सीएम ने किया विदेशी मेहमानों का स्वागत, रात्रिभोज में हुई मेहमाननवाजी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नरेंद्र नगर टिहरी में आयोजित जी 20 इंफ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप की बैठक के अवसर पर आयोजित विदेशी मेहमानों के लिए आयोजित रात्रिभोज के अवसर पर विदेशी मेहमानों का स्वागत किया।

विदेशी मेहमानों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसी भी देश के विकास का पैमाना उस देश का आधारभूत ढांचा ही तय करता है, यही तय करता है कि उस देश का वर्तमान और भविष्य कैसा हो। आधारभूत ढांचे का पर्याय सिर्फ रेल, रोपवे, रोड आदि बनाना नहीं वरन आधारभूत ढांचे का असल मकसद आम आदमी की समस्याओं को कम करना और उसके रहन सहन को सुगम, सरल एवं सुरक्षित बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय भौगोलिक परिस्थिति वाले राज्य का आधारभूत ढांचा मैदानी इलाकों की अपेक्षा अधिक कठिन होता है, क्योंकि पहाड़ी राज्य की इकोलॉजी और इकोनामी दोनों ही प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर रहती है और आधारभूत ढांचे में कभी कभी ऐसी परिस्थितियां भी उत्पन्न हो जाती हैं, जिसमें वनों को, प्रकृति को और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। हमें विकास और प्रकृति के संरक्षण को एक दूसरे का पूरक बनाकर आधारभूत ढांचे के निर्माण पर ध्यान देना होगा। यह तभी संभव है जब हम “उपभोग नहीं बल्कि उपयोग“ के सिद्धांत का अनुसरण करेंगे।

नरेन्द्रनगर ऋषिकेश में जी-20 सम्मेलन की तीसरी बैठक के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या एवं संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी पर्वत श्रृंखला हिमालय की गोद में बसा हमारा प्रदेश उत्तराखंड, ’’देवभूमि’’ के रूप में विख्यात है। जहां यह एक ओर हरिद्वार-ऋषिकेश, गंगोत्री-यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ, जागेश्वर, पूर्णागिरि जैसे पौराणिक, आध्यात्मिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक केन्द्रों की पवित्र भूमि है, वहीं गंगा, यमुना, अलकनंदा सहित कई महान नदियों का उद्गम स्थल भी है। हमारा राज्य योग, आयुर्वेद, ध्यान का एक वैश्विक केंद्र होने के साथ-साथ प्राचीन भारतीय सभ्यता का प्रतीक भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के जी-20 की थीम एक पृथ्वी एक परिवार और एक भविष्य है, जो मूल रूप से भारतीय संस्कृति द्वारा विश्व को दिए गए सिद्धांत “वसुधैव कुटुंबकम“ पर आधारित है, जिसका अर्थ है “समस्त विश्व एक परिवार है“. मुख्यमंत्री ने कहा कि जी-20 की यह विशेष इन्फ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप की बैठक, हमारी सनातन संस्कृति की इसी मूल अवधारणा को पुष्पित व पल्लवित करने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को प्राकृतिक आपदाओं से वर्षभर सामना करना पड़ता है इसलिए यहां का आधारभूत ढांचा इस तरह बनना चाहिए जो आपदाओं के समय भी आम आदमी के काम आ सके। आप सभी को ज्ञात है कि जिस प्रकार जापान में भूकंप आना एक आम बात थी, परन्तु जापानी लोगों ने भूकंपरोधी भवन बनाने की ऐसी तकनीक का विकास किया जो आपदा के समय में भी जापान के लोगों को व उनके मकानों को सुरक्षित रखती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। हमने 150 मिलियन से अधिक लोगों को आश्रय प्रदान करने के लिए लगभग 40 मिलियन घर दिए हैं, जो ऑस्ट्रेलिया की जनसंख्या का लगभग 6 गुना है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बैठक जहां एक ओर विश्व के आधारभूत ढांचे के विकास के लिए क्या-क्या किया जा सकता है, उस पर विचार करेगी, वहीं दूसरी ओर पहाड़ी राज्यों की विशिष्ट स्थितियों का आंकलन कर एक विस्तृत रूपरेखा तय करने में भी समर्थ होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हमारे छोटे से राज्य को जी-20 की तीन बैठकों का आयोजन करने का अवसर प्रदान किया। इस महत्त्वपूर्ण दायित्व को निभाते हुए हम स्वयं को गौरवांवित अनुभव कर रहे है क्योंकि यह सभी उत्तराखंडवासियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हमारी परम्परा में निहित “अतिथि देवो भवः“ का संदेश हमें अतिथियों की सेवा करने के लिए सदैव तत्पर रखता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जी-20 इंफ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप द्वारा नरेन्द्रनगर ऋषिकेश में किए गए मंथन से जो अमृत निकलेगा वो पॉलिसी और इंप्लीमेंटेशन के बीच के गैप को कम करने में भी सहायक सिद्ध होगा। हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज जिस प्रकार भारत प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उसी प्रकार उनकी अध्यक्षता में जी-20 समूह भी अपने महान उद्देश्यों और लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में आयोजित जी-20 सम्मेलन की इस बैठक में जो अनुभव तथा विचार साझा किए जा रहे हैं, वे समस्त वैश्विक मानवता के कल्याण, विकास और समृद्धि के मार्ग को प्रशस्त करेंगे तथा “वसुधैव कुटुंबकम“ की भावना को और अधिक मजबूत करेंगे तथा आप सभी को यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित होने का भी अवसर प्रदान करने में सहायक होगा।

मुख्यमंत्री ने जी-20 की इस तीसरी बैठक में आये सम्मानित प्रतिनिधियों का सवा करोड़ उत्तराखंडी जनता की ओर से स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा कि आप सभी यहां से यादगार अनुभव अपने साथ लेकर जाएंगे। साथ ही बैठक के दौरान आप सभी को प्रकृति की गोद में बसे उत्तराखण्ड के सुरम्य स्थलों के दर्शन तथा उत्तराखण्डी व्यंजनो का भरपूर आनंद लेने का भी अवसर मिलेगा।

इस अवसर पर राज्यपाल ले जन (से नि )गुरमीत सिँह, सांसद नरेश बंसल, माला राज्य लक्ष्मी शाह, विधायक विनोद कंडारी तथा प्रशासन के उच्च अधिकारी व अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

घंटाकर्ण मंदिर में सीएम ने लिया आशीर्वाद, प्रदेश की खुशहाली की कामना की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घण्टाकर्ण मंदिर गजा, टिहरी गढ़वाल पहुंचकर घण्टाकर्ण देवता के दर्शन एवं विधिवत् पूजा अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही समस्त देश एवं प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत लागत धनराशि रुपए 60.90 लाख के विश्राम गृह निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 11वां श्री घंटाकर्ण महायज्ञ एवं धार्मिक सांस्कृतिक मेले में प्रतिभाग कर मातृशक्ति को नमन करते हुए कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि घंटाकर्ण देवता की पवित्र भूमि पर दूसरी बार पहुंचने का मौका मिला है। कहा कि केदारखंड के 148वें अध्याय में इसकी पौराणिकता का वर्णन मिलता है। कहा कि सड़क से जुड़ने के बाद यह विश्व के प्रसिद्ध धामों में से एक धाम बनेगा। कहा कि आज सनातन संस्कृति का परचम चारों ओर लहरा रहा है। आयोध्या में भव्य राम मंदिर का पुर्नाेत्थान निर्माण कार्य हो रहा है। कहा कि गत दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का विदेशी धरती पर जिस तरह से सम्मान हुआ है, इससे हर भारतवासी गौरवान्वित हो रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उज्ज्वला योजना के अन्तर्गत गरीब परिवारों को एक वर्ष में तीन गैस सिलेंडर मुफ्त में देने का कार्य धरातल पर उतारने में उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है। मातृशक्ति को सभी सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण दिये जाने का प्रावधान किया गया है। समान नागरिक संहिता कानून का ड्राफ्ट को पूरा करने का कार्य लगभग कर दिया है, ड्राफ्ट बनने के बाद इसे लागू किया जायेगा, जो पूरे हिंदुस्तान के लिए एक मॉडल के रूप में काम करेगा। नई शिक्षा नीति लागू कर दी और खेल नीति भी बनाई गई है। नकल विरोधी कानून बनाया गया है। मानसखंड कॉरिडोर प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है, जिसके तहत कुमांउ के प्रमुख मंदिरों को बेहतर सड़कों से कनेक्ट किया जायेगा। कहा कि राज्य सरकार ने एक वर्ष के कालखण्ड कई पड़ाव पूरे किये हैं, जिसके तहत प्रदेश की समस्या और चुनौतियों का हल और समाधान करने का काम किया है। कहा कि सरकार का लक्ष्य स्पष्ट और नियत साफ है। प्रदेश और जनता का हित सर्वाेपरि है, किसी वर्ग का अहित न हो इसका संकल्प लिया है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि डोगी से घण्टाकर्ण को सड़क से जोड़ने हेतु योजना बनायी जायेगी तथा घण्टाकर्ण मोटर मार्ग का डामरीकरण किया जायेगा। इसके साथ ही खांकर-खत्याड मोटर मार्ग का नवनिर्माण कार्य, (लम्बाई 5 कि.मी.), दावडा-अंगरियाना मोटर मार्ग नवनिर्माण कार्य (लम्बाई 2 कि.मी.), कोल कोडारना मोटर मार्ग का डामरीकरण (लम्बाई 1.25 कि.मी.), पुर्वाला-ससमण मोटर मार्ग का कौडियाला तक विस्तार, नैचोली में एएनएम सेन्टर, शिवपुरी में पार्किंग का निर्माण, कुंजापुरी-बड़कोट मोटर मार्ग का डामरीकरण (लम्बाई 1.25 कि.मी.) को योजनाओं में सम्मिलित किया जायेगा।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने जी-20 कार्यक्रमों की मेजबानी की जिम्मेदारी नरेन्द्रनगर क्षेत्र को दिये जाने पर केन्द्र एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया गया। कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा जो घोषणाएं की जाती हैं, उन्हें धरातल पर उतारा जाता है। कहा कि नरेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र में की गई घोषणाओं में से अधिकतर घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं, शेष पर कार्य प्रगति पर है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, नगर पंचायत अध्यक्ष गजा मीना खाती, पूर्व विधायक उत्तरकाशी विजय पाल सजवाण, अध्यक्ष मंडी समिति वीर सिंह रावत, अध्यक्ष मंदिर समिति अशोक बिजल्वाण, सीडीओ मनीष कुमार, एएसपी वी.डी. डोभाल, एसडीएम देवेन्द्र नेगी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं क्षेत्रीय जनता मौजूद रहे।

विदेशी प्रतिनिधियों ने किया ओणी गांव की आंगनबाड़ी, पंचायत भवन आदि का भ्रमण

उत्तराखंड में दूसरी जी-20 एंटी करप्शन वर्किंग ग्रुप मीटिंग के नरेंद्र नगर टेहरी में समापन के पश्चात रविवार को 20 सदस्य देशों के 20 प्रतिनिधियों ने ऑणी गांव का भ्रमण किया।

ओणी गांव में विदेशी प्रतिनिधियों का स्वागत उत्तराखंड की पारंपरिक शैली में किया गया। ओंणी गांव आगमन पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं एवं वाद्य यंत्र के कलाकारों द्वारा आत्मीयता से डेलीगेट्स का टीका लगाकर, तुलसी की माला पहनाकर तथा ढोल, दमाऊ, माशकबाज, रणसिंघा की प्रस्तुति देकर जोरदार स्वागत किया गया।

औणी गांव में विदेशी प्रतिनिधियों ने गांव की आंगनबाड़ी केन्द्र, नरेंद्र नगर फॉरेस्ट डिविजन शिवपुरी रेंज द्वारा स्थापित इंटरप्रिटेशन सेंटर, पंचायत भवन, बर्तन बैंक, ग्रामीण बचत बैंक शासकीय प्राथमिक विद्यालय, दुग्ध उत्पादन केंद्र, पॉलीहाउस तथा मिलेट सेंटर का भ्रमण किया।

इस दौरान विदेशी मेहमान उत्तराखंड की लोक संस्कृति, ग्रामीण परिवेश, जीवन शैली, पारंपरिक लोक कला, जैविक खेती आदि से भी रूबरू हुए।

विदेशी प्रतिनिधियों ने आणी गांव के पंचायत भवन में ग्राम सभा की बैठक में भाग लिया तथा केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण विकास हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। विदेशी प्रतिनिधियों ने आंगनबाड़ी केंद्र में छोटे बच्चों एवम गर्भवती महिलाओं के लिए संचालित गतिविधियों को देखा तथा विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
विदेशी प्रतिनिधियों ने नरेंद्र नगर डिवीजन के शिवपुरी रेंज द्वारा स्थापित इंटरप्रिटेशन सेंटर में वन विभाग तथा ग्रामीणों की बैठक में भाग लिया द्य बैठक में वन अधिकारी आणी गांव के ग्रामीणों को वन अधिकार अधिनियम 2006 की जानकारी दे रहे थे तथा उनकी समस्याएं सुन रहे थे। यहां पर विदेशियों ने पौधारोपण भी किया। विदेशी प्रतिनिधियों ने गांव में स्थापित बर्तन बैंक का भी निरीक्षण किया द्य इस बर्तन बैंक का उपयोग ग्रामीण बड़े निजी एवं सार्वजनिक आयोजनों में सहभागिता के आधार पर करते हैं। विदेशी प्रतिनिधियों ने औणी गांव के ग्रामीण बचत केंद्र का भी भ्रमण किया तथा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा ग्रामीणों के लिए संचालित विभिन्न ऋण एवं बचत योजनाओं की जानकारी ली। गांव के प्राथमिक विद्यालय में विदेशी प्रतिनिधियों ने स्कूली बच्चों से मुलाकात की तथा माध्यहन भोजन की व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। विदेशी प्रतिनिधियों ने गांव में स्थापित मिलेट सेंटर में उत्तराखंड के स्थानीय अनाजों, गोट फार्मिंग, मत्स्य पालन तथा पारंपरिक चक्की आदि का अवलोकन किया। भ्रमण के बाद गांव मे ही विदेशी प्रतिनिधियों ने भोजन किया तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम का अवलोकन किया। विदेशी प्रतिनिधियों को राज्य का स्थानीय भोजन परोसा गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत बांसुरी वादक तिलक विश्वास तथा तबला मास्टर संतोष कुमार द्वारा किया गया। इसके साथ ही सांस्कृतिक कलाकारों द्वारा गढ़ वंदना, थाड्या, चोफला, संतूर वादन की प्रस्तुति दी गई।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, जिलाधिकारी डॉ. सौरभ गहरवार, एसएसपी नवनीत भुल्लर, सीडीओ मनीष कुमार. जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवान, ब्लॉक प्रमुख नरेंद्रनगर राजेंद्र भंडारी, एडीएम के.के. मिश्र, डी डी ओ सुनील कुमार, एसडीएम देवेंद्र नेगी सहित नोडल अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

रंगारंग संस्कृति की प्रस्तुति से अभिभूत नजर आये विदेशी मेहमान

नरेंद्र नगर में जी-20 की बैठक में सम्मिलित होने आए विभिन्न देशों के डेलिगेट्स के समक्ष गाला डिनर के दौरान उत्तराखंड की आध्यात्मिकता, तीर्थाटन और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत पर आधारित प्रस्तुतीकरण दिया गया।
सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत राष्ट्रगान, डेलिगेट्स और मुख्य अतिथियों के स्वागत और दीप प्रज्वलन से की गई।
आध्यात्मिकता और तीर्थाटन के प्रस्तुतीकरण में जहां योग, गंगा आरती दर्शन, चारधाम तीर्थ यात्रा, महासू देवता वंदना तथा स्थानीय देवी-देवताओं की देव डोलियों का प्रस्तुतीकरण दिया गया, वहीं सांस्कृतिक विरासत में गढ़वाली, कुमाऊनी व जौनसारी संस्कृति का प्रस्तुतीकरण दिया गया।
विभिन्न देशों से जी-20 बैठक में पधारे डेलिगेट्स उत्तराखंड की देवभूमि की विशिष्ट परंपरा, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक उत्कृष्टता से अभिभूत और उत्साहित दिखे।
प्रस्तुतीकरण में भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी प्रेरणा वसुधैव कुटुंबकम (संपूर्ण पृथ्वी एक परिवार है) की झलक दिखी।
इस अवसर पर सांस्कृतिक संध्या की प्रस्तुति के दौरान महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी और अजय भट्ट, उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, उत्तराखंड कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, गणेश जोशी व सौरव बहुगुणा, सांसद गढ़वाल लोकसभा तीरथ सिंह रावत, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, प्रीतम सिंह पंवार, किशोर उपाध्याय, प्रदीप बत्रा, विनोद कंडारी, शक्ति लाल शाह व ब्रजभूषण गैरोला, मुख्य सचिव डॉ एस एस संधु सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

डा. सुनील थपलियाल को मिला स्व. रीता शर्मा स्मृति सम्मान

मुनीकीरेती ढालवाला में आयोजित एक साहित्य सम्मान कार्यक्रम में इस वर्ष का शिक्षाविद साहित्यकार स्वर्गीय रीता शर्मा स्मृति साहित्य सम्मान आवाज. साहित्यिक संस्था के डिजिटल संयोजक डॉक्टर सुनील थपलियाल को दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ जनकवि डॉ अतुल शर्मा, रंजना शर्मा, रेखा शर्मा तथा पूर्व राज्य में मंत्री युवा तुर्क रविंद्र जुगलान ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद ममता जोशी द्वारा सरस्वती वंदना एवं लोक गायक रमेश उनियाल द्वारा जागरण से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

आवाज. साहित्यिक संस्था के उपाध्यक्ष आचार्य रामकृष्ण पोखरियाल ने स्वागत उद्बोधन के साथ सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया कार्यक्रम के संयोजक धरातल साहित्यिक संस्था देहरादून के अतुल शर्मा एवं रंजना शर्मा तथा रेखा शर्मा ने साहित्य के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए इस वर्ष का सम्मान आवाज साहित्यिक संस्था के संयोजक डॉक्टर सुनील थपलियाल को दिए जाने की घोषणा की।

इस अवसर पर डॉ अतुल शर्मा ने कहा कि रीता अनीता शर्मा एक शिक्षाविद और संवेदनशील लेखिका थी। उन्होंने समाज हित के लिए अपने साहित्य की रचना की और वही कार्य आवाज साहित्यिक संस्था के डॉक्टर सुनील थपलियाल कर रहे हैं इसलिए सुनील जी को यह सम्मान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि साहित्य और समाज एक दूसरे के पूरक हैं और आवाज के डिजिटल कार्यक्रम में इसी जन-जन तक पहुंचाया है सम्मान के रूप में स्मृति चिन्ह साल प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मनोज प्रपन्नाचार्य ने कहा कि साहित्य समाज की अनमोल देन है। कार्यक्रम मे विशालमनी पैन्यूली ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डा सुनील दत्त थपलियाल का सम्मान कई संस्थाओं का सम्मान है, कार्यक्रम का संचालन राम बल्लभ भट्ट ने किया। इस अवसर पर गढ़ भूमि लोक संरक्षण समिति समिति के अध्यक्ष आसाराम ब्यास आवाज साहित्यिक संस्था के अशोक शर्मा, प्रबोध उनियाल, सत्येंद्र चौहान, महेश चिटकारिया, सामाजिक कार्यकर्ता गजेंद्र कंडियाल, सुरेंद्र भंडारी, संतोष व्यास, महिपाल बिष्ट, धनीराम बिंजोला, बीना जोशी, निर्मला उनियाल, पुष्पा ध्यानी, ममता जोशी, नीलम जोशी, सरोजनी भट्ट, सुशीला बड़थ्वाल, प्रियंका, रश्मि पैन्यूली, दर्शनी भंडारी, विजय लक्ष्मी, गोपाल भटनागर सहित कई साहित्यकार उपस्थित थे।

जी-20 के कार्यों को देख गदगद हुए शहरी विकास मंत्री

शहरी विकास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने जी-20 के अंतर्गत जौलीग्रांट एयरपोर्ट से इंद्रमणी बडोनी चौक तक किये जा रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान निर्माण कार्यों की डा. अग्रवाल ने सराहना करते हुए अधिकारियों की पीठ थपथपाई। साथ ही एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी को रेलवे ब्रिज, इंद्रमणी बडोनी चौक, गौरा देवी चौक, डिवाइडर पर बड़े कलरफुल पौधों के गमले लगाने तथा बडोनी चौक के पास फसाड योजना के तहत दुकानों के सौंदर्यीकरण करने के निर्देश दिए।

आज मंत्री डा. अग्रवाल जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। यहां एमडीडीए द्वारा उद्यान, बागवानी के कार्यों का निरीक्षण किया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट पर ग्राउंड कवर तथा विभिन्न प्रजाति के कलरफुल पौधे जिनमें पाम की फाक्सटैल, वसिंगटोनिया, चांदनी, स्टार लाइट, कॉपर बोटल ब्रश आदि लगाए गए हैं, जो हर मौसम के लिए उपयोगी हैं तथा सदाबहार है।

डा. अग्रवाल ने एयरपोर्ट पर बनी पेंटिंग का भी निरीक्षण किया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि राज्य के सभी 13 जिलों की थीम पर आधारित पेंटिंग बनाई गई है, जिसे डा. अग्रवाल द्वारा सराहा गया। इसके बाद डा. अग्रवाल रानीपोखरी से होते हुए नरेंद्रनगर बैंड पहुंचे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि बैंड पर लगाई गई विभिन्न प्रजाति के पौधों को वन क्षेत्र को ध्यान में रखकर लगाया गया है। इसमें बैम्बू, यूका, यूफारेबियामिली, फर्न, जंगली बांस आदि शामिल हैं।

इसके बाद डा. अग्रवाल इंद्रमणी बडोनी चौक पहुंचे। उन्होंने एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी को रेलवे ब्रिज, इंद्रमणी बडोनी चौक, गौरा देवी चौक, डिवाइडर पर बड़े कलरफुल पौधों के गमले लगाने तथा बडोनी चौक के पास फसाड योजना के तहत दुकानों के सौंदर्यीकरण करने के निर्देश दिए।

इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी झरना कामठान, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, मुख्य नगर आयुक्त राहुल गोयल, सहायक नगर आयुक्त रमेश रावत, उद्यान अधिकारी एमडीडीए एआर जोशी, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्युष कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका डोईवाला उत्तम सिंह नेगी, लोनिवि के अधिशासी अभियंता धीरेंद्र कुमार, उपायुक्त नगर निगम देहरादून कुसुम चौहान, समाजसेवी भारत गुप्ता, विनय जिंदल आदि उपस्थित रहे।

जौनपुर टिहरी में सीएम ने की नागदेवता मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नागथात (बिरौड़) जौनपुर टिहरी गढ़वाल पहुंचकर नागदेवता मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पूजा अर्चना कर प्रदेश एवं प्रदेशवासियों की खुशहाली एवं सुख समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि नागथात बिरोड़ मुंगाथात (अणदणा) अषाड़ थात को पर्यटन क्षेत्र घोषित किया जायेगा। नागथात मन्दिर के प्रांगण का सौंदर्यीकरण एवं विस्तारीकरण किया जायेगा। पुरोला विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत डरोगी तक मोटरमार्ग के नव निर्माण की घोषणा की गई। कुकड़सारी से भद्रीगाड़ तक मोटरमार्ग का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बहुत ही पवित्र दिन है जब भगवान नागराजा की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है और हम बहुत भाग्यशाली हैं, जो हमको इस पावन मौके पर भगवान नागराजा का साक्षात आशीर्वाद मिला है। उन्होंने कहा कि हमारे मेले थोलों का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना है और हमारे पूर्वजों की अपनी धरोहर को बचाने में एवं उसके संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका रही है, उन्ही के प्रयासों से आज हमारे मेले, त्योहार और संस्कृति जीवित है। राज्य सरकार मेलों के संरक्षण, उत्तराखंड की लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने एवं उसके संवर्द्धन हेतु प्रतिबद्ध है। राज्य के मेले और संस्कृति राज्य तक ही सीमित न रहे इन्हें देश विदेश में पहचान मिले इसके लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। वैश्विक पटल पर हमारी संस्कृति को एक पहचान मिले इसके लिए भी कार्य कर रहे है। दैवीय स्थानों, पूजा स्थलों, पौराणिक स्थलों को विकसित कर तीर्थाटन और पर्यटन के नक्शे पर स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे प्रदेश में पर्यटकों एवं चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होगी और पलायन पर रोक लगेगी। उत्तराखण्ड को देश और दुनिया की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक राजधानी बनाने के लिए हम निरन्तर प्रयासरत है। केन्द्र एवं राज्य सरकार उत्तराखण्ड के गांवों एवं युवाओं को सशक्त बनाने एवं मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयासरत है। हमारे युवा आज उद्यमों को अपना कर हर क्षेत्र में काम कर रहे हैं, वहीं मातृशक्ति स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से अनेक उत्पादों का निर्माण कर रही हैं, इन उत्पादों को बाजार मिले इसके लिए प्रयास कर रहे है। सुदुर गांव तक सभी सुविधाएं पहुंच सके इसके लिए कार्य किए जा रहे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे आशा एवं पूर्ण विश्वास है कि भगवान नागराजा का यह पौराणिक स्थल नागटिब्बा की तर्ज पर विकसित होकर पर्यटन के मानचित्र पर दर्शित होगा। देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए विकल्प रहित संकल्प को पूरा करने में सभी का सहयोग प्राप्त होगा और उत्तराखण्ड देश का श्रेष्ठ राज्य बनेगा। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में इस बार पिछले साल से भी अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है, उसके लिए समुचित कार्यवाही की जा रही है। प्रधानमंत्री ने बाबा केदारनाथ की धरती से कहा कि इस सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा, उस दिशा में आगे बढ़ रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली के कर्त्तव्य पर्थ पर उत्तराखण्ड की ‘मानसखण्ड‘ झांकी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो हमारे लिए गौरव की बात है।
इस अवसर पर विधायक धनोल्टी प्रीतम सिंह पंवार, राजपुर विधायक खजान दास, पुरोला विधायक दुर्गेश लाल द्वारा भी सम्बोधित किया गया।
इस मौके पर पूर्व मंत्री नारायण सिंह राणा, डीसीबी अध्यक्ष सुभाष रमोला, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मीरा सकलानी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख गीता रावत, जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल डॉ. सौरभ गहरवार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार, अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्र, सीएमओ मनु जैन, एसडीएम लक्ष्मीराज चौहान सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं क्षेत्रीय जनता मौजूद रहे।

भागीरथ सम्मान से सम्मानित हुए डॉ धीरेंद्र रांगड़

टिहरी के हेरवाल गांव में आयोजित गांव वापसी संवाद कार्यक्रम में डॉ धीरेंद्र रांगड़ को दर्शन के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए ’’भागीरथ सम्मान’’ से सम्मानित किया गया।
आजादी के अमृत काल में उत्तराखंड 2047 को मध्यनजर रखते हुए ग्रीन स्कूल अहमदाबाद द्वारा उत्तराखंड के सुदूरवर्ती ग्राम हेरवाल गांव, बुमरा धाम में 10 से 12 मार्च को गांव-वापसी संवाद 2023 का त्रिवर्षीय वर्षीय लोक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने स्थानीय लोगों के साथ उत्तराखंड को 2047 तक समावेशी व संतुलित विकास के माध्यम से आर्थिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक व सामाजिक रूप से संपन्न राज्य बनाने के लिए चिंतन मनन व संवाद किया।
इस अवसर पर अर्थव्यवस्था, पारिस्थितिकी, आध्यात्मिकता, संस्कृति, पर्यावरण, समावेशी विकास, सुशासन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, जैविक विविधता, जल संरक्षण, तीर्थाटन, पर्यटन, लोक साहित्य, लोक सुरक्षा, हस्त कला, शिल्प कला, वन संरक्षण व चकबंदी आदि विषयों के विशेषज्ञों ने अपने विचार व्यक्त किये।
कार्यक्रम में आयोजक ग्रीन स्कूल अहमदाबाद के संस्थापक विरेंद्र रावत, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता वीरेंद्र रावत, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में शामिल विधायक किशोर उपाध्याय, डॉ मोहन सिंह पंवार, वी एस रावत, मोहन डबराल, विक्रम सिंह नेगी, पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा, महावीर रवालटा, जयसिंह रावत आदि शामिल हुए। ग्राफिक ऐरा हिल एकेडमी के एन.एस.एस. छात्र-छात्राओं ने स्वयं सेवा का कार्य किया।

योग साधकों ने लठमार और अवधि शैली की मनाई होली

ऋषिकेश में स्थित मुनि की रेती में पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव’ का मंगलवार को समापन हो गया है। सात दिवसीय योग महोत्सव के आख़िरी दिन फूलों की होली के साथ विदेशी पर्यटक खूब झूमें। इस योग महोत्सव में 1600 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया।
योग महोत्सव के अंतिम दिन के कार्यक्रमों में पर्यटन विभाग के सहयोग से योग स्कूलों में से एक हार्टफुलनेस संस्थान की छवि सिसोदिया ने रक्तचाप उपचार के लिए एक योग सत्र का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने योग साधकों को बल्ड प्रेशर नियंत्रण के लिए अनेक योग प्रणायामों के बारे में बताया व इनके करने की विधि समझाई। इस दौरान उन्होंने बताया कि बल्ड प्रेशर अनेक रोगों का कारक है। आज रोजमर्रा के जीवन में लोगों की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्या हाई बल्ड प्रेशर है, जो अनेक रोगों का जनक है, जिनमें हृदय, किडनी एवं आँख संबंधी रोगों के साथ मेटाबॉलिक सिन्ड्रोम, सांस लेने में कठिनाई, नींद की समस्या, थायरॉइड समस्या आदि प्रमुख हैं। इसके अलावा अन्य दूसरे सत्र में छवि सिसोदिया के मार्गदर्शन में साधकों ने ध्यान योग किया। अन्य सहयोगी योग संस्थान में चेन्नई स्थित कृष्णामचार्य योग मंदिरम के योगाचार्य एस श्रीधरण ने भक्ति सत्र का आयोजन किया।
योग महोत्सव के समापन कार्यक्रम पर उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद निदेशक विपणन व प्रचार सुमित पंत ने योग महोत्सव में आये सभी योग विद्यालयों के गुरूओं को प्रमाण पत्र व स्मृति चिन्ह भेंट किए। योग महोत्सव के समापन कार्यक्रम का संचालन पर्यटन विभाग के जनसंपर्क अधिकारी कमल किशोर जोशी ने किया।
समापन कार्यक्रम में डॉ. सुनील जोशी उप कुलपति आयुर्वेद विश्वविद्यालय, डॉ. छवि सिसौदिया हार्टफुलनेस संस्थान, राजीव कालरा ईशा फाउंडेशन, वीपी सिंह कैवल्यधाम, अरूण पेरूमल कृष्णामचार्य योग मंदिरम, सुश्री एकता राममणि स्मृति योग संस्थान, नंदलला शिवानंद आश्रम, कुमार नारायण आर्ट ऑफ लिविंग, सुनील भगत नारायण स्वामी सहित देश-विदेश के पर्यटक मौजूद रहे।
अंतिम दिन के कार्यक्रमों में दैनिक आधार पर चल रहे सहयोगी योग संस्थानों द्वारा 2 घंटे का योग, हास्य योग विशेषज्ञ मनोज रंगढ़ द्वारा हास्य योग सत्र, आयुर्वेद विश्वविद्यालय द्वारा नाड़ी परीक्षण का आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त होली के उपलक्ष्य में शाम को इस्कॉन द्वारा राधा कृष्ण की मूर्ति का पुष्पाभिषेक किया गया, जिसके बाद फूलों की होली खेली गई।
गौरतलब है कि पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का शुभारंभ एक मार्च को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज द्वारा किया गया। सात दिनों के इस महोत्सव में योगाभ्यास, भक्ति के अलावा विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन किए गये।
महोत्सव में आए पर्यटकों ने ईशा फाउंडेशन, शिवानंद आश्रम, आर्ट ऑफ लिविंग, कृष्णामचार्य योग मंदिरम, कैवल्यधाम, राममणि स्मृति योग संस्थान, हार्टफुलनेस संस्थान के योगाचार्यों व प्रशिक्षकों के सान्निध्य में विभिन्न प्रकार के योगाभ्यास व योगकलाएं सीखी। साथ नाड़ी परीक्षण, ध्यान योग एवं भक्ति सत्रों से आरोग्य एवं भक्ति का लाभ कमाया। विदेशी योग साधकों में राज्य के परिधानों व स्वादिष्ट व्यंजनों एवं लोक कलाओं को लेकर खासी दिलचस्पी देखी गई। इसके अलावा विभिन्न विषयों पर पैनल परिचर्चाओं एवं रात्रि के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आगंतुकों को ज्ञान अर्जन के साथ मनोरंजन का भी सुख प्रदान किया।
योग महोत्सव के दौरान उत्तराखण्ड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय द्वारा मर्म चिकित्सा, नाड़ी परीक्षण, चिकित्सीय परामर्श एवं निःशुल्क औषधि वितरण किया गया। विश्वविद्यालय के चिकित्सक डॉ. विपिन चंद्र ने बताया कि 1 मार्च से 7 मार्च तक ओपीडी में 500 से अधिक लोगों ने अपना परीक्षण करवाया एवं चिकित्सीय परामर्श प्राप्त किया।

पर्यटन के नए अवसरों को तलाशने के लिए सीएम ने पर्यटन ग्राम चौपाल लगाई

अपने दो दिवसीय टिहरी दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को ग्राम मरोड़ा तिवाड़गांव ( वि०ख० थौलधार) में आयोजित पर्यटन ग्राम चौपाल कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने मरोड़ा, तिवाड़ गांव में पर्यावरणविद् स्व० सुंदरलाल बहुगुणा स्मारक बनाने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने तिवाड़ गांव एकलिंग का शुभारंभ भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक संध्या का अवलोकन भी किया।
कार्यक्रम में मौजूद ग्राम वासियों, महिलाओ, विभिन्न पर्यटन व्यवसायियों ने पर्यटन पर आधारित ग्राम चौपाल की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री को धन्यवाद अर्पित किया। इस अवसर पर लोगों ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सुझाव दिए एवं पर्यटन से संबंधित समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पर्यटन नीतियों के सरलीकरण हेतु राज्य सरकार सिंगल विंडो सिस्टम को बढ़ावा देगी। उन्होंने कहा साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक युवाओं को राफ्टिंग से जोड़ा जाएगा। युवाओं को राफ्टिंग का परमिट मिले इसके लिए सरकार कार्य करेगी। साथ ही एनजीटी द्वारा बीच कैंप हेतु आवंटित स्थानों में बीच कैंप स्थापित हो इसके लिए कार्य किया जाएगा। उन्होंने तिवाड़ गांव में चल रहे 32 होमस्टे की सराहना करते हुए कहा कि यह गांव पूरे राज्य के लिए एक उदाहरण है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज तिवाड़ गांव में आयोजित चौपाल से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई सुझाव जनता के माध्यम से सरकार के सामने आएंगे। राज्य में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक राज्यवासी का सहयोग जरूरी है। सरकार एवं जनता आपसी समन्वय से हर असंभव कार्य को संभव करेगी। हमारा राज्य नदियों, पर्वतों, वनों व प्राकृतिक संसाधनों से आच्छादित है। देवभूमि में देवताओं का वास, आशीर्वाद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कल्पना अनुसार हम उत्तराखंड राज्य के विकास को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदार की भूमि से 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का बताया। जिसके परिणाम अब दिखने लगे हैं। उन्होंने कहा स्थानीय लोगों के प्रयास से यह क्षेत्र लगातार आगे बढ़ रहा है। राज्य में अन्य गांव को भी इस गांव के रूप में विकसित किया जाए इस पर सरकार कार्य करेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य निर्माण के दौरान पर्यटन का विकास भी हमारे मूल मंत्र में शामिल था। आज उत्तराखंड राज्य पूरे भारत का एक बड़ा पर्यटन स्थल है। यह देवों की ताकत है जो इस राज्य में इतने लोग आते हैं परंतु उन्हें इस राज्य में ठहराना इस राज्य के प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है और वह हम एक अच्छे विकसित पर्यटन स्थल के रूप में कर सकते हैं। उन्होंने कहा राज्य सरकार पर्यटन में आने वाली समस्याओं से भलीभांति वंचित है हम सभी आपसी समन्वय इच्छा शक्ति, संकल्प शक्ति, और सामूहिक शक्ति से हर काम को सरलीकरण कर उसका समाधान करेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा आज होमस्टे के लिए मिलने वाली सब्सिडी 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी गई है। राज्य सरकार होमस्टे को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। आगामी बजट में राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड में रोजगार कृषि बागवानी उद्यान जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। हमारा संकल्प है कि हम उत्तराखंड राज्य की जीएसडीपी को आने वाले सालों में दुगना करेंगे।

मंच छोड़ आमजन के बीच जमीन पर बैठे मुख्यमंत्री
पर्यटन पर आधारित चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री मंच छोड़ महिलाओं के बीच बैठे और उनसे वार्ता की उन्होंने गांव वासियों का हालचाल जाना, पर्यटन में आने वाली दिक्कतों उनके समाधान एवं सरकार द्वारा मिलने वाली सहायता के बारे में जानकारी भी ली।
इस अवसर पर विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय, धनोल्टी प्रीतम सिंह पंवार, देवप्रयाग विनोद कंडारी, घनसाली शक्तिलाल शाह, जिलाध्यक्ष भाजपा राजेश नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष टिहरी सोना सजवाण, प्रदेश महामंत्री भाजपा आदित्य कोठारी, जिलाधिकारी डॉ. सौरभ गहरवार, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, सीडीओ मनीष कुमार, अध्यक्ष उतरायनी भागीरथी समिति कपिल पंवार, होटल व्यवसाई सहित अन्य मौजूद रहे।