रजिस्ट्री एवं अनाधिकृत कब्जा मामलों विभिन्न धाराओं में 05 एफआईआर दर्ज हैं।

जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने जनमानस महिला, बुजुर्ग बच्चे, असहायों की सुरक्षा के दृष्टिगत समय-समय पर कड़े एक्शन लिए है। साथ ही अधिकारियों को सख्त निर्देश हैं कि कानून हाथ में लेकर ऐसा कृत्य करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नही जाएगा। बिल्डर के विरूद्ध बीएनएस की धारा 115 (2), 351(2), 352, 74,126(2), 324(4), 447 में पांच मुकदमें दर्ज हैं। तथा बिल्डर द्वारा आए दिन कोई न कोई विवाद किए जा रहे हैं, जनमानस की सुरक्षा के दृष्टिगत जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा स्वतः संज्ञान लेते हुए बिल्डर के विरूद्ध गुंडाएक्ट में बुक कर दिया था।

शहर के सहस्त्रधारा रोड स्थित एटीएस कॉलोनी में बिल्डर की कथित दबंगई का मामला सामने आने जिला प्रशासन ने यह एक्शन लिया है । बिल्डर पुनीत अग्रवाल पर नगर निगम/एमडीडीए की जमीन पर अवैध निर्माण के विरोध में 01 डीआरडीओ मे तैनात वैज्ञानिक के साथ मारपीट का आरोप लगा है। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिल्डर द्वारा कथित रूप से नगर निगम /एमडीडीए की जमीन पर दीवार निर्माण कराया जा रहा था, जिसका मलबा उनके घर की ओर गिर रहा था। इसका विरोध करने पर बिल्डर ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया तथा विवाद बढ़ने पर बिल्डर ने कथित रूप से डीआरडीओ के सांईटिस्ट से मारपीट की। मारपीट में घायल डीआरडीओ के सांइटिस्ट अनिरुद्ध शर्मा को चोटें आई थी मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों के थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। एटीएस कॉलोनी के निवासियों ने आरोप लगाए थे कि बिल्डर के खिलाफ कई शिकायतों के बावजूद सख्त/ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती थी। जिला प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से अपराधी प्रवृत्ति के लोगों में कानून का भय बढ़ा है तथा आमजन में सुरक्षा और विश्वास का संदेश गया है।

मुख्यमंत्री धामी के निर्देशों पर आवास विभाग ने तेज की कार्रवाई, पार्किंग परियोजनाओं को मिली सैद्धान्तिक सहमति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में यातायात और पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जनपद चमोली के गैरसैंण और जनपद बागेश्वर के काण्डा में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण परियोजनाओं को लेकर आवास विभाग ने विभागीय व्यय समिति की बैठकों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ आ राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठकों में दोनों परियोजनाओं के विस्तृत आगणनों पर चर्चा करते हुए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के लिए अग्रेतर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठकों में आवास विभाग, वित्त विभाग, नियोजन विभाग, संबंधित जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों तथा कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विभाग का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से पर्वतीय नगरों में बढ़ते वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने के साथ स्थानीय व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

गैरसैंण में 91 वाहनों की आधुनिक पार्किंग का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में गैरसैंण में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण हेतु पेयजल निगम द्वारा ₹1504.35 लाख लागत का विस्तृत आगणन प्रस्तुत किया गया। प्रस्ताव के अनुसार भू-तल पर 36 कार पार्किंग, 7 दुकानें और 2 कार लिफ्ट का प्रावधान किया गया है, जबकि टेरेस पर 55 कार पार्किंग और 1 अतिरिक्त कार लिफ्ट प्रस्तावित है। इस प्रकार कुल 91 वाहनों की पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी। प्रस्ताव में बीआरसी/सीआरसी फैकल्टी हॉल और तीन क्लास रूम का भी प्रावधान रखा गया था। इस पर सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर राजेश कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आवास विभाग की जिम्मेदारी केवल पार्किंग निर्माण तक सीमित है और अन्य अतिरिक्त निर्माण प्रस्तावों को हटाकर मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप संशोधित प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना को व्यवहारिक और जनहितकारी स्वरूप में तेजी से आगे बढ़ाया जाए।

काण्डा में 53 वाहनों की पार्किंग सुविधा
बागेश्वर जनपद के काण्डा में प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना के संशोधित आगणन पर भी विभागीय व्यय समिति ने विस्तार से विचार किया। ₹540.85 लाख लागत की इस परियोजना में भूतल पर 7 दुकानें और 26 कार पार्किंग तथा प्रथम तल पर 27 कार पार्किंग प्रस्तावित की गई हैं। इसके अलावा शौचालय सुविधा का भी प्रावधान रखा गया है। इस प्रकार कुल 53 वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था विकसित की जाएगी। बैठक में सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि पार्किंग का संचालन जिला विकास प्राधिकरण, बागेश्वर द्वारा किया जाए और दुकानों का आवंटन जिला स्तरीय समिति के माध्यम से पूर्ण पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए। विभागीय व्यय समिति ने परियोजना की अनुमोदित लागत पर सैद्धान्तिक सहमति प्रदान करते हुए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

पर्वतीय शहरों को मिलेगी राहत – डॉ आ राजेश कुमार
सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ आ राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप पर्वतीय क्षेत्रों में आधुनिक आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मल्टीलेवल पार्किंग परियोजनाएं केवल वाहन खड़े करने की व्यवस्था नहीं हैं, बल्कि यह स्थानीय बाजारों को व्यवस्थित करने, यातायात दबाव कम करने और पर्यटन गतिविधियों को गति देने का माध्यम भी बनेंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करते हुए कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए।

राज्य आन्दोलनकारियों की जगी उम्मीद, डीएम ने तहसीलों से 7 दिन के भीतर समस्त लंबित सूचियों पर की रिपोर्ट तलब

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्टेªट में राज्य आन्दोलनकारियों के चिन्हीकरण के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में सम्पन्न हुई, जिसमें राज्य आन्दोलनकारियों से जुड़े विभिन्न लंबित प्रकरणों पर विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित एक-एक आंदोलनकारियों के बारी-बारी से सुझाव सुने तथा उनकी शंकाओं का भी समाधान किया।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि अपनी-अपनी तहसीलों में लंबित समस्त चिन्हीकरण प्रकरणों एवं सूचियों पर गंभीरता से कार्यवाही करते हुए 07 दिवस के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक प्रकरण का पारदर्शी एवं तथ्यपरक परीक्षण किया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि चिन्हीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं सहभागी बनाने के लिए संबंधित क्षेत्रीय आन्दोलनकारी समिति के सदस्यों को भी प्रक्रिया में सम्मिलित किया जाए, जिससे वास्तविक आन्दोलनकारियों के मामलों का निष्पक्ष परीक्षण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने संबंधित विभागों को भी निर्देशित किया गया कि वे अपने स्तर पर लंबित मामलों से संबंधित आख्या एवं अभिलेख 07 दिवस के भीतर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई विभाग निर्धारित समय-सीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करता है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।
ज्ञातब्य है कि शासन द्वारा राज्य आन्दोलनकारियों के चिन्हीकरण हेतु वर्ष 2021 तक प्राप्त लंबित आवेदन पत्रों के निस्तारण के लिए 06 माह का समय विस्तार प्रदान किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा इस अवधि के भीतर सभी लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं न्यायसंगत निस्तारण हेतु गंभीरता से कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गई है। जिन आंदोलनकारियों के रिकार्ड नहीं मिल रहे है ऐसे आंनदोलनकारियों को चिन्हित करने हेतु वरिष्ठ आंदोलनकारियों एवं समिति के सदस्यों द्वारा दिए गए शपथपत्र के माध्यम से चिन्हीकरण किए जाने हेतु जिला प्रशासन द्वारा शासन को अनुरोध पत्र प्रेषित किया गया है, जिस पर शासन स्तर से निर्णय होना है।

बैठक में उपस्थित राज्य आन्दोलनकारियों ने चिन्हीकरण प्रक्रिया को गति देने एवं सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया। आन्दोलनकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि जिलाधिकारी के कार्यकाल में लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान होगा तथा पात्र आन्दोलनकारियों को न्याय मिल सकेगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्टेªट राहुल आंनद, पुलिस अधीक्षक जया बलूनी, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, राज्य आंदोलनकारी सरोज डिमरी, उर्मिला शर्मा, निर्मला बिष्ट, पुष्पलता सिलमाना, जयप्रकाश उत्तराखण्डी, योगेश भट्ट, ओपी उनियाल, देवी गोदियाल, डीएस गुंसाई, विवेकानंद खण्डूरी आदि उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने सितारगंज में सीसी पुल का किया शिलान्यास, 150 मीटर लंबे पुल बनने से 50 हजार की आबादी को मिलेगा सीधा लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सितारगंज के शक्तिफार्म को सिडकुल क्षेत्र से जोड़ने हेतु सिसौना नदी पर लगभग 11 करोड़ 41 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 150 मीटर स्पान सीसी पुल का शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वपूर्ण पुल के निर्माण से क्षेत्र के लगभग 50 हजार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा तथा सिडकुल सितारगंज एवं विकासखंड कार्यालय सिसौना तक पहुंचने के लिए लगभग 9 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पुल क्षेत्र में सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के साथ-साथ आर्थिक एवं सामाजिक विकास को भी नई गति प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ऊधमसिंह नगर जनपद एवं शक्तिफार्म-सितारगंज क्षेत्र के विकास हेतु अनेक महत्वाकांक्षी परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शक्तिफार्म में पीपीपी मॉडल के माध्यम से मिल्क पाउडर, आइसक्रीम एवं चीज निर्माण से संबंधित आधुनिक डेयरी प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जा रही है। इसके साथ ही प्रह्लाद पलसिया में लगभग 54 करोड़ रुपये की लागत से एक्वा पार्क का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जिसका लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएचसी को 30 बेड के सीएचसी में उच्चीकृत किया गया है। साथ ही सितारगंज-टनकपुर फोरलेन सड़क, आधुनिक ड्रेनेज प्रणाली, विभिन्न मोटर मार्गों और मल्टी स्टोरी पार्किंग के निर्माण कार्य भी प्रगति पर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद ऊधमसिंह नगर में किच्छा में लगभग 351 करोड़ रुपये की लागत से 100 एकड़ भूमि पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के हवाईअड्डे के निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त गदरपुर एवं खटीमा बाईपास, खटीमा और किच्छा बस अड्डों, खेल स्टेडियमों, साइकिलिंग ट्रैक, एथलेटिक्स ट्रैक तथा औद्योगिक परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र को नई पहचान दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना को पुनः प्रारंभ कर तराई क्षेत्र की पेयजल एवं सिंचाई संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति की दिशा में ऐतिहासिक कार्य कर रही है। किसानों के हित में गन्ने के समर्थन मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि भी की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जो भी विकास कार्य प्रारंभ करती है, उसे समयबद्ध तरीके से पूर्ण कर जनता को समर्पित करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और पारदर्शी प्रशासन के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े चार वर्षों में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर प्राप्त हुआ है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा क्षेत्र के विकास हेतु किए जा रहे कार्य ऐतिहासिक हैं। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, ब्लॉक प्रमुख उपकार सिंह बल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

चम्पावत को देश का सर्वश्रेष्ठ और आदर्श जिला बनाना राज्य सरकार का विकल्प रहित संकल्पः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज चम्पावत में आयोजित ऐतिहासिक ‘गोल्ज्यू महोत्सव-2026’ के समापन समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि चम्पावत को देश का सर्वश्रेष्ठ और आदर्श जिला बनाना राज्य सरकार का ‘विकल्प रहित संकल्प’ है।

04 मई से प्रारंभ हुए 13 दिवसीय इस सांस्कृतिक एवं धार्मिक महोत्सव का आज हर्षाेल्लास और जनउत्साह के साथ विधिवत समापन हो गया। मुख्यमंत्री धामी ने नगरपालिका परिषद चम्पावत, जिला प्रशासन एवं समस्त क्षेत्रवासियों को इस भव्य, गरिमामयी और सफल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक लोक कलाओं और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

न्याय के देवता के रूप में पूजनीय गोल्ज्यू महाराज की पावन भूमि को नमन करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन पूरे क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा, श्रद्धा और सामाजिक समरसता का वातावरण निर्मित करते हैं। उन्होंने कहा कि गोल्ज्यू महोत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि चम्पावत की सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक विरासत और लोक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन का सशक्त मंच है।

मुख्यमंत्री धामी ने महिला सशक्तिकरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को महोत्सव की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों की मातृशक्ति द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान मिली है।

पहाड़ी दालों, हस्तशिल्प, ऑर्गेनिक उत्पादों एवं पारंपरिक व्यंजनों की बिक्री से स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिली है।

उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए जनजागरूकता एवं स्वरोजगार आधारित स्टॉलों के माध्यम से आम जनता को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई, जो अत्यंत सराहनीय पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत जनपद चम्पावत के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के अंतर्गत कुमाऊं क्षेत्र के प्राचीन धार्मिक स्थलों को भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में माँ वाराही धाम देवीधुरा, बालेश्वर मंदिर, पाताल रुद्रेश्वर सहित जनपद के विभिन्न धार्मिक स्थलों का सुनियोजित विकास किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु चम्पावत में ‘गोल्ज्यू कॉरिडोर’ तथा टनकपुर में ‘शारदा कॉरिडोर’ का निर्माण राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। साथ ही जनपद के आंतरिक मोटर मार्गों का चौड़ीकरण, आधुनिक पार्किंग सुविधाओं का विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत में प्रस्तावित आधुनिक ड्राई पोर्ट, अंतरराष्ट्रीय स्तर का साइंस सेंटर, महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, आईएसबीटी टनकपुर, आंतरिक पेयजल योजनाएं तथा मीडिया सेंटर गेस्ट हाउस जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं जिले में विकास की नई इबारत लिख रही हैं। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों से विकास के इस महायज्ञ में सक्रिय सहभागिता की अपील करते हुए कहा कि जनता के सहयोग और आशीर्वाद से विकास की गति निरंतर दोगुनी होती रहेगी। उन्होंने पुनः समस्त चम्पावत वासियों को सफल गोल्ज्यू महोत्सव की शुभकामनाएं दीं।

गौरतलब है कि महोत्सव के अंतिम तीन दिनों में आयोजित ‘स्टार नाइट’ कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। समापन अवसर पर उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोकगायक इंदर आर्या, प्रख्यात गायिका माया उपाध्याय तथा युवा गायक नीरज चुफाल ने कुमाऊंनी और गढ़वाली गीतों की शानदार प्रस्तुतियों से समूचे वातावरण को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया।

देर रात तक चले इस सांस्कृतिक महाकुंभ में दर्शक झूमने पर मजबूर हो गए और इसी के साथ गोल्ज्यू महोत्सव-2026 का भव्य समापन संपन्न हुआ।

इस दौरान दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, दर्जा राज्य मंत्री मुकेश महराणा, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी व बड़ी संख्या में जनपदवासी उपस्थित रहे।