रैनबसेरों में शौचालय, पेयजल, प्रकाश, बिस्तर सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं रहें उपलब्धः डीएम

जिलाधिकारी सविन बंसल ने लालपुल स्थित नगर निगम के रैनबसेरा का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रैनबसेरा में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रैनबसेरा में प्रतिदिन ठहरने वाले निराश्रित व्यक्तियों की जानकारी ली, जिस पर बताया गया कि विगत एक सप्ताह से प्रतिदिन लगभग 15 से 19 निराश्रित लोग रैनबसेरा में रात्रि विश्राम कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने रैनबसेरा परिसर में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने तथा रहने वाले व्यक्तियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि शहर के सभी रैनबसेरों में शौचालय, पेयजल, प्रकाश, बिस्तर सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहें एवं साफ-सफाई व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने शीतलहर के दृष्टिगत निर्देश दिए कि निराश्रित एवं बेसहारा व्यक्तियों को रैनबसेरों में सुरक्षित रूप से ठहराया जाए तथा शहर के चिन्हित सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शीतकाल में निराश्रितों की सुरक्षा एवं सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता है तथा इस संबंध में सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम नमामी बंसल, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने ताड़ीखेत में किया 77.25 करोड़ रुपये की 32 विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत अल्मोड़ा जिले के ताड़ीखेत में आयोजित बहुद्देश्यीय शिविर में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय जनता से संवाद करने के साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण भी किया। इस शिविर में पात्र लोगों को सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के साथ ही जनसमस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया ।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जिले की लगभग 77.25 करोड़ रुपये की लागत की 32 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें रू. 47.85 करोड़ की लागत की 9 योजनाओं का शिलान्यास तथा रू. 29.40 करोड़ की लागत की 23 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए भी अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की।
मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं में विकासखण्ड भिकियासैंण में गगास नदी तथा रामगंगा नदी पर तटबन्ध निर्माण एवं पैदल पथ के नव निर्माण कराने सहित देवलीखेत, चौनलिया, खिरखेत एवं भुजान स्थित राजकीय इंटर कॉलेजों में मिनी स्टेडियमों का निर्माण कराने, सनणा सिंचाई लिफ्टिंग योजना का उच्चीकरण करने, रानीखेत में एनसीसी ग्राउंड/स्टेडियम के निर्माण हेतु एक करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत करने, रानीखेत स्थित रानीझील के विस्तारीकरण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य कराने, रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत हैलीपैड निर्माण कराने की घोषणा सम्मिलित हैं।
शिविर में हजारों की संख्या में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि प्रशासन से जुड़े सभी कार्य और सेवाएँ जनता को उनके ही क्षेत्र में सुलभ कराने हेतु सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसके लिए सरकार की अधिकांश सेवाओं को ऑनलाइन करने के साथ ही समय-समय पर बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन कर जनता की समस्याओं को मौके पर ही त्वरित समाधान भी सुनिश्चित कराया जा रहा है। सरकार ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान शुरू कर शासन-प्रशासन को सीधे आमजन के बीच ले जाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने अभियान के तहत न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित शिविरों का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपनी समस्याओं और सुझावों को निःसंकोच साझा करें, ताकि शासन-प्रशासन उन्हें शीघ्र और प्रभावी ढंग से सुलझा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास और समृद्धि के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। सरकार देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रही है। मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के भी पुनरुत्थान एवं सौंदर्यीकरण हेतु संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के आध्यात्मिकता एवं पावनता को संरक्षित रखने के लिए सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ों से पलायन को रोकने तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु ठोस कार्य किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रतिबद्ध प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश विभिन्न क्षेत्रों में नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। पलायन निवारण आयोग की सर्वे रिपोर्ट में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य में मातृशक्ति के कल्याण के लिए भी समर्पित होकर कार्य कर रही है। हर क्षेत्र में की महिलाओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित कर सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है। अनेक योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु कारगर कदम उठाए गए हैं। राज्य की 1 लाख 68 हजार से अधिक बहनों ने “लखपति दीदी’’ बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में नया इतिहास रचा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए भी अनेक महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का संचालन किया जा रहा है। क्षेत्र में शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 17 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से भवानी देवी पेयजल योजना तथा 5 करोड़ रुपये की लागत से भतरौजखान रामगंगा पम्पिंग पेयजल योजना का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

इस अवसर पर केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टमटा, क्षेत्रीय विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, दायित्वधारी कैलाश पंत, अनिल शाही, ब्लॉक प्रमुख बबली मेहरा, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा, मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष घनश्याम भट्ट भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने अल्मोड़ा में किया सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ, की अनेक घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा में सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने फुटबॉल और बैडमिंटन प्रतियोगिता का उद्घाटन किया तथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी एकता बिष्ट और खेल प्रशिक्षकों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि जनपद अल्मोड़ा में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जी.आई.सी. ग्राउंड में हॉकी एवं फुटबॉल के लिए दिन एवं रात्रि उपयोग हेतु बहुउद्देशीय आर्टिफिशियल टर्फ मैदान का निर्माण किया जाएगा। नगर निगम क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ करने और स्वच्छ व हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने हेतु 200 सोलर लाइटें उपलब्ध कराई जाएंगी। हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम, अल्मोड़ा में 50 बिस्तरों की क्षमता वाला छात्रावास बनाया जाएगा। वहीं, हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम का बैडमिंटन कोर्ट अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार पुनर्निर्मित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है, जो अपने परिश्रम, प्रतिभा और संकल्प के बल पर सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति मानकर ‘विकसित और आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उनकी प्रेरणा से “फिट युवा फॉर विकसित भारत” की थीम पर आयोजित हो रहा यह “सांसद खेल महोत्सव” केवल एक सामान्य खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का एक महाभियान है। यह हमारे गाँव-गाँव में छिपी खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का सशक्त मंच प्रदान करने के साथ ही युवा शक्ति में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और संघर्षशीलता जैसे गुणों को विकसित करने का प्रभावी माध्यम बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया मूवमेंट” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा दे रही है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन से उत्तराखंड “देवभूमि” के साथ-साथ “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित हुआ है। राष्ट्रीय खेलों में हमारे खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर एक नया इतिहास रचा है। उत्तराखंड अब विश्वस्तरीय “स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर” के मामले में भी देश के प्रमुख राज्यों में गिना जाने लगा है और अब प्रदेश में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी होने लगा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में शीघ्र ही एक “स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान” लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। हल्द्वानी में उत्तराखंड का प्रथम खेल विश्वविद्यालय तथा लोहाघाट में एक महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेज़ी से कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नई खेल नीति भी लागू की गई है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ‘मुख्यमंत्री उदियमान खिलाड़ी योजना’ तथा ‘खेल किट योजना’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते युवा खिलाड़ियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्मोड़ा के समग्र विकास के लिए पर्यटन, रोजगार और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने हेतु भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत पिछले चार वर्षों में अल्मोड़ा जनपद में ढाई सौ किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया गया है। साथ ही करोड़ों रुपये की लागत से विभिन्न मोटरमार्गों का निर्माण एवं नवीनीकरण भी किया गया है। लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से अल्मोड़ा- पौड़ी गढ़वाल-रुद्रप्रयाग को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण कराया गया है। लगभग 922 करोड़ रुपये की लागत से अल्मोड़ा-बागेश्वर सड़क के चौड़ीकरण को भी मंजूरी दी गई है। ‘उड़ान योजना’ के अंतर्गत अल्मोड़ा में पर्यटन को बढ़ावा देने और आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से हेली सेवाएं प्रारंभ की गई हैं। फलसीमा में हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है, जो क्षेत्र को बेहतर हवाई सेवाओं से जोड़ते हुए आवागमन को और अधिक सुलभ बनाएगा। क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को सशक्त बनाने के लिए गगास नदी पर 31.27 करोड़ रुपये की लागत से जलाशय परियोजना का कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए शोभन सिंह जीना मेडिकल इंस्टीट्यूट में 100 नई एमबीबीएस सीटें बढ़ाने के साथ-साथ 36 आईसीयू बेड भी जोड़े गए हैं, जिससे भविष्य में चिकित्सा सुविधाएं और अधिक बेहतर होंगी।

कार्यक्रम के दौरान सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री भारत सरकार अजय टम्टा, मेयर नगर निगम अजय वर्मा, जागेश्वर विधायक मोहन सिंह मेहरा, उपाध्यक्ष महिला उद्यमिता परिषद गंगा बिष्ट, अध्यक्ष जिला पंचायत हेमा गैड़ा, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष भाजपा महेश नयाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री संकल्प का ग्राउंड एक्शनः ग्राम पंचायत दुधली में जिला प्रशासन ने सुनी जन समस्याएं

मुख्यमंत्री की पहल पर संचालित जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार, प्रशासन गांव की ओर अभियान के अंतर्गत विकासखंड डोईवाला के राजकीय इंटर कॉलेज दुधली में एसडीएम अपर्णा ढ़ौडियाल की अध्यक्षता में बहुउदेशीय शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान विधायक बृजभूषण गौरोला, प्रमुख क्षेत्र पंचायत डोईवाला, जिला अध्यक्ष भाजपा सहित अन्य जन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्र से जुड़ी 53 समस्याएं एसडीएम के समक्ष रखी। जिसमें से 15 समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया गया और विभागों से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। शिविर में ग्रामीणों को जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई और कुल 430 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ प्रदान किया गया।

बहुउद्देशीय शिविर में पंचायतीराज विभाग द्वारा 25 परिवार रजिस्टर की नकल, 03 जन्म-मृत्यु, 07 राशन कार्ड से समस्या का निस्तारण किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा 35 पात्र लाभार्थियों के किसान, विधवा, दिव्यांग और वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत की गई। होम्योपैथिक चिकित्सा 34, पशुपालन 16, कृषि 28, उद्यान 07 लाभार्थियों को निःशुल्क सेवाएं प्रदान की गई। विद्युत विभाग द्वारा 06 बिजली के बिल संबंधी समस्याओं का निस्तारण किया गया। वही श्रम विभाग द्वारा 05 श्रमिकों के श्रम कार्ड बनाए गए।

बहुउदेशीय शिविर में कुल 53 समस्याएं प्राप्त हुई, जिसमें से सबसे अधिक 12 समस्याएं वन विभाग से संबंधित थी। वही लोक निर्माण विभाग की सड़कों से संबंधित 09, सिंचाई व लघु सिंचाई विभाग की सुरक्षा दीवार एवं नहरों से जुड़ी 12, ग्राम्य विकास की 05 सहित पेयजल, विधुत, राजस्व, परिवहन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा की एक-एक शिकायत मिली। जिसमें 15 शिकायतों का मौके पर निराकरण किया गया। जबकि विभागों से जुड़ी शिकायतों के लिए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देशित दिए गए। इस अवसर पर न्याय पंचायत के ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

2047 का भारत आज के बच्चों के संकल्प से बनेगा: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सरस्वती शिशु मंदिर, ताड़ीखेत में अध्ययनरत स्कूली बच्चों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर विद्यालय के छात्र-छात्राओं में विशेष उत्साह और प्रसन्नता देखने को मिली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों का स्नेहपूर्वक अभिवादन करते हुए कहा कि आप सभी उत्तराखंड और देश का भविष्य हैं।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद करते हुए वर्ष 2047 का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होंगे और तब देश की बागडोर आज के बच्चों के हाथों में होगी। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत 2047” केवल एक सरकार का नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी का सामूहिक संकल्प है, जिसकी सिद्धि सभी के साझा प्रयासों से ही संभव है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को अनुशासन और समय पालन का महत्व समझाते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए समय का सदुपयोग और अनुशासित दिनचर्या अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बच्चों से उनके स्कूल आने-जाने की दिनचर्या पर सहज प्रश्न करते हुए संवाद को रोचक बनाया और मुस्कराते हुए अनुशासन को सफलता की कुंजी बताया।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को पौष्टिक भोजन एवं अच्छे स्वास्थ्य का महत्व बताते हुए कहा कि आगे बढ़ने के लिए शरीर और मन दोनों का स्वस्थ होना आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को संतुलित आहार लेने और नियमित रूप से खेलकूद में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों को बताया कि आज का दिन विशेष है, क्योंकि आज महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती है, जिसे राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने शिक्षा को व्यक्ति, समाज और राज्य के सर्वांगीण विकास की सबसे मजबूत नींव बताते हुए बच्चों से खूब पढ़ने, खूब खेलने और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ के बच्चे कठिन परिस्थितियों में पलकर संघर्ष करना सीखते हैं, जिससे उनमें आगे बढ़ने की विशेष क्षमता होती है। उन्होंने बच्चों को लक्ष्य निर्धारण, अच्छे नागरिक बनने और अपने कर्तव्यों के निर्वहन का संदेश दिया। साथ ही नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए नशा मुक्त उत्तराखंड के संकल्प को मजबूत करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से अपनी भाषा, बोली और संस्कृति पर गर्व करने का आह्वान करते हुए कहा कि जो अपनी जड़ों से जुड़ा रहता है, वही ऊँचाइयों तक पहुँचता है। संवाद के अंत में उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में उत्तराखंड का हर बच्चा देश को दिशा देने वाला नागरिक बनेगा। मुख्यमंत्री ने बच्चों से मेहनत, ईमानदारी और बड़े सपने देखने का संदेश देते हुए कहा कि सरकार सदैव उनके साथ खड़ी है।

दून सड़क किनारे झोपड़ी बना निवास कर रहे लोग किए जाएंगे अनयंत्र शिफ्ट, डीएम ने दिए निर्देश

जिलाधिकारी सविन बंसल ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आज रिस्पना पुल से आईएसबीटी एवं लालपुल तक विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सड़क, नालों, नदियों तथा सार्वजनिक स्थलों की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कारगी चौक के समीप नाले एवं बिन्दाल नदी में गंदगी पाए जाने पर नगर निगम को तत्काल सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्र में जगह-जगह बने अवैध गार्बेज प्वाइंट को शीघ्र हटाने तथा भविष्य में पुनः कचरा न जमा हो, इसके लिए सतत निगरानी के निर्देश नगर निगम के अधिकारियों को दिए।
जिलाधिकारी ने कारगी क्षेत्र में स्थित पुराने डम्पिंग जोन की पूर्ण रूप से सफाई कराते हुए उसे सुव्यवस्थित करने तथा डम्पिंग जोन के समीप सड़क किनारे चूहों द्वारा क्षतिग्रस्त कच्ची भूमि को मरम्मत कर सुरक्षित बनाने के निर्देश भी दिए। आईएसबीटी के समीप सड़क किनारे झोपड़ियां बनाकर रह रहे लोगों के कारण उत्पन्न स्वच्छता एवं यातायात अवरोध को देखते हुए जिलाधिकारी ने एमडीडीए एवं नगर निगम के अधिकारियों को ऐसे लोगों को नियमानुसार अन्यत्र स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए, ताकि सड़क किनारे सफाई व्यवस्था सुचारू रहे एवं यातायात व्यवस्था बाधित न हो।
जिलाधिकारी ने नगर निगम अधिकारियों को नालों एवं नालियों की नियमित एवं गहन सफाई सुनिश्चित करने, कचरा उठान व्यवस्था को प्रभावी बनाने तथा शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने हेतु निरंतर अभियान चलाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम नमामी बंसल, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, संभागीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला सहित एमडीडीए एवं राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के अधिकारी उपस्थित रहे।

दून आईएसबीटी, दिल्ली जाने वाला गेट मिला बंद, नपे एआरएम, डीएम ने दिए कड़ी कार्यवाही के निर्देश

जिलाधिकारी सविन बंसल ने आज अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने यातायात व्यवस्था, पार्किंग, निकासी मार्ग एवं अव्यवस्थित गतिविधियों का गहन जायजा लिया तथा संबंधित विभागों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने हरिद्वार बाईपास की तरफ आईएसबीटी फ्लाई ओवर के समीप सड़क किनारे खाली बड़ी खाली जगह पर टाइल्स लगाकर सुव्यवस्थित पार्किंग विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे यात्रियों एवं आमजन को जाम की समस्या से राहत मिल सके। दिल्ली जाने वाली बसों के लिए बनाए गए निकासी गेट के बंद पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा एमडीडीए को तत्काल गेट खोलने के निर्देश दिए। पूर्व में दिए गए निर्देशों का अनुपालन न होने पर उन्होंने संबंधित एआरएम के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने फ्लाईओवर के नीचे अवैध कट बंद करते हुए सुरक्षित क्रॉसओवर बनाए जाने के निर्देश दिए। साथ ही फ्लाईओवर के नीचे व्यवस्थित पार्किंग विकसित करने तथा निकासी गेट के समीप बनी पुलिस चौकी को अन्यत्र स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आईएसबीटी गेट के पर किए गए निर्माण को ध्वस्त कर निकासी गेट को पूर्ण रूप से सुचारू करने के निर्देश भी दिए गए। ताकि यातायात सुचारू रूप से संचालित हो सके। जिलाधिकारी ने आरटीओ को सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएच) के अधिकारियों को आईएसबीटी के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे टाइल्स लगाकर पार्किंग विकसित करने के निर्देश दिए। इसके लिए जिलाधिकारी द्वारा मौके पर ही आवश्यक धनराशि की स्वीकृति भी प्रदान की गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आईएसबीटी क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, अतिक्रमण अथवा यातायात बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और निर्देशों के अनुपालन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम नमामी बंसल, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, नगर मजिस्टेट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, संभागीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला, एमडीडीए, एनएच के अधिकारी उपस्थित रहे।

अर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करने हेतु डीएम ने यूजीवीएनएल के सीएसआर फंड से दिलवाए 4.50 लाख

जिलाधिकारी सविन बसंल द्वारा जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सर्वसुलभ बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिले की दूरस्थ तहसील त्यूणी अंतर्गत ग्राम एवं पोस्ट अटाल के आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को मुफ्त शिक्षा सहायता एनजीओ को बच्चों की शिक्षा के लिए धनराशि देकर जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है।
ग्राम अटाल क्षेत्र के निवासियों एवं मुक्त शिक्षा हेतु कार्य कर रहे हैं एनजीओ द्वारा जिलाधिकारी सविन बंसल के समक्ष यह अनुरोध किया गया था कि क्षेत्र के अनेक मेधावी बच्चे शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं, किंतु आर्थिक अभाव के कारण उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी को आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर सीएसआर (कॉर्पाेरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) मद से धनराशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में यूजीवीएनएल द्वारा सीएसआर फंड के अंतर्गत 4.50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत एवं आवंटित की गई है। इस धनराशि के माध्यम से ग्राम अटाल क्षेत्र के लगभग 300 आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को मुफ्त शिक्षा का लाभ मिल सकेगा। इस पहल से न केवल क्षेत्र में शिक्षा का स्तर सुदृढ़ होगा, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर भी प्राप्त होगा। जिला प्रशासन द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी प्रयास निरंतर जारी रखे जाएंगे
जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और आर्थिक स्थिति किसी भी बच्चे की प्रतिभा के विकास में बाधा नहीं बननी चाहिए। जिला प्रशासन का निरंतर प्रयास है कि दूरस्थ एवं पिछड़े क्षेत्रों के बच्चों को भी समान शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

सीएम के मार्गदर्शन में बड़ा कदम: देहरादून जिला प्रशासन ने डिस्ट्रिक्ट प्लान से 54 आंगनबाड़ी केंद्र बनाए मॉडर्न प्ले स्कूल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में देहरादून जिला प्रशासन ने जिला योजना वर्ष 2024-25 के अंतर्गत जनपद में 54 ग्रामीण आंगनवाड़ी केन्द्रों को प्ले स्कूल की तर्ज पर मॉडर्न बनाया गया है। कार्यदायी संस्था लघु सिंचाई विभाग के माध्यम से इन सभी आंगनबाड़ी केन्द्रो को ट्रांसफॉर्म व मॉडर्नाइज प्ले स्कूल का रूप दिया है।

जिलाधिकारी सविन बंसल एवं मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह के प्रयासों से राजधानी देहरादून में एकीकृत बाल विकास सेवा के अंतर्गत विकासखंड डोईवाला, रायपुर, सहसपुर, कालसी, विकास नगर और चकराता के 54 आंगनबाड़ी केन्द्रो को मॉडर्न प्ले स्कूल के तौर पर विकसित किया गया। इन केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित बनाया गया है, ताकि छोटे बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और अनुकूल वातावरण मिल सके।

विकासखंड रायपुर में 2, डोईवाला से 8, सहसपुर से 4 कालसी से 8 विकास नगर से 8 और चकराता में 24 आंगनबाड़ी केन्द्रो को मॉडर्न प्ले स्कूल की तस्वीर में बदला गया। वही जिला प्रशासन ने आगे वर्ष 2025-26 के लिए 150 प्लस आंगनबाड़ी केन्द्रो को ट्रांसफार्मर मॉर्डनाइजेशन करने का लक्ष्य रखा है, जिसका कार्य बहुत जल्द शुरू होगा।

लघु सिंचाई द्वारा इन सभी आंगनबाड़ी केंद्र के मरम्मत के कार्य के साथ अंदर और बाहर की दीवारों को सुंदर चित्रों के माध्यम से रंगाई पुताई की गई है बच्चों को बेहतर लर्निंग सुविधा प्रदान करने के लिए सभी केंद्रों में स्मार्ट टीवी भी मौजूद है। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में छोटे बच्चों को अट्रैक्टिव लर्निंग स्किल को विकसित करने के लिए तमाम खिलौने, कलरफुल कारपेट व प्लास्टिक चेयर, राउंड टेबल और खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई है। वही मॉडर्न आंगनबाड़ी केदो में वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, शौचालय सुविधा, बिजली व्यवस्था बच्चों को प्रदान की गई है। साथ ही भोजन माता द्वारा नियमित पोषण आहार भी बच्चों को समय-समय पर दिया जा रहा है।

इन केंद्र को प्ले स्कूल की तर्ज पर स्मार्ट और सुविधायुक्त बनाया गया है। बच्चों के लिए यहां बेहतर शिक्षा, मनोरंजन, स्वच्छता और पोषण संबंधी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं मौजूद हैं।

जिला प्रशासन की इस पहल से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा मिल रहा है। बच्चों के माता-पिता भी प्रशासन के इस कार्य की सराहना कर रहे हैं। साथ ही जिला प्रशासन की इस सोच को बच्चों के भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम बता रहे हैं।

अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई विनय कुमार सिंह ने बताया जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जिला परियोजना के अंतर्गत 54 आंगनबाड़ी केन्द्रो का सुधार का कार्य सौंपा गया था। बताया कि चकराता ब्लॉक की आंगनवाडी केन्द्र कोटा-तपलाड, धारौपुडिया, मंझगॉव, खन्नाड, रडू, खबऊ, चान्जोई, कुनवा, खारसी और नाईली आंगनबाड़ी के ट्रांसफार्मेशन का कार्य चल रहा है जो कि जल्द अब पूरा होने वाला है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि इन सभी तमाम आंगनबाड़ी केन्द्रो में जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में केवल रिपेयरिंग कार्य तक सीमित नहीं रहा। इन सभी केन्द्रो पर स्मार्ट कंटेंट भी प्रोवाइड किया गया है।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि वर्ष 2024- 25 की जिला योजना के अंतर्गत 54 आंगनबाड़ी केन्द्रो को ट्रांसफॉर्म और मॉडर्नाइज किया गया। जहां इन सभी आंगनबाड़ी केन्द्रो की टूट फूट, इलेक्ट्रिक कनेक्शन और इन सभी आंगनबाड़ी केदो में स्मार्ट टीवी के साथ उनके लिए स्मार्ट लर्निंग कंटेंट भी उपलब्ध कराया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025- 26 की जिला योजना के अंतर्गत 150 प्लस आंगनबाड़ी केन्द्रो का भी ट्रांसपोर्टेशन और मॉर्डनाइजेशन कार्य किया जाएगा।

आपदा एवं महामारी प्रबंधन की दिशा में राज्य के प्रयासों को नई मजबूती प्रदान करेगा हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर

प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) के तहत केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड में हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (HEOC) की स्थापना को मंज़ूरी देने के बाद राज्य में स्वास्थ्य आपात प्रबंधन के क्षेत्र में एक नई ऊर्जा आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निरंतर मार्गदर्शन में HEOC की स्थापना का कार्य देहरादून स्थित महानिदेशालय चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिसर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत सरकार की एक उच्च स्तरीय टीम ने स्वास्थ्य महानिदेशालय में बन रहे निर्माणाधीन हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर HEOC का निरीक्षण किया। टीम ने महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. सुनीता टमटा से भेंट की और निर्माण कार्य की गुणवत्ता, संरचना और डिज़ाइन पर विस्तार से चर्चा की। इसके बाद टीम ने नोडल अधिकारी डॉ. पंकज सिंह के साथ निर्माण स्थल का दौरा किया और केंद्र की तैयारियों का प्रत्यक्ष मूल्यांकन किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने कार्य प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और राज्य सरकार द्वारा अपनाई गई पारदर्शी एवं व्यवस्थित कार्यप्रणाली की सराहना की। इस निरीक्षण प्रक्रिया ने न केवल परियोजना की विश्वसनीयता को मजबूत किया है, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर HEOC को एक मॉडल संस्थान के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत सरकार की टीम में डॉ. सैयद जुल्फेकार अहमद, क्षेत्रीय निदेशक, आरओएचएफडब्ल्यू, लखनऊ, डॉ. निश्चय केशरी, चिकित्सा अधिकारी, आरओएचएफडब्ल्यू, लखनऊ, आशिष, परामर्शदाता, हेमंत नेगी मौजूद रहे तथा स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड की तरफ से HEOC नोडल अधिकारी डॉ पंकज सिंह तथा डॉक्टर सुजाता सिंह उपस्थित रहे।

*भारत सरकार की टीम का निरीक्षण, गुणवत्ता पर संतुष्टि*
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर ( HEOC ) के निर्माण कार्य का लगभग आधा हिस्सा पूरा हो चुका है और शेष कार्य भी निर्धारित गति से प्रगति पर है। उम्मीद है कि यह केंद्र जनवरी 2026 के अंत तक पूर्ण रूप से तैयार हो जाएगा। इसके बाद इसे औपचारिक रूप से केंद्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग, उत्तराखंड को हस्तांतरित किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस केंद्र के संचालन को लेकर पहले ही तैयारियां शुरू कर दी हैं, जिसके तहत प्रशिक्षित और अनुभवी अधिकारियों को आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य आपात प्रतिक्रिया से संबंधित विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि केंद्र के शुरू होते ही यह अत्याधुनिक क्षमता के साथ प्रभावी ढंग से कार्य कर सके। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) के तहत उत्तराखंड राज्य को स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, केंद्र सरकार ने राज्य में हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (HEOC) की स्थापना को मंज़ूरी प्रदान की थी। इस केंद्र के निर्माण का आधा कार्य पूरा हो चुका है। इस केंद्र के जनवरी 2026 के अंत तक पूर्ण होने की संभावना है तत्पश्चात यह केंद्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड राज्य को हस्तांतरित कर दिया जाएगा जिसका संचालन स्वास्थ्य विभाग के प्रशिक्षित एवं अनुभवी अधिकारियों द्वारा किया जाएगा । यह केंद्र भविष्य में उत्तराखंड की स्वास्थ्य सुरक्षा का मुख्य आधार बनने जा रहा है और आपदा एवं महामारी प्रबंधन की दिशा में राज्य के प्रयासों को नई मजबूती प्रदान करेगा।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि HEOC की स्थापना से उत्तराखंड स्वास्थ्य आपात प्रबंधन के एक नए युग में प्रवेश करने जा रहा है। यह केंद्र न केवल आपदाओं के समय तेजी से प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेगा, बल्कि सामान्य परिस्थितियों में भी स्वास्थ्य संबंधी निगरानी, डेटा विश्लेषण और निर्णय प्रक्रिया को तकनीकी रूप से मजबूत बनाएगा। इससे जिलों के बीच समन्वय बेहतर होगा और राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में एकरूपता व गति आएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकता सूची में स्वास्थ्य क्षेत्र लगातार शीर्ष पर रहा है और HEOC परियोजना इस प्रतिबद्धता का एक जीवंत उदाहरण है। राज्य सरकार का विश्वास है कि केंद्र के पूर्ण रूप से कार्यरत हो जाने पर उत्तराखंड न केवल अधिक सुरक्षित होगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान भी स्थापित करेगा। यह केंद्र उत्तराखंड की स्वास्थ्य सुरक्षा को नई ऊर्जा, नई मजबूती और नई दिशा प्रदान करेगा, यही राज्य सरकार का दृढ़ संकल्प है।

*आपदाओं और महामारियों पर त्वरित प्रतिक्रिया का केंद्र बनेगा HEOC*
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि HEOC की स्थापना से राज्य को स्वास्थ्य आपात स्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित और सटीक प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में बड़ी सहायता मिलेगी। केंद्र स्वास्थ्य संबंधी तैयारियों को हर समय मजबूत रखेगा और संभावित खतरों की समय पर पहचान कर उचित कार्रवाई को संभव बनाएगा। यह केंद्र कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारियों के दौरान हुए अनुभवों को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक निगरानी तंत्र से सुसज्जित किया जा रहा है, जिससे किसी भी महामारी का प्रारंभिक चरण में पता लगाकर नियंत्रण किया जा सके। धराली जैसी आपदा स्थितियों में राज्य की प्रतिक्रिया क्षमता को भी यह केंद्र कई गुना बढ़ा देगा। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि HEOC न केवल एक भवन या संरचना नहीं, बल्कि उत्तराखंड की भविष्य की स्वास्थ्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार होगा।

*राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत बनाने का प्रयास*
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि देशभर में HEOC केंद्रों की स्थापना केंद्र सरकार की उस व्यापक दृष्टि का हिस्सा है, जिसमें भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों के लिए देश को तैयार करना शामिल है। यह केंद्र सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने और आपदा एवं महामारी प्रबंधन में राज्य और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय को बढ़ावा देगा। उत्तराखंड के लिए यह परियोजना विशेष महत्व रखती है क्योंकि पहाड़ी भूगोल, प्राकृतिक आपदाओं की संवेदनशीलता और भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए यहां स्वास्थ्य आपात प्रबंधन के लिए एक मजबूत तंत्र की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। HEOC की स्थापना इस दिशा में एक ठोस और प्रभावी कदम है, जो आने वाले वर्षों में राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई पहचान दिलाएगा।