जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान से शासन और जनता के बीच बढ़ा विश्वासः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री गुरु रामराय पब्लिक स्कूल, सहसपुर में सेवा, सुशासन एवं समर्पण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार जनसेवा शिविर में प्रतिभाग करते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य शासन-प्रशासन को जनता के और अधिक निकट लाना है। सरकार की प्राथमिकता है कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि सरकार स्वयं उनके द्वार तक पहुंचकर सेवाएं उपलब्ध कराए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वाेपरि है और सुशासन का वास्तविक अर्थ संवेदनशील, जवाबदेह एवं जनकेंद्रित प्रशासन है। उन्होंने कहा कि जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान ने शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत किया है तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में प्रभावी माध्यम सिद्ध हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के प्रथम चरण में प्रदेशभर में 65 दिनों के दौरान लगभग 700 जनसेवा शिविर आयोजित किए गए, जिनमें पांच लाख से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया। देहरादून जनपद में आयोजित 46 शिविरों में 60 हजार से अधिक नागरिकों ने सहभागिता की तथा लगभग 39 हजार लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ मौके पर ही उपलब्ध कराया गया।

उन्होंने कहा कि सेवा, सुशासन एवं समर्पण के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सेवा पखवाड़े के तहत प्रदेशभर में जनसेवा शिविर लगाए जा रहे हैं। 4 जुलाई से प्रारंभ हुए सेवा पखवाड़े में अब तक 64 हजार से अधिक नागरिकों ने प्रतिभाग किया है। इस दौरान प्राप्त 5,567 जनसमस्याओं में से 4,951 का समाधान सुनिश्चित किया गया है तथा 2,522 नागरिकों को विभिन्न प्रमाण-पत्रों एवं सेवाओं से लाभान्वित किए जाने की प्रक्रिया संचालित की गई है।

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आयोजित शिविर में 01 हजार से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित भी किया गया। इस अवसर पर पात्र लाभार्थियों को विभिन्न विभागों की योजनाओं के अंतर्गत प्रमाण-पत्र एवं अन्य सहायता वितरित की गई। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से आमजन को योजनाओं की जानकारी देने के साथ मौके पर ही आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा का विजन आज तेजी से साकार हो रहा है। राज्य में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन, उद्योग, निवेश एवं हवाई संपर्क सहित प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहली बार जी-20 बैठकों, राष्ट्रीय खेलों, शीतकालीन यात्रा तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे ऐतिहासिक आयोजनों का सफल आयोजन हुआ। राज्य की अर्थव्यवस्था निरंतर सुदृढ़ हो रही है तथा निवेश, उद्योग, स्टार्टअप और पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखण्ड नई पहचान बना रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू कर सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। युवाओं के हितों की रक्षा के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां मिली हैं। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहसपुर विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य, पेयजल, शिक्षा, सड़क, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा तथा कृषि के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखण्डश् के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा प्रत्येक नागरिक तक विकास और जनकल्याण का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौके पर ही दिए जन समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
सहसपुर में आयोजित सेवा, सुशासन, सम्पर्ण ‘जन जन की सरकार, जन जन के द्वार’ बहुउद्देशीय शिविर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ना सिर्फ जन समस्याओं को सुना बल्कि मौके पर ही अधिकारियों को जन समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए।

कारबारी ग्रांट निवासी सुमन बासकंडी ने मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में साईलोक कारबारी ग्रांट में 30 सोलर लाइट लगाने की मांग की, जिस पर मुख्यमंत्री ने एमडीडीए को 2 माह के भीतर सोलर लाइट लगाने के लिए निर्देशित किया। इसी तरह स्थानीय निवासी बबली गुप्ता ने मुख्यमंत्री को जूट बैग बनाने के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के लिए मांगपत्र सौंपा, जिस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें आज ही सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। इसी तरह सेलाकुईं नगर पंचायत के सभासद अनिल नौटियाल ने आंतरिक मार्ग, नालियां, जल निकासी व्यवस्था, इंटरलॉकिंग सीसी मार्ग सहित अन्य विकास कार्यों की मांग की थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने शहरी विकास निदेशालय को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गोकुल फाउंडेशन चौरिटेबल ट्रस्ट की मांग पर मुख्यमंत्री ने ट्रस्ट की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसी तरह नंदन संह कंडारी ने भाऊवाला पुल किनारे श्मशान घाट निर्माण की मांग उठाई, जिस पर मुख्यमंत्री ने एमडीएम को दो माह में श्मशान निर्माण के निर्देश दिए। यशपाल सिंह नेगी ने अटकफार्म और सेंट्रल होपटाउन में बंदोबस्त कार्य पूरा न होने के कारण, पेश आ रही दिक्कतों को दूर करने की मांग की, मुख्यमंत्री ने सचिव राजस्व को इस समस्या का 15 दिन में समाधान करने के निर्देश दिए। शिविर में शांति विहार सुधार एवं विकास समिति ने भगवानपुर बहुगुणा मार्ग में डॉ श्याम प्रसाद मुखर्जी के नाम पर पार्क और ओपन जिम निर्माण की मांग की, मुख्यमंत्री ने एमडीडीए को कार्रवाई को कहा है। इसी तरह उन्होंने ग्राम बडोवाला में डिस्पेंसरी और एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग पर भी स्वास्थ्य विभाग को एक माह में जरूरी कार्रवाई के लिए कहा।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक सहसपुर सहदेव सिंह पुण्डीर, दायित्वधारी विनय रोहिला, पुनीत मित्तल, ओमवीर सिंह, भुवन विक्रम डबराल, भाजपा के जिलाध्यक्ष मीता सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष नीरू देवी, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह एवं जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

डीएम दून का नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत यातायात सुधार पर विशेष फोकस

मोबिलिटी प्लान के अंतर्गत देहरादून शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने तथा पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार, पार्किंग स्थलों के बेहतर उपयोग, लंबित निर्माण कार्यों की प्रगति एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि देहरादून शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए आवश्यकतानुसार सड़कों, चौराहों एवं जंक्शनों के सुधारीकरण हेतु माइक्रो लेवल प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा योजनाओं को समयबद्ध रूप से धरातल पर उतारें।

बैठक में आढ़त बाजार क्षेत्र में यातायात सुधार एवं व्यवस्थाओं, जंक्शन इम्प्रूवमेंट कार्यों की प्रगति, पार्किंग उपयोगिता की मॉनिटरिंग व्यवस्था, इंदिरा मार्केट पुनर्विकास कार्य, मंडी शिफ्टिंग, परेड ग्राउंड पार्किंग, रामराय पार्किंग सहित विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने आढ़त बाजार क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहर के प्रमुख चौराहों के सुधारीकरण एवं सौंदर्यीकरण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करते हुए कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जाए, जिससे यातायात का सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सके।

बैठक में इंदिरा मार्केट में निर्माणाधीन मल्टीलेवल कार पार्किंग की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि यहां लगभग 1050 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग विकसित की जा रही है। जिलाधिकारी ने कार्य की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त करते हुए एमडीडीए के अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित कार्यदायी संस्था/फर्म के साथ बैठक कर प्रगति की विस्तृत आख्या प्रस्तुत की जाए तथा निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि पार्किंग स्थलों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि शहर में अनावश्यक जाम की स्थिति को कम किया जा सके और आमजन को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अंतर्गत शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक यातायात एवं नगर निगम को प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यातायात प्रबंधन के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण, बेहतर पार्किंग व्यवस्था एवं सार्वजनिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार की जाएं।

जिलाधिकारी ने मंडी शिफ्टिंग, आढ़त बाजार सड़क सुधार, परेड ग्राउंड एवं रामराय पार्किंग सहित अन्य विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने देहरादून शहर की यातायात व्यवस्था को आधुनिक, व्यवस्थित एवं जनसुविधा केंद्रित बनाने के लिए सभी विभागों को गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा, उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप सैनी, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, एमडीडीए, नगर निगम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

टिहरी लेक ग्लोबल डेस्टिनेशन प्रोजेक्ट में ग्रीन एनर्जी को अधिकतम प्रयोग किया जाएः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में टिहरी झील को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किए जाने को लेकर उच्च स्तरीय समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी लेक ग्लोबल डेस्टिनेशन से सम्बन्धित उच्च स्तरीय समिति की बैठकों में एमडी टीएचडीसी को स्पेशल इनवाइटी के रूप में डीएम टिहरी को भी शामिल किया जाए। साथ ही, टिहरी लेक प्रोजेक्ट को एक कैची सा नाम दिया जाए, जो लोगों की जुबान पर बस जाए और बोलना आसान हो।

मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के साथ ही टिहरी लेक प्रोजेक्ट को अधिकतम नवीकरणीय ऊर्जा पर आधारित डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लिए तैयार की जाने वाली एसटीपी को भी सोलर पॉवर से संचालित किए जाने हेतु सोलर प्लांट लगाए जाने की संभावनाएं तलाशी जाएं।

मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी लेक के आसपास कुछ गांवों को उत्तराखण्ड के क्राफ्ट, कल्चर, हेरिटेज की थीम से जोड़ते हुए ट्रेडिशनल विलेज के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने इस प्रकार के मॉडल विलेज को आजीविका से जोड़ते हुए लोकल हितधारकों को भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये कॉन्सेप्ट हमें सभी टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स के लिए लागू करना चाहिए।

मुख्य सचिव ने योजना के तहत् बनायी जाने वाली प्रत्येक सम्पत्ति के संचालन एवं रखरखाव की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए योजना में हितधारकों को जोड़ते हुए आय सृजन गतिविधियों को शामिल किया जाए। उन्होंने टिहरी झील में बोटिंग और जेटी के संचालन के लिए वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर झील की क्षमता का आंकलन करते हुए सम्पूर्ण कार्ययोजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि काम फेजवाईज किया जा सकता है, परन्तु सम्पूर्ण योजना एक बार में तैयार की जानी चाहिए।

मुख्य सचिव ने म्यूजियम की थीम का निर्माण टिहरी क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्त्व को ध्यान में रखते हुए की जाए। उन्होंने कहा कि पुरानी टिहरी का राजशाही इतिहास, लोककला एवं लोकसंस्कृति सहित पुरानी टिहरी का 3डी मॉडल भी शामिल किया जा सकता है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. वी. षणमुगम एवं धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम धामी ने बैंकर्स से राज्य के कम ऋण जमा अनुपात वाले जनपदों में विशेष अभियान चलाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 97वीं बैठक में बैंकिंग सेवाओं, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन तथा विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के आर्थिक विकास में बैंकिंग क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बैंकों से आम लोगों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों तक ऋण की पहुंच आसान बनाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने राज्य में ऋण-जमा अनुपात बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने बागेश्वर, पौड़ी, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और टिहरी जनपदों में कम ऋण-जमा अनुपात पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि इन जिलों में नियमित रूप शिविर लगाए जाएं। जिला प्रशासन, लीड बैंक और संबंधित विभाग मिलकर पात्र लोगों की पहचान करें और उन्हें समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य का ऋण-जमा अनुपात आगामी राष्ट्रीय औसत तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में किसी भी पात्र व्यक्ति को परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि किसी आवेदन में कोई कमी हो तो उसे केवल तकनीकी आधार पर निरस्त करने के बजाय संबंधित व्यक्ति का मार्गदर्शन कर कमियों को दूर कराया जाए। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने में बैंक सक्रिय भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में वार्षिक ऋण योजना के अंतर्गत लगभग 96 प्रतिशत उपलब्धि और एमएसएमई क्षेत्र में 111 प्रतिशत उपलब्धि राज्य की बेहतर आर्थिक प्रगति का संकेत है। राज्य का ऋण-जमा अनुपात बढ़ना भी सकारात्मक है, लेकिन इसे और बेहतर बनाने के लिए सभी बैंकों को मिलकर प्रयास करने होंगे।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना-2.0, वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना, होम-स्टे योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना तथा किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं में पात्र लोगों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, पर्यटन और स्थानीय उत्पादों पर आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए बैंकिंग सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग और डिजिटल भुगतान को गांव-गांव तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने वित्तीय समावेशन को और मजबूत बनाने तथा प्रधानमंत्री जनधन योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में बैंकिंग क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार और बैंक मिलकर कार्य करेंगे तो रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता को नई गति मिलेगी तथा राज्य का समग्र विकास और तेजी से होगा।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 से भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), आईसीआईसीआई बैंक तथा एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाए, ताकि साइबर ठगी से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक से पूर्व उप समिति (सब-कमेटी) की नियमित बैठक आयोजित की जाए, ताकि विभिन्न विषयों पर विस्तृत समीक्षा कर समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बैंकों से आजीविका संवर्धन तथा औद्योगिक क्षेत्र को ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार, लघु उद्योग, एमएसएमई तथा अन्य उत्पादक क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाकर राज्य में रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को और गति दी जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु , डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव दिलीप जावलकर, नितेश झा, डॉ बी.वी. आर. सी पुरुषोत्तम, विनय शंकर पाण्डेय, एस.एन. पाण्डेय, श्री श्रीधर बाबू अदांकी, धीराज गर्ब्याल, क्षेत्रीय निदेशक भारतीय रिजर्व बैंक अरविन्द कुमार, मुख्य महाप्रबंधक हर्ष कुमार गौतम, महा प्रबंधक नाबार्ड पंकज यादव, अध्यक्ष इन्डस्ट्रीज एसोसियेशन ऑफ उत्तराखंड पंकज गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक नई दिल्ली प्रभास बोस, महाप्रबंधक शैलेश कुमार, उप महाप्रबन्धक एसबीआई देहरादून राजीव रंजन, उप महाप्रबन्धक एसबीआई हल्द्वानी राजीव रंजन रतन, सहायक महाप्रबन्धक, एस.एल.बी.सी. उत्तराखंड शैलेन्द्र कुमार उनियाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सेवा पखवाड़ा बना जनसेवा का महाअभियान, प्रदेशभर में हजारों नागरिकों ने उठाया सरकारी योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संचालित सेवा, सुशासन एवं समर्पण तथा जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में बहुउद्देशीय जनसेवा शिविर, थीम आधारित जनजागरूकता कार्यक्रम एवं विकास प्रदर्शनी का व्यापक आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक शासन-प्रशासन की सीधी पहुंच सुनिश्चित करते हुए हजारों नागरिकों को विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया।

अल्मोड़ा, बागेश्वर, टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, चमोली, चम्पावत, हरिद्वार, नैनीताल तथा ऊधम सिंह नगर सहित विभिन्न जनपदों में आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में आमजन ने प्रतिभाग किया। विभागीय स्टॉलों के माध्यम से स्वास्थ्य, कृषि, उद्यान, पशुपालन, उद्योग, स्वरोजगार, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, ग्राम्य विकास, शिक्षा, राजस्व, विद्युत, पेयजल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, आयुष, सेवायोजन, दुग्ध विकास, मत्स्य, सहकारिता सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।

शिविरों में स्वास्थ्य परीक्षण, निःशुल्क औषधि वितरण, आधार एवं प्रमाण-पत्र निर्माण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, महालक्ष्मी किट वितरण, कृषि एवं उद्यान सहायता, पशुपालन एवं डेयरी योजनाएं, रोजगार पंजीकरण, छात्रवृत्ति, किसान योजनाएं तथा अन्य जनकल्याणकारी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं।

प्रदेशभर में आयोजित शिविरों में प्राप्त जनसमस्याओं एवं शिकायतों का बड़ी संख्या में मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई हेतु प्रेषित किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए।

विभिन्न जनपदों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान जनप्रतिनिधियों, आयोगों एवं परिषदों के अध्यक्षों, विधायकों, सांसदों, जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों तथा विभागीय अधिकारियों ने शिविरों का निरीक्षण कर लाभार्थियों से संवाद किया और विभागों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

शिविरों में उद्योग एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने, कृषि एवं पशुपालन में नवाचार, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार तथा किसानों एवं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने से संबंधित योजनाओं का विशेष रूप से प्रचार-प्रसार किया गया। कई स्थानों पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले लाभार्थियों को सम्मानित भी किया गया तथा लाभार्थियों ने योजनाओं से प्राप्त लाभ के अपने अनुभव साझा किए।

सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा भी विभिन्न जनपदों में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित प्रचार सामग्री एवं ष्मेरी योजनाष् पुस्तिका का वितरण कर नागरिकों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई।

प्रदेशभर में आयोजित इन जनसेवा शिविरों के माध्यम से लगभग 5,300 से अधिक नागरिकों ने सहभागिता की तथा 4,470 से अधिक पात्र लाभार्थियों को विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया। शिविरों में 415 शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 179 से अधिक मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों को समयबद्ध कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।

अल्मोड़ा में लगभग 1300, बागेश्वर में 205, उत्तरकाशी में 185, पौड़ी में 128, चमोली के कर्णप्रयाग में 200 से अधिक, कनोल में 150 से अधिक, चम्पावत में 440, हरिद्वार में 1130 प्रतिभागियों (386 लाभार्थियों), नैनीताल में 510 तथा ऊधम सिंह नगर के बाजपुर में 1150 प्रतिभागियों (951 लाभार्थियों) ने विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक सुशासन और जनसेवा की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि ष्सेवा, सुशासन एवं समर्पणष् केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सरकार की कार्यसंस्कृति है। जनसेवा शिविरों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे लोगों का समय, श्रम और धन बच रहा है तथा समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और प्रत्येक पात्र नागरिक तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

सीएस बर्द्धन ने परेड ग्राउंड में अंडरग्राउंड पार्किंग और सचिवालय अंडरग्राउंड पार्किंग के सम्बन्ध में बैठक ली

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में परेड ग्राउंड में अंडरग्राउंड पार्किंग और सचिवालय अंडरग्राउंड पार्किंग के सम्बन्ध में बैठक ली। इस अवसर पर मुख्य सचिव द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों के क्रम में सचिव पीडब्ल्यूडी डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय ने परेड ग्राउंड के नीचे अंडरग्राउंड पार्किंग के डिज़ाइन पर प्रस्तुतिकरण दिया।

मुख्य सचिव ने कहा कि परेड ग्राउंड में अंडरग्राउंड पार्किंग तैयार करने के साथ ही परेड ग्राउंड और गांधी पार्क को जोड़ते हुए और बिना कोई नया पक्का कंस्ट्रक्शन करते हुए ओपन स्पेस पार्क तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि पार्किंग स्पेस बढ़ाए जाने के लिए डबल बेसमेंट तैयार किया जा सकता है। पार्किंग एरिया से एंट्री और एग्जिट पॉइंट ज़्यादा से ज़्यादा स्थानों पर दिए जाएं, ताकि पार्किंग करने वाले लोगों को गाड़ी पार्क करने के बाद अपने गंतव्य की दिशा में जाने में किसी प्रकार की दिक्कत ना हो। कहा कि अधिक एंट्री और एग्जिट सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहतर रहेगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि शहर की आवश्यकता को देखते हुए परेड ग्राउंड और गांधी पार्क को मर्ज़ करते हुए एक बड़ा ओपन स्पेस ग्रीन पार्क के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए स्टैक होल्डर्स कंसल्टेशन्स भी अनिवार्य रूप से कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि इसे एक कम्पलीट पैकेज के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। बैठक के दौरान सचिवालय परिसर के अंदर अंडर ग्राउंड पार्किंग के डिज़ाइन पर भी प्रस्तुतिकरण दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि देहरादून शहर के लिए भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए पार्किंग क्षमता विकसित की जाए। राजपुर रोड पर एलिवेटेड पार्किंग के सुझाव पर मुख्य सचिव ने डिजाइन तैयार पर प्रस्तुतिकरण दिये जाने के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी एवं सीडीओ देहरादून अभिनव शाह सहित सम्बन्धित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मानसून को लेकर दून डीएम सख्त, जलभराव, जर्जर भवन, गड्ढों, विद्युत सुरक्षा एवं डेंगू नियंत्रण पर दिए कड़े निर्देश

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में आगामी मानसून के दृष्टिगत शहर क्षेत्र में आवश्यक व्यवस्थाओं, सड़क सुरक्षा, जल निकासी, विद्युत व्यवस्था एवं जनसुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को मानसून अवधि में सतर्कता बरतते हुए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने रिस्पना एवं बिंदाल नदी किनारे निवासरत लोगों की सुरक्षा के लिए किए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने एवं आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था एवं मानसून के दृष्टिगत नालियों/नालों की सफाई कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी प्रमुख नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि जलभराव वाले संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर पूर्व में ही आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। जिलाधिकारी ने सिंचाई विभगा के अधिकारियों को शहर में नहर एवं अण्डरग्राउंड नहर के सम्बन्ध में विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने शहर क्षेत्र में रोड कटिंग के उपरांत सड़क रिस्टोरेशन कार्यों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए सड़क कटिंग के बाद तत्काल मरम्मत कार्य पूर्ण करें, ताकि आमजन को आवागमन में असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने मानसून के दौरान सड़कों पर उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं के समाधान हेतु कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान खोदी गई सड़कों को पुर्नस्थापित करने के निर्देश साथ ही चेतावनी दी तथा सदस्य सचिव सड़क सुरक्षा समिति अधीक्षण अभियंता लोनिवि, नगर निगम, यूयूएसडीए संचालित निर्माण कार्यों स्थलीय निरीक्षण करते हुए आख्या प्रस्तुत करने तथा सड़क को तत्काल गुड्डामुक्त करते हुए यातायात हेतु सुरक्षित करने के निर्देश दिए। साथ ही गेल द्वारा संचालित कार्यों में सुरक्षा मानकों की लापरवाही बरतने की शिकायत पर सम्बन्धित ठेकेदार के विरूद्ध अर्थदण्ड की कार्यवाही करने तथा पुनरावृत्ति होने पर ब्लैकलिस्ट की चेतावनी दी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया किया यदि सड़क पर गड्डो से यदि कोई दुर्घटना होती है अथवा जानमाल की हानि होती है तो सम्बन्धित की जिम्मेदारी तय करते हुए विधिक कार्यवाही की जाएगी।

बैठक में डेंगू नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग एवं नगर निकाय अधिकारियों को निर्देश दिए कि डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग, लार्वा नष्ट करने की कार्रवाई तथा जनजागरूकता अभियान प्रभावी रूप से संचालित किए जाएं। जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को जिले में अवस्थित समस्त स्कूलों में डेंगू, मलेरिया सुरक्षा के दृष्टिगत बच्चों को फूल बाजू की डेªस में आने की व्यवस्था लागू करने के साथ ही डेंगे मलेरिया से जनमानस को जागरूक करने हेतु जनजागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मानसून सीजन के दृष्टिगत दुर्गम क्षेत्रों में हाईरिस्क प्रेगनेंसी, गर्भवती महिलाओं से दूरभाष पर वार्ता कर उनका हॉल चाल जाना तथा मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के निरंतर मॉनिटिरिंग की जाए, निर्देशित किया कि महिलाओं को प्रसव तिथि से एक सप्ताह पूर्व ही नजदीकि चिकित्सालय सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए।

जिलाधिकारी ने पेयजल निगम एवं जल संस्थान को पानी शुद्वता एवं खाद्य सुरक्षा विभाग को संचालित होटल रेस्टोंरेट में खाने गुणवत्ता एवं की निरंतर जांच कराते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने शहर में स्ट्रीट लाइटों की स्थिति की समीक्षा करते हुए खराब एवं बंद पड़ी लाइटों को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश नगर निकाय एवं संबंधित विभागों को दिए। उन्होंने कहा कि रात्रि के समय प्रकाश व्यवस्था बेहतर रहना जनसुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। डीएम ने नगर मजिस्टेªट एवं उप जिलाधिकारी नगर निगम, नगर निकाय के अधिकारी अपने क्षेत्रों में स्ट्रीट लाईटों का निरीक्षण करते हुए खराब स्ट्रीट लाईट ठीक कराने तथा जिन क्षेत्रों में स्ट्रीट लाईट नही है वहां स्ट्रीट लाईट लगवाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी स्वयं इसकी मॉनिटिरिंग कर रहे हैं। बैठक में शहर क्षेत्र में संचालित रैनबसेरों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी रैनबसेरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें तथा जरूरतमंद लोगों को समय पर आश्रय एवं अन्य सुविधाएं मिल सकें। जिलाधिकारी ने शहर में स्थित जर्जर एवं असुरक्षित भवनों के संबंध में की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि ऐसे भवनों का चिन्हीकरण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि वर्षा ऋतु में किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके, नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि नगर में 23 भवन चिन्हिकरण किए गए है जिस पर जिलाधिकारी ने कहा कि मा0 न्यायालय में लम्बित वाद वालें भवनों को छोड़कर जनसुरक्षा के दृष्टिगत ऐसे शेष भवनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत् ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जाए।

बैठक में विद्युत पोलों, आवासीय भवनों एवं वृक्षों से सटे अथवा लटकते विद्युत तारों की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को निर्देशित किया कि ऐसे स्थानों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ढीले एवं असुरक्षित तार जनसुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। यूपीसीएल के अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र चिन्हित करते हुए केबल भूमिगत कराने के कार्य को व्यवस्थित ढंग से पूर्ण करने तथा विद्युत लाईन की स्थिति तथा मानसून के दृष्टिगत खराब विद्युत लाईन चिन्हीकरण एवं सुधारीकरण कार्य हेतु टास्कफोर्स बनाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने कहा कि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वि/रा के.के मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 मनोज शर्मा, अधीक्षण अभियंता लोनिवि ओमपाल सिंह, अधीक्षण अभियंता सिंचाई, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, ऊर्जा निगम, स्वास्थ्य विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में तेजी से बढ़ रही सरकार, चारधाम यात्रा ने बनाए नए कीर्तिमान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रेमनगर आश्रम हरिद्वार में आयोजित पूज्य मोरारी बापू की श्रीराम कथा के समापन समारोह में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि हरिद्वार की पावन धरा पर उन्हें अद्वितीय आध्यात्मिक सुख और आनंद की अनुभूति हो रही है। उन्होंने पूज्य मोरारी बापू का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मोरारी बापू केवल श्रीराम कथा के वाचक नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के आदर्शों, विचारों और जीवन-दर्शन के जीवंत संवाहक हैं, जिन्होंने विश्वभर में भारतीय संस्कृति, सनातन दर्शन और अध्यात्म का संदेश पहुंचाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जब विश्व युद्ध, हिंसा और आतंकवाद जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब भारत की सनातन संस्कृति का ष्वसुधैव कुटुम्बकम्ष् का संदेश पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सांस्कृतिक पुनर्जागरण का साक्षी बन रहा है और उत्तराखंड सरकार देवभूमि को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर तथा प्राचीन मंदिरों के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण की योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक यात्राओं ने इस वर्ष नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा में पिछले सभी रिकॉर्ड टूट रहे हैं और दो माह के भीतर ही 45 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इसी प्रकार हेमकुंड साहिब यात्रा में डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं, जबकि कैलाश मानसरोवर यात्रा में 55000 से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जहाँ पहले पूरे वर्ष में सीमित संख्या में ही यात्रियों को भेजा जाता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 जुलाई को कैलाश मानसरोवर यात्रा के प्रथम दल को रवाना करने का सौभाग्य भी उन्हें प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि यह उत्तराखंड में विकसित हो रहे बेहतर बुनियादी ढांचे, सुरक्षित यात्रा प्रबंधन और श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने आगामी कुंभ-2027 को दिव्य, भव्य और सुरक्षित बनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि कुंभ केवल आस्था का आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति का महापर्व है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास भी और विरासत भी के मंत्र के साथ देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक गरिमा और सनातन परंपरा के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि संतों के आशीर्वाद और जनसहभागिता से उत्तराखंड आध्यात्मिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

कार्यक्रम में परमार्थ निकेतन आश्रम ऋषिकेश के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, राज्य मंत्री सुनील सैनी, देशराज कर्णवाल, नितिन गौतम, अजीत चौधरी, शोभाराम प्रजापति, आदेश सैनी, जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

देवभूमि उत्तराखंड से शिवधाम की पावन यात्रा का शुभारंभ, श्रद्धा, संस्कृति और आतिथ्य का अद्भुत संगम

उत्तराखंड से संचालित पावन कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ टनकपुर से हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शारदा पर्यटक आवास गृह से कैलाश मानसरोवर यात्रा के प्रथम दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा सभी श्रद्धालुओं की मंगलमय एवं सफल यात्रा की कामना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री का पारंपरिक छोलिया नृत्य से स्वागत किया गया तथा पुलिस द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं का रुद्राक्ष की माला एवं भगवान शिव का पटका पहनाकर स्वागत किया और उनसे आत्मीय संवाद भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से ही किसी श्रद्धालु को इस पवित्र यात्रा का अवसर प्राप्त होता है। यात्रा के दौरान आने वाली प्रत्येक चुनौती का सामना श्रद्धा और धैर्य के साथ करना चाहिए, क्योंकि शिव में अटूट विश्वास ही सभी कठिनाइयों को सरल बना देता है।

उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा सीमांत क्षेत्रों के लिए विकास और समृद्धि का माध्यम भी है। यह यात्रा सीमांत गांवों की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय जीवन से देशभर के लोगों को जोड़ती है। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से स्थानीय हस्तशिल्प एवं उत्पादों की खरीद कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। देशभर में प्राचीन मंदिरों का पुनरुद्धार एवं सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जिससे भारत की आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान मिल रही है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से सभी की सुखद एवं सफल यात्रा की प्रार्थना की।

यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भी राज्य सरकार द्वारा की गई उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना की। सातवीं बार कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे श्रद्धालु अनिल कुमार जैन सहित अन्य सभी यात्रियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए बेहतर प्रबंध किए गए हैं।

शनिवार सायंकाल टनकपुर पहुंचे प्रथम दल का देवभूमि की परंपरा के अनुरूप छोलिया नृत्य, पुष्पवर्षा, फूल-मालाओं एवं भव्य स्वागत के साथ अभिनंदन किया गया। श्रद्धालुओं के लिए सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया गया, जिसमें उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति एवं लोक कलाओं की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं।

शारदा पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि प्रथम दल में चिकित्सक सहित कुल 49 तीर्थयात्री शामिल हैं, जिनमें 34 पुरुष एवं 15 महिला श्रद्धालु हैं। दल में आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के श्रद्धालु सम्मिलित हैं, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता एवं राष्ट्रीय एकता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।

दल के साथ तमिलनाडु के डॉ. अरुण कुमार चिकित्सक के रूप में शामिल हैं। राजस्थान के 68 वर्षीय पुरुषोत्तम खंडेलवाल दल के सबसे वरिष्ठ तीर्थयात्री हैं, जबकि गुजरात के 21 वर्षीय हरिकृष्णा सबसे युवा श्रद्धालु हैं। यह यात्रा सभी आयु वर्ग के लोगों की भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष प्रयासों से लगातार दूसरे वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा का संचालन टनकपुर मार्ग से किया जा रहा है। इससे सीमांत जनपद चम्पावत को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिली है तथा स्थानीय व्यापार, पर्यटन, परिवहन, होटल व्यवसाय एवं रोजगार के अवसरों को भी उल्लेखनीय बढ़ावा मिल रहा है।

हर-हर महादेव एवं बम-बम भोले के जयघोष से गुंजायमान टनकपुर में प्रथम दल के प्रस्थान के साथ ही पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण रहा। देवभूमि उत्तराखंड ने एक बार फिर अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा एवं अतिथि सत्कार की अनुपम मिसाल प्रस्तुत की।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, मंडल आयुक्त कुमाऊं एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं मंडल निवेदिता कुकरेती, प्रबंध निदेशक कुमाऊं मंडल विकास निगम विनीत तोमर, जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक चम्पावत रेखा यादव, जीएम कुमाऊं मंडल विकास निगम मनोज कुमार, उपजिलाधिकारी टनकपुर प्रमोद कुमार, जनप्रतिनिधिगण, आईटीबीपी, सेना, एसएसबी एवं ग्रेफ के अधिकारी, विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु, जिला स्तरीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने ग्राफिक एरा कौशल ज्योति योजना का शुभारंभ कर मेधावी छात्रों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जनपद के भीमताल स्थित ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में नवनिर्मित अकादमिक ब्लॉक एवं आधुनिक ऑडिटोरियम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्राफिक एरा कौशल ज्योति योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों का शुभारंभ भी किया। साथ ही संस्थान के मेधावी छात्र-छात्राओं एवं ग्राफिक एरा कौशल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत निःशुल्क सर्टिफिकेट कोर्स कर रहे विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए यह अवसर विशेष महत्व का है, क्योंकि आज उत्तराखण्ड सरकार ने सेवा, सुशासन और विकास के पाँच वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं। उन्होंने कहा कि इन पाँच वर्षों में राज्य सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, रोजगार तथा युवाओं के सशक्तीकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए उत्तराखण्ड को विकास की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का निरंतर प्रयास किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों को विश्वास दिलाया कि सरकार भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ कार्य करते हुए राज्य को विकास के नए आयामों तक ले जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य का भविष्य उसकी सड़कों या इमारतों से नहीं, बल्कि उसके विद्यालयों, विश्वविद्यालयों और युवाओं के सपनों से तय होता है। उन्होंने कहा कि ग्राफिक एरा ने शिक्षा, शोध, नवाचार एवं कौशल विकास के क्षेत्र में जो पहचान बनाई है, वह केवल उत्तराखण्ड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि संस्थान ने यह सिद्ध किया है कि यदि संकल्प, गुणवत्ता और दूरदृष्टि का समन्वय हो, तो उत्तराखण्ड जैसा पर्वतीय राज्य भी विश्वस्तरीय शिक्षा का केंद्र बन सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान में निर्मित नया अकादमिक ब्लॉक एवं आधुनिक ऑडिटोरियम विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा को नई उड़ान देगा तथा शोध, नवाचार और रचनात्मक सोच को और अधिक गति प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि ग्राफिक एरा द्वारा भीमताल में परिसर की स्थापना कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को पर्वतीय क्षेत्रों तक पहुँचाना संतुलित एवं समावेशी विकास का उत्कृष्ट उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क होटल मैनेजमेंट एवं इंजीनियरिंग डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारम्भ किए जाने की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा तभी सार्थक है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। उन्होंने कहा कि कुमाऊँ मंडल में ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुदृढ़ होंगी तथा युवाओं के लिए रोजगार और शिक्षा के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को शिक्षा, नवाचार एवं अनुसंधान के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ विश्वविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस तथा अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़े आधुनिक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देहरादून में साइंस सिटी, हल्द्वानी में एस्ट्रो पार्क तथा अल्मोड़ा में साइंस सेंटर जैसे संस्थानों के माध्यम से राज्य में वैज्ञानिक सोच एवं अनुसंधान की संस्कृति को भी सशक्त किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में विश्व तेजी से बदल रहा है और नई तकनीकें निरंतर नए अवसर प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में वही युवा सफल होगा, जो सीखने की क्षमता, नवाचार की सोच तथा बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को ढालने का साहस रखेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से केवल डिग्री प्राप्त करने तक स्वयं को सीमित न रखते हुए नेतृत्व क्षमता, नवाचार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड का युवा केवल रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बने। इसी उद्देश्य से राज्य में स्टार्टअप, नवाचार एवं उद्यमिता को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं की प्रतिभा किसी भी नकल माफिया की भेंट न चढ़े, इसके लिए उत्तराखण्ड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि इसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है और पिछले पाँच वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पूर्ण पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ सरकारी सेवाओं में नियुक्ति प्राप्त हुई है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने तथा उन्हें साकार करने के लिए कठिन परिश्रम करने का आह्वान करते हुए कहा कि असफलताओं से कभी निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि वही सफलता की मजबूत नींव बनती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस संस्थान के विद्यार्थी भविष्य में वैज्ञानिक, चिकित्सक, अभियंता, शिक्षक, प्रशासक, उद्यमी एवं उत्कृष्ट नागरिक बनकर राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे।

इस अवसर पर धामी सरकार के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ग्राफिक एरा परिवार की ओर से केक भी काटा गया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक सरिता आर्या, विधायक प्रताप सिंह बिष्ट, राज्य मंत्री (दर्जा प्राप्त) डॉ. अनिल कपूर डब्बू, ध्रुव रौतेला, शंकर कोरंगा, दिनेश आर्या, शांति मेहरा, हुकुम सिंह कुंवर, देवेन्द्र सिंह ढेला, ब्लॉक प्रमुख हरीश बिष्ट, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी., मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे, ग्राफिक एरा ग्रुप के चेयरमैन प्रो. कमल घनशाला, निदेशक अनिल कुमार नायर, ओबीसी आयोग के सदस्य डॉ. ज़ेड. ए. वारसी, प्रकाश आर्य सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, संस्थान के पदाधिकारी, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।