उत्तरकाशी, सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन के मद्देनजर उठाया गया महत्वपूर्ण कदम

सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन के मद्देनजर मातली में अस्थाई रूप से मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बनाया गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान शासकीय कार्य भी प्रभावित न हों और इस ऑपेरशन की बेहतर तरह से मॉनिटरिंग के मद्देनजर यह अस्थाई कैम्प कार्यालय स्थापित किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार शाम से उत्तरकाशी में हैं। आज सुबह मुख्यमंत्री ने सिलक्यारा पहुँचकर टनल रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया और यहां मौजूद विशेषज्ञों के साथ भी उन्होंने मंत्रणा की।
इसी क्रम में अब अहम निर्णय लेते हुए फिलहाल जब तक रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है तब तक के लिए मातली में जहां मुख्यमंत्री ठहरे हुए हैं वहीं पर अस्थाई रूप से सीएम कैंप कार्यालय भी बना दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने टनल के प्रवेश द्वार पर स्थित बाबा बौखनाग का लिया आशीर्वाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल (रिटा.) वीके सिंह ने गुरुवार को सिलक्यारा, उत्तरकाशी पहुंचकर सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने टनल में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों के संबंध में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनल के प्रवेश द्वार पर स्थित बाबा बौखनाग के मंदिर पर शीश नवाते हुए आशीर्वाद लिया एवं सभी श्रमिकों के जल्द रेस्क्यू होने की कामना की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय टनल विशेषज्ञ प्रो अर्नाेल्ड डिक्स से सुरंग में चल रहे रेस्क्यू अभियान के तकनीकी पक्ष के बारे में भी जानकारी ली।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनल में स्थापित ऑडियो कम्युनिकेशन सेटअप के माध्यम से अंदर फंसे श्रमिकों से बात की। उन्होंने श्रमिकों का हाल चाल जानते हुए उनका हौसला आफजाई की। श्रमिकों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी निरंतर स्थिति पर नजर बनाएं हुए हैं और नियमित रूप से रेस्क्यू अभियान की प्रगति की जानकारी ले रहे हैं। पूरा देश आपके साथ खड़ा है। राज्य सरकार भी हर स्थिति में आपके साथ खड़ी है। सभी श्रमिक भाई हौसला बनाए रखें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेस्क्यू ऑपरेशन में रात दिन जुटे श्रमिकों से भी बात कर उनकी पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा आप सभी की मेहनत से रेस्क्यू कार्य सफलता की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा टनल में फंसी बहुमूल्य जिंदगियों को बचाने में श्रमिकों का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा रेस्क्यू ऑपरेशन में रात दिन जुटे श्रमिकों को किसी तरह की दिक्कत ना हो इसका भी विशेष ध्यान रखा गया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ड्रिलिंग के दौरान पाइप के मुहाने पर फंसे धातु के टुकड़ों को पाइप के अंदर रेंगकर काटने के अत्यंत दुष्कर कार्य को सफलता पूर्वक अंजाम देने वाले श्रमिक प्रदीप यादव एवं बलविंदर की भी सराहना की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऑगर मशीन से ड्रिलिंग की प्रक्रिया की भी जानकारी ली। उन्होंने टनल में फंसे श्रमिकों को भेजे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की। मुख्यमंत्री ने कहा श्रमिकों को निकालने के लिए हर संभव प्रयास जारी रहे। हम सभी की प्राथमिकता उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल (रिटा.) वीके सिंह ने राहत बचाव कार्य में जुटे एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस जवानों स्वास्थ्य कर्मियों एवं इंजीनियरो से भी मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया।
इस दौरान सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव अनुराग जैन, एमडी एनएचआईडीसीएल महमूद अहमद, कमिश्नर गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडे, सचिव डॉ. नीरज खैरवाल, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला, पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सुबह पौने चार बजे प्रशासन की टीम ने जगाया तो मन मे उठे कई सवाल

सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों के परिजनों ने जैसे ही कैमरे में अपनों को देखा तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। परिजनों ने कहा कि जिनके इंतजार में वह कई दिनों से सुरंग के बाहर टकटकी लगाए बैठे थे, आज कैमरे के सामने उनसे बात करके बड़ा मन को बड़ा सुकून मिला है। इस दौरान परिजन ने खुलकर बचाव कार्य के लिए केंद्र और राज्य सरकार का आभार जताया और कहा कि अब जल्द परिजनों को बाहर भी सुरक्षित निकाला जाए।
सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों के बचाव कार्य पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पल-पल अपडेट ले रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी सुबह और शाम को अफसरों के साथ बैठक कर बचाव कार्य पर नज़र रखे हुए हैं। इसके लिए उत्तरकाशी जिला प्रशासन के साथ अलग अलग अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। दो दिन से बचाव कार्य के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ नोडल अफसर बनाये गए सचिव डॉ नीरज खैरवाल, डीएम उत्तरकाशी अभिषेक रुहेला के साथ हर घण्टे सुरंग बचाव कार्य की समीक्षा कर आगे बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि सोमवार को 6 इंच का पाइप श्रमिकों के लिए दूसरी लाइफलाइन के रूप में स्थापित किया जा सका। इससे रात को ही श्रमिकों को डॉक्टरों के मुताबिक पौष्टिक भोजन सुरंग में भेजा गया। इसके बाद अफसरों ने रातभर बचाव कार्य के दूसरे विकल्पों पर काम जारी रखा। नतीजन अल सुबह पौने चार बजे सुरंग में आधुनिक एंडोस्कोपी पलेक्सी कैमरा भेजा गया। सुरंग में कैमरा पहुंचते ही अधिकारियों ने श्रमिकों से बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया। खुद सचिव नीरज खैरवाल और डीएम अभिषेक रुहेला ने मजदूरों से बात कर बाहर चल रहे बचाव कार्य की जानकारी दी। अफसरों ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार उनको सुरक्षित निकालने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। इस दौरान अधिकारियों ने सिलक्यारा के पास होटलों में सोए परिजनों को बुलाया और सुरंग में फंसे श्रमिकों से कैमरे के सामने वॉकी टॉक से बात कराई। सुरंग में अपनों को सकुशल देखते हुए परिजनों की आंखें खुशी से नम हो गई। परिजनों ने मौके पर ही सरकार का आभार जताया और कहा कि आज उनको काफी सुकून मिला है। कहा कि सरकार जिस तेजी से रेस्क्यू कार्य करा रही है, उससे सुरंग में फंसे सभी लोग सुरक्षित बाहर आ जाएंगे।

’सुरंग में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। रात को 6 इंच का पाइप डालने के बाद श्रमिकों के लिए नई लाइफलाइन बन गई है। इस पाइप से सुबह एंडोस्कोपी पलेक्सी कैमरा भेजकर सुरंग में श्रमिकों का हाल जाना गया और उन्हें बाहर चल रहे बचाव कार्य की जानकारी दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी आज फिर बचाव कार्य की अपडेट जानकारी ली है। सुरंग में सभी श्रमिक सुरक्षित हैं। जल्द श्रमिकों को बचाव टीम सुरक्षित बाहर निकाल लेंगी।’
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

दसवें दिन श्रमिकों की पहली तस्वीर आई सामने

उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालने को दिन-रात चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में बचाव और राहत टीमों को आज मंगलवार सुबह बड़ी सफलता मिली है। इंडोस्कोपिक फ्लेक्सी कैमरे की मदद से आज दसवें दिन श्रमिकों की पहली तस्वीर सामने आई है। सभी श्रमिक सकुशल हैं।
रेस्क्यू टीम ने सोमवार देर शाम सुरंग में आर-पार हुए छह इंच व्यास के पाइप के जरिए इंडोस्कोपिक फ्लेक्सी कैमरा सुरंग में डाला था। यह कैमरा सुरंग में फंसे श्रमिकों तक पहुंचा है। कैमरे में अंदर का पूरा परिदृश्य कैद हुआ है। सबसे अच्छी और राहत की खबर यह है कि सभी 41 श्रमिक भाई सकुशल हैं। रेस्क्यू टीम ने श्रमिकों से बात कराने की भी कोशिश की। रेस्क्यू को कमान करने वाले अधिकारियों ने सभी श्रमिकों की एक-एक कर गिनती कराने के लिए भी श्रमिकों तक संदेश भेजा लेकिन वॉकी टॉकी की कनेक्टिविटी इसमें बार बार बाधा बन रही थी।
वीडियो फुटेज साफ नहीं आने पर रेस्क्यू टीम ने अंदर फंसे श्रमिकों से लाउडस्पीकर सन्देश के जरिए कैमरे की स्क्रीन साफ करने को कहा। श्रमिकों ने तुरंत स्क्रीन साफ की तो पूरा परिदृश्य साफ दिखाई दिया। रेस्क्यू अधिकारी सामने चहलकदमी कर रहे श्रमिकों के नाम भी पूछ रहे थे। उसी दौरान तब फोरमैन गब्बर सिंह, हेड ऑपरेटर सुशील एकदम सामने थे।
वहीं, सोमवार को टनल के भीतर छह इंच का दूसरा लाइफलाइन पाइप मजदूरों तक पहुंचा दिया गया था। इस पाइप की मदद से देर शाम मजदूरों के लिए खिचड़ी भेजी गई है।

सीएम को फोन कर पीएम मोदी ने जानी सिलक्यारा हादसे पर अपडेट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन कर उत्तरकाशी के सिल्क्यारा के पास टनल में फँसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए जारी राहत और बचाव कार्यों के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आवश्यक बचाव उपकरण व संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। केंद्र और राज्य की एजेंसियों के परस्पर समन्वय से श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। फंसे श्रमिकों का मनोबल बनाए रखने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने अद्यतन स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य और केंद्रीय एजेंसियां परस्पर समन्वय और तत्परता के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। टनल में फंसे श्रमिक सुरक्षित हैं और ऑक्सीजन, पौष्टिक भोजन और पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। राहत और बचाव कार्यों के लिए एक्सपर्ट्स की राय लेकर एजेंसियां काम कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया और बचाव कार्यों पर लगातार नजर रखें हैं। मेडिकल की टीम भी वहाँ पर तैनात कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरंग के अंदर फंसे सभी मजदूर सुरक्षित हैं और उन्हें जल्द बाहर निकलने की पूरी कोशिश की जा रही है।
अब तक प्रधानमंत्री तीन बार मुख्यमंत्री से स्थिति की जानकारी ले चुके हैं। पीएमओ की टीम भी मौके का निरीक्षण कर चुकी और लगातार स्थिति पर नज़र बनाये हुए है और समन्वय का कार्य कर रही है।

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने की सिलक्यारा सुरंग में चल रहे रेस्क्यू अभियान की समीक्षा

केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी ने सिलक्यारा सुरंग का स्थलीय निरीक्षण कर सुरंग में फंसे श्रमिकों को निकालने के चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश व दुनिया में उपलब्ध श्रेष्ठतम विशेषज्ञों का लाभ उठाकर सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने रेस्क्यू अभियान में जुटे संगठनों और अधिकारियों को अधिकतम तैयारी और आवश्यक संसाधनों का समय रहते मुकम्मल इंतजाम करने की हिदायत देते हुए कहा कि रेस्क्यू के हर विकल्प पर उच्च क्षमता व तत्परता के साथ काम किया जाय।

केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ सिलक्यारा का दौरा कर सुरंग के भीतर जाकर घटनास्थल का जायजा लिया और सुरंग परियोजना व रेस्क्यू अभियान में जुटे लोगों से इस हादसे व बचाव अभियान के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सुरंग में फंसे श्रमिकों के परिजनों से भी मुलाकात की और भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी ताकत और शिद्दत से रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है। रेस्क्यू अभियान में शुरुआती दौर में आई कठिनाईयों को देखते हुए अब हर संभव विकल्पों पर एक साथ काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की जान बचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है, किसी भी बेहतर संभावना वाले विकल्प के लिए कोई भी कीमत चुकानी पड़े सरकार चुकाएगी। गडकरी एवं मुख्यमंत्री धामी ने परिजनों का आश्वस्त किया कि केन्द्र और राज्य सरकार श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कोई भी कसर बाकी नहीं रहने देगी।

गडकरी ने रेस्क्यू में जुटे संगठनों व प्रशासन के अधिकारियों की बैठक लेकर रेस्क्यू अभियान की समीक्षा कर नए विकल्पों और संभावनाओं के बारे में भी विस्तार से विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि देश के साथ ही दुनियाभर में इस रेस्क्यू के लिए उपलब्ध उच्चतम दक्षता, अनुभव और संसाधनों का ब्यौरा तत्काल जुटाकर इस अभूतपूर्व चुनौती से निपटने के लिए जो भी उपयोगी समाधान नजर आए, उस पर फौरन अमल किया जाय। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की जान सबसे कीमती है और इस बचाने के लिए युद्धस्तर पर दिनरात चतुर्दिक प्रयास किए जांय।

बैठक में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ ही सेना, आरवीएनएल, एसजेवीएनएल, ओएनजीसी, बीआरओ, टीएचडीसी सहित विभिन्न संगठनों के अधिकारियों ने भाग लिया।
केन्द्रीय मंत्री गडकरी अपने भ्रमण के दौरान पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव अनुराग जैन इस अभियान को लेकर सभी संगठनों से समन्वय करने के साथ ही संसाधनों को जुटाने व स्थल तक पहॅुचाने में मदद करेंगे।

इस दौरान उत्तराखंड के मुख्य सचिव डा. एस.एस. संधू, आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डा. रंजीत सिन्हा, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अपर सचिव महमूद अहमद, पीएमओ के उप सचिव मंगेश घिल्डियाल, प्रधानमंत्री के पूर्व सलाहकार व उत्तराखंड सरकार के विशेष कार्याधिकारी भास्कर खुल्बे, विधायक यमुनोत्री संजय डोभाल, विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान, विधायक पुरोला दुर्गेश्वर लाल, जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला, पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी, कर्नल दीपक पाटिल, मुख्य विकास अधिकारी गौरव कुमार, एनएचआईडीसीएनल के निदेशक अंशु मनीष खलखो, अधिशासी निदेशक संदीप सुधेरा सहित विभिन्न विभागों व संगठनों के अधिकारी मौजूद रहे।

सुरंग में फंसे श्रमिक महादेव का अपने मामा से बातचीत का ऑडियो आया सामने

सिलक्यारा, उत्तरकाशी में निर्माणाधीन टनल में फंसे 40 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए उत्तराखण्ड सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है। एक ओर देश के नामी विशेषज्ञों के दल को बुलाकर अत्याधुनिक मशीनों से ड्रिलिंग का काम युद्धस्तर पर चल रहा है, वहीं दूसरी ओर सुरंग में फंसे श्रमिकों का मनोबल बनाए रखने के लिए लगातार उनसे बातचीत की जा रही है, उनका परिजनों से भी संपर्क बना हुआ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी कीमत पर श्रमिकों और उनके परिजनों का हौसला नहीं टूटना चाहिए।
पुलिस प्रशासन सुरंग में फंसे मजदूरों से हर घंटे संपर्क स्थापित कर रहा है। आज टनल में फंसे 22 वर्षीय महादेव की उसके मामा से बातचीत करवाई गई। ऑडियो में महादेव साफ साफ कह रहा है कि वह और उसके साथी अभी तक सुरक्षित हैं। परिजन उनकी सकुशलता को लेकर चिंता न करें। उनके पास पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री पहुंच रही है। सभी साथी एक दूसरे का हौसला बढ़ा रहे हैं।
इधर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि संकट के वक्त मनोबल ऊंचा रहना चाहिए। ऊंचे आत्मविश्वास से बड़े से बड़ा संकट टल जाता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जितना ज्यादा हो सके सुरंग में फंसे श्रमिकों से संवाद बनाए रहें। सरकार उन्हें सुरक्षित बाहर निकलने के हर संभव प्रयास कर रही है।

धामी ने फिर दिये अधिकारियों को निर्देश, रेस्क्यू ऑपरेशन की जुटाई जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सिलक्यारा में चल रहे हैं रेस्क्यू ऑपरेशन पर निरंतर निगरानी बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री धामी कमिश्नर गढ़वाल, आईजी गढ़वाल व राहत और बचाव में लगी एजेंसियों से सिलक्यारा में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन तथा टनल में फंसे श्रमिकों की कुशलक्षेम की हर पल की अपडेट ले रहे हैं।
इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री ने सचिवालय में आज बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू कार्य में लगी सभी टेक्निकल एजेंसियों को हर संभव सहयोग दिया जाय। गढ़वाल कमिश्नर को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रेस्क्यू कार्य में किसी भी प्रकार से विलंब न हो, मौके पर कार्य कर रही एजेंसियों को राज्य की तरफ़ से सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाये। मुख्यमंत्री बचाव कार्यों में लगी एजेंसियों और जिलाधिकारी उत्तरकाशी से भी समय-समय पर अपडेट ले रहे हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आर.मीनाक्षी सुंदरम, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय एवं सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी मौजूद रहे।

केंद्र सरकार से कोटद्वार खोह नदी की सफाई के काम को मिली मंजूरी

उत्तराखण्ड राज्य को नमामि गंगे परियोजना के तहत् गंगा नदी जल प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगभग 135 करोड रूपए की लागत परियोजना को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार की 52 वीं कार्यकारी समिति की बैठक में सैद्धान्तिक स्वीकृति मिली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत का आभार व्यक्त किया है।

स्वीकृत परियोजना में उत्तराखंड के जनपद पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र के कोटद्वार शहर में बहने वाली खोह नदी में गिरने वाले 09 नालों को टैप करने एवं 21 एम.एल.डी. सीवेज शोधन संयंत्र के निर्माण की स्वीकृति हेतु सहमति (लागत- लगभग 135 करोड़) प्रदान की गई है।

खोह नदी कोटद्वार नगर से बहते हुये रामगंगा नदी में मिलती है, जो कि आगे चलकर गंगा नदी की प्रमुख सहायक नदी है। परियोजना के निर्माण से खोह एवं रामगंगा नदी के पारिस्थितिकी तंत्र में तो सुधार होगा ही साथ ही साथ गंगा नदी में दूषित जल का प्रवाह रूकेगा।

जी. अशोक कुमार, महानिदेशक, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार की अध्यक्षता में सम्पन्न बैठक में उत्तराखंड राज्य से अरविन्द सिंह ह्यांकी, सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता, रणवीर सिंह चौहान कार्यक्रम निदेशक एसपीएमजी, उत्तराखंड द्वारा प्रतिभाग किया गया ।

ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण पहुंचे मुख्यमंत्री, मनाया स्थापना दिवस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा परिसर भराडीसैंण में शहीद राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सभी राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया और विधानसभा परिसर गैरसैंण (भराड़ीसैंण) से पूरे प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर स्वास्थ्य, शिक्षा एवं जनपद के प्रभारी मंत्री धन सिंह रावत भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेई जी द्वारा बनाए गए इस युवा उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए पूरी निष्ठा के साथ हमें निरंतर प्रयास करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड का चहुंमुखी विकास हो रहा है और हम भारत का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनने की ओर अग्रसर हैं। हमारा प्रदेश आज 23 वर्ष का हो गया है। इस 23वें साल में उत्तराखण्ड ने देश के सबसे सख्त नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण कानून को लागू होते हुए देखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने मातृशक्ति के हित में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया है। समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट लगभग तैयार हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये केदारखंड के साथ मानसखंड का भी विकास किया जा रहा है। भ्रष्टाचारियों पर कड़ा प्रहार किया जा रहा है। स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से नारीशक्ति को सशक्त किया जा रहा है। शिक्षा एवं खेल नीति के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाया जा रहा है। उत्तराखण्ड में चारधाम, कैंचीधाम एवं कांवड़ यात्रा के माध्यम से नए रिकॉर्ड बन रहे है। प्रदेश में रोड, रेल, रोपवे निर्माण के क्षेत्र सहित बहुप्रतीक्षित जमरानी बांध परियोजना को वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। देवभूमि के मूल स्वरूप को बनाए रखने हेतु लैंड जिहाद एवं लव जिहाद को रोकने के लिए सख्ती से काम किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड को देश-विदेश के निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है। उत्तराखण्ड की प्रगति एवं विकास हमारा एकमात्र लक्ष्य है, इस ध्येय की प्राप्ति के लिए हम पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम में जुटे हैं। उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का हमारा संकल्प है। सभी के सहयोग से हम इस संकल्प को पूर्ण करने में अवश्य सफल होंगे।
राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने भराडीसैंण क्षेत्र के विकास के लिये कई घोषणायें भी की। जिसमें कारगिल शहीद स्व0 रणजीत सिंह आगरचटटी झिंगोड मोटर मार्ग का डामरीकरण, भराडीसैण थारकोट मोटर मार्ग का डामरीकरण, रिखोली डिग्री कालेज मोटर मार्ग का निर्माण के साथ ही मेहलचौरी मेला, कृषि उद्यान एवं पर्यटन विकास मेला गैरसैंण, पर्यावरण संबंर्द्धन पर्यटन विकास मेला नन्दासैण को 2-2 लाख देने की घोषणा शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गैरसेंण-बुंगीधार मोटर मार्ग डबल लेन करने हेतु भी जल्द इसका आंकलन कराके स्वीकृति प्रदान की जाएगी।
प्रदेश के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं जनपद के प्रभारी मंत्री डा. धन सिंह रावत ने प्रदेश वासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य आज स्वास्थ्य, शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में विकास की ओर निरंतर अग्रसर है। वर्ष 2025 तक उत्तराखंड को ड्रग्स फ्री और टीवी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल ने कहा की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में हमारा प्रदेश निरतंर विकास की ओर अग्रसर है। उन्होंने जिले में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए सीएम का आभार व्यक्त करते विधानसभा क्षेत्र से सात सूत्री मांग भी मुख्यमंत्री के सम्मुख रखी।
राज्य स्थापना दिवस पर पुलिस एवं एनसीसी जवानों ने विधानसभा परिसर में भव्य सेरेमोनियल परेड का आयोजन किया गया। स्कूली छात्र-छात्राओं एवं सांस्कृतिक दलों ने अपनी शानदार प्रस्तुति दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भराडीसैंण में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण भी किया।
इस अवसर पर थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, जिलाध्यक्ष रमेश मैखुरी, राज्य मंत्री रमेश गडिया, ब्लाक प्रमुख शशि सौर्याल, पुलिस महानिरीक्षक के.एस नगन्याल, जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, सीडीओ डा.ललित नारायण मिश्र, एसडीएम संतोष कुमार सहित अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, स्थानीय जनता, स्कूली बच्चे आदि मौजूद रहे।