राजा जगत देव का जीवन त्याग, वीरता, धर्मनिष्ठा और संस्कृति संरक्षण का अमूल्य उदाहरण: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उधमसिंह नगर के गदरपुर क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम पंचायत रोशनपुर डलबाबा में बुक्सा जनजाति समाज के राजा जगतदेव की प्रतिमा का वर्चुअल अनावरण किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राजा जगत देव जी का जीवन त्याग, वीरता, धर्मनिष्ठा और संस्कृति संरक्षण का अमूल्य उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह अवसर केवल एक प्रतिमा के अनावरण का नहीं, बल्कि बुक्सा जनजाति की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति और बलिदान की स्मृति को नमन करने का दिवस है। उन्होंने कहा कि राजा जगत देव जी ने कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया। यह केवल वीरता की नहीं, बल्कि स्वाभिमान और आस्था की अदम्य शक्ति की प्रतीक गाथा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधमसिंहनगर, नैनीताल, कोटद्वार सहित अनेक क्षेत्रों में बसे बुक्सा समाज के लोग अपनी संस्कृति, परंपरा और आत्मसम्मान को जीवंत रखे हुए हैं। राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के सांस्कृतिक संरक्षण, इतिहास के दस्तावेजीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा जगत देव जी की गौरवगाथा को शोध कार्य भी होने चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियाँ उनसे प्रेरणा ले सकें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास से संबंधित तीन घोषणाएँ भी कीं—ग्राम सभा रोशनपुर स्थित श्री डलबाबा मंदिर परिसर में चाहरदीवारी, टीनशेड, फर्श और शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। ग्राम बलरामनगर से खेमपुर तक 3 किमी सड़क का पुनर्निर्माण कार्य कराया जाएगा। ग्राम सीतापुर से एएनके इंटर कॉलेज तक 4 किमी सड़क का पुनर्निर्माण कार्य कराया जाएगा।

इस अवसर ब्लॉक प्रमुख ज्योति ग्रोवर, नगर पंचायत अध्यक्ष सतीश चुघ, दर्जामंत्री मंजीत सिंह राजू, जिलाधिकारी उधमसिंह नगर नितिन भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा मौजूद थे।

सीएम ने शोक जताकर अल्मोड़ा बस हादसे के मृतकों की आत्मशांति की कामना की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद अल्मोड़ा में भिकियासैंण से रामनगर जा रही बस के भिकियासैंण–विनायक मोटर मार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगतों की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।

मुख्यमंत्री धामी ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि हादसे में घायल सभी यात्रियों को त्वरित एवं समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है तथा गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार हेतु उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं इस पूरे प्रकरण की लगातार निगरानी कर रहे हैं और प्रशासनिक अधिकारियों से निरंतर संपर्क में हैं।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

नववर्ष में पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा और सुगमता को लेकर पुख्ता व्यवस्थाएं हों: सीएम

30 दिसम्बर 2025 से 05 जनवरी 2026 तक प्रदेश में यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था के साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि पर्यटकों और आगन्तुकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। पुलिस द्वारा नियमित रात्रिकालीन गश्त की जाए। पुलिस के उच्चाधिकारी भी कानून व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करें। प्रदेश में कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में नव वर्ष 2026 के अवसर पर आवागमन को सुगम बनाने, पर्यटकों की सुविधा, यातायात प्रबंधन एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा की बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि राज्य में कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखा जाए। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में आपराधिक कृत्य करने वालों को बख्शा नहीं जायेगा। राज्य के प्रमुख पर्यटक स्थलों, अधिक आवागमन तथा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में समुचित सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं। नव वर्ष के अवसर पर सभी जनपदों में यातायात प्रबंधन के साथ मूलभूत सुविधाओं तथा पार्किंग की समुचित व्यवस्था, वाहनों के अनियंत्रित संचालन तथा शराब पीकर गाड़ी चलाने पर विशेष निगरानी के साथ ही शराब के ठेकों के आसपास भी सुरक्षा की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि देवभूमि उत्तराखण्ड में आने वाले सभी पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधा एवं आतिथ्य का पूरा ध्यान रखा जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित हो कि चैकिंग के नाम पर आम जनता एवं पर्यटकों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में जिन स्थानों पर सड़कों पर अतिक्रमण की समस्याएं आ रही हैं, उन्हें सख्ती से हटाया जाए। जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस, परिवहन तथा एमडीडीए टास्क फोर्स बनाकर सड़कों से निरंतर अतिक्रमण हटायें। अन्य जनपदों में भी जहां सड़कों पर अतिक्रमण की समस्या है, इस पर निरंतर कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर होटल और रिसार्ट्स में भी फायर सेफ्टी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को देखा जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी प्रकार की घटना की स्थिति में पुलिस 5 मिनट के अन्दर मौके पर पहुंच जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि शीतकालीन यात्रा के दृष्टिगत भी सभी व्यवस्थाएं सुचारू रखी जाएं। पर्यटकों की सुविधा के लिए जानकारी केन्द्रों की समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। जन सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए स्ट्रीट लाइट एवं शीतकाल के दृष्टिगत अलाव की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सफाई व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिए जाने तथा प्लास्टिक मुक्ति के लिए अभियान चलाए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इस मुहिम में सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक संगठनों के साथ ही आम लोगों से भी सहयोग लिया जाए।

बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, गढ़वाल कमिश्नर एवं सचिव विनय शंकर पाण्डेय, सचिव धीराज गर्ब्याल, अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरूगेशन, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, शासन एवं पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से आईजी कुमांऊ रिद्धिम अग्रवाल, सभी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।

सीएम ने नैनीताल के कालादूंगी क्षेत्र के विकास को 114 करोड़ से अधिक के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिले के कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र के कोटाबाग में आयोजित दो दिवसीय ‘घोड़ा लाइब्रेरी पहाड़ पच्छयाण महोत्सव’ में प्रतिभाग कर क्षेत्र के विकास हेतु 114 करोड़ से अधिक की लागत के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसंस्कृति, पुस्तकों और प्रकृति को जोड़ने का घोड़ा लाइब्रेरी का प्रयास अत्यंत सराहनीय है। यह पर्वतीय व दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों में पुस्तक संस्कृति विकसित करने और शिक्षा को दूरस्थ छोर तक पहुँचाने का अद्वितीय उपक्रम है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में भी सराहा गया है।

मुख्यमंत्री ने लाइब्रेरी की युवा टीम एवं इसके प्रेरक शुभम बधानी को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल केवल पुस्तकें पहुँचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के सपनों को उड़ान देने का माध्यम बन रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि पुस्तकों को केवल परीक्षा तक सीमित न रखें, उन्हें अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं, वे हमारी सच्ची मित्र और मार्गदर्शक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। शहरों से लेकर दूरस्थ गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। साथ ही, राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिये राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मानसखंड के पौराणिक मंदिरों-नैनीदेवी, कैंचीधाम, हनुमानगढ़ी व मुक्तेश्वर धाम-का पुनरुत्थान का कार्य तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में कोटाबाग के तोक भटकानी स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर का जीर्णाेद्धार व सौंदर्यीकरण कार्य भी संपन्न हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने हेतु नई शिक्षा नीति लागू की गई है। सभी सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी पुस्तकों को लागू किया गया है, तथा कक्षा 1 से 12 तक निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रदेश में 226 विद्यालय ‘पीएम श्री विद्यालय’ के रूप में विकसित किए जा रहे हैं, जबकि 500 विद्यालयों में वर्चुअल कक्षाएँ संचालित हैं। उन्होंने बताया कि व्यावसायिक शिक्षा से 42 हजार विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं और छात्रों को नकलमुक्त वातावरण देने हेतु देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियाँ मिली हैं तथा संघ लोक सेवा आयोग, एनडीए, सीडीएस आदि की परीक्षाएँ पास करने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी हेतु ₹50,000 की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी भाषाओं जैसी स्थानीय भाषाओं के संरक्षण हेतु राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा महिला समूहों और किसानों से संवाद किया। उन्होंने कोटाबाग के आंवलाकोट स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना भी की।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, सरिता आर्या, दीवान सिंह बिष्ट, मोहन सिंह बिष्ट, मेयर हल्द्वानी नगर निगम गजराज बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, जिला अधिकारी ललित मोहन रयाल , वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

सीएम ने नैनीताल में मन की बात का 129वाँ एपिसोड देखा व सुना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जनपद के पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, कोटाबाग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “मन की बात” कार्यक्रम के 129 वें एपिसोड को आम जन एवं विद्यार्थियों के साथ सुना।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का “मन की बात” देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए विचार हर नागरिक में राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि “मन की बात” के माध्यम से देश के कोने-कोने से जनसामान्य की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होती है और अनेक उत्कृष्ट कार्यों से देश प्रेरणा लेता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम से समाज सेवा, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तीकरण और युवाओं की सकारात्मक भूमिका जैसे विषयों पर गहरा प्रभाव पड़ा है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित छात्र-छात्राओं से भी इस कार्यक्रम की सीखों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

अवसर पर सांसद नैनीताल उधमसिंह नगर संसदीय क्षेत्र अजय भट्ट, विधायक कालाढूंगी बंशीधर भगत, नैनीताल सरिता आर्या रामनगर दीवान सिंह बिष्ट, लालकुआं मोहन सिंह बिष्ट, मेयर हल्द्वानी नगर निगम गजराज सिंह बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।

किसी भी व्यक्ति के पास अंकिता भंडारी प्रकरण से संबंध में कोई प्रामाणिक जानकारी या साक्ष्य उपलब्ध हों, तो वे जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराए: पुलिस

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से संबंधित सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे भ्रामक एवं तथ्यहीन विवादों के संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यह एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं संवेदनशील घटना थी, जिसकी जानकारी सरकार को प्राप्त होते ही तत्काल प्रभावी कार्रवाई की गई।

उन्होंने बताया कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा तत्काल एक वरिष्ठ महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। घटना में संलिप्त सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया तथा यह सुनिश्चित किया गया कि प्रभावी पैरवी के माध्यम से अभियुक्तों को किसी भी स्तर पर जमानत न मिल सके।

विवेचना एवं ट्रायल की प्रक्रिया के दौरान यह प्रकरण उच्च न्यायालय के समक्ष भी प्रस्तुत हुआ, जहाँ सीबीआई जांच कराए जाने संबंधी याचिका दायर की गई। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा एसआईटी जांच को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विधिसम्मत मानते हुए सीबीआई जांच की आवश्यकता से इनकार किया गया तथा याचिका को खारिज कर दिया गया।

इसके पश्चात यह मामला उच्चतम न्यायालय में भी प्रस्तुत किया गया, जहाँ सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी विवेचना की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए सीबीआई जांच की याचिका को निरस्त कर दिया गया।

एसआईटी द्वारा की गई विस्तृत विवेचना के उपरांत निचली अदालत में सुनवाई हुई, जिसमें दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। वर्तमान में यह मामला माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

हाल ही में इस प्रकरण से संबंधित कुछ ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे हैं। इस संबंध में पुलिस द्वारा दो प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई हैं, जिनकी विवेचना प्रचलित है। विवेचना के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधि सम्मत एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

एडीजी कानून एवं व्यवस्था ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी व्यक्ति के पास इस प्रकरण से संबंधित कोई तथ्य, साक्ष्य या महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध थी, तो उसे विवेचना के दौरान एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता था। यही एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य भी है। उस समय भी पुलिस द्वारा सार्वजनिक रूप से अपील की गई थी कि यदि किसी के पास इस प्रकरण से संबंधित कोई भी जानकारी, तथ्य अथवा साक्ष्य उपलब्ध हों, तो वे जांच एजेंसियों के साथ साझा करें।

उन्होंने पुनः अपील करते हुए कहा कि वर्तमान में दर्ज प्रकरणों की विवेचना जारी है और यदि किसी भी व्यक्ति के पास इस संबंध में कोई प्रामाणिक जानकारी या साक्ष्य उपलब्ध हों, तो वे जांच एजेंसियों को उपलब्ध करा सकते हैं।

डॉ. मुरुगेशन ने कहा कि यह प्रकरण अत्यंत गंभीर प्रकृति का है तथा राज्य सरकार की स्पष्ट मंशा है कि इसकी निष्पक्ष, पारदर्शी एवं पूर्ण जांच सुनिश्चित की जाए। सरकार और पुलिस प्रशासन इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतेंगे और कानून के अनुरूप कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सीएम धामी का सुशासन मॉडल: 13 जिलों में 126 शिविर, 64,960 नागरिकों को सीधा लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और त्वरित समाधान का एक प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री की स्पष्ट नीति — सरकार को जनता के द्वार तक पहुँचाना — आज धरातल पर पूरी मजबूती के साथ दिखाई दे रही है।

आज प्रदेश के 13 जनपदों में 126 शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें 64,960 नागरिकों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया। इन शिविरों के माध्यम से 10,962 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 7,952 शिकायतों का मौके पर ही या समयबद्ध निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त 12,399 प्रकरणों में विभिन्न प्रमाण पत्र एवं सरकारी लाभ प्रदान किए गए, जबकि 39,923 नागरिकों को अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

यह आंकड़े नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री धामी की कार्यसंस्कृति, जवाबदेही और ज़ीरो टॉलरेंस नीति का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि *“मेरी सरकार का संकल्प स्पष्ट है — जनता को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि सरकार स्वयं जनता के द्वार तक पहुँचेगी।*‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त कर सके। हर शिकायत का समयबद्ध समाधान और हर पात्र व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो दिव्यांग, वृद्ध या कमजोर वर्ग के लाभार्थी शिविरों तक नहीं आ सकते, उनके घर तक अधिकारी स्वयं जाएँ, शिकायतों और आवेदनों का निस्तारण केवल कागज़ी नहीं, बल्कि वास्तविक और प्रभावी हो | किसी भी स्तर पर लापरवाही, टालमटोल या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी | प्रत्येक जनपद में फीडबैक आधारित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए| योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और गरिमा के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे | मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जनसेवा में कोताही करने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

*सुशासन की नई पहचान*

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड को सुशासन, संवेदनशीलता और जवाबदेही का मॉडल राज्य बना रहा है। यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास का मजबूत सेतु है।

पिथौरागढ़ वासियों की वर्षों से लंबित मांग हुई पूरी, मुख्यमंत्री का जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत जनपद पिथौरागढ़ के दोबाटा से मर्ताेली तक 3.02 किलोमीटर मोटर मार्ग के निर्माण के लिए ₹84.12 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस स्वीकृति से इस क्षेत्र की वर्षों से लंबित मांग पूरी हुई है। इससे सीमांत क्षेत्र मर्ताेली सीधे सड़क से जुड़ जायेगा।

मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर सीमांत क्षेत्र मर्ताेली एवं आस पास के गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। गांव वासियों ने अपने आभार पत्र में कहा है कि यह सड़क गांव के भविष्य को नई दिशा देगी और युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार व आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान करेगी। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री द्वारा सीमान्त गाँव मर्ताेली तक सड़क स्वीकृत कर इस क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है।

मुख्यमंत्री की यह पहल रिवर्स पलायन, सीमांत क्षेत्र में विकास एवं गांव को जीवंत रखने में सहायक सिद्ध होगी। सड़क स्वीकृत होने से मर्ताेली गांव तक आवागमन सुगम होगा। इसके साथ ही पूरी घाटी में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

ऑपरेशन कालनेमी: तीन जिलों में 4,802 से अधिक लोगों का सत्यापन, 724 मुकदमे और 511 गिरफ्तारियाँ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक अस्मिता की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि उत्तराखंड केवल एक भौगोलिक राज्य नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, परंपरा और विश्वास का केंद्र है, और इसकी गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

इसी नीति के तहत राज्य सरकार द्वारा धर्म और आस्था की आड़ में पाखंड, ठगी, अवैध गतिविधियों और संदिग्ध तत्वों के विरुद्ध “ऑपरेशन कालनेमि” को 10 जुलाई से प्रदेशभर में प्रभावी रूप से लागू किया गया। इस अभियान का उद्देश्य देवभूमि की पवित्रता को बनाए रखते हुए कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना और जनता के विश्वास की रक्षा करना है।

ऑपरेशन कालनेमि के अंतर्गत हरिद्वार, देहरादून एवं ऊधमसिंहनगर जैसे संवेदनशील जनपदों में व्यापक स्तर पर सत्यापन एवं प्रवर्तन कार्रवाई की गई।
हरिद्वार जनपद में 3,091 व्यक्तियों का सत्यापन किया गया, जिनमें से 715 मामलों में अभियोग पंजीकृत किए गए तथा 305 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।

देहरादून जनपद में 1,711 व्यक्तियों का सत्यापन करते हुए 206 गिरफ्तारियाँ की गईं, 09 अभियोग पंजीकृत किए गए तथा 380 व्यक्तियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की गई। इसके साथ ही अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के विरुद्ध भी सख़्त कार्रवाई की गई।

ऊधमसिंहनगर जनपद में 220 संदिग्ध व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए गंभीर मामलों में अभियोग दर्ज किए गए।

प्रदेश स्तर पर अब तक कुल 4,802 से अधिक व्यक्तियों का सत्यापन, 724 अभियोग पंजीकरण तथा 511 गिरफ्तारियाँ की गई हैं। इसके अतिरिक्त अवैध रूप से रह रहे 19 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 10 को डिपोर्ट किया जा चुका है, जबकि शेष मामलों में विधिक प्रक्रिया प्रचलित है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान किसी वर्ग या समुदाय के विरुद्ध नहीं, बल्कि कानून, व्यवस्था और देवभूमि की गरिमा की रक्षा के लिए है। आस्था का सम्मान किया जाएगा, लेकिन आस्था की आड़ में अपराध, पाखंड और धोखाधड़ी को किसी भी परिस्थिति में संरक्षण नहीं मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस प्रकार की गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखी जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त न की जाए। देवभूमि की अस्मिता से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उत्तराखंड सरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध है, और ऑपरेशन कालनेमि इसी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।

लेखक गांव में सीएम धामी ने किया अटल प्रेक्षाग्रह का लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लेखक गॉव थानो, देहरादून में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयन्ती के अवसर पर आयोजित अटल स्मृति व्याख्यान माला-2025 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अटल प्रेक्षाग्रह का भी लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को राज्य का दर्जा देने वाले हमारे श्रद्धेय अटल ही थे। उन्होंने कहा इस कार्यक्रम के माध्यम से उनके विचारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रनिष्ठ भावना को युवा पीढ़ी तक पहुँचाने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा स्व. अटल का संपूर्ण जीवन राष्ट्रभक्ति, लोकतांत्रिक मर्यादाओं और मानवीय मूल्यों का जीवंत प्रतीक रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा अटल जी ने ओजस्वी कवि के रूप में अपने शब्दों से संवेदनाओं को स्वर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा उनके लिए सदैव गर्व का विषय रहेगा कि उन्हें अपने छात्र जीवन में एबीवीपी के कार्यकर्ता के रूप में लखनऊ में स्व. अटल का मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा देश के प्रधानमंत्री के रूप में स्व. अटल ने भारत को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने का मार्ग प्रशस्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा पोखरण परमाणु परीक्षण से लेकर स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना तक, ग्राम सड़क योजना से लेकर दूरसंचार क्रांति तक उनके प्रत्येक निर्णय ने भारत को एक नई दिशा दी। उन्होंने देश में सर्वप्रथम एक गठबंधन वाली सरकार का पूरा कार्यकाल सफलतापूर्वक पूर्ण कर ये सिद्ध कर दिया कि जब उद्देश्य राष्ट्र की प्रगति और उत्थान का हो तो विभिन्न दल भी एकजुट होकर सरकार चला सकते हैं। श्री अटल ने देश में सेवा, सुशासन और गरीब-कल्याण पर आधारित नई कार्यसंस्कृति की शुरुआत की, जिसने अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी मुख्य धारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में एनडीए गठबंधन की सरकार भारत को सशक्त, समृद्ध, समर्थ एवं स्वावलम्बी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। आज प्रत्येक सेक्टर के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर योजनाबद्ध तरीके से विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। स्टार्टअप इंडिया, वोकल फॉर लोकल, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा भारत में विश्वस्तरीय एक्सप्रेस-वे, रिंग रोड्स, हाई-वे और एलिवेटेड रोड्स जैसी परियोजनाएं नए भारत की पहचान बन रही हैं। भारत के 99 प्रतिशत गांवों को सड़कों से जोड़ा जा चुका है और देश में प्रतिदिन 34 किलोमीटर हाईवे का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा अटल जी का देवभूमि उत्तराखंड से अत्यंत आत्मीय और गहरा लगाव रहा है। उनके नेतृत्व वाली सरकार ने ही उत्तराखंड राज्य की स्थापना कर हमारे वर्षों पुराने सपनों को साकार करने का ऐतिहासिक कार्य किया।

मुख्यमंत्री ने कहा अटल जी की प्रेरणा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार, जनता की आकांक्षाओं पर खरा उतरने के ध्येय के साथ निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने गाँवों से लेकर शहरों तक, किसानों से लेकर युवाओं तक, मातृशक्ति से लेकर श्रमशक्ति तक तथा व्यापारियों से लेकर कर्मचारियों तक समाज के प्रत्येक वर्ग और क्षेत्र के कल्याण के लिए अनेकों योजनाएँ बनाई हैं और उन्हें प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा पलायन निवारण आयोग की सर्वे रिपोर्ट में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है। किसानों की आय में वृद्धि करने में देश भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। हमारा राज्य युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में भी देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के इंडेक्स में हमारे प्रदेश को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही कई ऐतिहासिक फैसले भी लिए गए हैं।

इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक, विदुषी निशंक, प्रेम बुढ़ाकोटी, सुरेश, प्रदीप सरधाना, डॉ. सविता मोहन एवं अन्य लोग मौजूद रहे।