सीएम धामी के निर्देश पर धराली में 98 आपदा प्रभावितों को दिए गए चेक

प्रदेश सरकार द्वारा धराली में आपदा प्रभावित 98 परिवारों को पाँच-पाँच लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक प्रदान किए गए। यह वितरण गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेश सिंह चौहान द्वारा किया गया।

गत 5 अगस्त को उत्तरकाशी एवं पौड़ी जनपदों में आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने व्यापक तबाही मचाई थी। कई स्थानों पर भारी बारिश, भूस्खलन और मलबे के प्रवाह से घर पूरी तरह नष्ट हो गए, बुनियादी ढाँचा क्षतिग्रस्त हुआ और प्रभावित परिवारों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ा। इस आपदा के तुरंत बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और सभी प्रभावित परिवारों को पाँच-पाँच लाख रुपये की तत्कालिक सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की थी।

इसी घोषणा के तहत आज धराली में 98 परिवारों को राहत राशि के चेक वितरित किए गए। इस सहायता का उद्देश्य पीड़ित परिवारों को पुनर्वास की दिशा में प्रारंभिक सहारा देना है ताकि वे आपदा के बाद के कठिन दौर में अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा कर सकें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह सहायता राहत प्रक्रिया का प्रारंभिक चरण है। भवनों, आवासों, होमस्टे, पशुधन और बागानों को हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो सात दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर एक व्यापक राहत एवं पुनर्वास पैकेज तैयार किया जाएगा, जिससे प्रभावितों को दीर्घकालिक सहयोग मिल सके।

उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोग मेरे परिवार के सदस्य हैं। इस कठिन समय में वह और प्रदेश सरकार प्रभावितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। पुनर्निर्माण और पुनर्वास कार्य को प्राथमिकता के साथ अंजाम दिया जाएगा, ताकि सभी प्रभावित जल्द से जल्द सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।”

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं क्षेत्रीय नागरिक भी उपस्थित रहे और उन्होंने प्रदेश सरकार की इस त्वरित राहत कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया।

सीएम धामी के निर्देशों पर धराली से गंगोत्री तक तैनात हैं स्वास्थ्य के सिपाही, हर गांव तक पहुंचीं चिकित्सा टीमें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तरकाशी जिले में आई आपदा के बाद स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड की टीमें तेजी से राहत और चिकित्सा सेवा कार्यों में जुट गई हैं। प्रभावितों को प्राथमिक उपचार से लेकर विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता तक हर संभव सुविधा प्रदान की जा रही है। विभाग की टीमें धराली से लेकर गंगोत्री और चिन्यालीसौड़ तक हर जगह तैनात हैं और बिना रुके राहत कार्यों में लगी हुई हैं।

मातली में 128 यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण, 25 को प्राथमिक उपचार
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि आज शुक्रवार को हेली सेवा के माध्यम से धराली से रेस्क्यू कर 128 यात्रियों को मातली लाया गया। यहां तैनात स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी यात्रियों का परीक्षण किया, जिनमें से 25 लोगों को प्राथमिक उपचार की आवश्यकता पाई गई और उन्हें मौके पर ही राहत प्रदान की गई। एक गंभीर मरीज को जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में भर्ती किया गया है।

चिन्यालीसौड़ में 76 यात्रियों की स्क्रीनिंग, सभी स्वस्थ
वहीं दूसरी ओर, चिन्यालीसौड़ हेलीपैड पर पहुंचे 76 यात्रियों की भी स्वास्थ्य जांच की गई। सभी यात्री स्वस्थ पाए गए और उन्हें उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। चिकित्सकों ने सतर्कता से सभी की स्क्रीनिंग की और आवश्यक परामर्श दिए।

जिला चिकित्सालय में 09 मरीजों का उपचार जारी
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि उत्तरकाशी जिला अस्पताल में वर्तमान में 09 मरीज भर्ती हैं। इन सभी का उपचार विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने जानकारी दी कि मरीजों को हर प्रकार की चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा रही है और जरूरत के अनुसार विशेषज्ञों की सहायता ली जा रही है।

धराली में टीम मुस्तैद
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने जानकारी दी कि धराली में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ मेघना असवाल के नेतृत्व में टीम गई है। इसके अलावा टीम में डॉ मोहन डोगरा, डॉ कुलवीर सिंह राणा, निश्चेतक डा. संजीव कटारिया, जनरल सर्जन डा. परमार्थ जोशी, निश्चेतक डा. एम एस कौशिक, अस्थि रोग विशेषज्ञ डा. शिवम् पाठक और मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. रोहित गोदिवाल शामिल हैं। इसके अलावा गंगोत्री, गंगनानी, भटवाड़ी, जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी, मातली, चिन्यालीसौड़ में विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम तैनात की गयी है ताकि किसी भी आपदा प्रभावित को जरूरी इलाज समय से मिल सके। धराली क्षेत्र से नेटवर्क बाधा के कारण डेटा नहीं मिल पाया है। फिर भी, स्वास्थ्य विभाग की टीम वहाँ डॉ. मेघना असवाल के नेतृत्व में लगातार सक्रिय है और राहत कार्यों में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है।

सीएम धामी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने आपदा राहत कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टर, एम्बुलेंस और दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्रत्येक रेस्क्यू यात्री की स्वास्थ्य जांच की जा रही है और आवश्यक उपचार तत्काल दिया जा रहा है।

गंगोत्री से चिन्यालीसौड़ तक, हर क्षेत्र में तैयार स्वास्थ्य सेवाएं
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि आपदा राहत कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रत्येक क्षेत्र में आवश्यक स्वास्थ्य संसाधनों की समुचित व्यवस्था की है। गंगोत्री, हर्षिल, भटवाड़ी, मातली और चिन्यालीसौड़ जैसे प्रमुख राहत केंद्रों में चिकित्साधिकारियों की तैनाती के साथ-साथ एम्बुलेंस सेवाएं, जीवनरक्षक दवाएं और मेडिकल किट्स उपलब्ध कराई गई हैं। हर्षिल में 9 चिकित्साधिकारी और 3 एम्बुलेंस के साथ 20 मेडिकल किट्स की व्यवस्था की गई है, जबकि मातली में 5 चिकित्साधिकारी और 14 चिकित्सा कर्मी 8 एम्बुलेंस व पर्याप्त उपकरणों के साथ कार्यरत हैं। इसी प्रकार चिन्यालीसौड़, गंगोत्री और भटवाड़ी में भी जरूरत के मुताबिक स्वास्थ्य टीमों की तैनाती कर हर स्तर पर मरीजों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमें तैनात
राज्य नोडल अधिकारी डॉ बिमलेश जोशी ने बताया कि आपदा राहत कार्यों के लिए विभिन्न स्थानों पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमें तैनात की गई हैंः-

धराली टीमरू-
डॉ. मेघना असवाल (गायनेकोलॉजिस्ट)
डॉ. मोहन डोगरा
डॉ. कुलवीर सिंह राणा
डॉ. संजीव कटारिया (निश्चेतक)
डॉ. परमार्थ जोशी (जनरल सर्जन)
डॉ. एम. एस. कौशिक (निश्चेतक)
डॉ. शिवम् पाठक (अस्थिरोग विशेषज्ञ)
डॉ. रोहित गोदिवाल (मनोरोग विशेषज्ञ)

अन्य टीमेंः-
मातलीरू डॉ आर.एस. बिष्ट, डॉ. रमेश कुंवर ( डिप्टी सीएमओ हरिद्वार), डॉ. अनमोल सिंह, डॉ. मनीष शर्मा
गंगोत्रीरू डॉ. दीपक रावत, डॉ. पीयूष राणा
गंगनानीरू डॉ. राहुल लाल, डॉ. विशाल सिंह
भटवाड़ीरू डॉ. वेदप्रकाश
चिन्यालीसौड़रू डॉ. विनोद कुकरेती

जिला चिकित्सालय उत्तरकाशीः-
डॉ. आलोक जैन (ईएनटी)
डॉ. के एस भंडारी (अस्थिरोग विशेषज्ञ)
डॉ. एच एस सलूजा (जनरल सर्जन)
डॉ. यशपाल तोमर (गायनेकोलॉजिस्ट)
डॉ. अरविंद राणा (अस्थिरोग विशेषज्ञ)
डॉ. अभिषेक नौटियाल (निश्चेतक)

आपदा प्रभावित क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को युद्धस्तर पर अभियान चलाकर करें बहालः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार देर रात्रि आपदा कंट्रोल रूम उत्तरकाशी पहुंचकर जनपद में चल रहे आपदा राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने आपदा कंट्रोल रूम से वीसी के माध्यम से मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च-स्तरीय बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने हर्षिल धराली में बादल फटने से आयी प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावित क्षेत्रों में चलाए जा रहे राहत अभियानों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राहत सामग्री और बचाव दल की प्रभावित क्षेत्रों में उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए। उन्होंने बादल फटने, भूस्खलन और भारी बारिश के कारण प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने और उनके लिए भोजन, पानी और चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्र में कनेक्टिविटी को सुचारू करने के लिए जल्द से जल्द विसेट और जेनसेट को धराली हर्षिल क्षेत्र पहुंचाने के निर्देश दिये।

बैठक में मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री को आपदा प्रबंधन की तैयारियों और अब तक किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, पुलिस, आईटीबीपी, पुलिस सहित सभी संबंधित एजेंसियों की टीमें प्रभावित क्षेत्र में तैनात हैं और लगातार राहत कार्यों में लगी हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ऐसी आपदा से निपटने के लिए एक मजबूत कार्ययोजना बनाने के लिए भी कहा, जिसमें पूर्वानुमान प्रणाली और संचार नेटवर्क को और बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग एक-दूसरे के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करें ताकि राहत कार्यों में किसी भी तरह की देरी न हो।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्र से हेलीकॉप्टर के माध्यम से मातली एवं देहरादून लाए जा रहे लोगों को उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

’मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय गृहमंत्री द्वारा लगातार आपदा की स्थिति की जानकारी ली जा रही है तथा आपदा की इस स्थिति से निपटने के लिए हर संभव सहायता दिए जाने का आश्वाशन दिया है।’

मुख्यमंत्री ने प्राथमिकता के आधार पर रोड कनेक्टीविटी को बहाल करने तथा धराली हर्षिल क्षेत्र में मूलभूत सुविधा विद्युत, जल, संचार सेवाओं की बहाली को लेकर संबंधित अधिकारियों को युद्धस्तर पर अभियान चलाकर जल्द से जल्द सुचारू करने के निर्देश दिए हैं।

मौसम की चुनौतियों के बावजूद सीएम धामी पहुंचे ग्राउंड जीरो पर, धराली आपदा प्रभावितों से की मुलाकात

मौसम की तमाम चुनौतियों तथा विषम परिस्थितियों की परवाह न करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज धराली में ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर, हर संभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए, राहत कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने मौके पर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे कर्मियों से भी भेंट की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत सामग्री समयबद्ध तरीके से प्रभावितों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों को गति देने के उद्देश्य से दो हेलीकॉप्टरों के माध्यम से आवश्यक खाद्य और राहत सामग्री धराली क्षेत्र में पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक राहत पहुंचाते हुए, सामान्य स्थिति बहाल करना है।

आपदा ग्रस्त धराली (उत्तरकाशी) में राहत एवं बचाव अभियान में केंद्र के साथ ही राज्य की एजेंसियां भी युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मौसम की चुनौतियों के बावजूद, आपदा ग्रस्त क्षेत्र का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की है। आज हेलीकॉप्टर की 07 सार्टी हुईं। सबसे पहली सार्टी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। घटना के बाद बुधवार को ग्राउंड जीरो पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ति थे। मुख्यमंत्री के ग्राउंड जीरो पर पहुंचते ही प्रभावितों का दर्द और आंसू छलक उठे। कई लोग मुख्यमंत्री से लिपटकर रोने लगे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे इस कठिन समय में उनके साथ खड़े हैं और राज्य सरकार के स्तर पर राहत व बचाव कार्यों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में पूरी राज्य सरकार धराली के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है। युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। सभी महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारियों को 24ग7 मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में शासन वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की जा रही है। हर एक व्यक्ति की जान कीमती है और इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आज प्रातः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत कर धराली क्षेत्र में हुई प्राकृतिक आपदा और इसके बाद चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य सरकार राहत और बचाव कार्यों में पूरी तत्परता के साथ जुटी हुई है। लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण कुछ क्षेत्रों में कठिनाइयां आ रही हैं, लेकिन सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं ताकि प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता मिल सके। प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

यूकाडा के हेलीकॉप्टर निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका, रेस्क्यू टीमें पहुंची धराली
देहरादून। इस पूरे रेस्क्यू अभियान में यूकाडा के हेलीकॉप्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मौसम की चुनौतियों के बीच बुधवार को यूकाडा के हेलीकॉप्टरों की कुल 07 सार्टी हुईं। इनमें से पहली सार्टी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। दूसरी सार्टी के जरिये जिलाधिकारी उत्तरकाशी तथा एसपी उत्तरकाशी घटनास्थल पर पहुंचे। वहीं अन्य सार्टी में जिला प्रशासन की टीम, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ के कुल 22 लोग ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। एनडीआरएफ के 28 जवान भी 02 सेटेलाइट फोन के साथ यूकाडा के हेलीकॉप्टरों के जरिये धराली पहुंच चुके हैं। वहीं यूकाडा के हेलीकॉप्टरों ने सेना के ले. कर्नल समेत 10 जवानों का धराली से रेस्क्यू किया है। सेना के 02 घायलों को हेलीकॉप्टर से हायर सेंटर भेजा गया है, दो अन्य को सड़क मार्ग से एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस से एम्स ऋषिकेश भेजा जा रहा है। शेष अन्य का उपचार मातली तथा जिला चिकित्सालय में किया जा रहा है। साथ ही 03 अन्य नागरिकों का रेस्क्यू किया गया। इन्हें उपचार के लिए जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में भर्ती कराया गया है।

मार्ग खोलने के लिए युद्धस्तर पर किए जा रहे प्रयास-सुधांशु
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र उत्तरकाशी से राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में उपस्थित शासन के वरिष्ठ अधिकारी गणों के साथ राहत और बचाव कार्यों को लेकर विस्तार से चर्चा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

प्रभारी मुख्य सचिव आरके सुधांशु ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को किए जा रहे रेस्क्यू अभियान के साथ ही मौके पर भेजे जा रहे मानव संसाधन तथा उपकरणों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मार्ग बंद होने के कारण बचाव दल अलग-अलग स्थानों पर फंसे हैं। मार्ग खोलने के लिए बीआरओ तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मौसम खराब होने की वजह से हवाई रेस्क्यू में बाधा उत्पन्न हो रही है, मौसम साफ होते ही हेली सेवाओं द्वारा बचाव दलों के साथ ही मलबा हटाने के लिए भारी मशीनरी को एयर ड्रॉप किया जाएगा। बुधवार शाम को भी आरके सुधांशु राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से रेस्क्यू अभियान की जानकारी ली। सचिव शैलेश बगौली राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में आज सुबह से ही उपस्थित हैं और राहत और बचाव कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष, राज्य सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन विभाग विनय कुमार रुहेला, सचिव शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, जीओसी उत्तराखण्ड सब एरिया मेजर जनरल एमपीएस गिल, एडीजी एपी अंशुमन, प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव नितेश कुमार झा, सचिव डॉ. आर राजेश कुमार, सचिव चंद्रेश यादव, सचिन कुर्वे, आईजी फायर मुख्तार मोहसिन, एसीईओ प्रशासन आनंद स्वरूप, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी आदि मौजूद थे।

02 लोगों के शव बरामद, 15 के लापता होने की सूचना
देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि धराली आपदा में लगभग 15 लोगों के लापता होने की सूचना प्राप्त हुई है। दो लोगों के शव बरामद हुए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशन में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। सड़कों को खोलने के लिए लगातार मौके पर टीमें कार्य कर रही हैं। खराब मौसम के कारण राहत और बचाव कार्य संचालित करने के साथ ही बचाव दलों तथा उपकरणों को आवश्यक स्थानों तक पहुंचाने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद धराली में वहां पर मौजूद बचाव दलों द्वारा राहत और बचाव कार्य मंगलवार को ही प्रारंभ कर दिए गए थे।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में बनी रेस्क्यू अभियान की रणनीति
देहरादून। प्रभारी मुख्य सचिव आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, जीओसी सब एरिया मेजर जनरल एमपीएस गिल, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के साथ ही विभिन्न विभागों के सचिव तथा वरिष्ठ अधिकारीगण प्रातः साढ़े आठ बजे राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों के संचालन को लेकर रणनीति बनाई। सड़कों को खोलने के लिए बीआरओ तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा करते हुए सभी विकल्पों पर विचार किया गया। खराब मौसम के बीच हेली सेवाओं का उपयोग किस प्रकार किया जाए, किन हेलीपैडो का उपयोग किया जाए, मार्ग बाधित होने के कारण उत्पन्न चुनौतियों के बीच उपकरणों को किस प्रकार ग्राउंड जीरो पर भेजा जाए, विभिन्न स्थानों पर फंसी रेस्क्यू टीमों को किस प्रकार आगे बढ़ाया जाए, इस पर मंथन किया गया। मौसम विभाग से आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति को लेकर भी जानकारी ली गई।

चिनूक पहुंचा जौलीग्रांट, बड़ी संख्या में हेलीकॉप्टर तैयार
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केंद्र सरकार के स्तर पर हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है। वे लगातार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रेस्क्यू अभियान की अपडेट ले रहे हैं। भारत सरकार द्वारा त्वरित गति से वायु सहायता उपलब्ध कराई गई है। 02 चिनूक हेलीकॉप्टर जौलीग्रांट पहुंच चुके हैं। इसमें एनडीआरएफ के 50 जवानों तथा उनके उपकरणों को ग्राउंड जीरो के लिए भेजे जाने की कार्यवाही की जा रही है। एक एमआई 17 खराब मौसम के कारण जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर लैंड नहीं कर पाया और उसे वापस सरसावा बेस लौटना पड़ा। मौसम साफ होते ही एमआई 17 के पुनः लैंडिंग के प्रयास किए जाएंगे। वहीं 115 स्पेशल फोर्सेज के साथ सेना के 05 एएन-32 हेलीकॉप्टर जौलीग्रांट पहुंच चुके हैं।

युद्धस्तर पर कार्य कर रहे राहत और बचाव दल
देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राहत और बचाव दल युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान में डटे हैं। मार्ग बंद होने के कारण विभिन्न बचाव दल विभिन्न स्थानों में फंसे हैं। बंद सड़कों को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। मार्ग खुलते ही सभी दल ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान प्रारंभ करेंगे। भटवाड़ी में बंद सड़क को खोलने की कार्यवाही गतिमान है। हर्षिल तथा पापड़गाड़ में मार्ग बंद है। उत्तरकाशी तक सड़क खोल दी गई है। गंगनानी तथा लिंचा ब्रिज क्षतिग्रस्त हुए हैं। बैली ब्रिज बनाकर यहां यातायात सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मानव संसाधनों का विवरण निम्नानुसार है
वर्तमान में राजपुताना रायफल्स के 150 जवान तथा घातक बटालियन के 12 जवान ग्राउंड जीरो में मौजूद हैं तथा राहत व बचाव कार्य कर रहे हैं।
आईटीबीपी के 100 कार्मिक जिनमें अधिकारी, डाक्टर व जवान शामिल हैं, मौके पर राहत और बचाव कार्यों को संचालित कर रहे हैं।
एसडीआरएफ के 06 जवान भी मंगलवार से ही धराली में ग्राउंड जीरो पर मौजूद हैं और उनके द्वारा राहत और बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।
सेना के 40 जवान नेलांग से पैदल रवाना की गई है। वहीं 50 जवानों की मेडिकल टीम टेकला तक पहुंच गई है।
आईटीबीपी के 130 अतिरिक्त जवान घटनास्थल के लिए रवाना किए गए हैं।
एसडीआरएफ के 10 जवान सेटेलाइट फोन के साथ भटवाड़ी पहुंच गए हैं। 07 जवान लाटा पहुंच गए हैं। 07 जवान सेटेलाइट फोन के साथ गंगोत्री में मौजूद हैं। उजैली में ढालवाला तथा बटालियन से 20 जवानों को भेजा गया है। 08 जवानों को सहस्त्रधारा हेलीपैड में रिजर्व में रखा गया है। डॉक स्क्वायड की 06 टीमें उजैली पहुंच चुकी हैं।

एनडीआरएफ के 79 जवान पापड़गाड़ में फंसे हैं, हालांकि 15 को यहां से आगे भेजने में सफलता मिली है। 07 जवान गौचर से उत्तरकाशी रवाना किए गए हैं। 50 तथा 24 सदस्यीय 02 टीमें जौलीग्रांट एयरपोर्ट में स्टैंडबाई में हैं। 15 जवानों को सहस्त्रधारा हेलीपैड में स्टैंडबाई में रखा गया है।

फायर सर्विस यूनिट गंगोत्री के 04 जवान घटनास्थल पर मौजूद हैं। उत्तरकाशी फायर स्टेशन में अन्य जनपदों से भेजी गई 03 टीमों को एलर्ट मोड पर रखा गया है। एफएसएसओ उत्तरकाशी मार्ग बंद होने के कारण रास्ते में फंसे हैं।

जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी से एक मेडिकल टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो गई है। दून मेडिकल कॉलेज से 11 विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम, स्वास्थ्य विभाग के 05 विशेषज्ञों की टीम भी रवाना कर दी गई है। 10 डॉक्टरों की टीम को पोस्टमार्टम के लिए स्टैंडबाई में रखा गया है। मनोचिकित्सकों की टीम भी बनाई गई है, जिसे घटनास्थल के लिए रवाना किया जा रहा है। 25 एम्बुलेंस तैयार हैं। 10 को स्टैंडबाई में रखा गया है। सीएचसी भटवाडी, चिन्यालीसौंड़, जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी, जिला चिकित्सालय देहरादून, दून मेडिकल कॉलेज तथा एम्स ऋषिकेश में 65 आईसीयू बैड तथा 270 जनरल बैड आरक्षित किए गए हैं।

शाम को करीब पांच बजे चार सदस्यीय एक मेडिकल टीम हर्षिल पहुंच गई है, जिसमें सर्जन, गायनेकोलॉजिस्ट, एनेस्थेटिस्ट व एक सीनियर डाक्टर हैं, जो स्थानीय निवासी हैं।

धराली आपदा में राहत कार्यों के लिये वायुसेना के चिनूक व एमआई-17 हेलीकॉप्टर पूरी तरह से तैयार

उत्तरकाशी जनपद के धराली क्षेत्र में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी स्थित आपदा नियंत्रण कक्ष से राहत एवं बचाव कार्यों की गहन समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों एवं सेना के प्रतिनिधियों से स्थिति की वस्तुनिष्ठ जानकारी प्राप्त की और उन्हें राहत कार्यों को तीव्र गति से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि क्षेत्र में रेस्क्यू एवं मेडिकल कैंप्स की स्थापना कर दी गई है तथा प्रभावितों के लिए भोजन एवं आवश्यक सामग्री की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर प्रारम्भ कर दिए गए हैं। भारतीय वायुसेना के चिनूक व एमआई-17 हेलीकॉप्टर पूरी तरह से तैयार स्थिति में हैं, ताकि आवश्यकतानुसार शीघ्रतम कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

प्रदेश सरकार राहत कार्यों को प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक प्रभावित नागरिक तक सहायता पहुँचाने हेतु कटिबद्ध है।

सीएम ने किया दौरा किया निरस्त, राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए

अपने आंध्र प्रदेश दौरे को बीच में ही तत्काल निरस्त करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार शाम को सीधे देहरादून आईटी पार्क स्थित आपदा परिचालन केंद्र पहुंच कर उत्तरकाशी जनपद के हर्षिल क्षेत्र के धराली गांव में बादल फटने की घटना से से प्रभावित क्षेत्र में चल रहे हैं रेस्क्यू ऑपरेशन का अपडेट लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए एक-एक व्यक्ति की जान अमूल्य है।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी सहित सम्बंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जिला प्रशासन एवं अन्य संबंधित टीमों को प्रभावी समन्वय के साथ राहत कार्यों को तत्परता संपादित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने संबंधित सभी वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया तथा स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षा विभाग तथा जिलाधिकारी को प्रभावित क्षेत्र में आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी शैक्षणिक तथा अन्य संस्थान बंद करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों से संपर्क बनाए रखने के लिए जल्द से जल्द नेटवर्क व्यवस्था को बहाल करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने धराली एवं हर्षिल क्षेत्र में आपदा प्रभावितों तत्काल रेस्क्यू के बाद होटल, होमस्टे आदि में रहने, खाने तथा दवाइयां की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से हर्षिल क्षेत्र में बन रही झील को जल्द से जल्द खुलवाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रभावितों को एयरलिफ्ट करवाने तथा तत्काल भोजन, दवाइयां तथा कपड़े आदि भेजने के लिए वायु सेना के डप् 17 का सहयोग लेने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जो लोग बेघर हो गए हैं उनके रहने के लिए अच्छी वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। यदि होटल आदि अधिग्रहित करना पड़े तो उसको तुरंत कर लिया जाए। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आपदा से प्रभावित लोगों को किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े इसका विशेष ध्यान रखा जाए। तत्काल आसपास के क्षेत्र में स्थित होटल तथा स्कूलों में राहत शिविरों की व्यवस्था की जाए। लोगों के लिए खाने-पीने की समुचित व्यवस्था की जाए। बिस्तर कंबल तथा कपड़ों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। खाने के पैकेट एयर ड्रॉप किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी ने अपना परिवार खोया है तो सरकार उसके साथ खड़ी है। सरकार ऐसे सभी लोगों की संरक्षक है और उनके जीवन यापन का पूरा जिम्मा सरकार का है। मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी में जिलाधिकारी के रूप में सेवा दे चुके अपर सचिव डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट, अभिषेक रोहिल्ला तथा गौरव कुमार को नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपर सचिव विनीत कुमार को नोडल अधिकारी की तत्काल तैनाती करते हुए जो उत्तरकाशी में ही रह कर कैंप करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे शासन स्तर से धराली आपदा हेतु नोडल अधिकारी नामित करने की निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने यूपीसीएल के एमडी से बात कर मंगलवार रात को ही बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए हैं।

एसडीआरएफ आइटीबीपी तथा अन्य राहत एजेंसियों ने मिलकर लगभग 130 से अधिक लोगों का रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। उन्होंने संचार व्यवस्था को भी मंगलवार रात्रि ही बहाल करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि पीडब्ल्यूडी/जल संस्थान/ऊर्जा आदि विभाग के अधिकारी वहीं डटे रहें। डॉक्टर्स और दवाई की व्यवस्था की जाए। पोस्टमार्टम आदि की व्यवस्था वहीं मौके पर की जाए। मुख्यमंत्री ने मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू करने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि बुधवार सुबह ही विभिन्न विभागों के सचिवों की टीम भी धराली हर्षिल के लिए रवाना हो जाएगी।

नेताला में अवरुद्ध मार्ग को रात्रि करीब आठ बजे खोल लिया गया है। मार्ग खुलते ही यहां फंसे जिलाधिकारी उत्तरकाशी और एसपी के साथ ही अन्य राहत और बचाव दल मौके के लिए रवाना हो गए हैं। खाद्य विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग की एक टीम बनाकर भी घटनास्थल के लिए रवाना की जा रही है।

बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, डी जीपी दीपम सेठ, सचिव शैलेश बगौली, पंकज पांडे, कमिश्नर गढ़वाल विनय शंकर पांडे, सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

उत्तरकाशी धराली आपदाः विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम रवाना, अस्पतालों में बेड आरक्षित, चिकित्सकीय अवकाश पर रोक

उत्तरकाशी जनपद के धराली गांव में सोमवार को बादल फटने से उत्पन्न भीषण आपदा के बाद राज्य सरकार पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित चिकित्सकीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री स्वयं राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं, ताकि समय पर पीड़ितों तक सहायता पहुंच सके।

विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम रवाना
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने आपदा की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम तत्काल धराली क्षेत्र के लिए रवाना करने के निर्देश दिए हैं। इस टीम में सर्जन, निश्चेतक, फिजीशियन और आर्थाेपेडिक सर्जन शामिल हैं। टीम का संचालन गढ़वाल मंडल के निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को सौंपा गया है, जिन्हें इस आपदा में नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

अस्पतालों में बेड आरक्षित, चिकित्सकीय अवकाश पर रोक
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने आपदा प्रबंधन के तहत राज्य के सभी प्रमुख चिकित्सालयों को निर्देश दिए गए हैं कि गंभीर रूप से घायल मरीजों के इलाज के लिए बेड आरक्षित रखें। साथ ही, सभी चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है, जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती। यह सुनिश्चित किया गया है कि अस्पतालों में दवाओं, सर्जिकल सामग्री और चिकित्सा उपकरणों की कोई कमी न रहे।

108 एंबुलेंस सेवा हाई अलर्ट पर
धराली और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में 108 एंबुलेंस सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इन सेवाओं के माध्यम से घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार देना, उन्हें निकटतम अस्पतालों तक पहुंचाना और संवेदी वर्गों की प्राथमिक चिकित्सा सुनिश्चित करना प्रमुख उद्देश्य है। आसपास के जनपदों से भी एंबुलेंस सेवाओं का समन्वय कर आपदा क्षेत्र में भेजा गया है।

जिला स्तरीय आपात नियंत्रण कक्ष स्थापित
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि उत्तरकाशी जिले में 24Û7 सक्रिय एक आपात नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। यह नियंत्रण कक्ष राहत और चिकित्सा कार्यों की निरंतर निगरानी करेगा और आवश्यक समन्वय स्थापित करेगा, ताकि किसी भी प्रकार की बाधा को तत्काल दूर किया जा सके।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि यह एक अत्यंत संवेदनशील और मानवीय आपदा है, जिसमें हर अधिकारी और कर्मचारी से संवेदनशीलता और तत्परता अपेक्षित है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

धराली गांव में बादल फटा, जन धन के नुकसान की सूचना पर सीएम पीएम और गृहमंत्री ने जताया दुख

उत्तरकाशी जनपद के हर्षिल क्षेत्र के धराली गांव में बादल फटने की घटना से हुए जन-धन के नुकसान की सूचना पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुःख व्यक्त करते हुए प्रभावितों के प्रति संवेदना प्रकट की है। इस दौरान प्रधानमंत्री व गृह मंत्री ने सीएम से फोन पर घटना की संपूर्ण जानकारी हासिल की। उन्होनंे स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ एवं अन्य राहत एजेंसियों को तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपना दौरा स्थगित कर तत्काल देहरादून के लिए रवाना हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन एवं अन्य संबंधित टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। मुख्यमंत्री, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं तथा स्थिति की नियमित जानकारी ले रहे हैं ।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करते हुए प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार को हर संभव केंद्रीय सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित नागरिकों को शीघ्र राहत पहुँचाना सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

हवाई सर्वेक्षण से सीएम ने जानी उत्तकाशी में अतिवृष्टि से नुकसान की स्थिति

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज उत्तरकाशी जनपद के अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर आपदा की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का आकलन करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की पुनः समीक्षा किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में प्रत्येक प्रभावित नागरिक के साथ मजबूती से खड़ी है। राहत कार्यों में तेजी और प्रभावशीलता लाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि जरूरतमंदों को समय पर सहायता मिल सके।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट भी उपस्थित रहे।

निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव की जारी की अधिसूचना

राज्य निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड में पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। इस बार हरिद्वार जनपद को छोड़कर प्रदेश के अन्य 12 जनपदों में पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। आयोग ने पूरी चुनावी प्रक्रिया की रूपरेखा तय कर दी है।

चुनाव की शुरुआत नामांकन प्रक्रिया से होगी, जो 25 जून से 28 जून तक चलेगी। नामांकन पत्र प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक दाखिल किए जा सकेंगे। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच 29 जून से 1 जुलाई तक की जाएगी, जबकि नाम वापसी की अंतिम तिथि 2 जुलाई निर्धारित की गई है।

निर्वाचन दो चरणों में संपन्न होगा। पहले चरण के लिए चुनाव चिन्ह 3 जुलाई को वितरित किए जाएंगे और मतदान 10 जुलाई को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। वहीं, दूसरे चरण में चिन्हों का वितरण 8 जुलाई को होगा और मतदान 15 जुलाई को कराया जाएगा।

चुनाव परिणामों की मतगणना 19 जुलाई को की जाएगी। जिलों में संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी स्थानीय स्तर पर विस्तृत सूचना जारी करेंगे।