भारतीय सेना के पास इतना विश्वास कहां से आया?

चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने 8 सितम्बर के अपने संपादकीय में सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत पर इस हफ्ते दिए गए उनके युद्ध संबंधी बयान को लेकर जमकर निशाना साधा है। संपादकीय में कहा गया है कि यह बात स्वीकार की जानी चाहिए कि बिपिन रावत के पास बहुत बड़ा मुंह है, वे बीजिंग और नई दिल्ली के बीच आग भड़का सकते हैं। रावत का बयान यह दिखाता है कि भारतीय सेना में कितना अहंकार भरा है। संपादकीय में सवालिया तौर से लिखा गया है कि रावत ने बड़े ही हाईप्रोफाइल तरीके से दो मोर्च पर युद्ध की स्थिति की वकालत की है, लेकिन भारतीय सेना के पास इतना विश्वास कहां से आया?.
आपको बता दें कि एक सेमिनार में बोलते हुए रावत ने नई दिल्ली में चीन से संबंधित बयान दिया था, जहां तक हमारे उत्तरी विरोधी का सवाल है तो ताकत दिखाने का दौर शुरू हो चुका है। धीरे-धीरे भूभाग पर कब्जा करना और हमारी सहने की क्षमता को परखना हमारे लिए चिंता का सबब है। इस प्रकार की परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए जो धीरे-धीरे संघर्ष के रूप में बदल सकती है।
रावत का बयान ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले ही ब्रिक्स सम्मेलन से इतर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मुलाकात की थी और सीमा पर शांति बनाए रखने पर सहमति जताई थी। इन सबके बीच ग्लोबल टाइम्स ने बहुत ही तीखी प्रतिक्रिया दी है, जो दिखाता है कि आर्मी चीफ के बयान से बीजिंग कितना चिढ़ा हुआ है। ब्रिक्स समिट में मोदी और शी की मुलाकात के तुरंत बाद ही रावत ने सीमा पर चीन की सीनाजोरी की ओर ध्यान दिलाया है। चीनी मीडिया ने डोकलाम विवाद पर समझौते को शी जिनपिंग की कामयाबी के तौर पर पेश किया था। संपादकीय में कहा गया है कि रावत का बयान डोकलाम विवाद समाप्त होने के हफ्ते भर के भीतर ही आया है, जब चीन और भारत के नेताओं ने ब्रिक्स समिट के दौरान मुलाकात की और दोनों देशों के बीच संबंधों को लेकर सकारात्मक संकेत दिए।
चीनी अखबार ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा है कि भारतीय जनरलों को ताजा स्थिति के बारे में कुछ बेसिक जानकारी रखनी चाहिए। क्या भारत दो मोर्चों पर लड़ाई को झेल सकता है अगर चीन-पाकिस्तान एक साथ मोर्चा खोल दें?
अखबार ने लिखा है कि ऐसा लगता है वहां दो भारत हैं, एक जो ब्रिक्स समूह का हिस्सा है। चीन की तरह और दूसरा चीन के खिलाफ भड़काऊ बयान देते रहता है। क्या हमें पहले भारत को गले लगाकर दूसरे को सबक सिखाना चाहिए। ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि पहले भारत को दूसरे भारत को अनुशासन सिखाना चाहिए और स्वाभिमानी भारतीयों को जनरल रावत जैसे अपने सीनियर अधिकारियों के मुंह का ख्याल रखना चाहिए, क्योंकि वे उनके शब्द और अहंकार भारतीयों की इमेज के साथ मेल नहीं खाते हैं।

उत्तराखंड की नमिता बनी आर्मी अफसर

उत्तराखंड प्रदेश के वित्तमंत्री प्रकाश पंत की बिटिया नमिता पंत ने सेना की जेएजी ब्रांच (जज एडवोकेट जनरल) में आर्मी अफसर बनी है। इससे प्रदेश में खुशी का माहौल बना हुआ है। अक्सर देखा जाता है कि एक नेता की संतान फिर चाहे वह बेटा हो या बेटी। वह अपना कैरियर राजनीति में ही बनाना चाहता है, लेकिन देश की रक्षा करने का संकल्प लेकर नमिता पंत ने सभी ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। नमिता के इस हौसले को काफी सराहा जा रहा है।
उत्तराखंड के खड़कोट पिथौरागढ़ निवासी नमिता पंत ने 2012 में एलएलबी के बाद 2016 में एलएलएम किया। इसके बाद इंदौर में एसएसबी क्वालिफाई किया। पूरे देश से सिर्फ चार लड़कियों ने एसएसबी क्वालिफाई किया था। इसमें उत्तराखंड से सिर्फ नमिता का चयन हुआ। इसके बाद एक साल तक नमिता चेन्नई के ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी में बीएमटी (बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग) में प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के उपरांत नमिता को सेना के जेएजी ब्रांच में आर्मी अफसर की उपाधि दी गई है।

डेरा प्रमुख के बहाने चीन ने कसा भारत पर तंज, कहा भारत पहले अपने आंतरिक मामले सुझलाए

चीन अब डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के मामले में भी कूद पड़ा है और भारत पर तंज कसते हुए कहा है कि वह पहले अपने आंतरिक मामले सुलझा ले।
ग्लोबल टाइम्स में छपे लेख में कहा गया है कि भारत पहले अपने आंतरिक मामलों को सुलझाए। उसमें यह भी कहा गया है कि डेरा सच्चा सौदा की लोकप्रियता और ताजा हिंसा ने भारत की राजनीतिक और सामाजिक समस्या को सबके सामने लाकर रख दिया है।
लेख के जरिए चीन एक बार फिर अपना पुराना राग भी अलापा है। इसमें भारतीय जवानों को वापस बुलाने की मांग की गई है। गौरतलब है कि डोकलाम को लेकर पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई। जब चीन ने भारतीय जवानों पर सिक्किम सीमा पार करने और डोकलाम में चल रहे एक सड़क निर्माण के काम में बाधा डालने का आरोप लगाया। इस विवाद को दो महीने से ज्यादा समय हो गए और चीन लगातार भारत से अपने जवानों को वापस बुलाने की मांग कर रहा है।
राम रहीम का जिक्र करते हुए लेख में लिखा गया है कि पिछले हफ्ते अपने साध्वियों के साथ दुष्कर्म मामले में एक धार्मिक गुरु को दोषी करार दिए जाने के बाद 36 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों जख्घ्मी हो गए। हरियाणा से लेकर उत्तर प्रदेश, दिल्ली में हिंसा फैल गई है।
इस धर्म गुरु की जबरदस्त लोकप्रियता दर्शाती है कि भारत एक हाथी की तरह फंस गया है, जो परंपरा और आधुनिकता की मुश्किल से जूझ रहा है। भारतीयों ने दुनिया में हमेशा अपने देश को पवित्रता का गढ़ बताया है, मगर अंधविश्वास और दकियानूसी परंपरा वाली सोच उसके आधुनिकीकरण में मुश्किल बनी है। हम चिंतित हैं कि भारत आंतरिक हिंसा से ध्यान भटकाने के लिए डोकलाम विवाद का इस्तेमाल कर सकता है। राम रहीम की घटना दर्शाती है कि भारत की जनता देश की पारंपरिक राजनीति से मायूस है। बड़ी संख्या में ऐसे नाखुश भारतीय गैर-पारंपरिक धार्मिक गुटों की ओर जा रहे हैं।

चीनी बॉर्डर पर सरकार का निर्देश, जल्द सड़क बनाने के दिए आदेश

चीन और भारत में डोकलाम विवाद के बीच सरकार ने बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) की फाइनेंशियल और एडमिनिस्ट्रेटिव पावर बढ़ा दी हैं। सरकार ने इसलिए ये कदम उठाया ताकि 3,409 किलोमीटर लंबे इंडिया-चीन बॉर्डर के पास सड़कें बनाने का काम तेजी से किया जा सके। दरअसल, नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि इंडिया-चीन बॉर्डर से लगे 61 प्रोजेक्ट लंबे समय से अटके हुए हैं। इंडिया-चाइना बॉर्डर रोड के तहत बनने वाले ये प्रोजेक्ट स्ट्रैटेजिकली इम्पॉर्टेंट हैं व ऐसे इलाकों को सड़कों से जोड़ने का काम कर रहा है, जहां पहुंचना मुश्किल है। असलियत में, सिक्किम सेक्टर में भूटान ट्राइजंक्शन के पास चीन एक सड़क बनाना चाहता है। भारत और भूटान इसका विरोध कर रहे हैं। करीब 2 महीने से इस इलाके में भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने हैं। डिफेंस मिनिस्ट्री नेे कहा, बीआरओ में बदलाव लाने का मकसद काम को सही रफ्तार से पूरा करना है, ताकि आर्मी जरूरत के मुताबिक नतीजे हासिल किए जा सकें। बता दें कि इससे पहले बीआरओ के डायरेक्टर जनरल के पास स्वदेशी मशीनरी और इक्विपमेंट के लिए 7.5 करोड़ और विदेश मशीनरी के लिए 3 करोड़ रुपए के अप्रूवल अथॉरिटी थी।
डिफेंस मिनिस्ट्री ने कहा, बीआरओ को बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनियों के साथ बातचीत की भी आजादी दे दी गई है, ताकि काम को जल्द पूरा करने में मदद मिल सके। चीफ इंजीनियर और टास्क फोर्स कमांडर लेवल तक फाइनेंशियल पावर दे दी गई हैं ताकि चीफ इंजीनियर और बीआरओ डायरेक्टर जनरल और डिफेंस मिनिस्ट्री के बीच बातचीत के नजरिए से भी काम में किसी तरह की रुकावट ना आए।

खुशखबरीः कैलाश मानसरोवर यात्रा एक बार फिर से शुरु

कैलाश मानसरोवर यात्रियों के लिए खुशखबरी है। बादल फटने और रास्ते अवरुद्ध होने के चलते कैलाश मानसरोवर यात्रियों को अपनी यात्रा पूरी न होने की शंका थी। तीन दिनों से रुकी कैलाश मानसरोवर यात्रा एक बार फिर से शुरु हो गई। आज 13वें दल के सदस्यों को गुंजी से धारचूला और पिथौरागढ़ नैनी-सैनी हवाई पट्टी मे सेना के हैलीकाप्टर द्वारा पहुंचाया गया।
जिलाधिकारी पिथौरागढ़ का कहना है कि 13वां दल जो यात्रा पूरी करके लौट गया था उसके यात्रियों को आज गुंजी से धारचूला और 15 यात्रियों को पिथौरागढ़ नैनी-सैनी पहुचाया गया है। 14वां और 15वां दल इस समय कैलाश की परिक्रमा कर रहा है। वही 16वां दल सिर्खा से वापस धारचूला पहुंचाया गया है। जिसे हैलीकाप्टर द्वारा गुंजी ले जाया जायेगा। वही 17वां जत्था आज दिल्ली से यात्रा के लिसे रवाना हुआ है। इन यात्रा दलों को हैलीकाप्टर से पहुंचाया जायेगा।
इस बीच प्रशासन ध्वस्त हुये रास्तो को ठीक करने मे लगा हुआ है। प्रशासन का दावा है कि जल्द ही पूरी व्यास घाटी के टूटे रास्ते ठीक हो जायेगे।

8 लोगों के शव निकालें, 25 अब भी लापता

पिथौरागढ़ मे बरसी आसमानी आफत के बाद चौथे दिन भी मांगती के घट्टा बगढ़ और मालपा मे बचाव और सर्च अभियान जारी है। व्यास घाटी के इन दोनो स्थानों पर करीब 33 लोग लापता हो गये थे। आज तक 8 लोगो के शव बरामद किये गये है। 25 लोग अभी भी लापता बताये जा रहे है। लापता लोगो मे 6 सेना के लोग है। जिसमे एक जेसीओ और 5 जवान शामिल है। वही लापता लोगो मे 12 नेपाली मूल के लोग भी शामिल है। इस घटना में 29 खच्चरों,घोडों और 22 बकरियों सहित 50 के करीब मवेशी भी लापता हो गये थे जिसमे से 6 जानवरों के शव बरामद कर लिये गये है।
पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी का कहना है कि दोनों स्थानों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के साथ ही सेना और आईटीबीपी रेस्कूय आपरेशन चलाये हुये है। हालात को सामन्य बनाने के लिये तेजी से काम किया जा रहा है। मागती तक सड़क की कनेक्टिविटी को बनाया जा चुका है। और अन्य कामों को भी तेजी के साथ किया जा रहा है। साथ ही खोजबीन और राहत आपरेशन जब तक सभी लोगो को पता नही चल जाता चलाया जाऐगा।
राज्य सरकार से मिले दो हैलिकाप्टरों को राहत कामों मे लगाया गया है। वही सेना के हैलिकाप्टरों की भी मदद ली जा रही है।आज सुबह धारचूला मे मौसम खराब होने के कारण राहत के कामों में कुछ परेशानी हुई लेकिन दोपहर बाद हैलीकाप्टर बूंदी और गुंजी के लिये उडा़न भर रहे है।

आग लगने से मकान राख, मवेशी की मौत

तहसील क्षेत्र के मगर डोर गांव में आग लगने से एक दो मंजिला मकान जलकर राख हो गया। अग्निकांड के समय घर में मौजूद पांच लोगों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। इस हादसे में एक क मवेशी की जलकर मौत गई। बुधवार देर रात करीब 12.15 बजे मगर डोर गांव निवासी भवान सिंह के रसोई घर में आग लग गई। रसोई घर की आग ने दो मंजिले मकान को पूरी तरह से अपने आगोश में ले लिया। लकड़ी के बने इस मकान में तेजी से आग भड़क गई। घर में सो रहे पांच लोगों को जैसे ही तेज धुएं के कमरों में भर जाने का ऐहसास हुआ उन्होंने तत्परता से भागकर अपनी जान बचाई । घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे राजस्व निरीक्षक दीन दयाल वर्मा व ग्रामीणों की टीम ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया। इसमें वे विफल रहे। इस घटना के बाद भवान सिंह का परिवार सड़क पर आ गया है। फिलहाल परिवार ने गांव में दूसरे व्यक्ति के मकान में शरण ली है।

प्रदेश मेें महिलाओं के लिए कोई न कोई पेंशन योजना है: सीएम

पिथौरागढ़।
अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान आज द्वितीय दिन मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा जनपद पिथौरागढ़ अंतर्गत विकासखण्ड धारचूला में उत्तराखण्ड कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित सतत विकास संकल्प यात्रा में प्रतिभाग कर उपस्थित जनता को संबोधित कर सरकार द्वारा शुरू की गई सतत विकास संकल्प यात्रा एवं सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी उपस्थित जनता को विस्तारपूर्वक दी। सतत विकास संकल्प यात्रा में पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उपस्थित जनता को संबोधित करते हुए कहा कि 2022 तक प्रदेश में कोई युवक बेरोजगार नहीं रहेगा, युवाओं को उद्यमों से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार की ओर प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर हाथ को कुछ न कुछ काम अवश्य दिया जाएगा। सत्त विकास संकल्प यात्रा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि गाॅवों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ना और प्रदेश से गरीबी को पूर्णतः खत्म करना ही इस संकल्प यात्रा का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि गरीबी एक अभिशाप है और निरंतर विकास कार्यों के मध्यनजर वर्ष 2020 तक गरीबी रेखा से नीचे कोई नहीं रहेगा। जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार विकास को आगे बढ़ाने हेतु सतत प्रयास करती आ रही है जिसमें प्रदेश की जनता के कल्याण हेतु एवं प्रदेश के विकास हेतु सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रहीं हैं।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मेरे राजनीतिक कार्यकाल में धारचूला एवं मुनस्यारी के लोगों द्वारा जो सहयोग मुझे दिया गया है मैं उसे कभी नही भूला सकता हमारा यह रिश्ता आजीवन है। उन्होंने कहा कि इस सीमांत क्षेत्र में किये गये विकास हेतु वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी की का विशेष सहयोग रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक उम्र की महिला के लिए प्रदेश मेें कोई न कोई पेंशन योजना प्रारम्भ की गयी है प्रदेश सरकार द्वारा पेंशन को नागरिकों के अधिकार के रूप में स्थापित किया गया है।102 सरकार द्वारा पेंशन योजना में देश में अन्य राज्यों से अधिक कार्य किया है। उन्होंने कहा कि लोग खेती से जुड़े इस क्षेत्र में अनेक योजनओं के तहत प्रोत्साहित किया जा रहा है उन्होंने प्रदेश में शिक्षा, तकनीकी एवं चिकित्सा के अनेक संस्थान खोले गये है इसका फायदा तभी उठा पायेंगे हम जब शिक्षा को महत्व देगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा, खेती, संस्कृति, शिल्प पर ध्यान देगे। प्रदेश में प्रत्येक योग्य, दक्ष्य को सरकार कार्य देगी सरकार द्वारा इस क्षेत्र में अनेक नौकरियां खोली जा रही है।
इस अवसर पर प्रदेश राज्य जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष कैलाश रावत, अध्यक्ष नगर पािलका पिथौरागढ़ जगत सिंह खाती,, अध्यक्ष जिला पंचायत पिथौरागढ़ प्रकाश जोशी, क्षेत्र प्रमुख धारचूला नेत्र सिंह कुवंर, पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ अजय जोशी,एसडीएम धारचूला राजकुमार पाण्डेय, ब्लाक कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष डुंगर सिंह दानू, अस्कोट पाल घराने के राजा भानु प्रताप सिंह, आदि उपस्थित थे।

2022 तक प्रदेश में कोई युवक बेरोजगार नहीं रहेगा: हरीश रावत

पिथौरागढ़।
अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा आज जनपद पिथौरागढ़ मुख्यालय के स्थानीय रामलीला मैदान सदर में सतत विकास संकल्प यात्रा में प्रतिभाग किया। सरकार द्वारा शुरू की गई सतत विकास संकल्प यात्रा आज चम्पावत से विधायक हेमेेश खर्कवाल एवं जिला पंचायत अध्यक्ष चम्पावत खुशाल अधिकारी के नेतृत्व में जनपद पिथौरागढ़ पहुंची। जहाॅ रामलीला मैदान में एक जनसभा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सतत विकास संकल्प यात्रा में पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उपस्थित जनता को संबोधित करते हुए कहा कि 2022 तक प्रदेश में कोई युवक बेरोजगार नहीं रहेगा, युवाओं को उद्यमों से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार की ओर प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर हाथ को कुछ न कुछ काम अवश्य दिया जाएगा। सत्त विकास संकल्प यात्रा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि गाॅवों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ना और प्रदेश से गरीबी को पूर्णतः खत्म करना ही इस संकल्प यात्रा का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि गरीबी एक अभिशाप है और निरंतर विकास कार्यों के मध्यनजर वर्ष 2020 तक गरीबी रेखा से नीचे कोई नहीं रहेगा। जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार विकास को आगे बढ़ाने हेतु सतत प्रयास करती आ रही है जिसमें प्रदेश की जनता के कल्याण हेतु एवं प्रदेश के विकास हेतु सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रहीं हैं।107
सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देते हुए सीएम ने कहा कि सरकार द्वारा अनेक पेंशन योजनाओं पात्र व्यक्तियों को दी जा रही है। वर्तमान में विभिन्न पेंशन योजनाओं केा 200 से बढ़ाकर 1000 रूपया कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान तक 7 लाख 25 हजार व्यक्तियों को पेंशन दी जा रही हैं जिसे चुनाव तक 10 लाख से अधिक लोगों को विभिन्न पेंशन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डंगरिया, मंगल गीत गाने वाली महिलाओं को भी पेंशन दिए जाने हैं। इसके अतिरिक्त मा0 मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पेंशन दिये जाने वाले राज्यों में उत्तराखण्ड राज्य सम्पूर्ण भारत में सर्वाधिक पेंशन देने वाला राज्य है एवं उन्हांेने कह कि उत्तराखण्ड राज्य राष्ट्रीय प्रति व्यक्ति आय के क्षेत्र में देश के अंतर्गत शीर्ष 6 राज्यों में भी सम्मीलित हो चुका है। इसके अतिरिक्त वर्ष 2017 तक उत्तराखण्ड चैबीस घंटे बिजली देने वाला राज्य भी बन जाएगा व वर्ष 2018 तक सभी ग्राम सड़कों से जुडेंगे 1000 नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा। जनपद के विकास में क्षेत्रीय विधायक मयूख महर द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों को सीमान्त जनपद के विकास हेतु महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर, विधायक मयूख महर, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकाश जोशी, उत्तराखण्ड संस्कृति धर्मस्व तीर्थाटन विकास परिषद् के उपाध्यक्ष हरीश उपाध्याय, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, नगरपालिका अध्यक्ष जगत सिंह खाती, जिलाधिकारी रंजीत कुमार सिन्हा उपजिलाधिकारी सदर संतोष कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक, अजय जोशी, समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं जनता उपस्थित थी।