चारधाम यात्रा के मद्देनजर ग्राउंड जीरो पर उतरे मुख्यमंत्री, रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक सड़क मार्ग से किया यात्रा मार्ग का निरीक्षण

आस्था और श्रद्धा के महान पर्व के रूप में प्रतिष्ठित श्री केदारनाथ धाम के कपाट वर्ष 2026 की यात्रा हेतु आगामी 22 अप्रैल 2026 को विधि-विधान एवं सनातन परंपराओं के अनुरूप श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस अवसर पर राज्य सरकार द्वारा यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुगम बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

इसी क्रम में आज मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जनपद रुद्रप्रयाग पहुंचे और ग्राउंड जीरो पर यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के मद्देनजर राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक कार द्वारा निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जवाड़ी बाईपास, निर्माणाधीन सुरंग, तिलवाड़ा में हटाए गए अतिक्रमण, बांसवाड़ा, कुंड-काकड़ागाड़ जैसे भूस्खलन संभावित संवेदनशील क्षेत्रों का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने सड़क के पेचवर्क, झाड़ी कटान, साइनेज, क्रैश बैरियर, सुरक्षा उपायों एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी लंबित कार्यों को यात्रा शुरू होने से पूर्व हर हाल में पूर्ण किया जाए।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री द्वारा गुप्तकाशी में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर जनपदीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं के साथ सौम्य व्यवहार रखने के निर्देश दिए। साथ ही हेलीपैड पर यात्री शेड, लैंडस्लाइड प्रभावित क्षेत्रों के समीप पुलिस चौकियों में आवश्यक सुविधाएं जैसे दवाइयां, पेयजल एवं फूड पैकेट उपलब्ध रखने के निर्देश दिए, ताकि आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान की जा सके।

मुख्यमंत्री ने यात्रा को प्लास्टिक मुक्त बनाने पर विशेष जोर देते हुए “ग्रीन यात्रा” के उद्देश्य को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

गैस आपूर्ति के विषय में मुख्यमंत्री ने बताया कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद केंद्र सरकार से अतिरिक्त गैस आपूर्ति की मांग की गई है, जिससे यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को यात्रा से जोड़ते हुए “वोकल फॉर लोकल” के तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए।

इसके अतिरिक्त पैदल मार्गों पर पेयजल, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समीक्षा की गई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रकाश, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग ओंकार पांडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

उत्तराखंडः लोकभवन में राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने किया बहुउद्देशीय भवनों का शिलान्यास

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोक भवन परिसर में बहुउद्देशीय भवनों का शिलान्यास किया। लोक भवन परिसर में निर्मित किए जाने वाले इन भवनों में विभिन्न आवश्यक सुविधाओं का समावेश किया जाएगा। प्रथम भवन में एक समेकित डिस्पेंसरी का निर्माण किया जाएगा, जिसमें आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक एवं एलोपैथिक चिकित्सा कक्ष शामिल होंगे। वहीं दूसरे भवन में सूचना परिसर एवं कैफेटेरिया, तृतीय भवन में लोक निर्माण विभाग कार्यालय एवं चतुर्थ भवन में उद्यान विभाग कार्यालय का निर्माण किया जाना है। इन भवनों का निर्माण पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला के अनुरूप किया जाएगा, जिससे स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को भी सुदृढ़ किया जा सके।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि इन नवीन भवनों के निर्माण से लोक भवन परिसर में विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे कार्यप्रणाली अधिक सुव्यवस्थित एवं प्रभावी बनेगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल कर्मचारियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि आमजन को भी बेहतर एवं त्वरित सेवाएं प्राप्त होंगी। समेकित सुविधाओं के माध्यम से समय एवं संसाधनों की बचत होगी तथा कार्यों में दक्षता आएगी।

राज्यपाल ने कहा कि इस परियोजना में आधुनिक तकनीक के साथ-साथ प्रदेश की सांस्कृतिक एवं पारंपरिक विरासत का समन्वय किया गया है, जो इसे विशिष्ट बनाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बहुउद्देशीय भवन लोक सेवा की भावना को और अधिक सशक्त करेगा तथा प्रशासनिक कार्यों के कुशल एवं प्रभावी निष्पादन में सहायक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोक भवन परिसर में विकसित की जा रही यह बहुउद्देशीय अवसंरचना सुशासन एवं सेवा प्रदान करने की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि एक ही परिसर में विभिन्न विभागों एवं सुविधाओं के उपलब्ध होने से प्रशासनिक समन्वय बेहतर होगा तथा नागरिकों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्राप्त होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन भवनों का निर्माण पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला के अनुरूप किए जाने से न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह स्थानीय संसाधनों एवं कारीगरों को भी प्रोत्साहन देगा।

इस अवसर पर सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल किशोर शुक्ल, उप सचिव लक्ष्मण राम आर्य, संयुक्त निदेशक सूचना डॉ. नितिन उपाध्याय, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग नीरज त्रिपाठी, सहायक अभियंता दिवाकर धस्माना, अपर सहायक अभियंता अमित सेमवाल सहित लोक भवन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

महिलाओं की शक्ति, साहस और समर्पण ही हमारे समाज और देश की प्रगति का आधारः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड राज्य महिला आयोग द्वारा राजकीय दून मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संसद द्वारा 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम, देश की मातृशक्ति के सम्मान, अधिकार और सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया एक युगांतकारी कदम है। इस अधिनियम के माध्यम से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की शक्ति, साहस और समर्पण ही हमारे समाज और देश की प्रगति का आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये केवल संख्या बढ़ाने का प्रयास नहीं बल्कि नीति-निर्माण की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया एक क्रांतिकारी कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी दूरदर्शी सोच के साथ नारी शक्ति को लोकतंत्र के सर्वाेच्च मंचों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है शिव भी तभी समर्थ हैं जब वे शक्ति से युक्त हों, शक्ति के बिना कोई भी सृजन या सामर्थ्य संभव नहीं हो सकता है, इसलिए नारीशक्ति के सामर्थ्य के बिना राष्ट्र और समाज की वास्तविक उन्नति की कल्पना असंभव है। उन्होंने कहा कि आज की महिला खेत में अन्न उगाने वाली किसान भी है, तो स्टार्टअप खड़ा करने वाली एंटरप्रेन्योर भी है। वो गाँव की पंचायत में विकास की योजनाएँ बनाने वाली जनप्रतिनिधि भी है, तो देश की संसद में नीति निर्धारण करने की क्षमता रखने वाली सशक्त नेतृत्वकर्ता भी है।

उन्होंने कहा कि आज तक हमारे देश की आधी आबादी को वो सम्मान नहीं मिल पाया है, जिसकी वो वास्तव में हक़दार है। परन्तु अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नारी शक्ति को सम्मान और अधिकार दिलाने की दिशा में एक नए युग का शुभारंभ हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में शपथ लेने के बाद “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ”, “सुकन्या समृद्धि योजना”, “प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना”, “प्रधानमंत्री जन-धन योजना”, “मातृत्व वंदना योजना”, “स्वच्छ भारत मिशन” और “लखपति दीदी योजना” जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से मातृशक्ति का सम्मान सुनिश्चित करने का काम किया है।

महिला सशक्तिकरण के लिए समर्पित है प्रदेश सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। इसी क्रम में राज्य में शिक्षा, रोजगार उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया गया है। राज्य सरकार द्वारा उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही, ’सशक्त बहना उत्सव योजना’ और ‘मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना’ के माध्यम से राज्य की मातृशक्ति को नए अवसर और शक्ति प्रदान करने का काम भी किया है। राज्य सरकार ‘‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना” के अंतर्गत महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में विकसित करने पर भी ध्यान दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “वोकल फॉर लोकल” और “लोकल टू ग्लोबल” की पहल के अंतर्गत, महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से “हाउस ऑफ हिमालयाज’’ नाम से अम्ब्रेला ब्रांड की शुरुआत की गई है। राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश की 2 लाख 65 हजार से अधिक लखपति दीदियों की सालाना आय एक लाख से अधिक हो चुकी। प्रदेश सरकार ने जहां एक और महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया वहीं, महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए “समान नागरिक संहिता” लागू की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 अप्रैल से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र प्रस्तावित है। कई दशकों से लंबित महिला आरक्षण का सपना अब साकार होने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाली मातृशक्ति को सम्मानित भी किया।

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं बल्कि भारत के भविष्य को दिशा देने वाला परिवर्तनकारी प्रयास है। महिलाओं को संसद एवं विधानसभाओं में आरक्षण की व्यवस्था से महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ेगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल होने का अधिकार मिलेगा। अब महिलाएं भी हर बड़े फसलों में प्रभावी भूमिका निभाएंगे।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से महिलाओं का सम्मान, अधिकार और विश्वास में बढ़ोतरी होगी। प्रधानमंत्री जी ने हमेशा महिला नेतृत्व को प्राथमिकता दी है और उनका सशक्तिकरण किया है। उन्होंने कहा महिलाओं की यात्रा केवल अधिकारों की नहीं अपितु आत्म सम्मान, सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी तय करने की भी है।

महिला सशक्तिकरण बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि इस कानून की सबसे बड़ी शक्ति यह है कि यह महिलाओं को केवल प्रतिनिधित्व नहीं देता, बल्कि उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया का केंद्र बनाता है। अब महिलाएं स्वयं नीतियां बनाएंगी, अपने अनुभवों के आधार पर समाज को दिशा देंगी। यही वास्तविक सशक्तिकरण है। उन्होंने कहा कि पिछली पीढ़ियों की महिलाओं को अपने अधिकारों की आवाज उठाने के लिए अक्सर पुरुषों पर निर्भर रहना पड़ता था। उन्हें अवसर सीमित मिले, मंच सीमित मिले, और निर्णय लेने के अधिकार भी सीमित रहे। लेकिन आज की स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। कार्यक्रम में दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने भी अपने विचार रखे।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, पद्मश्री माधुरी बर्थवाल, भाजपा नेत्री दीप्ति रावत, रूचि भट्ट सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रहीं।

फ्यूचर रेडी बने युवा, नेशन फर्स्ट को ध्यान रखें हमेशाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ी कैंट स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में ओहो रेडियो एवं ड्रीमर्स एड्यु हब के सौजन्य से आयोजित “राष्ट्र निर्माण उत्सव” कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए तीन नए रेडियो चौनलों का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वे इस प्रेरणादायी आयोजन में उपस्थित सभी अतिथियों एवं युवा साथियों का स्वागत और अभिनंदन करते हैं तथा ओहो रेडियो के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक मजबूत, समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प है।

उन्होंने कहा कि एक समय था जब रेडियो घरों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता था और इसकी उपस्थिति से अधिक उस पर प्रसारित होने वाली सूचनाएं महत्वपूर्ण होती थीं। गांवों में सीमित घरों में रेडियो होने के बावजूद लोग एकत्र होकर समाचार सुनते और गीतों का आनंद लेते थे। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके पास भी एक छोटा रेडियो था, जो उनके लिए किसी खजाने से कम नहीं था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समय के साथ तकनीक में परिवर्तन आया है, लेकिन रेडियो की आत्मीयता और विश्वसनीयता आज भी बनी हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा “मन की बात” कार्यक्रम के माध्यम से रेडियो को पुनः मुख्यधारा में स्थापित करने के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ओहो रेडियो भी उत्तराखंड में इस परंपरा को जीवंत बनाए रखने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनके बीच उपस्थित होकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों से आए युवा अपनी सांस्कृतिक विरासत के साथ देवभूमि उत्तराखंड को गौरवान्वित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं को राष्ट्र के पुनर्जागरण का सबसे सशक्त माध्यम मानते थे और उनका आह्वान था कि लक्ष्य की प्राप्ति तक निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भी अनेक युवा उनके विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी राष्ट्र तब तक पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो सकता जब तक उसकी युवाशक्ति संगठित, आत्मनिर्भर और राष्ट्रवाद की भावना से प्रेरित न हो। उन्होंने युवाओं की ऊर्जा, समर्पण और सृजनात्मकता को राष्ट्र की प्रगति का आधार बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं में राष्ट्र के प्रति निष्ठा और समर्पण की भावना को सशक्त करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें समाज के सभी वर्गोंकृयुवा, किसान, महिलाएं, श्रमिक, उद्यमी और बुद्धिजीवीकृकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जब प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करता है, तभी एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और यही युवा शक्ति उसकी सबसे बड़ी पूंजी है। यदि इस ऊर्जा को सही दिशा मिले, तो भारत न केवल आर्थिक महाशक्ति बनेगा, बल्कि पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित होगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। राज्य सरकार भी युवाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने, कौशल विकास को प्राथमिकता देने और स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज के युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजित करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में रोजगार के स्वरूप में तेजी से बदलाव आ रहा है, इसलिए युवाओं को फ्यूचर-रेडी बनाना आवश्यक है। इसी दिशा में राज्य सरकार डिमांड-बेस्ड स्किल ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान दे रही है।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि का राष्ट्र निर्माण में योगदान सदैव महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने “स्वामी विवेकानंद कॉरिडोर” के निर्माण और दून विश्वविद्यालय में “सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज” की स्थापना को इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

मुख्यमंत्री ने सीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उन्हें राष्ट्र का भावी प्रहरी बताया और युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखें।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि युवाशक्ति के समर्पण, नवाचार और संकल्प से वर्ष 2047 तक भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र बनाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।

कार्यक्रम में फिल्म अभिनेता राकेश बेदी, मेजर प्राजुक्ता देसाई, आरजे काव्या सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

खेलों से होते हैं अनुशासन, धैर्य, टीम भावना और लक्ष्य के प्रति समर्पण जैसे जीवन-मूल्य विकसितः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड, देहरादून स्थित बहुद्देशीय क्रीड़ा हॉल में 87वें इंटर स्टेट जूनियर एवं यूथ नेशनल टेबल टेनिस चौंपियनशिप का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने टेबल टेनिस खेलकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखंड के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि राज्य को पहली बार इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने इसके लिए भारतीय टेबल टेनिस महासंघ का भी आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त आधार है। खेलों के माध्यम से अनुशासन, धैर्य, टीम भावना और लक्ष्य के प्रति समर्पण जैसे जीवन-मूल्य विकसित होते हैं, जो युवाओं को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने युवा खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे न केवल अपने-अपने राज्यों का बल्कि देश के उज्ज्वल भविष्य का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। उनकी मेहनत, अनुशासन और संकल्प ही भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टेबल टेनिस ऐसा खेल है जिसमें गति, संतुलन, तकनीक और मानसिक दृढ़ता का समन्वय आवश्यक होता है। यह खेल खिलाड़ियों को त्वरित निर्णय क्षमता, रणनीतिक सोच और आत्मविश्वास के साथ चुनौतियों का सामना करना सिखाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश में खेल संस्कृति को नई दिशा मिली है। ‘खेलो इंडिया’ एवं ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों के माध्यम से भारत ने खेलों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और आज देश वैश्विक मंचों पर अपनी अलग पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेलों एवं कॉमनवेल्थ खेलों में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट प्रदर्शन देश के लिए गर्व का विषय है। यह सफलता प्रधानमंत्री के खिलाड़ियों के प्रति विश्वास, प्रोत्साहन और बेहतर संसाधनों की उपलब्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के माध्यम से उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में स्थापित किया गया है, जिसमें राज्य के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में हार और जीत महत्वपूर्ण नहीं, बल्कि खिलाड़ियों का जज्बा, अनुशासन और आत्मविश्वास ही उन्हें सच्चा विजेता बनाता है।


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, अध्यक्ष राज्य स्तरीय खेल परिषद कुलदीप बुटोला, उपाध्यक्ष राज्य स्तरीय खेल परिषद हेमराज बिष्ट, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा और उत्तराखंड टेबल टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष चेतन गुरुंग मौजूद थे।

एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने पहाड़ी बोली भाषा के शब्दों को दी अपने भाषण में जगह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-दून इकोनॉमिक कॉरिडोर के शुभारंभ पर उत्तराखंडवासियों से सीधे कनेक्ट किया। उन्होंने सिर पर ब्रहमकमल टोपी, भाषण के शुरूआत में गढ़वाली-कुमाऊंनी के छोटे-छोटे वाक्य रखे। मौके पर प्रधानमंत्री ने अपने चिर परिचित अंदाज में एक बार फिर साबित किया कि उत्तराखंड की प्रगति से उनका खास वास्ता है।

उन्होंने कहा एक्सप्रेस वे के निर्माण में मां डाटकाली के आशीर्वाद का प्रधानमंत्री ने खास तौर पर जिक्र किया। ये भी जोड़ा कि देहरादून पर मां डाटकाली की कृपा है। उत्तराखंड से लगे उत्तर प्रदेश के क्षेत्र में स्थित संतला माता मंदिर का भी उन्होंने स्मरण किया। प्रधानमंत्री ने हरिद्वार कुंभ, नंदा राजजात से लेकर पंच बदरी, पंच केदार, पंच प्रयाग का भी प्रभावपूर्ण जिक्र कर जबरदस्त लोकल कनेक्ट किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेे जसवंत सिंह आर्मी ग्राउंड, गढ़ी कैंट में आयोजित समारोह में 210 किमी लंबे, दिल्ली -देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का रिमोट बटन दबाकर लोकार्पण किया। इससे पहले प्रधानमंत्री ने गढ़ी कैंट तक 12 किलोमीटर लंबे रोड शो में प्रतिभाग करने के साथ ही डाटकाली मंदिर में दर्शन करने के उपरांत पूजा भी की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गढ़ी कैंट में आयोजित, समारोह में अपने संबोधन की शुरुआत देशवासियों को बैसाखी और बिहू पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाले कुछ दिनों में उत्तराखंड में स्थित पवित्र चार धामों की भी यात्रा शुरु होने वाली है, जिसका देशभर के आस्थावान लोग प्रतीक्षा करते हैं। दिल्ली- देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर बनने से चारधाम के यात्रियों को भी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य अपने स्थापना के 26वें प्रवेश कर चुका है, अब राज्य की प्रगति में दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस-वे भी शामिल हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ साल पहले उन्होंने बाबा केदार की धरती पर अनायास ही कहा था कि इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड के नाम होने जा रहा है, उन्हें यह देखकर बेहद खुशी हो रही है कि डबल इंजन वाली सरकार की नीतियों और उत्तराखंड के लोगों के परिश्रम से उत्तराखंड तेजी से इस राह पर बढ़ रहा है।

उत्तराखंड ने देश को दिखाई राह
प्रधानमंत्री ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ बीआर अंबेडकर को उनकी जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि बीते एक दशक से उनकी सरकार ने जो भी निर्णय लिए वो देश के संविधान की गरिमा को बढ़ाने वाले साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर में धारा 370 की समाप्ति और देश से माओवाद खत्म होने के बाद आज पूरे देश में भारत का संविधान लागू हो गया है। उन्होंने कहा कि, उत्तराखंड ने संविधान की भावना के अनुरूप, समान नागरिक संहिता लागू कर, पूरे देश को नई राह दिखाई है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का जीवन गरीबों, वंचितों और शोषितों को न्याय पूर्ण व्यवस्था देने के लिए समर्पित रहा है, केंद्र सरकार भी इसी भावना के साथ हर गरीब को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि देश का संतुलित विकास, सबको सुविधा और सबकी समृद़धि ही सामाजिक न्याय का माध्यम बन सकती है। इसलिए बाबा साहेब भी औद्योगिकरण और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की भरपूर वकालत करते थे।

सड़कें बनेगी भविष्य की रेखा
प्रधानमंत्री ने देश के विकास में सड़क, रेलवे, रोपवे और वाटरवे की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ लोग, भविष्य जानने के लिए हाथ की रेखाओं को दिखाने के लिए ज्योतिष शास्त्र की शरण में जाते हैं। आज इसी तरह सड़कें, राष्ट्र की भाग्य रेखाएं बनती जा रही हैं। उन्होनें कहा कि बीते एक दशक से सरकार विकसित भारत के लिए ऐसी ही भाग्यरेखाओं के निर्माण में जुटी हुई है। ये भाग्य रेखाएं, सिर्फ आर्थिकी का आधार नहीं बनेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ी की समृद्धि की गारंटी भी बनेगी और यही मोदी की गारंटी भी है। उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में सरकार ने इन विकास रेखाओं के निर्माण में अभूतपूर्व निवेश किया है। वर्ष 2014 तक, पूरे देश के इंफ्रा प्रोजेक्ट पर दो लाख करोड़ भी खर्च नहीं हो पाते थे, जबकि आज यह राशि छह गुना अधिक बढ़कर 12 लाख करोड़ के पार पहुंच चुकी है। इस दौरान अकेले उत्तराखंड में ही, सवा दो लाख करोड़ रुपए के इंफ्रा प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी उत्तराखंड के गांवों में सड़कों के इंतजार में पीढ़ियां बूढ़ी हो जाती थी, आज डबल इंजन की सरकार के कारण गांव गांव सड़क पहुंच रही है। इससे वीरान गांव फिर जीवंत हो रहे हैं। चारधाम महामार्ग परियोजना, रेल परियोजना, केदारनाथ, हेमकुंड रोपवे जैसे परियोजनाएं उत्तराखंड की भाग्य रेखाएं बन रही हैं।

नए भारत में स्पीड और स्केल पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का भारत जिस स्पीड और स्केल पर काम कर रहा है, उसकी चर्चा दुनियाभर में हो रही है। उन्होने कहा कि बीते कुछ महीनों के भीतर ही दिल्ली मेट्रो का विस्तार हुआ है, साथ ही मेरठ तक मेट्रो पहुंची है, नोएडा में एयरपोर्ट शुरु हुआ है और अब दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर भी शुरु हो चुका है। इतने छोटे से क्षेत्र में इतना सबकुछ हो रहा है तो आप देशभर की प्रगति का आंकलन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में कई इकोनॉमिक कॉरिडोर पर काम चल रहा है। ये इकोनॉमी कॉरिडार प्रगति के नए द्वार बनने जा रहे हैं जिनसे हमारी उम्मीदों की डोर भी जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली दृ देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से जहां लोगों का आने जाने में समय बचेगा, वहीं ईंधन की खपत कम होने से किराया और माल भाड़ा भी बचेगा। साथ ही किसानों को अपने उत्पाद, तेजी से बड़ी मंडियों तक पहुंचाने की सुविधा मिलेगी। इस शानदार एक्सप्रेस वे का सर्वाधिक लाभ उत्तराखंड के पर्यटन को मिलेगा ।

बारामासी पर्यटन की ओर बढ़ा उत्तराखंड
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड सरकार द्वारा विंटर टूरिज्म, विंटर स्पोर्ट्स और वेड इन उत्तराखंड जैसे अभियानों को बढ़ावा दिए जाने के लिए जारी प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि, अब उत्तराखंड बारामासी पर्यटन की तरफ बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने 2023 में अपनी आदि कैलाश- ओमपर्वत यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि, पहले यहां साल में कुछ सौ लोग ही आते थे, जबकि 2025 में यह संख्या 40 हजार के पार पहुंच गई है। इसी तरह उत्तराखंड में शीतकालीन यात्रा में आने वाले पयर्टकों और तीर्थयात्रियों की संख्या भी 80 हजार से बढ़कर डेढ़ लाख पहुंच गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए, प्रगति, प्रकृति और संस्कृति को साथ रखा जाना जरूरी है। इसलिए आज हर निर्माण का इस त्रिवेणी को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें ध्यान देना होगा कि इंसानों के लिए होने वाले विकास कार्यों से वन्य जीवों को कोई कष्ट न हो। इसलिए दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर 12 किमी लंबा एलिवेट रोड बनाया गया है।

उत्तराखंड की पवित्रता का करें पालन
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के लोगों के साथ ही यहां आने वाले पयर्टकों से अपील करते हुए कहा कि वो देवभूमि की धरोहर बहुत पवित्र है, ऐसे स्थानों का साफ सुधरा रखना हम सबका कर्तव्य है। यहां जगह -जगह कूड़ा डालने, प्लास्टिक की बोतलें फेंकने से देवभूमि की पवित्रता को ठेस पहुंचती है। इसलिए देवभूमि के तीर्थ स्थलों को स्वच्छ और सुंदर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले साल हरिद्वार में दिव्य, भव्य और स्वच्छ कुंभ मेले का आयोजन होगा, इसी के साथ उत्तराखंड में जल्द ही नंदा देवी राजजात भी आयोजित होने वाली है। ये यात्रा उत्तराखंड की विशिष्ट सांस्कृतिक चेतना का भी उदाहरण है, जिसमें मां नंदा को बेटी मानकर सम्मान के साथ विदा किया जाता है। उन्होंने कहा कि वो मां नंदा को प्रणाम करते हुए, विकसित भारत के निर्माण में माताओं बहनों की बड़ी भूमिका है।

2029 में आधी आबादी को मिलेगा पूरा हक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महिलाओं को राजनैतिक प्रतिनिधित्व प्रदान करने के लिए, संसद ने चार दशक के बाद नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित कर दिया है, इससे लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तय हो गया है। अब इसे लागू करने में देर नहीं होने चाहिए, 2029 के लोकसभा और इससे आगे के विधानसभा चुनावों में इसे लागू किया जाना चाहिए। देश की इसी भावना के अनुरूप 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने सभी दलों से इस संसोधन अधिनियम को समर्थन देने की अपील करते हुए कहा कि, 2029 में देश की पचास प्रतिशत आबादी को उनका हक मिलकर रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड की सैन्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश, 1962 में शहीद हुए बाबा जसवंत सिंह के शौर्य को भुला नहीं सकता। सैनिकों के सम्मान के क्रम में केंद्र सरकार ने वन रैंक, वन पेंशन लागू करते हुए पूर्व सैनिकों के खाते में सवा लाख करोड़ से अधिक की धनराशि जमा की है। जिसका लाभ उत्तराखंड के हजारों परिवारों को भी मिला है। सरकार देशभक्ति, देवभक्ति और प्रगति को जोडते हुए विकसित भारत का संकल्प सच करने का प्रयास कर रही है।

पीएम-सीएम की फिर दिखी मजबूत बांडिंग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मजबूत बांडिंग एक बार फिर प्रदर्शित हुई। अपने संबोधन में प्रधाानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री के लिए लोकप्रिय, कर्मठ और युवा जैसे शब्दों का प्रयोग किया। जिस वक्त केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जनसभा को संबोधित कर रहे थे, उस दौरान मोदी-धामी के बीच किसी विषय पर वार्तालाप हुआ। मुख्यमंत्री की बात को गौर से सुनते हुए प्रधानमंत्री दिखाई दिए।

अब रफ्ता-रफ्ता नहीं, पूरी रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है भारतः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि उनका प्रत्येक दौरा उत्तराखंड के लिए नई ऊर्जा और विकास की नई सौगात लेकर आता है। उन्होंने कहा आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और उत्तराखंड को ₹12 हजार करोड़ की लागत से बने एशिया के सबसे लंबे ऐलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर की सौगात मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन कई मायनों में विशेष है। एक ओर जहां दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में उत्तराखंड की विकास यात्रा को नई गति मिल रही है, वहीं यह अवसर भीमराव अंबेडकर की जयंती का भी है। उन्होंने बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने सामाजिक सौहार्द एवं समरसता को मजबूत करने के लिए वंचित वर्ग को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने देशवासियों को बैसाखी और सिख नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमारे सांस्कृतिक वैभव और कृषि परंपराओं का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने बीते वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति की है। 2014 के बाद भारत ने आधारभूत संरचना, अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी का तीसरा दशक, उत्तराखंड का दशक बताकर सभी का उत्साहवर्धन किया। प्रधानमंत्री ने सीमांत गांव माणा में आकर उसे देश का प्रथम गांव घोषित किया, इन्वेस्टर समिट के उद्घाटन पर वेड इन उत्तराखंड का संदेश दिया। आदि-कैलाश का दर्शन कर इस तीर्थ को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई, राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन से देवभूमि को खेलभूमि के रूप पहचान दिलाई, हर्षिल मुखबा से शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा दिया एवं रजत जयंती वर्ष के अवसर पर अगले 25 वर्षों के लिए राज्य को एक नया विजन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड देश का श्रेष्ठ राज्य बनने के लिए अपने विकल्प रहित संकल्प के साथ ष्विकास भी और विरासत भी’’ की अवधारणा के अनुरूप प्रत्येक क्षेत्र में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन का समापन ष्अब रफ्ता-रफ्ता नहीं, पूरी रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है भारत अब नक्सलवाद, उग्रवाद और आतंकवाद से जीत रहा है भारत अब अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार के साथ-साथ नवाचार में भी कीर्तिमान बना रहा है भारत कविता से किया। मुख्यमंत्री ने कविता के माध्यम से प्रधानमंत्री के नेतृत्व, विकास कार्यों और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण को सराहा और आभार व्यक्त किया।

इससे पहले, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को नंदा राजजात यात्रा पर आधारित स्मृति चिन्ह भेंट किया, जिसमें मां नंदा की डोली, यात्रा की अगुवाई करते खाड़ू तथा स्थानीय लोगों का सुंदर चित्रण किया गया है।


उत्तराखंड में एक लाख 30 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पर चल रहा कामः गडकरी

सड़क परिवहन, राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी ने रखा विकास परियोजनाओं का विवरण
केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गड़करी ने अपने संबोधन में कहा कि दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर उत्तराखण्ड के विकास को नई गति प्रदान करेगा। उन्होने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड में करीब एक लाख 30 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।

गडकरी ने कहा कि सहारनपुर बाईपास से हरिद्वार तक 51 किलोमीटर छह लेन रोड़ का भी जून में उद्घाटन होने जा रहा है। इसी तरह 1650 करोड़ के लागत से पौंटा साहिब से देहरादून फोर लेन मार्ग अगले महीने तक शुरु हो जायेगा। 1600 करोड़ की लागत से हरिद्वार में फोर लेन ग्रीन फील्ड बाईपास फेज-1 अक्टूबर, 2026 तक पूरा हो जायेगा, जिससे हरिद्वार और ऋषिकेश जाने में ट्रेफिक जाम की समस्या हल होगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने 1100 करोड़ की लागत से ऋषिकेश बाईपास परियोजना को भी मंजूरी प्रदान कर दी है, जिस पर अगस्त तक काम शुरू हो जायेगा।

उन्होंने कहा कि 1050 करोड़ की लागत से 21 किमी. लम्बा रूद्रपुर में फोरलेन बाईपास इसी साल अक्टूबर और 936 करोड़ की लागत से 15 किमी. लम्बा काशीपुर से फोरलेन बाईपास दिसंबर 2026 में पूरा होगा। साथ ही 716 करोड़ की लागत से 12 किमी. लम्बा देहरादून – झाझरा – आशारोड़ी फोर लेन एलिवेडेट रोड़ अगले साल अप्रैल और 745 करोड़ की लागत से 20 किमी. लम्बा भानियावाला, जौलीग्रांट से ऋषिकेश तक फोर लेन मार्ग अप्रैल 2028 तक पूरा होगा। साथ ही साथ 800 करोड़ की लागत से श्रीनगर में भी टू लेन बाईपास की भी डीपीआर बन रही है।

उन्होंने कहा कि पहले हमें मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल और चीन से होकर जाना पड़ता था। लेकिन अब 5200 करोड़ रूपये की लागत से टनकपुर-पिथौरागढ़ होकर लिपुलेख तक मार्ग बनाया जा रहा है। 370 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट में से करीब 200 किमी. का कार्य पूरा हो चुका है।इसी तरह 12 हजार करोड़ की लागत से निर्माणाधीन 825 किमी लंबी चारधाम सड़क परियोजना में 640 किमी. का काम पूरा हो चुका है। 1300 करोड़ की लागत से रूद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक का कार्य दिसम्बर 2026 तक शुरू किया जायेगा। इसके साथ-साथ गंगोत्री धाम जाने के लिए 142 किमी का काम पूरा हुआ है और बाकी 100 किमी. का काम चरणबद्ध तरीके से हो रहा है। यमुनोत्री धाम में 2500 करोड़ की लागत से धरासू से यमुनोत्री तक 46 किमी. का काम पूरा हो चुका है तथा 30 किमी. का काम अप्रैल, 2028 तक पूरा हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि केंद्र सरकार सोनप्रयाग – केदारनाथ रोपवे और गोंविदघाट से हेमकुंड साहिब पर भी काम कर रही है। प्रदेश में अनेक जगहों पर टनल भी बनाई जा रही है।

कार्यक्रम में प्रदेश के राज्यपाल ले.ज (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण, पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, विजय बहुगुणा, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, तीरथ सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, रेखा आर्य, खजान दास, डॉ. धन सिंह रावत, सौरभ बहुगुणा, मदन कौशिक, राम सिंह कैड़ा, भरत चौधरी, प्रदीप बत्रा, सांसद अनिल बलूनी, अजय भट्ट, माला राज्यलक्ष्मी शाह, नरेश बंसल उपस्थित हुए। वहीं, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता वर्चुअल माध्यम से शामिल हुईं।

देवभूमि में प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत, 12 किमी लंबे रोड शो में बड़ी संख्या में पहुंचे लोग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लोकार्पण के अवसर पर देहरादून पहुंचे, जहां उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री ने प्रसिद्ध डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना से की, जहां उन्होंने देश और उत्तराखंड की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

इसके बाद प्रधानमंत्री ने देहरादून कैंट स्थित सभा स्थल तक लगभग 12 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। यह रोड शो कई मायनों में खास रहा, क्योंकि बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री द्वारा किया गया यह अब तक का सबसे लंबा रोड शो है।

रोड शो के दौरान सड़कों के दोनों ओर हजारों की संख्या में युवा, महिलाएं और आमजन मौजूद रहे। “भारत माता की जय” के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और हर कोई प्रधानमंत्री की एक झलक पाने को उत्सुक नजर आया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाथ जोड़कर और हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। जनता के इस अपार प्रेम और समर्थन से वे बेहद प्रसन्न और उत्साहित दिखाई दिए।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने इस अभूतपूर्व स्वागत का जिक्र करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड से उन्हें हमेशा विशेष ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों का स्नेह और आशीर्वाद उन्हें देश के विकास के लिए और अधिक प्रेरित करता है, और वे इस बार भी उत्तराखंड से नई ऊर्जा लेकर जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में रोड शो में उमड़े जन सैलाब और लोगों के प्यार पर आभार जताया। उन्होंने कहा कि 12 किलोमीटर लंबे रोड शो में जनता का प्यार देखते हुए वह तेजी से वाहन चलवाकर जनसभा में नहीं पहुंच पाए । लोगों का अभिवादन करने के लिए उनके वाहन को हल्के हल्के चलाया गया और इस कारण जनसभा में पहुंचने में एक घंटे से अधिक का विलंब हो गया। इसके लिए उन्होंने जनसभा में उपस्थित लोगों से क्षमा मांगी ।

यह भव्य रोड शो न केवल इकोनॉमिक कॉरिडोर के महत्व को दर्शाता है, बल्कि उत्तराखंड की जनता और प्रधानमंत्री के बीच गहरे जुड़ाव को भी प्रदर्शित करता है।

मुख्यमंत्री धामी ने वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को बताया भारत की पहचान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हरिद्वार में ऋषिकुल मैदान में आयोजित “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” के सद्भावना सम्मेलन, बैसाखी महोत्सव 2026 में प्रतिभाग करते हुए कहा कि भारत की सनातन संस्कृति सदैव से ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के सिद्धांत पर आधारित रही है, जो पूरे विश्व को एक परिवार के रूप में देखने का संदेश देती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में सम्मेलन में उपस्थित देशभर से आए संतों, अतिथियों, माताओं, बहनों, युवाओं एवं सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए वैशाखी पर्व की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक और सामाजिक चेतना से परिपूर्ण इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

उन्होंने कहा कि सतपाल महाराज के मार्गदर्शन में “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” द्वारा समाज में समरसता, सेवा और नैतिक जागरण के लिए किए जा रहे कार्य अत्यंत प्रेरणादायी हैं। वर्तमान समय में जब विश्व विभिन्न संघर्षों और तनावों से गुजर रहा है, ऐसे में प्रेम, सद्भाव और मानवता का संदेश अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने सदैव वैश्विक स्तर पर मानवता की सेवा को प्राथमिकता दी है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश द्वारा ‘एक पृथ्वी-एक परिवार-एक भविष्य’ की भावना को आगे बढ़ाने का उल्लेख करते हुए कहा कि कोरोना काल में अनेक देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराना, योग और आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाना तथा विभिन्न आपदाओं के समय सहायता प्रदान करना भारत की मानवीय प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सौहार्द किसी भी राष्ट्र की प्रगति के मूल आधार होते हैं। इसी दिशा में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने को सामाजिक न्याय और समानता सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित रखना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्यों, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर एवं शारदा कॉरिडोर के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों से प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और सुदृढ़ किया जा रहा है। साथ ही, दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज’ की स्थापना को भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सद्भावना सम्मेलन समाज में एकता, सद्भाव और सेवा की भावना को और अधिक सशक्त करेगा तथा इसके सकारात्मक परिणाम दूरगामी होंगे। उन्होंने इस भव्य आयोजन के लिए सतपाल महाराज एवं “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” को शुभकामनाएं भी दीं।

सीएम धामी ने स्वेच्छा से स्वच्छता कार्यक्रम में प्रतिभाग कर किया श्रमदान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बल्लूपुर चौक में नगर निगम, देहरादून द्वारा आयोजित “स्वेच्छा से स्वच्छता” कार्यक्रम में प्रतिभाग कर प्रदेशवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं सफाई अभियान में भाग लेते हुए जनसामान्य को स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

नगर निगम, देहरादून द्वारा 7 अप्रैल से 13 अप्रैल 2026 तक चलाए गए इस विशेष सफाई अभियान का उद्देश्य शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाना है। अभियान के अंतर्गत विभिन्न वार्डों में सफाई, कूड़ा निस्तारण तथा जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा होनी चाहिए। जब तक प्रत्येक नागरिक स्वेच्छा से इस दिशा में योगदान नहीं देगा, तब तक स्थायी परिवर्तन संभव नहीं है। हमें अपने घर, मोहल्ले और शहर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी स्वयं निभानी होगी।

मुख्यमंत्री ने नगर निगम, देहरादून के इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के जनभागीदारी आधारित कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाएं, ताकि स्वच्छता के प्रति जागरूकता निरंतर बनी रहे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, खजान दास, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, विधायक सविता कपूर, महामंत्री संगठन अजेय कुमार एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।

सीएम धामी ने भीमताल में उप-तहसील बनाए जाने की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जनपद के भीमताल स्थित बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड साइंसेज में तीन दिवसीय तकनीकी एवं सांस्कृतिक वार्षिकोत्सव ‘स्पेक्ट्रम 2026’ का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन भी किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इस आयोजन तथा नव-निर्मित भवन से संस्थान के छात्र-छात्राओं को आधुनिक शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के नए अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश का भविष्य प्रतिभाशाली और संकल्पवान युवाओं के सुरक्षित हाथों में है।

उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को स्मरण करते हुए कहा कि भारत में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें पहचानने और उचित दिशा देने की है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि संस्थान का प्रबंधन इसी भावना के साथ कार्य करते हुए युवाओं की प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान की स्थापना के समय पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय पंडित नारायण दत्त तिवारी द्वारा व्यक्त अपेक्षाओं के अनुरूप यह संस्थान दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के मेधावी एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का कार्य निरंतर कर रहा है। उन्होंने संस्थान द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता, अनुशासन और संस्कारों की परंपरा को सराहनीय बताया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार किए गए मॉडलों का अवलोकन किया तथा उनकी नवाचारी सोच और रचनात्मकता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह संस्थान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिड़ला संस्थान वर्षों से उत्तराखंड के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। यहां से शिक्षित विद्यार्थी देश-विदेश में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं तथा कई युवा प्रशासनिक सेवाओं, भारतीय सेना और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को सशक्त बनाने हेतु स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, मुद्रा योजना, अटल इनोवेशन मिशन और पीएम युवा योजना जैसी पहलें संचालित की जा रही हैं, जो युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बना रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और युवाओं को नई संभावनाओं से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे आधुनिक विषयों को शामिल किया गया है। साथ ही 20 मॉडल कॉलेजों की स्थापना, महिला छात्रावास, आधुनिक आईटी लैब एवं परीक्षा भवनों का निर्माण भी किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ‘शेवनिंग उत्तराखंड छात्रवृत्ति’ के माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं तथा ‘इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड’ के सहयोग से आधुनिक कंप्यूटर आधारित पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। ‘देवभूमि उद्यमिता योजना’ और मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना के माध्यम से नवाचार एवं शोध को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसके तहत प्राध्यापकों को 18 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है और पिछले चार वर्षों में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है।

उन्होंने भीमताल विधानसभा क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र में अनेक ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं और कई परियोजनाएं वर्तमान में प्रगति पर हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बिड़ला इंस्टीट्यूट में ड्रोन प्रयोगशाला की स्थापना, कंप्यूटर विभाग के उन्नयन तथा ऑडिटोरियम के लिए फर्नीचर उपलब्ध कराने हेतु 50-50 लाख रुपये की धनराशि प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही क्षेत्रीय विकास से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, विभिन्न जनप्रतिनिधि, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद पांडेय सहित संस्थान के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।