सीएम ने टिहरी जिले में विकास कार्यों की प्रगति जानीं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान जिला कार्यालय सभागार में अधिकारियों की बैठक ली। मुख्यमंत्री ने बैठक में कोविड-19 टीकाकरण की स्थिति, खाद्य आपूर्ति विभाग से संबंधित योजनाओं, जल जीवन मिशन, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, सीएम हेल्प लाइन, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट इत्यादि की जानकारी ली।
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत 407 लाभार्थियों का चयन किया गया है। मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट वितरण योजना के तहत अप्रैल से जून तक 740 किट प्राप्त हुई थी जिसमें से 640 का वितरण किया जा चुका है जबकि जुलाई व अगस्त हेतु डिमांड भेजी गयी है। वन भूमि हस्तांतरण के 201 प्रकरणों में से 107 पर सैद्धांतिक स्वीकृति मिलना बताया गया है जबकि 57 एप्रूव्ड व 4 प्रकरण चीफ कंजरवेटर स्तर पर लंबित होना बताया गया हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार शिविरों का आयोजन अब तक तक सात विकास खंडों में किया जा चुका है जिसमें स्वरोजगार से संबंधित कुल 1800 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना व जनपद में खाद्य वितरण व राशन कार्डाे की स्थिति की भी जानकारी सम्बंधित अधिकारियों द्वारा दी गई।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण सड़कों के अवरुद्ध होने पर प्रशासन द्वारा उनको खोले जाने की कार्यवाही की भी जानकारी ली। उन्होंने बैठक में जेसीबी ऑपरेटर को सीधे फोन कॉल कर उनकी लोकेशन के साथ-साथ अन्य जानकारी भी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नो पेंडेंसी पर कार्य कर रही है जिसके तहत शासन से लेकर जिला प्रशासन स्तर पर किसी भी कार्यालय में कोई भी मामले लंबित रहने पाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए दूरस्थ गांव से अपनी समस्याओं के निस्तारण हेतु कार्यालयों में आने वाले आम जनमानस की समस्याओं का निस्तारण हो सके, इस हेतु सभी कार्यालयों में प्रातः 10 से 12 तक सभी अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को सेवा का अवसर मिला है तो इसका शत प्रतिशत सदुपयोग होना चाहिए।
बैठक में विधायकगणों ने ऑल वेदर मोटर मार्ग पर गतिमान निर्माण कार्याे में तेजी लाने की आवश्यकता बताई। जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में संबंधित उच्चाधिकारियों की एक बैठक देहरादून में शीघ्र ही आहूत की जाएगी।
बैठक में कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, स्थानीय विधायक धन सिंह नेगी, विधायक धनोल्टी प्रीतम सिंह पंवार, विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह, विधायक देवप्रयाग विनोद कंडारी, विधायक प्रतापनगर विजय सिंह पवार, जिला पंचायत अध्यक्षा सोना सजवाण, जिला अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी विनोद रतूड़ी, जिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट, मुख्य विकास अधिकारी नमामि बंसल, डीएफओ कोको रोसे, सीएमओ डॉ संजय जैन आदि उपस्थित थे।

टिहरी जिले की कई विधानसभाओं के लिए सीएम ने की घोषणा

टिहरी विधान सभा क्षेत्र
बौराड़ी स्टेडियम का विस्तारीकरण एवं निकासी की व्यवस्था, खण्डोगी जाखनीधार में पचास बेड के आयुष अस्पताल की अतरिक्त धनराशि की स्वीकृति, नई दिहरी में बांध विस्थापितों के लिए एक्स्ट्रा स्पेस की स्वीकृति होगी, विधान के केमसारी पिपली होकर बायपास पैन्यूला तक सड़क का निर्माण, नकोट में मिनी स्टेडियम का निर्माण, पौखाल महाविद्यालय का नाम शहीद प्रकाश चन्द्र कुमाई के नाम पर रखा जायेगा, पीपलडाली-चाह गडोलिया मोटर मार्ग का डामरीकरण, बगासूघर में यात्री प्रतिक्षालय एवं रेन स्टेक का निर्माण किया जायेगा, ढुंगीधार के इंटर कालेज का नाम प्रथम विश्व युद्ध में शहीद प्रताप सिंह के नाम पर रखने की घोषणा की।

विधानसभा क्षेत्र घनसाली
चमियाला क्षेत्र में 32 किमी पर्वतीय नहरों, बूढ़ाकेदार व विनयाखाल की 20 पर्वतीय नहरों का जीर्णाेद्धार किया जायेगा, कोठियाडा से पिण्डेश्वर महादेव घाट तक एक किमी मोटर मार्ग की स्वीकृति, ग्राम सभा तल्लाघार में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्वीकृति प्रदान की।

विधानसभा क्षेत्र प्रताप नगर
गडुवागाड-स्यान्सू भैंगा-गोदडी 5 किमी मोटर मार्ग निर्माण, सौड़ से हलेथ-मिश्रवाणगांव 5 किमी मोटर मार्ग निर्माण, स्यालगी-पिपलोगी-बिजपुर 4 किमी मोटर मार्ग का निर्माण कार्य, चौदाणा से थात तक सड़क का 4 किमी डामरीकरण, कोपड़धार इण्टर कालेज खेल मैदान निर्माण, सेम-मुखेम धाम में रोपवे।

देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र
जामणीखाल में पार्किंग की घोषणा, काण्डी बगडियों में मिनी स्टेडिय का निर्माण, पटटी डागर क्षेत्र में मिनी स्टेडियम का निर्माण, तेगड बाजार में पार्किंग निर्माण कार्य, सीएचसी हिडोलाखाल व कीर्तिनगर को उप जिला चिकित्सालय बनाये जाने की घोषणा, नैखरी महाविद्यालय में श्रीदेव सुमन महाविद्यालय परिसर खोला जायेगा, देवप्रयाग में आस्था पथ का निर्माण किया जायेगा, घण्टाकर्ण में विश्रामगृह का निर्माण, नैथाणा में विद्युत लाइन को भूमिगत किया जाने की घोषणा की।

नरेन्द्रनगर क्षेत्र
तपोवन क्षेत्र को नगर पंचायत मे परिवर्तन किया जायेगा, मुन्नाखाल-पुण्डेरी मोटर मार्ग का डामरीकरण, सोनी-रानीपोखरी मोटर मार्ग का निर्माण, बछेली खाल-पाली मोटर मार्ग का निर्माण, शीशमझाड़ी में भूमिधर का अधिकार, पावकी देवी तहसील भवन का निर्माण की घोषणा की।

विधानसभा क्षेत्र धनोल्टी
सांकरी-भखोली बनवाडी मोटर मार्ग का निर्माण, दुघली-दिमोली मोटर मार्ग का निर्माण, रौसाल-कांण्डी मोटर मार्ग का निर्माण, छाम-मैण्डखाल’ ज्वारन मोटर मार्ग का डामरीकरण, मैण्डखाल-सावली मोटर मार्ग कार्य, भवान-शाखाधार मोटर मार्ग का डामरीकरण, सकलाना में महाविद्यालय आगामी सत्र से स्थापना की जायेगी की घोषणा की।

लोक भाषा लोक साहित्य के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए नरेंद्र सिंह नेगी को मिलेगा सम्मान

आवाज साहित्यिक संस्था मुनिकीरेती द्वारा राजभाषा हिंदी दिवस के उपलक्ष में रविवार 12 सितंबर 2021 को राजभाषा समारोह मनाने का निर्णय लिया गया है जिसमें इस वर्ष का आवाज का सर्वाेच्च सम्मान आवाज रत्न गढ़ रत्न नरेंद्र सिंह नेगी जी को उनके द्वारा की गई लोक भाषा लोक साहित्य के क्षेत्र में विशेष योगदान हेतु दिए जाने का निर्णय लिया गया है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए संस्था के अध्यक्ष अशोक शर्मा क्रेजी ने कहा कि आवाज साहित्यिक संस्था 2001 में स्थापित की गई थी जिसका मुख्य उद्देश्य नए रचनाकारों को मंच देना तथा उन्हें साहित्य के नए नए अनुभवों से अवगत कराना था उन्होंने कहा कि आवाज में इन 20 वर्षों में बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जहां अनेक राष्ट्रीय कवि एवं साहित्यकारों का पावन सानिध्य प्राप्त किया वहीं आवाज ने अपने संस्था के माध्यम से सामूहिक संकलन ओं के द्वारा भी साहित्य के क्षेत्र में काफी उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रमुख साहित्यकारों में पार्थ सारथी डबराल, चारु चंद्र चंदोला, डॉक्टर लीलाधर जगूड़ी, राजेंद्र धस्माना, डॉक्टर गोविंद बिष्ट, विद्यासागर नौटियाल, डॉक्टर अतुल शर्मा, मोहनलाल बबूलकर, बुद्धि बलभ थपलियाल, आलोक प्रभाकर, द्वारिका प्रसाद मलासी, प्रमुख चित्रकार बी मोहन नेगी ने संस्था के लिए एक प्रेरक के रूप में कार्य किया है तथा संस्था में नये साहित्यकारों के लिए प्रमुख अन्वेषण शाला के रूप में आशीर्वाद दिया है।
संस्था के उपाध्यक्ष आचार्य रामकृष्ण पोखरियाल ने आवाज साहित्यिक संस्था की उपलब्धियों को अवगत कराते हुए कहा कि जहां नए साहित्यकारों को मंच प्रदान हुआ है वहीं विभिन्न सामाजिक शैक्षणिक संस्थाओं के अंदर आवाज साहित्यिक संस्था ने अनेक कार्यशाला आयोजित किए हैं तथा बाल साहित्यकारों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।
सस्ता के कनिष्ठ उपाध्यक्ष प्रमोद उनियाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि आवाज साहित्यिक संस्था ने वर्तमान समय तक अनेक जन उपयोगी संकलन तैयार किए हैं जो सामूहिक रूप से कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से तैयार किए हैं जिसमें मुख्य रुप से आवाज पहाड़ बदल रहा अस्तित्व दो कदम ची ची गाती चिड़िया अन उत्तरीय प्रश्न दृष्टिकोण के साथ-साथ समय-समय पर अनेक पत्र-पत्रिकाओं में अपने रचनाओं के माध्यम से शिखर को छूने का कार्य क्या है।
समिति के सचिव महेश शिकारिया ने कहा कि आवाज आने वाले समय में ऋषिकेश नगरी नहीं अभी तो संपूर्ण राज्य के साथ-साथ भारतवर्ष के राज्यों में भी अपना बेहतरीन स्थान बनाने के लिए प्रयास करेगी
समिति के सह सचिव डॉ सुनील थपलियाल ने कहा की आवाज साहित्यिक संस्था ने लॉकडाउन में साहित्य संस्कृति संवाद की त्रिवेणी के माध्यम से संपूर्ण भारतवर्ष के साहित्यकारों को संस्कृति प्रेमियों को स्थानीय कलाकारों गीतकार के साथ कलाकारों को जोड़ने का कार्य किया सात समंदर पार भी जहां उत्तराखंडी प्रवासी सेवाएं दे रहे हैं वहां तक आवाज अपने लाइव प्रसारण के माध्यम से अग्रसारित हुई है यह सबसे बड़ी उपलब्धि है कि वर्तमान समय में डेढ़ लाख से ऊपर दर्शक आवाज़ साहित्यिक संस्था के पास है जो समय समय पर आवाज को प्रोत्साहित करते रहते हैं।
समिति के पूर्व सचिव धनेश कोठारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हर वर्ष संस्था के द्वारा स्वर्गीय द्वारिका प्रसाद मालासी आवाज रत्न सम्मान दिया जाता है जो उत्तराखंड प्रदेश के कई महान विभूतियों को आजतक दिया गया है जिसमें डॉक्टर जग्गू नौटियाल ,आलोक प्रभाकर, सत्यानंद बडोनी, डॉक्टर सविता मोहन, डॉआशा जुगलान, बंशीधर पोखरियाल, आरपी डंगवाल, देवेंद्र दत्त सकलानी, डॉक्टर अतुल शर्मा, डॉ विद्या अलंकार, डॉक्टर श्वेता खन्ना, डॉ कविता भट्ट शैलपुत्री आदि को दिया गया है और वर्तमान समय में यह पुरस्कार गढ़ रत्न लोक भाषा, लोक साहित्य के प्रमुख भगीरथ नरेंद्र सिंह नेगी जी को दिए जाने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर समिति के कोषाध्यक्ष सत्येंद्र चौहान नरेंद्र दयाल, शिवप्रसाद बहुगुणा, धनीराम बिंजोला, मनोज मालासी, रविशास्त्री, सुरेंद्र भंडारी, कमलेश रावत आदि उपस्थित थे ।

प्रीतम ने दिल्ली में थामा भाजपा का हाथ, भाजपाईयों में बैचेनी

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने बड़ा दांव चला है। धनोल्टी के निर्दलीय विधायक प्रीतम सिंह पंवार को पार्टी अपने पाले में लाने में कामयाब रही है। बुधवार को विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने नई दिल्ली में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने उन्हें सदस्यता ग्रहण कराई। बता दें कि प्रीतम उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) से भी मंत्री रह चुके हैं। उन पर कांग्रेस की भी नजर थी।
इस मौके पर प्रीतम सिंह पंवार ने कहा कि मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं कि देश की सबसे बड़ी पार्टी में शामिल हुआ हूं। मैं धार्मिक प्रदेश से हूं, जहां चारधाम हैं, देवी देवताओं का वास है। पीएम मोदी का नाता भी देवभूमि से रहा है। जिस तरह से उनकी धार्मिक आस्था देवभूमि से जुड़ी हैं उससे निश्चित तौर पर प्रदेश का विकास होगा।

जानिए प्रीतम सिंह पंवार के बारे में खास बातें
नाम- प्रीतम सिंह पंवार
पिता का नाम- स्व. मनोहर लाल पंवार
माता का नाम- कमला देवी
जन्मतिथि- 1 जनवरी 1966
स्थाई पता- ग्राम थान, जौनपुर, टिहरी गढ़वाल।
प्रारंभिक शिक्षा- प्राथमिक से इंटरमीडिएट तक की शिक्षा बड़ेथी, उत्तरकाशी।
स्नातक- डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून।

प्रीतम पंवार का राजनीतिक सफर
– 1984 में उत्तराखंड क्रांति दल में शामिल हुए।
– 1988 में पहली बार चिन्यालीसौड़ उत्तरकाशी से क्षेत्र पंचायत सदस्य चुने गए।
– 1994 में उत्तराखंड राज्य आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की।
– 1996 में जिला सहकारी बैंक उत्तरकाशी के निदेशक।
– 1996 में दोबारा चिन्यालीसौड़ उत्तरकाशी से क्षेत्र पंचायत सदस्य चुने गए।
– वर्ष 2000 से 2002 तक उत्तरकाशी जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष रहे।
– 2002 में पहली बार यूकेडी से यमुनोत्री विधानसभा सीट से विधायक बने।
– 2012 में दूसरी बार भी यूकेडी से ही यमुनोत्री सीट से विधायक बने। तत्कालीन कांग्रेस सरकार में पहली बार कैबिनेट मंत्री का दायित्व संभाला। पंवार को शहरी विकास, मत्स्य पालन, पशुपालन, कारगार जैसे बड़े विभागों का मंत्री बनाया गया।
– 2017 में टिहरी जिले की धनोल्टी विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल कर तीसरी बार विधायक बने।

वीकेंड पर घूमने आए दो लोग गंगा की तेज धारा में बहे

नोएडा की एक एंड्राइड कंपनी का नौ सदस्यीय दल वीकेंड पर ऋषिकेश घूमने आया था। वह रामझूला के समीप दर्शन महाविद्यालय घाट पहुंचे। इस बीच एक व्यक्ति गंगा में हाथ धोने गया और अचानक पैर फिसलने से बहने लगे। तभी एक साथी उसे बचाने के लिए आगे बढ़े तो वह भी गंगा के तेज बहाव की चपेट में आ गये। किनारे पर खड़े साथियों को दोनों कुछ दूर तक बहते दिखे। इसके बाद दोनों ही गंगा की लहरों में ओझल हो गए। हादसे से पूरे ग्रुप के लोग सकते में है।

थानाध्यक्ष मुनिकीरेती कमल मोहन भंडारी ने बताया कि नोएडा की एक मोबाइल कंपनी से नौ लोगों का ग्रुप वीकेंड पर यहां घूमने आया था। वह रामझूला पुल के पास दर्शन महाविद्यालय का घाट पहुंचे। उनमें से दो लोग सुबह करीब नौ बजे गंगा में डूब गए। आपदा प्रबंधन दल को मौके पर बुलाकर रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया है। एसडीआरएफ की टीम भी गंगा में उनकी तलाश में जुटी रही। बताया कि डूबने वालों में एक कंपनी के सेंटर हेड राहुल सिंह पुत्र स्व. प्रेमपाल सिंह निवासी 190 तहरी वाली गली कलाम, पुलिस लाइन मार्ग, बुलंदशहर, यूपी और दूसरे मैनेजर भानू मूर्ति पुत्र एबीएम नारायण, निवासी प्लैट 8 थर्ड फ्लोर, मयूर विहार फेस वन ईस्ट पूर्व दिल्ली के रूप में हुई है।

ऋषिकेशः 71 वर्षीय बुजुर्ग की गंगा में डूबने की आशंका

चौदह बीघा का एक 71 वर्षीय बुजुर्ग के कपड़े पुलिस को आस्था पथ 72 से मिले हैं, बुजुर्ग के बेटे से कपड़ों की पहचान अपने पिता के होने की कराई है।

जानकारी के अनुसार, चौदह बीघा कुडियाल भवन थाना मुनिकीरेती निवासी 71 वर्षीय बुजुर्ग संदिग्ध परिस्थितियों में घर से गायब हो गए। त्रिवेणी घाट पुलिस को एक व्यक्ति के कपड़े 72 सीढ़ी गंगा के समीप आस्था पथ पर मिले। वहीं कुछ ही देर में अरविंद मोहन कुड़ियाल द्वारा चौकी त्रिवेणी घाट को सूचना दी कि उनके पिता चंद्रमोहन कुड़ियाल लापता है। पुलिस ने बरामद कपड़े दिखाए तो युवक ने उक्त कपड़े अपने पिता के होने की बात कही। पुलिस बुजुर्ग के गंगा में डूबने की आशंका जता रही है। हालांकि पुलिस ने जल पुलिस के साथ गंगा में काफी खोजबीन की। मगर, कुछ सफलता हाथ न लग सकी।

आजादी का अमृत महोत्सव पर नुक्कड़ नाटक, गंगा चौपाल व गंगा स्वच्छता विषय पर कार्यक्रम आयोजित

नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला की ओर से नमामि गंगे के तहत आजादी का अमृत महोत्सव मनाए जा रहा है। इसी क्रम में नगर पालिका द्वारा शत्रुघ्न मंदिर आस्था पथ पर नमामि नमामि गंगे के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक, गंगा चौपाल एवं गंगा स्वच्छता विषय पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जिसमें नगर क्षेत्र के मदर मिरेकल स्कूल के छात्र छात्राओं ने अपनी प्रस्तुति दी इसके साथ ही खुशी चौरिटेबल ट्रस्ट द्वारा भी अपनी प्रस्तुति दी गई।

इस दौरान पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मनोज द्विवेदी, अधीक्षण अभियंता सिंचाई विभाग कमल सिंह, सभासद वीरेंद्र सिंह चौहान, नगर पालिका नरेंद्र नगर अध्यक्ष राजू राणा, उत्तर प्रदेश गाजियाबाद से राजेंद्र चौधरी, सुनयना बिजल्वाण, अधिशाषी अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट, सफाई निरीक्षण भूपेंद्र पंवार, दीपक कुमार, सतेंद्र, मनोज आदि शामिल रहे।

कैबिनेट मंत्री ने किया आपदाग्रस्त क्षेत्र का मुआयना, अधिकारियों को दिए निर्देश


कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने धमांदस्यु पट्टी के आपदाग्रस्त क्षेत्रों बवानी, कठ्या, बडल और धौड्याकला का मुआयना किया। उन्होंने जिलाधिकारी टिहरी को यहां सुरक्षा हेतु कार्य करने के लिए निर्देशित किया।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि उक्त जगह में बीते 28 अगस्त को आई आपदा से अधिक नुकसान हुआ है। पूरी तरह से मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो चुके काश्तकारों के अधिकांश खेत बह चुके हैं। बताया कि नदी ने यहां अपना रास्ता बदल दिया है इससे यहां लगातार खतरा बना हुआ है। हेतु जिलाधिकारी को सुरक्षात्मक कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया है। मौके पर ब्लाक प्रमुख राजेंद्र भंडारी, नगर पालिका अध्यक्ष रोशन रतूड़ी, मनीष डिमरी, प्रधान वंदना, उमेश भंडारी, हुकुम भंडारी, राम भरत, राकेश पांडे, रमेश पुंडीर, प्रशासन एवं अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

टिहरी निवासी जबर सिंह के पार्थिव शरीर को भारत में लाने का अनुरोध

टिहरी जिले के कंदीसौड़ स्थित थौलधार ब्लाक निवासी जबर सिंह के पार्थिव शरीर को नाइजीरिया से भारत वापस लाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विदेश मंत्री एस जय शंकर को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि भारत सरकार इस मसले पर गंभीरता से प्रयास करे।

ज्ञातव्य है कि टिहरी जनपद के कंदीसौड़ गांव के निवासी जबर सिंह नाइजीरिया स्थित ताज रेस्टोरेंट में काम में कार्यरत थे, बीते 24 अगस्त को देर रात को अचानक उनका स्वास्थ्य खराब होने के कारण उनका आकस्मिक निधन हो गया था। जबर सिंह के आकस्मिक निधन के बाद उनके परिजनों द्वारा उनका पार्थिव शरीर अपने गाँव लाये जाने हेतु नाइजीरिया सरकार से सम्पर्क किया गया, लेकिन उनके द्वारा स्व. जबर सिंह के पार्थिव शरीर को भारत वापस भेजे जाने में असमर्थता व्यक्त कर दी गई। स्व. जबर सिंह के परिवारजनों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण स्वयं के संसाधनों से वे मृतक का शरीर भारत वापस लाने में असमर्थ है।

इस बात का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने भारत सरकार के विदेश मंत्री से विशेष अनुरोध करते हुए इस मामले की गम्भीरता को ध्यान में रखते हुए शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर स्व. जबर सिंह के पार्थिव शरीर भारत वापस लाये जाने हेतु केन्द्र सरकार से आग्रह किया है. विदेश मंत्रालय से इस सम्बन्ध में राज्य सरकार को सकारात्मक आश्वासन मिला है।

टिहरी विस्थापित प्रत्येक परिवार को मिलेगा 74.4 लाख का मुआवजा

प्रदेश के पर्यटन, सिंचाई, लोक निर्माण, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज के अथक प्रयासों से आखिरकार 20 वर्ष बाद टिहरी बांध परियोजना से प्रभावित 415 विस्थापित परिवारों को न्याय मिलना संभव हो पाया है।

टिहरी बांध परियोजना से प्रभावित 415 विस्थापित परिवारों के पुनर्वास संबंधी समस्याओं के निराकरण हेतु 22 जनवरी 2021 को प्रदेश के पर्यटन, सिंचाई, लोक निर्माण, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने टिहरी के जनप्रतिनियों और राज्य सरकार के अधिकारियों को साथ लेकर नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री राजकुमार सिंह के साथ एक बैठक की थी। बैठक में सतपाल महाराज के साथ टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, विधायक धन सिंह नेगी, घनसाली विधायक शक्ति लाल शाह, प्रताप नगर विधायक विजय सिंह पवार सहित अनेक विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री राजकुमार सिंह के साथ हुई उस ऐतिहासिक बैठक में तय किया गया था कि टिहरी बांध परियोजना से प्रभावित 415 विस्थापित परिवारों के पुनर्वास संबंधी समस्याओं का समाधान न्यायालय की परिधि से बाहर किया जाएगा।

पर्यटन, सिंचाई, लोक निर्माण, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज की देखरेख में टिहरी बांध विस्थापित 415 परिवारों को न्याय दिलाने के लिए लगातार चल रहे प्रयासों के तहत जनवरी से मैराथन बैठकों का दौर जारी रहा। जनवरी से अब तक टीएचडीसी अधिकारियों, सचिव सिंचाई उत्तराखंड और जिलाधिकारी टिहरी के बीच हुई अनेक बैठकों का परिणाम यह रहा कि टीएचडीसी ने उत्तराखंड सरकार को एक अंडरटेकिंग दी है। जिसमें कहा गया है कि वह संपार्श्विक क्षति नीति 2013 के तहत गठित तकनीकी समिति की संरचना के लिए उत्तराखंड सरकार द्वारा संशोधित आदेश जारी होने के बाद माननीय उच्च न्यायालय उत्तराखंड में दायर अपनी रिट याचिका को वापस ले लेंगा।

साथ ही टिहरी बांध परियोजना प्रभावित 415 परिवारों के पुनर्वास को लेकर प्रदेश सरकार की ओर से जो मुआवजा राशि तय की गई है वह प्रभावित क्षेत्र के तत्समय बाजारी दरों, सोलेशशियम, एक्सग्रेशिया, ब्याज और विकास लागत को जोड़कर प्रति परिवार 74.4 लाख रूपये आंकी गई है। टीएचडीसी और उत्तराखंड सरकार दोनों की सहमति से तय हुआ है कि बांध प्रभावित 415 परिवारों के पुनर्वास हेतु 74.4 लाख का मुआवजा प्रति परिवार के अनुसार दिया जाएगा।

इस समझौते के तहत रौलाकोट गांव के पुनर्वास के बारे में भी तय हुआ है कि ग्राम रौलाकोट के विस्थापन हेतु पुनर्वास निदेशालय के पास लगभग 70 एकड़ भूमि रोशनाबाद, रायवाला, घमंडपुर, आदि गांव में उपलब्ध है जो कि पहले टिहरी बांध प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए अधिग्रहित की गई थी। इसके अलावा लगभग 20 एकड़ भूमि विभिन्न स्थानों पर टीएचडीसी के स्वामित्व में है। क्योंकि उक्त भूमि को विकसित करने की आवश्यकता है इसलिए टीएचडीसी 10.5 करोड़ की राशि इसके लिए वहन करेगा।

कुल मिलाकर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के अथक प्रयासों से 20 वर्षों के लम्बे इन्तजार के बाद अब कहीं जाकर टिहरी बांध परियोजना प्रभावित 415 परिवारों की पुनर्वास संबंधित समस्याओं को लेकर एक बड़ी सफलता मिलती दिखाई दे रही है।