रुद्रप्रयाग को करोड़ों रुपये की योजनाओं की सौगात

मौसम खराब होने के चलते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अगस्त्यमुनि रुद्रप्रयाग में आयोजित रक्षाबंधन एवं जनमिलन कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्मय से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी बहनों को रक्षा बन्धन की शुभकामनायें दी तथा शीघ्र रुद्रप्रयाग पहुंचने का वादा कार्यक्रम में शामिल मातृशक्ति से किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद को आठ घोषणाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने अगस्त्यमुनि नगर पंचायत को नगर पालिका बनाने, जनपद में तकनीकि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भणज में आईटीआई खोलने, तुंगनाथ महोत्सव मक्कू को जिला स्तरीय मेला घोषित किये जाने, मयाली बसुकेदार गुप्तकाशी मोटर मार्ग का चौड़ीकरण-हॉटमिक्स किये जाने, गुप्तकाशी पीएचसी को उच्चीकृत कर सीएचसी बनाये जाने, महर्षि अगस्त्यमुनि मंदिर का सौंदर्यीकरण किये जाने, यात्रा मार्ग पर घोड़े एवं खच्चरों की अचानक मृत्यु होने पर दाह किए जाने एवं दफनाने की व्यवस्था बनाये जाने के साथ ही विजयनगर- पठालीधार मार्ग के हिस्से का पुननिर्माण किये जान हेतु 5 करोड़ की स्वीकृति प्रदान किये जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। विभिन्न जनकल्याणकारी एवं महिला सशक्तिकरण आधारित योजनाओं से हमारा प्रयास महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। आज हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो रही है। स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाएं, स्वयं को, परिवार एवं राज्य को आत्मनिर्भर बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। राज्य सरकार ने महिलाओं को सरकारी नौकरी में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड के प्रत्येक जनपद में मातृशक्ति सबसे आगे हैं। स्वयं सहायता समूह के उत्पाद, मल्टीनेशनल कंपनी के उत्पादों को भी पीछे छोड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के अंतर्गत महिलाओं के द्वारा निर्मित उत्पादों को बेचने के लिए उचित बाजार उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में ’हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड’ का शुभारंभ किया गया है। इस ब्रांड के उत्पादों की तेजी से मांग हो रही है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु लखपति दीदी योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ धाम में दूसरी चरण की यात्रा को लेकर पूरी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की जा रही है। यात्रा को और सुगम एवं सुव्यस्थित बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। केदारघाटी आपदा के बाद फिर से पुराने स्वरूप में आये और केदारनाथ की यात्रा फिर से अच्छी तरह से संचालित हो तथा इसमें कोई व्यवधान न हो इसके लिये प्रभावी प्रयास किये जा रहे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह से कपाट बन्द होने तक चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाईन की व्यवस्था पूर्व की भांति चलती रहेगी एवं जो तीर्थ यात्री उत्तराखण्ड में चारों धामों के दर्शन के लिए ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन नहीं करा पायेंगे, उन्हें मौके पर ही रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था उपलब्ध करायी जायेगी। इसमें किसी भी प्रकार की संख्या की बाध्यता नहीं रहेगी। इसके लिए ऑफलाईन स्पॉट रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की जायेगी। यह व्यवस्था हरिद्वार, ऋषिकेश एवं इसके अतिरिक्त गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ एवं बदरीनाथ के मुख्य पड़ावों पर भी की जायेगी। चारधाम यात्रा के दौरान बैरिकेडिंग एवं चौकिंग की व्यवस्था की समीक्षा कर उसे न्यूनतम किया जायेगा। इस वर्ष की यात्रा पूर्ण होते ही अगले वर्ष की यात्रा के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी। जल्द यात्रा प्राधिकरण के माध्यम से यात्रा संचालन के प्रयास किये जायेंगे, इसके लिए तेजी से कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ या किसी दूसरे धाम के नाम पर कहीं भी देश में दूसरा मंदिर नहीं बनेगा। कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर यह निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारखण्ड के सभी मंदिरों का विकास किया जा रहा है। पर्यटन को बढावा देने के लिये 05 करोड तक की पर्यटन विकास से संबंधित योजनाओं पर 1.50 करोड की सब्सिडी दिये जाने का निर्णय भी राज्य मंत्रिमण्डल द्वारा लिया गया है इससे पर्वतीय क्षेत्रों में होटल, होमस्टे सहित अन्य पर्यटन योजनाओं के विकास में मदद मिलेगी तथा युवाओं के लिये स्वरोजगार के अवसर बढेंगे।
मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में अगस्त्यमुनि एवं रिजेंटा रिसोर्ट ऊखीमठ में मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव में मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी ने रक्षाबंधन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीण महिलाओं ने विधायक के हाथों में रक्षा सूत्र बांधकर मुख्यमंत्री को राखिया प्रेषित की।
विधायक भरत सिंह चौधरी ने भी उपस्थित सभी महिलाओं को रक्षाबंधन पर्व की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के मुख्यमंत्री जी को कार्यक्रम में प्रतिभाग करना था, लेकिन पल- पल बदल रहे खराब मौसम के कारण उनका पहुंचना संभव नहीं हो पाया। उन्होंने सभी महिलाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि सभी बहनों की राखियाँ मुख्यमंत्री जी तक सुरक्षित पहुंचा दी जाएंगी। इस अवसर पर उन्होंने केदारनाथ की दिवंगत विधायक शैला रानी रावत के निधन को अपूरणीय क्षति बताया। साथ ही कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं केदारनाथ क्षेत्र के विकास को लेकर संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में प्रदेश के मुख्यमंत्री केदारनाथ क्षेत्र में आकर स्थानीय महिलाओं एवं ग्रामीणों से रूबरू होंगे।
इस अवसर पर दायित्वधारी चंडी प्रसाद भट्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमंत तिवाड़ी, भाजपा प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, जिलाध्यक्ष महावीर सिंह पंवार, जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह, महिला मोर्चा अध्यक्ष आशा नौटियाल ने भी महिलाओं को रक्षा बंधन की शुभकामनाएं दी एवं सरकार द्वारा महिलाओं के हित चलाई जा रही योजनाओं तथा सरकार की उपलब्धियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, एसएसपी लोकेंद्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती सहित बडी संख्या में महिलायें एवं क्षेत्रीय जनता उपस्थित थी।

आपदा प्रभावित क्षेत्रों से रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारघाटी में बुधवार रात्रि को हुई अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग को निर्देश दिये कि क्षतिग्रस्त सड़कों और पैदल मार्गों के सुधारीकरण का कार्य तेजी से किया जाय। संवेदनशील स्थानों से लोगों को जल्द सुरक्षित स्थानों पर लाया जाए।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पूछी। उन्होंने जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग को यात्रा मार्ग में फंसे श्रद्धालुओं को यथाशीघ्र सुरक्षित स्थानों में लाये जाने के साथ ही भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये। प्रभावित क्षेत्र में अतिवृष्टि से हुए नुकसान का पूरा आंकलन करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को अनुमन्य सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए। आपदा प्रभावित क्षेत्र में जन जीवन सामान्य बनाने के लिए सड़क कनेक्टिविटी, विद्युत और पेयजल की आपूर्ति सुचारू करने के निर्देश दिये हैं।
जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग डॉ. सौरभ गहरवार ने जानकारी दी कि केदारनाथ यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं के फंसे होने की सूचना मिलते ही उन्हें सुरक्षित स्थानों पर लाया जा रहा है, साथ ही उनके लिए भोजन और चिकित्सा सुविधा की व्यवस्थाएं की गई है। आज दोपहर एक बजे तक लगभग 300 यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर लाया गया है। उन्होंने कहा कि भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों से लोगों को सुरक्षित स्थानों में ले जाया जा रहा है। अतिवृष्टि से बहे पुल व क्षतिग्रस्त मार्गों को बनाने की कार्यवाही भी गतिमान है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, अध्यक्ष जिला पंचायत अमरदेई शाह, विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी, पुलिस अधीक्षक विशाखा अशोक, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम पहुंचे टिहरी, प्रभावितों से मिले, प्रशासन को हर संभव मदद करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जनपद टिहरी के आपदाग्रस्त क्षेत्र जखन्याली का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्र में मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उनका ढ़ाढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति एवं और शोकाकुल परिवार को धैर्य प्रदान करने की कामना की। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में शासन-प्रशासन प्रभावितों के साथ खड़ा है। सरकार द्वारा प्रभावितों को हर संभव सहायता दी जायेगी। उन्होंने कहा कि सभी लोग इस समय एक दूसरे का सहयोगी बनकर कार्य करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में आपदा से जनहानि, पशु हानि एवं अन्य परिसंपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा है। आपदा के समय लोगों की सुरक्षा राज्य सरकार पहली प्राथमिकता है। उन्होंने जिलाधिकारी टिहरी को आपदा प्रभावितों को तत्काल राहत पहुंचाने तथा राहत कैंपों में सभी आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिये हैं। आपदा क्षति का आंकलन कर तत्काल सुरक्षात्मक कार्य करने के भी निर्देश दिये हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्र में जन जीवन सामान्य बनाने के लिए सड़क कनेक्टिविटी, विद्युत और पेयजल की आपूर्ति सुचारू करने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी टिहरी मयूर दीक्षित ने जानकारी दी कि कल देर रात्रि जनपद टिहरी के घनसाली ब्लॉक के जखन्याली के पास बादल फटने से होटल बहने की सूचना प्राप्त हुई। घटना की सूचना प्राप्त होते ही राजस्व टीम, पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य, सड़क, विद्युत आदि विभागों की टीम जेसीबी, एंबुलेंस सहित मौके के लिए रवाना हुए। विद्युत विभाग द्वारा तत्काल शट डाउन किया गया। खोज बचाव एवं राहत टीम ने खोज बचाव शुरू किया। इस घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की मृत्यु हुई है। दो लोगों के शव रात्रि में बरामद कर लिये गये थे। एक घायल व्यक्ति ने अस्पताल ले जाने के दौरान दम तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आई आपदा में मुयालगांव में घनसाली -चिरबिटिया मोटरमार्ग को जोड़ने वाली पुलिया बहने, एक घोड़ा बहने की घटना एवं अन्य परिसंपत्तियों को काफी नुकसान हुआ है।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह, विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय,एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी मौजूद रहे।

टिहरी आपदा को लेकर मुख्यमंत्री ने दिये आपदा पीड़ितों को हर समय सहायता के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय ने सोमवार को आपदाग्रस्त तिनगढ गॉव एवं बूढाकेदार क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होने अस्थाई राहत शिविर राजकीय इण्टर कॉलेज विनक खाल में आपदा प्रभावितों और अधिकारियों के साथ बैठक कर ग्रामीणों की समस्यायें सुनी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आपदा पीडितों के प्रति संवेदनशील है तथा निरन्तर राहत कार्यों की जानकारी ले रहे है। आपदा प्रभावितों को हर संभव मदद के निर्देश मुख्यमंत्री जी ने दिए है आपदा पीडितों की मदद में पैसों की कमी आड़े न आने दी जाए इसके भी सख्त निर्देश मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये है।

आयुक्त गढवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर बूढ़ाकेदार में बालगंगा एवं धर्म गंगा के किनारे क्षतिग्रस्त हुई सड़क सुरक्षा के प्रारम्भिक कार्यों के लिए 08 करोड़ की स्वीकृति भी प्रदान की गई है। अधीक्षण अभियंता सिंचाई को कल तक इस्टीमेट जिलाधिकारी टिहरी को उपलब्ध कराने तथा टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी उन्होने दिए।

आयुक्त गढवाल ने अस्थाई राहत शिविर में व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए शिविर में पॉवर बैकअप की व्यवस्था करने, टीवी की व्यवस्था, बच्चों की पढ़ाई, आजीविका आदि को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। कहा कि आपदा प्रभावितों को कोई दिक्कत न हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने जिलाधिकारी टिहरी को आपदा पीडित के आवास की वैकल्पिक व्यवस्था करने, 5 स्थानों पर जगह चिन्हित कर पशुओं हेतु शेल्टर बनाने, क्षमतानुसार पशुओं को शिफ्ट करने तथा पशुओं हेतु चारा पानी की उचित व्यवस्था करने तथा तिनगढ़ गांव को प्राथमिकता पर पुनर्वास/विस्थापन की कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि तिनगढ़ गांव के पुनर्वास/विस्थापन के लिए भूगर्भीय सर्वे कर लिया गया है तथा सैद्धान्तिक स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने जिलाधिकारी को तिनगढ़ गांव पुनर्वास के लिए ग्रामीणों और अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर भूमि चिन्हीकरण हेतु निरीक्षण करवाने के निर्देश दिए। जमीन उपलब्धता के अनुसार लोगों का पुनर्वास करने को कहा। तोली गांव के पुनर्वास के लिये सर्वे रिपोर्ट के आधार पर द्वितीय चरण में कार्यवाही की जायेगी।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद में आपदा से हुई क्षति एवं राहत कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम कोट के 28 परिवारों के विस्थापन की कार्यवाही गतिमान है तथा उन्हे आज प्रथम किश्त जारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि आपदाग्रस्त क्षेत्र के समस्त गांवों का जूलॉजिकल सर्वे कर कराया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, ब्लॉक प्रमुख भिलंगना वासुमति घणाता, एडीएम के.के. मिश्रा, अधीक्षण अभियंता सिंचाई आर.के. गुप्ता, सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

बालगंगा और बूढ़ाकेदार में भारी बारिश और भूस्खलन को लेकर सीएम ने ली जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भिलंगना विकासखंड के बालगंगा एवं बूढ़ाकेदार क्षेत्र में हुई भारी बारिश और भूस्खलन को लेकर लगातार विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह एवं जिला अधिकारी टिहरी गढ़वाल मयूर दीक्षित से राहत एवं बचाव कार्यों के बारे में लगातार जानकारी ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को तिनगढ़ गांव के अलावा आपदा प्रभावित क्षेत्र के अन्य संवेदनशील गाँवों को तत्काल चिन्हित कर प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए। इसके साथ स्थानीय निवासियों के मवेशियों एवं अन्य पालतू पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर रखे जाने की व्यवस्था करने तथा राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी तरीके से चलाए जाने के निर्देश दिए है।

जिलाधिकारी ने बताया कि बालगंगा क्षेत्र तोली गांव में 02 जनहानि हुई, मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख के राहत राशि के चेक तथा आवास क्षति का 01 लाख 35 हजार रुपए का चेक कल ही तत्काल उपलब्ध कराए गए। 2 पशु हानि होने पर संबंधित पशुपालकों को 57 हजार 500 रुपए की मुआवजा राहत राशि के चेक वितरित किए गए।

जिलाधिकारी ने बताया कि तिनगढ गांव को कल ही खाली कराकर प्रभावित परिवारों को अस्थाई राहत शिविर रा.ई.का. बिनकखाल में शिफ्ट किया गया। शिविर में प्रभावितों हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

आपदाग्रस्त ग्राम तोली, जखाणा, कोट, विशन, थाती बूढाकेदार, पिंसवाड़ उरणी, अगुण्डा, कोटी आदि ग्रामों में सार्वजनिक रास्ते, कृषि भूमि, सड़क, पेयजल लाईन, विद्युत आदि परिसम्पत्तियों के क्षति आंकलन/सर्वे कार्य हेतु कृषि, पशुपालन, स्वास्थ्य, राजस्व, उद्यान, समाज कल्याण, सहकारिता विभाग के अधिकारियों की टीमें गठित की गई हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि 27 जुलाई को अतिवृष्टि/बादल फटने से पिन्सवाड़ में तोली, कोटी, जखाणा, पिन्सवाड़, अगुण्डा में ट्रांसफार्मर व विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने से विद्युत आपूर्ति बाधित है, जिसकी सुचारीकरण की कार्यवाही की जा रही है।

घनसाली के अंतर्गत ग्राम थाती बुढाकेदार, झाला पेयजल योजना, कोट विशन पेयजल योजना, विशन विद्यालय पेयजल, सेन्दुल सिन्सरगाड पेयजल योजना, चमियाला पदोका पेयजल योजना, पिन्सवाड पेयजल योजना, कोट बुढाकेदार पेयजल योजना, अगुण्डा पेयजल, खवाड़ा पेयजल, डालगांव पेयजल, कुण्डयाली पेयजल, कुण्डयाली-सौला पेयजल, गेवाली पेयजल, तोली पेयजल लाईन क्षतिग्रस्त होने से बाधित है. जिसकी सुचारीकरण की कार्यवाही की जा रही है। इसके साथ ही ग्राम तोली के अन्तर्गत ग्राम पंचायत की 01 पेयजल योजना तथा ग्राम जखाणा की 01 पेयजल योजना क्षतिग्रस्त है।

विकासखण्ड भिलंगना में स्योरा तोक तोली, चौरी तोक, सेरा से खंजर, दुगई तोक, घटतोक विशन, फकोरा, केमरियासौड, कोठियाडा, कोठियाडा कीडर, चमियाला, अन्द्रिया मण्टगांव, सिरस, जखाली पिलखी, बौर, सिलासेरा में नहर क्षतिग्रस्त हुई है।

दैवीय आपदा से न्याय पंचायत थाती बुढाकेदार के ग्राम भिगुन में लगभग 0.15 है। तिनगढ़ लगभग 0.20 है. तथा तोली लगभग 0.25 है. कृषि क्षति हुई है।

मुख्यमंत्री ने बड़कोट क्षेत्र की पेयजल समस्या के समाधान का दिया आश्वासन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में सायं बड़कोट क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने विधायक दुर्गेश्वर लाल के नेतृत्व में भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने बड़कोट पेयजल पंपिंग योजना से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि बड़कोट पेयजल पंपिंग योजना की समस्या का शीघ्र समाधान किया जाएगा। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल की मांग पर पंपिंग पेयजल योजना के निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन भी दिया।

इस अवसर पर प्रतिनिधियों ने एक ज्ञापन भी मुख्यमंत्री को सौंपा। मुख्यमंत्री ने ज्ञापन में वर्णित समस्याओं के समाधान पर त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्प है और इस दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं।

इस अवसर पर ज़िलाध्यक्ष बीजेपी सतेंद्र राणा, पूर्व विधायक केदार सिंह रावत, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, पूर्व ज़िलाध्यक्ष जयवीर सिंह जयारा, प्रदेश मंत्री ओबीसी मोर्चा चण्डी प्रसाद बेलवाल, मण्डल अध्यक्ष जयप्रकाश रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मण्डल मुख्यालय पौड़ी में मुख्यमंत्री ने की विकास कार्यों की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़वाल मण्डल मुख्यालय पौडी में विकास कार्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 133 करोड़ की 158 योजनाओं का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया, जिसमें 80 करोड़ की 137 योजनाओं का लोकार्पण तथा 53 करोड़ की 21 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि योजनाओं का क्रियान्वयन नो पेंडेंसी के सिद्धांत के आधार पर किया जाए। उन्होंने पौड़ी के पुराने वैभव को बनाए रखने के लिए सभी विभागों से कार्य योजना तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पौड़ी में प्रतियोगी परीक्षाओं और सेना में जाने की तैयारी करने वाले युवओं के लिए हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जनहित से जुड़े कार्य मात्र औपचारिक ना हो बल्कि उसका ठोस आउटकम भी निकले। मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी भवनों की छत पर सोलर पैनल और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने के भी निर्देश दिये।
इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने विकासखंड कार्यालय पौड़ी के समीप 21 लाख की सहायता से बने पहाड़ी अंजीर (बेड़ू) प्रसंकरण इकाई का लोकार्पण किया। जिसका संचालन उमंग स्वायत्त सहकारिता पौड़ी द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने इकाई में बेड़ू से बनाये जा रहे उत्पादों का जायजा लिया तथा इस तरह के अनूठे प्रयास की सराहना की।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, विधायक राजकुमार पोरी, महंत दिलीप रावत, रेनू बिष्ट, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, आईजी करन सिंह नगन्याल, जिलाधिकारी पौड़ी आशीष चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम का आभार जता महासू मंदिर हनोल के स्थानीयों ने जताई खुशी

महासू मंदिर, हनोल के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान को मंजूरी प्रदान करने पर जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर के विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कैम्प कार्यालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर उनका आभार प्रकट किया। उन्होंने महासू मंदिर की प्रतिकृति मुख्यमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट करने पर भी प्रसन्नता व्यक्त की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि महासू मंदिर, हनोल का सुनियोजित विकास कर इस क्षेत्र को बड़े धार्मिक केंद्र के रूप में स्थापित किया जाए एवं स्थानीय युवाओं के लिए आर्थिकी के नए अवसर सृजित किए जाएं। मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करने वालों में कमलेश भट्ट, नंदलाल भारती, भारत भूषण, जगमोहन जोशी, जयपाल बिष्ट, निकिता तोमर, प्रीतम चौहान आदि शामिल रहे।

डोभाल चौक हत्याकांड पर मुख्यमंत्री की दो टूक, बदमाश छोटा हो या बड़ा, कानून से बचेगा नहीं

राजधानी के डोभाल चौक में प्रॉपर्टी कारोबारी की हत्याकांड पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो टूक कहा कि बदमाश छोटा हो या बड़ा, किसी को देवभूमि का माहौल खराब करने की छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। ऐसे में बदमाशों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के पहले ही निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा बदमाशों की अवैध प्रॉपर्टी, कारोबार पर रिपोर्ट मांगी गई है।
रायपुर क्षेत्र के डोभाल चौक के पास रविवार को प्रॉपर्टी डीलर रवि बडोला की बदमाशों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। जबकि रवि के दो साथियों को घायल किया था। घटना संज्ञान में आते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डीजीपी की मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलिस ने 24 घण्टे के भीतर मुख्य बदमाश को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है। जबकि वारदात में कुल 5 बदमाशों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि में बदमाशों के लिए कोई जगह नहीं है। पुलिस को मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ बदमाशों की अवैध प्रॉपर्टी, कारोबार और बदमाशों से तालुकात रखने वालों की जांच की जा रही है। नगर निगम, एमडीडीए से प्रॉपर्टी की रिपोर्ट मांगी गई है। कानून अपना काम कर रहा है। सरकार पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए साथ खड़ी है। इसके अलावा घायलों को उचित इलाज दिया जाएगा। मुख्यमंत्री धामी ने बदमाश प्रवृत्ति रखने वालों को स्पष्ट चेतावनी दी कि वह देवभूमि छोड़ दें, अन्यथा सरकार को कड़ी कार्रवाई को बाध्य होना पड़ेगा।

रेल परियोजना कपंनी के अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की सुरंग में चट्टान गिरने से एक श्रमिक की मौत हो गई। इस मामले में स्वजन ने काम कर रही कंपनी पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। जिस पर पुलिस ने निर्माण कंपनी के सात अधिकारी, कर्मचारी व ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
इस संबंध में वेद प्रकाश पुत्र मथुरा प्रसाद निवासी ग्राम व पोस्ट तपोवन, थाना जोशीमठ, जिला चमोली गढ़वाल ने थाना मुनिकीरेती में तहरीर दी। जिसमें कहा कि चचेरा भाई वेद प्रकाश निवासी ग्राम व पोस्ट- तपोवन थाना जोशीमठ जिला चमोली कर्णप्रयाग रेल परियोजना में कौडियाला में पैकेज-3 में काम कर रही कंपनी नवयुगा में कार्यरत था।
आरोप है कि नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी कौडियाला में कार्यरत साईट इंजीनियर रंगनाथ, सेफ्टी अफसर मनोज पोखरियाल, पीआरओ रंजन भंडारी, टनल इंचार्ज नरेंद्र कुमार, सुपरवाईजर कमल, ठेकेदार जितेंद्र कुमार तोमर व एचआर भुवन चंद्र जोशी ने कौडियाला स्थित रेलवे प्रोजेक्ट पैकेज- तीन में लापरवाहीपूर्वक कार्य करवाते हुए चचेरे भाई कमलेश पंत (29 वर्ष) को 10 जून को सीधे टनल के फेस के अंदर भेज दिया। जिससे अचानक चट्टान गिरने पर भाई कमलेश पंत को गंभीर चोट आई।
उपचार के दौरान 13 जून को चचेरे भाई की मृत्यु हो गई। उसके साथी इमरान निवासी ग्राम मल्लीपुर सहारनपुर उत्तर प्रदेश व प्रमुख कंवर निवासी वसबेरवा पोस्ट पतगोडा थाना हंसडिहा दुमका झारखंड को भी गंभीर चोटें आई है। मुनिकीरेती थाना प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह ने बताया कि तहरीर के आधार पर सभी सात आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। उन्होंने बताया कि इस मामले की विवेचना चौकी प्रभारी व्यासी उप निरीक्षक धनंजय कुमार को सौंपी गई है।