ऋषिकेश।
शुक्रवार को फिर से दुकानें सड़क तक जा पहुंचीं। हिदायत देने और जुर्माने लगाने के बाद भी अतिक्रमण कर रहे लोगों में कोई डर नहीं है। शहर में यातायात दिनोंदिन बढ़ता रहा है। जनसंख्या के हिसाब से भी शहर की आबादी एक लाख से ऊपर हो गई है। ऐसे में जन सुविधाओं के हिसाब से सड़क चौड़ी होने के बजाय अतिक्रमण के चलते आवागमन के लिए भी कम पड़ रही है।
पार्किंग स्थल नहीं होने से ग्राहक दुकानों के बाहर ही वाहन पार्क करते हैं। ऐसे में स्थिति और विकट हो जाती है। पालिका प्रशासन द्वारा पूर्व में ऐसे अतिक्रमण को चिह्नित किया गया था। सड़क पर दुकानें नहीं बढ़ाने के लिए चेतावनी दी गई थी लेकिन पालिका ने इस मामले में दोबारा निरीक्षण ही नहीं किया जिससे नगर के आंतरिक मार्गों पर अतिक्रमण को लेकर हालत ज्यादा खराब हो गए। नगर के आंतरिक मार्ग नगर पालिका ऋषिकेश के पास हैं जिनके रखरखाव का जिम्मा पालिका ही वहन करती है।
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चट्टानें खिसकने से केदारनाथ पैदल मार्ग को नुकसान
रुद्रप्रयाग।
फरवरी और मार्च तक हुई बर्फबारी और बारिश के दौरान चट्टानें खिसकने से केदारनाथ पैदल मार्ग को खासा नुकसान पहुंचा है। गौरीकुंड से केदारनाथ तक 16 किलोमीटर लंबे मार्ग पर दस स्थानों पर भूस्खलन क्षेत्र सक्रिय हैं। इसके अलावा जगह-जगह हिमखंड और बोल्डर (विशाल पत्थर) गिरने से मार्ग टूट गया है। रुद्रप्रयाग की जिलाधिकारी रंजना ने बताया कि केदारनाथ पुनर्निर्माण में जुटे नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने प्रारंभिक सर्वे की रिपोर्ट दी है। उन्होंने बताया कि मार्च में जबरदस्त बर्फबारी के कारण रास्ते को ज्यादा नुकसान पहुंचा है।
सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र गौरीकुंड से रामबाड़ा के बीच का भाग है। यहां आठ स्थानों पर पहाड़ से गिरे बोल्डर रास्ते के बीचों-बीच है। कई स्थानों पर रह-रहकर पत्थर भी गिर रहे हैं। डीएम ने बताया कि प्रशासन की एक संयुक्त टीम मार्ग के निरीक्षण के लिए रवाना कर दी गई है। टीम की रिपोर्ट आने पर मार्ग की मरम्मत का खाका तैयार किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि 15 अप्रैल तक मार्ग को पूरी तरह से यातायात के लिए दुरुस्त कर दिया जाएगा।
शराब की शिकायत पर युवकों की पिटाई
रुद्रपुर।
शराब की तस्करी कर रहे युवकों की पुलिस से शिकायत करना चार युवकों को भारी पड़ गया। पुलिस तो नहीं पहुंची, लेकिन उनके घर बदमाश पहुंच गए। उन्होंने शिकायत करने वालों को पीटकर घायल कर दिया। इस घटना के बाद गुस्साए लोगं ने एसएसपी कार्यालय के समक्ष धरना दिया। साथ ही आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। बताया जा रहा है कि गोलगेट निवासी सुरेंद्र सिंह ने शराब की सप्लाई कर रहे दो युवकों को साथियों के सहयोग से पकड़ लिया।
इसकी सूचना पंतनगर चौकी पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस तो मौके पर नहीं आई और शराब माफिया के साथी वहां पहुंच गए। आरोप है कि इन बदमाशों ने शंकर राम के घर में घुस कर हमला कर दिया। इसमें शंकर राम, सुरेंद्र राम पुत्र शंकर राम, सुनील राम व अनिल राम पुत्र सुरेंद्र राम गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलो का जिला अस्पताल में उपचार कराया गया। गुस्साए लोग एसएसपी कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए। उन्होंने पंतनगर पुलिस पर शराब माफियाओ को संरक्षण देने का आरोप लगाया। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने कहा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अवैध पुलिया निर्माण का विरोध
ऋषिकेश।
मंसादेवी गुमानीवाला में ग्रामीणों ने वन विभाग की भूमि पर भूमाफिया द्वारा किए जा रहे अवैध पुलिया निर्माण का विरोध करते हुए वन क्षेत्राधिकारी को ज्ञापन सौंप आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में बुधवार को स्थानीय नागरिकों ने ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया कि मंसादेवी में वन विभाग की भूमि पर कुछ लोग बिना अनुमति के निजी हित के लिये पुलिया का निर्माण कर रहे हैं। उक्त लोग वन भूमि को कब्जाने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामीणों ने यहां हो रहे पुलिया निर्माण का विरोध करते हुए मौके पर काम भी रुकवा दिया। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में वन विभाग की निष्क्रियता के चलते अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद है और आए दिन वन भूमि पर अवैध निर्माण किए जा रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। ज्ञापन देने वालों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रसंघ उपाध्यक्ष शुभम गौड़, अमनदीप नेगी, कार्तिक कौशल, प्राशु बैनर्जी, ऋषभ यादव, विजय जुगरान आदि शामिल थे।
डीएम ने पॉलीथिन के प्रयोग पर सख्ती से कार्रवाई करने के दिये निर्देश
ऋषिकेश।
बुधवार को चारधाम यात्रा व्यवस्था का जायजा लेते हुए डीएम इन्दुधर बौडाई ने मुनीकीरेती नगर पालिका को कूड़ा निस्तारण एवं गंगा घाटों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने निर्देश दिए। डीएम ने मुनिकीरेती नगर पालिका क्षेत्र के अन्तर्गत खारास्रोत कूड़ ट्रंचिंग ग्राउंड का निरीक्षण किया। उन्होंने एसडीएम नरेन्द्रनगर को टंचिंग ग्राउंड के लिए अतिरिक्त भूमि की व्यवस्था करने के निर्देश दिये है। पालिका के अधिकारयों को निर्देशित किया कि पॉलीथिन का प्रयोग हर हाल में रोका जाए। कोर्ट के आदेश के बाद पॉलीथिन के प्रयोग करने पर सख्त कार्रवाई अमल में लायी जाए। शीशमझाड़ी स्थित स्वामी दयानन्द आश्रम के पदाधिकारियों ने डीएम टिहरी से गो सदन के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग की। जिस पर डीएम ने एसडीएम नरेन्द्रनगर को भूमि चयनित करने का निर्देश दिया। डीएम ने मुनिकीरेती गंगा किनारे स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करवाने के निर्देश भी दिये। उन्होंने मुनिकीरेती-र्स्वगाश्रम को जोड़ने वाले जानकी पुल के निर्माण कार्यों की प्रगति भी जानी। कहा कि पुल का निर्माण निश्चित समय अवधि में होना चाहिए।
इस मौके पर एसडीएम नरेन्द्रनगर लक्ष्मीराज चौहान, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती शिवमूर्ति कंडवाल, सहायक अभियंता पुनर्वास बीपी पैन्यूली, अधिशासी अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट आदि मौजूद रहे।
जब एसएसपी को ग्राहक समझ शराब परोसी
रुद्रपुर।
मोहल्लों में परोसी जा रही शिकायत की सच्चाई जानने के लिए एसएसपी डॉ. सदानंद दाते खुद भदईपुरा पहुंच गए। यहां वह सादे पकड़ों में गए। वहां का माहौल देखकर वह खुद हैरत में पड़ गए। खुलेआम घरों में लोगो को शराब परोसी जा रही थी। जब वह वह बैठे तो उन्हें भी शराब परोस दी गई।
हालात देख एस एस पी का पारा चढ़ गया। उन्होंने चौकी इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया। साथ ही चौकी में तैनात कर्मियों की जाँच बैठा दी। एसएसपी की कार्यवाही से हड़कंप मच गया।
कार्यभार संभालने के बाद एस एसपी डॉ दाते ने अवैध शराब व खनन के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश दिए थे। उसके बाद भी लगातार शराब की गली मोहल्ले में बिक्री की शिकायत मिल रही थी। रविवार रात पंतनगर में भी शराब माफियाओ ने एक परिवार के चार लोगो पर हमला कर घायल कर दिया था।
इस पर एसएसपी कड़ा रुख अपनाते हुए गत रात प्राइवेट आल्टो कार से सादे कपड़ो में रम्पुरा चौकी अंतर्गत भदईपुरा पहुंच गए। एसएसपी भी जब शराब पी रहे लोगों के बीच बैठे तो उनको भी शराब परोस दी गई। इस पर उन्होंने तुरंत फोन कर फोर्स बुला लिया।
इसी दौरान किसी ने उनको पहचान लिया। इस पर वहां शराब पी रहे लोगं में भगदड़ मच गई। इसी दौरान पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। एसएसपी ने तुरंत चौकी इंचार्ज भीम भास्कर आर्य को सस्पेंड कर दिया। एसएसपी डॉ. दाते ने बताया अपर पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा रम्पुरा पुलिस चौकी में तैनात कर्मियों की शराब के कारोबार में संलिप्तता की जांच कर रिपोर्ट देंगे। जांच में संलिप्तता मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
चर्चा का विषय बना रहा, डीएम अल्मोड़ा का राज्यमंत्री को दिया जवाब
अल्मोड़ा।
ऊधमसिंह नगर में विधायक समर्थकों को एसएसपी के कार्यालय से बाहर किए जाने का मामला ठंडा पड़ा ही था कि अब डीएम अल्मोड़ा सुर्खियों में हैं। सर्किट हाउस में विभागीय समीक्षा बैठक से पहले ही महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्या व डीएम सविन बसंल की बातचीत में तल्खी चर्चा में रही। हुआ यूं कि सर्किट हाउस में राज्यमंत्री रेखा आर्या विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेने पहुंची। इससे पहले ही उन्होंने डीएम सविन बंसल से कुछ मामलों में आपत्ति जताई। बोली- डीएम साहब जनशिकायतों के प्रति आपका रिस्पांस नहीं रहता। इस पर डीएम बोले इसका जवाब जनता ही देगी। जनसमस्याओं का निदान उनकी प्राथमिकता में शामिल है, आम ग्रामीण भी उनसे सीधा आकर मिलता संतुष्ट होकर लौटता है।
फिर राज्यमंत्री ने अल्मोड़ा शहर की वन-वे ट्रैफिक को जनसुविधा के लिए बदलने की बात कही। डीएम ने उच्चतम न्यायालय की गाइड लाइन का हवाला दिया। कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सड़क सुरक्षा एक्ट के तहत यह व्यवस्था बनाई गई है। लिहाजा इसमें जल्दी में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता। इस पर असहज राज्यमंत्री ने डीएम को यह कह कर घेरने का प्रयास किया कि डीएम साहब! आप फोन भी रिसीव नहीं करते, ऐसा क्यों, डीएम ने जवाब दिया जिलाधिकारी का फोन रिसीव होता है या नहीं इसका फीडबैक जनता से ले लीजिए। पास ही खड़े एसएसपी डीएस कुंवर की ओर देखने के बाद राज्यमंत्री ने लगे हाथ पूछ ही लिया कि उनके पति के खिलाफ दर्ज मुकदमे का क्या हुआ। इस पर डीएम शालीनता से बोले- मैडम, आप अपने विभाग की समीक्षा बैठक लें। सार्वजनिक रूप से इस पर बात नहीं की जा सकती। वह मुख्यमंत्री, गृहमंत्री या गृहसचिव से ही बात करेंगे।
आपको अगर डीएम पसंद नहीं तो बदलवा दें। बहरहाल, इस तल्खी के बाद विभागीय समीक्षा बैठक शुरू हुई। इसमें डीएम व एसएसपी भी शामिल रहे। बता दें कि राज्यमंत्री के पति बरेली निवासी गिरधारी लाल पप्पू के खिलाफ चुनाव के समय मुकदमा दर्ज किया गया था।
सार्वजनिक अवकाश पर भी खुले रहे प्राइवेट स्कूल
ऋषिकेश।
मंगलवार को रामनवमी त्योहार पर केन्द्र और राज्य सरकार की ओर से सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था। बावजूद इसके देहरादून रोड स्थित एक प्राइवेट स्कूल खुला रहा। इसके चलते छोटे बच्चों अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने में व्यस्त रहे। प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के आगे अभिभावक कुछ बोलने से भी हिचकाते हैं जिससे इन स्कूलों की मनमर्जी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
अधिवक्ता अमित वत्स ने बताया कि रामनवमी का त्योहार हिन्दुओं का पावन पर्व है। ऋषिनगरी के ज्यादातर स्कूलों ने सार्वजनिक अवकाश का पालन किया लेकिन कुछ स्कूलों ने पालन नहीं किया है। अष्टमी और रामनवमी पर कन्याओं का पूजन किया जाता है। अवकाश होने के बाद भी छोटे बच्चे स्कूल आए और अभिभावक त्योहार होने पर भी बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने में व्यस्त रहे। उन्होंने प्राइवेट स्कूलों की कार्य प्रणाली पर रोष जताया। कहा कि प्राइवेट स्कूलों की मनमर्जी के खिलाफ सरकार से शिकायत की जाएगी।
देहरादून मार्ग स्थित एक प्राइवेट स्कूल के रामनवमी के अवकाश पर भी स्कूल खोलने की शिकायत आई है। हो सकता है कि स्कूल ने बुधवार को रामनवमी का अवकाश घोषित किया हो। लिखित शिकायत सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।
वृजेश कुमार तिवारी, एसडीएम ऋषिकेश।
वाहनों में रेट लिस्ट न लगी होने पर होगी कार्रवाई
ऋषिकेश।
शनिवार को कोतवाली में पुलिस ने परिवहन से जुड़े यूनियन पदाधिकारियों की बैठक बुलाई। इसमें शहर में जाम लगने पर वाहन मालिक के खिलाफ कार्रवाई करने के बारे में बताया गया। एसपी देहात श्वैता चौबे ने साफ कहा कि चारधाम यात्रा शुरू होने जा रही है। इसलिए अब सुबह छह से रात 10 बजे तक बसों का शहर में प्रवेश बंद रहेगा। छह अप्रैल से ऑटो-विक्रम चालकों का सत्यापन भी होगा। अवैध ऑटो-विक्रम के खिलाफ कार्रवाई के लिए सभी 6 यूनियनों से उनकी सूची मांगी जाएगी। कहा कि प्रत्येक वाहन पर रेट लिस्ट लगी होनी जरूरी है। चन्द्रभागा पुल के पास बनी पार्किग से स्टैंड हटाया जाएगा। एसपी ने कहा कि शहर में जाम एक बड़ी समस्या है। इसलिए अतिक्रमण भी हटाया जा रहा है। इस अवसर पर रोटेशन अध्यक्ष सुधीर राय,ऑटो-विक्रम महासंघ अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत, विनोद शर्मा,कुंवर सिंह रावत, बंटी तायल, टैक्सी यूनियन अध्यक्ष कुंवर सिंह तडियाल, सुनील शर्मा, त्रिलोक भण्डारी,सूमो यूनियन के अध्यक्ष केएल कुडियाल,एएसपी निहारिका भट्ट, सीओ मनोज कत्याल सहित अन्य मौजूद थे।
रातभर एसडीएम कार्यालय में दिया धरना
-शराब की दुकान खोलने के विरोध में महिलायें
-उखीमठ मोटरमार्ग पर दिया जा रहा है धरना
रुद्रप्रयाग।
भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल ऊखीमठ में शराब की दुकान खोले जाने का विरोध तेज हो गया है। स्थानीय महिलाएं शराब की दुकान के विरोध में रात को सड़कों पर उतर रही और आज सुबह से ही उखीमठ मोटरमार्ग पर धरना दे रही हैं। शुक्रवार रातभर उखीमठ की महिलाएं शराब की दुकान के विरोध में उपजिलाधिकारी कार्यालय में धरने पर बैठी रही। महिलाओं का कहना है कि किसी भी हाल में शराब की दुकान नहीं खोलने दी जायेगी।
उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा से जुड़े रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिले में शराब की दुकान खोलने पर रोक लगा दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के निर्णय पर स्टे ले लिया है। जिसके बाद अब रुद्रप्रयाग जिले के उखीमठ सहित अन्य स्थानों पर शराब की दुकान खोलने को विरोध हो रहा है। शुक्रवार रात को उखीमठ की महिलाओं ने सड़कों पर प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। महिलाओं ने उप जिलाधिकारी का घेराव करते हुये रात भर उपजिलाधिकारी कार्यालय में धरना दिया। महिलाओं ने कहा कि बाबा केदारनाथ के शीतकालीन गददीस्थल उखीमठ में शराब का प्रचलन अत्यधिक बढ़ गया है। शीतकालीन गददीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर से मात्र दो सौ मीटर दूर शराब की दुकान स्थित है। आये दिन बाबा केदार के दर्षनों के लिये हजारों यात्री आते हैं, लेकिन रास्ते में ही शराब की दुकान होने से यात्रियों की आस्था को ठेस पहुंचती है।
