राष्ट्र निर्माण और समाज निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाये छात्र-राष्ट्रपति

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय (श्रीनगर) के 11वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुए कुल 59 दीक्षार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए।
राष्ट्रपति ने उपाधि और मेडल प्राप्त करने वाले सभी दीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनको राष्ट्र निर्माण और समाज निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका का निर्वहन करना है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों और संस्थान से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष जुड़े हुए शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे शिक्षा को समाज से जोड़ने का काम करें जिससे समाज के अंतिम छोर पर बैठा व्यक्ति भी विकास की मुख्यधारा में शामिल हो सके। दीक्षार्थियों को उपाधि प्रदान करते समय महामहिम राष्ट्रपति ने सभी दीक्षार्थियों को तीन प्रतिज्ञा लेने का आह्वान किया। उन्होंने प्रतिज्ञा दिलाई की जीवन में जिनकी बदौलत आप आगे बढ़े हैं उनका उनके योगदान को नहीं भूलना चाहिए। दूसरा, अपने नैतिक मूल्यों से कभी भी समझौता नहीं करना चाहिए। तीसरा जो भी जीवन में शिक्षा प्राप्त की है उसमें समाज का बड़ा योगदान होता है, इसलिए विकास की मुख्यधारा से जो लोग अभी तक वंचित है उनको भी विकास की मुख्यधारा में शामिल करने में अपना सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने हमेशा ही शिक्षा और ज्ञान को अधिक महत्व दिया है।
राष्ट्रपति ने इस दौरान अपने संबोधन में उत्तराखंड को ज्ञान, विज्ञान, विवेकवान और शौर्य की भूमि बताते हुए कहा कि इस देवभूमि से अनेक प्रेरणास्रोत व्यक्तित्व ने जन्म लिया है जिन्होंने देश-दुनिया का मार्गदर्शन किया। उन्होंने सृष्टि लखेड़ा द्वारा निर्मित एक था गांव डॉक्युमेंट्री को नेशनल सिनेमा अवार्ड प्राप्त करने की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि साहित्य के क्षेत्र में भी यहां की अनेक विभूतियों ने हिंदी साहित्य को गौरवान्वित किया है। जिसमें सुमित्रानंदन पंत, मंगेश डबराल, शिवानी, भक्तदर्शन आदि लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
राष्ट्रपति ने भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक यात्रा में भी उत्तराखंड के योगदान की सराहना की। उन्होंने उत्तराखंड की पर्यावरणीय सेवा और यहां के स्वच्छ जल स्रोत जो मैदानी क्षेत्र के मानव और वन्यजीव सहित वनस्पतियों को जीवन प्रदान करते हैं का महत्व भी बताया। राष्ट्रपति ने स्थानीय सरकार द्वारा रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में किये जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने उपाधि और मेडल प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज से वे अपने जीवन के आगे की और बहुत महत्वपूर्ण यात्रा की एक शुरूआत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दीक्षांत पढ़ाई का अंत नहीं है बल्कि सतत शैक्षणिक जीवन की यात्रा का एक पड़ाव है। शिक्षा एक अंतहीन यात्रा के समान है जो जीवन पर्यंत चलती रहती है आप अपना लक्ष्य महान रखिए उमंग, उत्साह और ऊर्जा के स्रोतों से हमेशा जुड़े रहिए और कभी हार मत मानिए सफलता आपको अवश्य मिलेगी।
राज्यपाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आप ऐसे समय में समाज में अपना योगदान देने जा रहे हैं जब हम आजादी के अमृत काल में विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और विश्वगुरु भारत बनने के महान संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हमारा लक्ष्य वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का है, जिसको प्राप्त करने में आप सभी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार हमारे सभी राजकीय विश्वविद्यालयों में नवाचार और तकनीक के संगम को बढ़ावा देने के साथ-साथ पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त तंत्र विकसित कर रही है। जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। हमारे सभी विश्वविद्यालयों में शिक्षण प्रशिक्षण एवं शोध परियोजनाओं पर तेजी से कार्य हो रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के निर्देशन में विश्वविद्यालयों महाविद्यालयों शिक्षण एवं शोध संस्थानों में अतुलनीय कार्य हो रहा है।
विश्वविद्यालय के निर्माण में स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा के योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि श्रीनगर की यह धरती एक ऐतिहासिक धरती रही है। यहाँ देवताओं के पवित्र मंदिर है, वीरों की महान गाथाएँ हैं तो साथ ही वर्तमान सदी में यह नगर विद्युत परियोजनाओं के एक बड़े केंद्र होने के साथ साथ एनआईटी और अर्ध सैनिक बलों के प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र भी है। एक प्रकार से श्रीनगर गढ़वाल उत्तराखण्ड की प्रगति का एक आधार केंद्र बन गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को हेमवती नंदन गढ़वाल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह और विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती वर्ष की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में ज्ञान की अविरल गंगा को प्रवाहित करने वाले इस संस्थान में उपस्थित होकर वे स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने हिमालय पुत्र स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा का स्मरण करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय उनकी विकासवादी सोच का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष दीक्षांत समारोह की थीम ’’सशक्त महिला, समृद्ध भारत’’ रखी गई है। जिसका स्पष्ट उदाहरण आज इस दीक्षांत समारोह की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी हैं। उनका जीवन, शुरुआती संघर्ष, समृद्ध सेवा और अनुकरणीय सफलता प्रत्येक भारतीय को प्रेरित करता है। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति की जीवटता और समर्पण शक्ति को नमन करते हुए कहा कि, वे सही अर्थों में महिला सशक्तिकरण का प्रतीक हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों से कहा कि कभी भी जीवन में तनाव न लें। उन्होंने कहा कि जब भी युवाओं के साथ उन्हें संवाद करने का अवसर मिलता है, तो वे राज्य सरकार के ‘’सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड‘’ निर्माण के अपने ’‘विकल्प रहित संकल्प‘’ को दोहराते हैं। सभी को सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी है। आगामी वर्षों में उत्तराखंड देश का सबसे समृद्धशाली और सशक्त राज्य हो, इस भावना के साथ हम सभी को साथ मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सबके सहयोग से उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।
इस दौरान दीक्षांत समारोह में विधायक देवप्रयाग विनोद कंडारी व विधायक पौड़ी राजकुमार पोरी, कुलाधिपति गढ़वाल विश्वविद्यालय डॉ. योगेंद्र नारायण, कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल सहित उपाधि प्राप्त करने वाले शिक्षार्थी, उनके अभिभावक हेमवती नंदन गढ़वाल विश्वविद्यालय के शिक्षकगण तथा जनमानस उपस्थित रहा।

बदरीनाथ धाम आगमन पर राष्ट्रपति का जोरदार स्वागत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को उत्तराखंड स्थित भू-बैकुंठ धाम पहुंचकर भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए। मंदिर में करीब 25 मिनट तक पूजा करते हुए राष्ट्रपति ने देश की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। बदरीनाथ धाम आगमन पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति की अगवानी की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की बीच भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से बुधवार को सुबह 10ः20 बजे बद्रीनाथ आर्मी हेलीपैड पहुंची हेलीपैड पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, अन्य जनप्रतिनिधियों सहित जिलाधिकारी हिमांशु खुराना एवं पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। यहां से राष्ट्रपति काफिले के साथ मंदिर पहुंची और मंदिर में बद्री विशाल की वेद पाठ एवं विशेष पूजा की। बद्रीनाथ के मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी एवं तीर्थ पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा संपन्न की। मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, उपाध्यक्ष किशोर पंवार एवं अन्य पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को बद्री विशाल का प्रसाद एवं अंग वस्त्र भेंट किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर परिसर में राष्ट्रपति को भोजपत्र पर बनी बद्रीनाथ मंदिर की प्रतिकृति, आरती और स्थानीय उत्पादों की टोकरी भेंट की। भू-बैकुंठ धाम की अलौकिक सुंदरता देख राष्ट्रपति अभिभूत दिखीं। मंदिर में पूजा दर्शन के बाद राष्ट्रपति बद्रीनाथ से श्रीनगर के लिए प्रस्थान किया।

तीन दिन की लंबी धार्मिक यात्रा को माना जा रहा है प्रचार से राहुल गांधी का पलायन

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का प्रचार चरम पर है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी तीन दिन की धार्मिक यात्रा पर केदारनाथ धाम पहुंच गए हैं। उनकी इस यात्रा को भाजपा चुनाव प्रचार से उनके पलायन के रूप में देखा रही है। प्रचार युद्ध में भाजपा के सामने लगभग घुटने टेक चुकी कांग्रेस अब ‘सॉफ्ट हिन्दुत्व’ का कार्ड खेलने की फिराक में है। लेकिन राहुल गांधी को केदारनाथ में देखकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने जमकर मोदी, जय श्री राम के नारे लगाए। इससे साफ है कि चुनाव से ऐन पूर्व राहुल गांधी के सॉफ्ट हिन्दुत्व के प्रपंच को जनता सिरे से खारिज कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भगवान शिव के अनन्य भक्त हैं। केदारनाथ धाम से उनकी गहरी आस्था जुड़ी हुई है। भगवान शिव के प्रति उनकी अगाध श्रृद्धा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद वह अभी तक छह बार (3 मई 2017, 20 अक्तूबर 2017, 7 नवंबर 2018, 18 मई 2019, 5 नवंबर 2021 और 21 अक्टूबर 2022) केदारनाथ धाम की यात्रा पर आ चुके हैं। वह हर साल केदारनाथ धाम की शरण में आते हैं सिर्फ 2020 में कोरोना प्रकोप के चलते वह केदारनाथ धाम की यात्रा पर नहीं आ सके थे। इसके अलावा मोदी देश और विदेश में हिन्दुओं के धार्मिक स्थलों में पूजा अर्चना करते रहे हैं। अब तक भाजपा के हिन्दुत्व प्रेम पर कटाक्ष करने वाले राहुल अब प्रधानमंत्री मोदी की राह पर चलने का प्रयास कर रहे हैं। वह अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर रविवार को केदारनाथ धाम पहुंचे लेकिन उनकी कोशिशों पर उस वक्त पलीता लग गया जब केदारनाथ में पहुंचते ही राहुल गांधी को देखकर लोग मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे। सवाल यह है कि जब पांच राज्यों में चुनाव का प्रचार चरम पर है तो ठीक उसी वक्त राहुल ने केदारनाथ धाम की तीन दिन की यात्रा का लम्बा कार्यक्रम क्यों बनाया। क्या हर बार ही तरह राहुल ने इस बार भी चुनावी प्रचार में ताकत झोंकने के बजाए पलायन किया है।
दरअसल, हर बार राहुल गांधी चुनाव प्रचार के वक्त कभी विदेश तो कभी अन्य स्थानों की यात्रा पर चले जाते हैं। वो स्टार प्रचारक के रूप में जिम्मेदारी उठाने से भागते रहे हैं। उनका फण्डा यह है कि कांग्रेस जीत गई तो वह जीत का श्रेय खुद ले लेंगे और हार गई तो उनकी जवाबदेही तय नहीं होगी। इससे पहले कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश के चुनाव में भी राहुल प्रचार से नदारद थे। जबकि प्रियंका मोर्चे पर डटी रही।

टिहरी झील में आगामी 24 नवंबर से शुरू होने जा रहा टिहरी अंतरराष्ट्रीय एक्रो फेस्टिवल

उत्तराखंड के पर्यटन मानचित्र में टिहरी झील सबसे तेजी से उभरता हुआ नया स्थल है। एडवेंचर टूरिज्म के शौकीनों के लिए यह स्थान हॉट फेवरेट साबित हो रहा है। यही वजह है कि डेस्टिनेशन उत्तराखंड के अंतर्गत राज्य की धामी सरकार द्वारा यहां नियमित रूप से विभिन्न आयोजन किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब टिहरी झील में 24 से 28 नवंबर तक अंतरराष्ट्रीय टिहरी एक्रो फेस्टिवल 2023 का आयोजन होने जा रहा है।
उत्तराखंड में साहसिक खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि डेस्टिनेशन उत्तराखंड को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार पूरी तन्मयता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को साहसिक पर्यटन के खेलों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा नित नए आयोजन किये जा रहे हैं। टिहरी झील में आयोजित होने वाला अंतरराष्ट्रीय एक्रो फेस्टिवल इस दिशा में नए आयाम स्थापित करेगा।

देश-विदेश के 135 पायलट करेंगे भागीदारी
नवंबर में, राज्य टिहरी झील में पहली बार अंतरराष्ट्रीय एक्रो फेस्टिवल 2023 की मेजबानी करने जा रहा है। टिहरी एक्रो फेस्टिवल 2023, 24 नवंबर को शुरू होगा और 28 नवंबर को समाप्त होगा। इस रोमांचकारी इवेंट में प्रतिस्पर्धा करने के लिए 35 अंतर्राष्ट्रीय पायलट और 100 भारतीय पायलट भाग लेंगे। इस आयोजन में एक्रो फ्लाइंग, सिंक्रो फ्लाइंग, विंग सूट फ्लाइंग, डी-बैगिंग जैसे कई साहसिक कार्य देखने को मिलेंगे।
टिहरी के जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी ने बताया कि टिहरी झील में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें देश-विदेश से खिलाड़ी प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने बताया कि आयोजन के दौरान यूफोरिया, पांडवास जैसे नामी बैंड भी शाम के समय अपनी प्रस्तुति देंगे।

इंस्टाग्राम पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने वीडियो शेयर करते हुए ये लिखा…
लुभावने टिहरी एक्रो फेस्टिवल का अनुभव करें, जिसमें 150 से अधिक विस्मयकारी हवाई कलाबाज़ों का जमावड़ा है, जो 24-28 नवंबर, 2023 तक होने वाला है। मंत्रमुग्ध होने के लिए तैयार रहें क्योंकि ये प्रतिभाशाली कलाकार अपने उल्लेखनीय कौशल, ताकत और कलात्मक चालाकी का प्रदर्शन करेंगे। यह असाधारण घटना एक अविस्मरणीय माहौल का वादा करती है जो आपको पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर देगी। इस सनसनीखेज अवसर को हाथ से न जाने दें-अपने कैलेंडर पर निशान लगाएं और इस अविस्मरणीय उत्सव का हिस्सा बनें।

गढ़वाल के पांच जिलों में केन्द्र पोषित और वित्त आयोग की योजनाओं की समीक्षा

शहरी विकास मंत्री डॉ. प्रेम चन्द अग्रवाल ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में नगर निकाय के अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य में चल रही केंद्र पोषित योजना, 15वें वित्त तथा पांचवें राज्य वित्त योजनाओं की समीक्षा की।
मंत्री ने कहा कि आज पांच जिलों टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, चमोली तथा रूद्रप्रयाग के अधिशासी अधिकारियों के साथ नगर निकायों में चल रहे विकास कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई है जिसमें कूड़े के डोर टू डोर कलेक्शन, सेग्रीगेशन, लीगेसी वेस्ट तथा ठोस अवशिष्ठ प्रबन्धन को लेकर अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक सुधार हेतु दिशा-निर्देश दिये।
मंत्री ने महत्वाकांक्षी पीएम स्वनिधि योजना तथा पीएम आवास योजना की प्रगति के विषय में जानकारी प्राप्त की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने दीनदयाल अन्त्योदय मिशन के तहत चलाये जा रहे स्वरोजगार कार्यक्रम तथा स्वंय सहायता समूह की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि नगर निकायों में स्वंय सहायता समूहों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जाए जिससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिल सके। मंत्री ने कहा कि स्वंय सहायता समूह से जुड़ी हमारी बहिनों के द्वारा कुछ सराहनीय उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है इसके लिए विभाग की ओर से अमेजॉन तथा फ्लिप कार्ड जैसी ऑनलाईन शॉपिंग साईट से भी समझौता किया गया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से स्वंय सहायता समूहों से जुड़ी सभी बहिनों को आसानी से बाजार उपलब्ध हो पायेगा।
शहरी विकास मंत्री ने कहा कि नगर निकायों में वित्त की कमी न होने पाए इसके लिए विभाग हमेशा प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि अधिशासी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों के विकास कार्यों हेतु समय पर डीपीआर तैयार करें जिससे जनता को किये जा रहे विकास कार्यों का लाभ ससमय प्राप्त हो सके। उन्होंने 15वें वित्त तथा पांचवें राज्य वित्त योजनाओं पर भी अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि हमारे नगर निकाय और अधिक सुदृढ़ हों इसके लिए विभाग हमेशा से प्रयासरत है।
मंत्री ने बैठक में कुछ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जनता से जुड़े हुए विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही को बरदाश्त नहीं किया जायेगा। मंत्री ने कहा कि नगर निकायों में आश्रय स्थलों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने यूजर चार्ज पर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए जिसके लिए अधिशासी अधिकारियों को कार्य स्थलों का समय-समय पर निरीक्षण करने हेतु निर्देशित किया।
मंत्री ने सभी अधिकारियों को आगामी नगर निकाय चुनाव के लिए भी तैयार रहने के निर्देश दिये। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को ससमय पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने नगर निकायों में साफ सफाई, स्ट्रीट लाईट, सार्वजनिक शौचालयों, सार्वजनिक मूत्रालयों की समुचित व्यवस्था करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।
इस अवसर पर अशोक पाण्डे, सहायक निदेशक, शहरी विकास, राजीव पाण्डे, सहायक निदेशक, शहरी विकास तथा अन्य विभागीय अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

जोशीमठ में ढलान स्थिरीकरण को लेकर मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को दिए निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सचिवालय में जोशीमठ में आपदा जोखिम न्यूनीकरण से सम्बन्धित होने वाले कार्यों के सम्बन्ध में बैठक ली।

मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को जोशीमठ में ढलान स्थिरीकरण, पेयजल, सीवरेज, जल निकासी आदि कार्यों की डीपीआर शीघ्र तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डीपीआर तैयार किए जाने से लेकर कार्य शुरू से पूर्ण होने तक की प्रत्येक कार्य की समयसीमा निर्धारित कर ली जाए। सभी कार्य समय से पूर्ण हों इसके लिए संबंधित विभागों के सचिवों द्वारा साप्ताहिक अनुश्रवण किया जाए। कहा कि वे स्वयं भी पाक्षिक रूप से कार्यों का अनुश्रवण करेंगे।

मुख्य सचिव ने कहा कि जोशीमठ क्षेत्र में रेट्रोफिटिंग का कार्य करने हेतु कंसल्टेंट और विशेषज्ञों को शामिल किया जाए। उन्होंने देश के सबसे अच्छे कंसल्टेंट और विशेषज्ञों को शामिल किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि कार्यों को तेजी से पूर्ण करने के साथ ही गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। औली रोप-वे में कराए जाने वाले कार्यों पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोपवे कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया जा रहा है, इसके लिए उन्होंने प्रदेश में रोप-वे सेल विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए। प्रदेश में रोप-वे सिस्टम को मजबूत किए जाने हेतु रोपवे सेल को भी मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा एवं डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय सहित अन्य उच्चाधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चमोली जनपद से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

ऋषिकेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 56 लाख रुपये से निर्मित होगी सड़क

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने ग्रामसभा श्यामपुर के खैरीखुर्द में 55.97 लाख रुपए की लागत से 0.815 किमी लंबे विभिन्न आंतरिक मार्गों का भूमि पूजन कर निर्माण शुरू कराया। इस दौरान डॉ अग्रवाल ने खेरीखुर्द के वार्ड संख्या 8 और 9 के लिए 20 स्ट्रीट लाइट्स देने की घोषणा की।
खैरीखुर्द में आयोजित कार्यक्रम में भूमि पूजन कर मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि उनकी विधायकी के साढ़े 16 वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों का चहुँमुखी विकास हुआ, जबकि पूर्व में यहाँ बिजली कनेक्शन तो थे, मगर लाइट नहीं आती थी। इसी तरह मुख्य मार्ग का अलावा आंतरिक सड़कें नहीं थी।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि उनके जनप्रतिनिधि बनने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों की सूरत बदली है, ग्रामीण क्षेत्र भी अब शहरी क्षेत्रों की तरह दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना से कार्य करते है, उन्हीं के मार्गदर्शन में राज्य की धामी सरकार भी कार्य कर रही है। उन्होंने आवाहन करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने राज्य को देश के अग्रणीय राज्य में शामिल करने संकल्प लिया है। आप सभी इसमें अपना योगदान करें।
इस मौके पर प्रबंधक राकेश चिल्ड्रन एकेडमी रतन सिंह पंवार, मण्डल अध्यक्ष श्यामपुर दिनेश पयाल, महामंत्री चंद्रमोहन पोखरियाल, भाजपा नेता गंभीर सिंह राणा, लोनिवि के अधिशासी अभियंता धीरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता रमेश चौहान, कनिष्ठ अभियंता लक्ष्मी गुप्ता, राजेन्द्र रावत, सुधाकर थपलियाल, ओम प्रकाश सिंह, प्रदीप राणा, प्रधान संगठन के प्रदेश प्रवक्ता सोबन सिंह कैंतुरा, उम्मेद सिंह राणा, परमानन्द नौटियाल, रीमा रावत, प्रमिला पंवार, पूनम राणा, रोशनी गवाड़ी, प्रदीप धस्माना, गीता रावत, सुमन गैरोला आदि उपस्थित रहे।

पौड़ी जिले में निरीक्षण के दौरान खामियां मिलने पर स्वास्थ्य सचिव ने लगाई फटकार

स्वास्थ्य सुविधाओं और डेंगू महाअभियान की जमीनी हकीकत जानने स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार आज पौड़ी जनपद के अपने एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। इस दौरान स्वास्थ्य सचिव ने जिला चिकित्सालय पौड़ी के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबौ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पैठाणी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिरपालीसैण व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थलीसैण का निरीक्षण किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के निर्देश दिये साथ ही अस्पतालों में अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जाहिर करते हुए जल्द सुधार के निर्देश दिये। पौड़ी जिला चिकित्सालय में विभिन्न जांच रिपोर्ट के आंकड़ों का लेखा-जोखा व्यवस्थित रूप में नहीं रखने पर सचिव स्वास्थ्य ने सीएमएस को फटकार लगाते हुए जांच रिपोर्ट के आंकड़ों को रजिस्टर में व्यवस्थित करने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने आज पीपीपी मोड में संचालित जिला चिकित्सालय पौड़ी का निरीक्षण किया गया। स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार द्वारा जिला चिकित्सालय में डेंगू वार्ड,सिटी स्कैन,पैथोलॉजी लैब, एक्स-रे कक्ष औषधि भंडार चंदन डायग्नोसिस द्वारा संचालित पैथोलॉजी लैब का निरीक्षण किया गया। उनके द्वारा चिकित्सालय वार्ड में भर्ती मरीजों उनके तीमारदारों से चिकित्सालय की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली जिसमें चिकित्सालय में भर्ती अनीता रावत ने चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को लेकर कहा की यहां पर हमें उपचार मिल रहा है। उनके द्वारा डेंगू वार्ड में भर्ती मरीजों से भी बात कर उनके उपचार को लेकर चिकित्सालय प्रशासन से बात की। चिकित्सालय के केंद्रीय औषधि भंडार के निरीक्षण के दौरान सचिव स्वास्थ्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए की जिन दवाओं की एक्सपायरी अगले माह नवंबर में निर्धारित है, उनका समय पर डिस्पोजल करना सुनिश्चित करें। चिकित्सालय में भर्ती डेंगू के तीन मरीजों की एलिसा रिपोर्ट मांगे जाने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट का रजिस्टर मेंटेन नहीं पाया गया वहीं डेंगू की एलिसा रिपोर्ट मोबाइल फोन पर रिपोर्ट दिखाई गई। जिस पर सचिव स्वास्थ्य ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सीएमएस डॉ ए तिवारी को सभी जांच रिपोर्ट के आंकड़ों को रजिस्टर में व्यवस्थित करने के निर्देश दिए हैं।
पीपीपी मोड में संचालित जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को लेकर उनके द्वारा संतोष जताया गया। उनके द्वारा कहा गया कि जिला चिकित्सालय वर्ल्ड बैंक द्वारा दिसंबर 2024 तक संचालित रहेगा उनके द्वारा कहा गया कि चिकित्सालय के संबंध में जो भी शिकायतें होगी उनको मॉनिटर कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के प्रयास किए जाएंगे। उनके द्वारा डेंगू के संबंध में एलाइजा कलेक्शन की रिपोर्ट रेगुलर मेंटेन करने हेतु चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया। महिला वार्ड में भर्ती मरीजों से संवाद करते हुए स्वास्थ्य सचिव ने चिकित्सालय में दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर मरीजो से फीडबैक लिया। फीडबैक में मरीजों द्वारा चिकित्सालय की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर संतोष व्यक्त किया गया। उनके द्वारा कहा गया कि भले ही जिला चिकित्सालय पीपीपी मोड में संचालित होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग का इसके संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका है। आमजन को चिकित्सालय में किसी भी प्रकार की अव्यवस्थाओं का सामना ना करना पड़े इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार चिकित्सालय में मौजूद व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग की जाती है। इसके साथ ही द्वारा कहा गया की जनपद में डेंगू के केस लगातार घट रहे हैं अभी उत्तराखंड में 340 एक्टिव केस हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू नियंत्रण के लिए महा अभियान संचालित किया जा रहा है। जिसमें नगर निगम के साथ ही जिला प्रशासन के सहयोग से घर-घर जाकर डेंगू सोर्स रिइंडक्शन कार्यवाही की जा रही है। जिससे डेंगू के केसों में लगातार कमी आ रही है। जिला चिकित्सालय में निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी ईला गिरी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ कुमार आदित्य तिवारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ रमेश कुंवर, एम० एस० महंत इंद्रेश चिकित्सालय देहरादून डॉ०विजय, मंहत चिकित्सालय के मैनेजर प्रमोद चौहान, जिला कार्यक्रम प्रबंधक राजीव रावत व अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

’पाबौ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण’
पौड़ी जिला चिकित्सालय के उपरांत उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबौ का निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान उपस्थिति प्रसव कक्ष में सुविधाओं का जायजा लिया साथ ही महिला सामान्य वार्ड में भर्ती मरीजों से मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बात की। आईपीएचएस नॉर्म्स के मुताबिक स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने चिकित्सालय में साफ सफाई व उपस्थिति पंजिका का भी अवलोकन किया। मौके पर स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी/एसीएमओ डॉ रमेश कुँवर, डॉक्टर पंकज सिंह सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी उपस्थित थे।

’सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पैठाणी का निरीक्षण’
पाबौ के उपरांत सचिव स्वास्थ्य ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पैठाणी का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में उपकरणों की स्थिति सहित अन्य कक्षो/वार्डाे का निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल स्टाफ के लिए आवासीय परिसर को लेकर पास ही में भूमि तलाश करने के निर्देश दिए हैं। सचिव ने स्वास्थ्य केंद्र की दीवारों से निकल रही पापड़ियों को देखते हुए ट्रीटमेंट करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य केंद्र में पेयजल की निर्बाध व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। मौके पर एसीएमओ डॉक्टर रमेश कुंवर, स्वास्थ्य केंद्र के इंचार्ज डॉक्टर अंकित धवन चौतन्य मेडिकल स्टाफ मौजूद थे। आवासीय परिसर के निर्माण को लेकर सचिव ने स्वास्थ्य विभाग से प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश।

’प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिरपालीसेण का निरीक्षण’
सचिव स्वास्थ्य डॉ आर राजेश कुमार ने इसके बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिरपालीसैण का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मेडिकल स्टोर में रखी दवाओं की भी जांच पड़ताल की साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र के परिसर का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।

’सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थलीसैण का किया निरीक्षण’
तिरपालीसैण के बाद स्वास्थ सचिव ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थलीसैण का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने मेल वार्ड, प्रसव कक्ष, अल्ट्रासाउंड कक्ष, शल्य कक्ष, दवाखाना का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सालय में सर्जन और ऑर्थाे की तैनाती की आवश्यकता बताई गई। जिस पर सचिव ने प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मौके पर एसीएमओ डॉ रमेश कुंवर, प्रभारी चिकित्साधिकारी सीएचसी थलीसैण शैलेन्द्र सिंह रावत, डिप्टी सीएमओ पारुल गोयल व अन्य मेडिकल स्टाफ मौजूद थे।

भारत भ्रमण कर देश को जानने का मिल रहा छात्रों को मौका

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में विधानसभा देवप्रयाग के कक्षा 10 की परिषदीय परीक्षा 2023 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं हेतु आयोजित भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण 2023 में शामिल छात्रों के दल को फ्लैग ऑफ कर रवाना किया।
मुख्यमंत्री ने भारत भ्रमण पर जाने वाले छात्रों को शुभकामना देते हुए विधायक देवप्रयाग विनोद कंडारी की इस शानदार पहल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने मध्यम एवं निम्न वर्ग के छात्रों को भारत भ्रमण का अवसर प्रदान करने की परम्परा शुरू की है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भविष्य में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के हर ब्लॉक के टॉपर छात्रों का शैक्षिक भ्रमण आयोजित किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भारत-दर्शन कार्यक्रम से छात्रों में एक विशेष अनुभूति जागृत होगी, जिससे वे सब भारत की विभिन्नताओं इतिहास, विज्ञान, शिष्टाचार और प्रकृति को व्यक्तिगत रूप से जान सकेंगे और समूह में रहने की प्रवृत्ति, नायक बनने की क्षमता तथा आत्मविश्वास एवं भाईचारे की भावना उनमें प्रबल होगी। उन्होंने कहा कि यह भ्रमण कार्यक्रम शिक्षा का एक अंग है, जो छात्रों के किताबी ज्ञान में वृद्धि करेगा। यह भ्रमण छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगा। क्योंकि व्यावहारिक अनुभव के माध्यम से ज्ञान प्रदान करना सीखने को और अधिक रोचक बना देता है। व्यावहारिक ज्ञान किताबी ज्ञान से बेहतर है, एक शोध लेख के अनुसार, लगभग 65 प्रतिशत छात्र दृश्य शिक्षण सहायता पसंद करते हैं। ये शिक्षार्थी केवल उनके बारे में बात करने के बजाय यह देखना पसंद करते हैं कि चीजों को कैसे किया जाए। वे व्याख्यान देने के बजाय प्रदर्शन देखना पसंद करते हैं, क्योंकि देखना ही विश्वास करना है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जब आप किसी चीज़ को व्यक्तिगत रूप से देखते हैं तो आपका दृष्टिकोण बदल जाता है। मानवता का सही अध्ययन मनुष्यों के अध्ययन से ही हो सकता है, भ्रमण के दौरान संभ्रान्त व्यक्तियों, तरह-तरह के व्यक्तियों से आपका संपर्क होगा, ऐतिहासिक एवं दर्शनीय स्थलों का आप भ्रमण करेंगे, यदि आप चौकन्नी निगाह रखकर दिल और दिमाग के खिड़की और दरवाजे सभी खुले रखकर भ्रमण करेंगे तो आपको, व्यक्तियों और घटनाओं का इतना व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हो जायेगा जो किसी भी पुस्तक में आपको नहीं मिल सकती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मस्तिष्क के स्वस्थ विकास के लिए भी भ्रमण अति आवश्यक है। कवीन्द्र टैगोर का कहना है कि मन का स्वास्थ्य चुनी हुई पुस्तकों, चारदीवारी से घिरे निश्चल स्कूल की गतिहीन कक्षाओं में पढ़ाई से नहीं सुधर सकता। भ्रमण से आपका दृष्टिकोण विस्तृत होगा, इससे आपके विचारों और दृष्टिकोण में उदारता आएगी। यह भारत दर्शन छात्रों के लिए एक चमत्कारिक तनाव निवारक के रूप में काम करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भ्रमण से छात्रों के सर्वश्रेष्ठ व्यवहार का असर उनकेे स्कूल पर भी पड़ेगा। जो उन्हें अप्रत्यक्ष रूप से अनुशासन और नियंत्रण सिखाएगा। किसी साइट पर जाने से अक्सर नई जानकारी का हस्तांतरण होता है। कभी-कभी, कुछ डेटा जो पाठ्यपुस्तक में शामिल नहीं है, ऐसे छोड़े गए डेटा को आप सीधे भ्रमण स्थल से प्राप्त कर सकते हैं, जो आपको अधिक मूल्यवान बनाएगा। किसी शैक्षणिक अवधारणा को देखने, छूने और उसका जीवंत अनुभव करने से स्मरण शक्ति बढ़ती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नई शिक्षा नीति में छात्रों को व्यावहारिक सीखने का अनुभव प्रदान कर शिक्षा के लिए एक समग्र दृष्टिकोण प्रदान किया जा रहा है। शैक्षिक भ्रमण एवं परिभ्रमण को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। आधुनिक उद्योग आज शैक्षणिक संस्थानों को पाठ्यक्रम में भ्रमण को अनिवार्य रूप से शामिल करने की आवश्यकता पर बल देते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह व्यावहारिक प्रदर्शन छात्रों का सर्वांगीण विकास करेगा जो आज की शिक्षा का मुख्य उद्देश्य भी है। और इस भ्रमण का एक लाभ यह भी होगा कि यह आपको विषय पर अधिक ज्ञान के लिए जिज्ञासु और पिपासु बनाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि छात्रों को भविष्य में अपने क्षेत्र में नेतृत्व करने की भावना विकसित करनी होगी। इसके लिये आपको विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढना है। अच्छे और सच्चे मन से यदि कोई कार्य किया जाय तो उसमें सफलता निश्चित है। साधारण से असाधारण की यात्रा करने वाले हमारे महान लोग साधारण परिवेश से ही आगे बढ़े है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम इसका उदाहरण है। उनका जीवन हमारे लिये प्रेरणा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इसके उदाहरण है, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में देश का नेतृत्व कर दुनिया में भारत का सम्मान बढाया। जी-20 के सफल आयोजन ने विश्व को वसुधैव कुटुम्बकम की भावना से परिचित कराया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों के जीवन का यह स्वर्णिम काल है। इसका सदुपयोग कर वे निश्चित रूप से अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल होंगे।
इस अवसर पर विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि अपनी विधान सभा के मेधावी छात्रों को भारत भ्रमण कराने का उनका प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह भ्रमण कार्यक्रम 23 से 29 सितम्बर, 2023 तक आयोजित किया गया है। उन्होंने छात्रों के हित में किये जा रहे इस कार्यक्रम को अपना सौभाग्य भी बताया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष टिहरी सोना सजवाण सहित कई छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।

स्वच्छता लीग मैराथन में दौड़े सीएम धामी, पीएम के दीर्घायु होने की कामना की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर परेड ग्राउंड, देहरादून में नगर निगम देहरादून द्वारा आयोजित ‘स्वच्छता लीग मैराथन’ का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने बाबा केदार, भगवान बदरीविशाल और मां गंगा से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु होने की कामना की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अब तक के 9 साल के कार्यकाल में देश ने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। आज दुनिया में भारत का मान, सम्मान और स्वाभिमान बढ़ा है। वैश्विक स्तर पर भारत की शाख बढ़ी है। 21 जून विश्व के अनेक देशों में योग दिवस मनाया जाता है। इसे वैश्विक स्तर पर ले जाने का काम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया। भारत की अध्यक्षता में आयोजित जी-20 की देशभर में 200 से भी अधिक बैठकें देश के अनेक स्थानों पर हुई। जी-20 की तीन बैठकें आयोजित करने का अवसर उत्तराखण्ड को भी मिला। इस समिट में पूरी दुनिया ने भारत की संस्कृति और सामर्थ्य को देखा। वर्ष 2023 को वैश्विक स्तर पर मिलेट वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने भारत के श्री अन्न को वैश्विक स्तर पर अलग पहचान दिलाने का कार्य किया है। आज भारत विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का देवभूमि उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है। उन्होंने बाबा केदारनाथ की भूमि से कहा था कि इक्कीसवीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने के लिए राज्य सरकार हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केन्द्र सरकार से राज्य को हर क्षेत्र में पूरा सहयोग मिल रहा है। सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी का राज्य में तेजी से विस्तार हो रहा है। नरेन्द्र मोदी के कालखण्ड में राज्य को डेढ़ लाख करोड़ से अधिक योजनाएं मिली हैं। पर्यटन, कृषि, बागवानी, शिक्षा, चिकित्सा, तकनीकि क्षेत्र सभी में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजानदास, नगर आयुक्त मनुज गोयल, अनिल गोयल उपस्थित रहे।