डीएवी कॉलेज के छात्रसंघ समारोह में पहुंचे सीएम धामी, दिया संबोधन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डीएवी पीजी कॉलेज, देहरादून में आयोजित छात्रसंघ समारोह में प्रतिभाग करते हुए छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्य शक्ति बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि युवा केवल देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान भी हैं। उनकी ऊर्जा, संकल्प और नवाचार की सोच ही भारत के विकास की दिशा निर्धारित करती है। उन्होंने छात्र राजनीति को नेतृत्व विकास, संगठन क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जैसे संगठनों से जुड़कर युवाओं में राष्ट्र सेवा, चरित्र निर्माण और सामाजिक चेतना का विकास होता है। उन्होंने कहा कि परिषद के कार्यकर्ता, शिक्षा संस्थानों से लेकर देश की सीमाओं तक राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महान समाज सुधारक स्वामी दयानंद सरस्वती के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण करना भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में युवाओं को केंद्र में रखकर अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें ‘मेक इन इंडिया’, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसी पहलें शामिल हैं, जिन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, जैसे आधुनिक पाठ्यक्रमों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही, साइंस सिटी और एस्ट्रो पार्क जैसे परियोजनाओं के माध्यम से वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है। 9 नए महाविद्यालयों की स्थापना, 20 मॉडल कॉलेजों का निर्माण, महिला छात्रावास, आईटी लैब एवं परीक्षा भवनों का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए नई भर्तियां भी की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा के लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डी०ए०वी० पीजी कॉलेज के अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति शैक्षणिक ब्लॉक की छत पर दो अतिरिक्त तल (प्रथम एवं द्वितीय) के निर्माण की घोषणा भी की।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, रामसिंह कैड़ा, विधायक उमेश कुमार, प्राचार्य डी.ए.वी पीजी कॉलेज प्रो. कौशल कुमार, छात्र संघ अध्यक्ष ऋषभ मल्होत्रा, महामंत्री करन नेगी एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।

उत्तराखंड में इंजीनियर्स की मांगों के परीक्षण हेतु सब-कमेटी गठन

उत्तराखंड में चल रही डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल के बीच आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के पदाधिकारियों ने भेंट कर अपनी विभिन्न मांगों के संबंध में विस्तृत चर्चा की।

महासंघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी 27 सूत्रीय मांगें रखीं, जिनमें पदोन्नति, वेतनमान और पुरानी पेंशन व्यवस्था से जुड़े विषय प्रमुख रूप से शामिल रहे।

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखती है और उनकी सभी मांगों का समुचित परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मांगों के समाधान के लिए एक सब-कमेटी का गठन किया जाएगा, जो संबंधित बिंदुओं का गहन अध्ययन कर शीघ्र अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार संवाद और समन्वय के माध्यम से सभी समस्याओं का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों को सुचारू बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और राज्य के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए सभी पक्षों को सकारात्मक पहल करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने इंजीनियर्स महासंघ से अपील की कि वे जनहित को ध्यान में रखते हुए सहयोगात्मक रुख अपनाएं और वार्ता प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि शीघ्र समाधान निकल सके। उन्होंने कहा कि “राज्य सरकार डिप्लोमा इंजीनियर्स की मांगों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उनकी समस्याओं के समाधान हेतु सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा। संवाद और समन्वय के माध्यम से हम सभी मुद्दों का शीघ्र समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

बैठक में सचिव शैलेश बगौली, दिलीप जावलकर, पंकज कुमार पांडे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

डिजिटल जनगणना में उत्तराखंड ने बढ़ाया कदम, मुख्यमंत्री ने की सक्रिय भागीदारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में जनगणना 2027 के अंतर्गत अपनी स्व-गणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया पूरी करते हुए राज्य में इस महत्वपूर्ण अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इस अवसर पर जनगणना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे और उन्होंने मुख्यमंत्री को डिजिटल प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना की ओर अग्रसर हुआ है, जो पारदर्शिता, सटीकता और जनभागीदारी को सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल भारत को डिजिटल युग में एक और मजबूत कदम आगे बढ़ाने वाली है।

जनगणना 2027 का पहला चरण ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना’ (HLO) है, जिसके अंतर्गत आवासीय स्थिति, सुविधाओं और घरेलू विवरणों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी एकत्र की जा रही है। इस बार ‘स्व-गणना’ की सुविधा के माध्यम से नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया अधिक सरल और त्रुटिरहित होगी।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अधिकारियों से जनगणना कार्य को समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से संपन्न करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह डेटा राज्य और देश की नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, इसलिए इसकी शुद्धता अत्यंत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जनगणना 2027 देश के विकास की आधारशिला है। डिजिटल माध्यम से की जा रही यह जनगणना पारदर्शिता और सटीकता को सुनिश्चित करेगी। मैं प्रदेशवासियों से आग्रह करता हूं कि वे स्वयं आगे आकर स्व-गणना करें और इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की जनता से अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिक स्व-गणना पोर्टल का उपयोग कर अपने परिवार की सही और पूर्ण जानकारी दर्ज करें। उन्होंने कहा कि यह न केवल आपकी भागीदारी को सुनिश्चित करेगा, बल्कि भविष्य की योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में भी सहायक होगा।

उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जनगणना के दौरान एकत्रित सभी आंकड़ों की सुरक्षा के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं और इनका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल उत्तराखंड में डिजिटल सशक्तिकरण और जनभागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर गीता धामी, निदेशक (जनगणना संचालन) ईवा श्रीवास्तव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने पीएम मोदी के आगमन की तैयारियों को लेकर की उच्चस्तरीय बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में आगामी 14 अप्रैल को प्रस्तावित प्रधानमंत्री के उत्तराखण्ड आगमन एवं दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे) के शुभारम्भ कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में एक उच्चस्तरीय बैठक ली। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक बताते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस भव्य आयोजन में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह कार्यक्रम जन-उत्सव का रूप ले सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की रूपरेखा को अत्यंत आकर्षक एवं सुव्यवस्थित बनाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भव्यता के साथ आयोजित करने पर बल देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत—गढ़वाली, कुमाऊनी एवं जौनसारी लोकनृत्यों और संगीत की झलक इस आयोजन में भव्य रूप से दिखाई देनी चाहिए। कार्यक्रम स्थल को पारंपरिक एवं आधुनिक साज-सज्जा के समन्वय से सजाया जाए तथा कलाकारों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न होकर उत्तराखण्ड की संस्कृति, परंपरा और गौरव का प्रतीक बने।

मुख्यमंत्री धामी ने जनमानस से भी इस ऐतिहासिक अवसर में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों से निकलकर राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रधानमंत्री के रोड शो के दौरान कार्यक्रम में शामिल हों और पूरे राज्य में उत्सव जैसा माहौल बनाया जाए। साथ ही, कार्यक्रम से पूर्व प्रदेशभर में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि, प्रशासन और आम नागरिक मिलकर इस आयोजन को स्वच्छ, सुंदर और यादगार बनाएं।

दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह परियोजना उत्तराखण्ड के विकास को नई दिशा देने वाली सिद्ध होगी। इस कॉरिडोर के माध्यम से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, प्रदेश में औद्योगिक और व्यवसायिक गतिविधियों का विस्तार होगा, जिससे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर लॉजिस्टिक्स, परिवहन और निवेश के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना का शुभारम्भ उत्तराखण्ड के विकास के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा और प्रदेश को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में और अधिक सशक्त बनाएगा।

बैठक में राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे, जिनमें सचिव शैलेश बगौली, कमिश्नर विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल थे।

विकास कार्यों में देरी पर अधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी: धामी

राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। विधायकगणों द्वारा अपने क्षेत्र की जिन समस्याओं को उठाया जा रहा है, अधिकारी उन्हें गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। जिन योजनाओं का समाधान शीघ्र हो सकता है, यह सुनिश्चित किया जाए कि उनमें अनावश्यक विलंब न हो। कार्यों में अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय से जन समस्याओं का समाधान करें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र थराली, कर्णप्रयाग, केदारनाथ, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग की समीक्षा के दौरान ये निर्देश अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनप्रतिनिधियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए अधिकारी आमजन की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। हेली एंबुलेंस की समय पर उपलब्धता और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किए जाएं। निर्माण से संबंधित कार्यों में यदि किसी विभाग द्वारा प्रस्ताव किसी अन्य विभाग को हस्तांतरित किया जाना है, तो उसे शीघ्र भेजा जाए। विलंब करने पर संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय की जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विधायकगणों द्वारा बैठक में उठाई गई समस्याओं का संबंधित विभागीय सचिव प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित वन विभाग के स्तर पर लंबित प्रकरणों की अलग से समीक्षा की जाए। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि मानसून से पहले वर्षाकाल की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। बाढ़ नियंत्रण से संबंधित कार्य समय पर पूर्ण किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी चारधाम यात्रा के दृष्टिगत सभी तैयारियां समय पर पूर्ण कर ली जाएं। वाणिज्यिक सिलेंडरों के संबंध में होटल एसोसिएशन के साथ समय-समय पर बैठक कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। यात्रा के लिए सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाया जाए।

बैठक में कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, विधायक कर्णप्रयाग अनिल नौटियाल, विधायक थराली भूपाल राम टम्टा, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, नितेश झा, दिलीप जावलकर, सचिन कुर्वे, रविनाथ रमन, एस.एन. पांडेय, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, धीराज गर्ब्याल, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से संबंधित जिलाधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने खतौनी में अंश निर्धारण के कार्यों में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में जिलाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की एवं अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने सभी जनपदों में एलपीजी गैस वितरण की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग एवं तेल कंपनियों के राज्य स्तरीय समन्वयक को लगातार गैस एजेंसियों और वितरकों पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बैकलॉग खत्म करने के लिए आपूर्ति बढ़ाये आने पर भी जोर दिया। उन्होंने चारधाम यात्रा के लिए कमर्शियल गैस आपूर्ति बढ़ाये जाने हेतु केंद्र सरकार से बात किये जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने खतौनी में अंश निर्धारण के कार्यों में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हरिद्वार नैनीताल एवं कुछ और मैदानी जनपदों को अंश निर्धारण में तेजी लाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अंश निर्धारण के लिए साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए सभी जिलाधिकारियों को तेजी लाए जाने की बात भी कही।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कुंभ – 2027 की तैयारियों पर भी चर्चा की। उन्होंने सभी आवश्यक जीओ शीघ्र जारी किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नियोजन विभाग को निर्देश दिए कि जिन कार्यों की टीएसी एवं ईएफसी होनी हैं, शीघ्र करवा ली जाए। उन्होंने कह कि कार्यों में डुप्लीकेसी ना हो इसका विशेष ध्यान दिया जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव एल. फेनाई, आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, बृजेश कुमार संत, विनोद कुमार सुमन एवं श्री आनन्द स्वरूप, मंडलायुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, मंडलायुक्त कुमाऊं दीपक रावत सहित जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड के टिहरी में केंद्रीय विद्यालय की होगी स्थापना, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद टिहरी गढ़वाल के मदननेगी में केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना को मंजूरी प्रदान किए जाने पर केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा मदन नेगी, टिहरी गढ़वाल में नए केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है। यह विद्यालय सिविल सेक्टर के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ही प्रारंभ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय खुलने से मदननेगी एवं आसपास के क्षेत्र में नोनीहालों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर शैक्षिक ढांचे को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे लाने एवं उनके भविष्य को संवारने के लिए संकल्पित है।

नए केन्द्रीय विद्यालय का संचालन प्रारंभिक चरण में कक्षा 1 से 5 तक (प्रत्येक कक्षा में एक सेक्शन) किया जाएगा, जिसे आवश्यकता एवं स्वीकृति के अनुसार आगामी वर्षों में क्रमिक रूप से विस्तारित किया जाएगा।साथ ही प्रवेश प्रक्रिया सभी आवश्यक औपचारिकताओं के पूर्ण होने के 30 दिनों के भीतर प्रारंभ कर दी जाएगी।

गौरतलब है कि यह निर्णय भारत सरकार की पूर्व स्वीकृति के क्रम में लिया गया है, जिसके तहत देशभर में 85 नए केन्द्रीय विद्यालय खोले जाने हैं। मदान नेगी, टिहरी गढ़वाल स्थित यह विद्यालय उन्हीं स्वीकृत विद्यालयों में शामिल है।

पुत्र की मृत्यु उपरान्त 2023 से न्याय को भटकती मां को मिला डीएम का सहारा, नियोक्ता फर्म पर मुकदमा व लेबर कोर्ट में वाद दर्ज

जिलाधिकारी सविन बसंल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जनता दर्शन में आज 212 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई। जिलाधिकारी ने अपनी कोर टीम संग जनमानस की समस्याओं को सुनते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए।
छबीलबाग कांवली रोड निवासी 82 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई की उनका पुत्र 12-13 वर्षों से लापता है तथा 02 पोतों की जिम्मेदारी उनपर है घर के पानी का बिल 31657 बिल आया है उन्होंने जिलाधिकारी से बिल माफी की गुहार लगाई जिस पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जल संस्थान द्वारा ब्याज की धनराशि रू0 11487, वन टाइम सेटलमेंट कराते हुए शेष धनराशि 20170 रू0 रायफल फंड से जिला प्रशासन जल संस्थान के खाते में जमा कराई जा रही है।
विकासनगर निवासी मीना बंसल ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनके पुत्र वर्ष 2023 में डिक्शन होटल में दुर्घटना में गंभीर घायल होने पर उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी कम्पनी द्वारा कोई मुआवजा नही दिया गया है, जिस पर जिलाधिकारी ने एएलसी को एफआईआर दर्ज कराने तथा लेबरकोर्ट में मामला दर्ज करते हुए 02 माह के भीतर प्रकरण निस्तारित करने के निर्देश दिए।
ऋषिकेश निवासी बुजुर्ग दम्पति नीलम अरोड़ा व उनके पति ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनकी पुत्रवधु द्वारा उनके घर में रहते हुये प्रार्थिनी एवं उसके पति के साथ अनावश्यक मारपीट करने, प्रताडित करने, गाली गलौज करने एवं जान से मारने की धमकी देते हैं जिस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम कोर्ट ऋषिकेश में वाद भरणपोषण एक्ट में वाद दर्ज करने के निर्देश दिए।
धर्मपुर निवासी रोशनी रावत ने जिलाधिकारी ने गुहार लगाई कि उनकी पारिवारिक आर्थिक स्थिति उनकी 02 पुत्रियां है जिनकी शिक्षा-दीक्षा एवं लानपोषण में समस्या आ रही है जिस पर जिलाधिकारी ने रोशनी की दोनों पुत्रियों की शिक्षा प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से कराने हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास विभाग को कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
हर्रावाला निवासी बाबूराम मौर्य ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनकी भूमि से लगती हुई लघु सिंचाई विभाग की सरकारी नहर कुछ व्यक्तियों द्वारा बंद कर दी गई है जिससे भूमिधरों की गेंहू की फसल में पानी नही लग पाने से फसल खराब हो रही है, नहर को जेसीबी लगाकर पूर्णतः क्षतिग्रस्त कर दिया है। जिस पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी, एसडीएम डोईवाला, अधि.अभि लघु सिंचाई को तत्काल कार्यवाही कराते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में अपर जिलाधिकारी वित एवं राजस्व के.के मिश्रा, संयुक्त मजिस्टेªट राहुल आनंद, पुलिस अधीक्षक यातायात लोकजित सिंह, उप नगर आयुक्त नगर निगम संतोष पाण्डेय, उप जिलाधिकारी मुख्यालय कुमकुम जोशी, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास विभाग जितेन्द्र कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल सहित समस्त विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

महामंडलेश्वर अभिरामदास महाराज का आशीर्वाद लेने उनके आश्रम पहुंचे पूर्व मंत्री

ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने ऋषिकेश के मायाकुंड स्थित रामानंद आश्रम के पीठाधीश्वर एंव महामंडलेश्वर अभिरामदास जी महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।

इस अवसर पर डॉ. अग्रवाल ने शंकराचार्य जी से प्रदेश एवं क्षेत्र की समृद्धि, शांति और जनकल्याण के विषय में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि संत समाज का मार्गदर्शन समाज को सही दिशा प्रदान करता है तथा उनके आशीर्वाद से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों का संरक्षण और विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने आश्रम की व्यवस्थाओं की सराहना भी की।

महामंडलेश्वर अभिरामदास ने भी डॉ. अग्रवाल को आशीर्वाद देते हुए डॉ अग्रवाल व प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री धामी ने किया दून बुक फेस्टिवल 2026 का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित “दून बुक फेस्टिवल 2026” का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर विभिन्न प्रकाशकों द्वारा लगाये गये स्टॉल का अवलोकन और गढ़वाली एवं कुमांऊनी पुस्तकों का विमोचन भी किया। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार और उत्तराखण्ड सरकार के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने देशभर से आए साहित्यकारों, कलाकारों एवं साहित्य प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह महोत्सव साहित्य, संस्कृति और कला का अद्भुत संगम है, जो समाज में ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान को नई दिशा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस 9 दिवसीय महोत्सव में विभिन्न सत्रों, संवाद कार्यक्रमों, पुस्तक परिचर्चाओं तथा “लेखक से मिलिए” जैसे आयोजनों के माध्यम से साहित्यिक विमर्श को समृद्ध किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों के लिए स्थापित “चिल्ड्रेन पवेलियन” को सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि इससे नई पीढ़ी में पठन-पाठन की रुचि विकसित होगी।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की समृद्ध साहित्यिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि की इस पावन भूमि ने अनेक महान साहित्यकारों को जन्म दिया है और यह प्रदेश सदैव ज्ञान, संस्कृति एवं सृजन का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। “उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान”, “साहित्य भूषण” तथा अन्य पुरस्कारों के माध्यम से साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है, साथ ही विभिन्न भाषाओं में ग्रंथ प्रकाशन हेतु अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में साहित्य ग्रामों की स्थापना की जा रही है, जिससे साहित्यकारों को सृजन के लिए अनुकूल वातावरण मिल सकेगा तथा उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पुस्तकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पुस्तकें केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि ज्ञान का स्थायी स्रोत हैं, जो पीढ़ी दर पीढ़ी समाज को दिशा प्रदान करती हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे विभिन्न अवसरों पर उपहार स्वरूप पुस्तकों एवं पौधों को प्रोत्साहित करें, जिससे समाज में ज्ञान और पर्यावरण दोनों के प्रति जागरूकता बढ़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को पुनः प्रतिष्ठित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार भी उत्तराखंड की साहित्यिक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों को शुभकामनाएं दीं और विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन प्रदेश की साहित्यिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, आचार्य बालकृष्ण, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष प्रो. मिलिन्द मराठी, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के निदेशक युवराज मलिक, देवभूमि उत्तराखण्ड युनवर्सिटी के उपाध्यक्ष अमन बंसल मौजूद थे।