असहाय सरिता को रायफल फंड से डीएम ने दी आर्थिक सहायता

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। आज आयोजित जनता दर्शन में कुल 170 शिकायतें प्राप्त हुईं।
जिलाधिकारी ने उपस्थित सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता दर्शन में आने वाले व्यथित, असहाय, बुजुर्ग, महिलाओं तथा जरूरतमंद लोगों की शिकायतों का समयबद्ध और संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण में की गई कार्रवाई की जानकारी जिलाधिकारी कार्यालय के साथ-साथ संबंधित शिकायतकर्ता को भी उपलब्ध कराई जाए, जिससे समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके।
जनता दर्शन में बंजारावाला निवासी कल्पना ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनकी पुत्री विदुषी, जो फाईलफोर्ट पब्लिक स्कूल में कक्षा 6 की छात्रा है, आर्थिक तंगी के कारण स्कूल की फीस जमा नहीं कर पाई है, जिसके चलते विद्यालय प्रबंधन उसे परीक्षा में बैठने से रोक रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को विद्यालय प्रबंधन से समन्वय स्थापित कर छात्रा को परीक्षा में सम्मिलित कराने तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी को प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा योजना के अंतर्गत उसकी स्कूल फीस जमा कराने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
जवाहर कॉलोनी, बल्लूपुर निवासी शमशाद ने बताया कि वर्ष 2023 में एक दुर्घटना में उनका पैर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था और उनका उपचार चल रहा है। आय का कोई साधन न होने के कारण उन्होंने आर्थिक सहायता की मांग की। जिलाधिकारी ने समाज कल्याण अधिकारी को वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत करने तथा प्रभारी अधिकारी शस्त्र को रायफल फंड से आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।
तहसील चकराता के ग्राम कांडोई निवासी अनिल कुमार ने अवगत कराया कि वर्ष 2017 में पीएमजीएसवाई कालसी द्वारा लाखामण्डल से नाडा मोटर मार्ग का निर्माण किया गया था, जिससे उनकी कृषि भूमि और नहर को नुकसान पहुंचा। उन्होंने बताया कि नहर निर्माण हेतु शेष रू0 5.04 लाख रुपये की धनराशि का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने मौके पर ही पीएमजीएसवाई के अधिकारियों से प्रकरण का संज्ञान लेते हुए समाधान प्रस्तुत करने को कहा। अधिकारियों द्वारा 12 मार्च तक समस्या के निस्तारण का लिखित आश्वासन जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
खुड़बुड़ा निवासी सरिता गोयल ने भी अपनी आर्थिक स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि उनका परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। उनका पुत्र दिव्यांग है, जिसका उपचार कराने में वे असमर्थ हैं तथा उनके पति भी बीमार हैं। इस पर जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी शस्त्र को रायफल फंड से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी को सरिता के दिव्यांग पुत्र को स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत रू0 4000 प्रतिमाह की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि परिवार को आर्थिक संबल मिल सके और बच्चे का उपचार सुचारू रूप से हो सके।
जनता दर्शन में गढ़ीकैंट डाकरा निवासी 67 वर्षीय बुजुर्ग ने भी अपनी समस्या रखते हुए बताया कि वे हृदय रोग से पीड़ित हैं और हाल ही में उनका ऑपरेशन हुआ है। उन्होंने शिकायत की कि उनका पुत्र नशे की लत के कारण आए दिन घर में हुड़दंग करता है और उन्हें परेशान करता है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित प्रकरण में गुंडा एक्ट के अंतर्गत वाद दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार धर्मपुर निवासी एक बुजुर्ग दंपति ने अपनी बहू द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। मामले में उनके भरण-पोषण के लिए वाद दर्ज किया गया है, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर सहायता पहुंचाना है तथा जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों का निष्पक्ष, संवेदनशील और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
राजीव नगर निवासी व्यथित विधवा अरूणा ने जिलाधिकारी ने गुहार लगाई कि उनके पति की वर्ष 2008 में मृत्यु हो गई तथा मजदूरी करके अपने परिवार का जीवन यापन करती है। उनका पेयजल का बिल रू0 34395 प्राप्त हुआ है जिसका भुगतान करने में असमर्थ है, जिस पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान को बिल सटलमेंट करने के निर्देश दिए तथा सटलमेंट धनराशि का भुगतान जिला प्रशासन के रायफल फंड से करने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, नगर मजिस्टेट प्रत्युष सिंह, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

1.11 लाख करोड़ रुपए का संतुलित बजट, विकसित उत्तराखंड की दिशा में मजबूत कदम: सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को उत्तराखंड के भविष्य का रोडमैप बताते हुए कहा कि यह केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं बल्कि राज्य के समग्र विकास की दिशा तय करने वाला बजट है। उन्होंने प्रेस वार्ता में कहा कि लगभग 1.11 लाख करोड़ रुपये का यह बजट विकास, विरासत, संस्कृति और आधुनिकता के संतुलन को दर्शाता है और “विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य गठन के समय उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 14,500 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर लगभग 3.81 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यानी राज्य की आर्थिकी में 26 गुना से अधिक वृद्धि हुई है। इसी प्रकार प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2000-01 में 15,285 रुपये थी, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 2,73,921 रुपये होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में राज्य की वास्तविक विकास दर 7.23 प्रतिशत अनुमानित है, जो राष्ट्रीय औसत के आसपास है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने FRBM अधिनियम के सभी मानकों का पालन करते हुए बेहतर वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है। सरकार ने राजस्व अधिशेष बनाए रखा है और राजकोषीय घाटे को जीएसडीपी के 3 प्रतिशत के भीतर रखा है। उन्होंने कहा कि यह राज्य के कुशल वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता है।

बजट में कुल 1,11,703 करोड़ रुपये का व्यय प्रस्तावित है, जिसमें 64,989 करोड़ रुपये राजस्व व्यय और 18,153 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय शामिल हैं। वहीं कुल प्राप्तियां 1,10,143 करोड़ रुपये अनुमानित हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार से मिलने वाले करों में राज्य के हिस्से के रूप में लगभग 17,415 करोड़ रुपये तथा विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के तहत लगभग 18,491 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा और मातृशक्ति को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लिए 1,327 करोड़ रुपये, अन्नपूर्ति योजना के लिए 1,300 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 298 करोड़ रुपये तथा शहरी आवास योजना के लिए 56 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

युवाओं के लिए शिक्षा और खेल के क्षेत्र में 11,871 करोड़ रुपये तथा कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए 586 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कृषि और बागवानी क्षेत्र में 1,113 करोड़ रुपये, जबकि पशुपालन, डेयरी और मत्स्य क्षेत्र के लिए 815 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए इस वर्ष 19,692 करोड़ रुपये का जेंडर बजट रखा गया है। इसके अंतर्गत सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0, ईजा-बोई शगुन योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट और नन्दा गौरा योजना जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि राज्य में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण विभाग के लिए 2,501 करोड़ रुपये, ऊर्जा क्षेत्र के लिए 1,609 करोड़ रुपये तथा लघु सिंचाई के लिए 1,642 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में कई नई योजनाओं की शुरुआत भी की जा रही है। इनमें कुंभ मेला तैयारियों के लिए लगभग 1,027 करोड़ रुपये, साइबर सुरक्षा के लिए 15 करोड़ रुपये, इको-टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 18.5 करोड़ रुपये, स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व उभरती तकनीकों के लिए 13 करोड़ रुपये शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार नवाचार को भी बढ़ावा दे रही है। इसके तहत कीवी और ड्रैगन फ्रूट उत्पादन, ट्राउट मछली पालन, सेब नर्सरी विकास, मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना और महक क्रांति जैसी योजनाएं शुरू की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट का मूल मंत्र SANTULAN है, जिसका अर्थ है – समावेशी, आत्मनिर्भर, नई सोच, तीव्र विकास, उन्नत गांव और शहर, लोक सहभागिता, आर्थिक शक्ति और न्यायपूर्ण व्यवस्था। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास और पर्यावरण के संतुलन के साथ उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करना है।

उन्होंने कहा कि यह बजट वास्तव में “विकल्प रहित संकल्प से विकसित उत्तराखंड तक की यात्रा का दस्तावेज” है।

मातृशक्ति की बेहतरी को संजीदा दिखी सरकार, बजट में रखा ध्यान

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के एक दिन बाद और बजट सत्र के पहले ही दिन राज्य सरकार ने मातृ शक्ति को भरोसा दिला दिया की उनकी बेहतरी के लिए वह संजीदा है। महिला समानता के लिहाज से महत्वपूर्ण जेंडर बजट का आकार बढ़ाने की बात हो या फिर विभिन्न ऐसी योजनाएं, जो महिलाओं से सीधे जुड़ी हैं, उनके लिए बजट का प्रावधान किया गया है।
राज्य सरकार ने पिछले वर्ष सोलह हजार नौ सौ इकसठ करोड़ बत्तीस लाख रूपये का जेंडर बजट प्र्रस्तुत किया था। मुख्यमत्री पुष्कर सिंह धामी ने बजट पेश करते हुए बताया है कि इस बार जेंडर बजटिंग में उन्नीस हजार छह सौ बयानवे करोड़ दो लाख के बजट का प्रावधान किया जा रहा है। यानी यह साफ है कि महिलाओं के कल्याण से किए जा रहे प्रयास इस बजट के बाद और तेजी पकडे़ंगे।

राज्य सरकार ने प्रसूता को सीधे एड्रेस करने वाली ईजा-बोई शगुन योजना हो या बेटियों को सुरक्षा देने वाला निर्भया फंड, सभी के लिए बजट प्रावधान कर यह भरोसा दिलाया है कि नारी शक्ति का हित उसकी प्राथमिकता में है। मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना, वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना, निराक्षित विधवाओं की पुत्रियों के विवाह हेतु अनुदान से जुड़ी जैसी योजनाओं की एक लंबी फेहरिस्त है, जिसमें बजट का प्रावधान कर सरकार ने महिलाओं की बेहतरी के लिए अपने संजीदा प्रयासों की झलक पेश की है।

*योजनाएं और उसमें बजट प्रावधान*

निर्भया फंड-112 . 02 करोड़
मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना-30 करोड़
मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना-25 करोड़
वात्सल्य योजना-15 करोड़
मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना-13.44 करोड़
ईजा-बोई शगुन योजना-14 .13 करोड़
निराक्षित विधवाओं की पुत्रियों के विवाह हेतु अनुदान-पांच करोड़
मुख्यमंत्री बाल एवं महिला बहुमुखी विकास निधि-आठ करोड़
आपदा सखी-दो करोड़

*मां-बच्चे के पोषण के प्रति भी गंभीरता*
-सक्षम आंगनबाड़ी एंड पोषण 2 .0 योजना के अंतर्गत राज्य सरकार ने 598.33 करोड़ का बजट प्रावधान किया है। इस योजना के तहत छह माह से लेकर छह वर्ष तक के लगभग सात लाख तैंतीस हजार लाभार्थियों को अनुपूरक पोषाहार आंगनबाड़ी केंद्रों से दिया जा रहा है। बच्चे के साथ ही मां के पोषण का ख्याल रखते हुए चलाई जा रही प्रधानमंत्री पोषण मिशन हेतु समग्र रूप से लगभग 149.45 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।

भराड़ीसैंण में सीएम पुष्कर धामी ने किया उत्तराखंड का बजट

उत्तराखंड में वित्तीय अनुशासन और विकास के संतुलन को मजबूत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2026–27 का बजट प्रस्तुत किया। लगभग ₹1,11,703.21 करोड़ के इस बजट में जहां विकास की गति को बढ़ाने पर जोर है, वहीं मजबूत राजकोषीय प्रबंधन की झलक भी स्पष्ट दिखाई देती है। वर्ष 2025-26 के सापेक्ष 10.41 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

राज्य सरकार ने बजट में वित्तीय जिम्मेदारी और पारदर्शिता बनाए रखते हुए FRBM अधिनियम के प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया है। बजट के अनुसार राज्य में राजस्व आधिक्य (Revenue Surplus) की स्थिति बनी हुई है, जो दर्शाता है कि सरकार की आय उसके राजस्व व्यय से अधिक है। यह स्थिति किसी भी राज्य की मजबूत वित्तीय सेहत का संकेत मानी जाती है। बजट में 2536.33 करोड़ का राजस्व सरप्लस दिखाया गया है।

राजकोषीय अनुशासन के तहत राज्य का राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 3 प्रतिशत की सीमा के भीतर रखा गया है। इसी प्रकार लोक ऋण भी जीएसडीपी के 32.50 प्रतिशत की निर्धारित सीमा के अंदर बनाए रखा गया है। यह दर्शाता है कि सरकार विकास कार्यों पर खर्च करते हुए भी ऋण प्रबंधन और वित्तीय संतुलन पर पूरा ध्यान दे रही है। राजस्व आधिक्य, सीमित राजकोषीय घाटा और नियंत्रित सार्वजनिक ऋण जैसे संकेतक बताते हैं कि राज्य सरकार ने वित्तीय प्रबंधन में सावधानी और दूरदर्शिता अपनाई है। इससे भविष्य में विकास परियोजनाओं को स्थिर वित्तीय आधार मिलने की संभावना और मजबूत होगी।

कुल मिलाकर यह बजट विकास और वित्तीय अनुशासन के संतुलन का उदाहरण प्रस्तुत करता है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

चंपावत के अनुज ने यूपीएसई में हासिल की 69वीं रैंक, सीएम धामी ने दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 69वीं रैंक प्राप्त करने वाले जनपद चंपावत के बाराकोट विकासखंड के झूलापे गांव निवासी अनुज पंत से दूरभाष पर वार्ता कर उन्हें हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि संघ लोक सेवा आयोग जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त करना अत्यंत गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि श्री अनुज पंत का भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल चंपावत जनपद बल्कि समूचे उत्तराखण्ड का मान बढ़ा है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अनुज पंत अपनी प्रतिभा , परिश्रम और समर्पण से प्रशासनिक सेवा में उत्कृष्ट कार्य करते हुए देश और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि प्रदेश की प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता का परचम लहरा सकें।

अनुज पंत ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के प्रोत्साहन से उन्हें आगे भी देश सेवा के लिए और अधिक प्रेरणा मिलेगी।

सचिव आवास ने ली झीलों के पुनर्विकास और सौन्दर्यकरण परियोजना से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक

देहरादून। उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन जनपद नैनीताल की झीलों को और अधिक आकर्षक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। आवास विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने राज्य सचिवालय में जनपद नैनीताल की आवास विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक ली। बैठक में नैनीताल के जिलाधिकारी डॉ. ललित मोहन रयाल वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। इस दौरान उप सचिव आवास रजनीश जैन, अनुसचिव वित्त गौरीशंकर जोशी और राज्य सरकार के विशेष सलाहकार जी.पी. पंत भी मौजूद रहे।

*भीमताल झील के सौन्दर्यीकरण पर विशेष जोर*
समीक्षा बैठक में भीमताल झील के पुनर्विकास और सौन्दर्यकरण परियोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत 2567.49 लाख रुपये निर्धारित की गई है। योजना का उद्देश्य भीमताल झील क्षेत्र को पर्यटन के लिहाज से अधिक आकर्षक, सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाना है ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके और क्षेत्र का समग्र विकास हो।

*पाथ-वे, पार्क और पार्किंग जैसी सुविधाएं होंगी विकसित*
परियोजना के तहत झील के चारों ओर आकर्षक और सुरक्षित पाथ-वे का निर्माण किया जाएगा, जिससे पर्यटक झील के चारों ओर आसानी से घूम सकेंगे। इसके अलावा सुभाष पार्क और दीनदयाल पार्क का सौन्दर्यीकरण किया जाएगा। योजना में लगभग 40 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग, लैंडस्केपिंग, आधुनिक उपकरणों की स्थापना, ओपन सिटिंग एरिया का निर्माण तथा बच्चों के लिए खेल क्षेत्र विकसित करने का भी प्रावधान किया गया है। साथ ही पूरे क्षेत्र में बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए विद्युत्तीकरण का कार्य भी किया जाएगा।

बैठक में नौकुचियाताल झील और कमलताल झील के पुनर्विकास और सौन्दर्यकरण परियोजना की भी समीक्षा की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत 2097.02 लाख रुपये आंकी गई है। योजना के तहत नौकुचियाताल झील के चारों ओर लगभग 2089 मीटर लंबा पाथ-वे बनाया जाएगा, जिससे पर्यटकों को झील के चारों ओर सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।

*पर्यटकों के लिए बनेंगे गजिबो, सेल्फी प्वाइंट और बोटिंग स्टैंड*
इस परियोजना के तहत झील के आसपास चार गजिबो, एक आकर्षक सेल्फी प्वाइंट, पार्किंग सुविधा तथा बोटिंग स्टैंड का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र में लैंडस्केपिंग, बच्चों के खेलने के लिए आधुनिक उपकरण, हॉर्टिकल्चर कार्य और विद्युत्तीकरण की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। इन सुविधाओं के विकसित होने से नौकुचियाताल क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

*पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा*
अधिकारियों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से नैनीताल जनपद की झीलों के आसपास पर्यटन सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही झीलों के आसपास का क्षेत्र अधिक सुव्यवस्थित और आकर्षक दिखाई देगा।

*सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान*
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि नैनीताल जनपद की झीलें उत्तराखंड की प्राकृतिक धरोहर हैं और इनके संरक्षण तथा सुव्यवस्थित विकास के लिए सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भीमताल, नौकुचियाताल और कमलताल झील से जुड़ी सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य केवल सौन्दर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यटकों के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं विकसित करना, पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए संतुलित विकास सुनिश्चित करना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी है। डॉ. कुमार ने कहा कि झीलों के आसपास स्वच्छता, हरियाली और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का समन्वित विकास किया जाएगा। इसके साथ ही जिलाधिकारी और संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

केंद्रीय गृह मंत्री के हरिद्वार आगमन को लेकर शासन-प्रशासन की सभी तैयारियाँ पूर्ण

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शनिवार, 7 मार्च 2026 को हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम ‘जन-जन की सरकार : चार साल बेमिसाल’ में प्रतिभाग करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर शासन-प्रशासन द्वारा सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं तथा श्री अमित शाह के स्वागत के लिए कार्यक्रम स्थल बैरागी कैम्प के साथ ही हरिद्वार शहर को सजाया-संवारा जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार का भ्रमण कर इस विराट आयोजन की तैयारियों का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैरागी कैम्प पहुँचकर प्रस्तावित कार्यक्रमों की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जनसभा स्थल, मंच, प्रदर्शनी क्षेत्र, पार्किंग व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, पेयजल, विद्युत आपूर्ति तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तृत अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कार्यक्रम की रूपरेखा और व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिए कि कार्यक्रम के सुव्यवस्थित एवं सुचारु आयोजन के लिए सभी तैयारियों का वरिष्ठ अधिकारी भली-भाँति परीक्षण कर लें। उन्होंने आमजन की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के भी निर्देश दिए।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शनिवार को हरिद्वार के बैरागी कैम्प में राज्य सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। साथ ही वे राज्य सरकार की उपलब्धियों पर आधारित विकास प्रदर्शनी तथा नई न्याय संहिताओं पर केंद्रित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन भी करेंगे। इस अवसर पर शाह राज्य के विकास से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे।

मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान वन मंत्री सुबोध उनियाल, भाजपा के प्रदेश संगठन मंत्री अजय कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल, उपाध्यक्ष आपदा प्रबंधन विनय रोहिला, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, मेयर नगर निगम हरिद्वार किरन जैसल, मेयर नगर निगम रूड़की श्रीमती अनीता देवी, नगर पालिका ऋषिकेश के अध्यक्ष शंभू पासवान, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा के हरिद्वार जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पाण्डे, एडीजी अजय प्रकाश अंशुमन, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप, कुंभ मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, अपर सचिव पर्यटन अभिषेक रूहेला, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, एमडी सिडकुल सौरभ गहरवार, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सचिव एचआरडीए मनीष कुमार, उपजिलाधिकारी जितेन्द्र कुमार तथा एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

टिहरी लेक फेस्टिवल’ शुरू, सीएम नेे की घोषणा-कोटी कालोनी-नई टिहरी रोपवे निर्माण होगा

पर्यटन, साहसिक खेल के साथ ही पर्यावरण और संस्कृति के स्पष्ट संदेश के बीच ‘हिमालयन 0.2 द टिहरी लेक फेस्टिवल’ का भव्य शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसका उद्घाटन करते हुए विश्वास प्रकट किया कि सुंदर टिहरी झील आने वाले समय में देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में साहसिक खेलों और पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगी। इस मौके पर उन्होंने घोषणा कि कोटी कालोनी-नई टिहरी रोपवे का निर्माण कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में देश-विदेश से आए खिलाड़ियोें के साथ ही अन्य मेहमानों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरा आध्यात्मिकता और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम रही है। हमारी नदियां, हमारे पर्वत, हमारी झीलें और हमारी परंपराएं पूरे विश्व को आकर्षित करती रही हैं। आज उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए टिहरी झील के किनारे आयोजित ये महोत्सव पर्यटन, खेल और स्थानीय संस्कृति तीनों को एक मंच पर लाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
उन्होंने कहा कि हिमालय की गोद में बसी टिहरी झील प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत उदाहरण होने के साथ- साथ साहसिक खेलों के आयोजन स्थल के रूप में तेजी से उभर रही है। यहां आयोजित होने वाली राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की विभिन्न जल क्रीड़ा प्रतियोगिताएं न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दे रही हैं, बल्कि उत्तराखंड को वैश्विक खेल मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने का काम भी कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने टिहरी को लेकर अपनी सरकार की मंशा स्पष्ट करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य है कि टिहरी को वाटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर स्पोर्ट्स के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए टिहरी झील में कयाकिंग, कैनोइंग, जेट-स्की, पैरा-सेलिंग, स्कूबा डाइविंग और अन्य साहसिक गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। यहां आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। ताकि हमारे युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने कहा कि टिहरी झील के आसपास विकसित हो रहा यह खेल और पर्यटन तंत्र स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर पैदा कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि टिहरी झील केवल एक पर्यटन स्थल ही न रहे, बल्कि खेल, संस्कृति और प्रकृति के संगम का वैश्विक केंद्र भी बने। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार के प्रयास जारी रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से भावनात्मक लगाव जगजाहिर है और उन्होंने स्वयं यहां आकर हमें प्रेरित और प्रोत्साहित किया है। मुख्यमंत्री ने पर्यटन और साहसिक खेलों को प्रोत्साहन देेने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों का खास तौर पर जिक्र किया। इस क्रम में उन्होंने आदि कैलाश में राज्य की पहली हाई-एल्टीट्यूड मैराथन, माणा में एमटीबी चैैलेंज, एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी जैसे बडे़ स्तर के आयोजनों की चर्चा की।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि हमारे युवा केवल अवसरों की प्रतीक्षा न करें, बल्कि अपने सामथ्र्य और परिश्रम से नए अवसरों का सृजन भी करें। उन्होंने कहा कि आज टिहरी में 400 से अधिक युवा पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यह जानकारी खुशी देने वाली है। पूर्ण विश्वास है कि ये युवा भविष्य में उत्तराखंड को वैश्विक पैराग्लाइडिंग मानचित्र पर स्थापित करने में अवश्य सफल रहेंगे।

अपने संबोधन में उन्होंने टिहरी क्षेत्र में विकास कार्यों की तस्वीर को सामने रखा। उन्होंने बताया कि टिहरी क्षेत्र के के समग्र विकास हेतु लगभग 1300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर कार्य गतिमान है। इसमें टिहरी झील का विकास, रिंग रोड का निर्माण, तिमाड़ गांव को पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित करने जैसे प्र्रमुख कार्य शामिल हैं। इसके अलावा यहां भिलंगना विकासखंड की सुनारगांव ग्राम पंचायत को एक आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जा रहा है। विशिष्ट पहाड़ी शैली में एक नया आंगनबाड़ी भवन भी बनाया जा रहा है। उन्होंने अपने संबोधन में जिले के सभी ब्लाक में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 10 कॉम्पेक्टर केंद्रों और 4267 कूड़ा संग्रहण केंद्रों की स्थापना का भी जिक्र किया।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, क्षेत्रीय सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, विधायक किशोर उपायाय, विक्रम सिंह नेगी, विनोद कंडारी, शक्तिलाल शाह, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष संजय नेगी, जिला पंचायत अध्यक्ष इशिता सजवाण, जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल, नगर पालिका परिषद नई टिहरी के अध्यक्ष मोहन सिंह रावत व चंबा की अध्यक्ष सोबनी धनोला, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय सिंह रावत प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इससे पहले, मुख्यमंत्री का यहां पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। सीएम ने देवडोलियों से आशीर्वाद भी लिया ।

*कोटी-डोबरा पर्यटन मार्ग का शिलान्यास*
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कोटी-डोबरा पर्यटन मार्ग का रिमोट दबाकर वर्चुअल शिलान्यास किया। यह मार्ग एशियन डेवलपमेंट बैंक के स्तर पर वित्त पोषित है,जिसकी कुल लागत 318 करोड़ है। इस मार्ग की लंबाई करीब 15 किलोमीटर है।

*नौ मार्च तक होंगी विभिन्न गतिविधियां*
-टिहरी लेक फेस्टिवल में नौ मार्च तक विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। साहसिक खेल व पर्यटन गतिविधियों के अलावा लोक संस्कृति से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं।

न्यायालय के निर्णय से 500 परिवारों के करीब 2000 लोगों को मिला रोजगार का संबल

अल्मोड़ा स्थित मैग्नेसाइट उद्योग को उच्च न्यायालय से चार माह के लिए पुनः संचालन की अनुमति प्राप्त हो गई है।

इस महत्वपूर्ण निर्णय से प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से जुड़े लगभग 500 परिवारों के करीब 2000 लोगों को राहत एवं संतोष मिला है। लंबे समय से उद्योग बंद होने के कारण प्रभावित परिवारों के समक्ष आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया था |

राज्य सरकार के सतत प्रयासों के फलस्वरूप उद्योग द्वारा उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UKPCB) से सीटीओ (Consent to Operate) प्राप्त किया गया। इसके उपरांत माननीय उच्च न्यायालय ने उद्योग एवं उससे जुड़े श्रमिकों और परिवारों के व्यापक हित को दृष्टिगत रखते हुए पुनः संचालन की अनुमति प्रदान की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के संरक्षण, पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन और स्थानीय रोजगार सृजन—तीनों के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए सरकार हर स्तर पर सकारात्मक पहल कर रही है।

मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए ट्रैप कैमरे, सोलर फेंसिंग और गहन निगरानी के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एफटीआई सभागार, हल्द्वानी में कानून व्यवस्था एवं जनपद में संचालित विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी कार्य समयबद्ध, पारदर्शी एवं समन्वय के साथ पूरे किए जाएं।

*मानव-वन्यजीव संघर्ष पर प्रभावी रोक के निर्देश*

मुख्यमंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए आधुनिक तकनीक के उपयोग पर बल दिया। उन्होंने सभी संवेदनशील स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाए जाने, सोलर फेंसिंग व तारबाड़ प्रणाली को मजबूत करने तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग को ठोस एवं कारगर उपाय अपनाने के लिए कहा, ताकि जनहानि और फसलों को होने वाले नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।

वनाग्नि की रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री ने फायर लाइन (अग्निरोधक खाइयों) को दुरुस्त रखने, संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाने, रेंजवार मॉनिटरिंग करने और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वनाग्नि की किसी भी घटना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

*विकास कार्यों में समन्वय और जवाबदेही पर जोर*

हल्द्वानी शहर में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्य आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं, अतः निर्माण कार्यों के दौरान जनता को अनावश्यक असुविधा न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और जवाबदेही के साथ करें। कार्यों में लापरवाही किसी भी स्थिति में क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग आपसी जिम्मेदारियों को एक-दूसरे पर न डालें और सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण हों।

*कानून व्यवस्था पर सख्त संदेश*

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस, प्रशासन तथा सभी विभागों को आमजन के प्रति संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए।

*रानीबाग में आईटी हब की योजना*

मुख्यमंत्री ने बताया कि रानीबाग स्थित बंद पड़ी एचएमटी फैक्ट्री की भूमि पर सरकार द्वारा आईटी हब विकसित करने की योजना पर कार्यवाही गतिमान है। इससे क्षेत्र में रोजगार सृजन एवं औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने हल्द्वानी नगर के बच्चीनगर सहित अन्य क्षेत्रों में सिंचाई विभाग की नहरों के चौड़ीकरण एवं मरम्मत संबंधी प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

*जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के सुझाव*

सांसद अजय भट्ट ने वन क्षेत्रों में वाचरों की संख्या बढ़ाने, झाड़ियों की कटान करने तथा वन आच्छादित क्षेत्रों से गुजरने वाले मार्गों की नियमित सफाई एवं मरम्मत कराने का सुझाव दिया।

सचिव/आयुक्त दीपक रावत ने कुमाऊँ मंडल में कानून व्यवस्था, ओवरलोडिंग के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई तथा अन्य प्रशासनिक कदमों की जानकारी दी।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम हेतु प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। पनियाली क्षेत्र में नियमित गश्त की जा रही है तथा ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से वन क्षेत्र में न जाने की सलाह दी गई है। पशुपालकों को चारा उपलब्ध कराने के लिए विधानसभा क्षेत्र भीमताल के विभिन्न गांवों में 15 लाख रुपये की धनराशि पूर्व में उपलब्ध कराई गई है। इसी प्रकार पनियाली क्षेत्र में भी 15 लाख रुपये स्वीकृत कर वितरित किए जा रहे हैं, ताकि महिलाओं एवं पशुपालकों को चारा लेने के लिए जंगल न जाना पड़े।

वन संरक्षक सी.एस. जोशी ने अवगत कराया कि पनियाली क्षेत्र में कैमरों में लैपर्ड नहीं, बल्कि बाघ की पहचान हुई है, जिसे पकड़ने की कार्रवाई शीघ्र प्रारंभ की जा रही है।

बैठक में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के मंडल स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

यह समीक्षा बैठक राज्य में कानून व्यवस्था की सुदृढ़ता, वन्यजीव प्रबंधन की प्रभावशीलता तथा विकास कार्यों की गति को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।