फरियादी नही दिखा रहे तहसील दिवस में रुचि

ऋषिकेश।
मंगलवार को तहसील दिवस में नगर पालिका ऋषिकेश के तीन, कोतवाली के तीन, तहसील के तीन, पीडब्ल्यूडी के दो, लेखाधिकारी कार्यालय देहरादून का एक, जल संस्थान के दो, पेयजल निगम का एक मामला फरियादियों ने पंजीकृत कराया। फरियादियों के कम पहुंचने से तहसील दिवस फीका रहा। इससे पहले भी तहसील दिवस में फरियादियों ने कम ही रुचि दिखाई है। तहसील दिवस में समस्या का समाधान समय से नही होने के चलते धीरे-धीरे फरियादी कम होने लगे है। मंगलवार को भी कई फरियादी इसकी चर्चा करते दिखे।

113

एसडीएम वृजेश कुमार तिवारी ने पंजीकृत कुल 17 मामलों को संबधित विभागों में निस्तारण करने के निर्देश दिये। मौके पर तहसीलदार रेखा आर्य, सहायक समाज कल्याण अधिकारी महेश प्रताप, अवर अभियंता जल संस्थान हिमांशु असवाल, गन्ना विभाग से गजेन्द्र सिंह, राजस्व विभाग से दर्शन सिंह व शंभुनाथ गांगुली, वन दरोगा सुरेन्द्र कुमार, जल संस्थान से मनोज कुमार, ग्राम विकास अधिकारी दिग्विजय सिंह, सिंचाई विभाग से सीएम भटट आदि मौजूद थे।

नियमितिकरण की मांग को लेकर हड़ताल पर है लाइनमैन

ऋषिकेश।
नगर पालिका ऋषिकेश में लाइनमैनों की हड़ताल का असर दिखने लगा है। हड़ताल के चलते स्ट्रीट लाईटें न जलने से कई मोहल्लों में अंधेरा छाने लगा है। नियमितिकरण की मांग को पालिका के लाइनमैन हड़ताल पर है।

105

नगर पालिका के लाइनमैन शंभू प्रसाद कोठारी, आशाराम भट्ट व शंभू प्रसाद भट्ट मंगलवार को भी हड़ताल पर रहे। इससे नगर पालिका में हररोज आने वाली शिकायतों का निदान नहीं हो पाया। खराब स्ट्रीट लाइटों के ठीक न होने से लोग परेशान है। मंगलवार को ढाई सौ से अधिक खराब स्ट्रीट लाइटें ठीक नहीं हो पाई। जिन्हें ठीक करने का जिम्मा तीनों लाइनमैन के कंधे पर है। तीनों लाइनमैन का कहना है कि वर्ष 1984 से पालिका में कार्यरत है। लेकिन अभीतक नियमितिकरण नहीं हो पाया है।

तो लोकल रूटों पर चलेंगी टीजीएमओसी की बसें

ऋषिकेश।
टीजीएमओसी ने लोकल रूटों पर बसों के संचालन की शासन से गुहार लगाई है। कंपनी ने लोकल रूटों पर परमिट देने की मांग की है। लोकल रूटों पर सेवाएं चलने से लोगों का राहत मिलेगी।
परिवहन कंपनी टिहरी गढ़वाल मोटर ऑनर्स कॉरपोरेशन ने छिद्दरवाला, श्यामपुर, रायवाला लोकल रूटों पर बसों के संचालन को लेकर नए परमिट की मांग की है। कॉरपोरेशन के सचिव हिम्मत सिंह रावत का कहना है कि सवारियों की डिमांड को देखते हुए शासन से परमिट जारी करने की मांग की गई है। अगर परमिट जारी होता है, तो लोकल रूटों पर बसों का संचालन किया जाएगा। बसों में ऑटो-विक्रम से किराया भी कम होगा। फिलहाल हरिद्वार जाने वाली बसें वाया चीला होकर जाती है। अगर वाया रायवाला का परमिट मिलता है तो इसका फायदा हजारों लोकल यात्रियों को होगा। उन्होंने कहा कि उनके पास प्रर्याप्त बसें है, जो नई रूटों पर भी चल सकती हैं।

अनशनकारियों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

ऋषिकेश।
नरेन्द्रनगर के दोगी पट्टी क्षेत्र में सूरजकुंड-रानीताल पेयजल पंपिंग योजना पूरी करने की मांग को लेकर ग्रामीण अनशन पर बैठे है। उन्होंने मंगलवार को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
क्रमिक अनशन पर मंगलवार को पूर्व जिला पंचायत सदस्य सरदार सिंह पुण्डीर, पावकी देवी संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र जेठूड़ी, क्षेत्र पंचायत सदस्य महिपाल जेठूड़ी, कान्ति रावत बैठे। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से दोगी पट्टी के 30 हजार लोग पेयजल की समस्या को हल करने की मांग करते आ रहे है। लेकिन सरकार की उदासीनता के चलते योजना अधर में लटकी हुई है। समर्थन में भीम सिंह चौहान, धर्म सिंह जेठूड़ी, अब्बल सिंह जेठूड़ी, बलबीर सिंह, मान सिंह , कर्ण सिंह, कीर्तन सिंह, गुड्डी देवी, सुमित्रा देवी, दशरथ सिंह बैठे।

110

ऑटो-विक्रम की हड़ताल से लोग बेहाल

नए परमिट जारी करने के विरोध में ऑटो-विक्रम वालों की हड़ताल

ऋषिकेश।
परिवहन विभाग की ओर से ऋषिकेश सेंटर और डोईवाला सेंटर के तहत ऑटो और विक्रम के नए परमिट जारी किए जा रहे हैं। बुधवार को देहरादून में इस संबंध में बैठक होनी है। बैठक में नए परमिट जारी होने के फैसले पर मुहर लगने का अंदेशा जताते हुए ऋषिकेश और डोईवाला के ऑटो-विक्रम संचालकों ने हड़ताल का ऐलान किया था। पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार ऋषिकेश सेंटर के तहत शहर और देहात के रूटों पर विक्रम नहीं चले। वहीं शहर के अंदर बुकिंग पर चलने वाले ऑटो भी नहीं मिले। ऋषिकेश से रायवाला, डोईवाला, तपोवन और डोईवाला से छिद्दरवाला रूट पर करीब 16 सौ विक्रम और ऑटो संचालित होते हैं। इनमें रोजाना 30 से 35 हजार यात्री रोजाना सफर करते हैं। मंगलवार को सभी रूटों पर विक्रम और ऑटो सेवाएं ठप रहीं। लोगों ने अपने निजी वाहनों या दूसरों से लिफ्ट लेकर सफर किया। कई बच्चे विक्रम नहीं चलने के कारण स्कूल नहीं जा सके, तो कई को दफ्तर या फैक्ट्री पहुंचने में परेशानी उठानी पड़ी। स्कूली-कॉलेज में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स लिफ्ट लेते नजर आए। ऑटो-विक्रम यूनियन ऋषिकेश के अध्यक्ष संजय चौधरी और डोईवाला के अध्यक्ष प्रताप यादव ने कहा कि बुधवार सुबह से संचालन शुरू हो जाएगा, लेकिन शासन नए परमिट जारी करता है तो अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।

108

रोडवेज की बसों ने दी राहत
ऑटो-विक्रम की हड़ताल के चलते परिवहन निगम ने ऋषिकेश से हरिद्वार के बीच आधा दर्जन अतिरिक्त बसें चलाई। इससे श्यामपुर, आईडीपीएल, रायवाला आदि क्षेत्रों को जाने वाले यात्रियों को राहत मिली। हालांकि सुबह और शाम के समय बसों में भारी भीड़ से लोगों को दिक्कत भी झेलनी पड़ी।

109

हड़ताल से मरीजों की फजीहत
इन दिनों ऋषिकेश सरकारी अस्पताल और एम्स में इलाज को मरीज की भीड़ पहुंच रही है। ज्यादातर मरीज और तीमारदार ऑटो-विक्रम से ही अस्पताल पहुंचते हैं। मंगलवार को हड़ताल के कारण मरीज और उनके तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ी। देहरादून या अन्य देहात क्षेत्रों में आने वाले लोग एम्स के लिए नटराज चौक से विक्रम पकड़ते हैं। मंगलवार को विक्रम नहीं मिलने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। कुछ लोगों को मजबूरी में टैक्सी या कैब बुक करनी पड़ी।

राशनकार्ड की यूनिट का भी दर्ज होगा आधार नंबर

अक्तूबर माह के अंत तक सभी को आधार जमा कराना अनिवार्य
राशन विक्रेता और पूर्ति कार्यालय, दोनों में से कहीं भी जमा करा सकते है उपभोक्ता

ऋषिकेश।
राशन कार्ड उपभोक्ता को अब हर यूनिट का आधार नंबर राशन कार्ड से लिंक कराना होगा। इस बाबत भारत सरकार के आदेश के तहत उत्तराखंड शासन ने सभी पूर्ति कार्यालयों को निर्देश दिये है।
मंगलवार को पूर्ति निरीक्षक पुष्पा बिष्ट ने बताया कि राशन कार्ड उपभोक्ता अक्तूबर माह के अंत तक सभी यूनिट का आधार नंबर विभाग के पास जमा कराना सुनिश्चित करे। बताया कि भारत सरकार के आदेश के तहत शासन ने सभी यूनिट के आधार नंबर राशन कार्ड से लिंक कराने के निर्देश दिये है। उन्होंने राशन विक्रेता और पूर्ति कार्यालय, दोनों में से कहीं भी सुविधानुसार उपभोक्ताओं को आधार नंबर जमा कराने को कहा है।

104

गौरतलब है कि अभी कुछ माह पहले राशन कार्ड के नवीनीकरण हुए थे। उस दौरान राशन कार्ड के मुखिया का आधार नंबर अनिवार्य रुप से लिया गया था। लेकिन अब नए सिरे से निर्देश मिलने के बाद विभाग फिर से कसरत कर रहा है।

प्रचार-प्रसार के अभाव में फीका रहा बहुउेशीय शिविर

ऋषिकेश।
सोमवार को नगर पालिका ऋषिकेश के इन्द्रमणी बडोनी सभागार में आयोजित एकदिवसीय बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया था। शासन के निर्देश पर समाज कल्याण विभाग ने पेंशनधारकों के आधार कार्ड बनवाने और लिंक कराने के मुख्य उद्देश्य को लेकर शिविर का आयोजन किया। शिविर में पहले तो अधिकारी ही समय से नही पहुंचे, फिर अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी सिर्फ खानापूर्ति ही करते नजर आये। इस दौरान विधायक प्रेमचन्द अग्रवाल भी शिविर में पहुंचे। उन्होंने समय पर अधिकारियों के न पहुंचने और शिविर का समुचित प्रचार-प्रसार नही करने पर नाराजी जताई। इस दौरान उन्होंने मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को फटकार भी लगाई।

107

सहायक समाज कल्याण अधिकारी जीत सिंह रावत ने बताया स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर में 11 विकलांग लोगों की जांच की और प्रमाण पत्र बनाये। 20 नए पेंशनधारक जिनके आधार कार्ड नही थे, बनाये गये और 14 पेंशन धारकों ने आधार कार्ड जमा कराया। गौरतलब है कि पेंशन धारकों के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। जिसके चलते समाज कल्याण विभाग शिविर का आयोजन कर रहा है। शिविर के समापन पर 18 विकलांग, 41 वृद्धा व एक विधवा पेंशन के फॉर्म ही जमा हो पाये। विभाग की ओर से लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।

हरिद्वार डोईवाला के बीच नहीं चले वाहन

कई स्थानों पर पुलिस ने अवरोधक लगा रोके वाहन
राष्ट्रपति की सुरक्षा को दो घंटे जीरो जोन रहा डोईवाला हाईवे
गुरूवार शाम 6 से 8 बजे तक मार्ग रहा बंद
रायवाला।
राष्ट्रपति का काफिला लगभग शाम छह बजकर चालीस मिनट पर जौलीग्रांट के लिए निकला। शाम सात बजकर दस मिनट पर राष्ट्रपति नेपाली फार्म तिराह क्रास किया। राष्ट्रपति के जाने पर हरिद्वार ऋषिकेश बीच वाहन चलने शुरू हो गए। जबकि करीब आधा घंटे बाद रोके गए वाहन नेपाली फार्म से डोईवाला के लिए छोड़े गए। सुरक्षा के चलते पुलिस ने शाम चार बजे से ही वाहनों का रूट डायवर्ट कर चीला बैराज से हरिद्वार भेजना शुरू कर दिया। जबकि हरिद्वार से ऋषिकेश व देहरादून जाने वाले वाहन भी चीला बैराज रानीपोखरी होकर देहरादून भेजे गए। शाम छह बजे बाद हरिद्वार जौलीग्रांट के बीच जीरो जोन होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। खासकर लोकल वाहन चालकों को भी पुलिस रोके रखा। इसको लेकर दुपहिया चालकों की पुलिस से झड़पें भी हुई। सीओ चक्रधर अंथवाल ने बताया कि राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर कड़े प्रतिबंध किए गए। जिससे हरिद्वार जौलीग्रांट हाईवे को दो घंटे तक जीरो जोन में रखा गया।

वेतन न मिलने से भड़के पालिका कर्मी बेमियादी हड़ताल पर

संविदा, आउटसोर्सिंग और मेला कर्मियों को तीन माह से नहीं मिला वेतन
नगर पालिका के ईओ पर संगठन अध्यक्ष से अभद्रता का आरोप लगाया
ऋषिकेश।
बुधवार को ऋषिकेश पालिका के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अधिशासी अधिकारी वीपीएस चौहान के दफ्तर पर इकट्ठा हुए। संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति की अध्यक्ष मंजू चौहान के अनुसार, सुबह 11 बजे तक ईओ दफ्तर नहीं पहुंचे तो कर्मचारियों के कहने पर उन्होंने फोन घुमाया। उन्होंने कर्मचारियों के साथ वार्ता के लिए कहा तो आरोप है कि ईओ चौहान ने उन पर अभद्र टिप्पणी कर दी। इस दौरान मंजू चौहान ने अपने मोबाइल का स्पीकर ऑन किया हुआ था। जब कर्मचारियों ने ईओ की बात सुनी तो पालिका दफ्तर में काम करने से मना कर दिया। इसके बाद कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर चले गए। उन्होंने पालिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ऐसे में पालिका दफ्तर पहुंचे लोगो को बैरंग ही लौटना पड़ा। देर शाम तक पालिका कर्मचारी दफ्तर पर जमे रहे। लेकिन, न तो ईओ के साथ उनकी वार्ता हो सकी और न ही पालिकाध्यक्ष से कोई आश्वासन ही मिला। वहीं, इस बारे में पालिका ईओ वीपीएस चौहान से जब उनका पक्ष जानना चाहा तो कई बार कोशिश के बावजूद उनसे संपर्क नहीं हो सका। प्रदर्शन में वेद प्रकाश बिजल्वाण, राजेंद्र गर्ग, ज्योति प्रसाद उनियाल, ललित मोहन शर्मा, नवीन शर्मा, विनोद त्यागी, कविता लोहानी, मगना पोखरियाल, सरोजनी देवी, अनिता, सुमित्रा, सफाई नायक नरेश खैरवाल, महेंद्र, जितेंद्र, विनोद, मुकेश, सतपाल दानव, राजेश डोगरा, तीरथ, विनेश आदि शामिल रहे।

पालिका में कार्यरत हैं 125 कर्मचारी
ऋषिकेश पालिका में आउटसोर्सिंग के जरिये तैनात 40 कर्मचारियों और संविदा पर लगे 35 सफाई कर्मचारियों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है। जबकि 50 मेला कर्मचारियों को एक माह 27 दिन से वेतन का इंतजार है। जबकि इन कर्मचारियों को पालिका प्रशासन ने समय से पहले ही बजट की कमी का हवाला देकर हटा दिया था, लेकिन वेतन नहीं दिया। नाम न छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि पहले तो वेतन ही कम है और ऐसे में तीन माह से वेतन नहीं मिल रहा है। अब तो राशन विक्रेता भी सामान उधार में देने से मना कर रहा है। ऐसे में कर्मचारी कहां जाएं, हमारी आवाज कोई नहीं सुनता।

105

ईओ से वार्ता का प्रयास किया गया था, लेकिन उन्होंने वार्ता नहीं की। दोपहर लंच के वक्त वह दफ्तर आए और कर्मचारियों से बिना मिले ही वापस लौट गए। जब तक पालिका प्रशासन से सकारात्मक वार्ता नहीं हो जाती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
मंजू चौहान, संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति, ऋषिकेश पालिका

दवा की चपेट में आने से कर्मचारी बेहोश

दवा का छिड़काव कर रहा था कर्मचारी
ऋषिकेश।
नगर पालिका अपने कर्मचारियों को लेकर कितनी संजीदा है। इसकी बानगी मंगलवार को देखने को मिली। दवा छिड़काव कर रहे एक कर्मचारी कीटनाशक दवा की चपेट में आ गये। बताया जा रहा कि दवा छिड़काव कर रहे कर्मचारी ने मॉस्क और ग्लब्स नही पहना था। दवा के रिसाव की बात भी सामने आ रही है। सूत्रों की मानें तों पालिका कर्मचारियों को सुविधायें भी मुहैया नही कराती है।
सुबह घटित हुई घटना के बाद कर्मचारियों में पालिका के प्रति रोष देखने को मिला। नाम न छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि सफाई कर्मचारियों को पालिका प्रशासन कोई सुविधा नही दे रहा है। वहीं, सरकारी अस्पताल में पीड़ित कर्मचारी को ड्रिप व दवाई दी गयी। तब जाकर कर्मचारी नार्मल हो पाया। सरकारी अस्पताल के अनुसार कीटनाशक दवा पीड़ित की सांस के साथ शरीर में चली गई। जिससे चक्कर आना, उल्टी व बेहोशी छाने लगी। अब हालत ठीक है।

105

दवा छिड़काव करते समय दवा का रिसाव हुआ। कर्मचारी इसी की चपेट में आया है। मॉस्क व ग्लब्स कर्मचारियों को दिये जाते है।
सचिन रावत, सफाई निरीक्षक पालिका ऋषिकेश।