पीएम मोदी को मंत्रमुग्ध कर गई आदि कैलाश एवं जागेश्वर धाम यात्रा

हाल में ही उत्तराखण्ड के एकदिवसीय कुमांऊ दौरे से लौटे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आदि कैलाश एवं जागेश्वर धाम यात्रा उनके जीवन की ऐतिहासिक यात्राओं में शामिल हो गई है। यह बात देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं अपने आधिकारिक एक्स हेंडल साझा की है। पीएम मोदी ने आदि कैलाश एवं जागेश्वर धाम यात्रा से मंत्रमुग्ध होते हुए लिखा है कि “यदि कोई मुझसे पूछे – यदि आपको उत्तराखण्ड में एक जगह अवश्य देखनी चाहिए तो वह कौन सी जगह होगी, तो मैं कहूंगा कि आपको राज्य के कुमाऊं क्षेत्र में पार्वती कुंड और जागेश्वर मंदिर अवश्य देखने चाहिए। प्राकृतिक सुंदरता और दिव्यता आपको मंत्रमुग्ध कर देगी।”

प्रधानमंत्री मोदी अपने दूसरी पोस्ट में लिखते हैं कि “बेशक, उत्तराखण्ड में घूमने लायक कई प्रसिद्ध जगहें हैं और मैंने भी अक्सर उत्तराखण्ड का दौरा किया है। इसमें केदारनाथ और बदरीनाथ के पवित्र स्थान शामिल हैं, जो सबसे यादगार अनुभव हैं। लेकिन, कई वर्षों के बाद पार्वती कुंड और जागेश्वर मंदिर में लौटना विशेष रहा।“ इधर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पोस्ट के जवाब में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों की ओर से आभार प्रकट करते हुए लिखा कि “आदरणीय प्रधानमंत्री जी आपके कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में देवभूमि उत्तराखण्ड धार्मिक, आध्यात्मिक एवं साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में नित नए आयाम स्थापित कर रहा है। आपके विजन के अनुरूप रोड, रेल और रोपवे निर्माण के माध्यम से श्रद्धालुओं के आवागमन को सुविधाजनक बनाया जा रहा है।“

मुख्यमंत्री धामी आगे लिखते हैं कि “प्रधानमंत्री जी के आदि कैलाश, पार्वती कुंड और जागेश्वर धाम के ऐतिहासिक भ्रमण से न केवल इन पवित्र स्थलों को नई पहचान मिली है बल्कि स्थानीय लोगों की समृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। मानसखंड मंदिर माला मिशन को वैश्विक पहचान दिलाने एवं देवभूमि उत्तराखण्ड के प्रति आपके असीम स्नेह व प्रेम हेतु समस्त प्रदेशवासियों की ओर से आभार“ प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उत्तराखण्ड दौरे के दो दिन बाद साझा की गई पोस्ट उनके उत्तराखण्ड के प्रति लगाव को स्पष्ट दर्शाता है। पीएम मोदी ने आदि कैलाश एवं जागेश्वर धाम यात्रा से देश दुनियां को न सिर्फ धर्म आध्यात्म का संदेश दिया बल्कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मानसखंड मंदिरमाला मिशन के विजन पर भी मुहर लगाई है।

पीएम ने 4 हजार 200 करोड़ रूपये की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्ड को लगभग 4 हजार 200 करोड़ रूपये की सौगात दी। पिथौरागढ़ में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने राज्य की 23 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। राज्य की जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें 21 हजार 398 पॉलीहाउस निर्माण, उच्च घनत्व वाले सघन सेब बागानों की योजना, राष्ट्रीय राजमार्गों पर 2 लेन एवं ढलान उपचार के 5 कार्य, राज्य में 32 पुलों का निर्माण, एसडीआरएफ के तहत अग्नि सुरक्षा बुनियादी ढांचे और बचाव उपकरणों को मजबूत करना, देहरादून में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र का अपग्रेडेशन, बलियानाला, जनपद नैनीताल में भूस्खलन की रोकथाम हेतु उपचार, 20 मॉडल डिग्री कॉलेजों में हॉस्टल और कंप्यूटर लैब का निर्माण, सोमेश्वर, अल्मोडा में 100 बिस्तरों वाला उप जिला अस्पताल, चंपावत में 50 बिस्तरों वाले अस्पताल ब्लॉक का निर्माण, रूद्रपुर में वेलो-ड्रोम निर्माण कार्य, स्पोर्ट्स स्टेडियम, हल्द्वानी में एस्ट्रो टर्फ हॉकी मैदान का निर्माण, चार धाम की भांति मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों का विकास, मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत जागेश्वर धाम, हाट कालिका एवं नैना देवी मंदिर में अवस्थापना सुविधाओं का विकास शामिल हैं।
प्रधानमंत्री द्वारा जिन योजनाओं का लोकार्पण किया गया उनमें पीएमजीएसवाई के तहत 76 सड़कें, पीएमजीएसवाई के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 25 पुल, 9 जिलों में 15 ब्लॉक कार्यालय भवन, केन्द्रीय सड़क निधि के अन्तर्गत 3 सड़क सुदृढ़ीकरण कार्य, कौसानी-बागेश्वर रोड, धारी-डोबा- गिरेचिना रोड, नगला-किच्छा एस एच रोड डबल लेन, राष्ट्रीय राजमार्गों को 2 लेन एवं सुदृढ़ीकरण करने का कार्य, एन एच 309 बी-अल्मोड़ा-पेट्सल-पनुआनौला- दन्या एन एच- टनकपुर-चल्थी, प्रदेश में 39 पुल एवं देहरादून में यूएसडीएमए भवन, 38 ग्रामीण पंपिंग पेयजल योजनाएं और 3 ट्यूबवेल आधारित पेयजल योजनाएं, 419 ग्रामीण ग्रेविटी पेयजल योजनाएं, थरकोट, पिथौरागढ़ में कृत्रिम झील, 132 केवी पिथौरागढ़-लोहाघाट-चंपावत ट्रांसमिशन लाइन के कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड की सवा करोड़ देवतुल्य जनता की ओर से दो अन्तरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे सीमान्त जनपद पिथौरागढ़ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केदारखंड में मंदिरों तथा पौराणिक स्थलों का विकास हो रहा है। उनकी मानसंखंड की इस यात्रा द्वारा इस क्षेत्र का भी संपूर्ण विकास सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज भारत पुनः विश्वगुरू बनने की ओर अग्रसर है। आज जहां एक ओर देश में आंतरिक सुरक्षा मजबूत हुई है, वहीं विश्व में भारत का मान-सम्मान बढ़ रहा है। रूस और यूक्रेन के बीच हुए युद्ध के समय भारत द्वारा दिखाई गई कूटनीतिक परिपक्वता हो या जी-20 सम्मेलन के अध्यक्ष के रूप में विश्व के सभी प्रमुख देशों को एक मंच पर लाकर दिल्ली घोषणा पत्र पर सहमति स्थापित करना हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति की। यह स्वर्णिम कालखंड भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना के पुनरुत्थान का कालखंड भी है। आज नया भारत न केवल एक राष्ट्र के रूप में संपन्न और समर्थ बन रहा है, बल्कि विश्व का नेतृत्व करने के लिए भी तैयार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव किसी से छुपा नहीं है। पिछले 9 वर्षों में केन्द्र सरकार द्वारा राज्य के लिए 1 लाख 50 हजार करोड़ रूपये से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की गई, जिनमें से अनेक योजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने का विकल्प रहित संकल्प के साथ कार्य किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नारायण आश्रम की प्रतिकृति, ऐपण स्टॉल और बोधिसत्व विचार श्रृंखला-एक नई सोच, एक नई पहल पुस्तक भेंट की।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री उत्तराखण्ड सतपाल महाराज, गणेश जोशी, प्रेमचंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, रेखा आर्या, सौरभ बहुगुणा, सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कल्पना सैनी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट आदि उपस्थित रहे।

आदि कैलाश की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 अक्टूबर को भारत की आध्यात्मिक भूमि आदि कैलाश पहुंचे। यहां शिव मंदिर में पूजा करते हुए प्रधानमंत्री ने आदि कैलाश के विराट दर्शन किए और देश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। शिव धाम आदि कैलाश आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत हुआ। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री मोदी अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत 12 अक्टूबर, 2023 को सुबह 8.45 बजे हेलीकॉप्टर से पिथौरागढ़ जनपद में ज्योलिंगकांग हेलीपैड पर उतरे। यहां से दाहिनी ओर करीब डेढ़ किमी की दूरी कार से तय करते हुए हिमालय की चोटी पर स्थित पार्वती सरोवर और शिव मंदिर पहुंचे। करीब 25 मिनट तक शिव की पूजा और ध्यान किया। आदि कैलाश मंदिर में रं-समुदाय के लामा पुजारियों ने पौराणिक काल से प्रसिद्ध शिव-पार्वती की ‘माटी पूजा’ पूरे विधि विधान के साथ संपन्न की।

इसके बाद पीएम मोदी ने आदि कैलाश पर्वत और पार्वती सरोवर के दर्शन भी किए। आदि कैलाश और पार्वती सरोवर के दर्शन कर प्रधानमंत्री अभिभूत हो उठे। उन्होंने कहा कि आदि कैलाश के दर्शन कर उनका मन प्रसन्न और जीवन धन्य हो गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देव भूमि है। यहां कण-कण में देवी देवताओं का वास है। भगवान आदि कैलाश के दर्शन कर उन्हें परम आनंद की अनुभूति हुई है। उन्होंने कहा कि देवभूमि के मंदिर आस्था ही नही आर्थिकी का भी केंद्र हैं। इन मंदिरों से हजारों लोगों की आर्थिकी प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़ी है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी मंदिरों को एक सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को आदि कैलाश और आसपास के क्षेत्र के बारे जानकारी दी।
प्रधानमंत्री के भ्रमण से चीन सीमा पर तैनात सेना के जवानों के साथ ही सीमा पर बसे गांव कुटी, नाबि, रोंगकांग, गुंजी, नपल्चयू, गर्व्यांग, बूंदी के ग्रामीणों में गजब उत्साह देखने को मिला। आदि कैलाश के दर्शन करने के बाद पीएम मोदी ज्योलिंगकांग हेलीपैड से गुंजी के लिए रवाना हुए।
प्रधानमंत्री मोदी आदि कैलाश की यात्रा करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री भी बन गए है। तीन देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगी इस भूमि से प्रधानमंत्री ने पूरे विश्व को अध्यात्म और वैश्विक क्षेत्र में उभरती भारत की शक्ति का संदेश भी दिया। प्रधानमंत्री के भ्रमण से आदि कैलाश क्षेत्र में आध्यात्मिक पर्यटन की संभावनाएं बढ गई है।

पिथौरागढ़ जनपद में आदि कैलाश 14 हजार फुट से अधिक ऊॅचाई पर चीन और नेपाल की सीमा से सटा है और भारत की आध्यात्मिक भूमि है। आदि कैलाश के बारे में मान्यता है कि यह स्थान भगवान शिव के परिवार का निवास स्थान है। आदि कैलाश मार्ग पर मुख्य आकर्षण ओम पर्वत है। इस पर्वत पर ओम की आकृति उभरी हुई है। ओम पर्वत कैलाश यात्रा मार्ग में नावीढांगा में स्थित है। ओम पर्वत को आदि कैलाश का छोटा कैलाश भी कहा जाता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुंजी गांव में स्थानीय लोगों से मिलकर उनसे बातचीत की। गुंजी गांव में दूर-दराज से पहुंचे लोग प्रधानमंत्री को अपने बीच पाकर उत्साहित दिखे। इस दौरान प्रधानमंत्री ने च्यूबाला पहनी रंगस्या (महिलाओं) से आशीर्वाद भी लिया। गुंजी में सेना के जवानों के साथ बातचीत कर प्रधानमंत्री ने उनका हौसला बढ़ाया। प्रधानमंत्री ने रं समाज कल्याण समिति के लोगों से भी भेंटवार्ता की। रं समाज कल्याण समिति के लोग पारम्परिक वेशभूषा में थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस अवसर पर स्वयं नगाड़ा भी बजाया।
प्रधानमंत्री ने भारत-तिब्बत व्यापार के प्रमुख केन्द्र गुंजी गांव में स्थानीय कला और उत्पादों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर उन्होंने आदि कैलाश, पार्वती सरोवर, कुटी गांव, रांगकॉग गांव, नाबी, गुंजी, ओम पर्वत की फोटो गैलरी का भी अवलोकन किया।
गुंजी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री को अंग वस्त्र व प्रतीक चिन्ह के रूप में ओम पर्वत की फोटो भेंट की। वही रं समाज द्वारा मानसरोवर का पवित्र जल भरा कलश भेंट किया गया।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तराखंड के पांचवें धाम के रूप में प्रसिद्ध जागेश्वर धाम पहुंचकर पूजा अर्चना की तथा देश वासियों की सुख समृद्धि की कामना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 11.40 बजे शौकियाथल पहुंचे। इसके पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सड़क मार्ग से जागेश्वर धाम पहुंचे। 124 मंदिरों के समूह जागेश्वर धाम में उन्होंने सर्वप्रथम जागेश्वर गर्भगृह में करीब 7 मिनट तक पूजा कर बाबा जागेश्वर के दर्शन किए। इसके पश्चात पुष्टिमता, महामृत्युंजय तथा केदारनाथ में पूजा अर्चना की। इसके पश्चात मंदिर परिसर की परिक्रमा करते हुए अर्धनारेश्वर वृक्ष का अवलोकन किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तांबे से बना वाद्य यंत्र तुरही, ताम्र जागेश्वर तथा डमरू उपहार स्वरूप भेंट किया। फ्लीट मार्ग में प्रधानमंत्री ने स्थानीय लोगों का कार से उतरकर अभिवादन स्वीकार किया।

पीएम का दौरा विकास को गति देने वाला-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी 12 अक्टूबर को प्रस्तावित पिथौरागढ़ भ्रमण के दृष्टिगत प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर चल रही तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने नैनी सैनी एयरपोर्ट पर वायुयान लैंडिंग व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने जनसभा स्थल पिथौरागढ़ स्थित एसएस वल्दिया स्पोटर्स स्टेडियम में मंच व्यवस्था, सीटिंग अरेंजमेंट,साउंड व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, टेण्ट, पेयजल, शौचालय आदि व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं त्रुटि रहित और समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह उत्तराखण्ड दौरा देवभूमि के विकास को और गति देने के साथ ही प्रदेश के विभिन्न धार्मिक पर्यटन क्षेत्रों को भी वैश्विक स्तर पर नई पहचान देने का कार्य करेगा।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, सांसद अजय टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोहरा, विधायक बिशन सिंह चुफाल, जिलाधिकारी रीना जोशी, मुख्य विकास अधिकारी वरुण चौधरी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

पिथौरागढ़ दौरे पर पहुंचे स्वास्थ्य सचिव, अधिकारियों को दिए अहम दिशा-निर्देश

राज्य के स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार आजकल कुमांउ मंडल के चंपावत और पिथौरागढ़ जनपद के भ्रमण पर है। चंपावत में स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी हकीकत परखने के बाद आज चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के सचिव डॉ आर राजेश कुमार पिथौरागढ़ जिले के एक दिवसीय भ्रमण पर रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पिथौरागढ़ जनपद के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए स्वास्थ्य सचिव ने अधिकारियों-कर्मचारियों के संग समीक्षा बैठक कर अहम निर्देश दिये।
सबसे पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र इग्यारदेवी का निरीक्षण किया और वहां पर स्थित लैब का निरीक्षण कर जरूरी निर्देश दिये। उसके बाद विकास भवन स्थित सभागार में प्रधानमंत्री के जनपद आगमन की तैयारियों से संबंधित जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा एचएस ह्यांकी से जिले के बाहर से आने वाली कार्डियक एंबुलेंस व स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की तैनाती की जगह के विषय में जानकारी ली व इस दौरान सभी कार्मिकों को एलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए।

’ऑर्गन डोनर में पिथौरागढ़ आगे, सचिव ने जताई खुशी’
स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने जिले में सबसे अधिक ऑर्गन डोनर बनाए जाने पर खुशी जताई। वहीं जनपद में आयुष्मान योजना की धामी प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने सुधार के निर्दश दिये। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि योजना में जनजागरूकता को लेकर व्यापक कंपेन चालया जाये। जनपद में 100 फीसदी आयुष्मान कार्ड का लक्ष्य लेकर पूरी व्यापक कार्य योजना बनाई जाये। हर घर आयुष्मान कार्ड की सुविधा को लेकर अधिकारी-कर्मचारी कार्य करें। योजना के महत्व के बारे में आम जनमानस को बतायें। इससे मिलने वाले लाभों को समझायें।

’मेडिकल कॉलेज के धीमे निर्माण पर जाहिर की नाराजगी’
इसके साथ ही स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने पिथौरागढ़ जनपद के निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सचिव ने बारीकी से निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था से निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य तय समय पर पूरा होना चाहिए ताकि आम जनमानस को इसका पूरा लाभ मिले। स्वास्थ्य सचिव ने कार्यदायी संस्था को मजदूरों और मशीनरी की संख्या बढ़ाने के निर्दश दिये। साथ ही हिदायत दी कि निर्माणकार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाये।

भ्रमण कार्यक्रम में उनके साथ निदेशक कुमाऊं मंडल डा तारा आर्या, प्रधानाचार्य मेडिकल कालेज डा अजय आर्या, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा एचएस ह्यांकी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा आर के जोशी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा कुंदन कुमार, नवल चौधरी, मोनू मोहित पंत, चंदन बिष्ट आदि लोग उपस्थित रहे।

एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय के चौथे राष्ट्रीय सांस्कृति उत्सव का हुआ रंगारंग आगाज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्टस कॉलेज रायपुर में आयोजित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय के चौथे राष्ट्रीय सांस्कृतिक उत्सव 2023 में प्रतिभाग किया। नेशनल एजुकेशन सोसायटी फॉर ट्राइबल स्टूडेन्ट तथा स्टेट एकलव्य विद्यालय संगठन समिति उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देश के 22 राज्यों से आए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) के छात्र एवं शिक्षकों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न राज्यों से आये छात्रों की उपस्थिति में यह उत्सव भारत की विविधता में सांस्कृतिक एकता का जश्न मनाने का एक मंच बन गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह चार दिवसीय आयोजन ईएमआरएस में शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों के सर्वांगीण विकास को गति देने के साथ एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना के अनुरूप है, जो निरंतर सांस्कृतिक जुड़ाव को बढ़ावा देगा, और समृद्ध भारत की सांस्कृतिक परंपराओं और विरासत को राष्ट्रीय एकीकरण के माध्यम से विविधता में एकता की मिशाल बनेगा। उन्होंने कहा कि यह अवसर वास्तव में छात्रों के बीच उत्साह की भावना, सांस्कृतिक जुड़ाव और विभिन्न राज्यों से आने वाले छात्रों के बीच राष्ट्रीय एकता के भाव को भी मजबूत करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में मुख्य रूप से पांच प्रकार की जनजातियाँ निवास करती हैं। उनकी भौगोलिक, आर्थिक तथा ऐतिहासिक स्थितियाँ लगभग समान है। उन्होंने स्वयं जीवन का एक महत्वपूर्ण कालखंड थारू जनजाति के बीच में बिताया है। उन्होंने कहा कि जनजाति समुदाय के पंडित नैन सिंह रावत के जीवन की शुरुआत भी एक महान सर्वेयर के रूप में इसी देवभूमि से हुई है, जिन्होंने तिब्बत की यात्रा के दौरान अपने कदमों की नाप से दुनिया को बताया कि ल्हासा की समुद्र तल से ऊंचाई कितनी है साथ ही दुनिया को तिब्बत के कई अनदेखे और अनसुलझे रहस्यों से भी रूबरू कराया तथा तिब्बत के नक्शे को दुनिया के सामने रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विगत 09 वर्षों के कार्यकाल में देश में अनुसूचित जनजातियों का समेकित सामाजिक-आर्थिक विकास हुआ है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आज़ादी के इस अमृतकाल में भारत की जनजातीय परम्पराओं एवं शौर्य गाथाओं को भव्य पहचान दिलाई है। जनजातीय समाज के अस्तित्व, अस्मिता और आत्मनिर्भरता का सपना साकार किया है।
मुख्यमंत्री ने सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में एक अतिरिक्त एकलव्य विद्यालय की स्थापना हेतु केन्द्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा से अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जनजातियों के कल्याण एवं उनके जीवन स्तर में सुधार को उच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इनका आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षिक उत्थान और सर्वांगीण विकास कर उन्हें समाज के मुख्य धारा से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चार एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कालसी, मेहरावना, बाजपुर व खटीमा में संचालित है। प्रतियोगी परीक्षा पूर्व कोचिंग की निःशुल्क व्यवस्था के साथ युवक-युवतियों को प्रतिमाह छात्रवृत्ति भी प्रदान की जा रही है। अनुसूचित जनजाति की पुत्रियों की शादी हेतु 50 हजार का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा जनजातीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु प्रतिवर्ष राज्य जनजाति महोत्सव तथा खेल महोत्सव आयोजित किये जाने का निर्णय लिया गया है। जनजातीय शोध संस्थान के लिये 01 करोड के कार्पस फण्ड की भी व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की गई है। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा एवं कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने भी इस आयोजन में अपने विचार रखे।
उन्होंने कहा कि राज्य में जनजातीय छात्रों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने हेतु उन्हें प्राइमरी से स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। शैक्षिक उत्थान एवं विकास हेतु वर्तमान में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है, शैक्षिक विकास हेतु धारचूला, गोपेश्वर, काशीपुर, खटीमा एवं धनपौ (चकराता) में छात्रावास संचालित है, अनुसूचित जनजाति के शिक्षित बेरोजगार युवक/युवतियों को तकनीकी शिक्षा हेतु प्रदेश में 03 आई.टी.आई. का संचालन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गत वर्ष कर्नाटक में आयोजित ईएमआरएस राष्ट्रीय सांस्कृतिक उत्सव के तीसरे संस्करण में, देवभूमि के जनजातीय छात्रों की अद्वितीय प्रतिभा और क्षमताओं के बल पर उत्तराखण्ड राज्य समग्र श्रेणी में प्रथम स्थान पर रहा। उन्होंने इस उत्सव के चौथे संस्करण में देवभूमि के छात्रों को सभी श्रेणियों में बेहतर प्रदर्शन की भी शुभकामना दी।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक उमेश शर्मा काउ, राजकुमार पोरी, निदेशक जनजाति निदेशालय संजय सिंह टोलिया, छात्र-छात्राओं सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

नैनी सैनी हवाई अड्डे के संचालन को हुआ एमओयू हस्तांतरित

पिथौरागढ़ स्थित नैनी सैनी हवाई अड्डे का विकास, संचालन एवं प्रबंधन अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा किया जायेगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में उत्तराखण्ड नागरिक उड्डयन विभाग के मुख्य कार्याधिकारी सी. रविशंकर तथा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के एक्जक्यूटिव डायरेक्टर एन.वी. सुब्बारायडू के मध्य एम.ओ.यू. हस्ताक्षरित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनी सैनी एयर पोर्ट के संचालन, रखरखाव, विकास एवं प्रबंधन के लिये पूर्व में उन्होंने केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से अपेक्षा की थी कि नैनी सैनी एयरपोर्ट के सामरिक महत्व को देखते हुए इसे अपग्रेड करने तथा इसके बेहतर प्रबंधन के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को हैंडओवर कर दिया जाए। इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा भेजे गये प्रस्ताव पर निर्णय लिये जाने हेतु एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और उत्तराखण्ड सरकार द्वारा अविलम्ब एम.ओ.यू की कार्यवाही पूर्ण करने की भी बात हुई थी। इसी के क्रम में आज यह एम.ओ.यू. हस्ताक्षरित हुआ है। मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट अथॉरिटी व एक्जक्यूटिव डायरेक्टर से नैनी सैनी हवाई अड्डे से विमान सेवा के संचालन में शीघ्रता की अपेक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुमाऊं की एयर कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए पंतनगर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित नये अलाइनमेंट का ओएलएस सर्वे करने की भी एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों से अपेक्षा की।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूडी, एयरपोर्ट अथॉरिटी के ऑपरेशन हेड समीर सिंह, देहरादून एयरपोर्ट के निदेशक प्रभाकर मिश्रा आदि उपस्थित थे।

नैनी सैनी एयरपोर्ट में अब सुचारु हो सकेगी हवाई सेवा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए ) द्वारा उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) को नैनी सैनी एयरपोर्ट, पिथौरागढ़ को एरोड्रम लाइसेंस जारी करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे राज्य की एयर कनेक्टिविटी की मजबूती की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। विदित है कि मुख्यमंत्री धामी ने नैनी सैनी एयरपोर्ट पिथौरागढ़ को एरोड्रम लाइसेंस देने का अनुरोध किया था।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) को नैनी सैनी एयरपोर्ट पिथौरागढ़ के लिए एरोड्रम लाइसेंस जारी करने से सभी को नैनी सैनी एयरपोर्ट पिथौरागढ़ में लैंडिंग तथा टेक ऑफ सुविधा प्राप्त होगी।

विकास कार्यों की माह में दो बार समीक्षा करने के निर्देश

जिलाधिकारी विकास कार्यों की माह में दो बार समीक्षा अवश्य करें। विधायकगणों के माध्यम से विकास कार्यों के लिए जो भी प्रस्ताव जिलाधिकारियों को प्राप्त होते हैं, उन्हें शासन में भेजने के बाद भी उस पर कार्य प्रगति की शासन से जिलाधिकारी अपडेट भी लेते रहें। जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाय। पत्रावलियों के निस्तारण में अनावश्यक विलम्ब न किया जाए और न ही अनावश्यक आपत्ति लगाई जाए। यह निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकसभा क्षेत्र अल्मोड़ा की विधानसभा क्षेत्रों के समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जन समस्याओं का तीव्रता से समाधान हो सके, जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के मध्य निरंतर संवाद स्थापित हो, इस उद्देश्य से विधानसभावार जनहित के कार्यों की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि अधिकांश जन समस्याओं का समाधान जनपद स्तर पर किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर ही समस्याओं को मण्डल एवं शासन स्तर पर भेजा जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत अलग-अलग क्षेत्रों की अलग-अलग समस्याएं हैं। अधिकारियों को क्षेत्र विशेष की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कार्य करने होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखण्ड कॉरिडोर के लिए तेजी से कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ एवं चम्पावत जनपद को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की अनेक संभावनाएं हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि नालियों की सफाई एवं झाड़ी कटान का कार्य नियमित हो, इसके लिए अभियान के तहत कार्य किये जाएं। मुख्यमंत्री घोषणाओं एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए अलग से समीक्षा की जायेगी। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के कार्यों में और तेजी लाई जाए। जटिल प्रक्रियाओं के सरलीकरण की दिशा में लगातार प्रयास किये जाएं। प्रक्रियाओं के सरलीकरण के लिए विभागों द्वारा क्या कार्य किये गये हैं, इसकी भी जल्द समीक्षा की जायेगी।
बैठक में विधायकगणों द्वारा सड़कों के निर्माण एवं सुधारीकरण, पुल निर्माण के कार्य, विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता, बाढ़ नियंत्रण से संबधित कार्य एवं क्षेत्र की अन्य समस्याओं से अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकगणों द्वारा जो भी समस्याएं रखी गई हैं, अधिकारी इन समस्याओं का त्वरित निवारण का प्रयास करें।
बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, चन्दन रामदास, सांसद अजय टम्टा, विधायक डीडीहाट विशन सिंह चुफाल, गंगोलीहाट फकीर राम, कपकोट सुरेश गढ़िया, रानीखेत प्रमोद नेनवाल, सल्ट महेश जीना, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, नितेश झा, रणजीत सिन्हा, एच. सी, सेमवाल, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, विनीत कुमार, उदयराज, योगेन्द्र यादव, नवनीत पाण्डेय, जगदीश चन्द्र काण्डपाल, वर्चुअल माध्यम से कुमांऊ कमिश्नर दीपक रावत, संबंधित जिलाधिकारी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

बेस अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सचिव ने दिए दिशा-निर्देश

जनपद भ्रमण पर आये स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर आर राजेश कुमार ने बेस चिकित्सालय का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि जल्द ही सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के लोगों को बेस चिकित्सालय का लाभ मिलेगा। सचिव ने कहा फिलहाल मेडिकल कॉलेज पिथौरागढ़ का संचालन मेडिकल एजुकेशनल डिपार्टमेंट के माध्यम से किया जाएगा और डॉक्टरों की तैनाती बेस चिकित्सालय में की जाएगी जिनके सहयोग से चिकित्सालय का संचालन कार्य किया जाएगा। उन्होंने बेस अस्पताल में 100 अतिरिक्त बेड के का प्रबंध करने के लिए कहा। उन्होंने पेयजल निगम को सप्ताह के अंदर टेंडर फाइनल कर जल आपूर्ति का शेष कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए।
प्रधानाचार्य बेस चिकित्सालय द्वारा सचिव महोदय के समक्ष विशेषज्ञ डॉक्टरों को बेस चिकित्सालय में तैनात करने की मांग की गई इसके अतिरिक्त एंबुलेंस, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड आदि भी मुहैया कराने की मांग रखी जिस पर सचिव ने प्रधानाचार्य बेस चिकित्सालय को एक सप्ताह के भीतर प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी, प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा और सीएमओ पिथौरागढ़ के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक उपकरणों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए जिसे उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके साथ ही एक सप्ताह में किए गए कार्यों की स्थिति के संबंध में वीसी के माध्यम से अवगत कराने के लिए कहा। प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज पिथौरागढ़ ने मेडिकल कॉलेज के निकट स्थित रेशम विभाग की 1.87 हेक्टेयर भूमि को मेडिकल कॉलेज पिथौरागढ़ को देने की मांग रखी।
स्वास्थ्य सचिव द्वारा मोस्टामानु में मेडिकल कॉलेज कैंपस के लिए चयनित लैंड का स्थलीय निरीक्षण भी किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी पिथौरागढ़ रीना जोशी, ज्वाइंट डायरेक्टर चिकित्सा शिक्षा विभाग डॉक्टर एम के पंत, प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी अरुण जोशी, प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा, उप जिलाधिकारी अनुराग आर्य, तहसीलदार पिथौरागढ़ आदि अन्य स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे।