मेक इन इंडिया के तहत सीएम ने किया प्रदेश की पहली ड्रोन फैक्ट्री का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुड़की में रोटर प्रेसिजन इंस्ट्रूमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा मेक इन इंडिया के तहत प्रदेश की पहली ड्रोन फैक्ट्री का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने स्वदेशी तकनीक से बनाए जा रहे ड्रोन उपकरणों की विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के साथ ही रोटर ग्रुप को बधाई देते हुए कहा कि आज प्रदेश के लिए बहुत ही ऐतिहासिक दिन है जब देश की सबसे बड़ी और प्रदेश की पहली आधुनिक ड्रोन तकनीक फैक्ट्री की शुरुआत हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आदिकाल से ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र में आगे रहा है, वेद पुराणों में भी पुष्पक विमान जैसे आधुनिक विमानों का उल्लेख है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में आज भारत विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत मेक इन इंडिया के तहत ड्रोन तकनीक और हथियार निर्माण के क्षेत्र में बहुत तेजी से कार्य कर रहा है। आज भारत तमाम देशों को हथियार निर्यात कर रहा है जो कि भारत को एक विश्व शक्ति के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार संसाधनहीन प्रतिभाओं को मेक इन इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, स्किल इंडिया के तहत प्रोत्साहित कर रही है। उत्तराखंड भौगोलिक परिस्थितियों के लिहाज से बेहद जटिल राज्य है, यहां ड्रोन तकनीक बेहद कारगर सिद्ध हो सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन का राज्य में और कितना बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है इसके लिए सभी विशेषज्ञ अपने सुझाव सरकार तक पहुंचा सकते हैं। राज्य सरकार राज्य हित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अवश्य संज्ञान लेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में ड्रोन एप्लीकेशन रिसर्च सेंटर डार्क स्थापित किया गया है। हमारी सरकार का लक्ष्य है अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचना है। हम संकल्प रहित विकल्प के सिद्धांत के साथ काम कर रहे हैं।

कार्यक्रम में रोटर ग्रुप द्वारा जानकारी दी गई कि इस ड्रोन फैक्ट्री में प्रति माह 150 से अधिक सर्वेक्षण ड्रोन और भारतीय सेना के लिए 50 से ज्यादा एडवांस ड्रोन बनाने की क्षमता है । फैक्ट्री में ड्रोन के सुरक्षित और कुशल उपयोग के साथ-साथ भू-स्थानिक डेटा उत्पादन में पायलटों को प्रशिक्षित करने के लिए एक स्वतंत्र प्रशिक्षण अकादमी भी होगी।

कार्यक्रम में विधायक रुड़की प्रदीप बत्रा, सर्वे ऑफ़ इंडिया, आईआईटी रुड़की समेत अन्य संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

धामों में मोबाइल, पर्स मंदिर के अंदर ले जाने पर पूरी तरह नियंत्रित करने की मांग

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने प्रदेश के मुख्य सचिव एसएस संधू को पत्र लिखकर श्री केदारनाथ एवं श्री बदरीनाथ मंदिरों के निकट क्लॉक रूम बनाने का सुझाव दिया है, ताकि मंदिर में दर्शन हेतु जा रहे तीर्थयात्रियों के मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैग इत्यादि वहां जमा हो सकें।
उल्लेखनीय है कि विगत दिवस बीकेटीसी ने श्रद्धालुओं की संख्या में कमी को देखते हुए केदारनाथ मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश की छूट दे दी थी। ऐसे में कतिपय शरारती तत्वों द्वारा गर्भ गृह का वीडियो बनाकर इंटरनेट पर वायरल कर दिया गया। जिस पर श्रद्धालुओं व तीर्थपुरोहितो ने कड़ी आपत्ति जताई है।
वीडियो बनाकर वायरल होने की घटना पर बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र ने भी कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने इस मामले में मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह को प्रकरण की जांच कर वहां ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही अजेंद्र ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर श्री केदारनाथ व श्री बदरीनाथ मंदिर की सुरक्षा की दृष्टि से एहतियाती कदम उठाने को कहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान यात्रा काल में अब तक लाखों लोग दोनों धामों की यात्रा कर चुके हैं। कतिपय यात्री मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैग इत्यादि के साथ मंदिर में प्रवेश कर जाते हैं, जो मंदिर के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए उचित नहीं है। लिहाजा, दोनों मंदिरों के निकट क्लॉक रूम बनाया जाए। जहां पर यात्रियों के मोबाइल, बैग इत्यादि सामान जमा कर सकें।

गूलर-ब्यासी के पास देर रात एक कार खाई में गिरा, एक की मौत

बदरीनाथ मार्ग पर गूलर-ब्यासी के पास सोमवार देर रात एक कार खाई में गिर गई। हादसे में कार में सवार एक युवक की मौत हो गई। जबकि तीन लोग घायल हो गए। घायलों को एसडीआरएफ की टीम ने ऋषिकेश एम्स में भर्ती कराया है।
एसडीआरएफ निरीक्षक कविंद्र सजवाण ने बताया कि सोमवार रात बदरीनाथ धाम से एक कार लौट रही थी। इसी बीच अचानक गूलर-ब्यासी के पास कार अनियंत्रित होकर 30 मीटर खाई में गिर गई। कार में सवार निशांत (22) निवासी गाजियाबाद की मौके पर मौत हो गई। सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की टीम ने घायलों को खाई से बाहर निकाला। इन्हें ऋषिकेश एम्स में भर्ती कराया गया। घाायलों की पहचान वर्षा (25) पुत्र शेर सिंह निवासी दिल्ली, संगीता दास अधिकारी निवासी चाई फाईन ग्रेटर नोएडा, चालक अंकित निवासी गाजियाबाद, यूपी के रूप में हुई। एम्स के चिकित्सकों के अनुसार घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स भेज दिया है।

चलती कार में बोल्डर गिरा, कार सवार पति-पत्नि की मौत

चमोली जिले में रविवार दोपहर को कर्णप्रयाग-ग्वालदम मार्ग पर चलती कार में एक बड़ा बोल्डर गिरने से हादसे में पति-पत्नी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बोल्डर गिरने से कार बूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। सूचना पर पुलिस, प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों ने जेसीबी से शवों को रेसक्यू किया।
जिसके बाद कर्णप्रयाग उपजिला चिकित्सालय के मोर्चरी में अन्य कार्रवाई की गई। कर्णप्रयाग के तहसीलदार सुरेंद्र सिंह देव के अनुसार रविवार अपराह्न करीब 3 बजकर 35 मिनट पर कंट्रोल रूम से सूचना मिली की कर्णप्रयाग-ग्वालदम मोटर मार्ग पर बगोली से करीब दो सौ मीटर आगे नारायण बगड़ की ओर एक आल्टो कार में बड़ा बोल्डर गिर गया है।
जिस पर पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर रवाना हुई। यहां स्थानीय ग्रामीणों और जेसीबी की मदद से शवों को रेसक्यू किया गया। घटना में कार में सवार बलबीर सिंह (45 वर्ष) पुत्र पुष्कर सिंह निवासी मेटा, कुलसारी एवं उनकी पत्नी सावित्री देवी (40 वर्ष) की मौत हो गई। बताया जा रहा कि बलबीर सिंह की गांव में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान है। रविवार को दंपति देहरादून से कुलसारी जा रहे थे। तहसीलदार सुरेंद्र सिंह देव ने बताया कि मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। साथ ही अन्य कार्रवाई की जा रही है।

केदारनाथ मंदिर में अब गर्भगृह के भी होंगे दर्शन

केदारनाथ जाने वाले तीर्थ यात्री अब मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन कर सकेंगे। अब तक धाम में भारी भीड़ को देखते हुए श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की ओर से तीर्थ यात्रियों को सभामंडप से ही बाबा के दर्शन कराए जा रहे थे। लेकिन, मानसून सीजन में तीर्थ यात्रियों की संख्या में कमी आने के कारण शुक्रवार से उन्हें गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति दे दी गई।
मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि इस वर्ष मई-जून में रिकार्ड तीर्थ यात्री बाबा के दर्शनों को केदारनाथ धाम पहुंचे। इसके चलते गर्भगृह में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और तीर्थ यात्री सभामंडप से ही बाबा के दर्शन कर रहे थे। लेकिन, मानसून सीजन में तीर्थ यात्रियों की संख्या काफी कम हो गई है, लिहाजा अब वे गर्भगृह में जाकर पूजा-अर्चना कर सकते हैं।
मंदिर समिति के अध्यक्ष ने बताया कि शुक्रवार से मंदिर में दर्शनों का समय भी बदल दिया गया है। अब सुबह चार बजे के स्थान पर पांच बजे से धर्म-दर्शन शुरू हो रहे हैं। दोपहर बाद तीन से शाम 4ः45 बजे तक भोग-पूजा व सफाई के लिए मंदिर के कपाट बंद रखे जा रहे हैं। शाम को शृंगार पूजा के बाद रात नौ बजे मंदिर के कपाट बंद कर दिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बदरीनाथ धाम में भी भगवान नारायण की अभिषेक पूजा सुबह पांच बजे से शुरू हो रही है। पूजा के दौरान तीर्थ यात्रियों को धर्म दर्शन की अनुमति है। शाम को विभिन्न पूजाओं के बाद रात नौ बजे कपाट बंद कर दिए जा रहे हैं। बताया कि दोनों धाम में अब तक 17 लाख 38 हजार 499 तीर्थ यात्री दर्शनों को पहुंच चुके हैं।

रामा पैलेज से एक जुलाई से दिखाई जायेगी गढ़वाली फिल्म खैरी का दिन

आंचलिक फिल्मों के जरिए हमारी संस्कृति को पहचान मिलती है, इनसे हमारी संस्कृति को और करीब से जानने का अवसर मिलता है। यह बात एआईसीसी के सदस्य जयेंद्र रमेाला ने कही।

बता दें कि एक जुलाई से रामा पैलेस ऋषिकेश में प्रदर्शित होने वाली गढ़वाली फ़िल्म’ ’खैंरी का दिन’ के पहले शो शुभारम्भ कांग्रेस नेता जयेन्द्र रमोला करेंगे।

कांग्रेस नेता जयेन्द्र रमोला ने बताया कि पूरे हिन्दुस्तान में हर प्रदेश में अपनी बोली व अपनी भाषा से पहचान है परन्तु उत्तराखण्ड में आज भी हमें अपनी बोली को भाषा का दर्जा दिलाने के लिये संघर्ष करना पड़ रहा है क्योंकि हम लोग स्वयं अपनी गढ़वाली बोली में बात करने में हिचक महसूस करते हैं परन्तु उत्तराखण्ड के स्थानीय कलाकार आज फ़िल्मों के माध्यम से अपनी भाषा व संस्कृति को बचाने का कार्य कर रहे हैं और हमें इनको प्रोत्साहित करना चाहिये।

कांवड यात्रा की व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हो-सुबोध उनियाल

आगामी कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले ही व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हों, ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। मुनिकीरेती स्थित जीएमवीएन के गेस्टहाउस गंगा रिसोर्ट में आगामी कांवड़ यात्रा के मद्देनजर आयोजित बैठक में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने आला अधिकारियों को सख्त हिदायत दी।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर पार्किंग, सड़कों, पेयजल, चिकित्सा एवं सफाई की व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों से पूछताछ की, जिसके बाद उन्होंने शीघ्र ही इन व्यवस्थाओं को दुरस्त करने के निर्देश दिए। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार, ऋषिकेश, मुनिकीरेती, रामझूला, स्वर्गाश्रम, तपोवन, नीलकंठ आदि जगहों पर बड़ी संख्या में शिवभक्तों का सैलाब उमड़ता है। बीते दो वर्षों से कोविड-19 महामारी के कारण कांवड़ यात्रा बंद रही, इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उमड़ने की उम्मीद की जा रही है। इसके मद्देनजर कांवड़ यात्रा शुरू होने से पूर्व अधिकारियों को तैयारियां पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया है।
मौके पर जिलाधिकारी टिहरी ईवा आशीष श्रीवास्तव, जिलाधिकारी पौड़ी विजय जोगदंडे, जिलाधिकारी हरिद्वार विनय शंकर पांडे, एसएसपी टिहरी नवनीत सिंह, एसपी ग्रामीण देहरादून कमलेश उपाध्याय, एसपी हरिद्वार योगेंद्र सिंह रावत, लोक निर्माण विभाग नरेंद्रनगर के अधिशासी अभियंता मौहम्मद आरिफ खान, सीएमओ टिहरी संजय जैन, चिकित्साप्रभारी फकोट जगदीश जोशी, नगर पालिका मुनिकीरेती-ढालवाला ईओ तनवीर मारवाह आदि उपस्थित रहे।

केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यो में लापरवाही बर्दाश्त नही-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केदारनाथ में चल रहे सभी कार्य सुचारू रूप से चलते रहें, इसके लिए आवश्यक सामग्री और स्किल्ड-अनस्किल्ड लेबर की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि निर्माण सामग्री पहुंचाने हेतु भी फुल प्रूफ प्लान तैयार किया जाए ताकि किसी छोटी से छोटी सामग्री की कमी से कोई कार्य बाधित न हो। उन्होंने कहा कि निर्माण सामग्री के ट्रांसपोर्टेशन के लिए घोड़े-खच्चरों आदि की कमी नहीं हो, इसके प्रयास किए जाएं। चारधाम यात्रा में यात्रियों की संख्या कम होने से बहुत से घोड़े खच्चर के संचालकों को निर्माण सामग्री के ढुलान में लगाए जाने हेतु प्रयास किए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि स्किल्ड लेबर के साथ अनस्किल्ड लेबर को लगाकर स्किल्ड करने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने हेतु कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण सामग्री और ट्रांसपोर्टेशन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लेबर को रहने खाने की समस्या न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए, साथ ही उनके बिलों का समय से भुगतान किया जाए।
इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग भी उपस्थित रहे।

टिहरी और उत्तरकाशी का प्रभारी मंत्री बनने पर प्रवासी नागरिकों ने किया अभिनंदन

कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल का टिहरी जिले का प्रभारी मंत्री बनने पर छिद्दरवाला में टिहरी जिले के प्रवासियों ने आतिशबाजी कर भव्य स्वागत किया।
मंगलवार को छिद्दरवाला स्थित गुरुद्वारा में स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर आतिशबाजी की गई। पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि कैबिनेट मंत्री डॉ अग्रवाल के टिहरी जिले का प्रभारी मंत्री बनने से विकास की गति में बढ़ोतरी होगी। कहा कि डॉ अग्रवाल के काम करने की शैली विकास परक है। ऋषिकेश विधानसभा से चार बार विधायक उनकी विकास परक सोच को दर्शाता है।
ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल ने कहा कि टिहरी जिले के मंत्री बनने से जिला नियोजन एवं अनुश्रवण समितियों के बजट रिलीज होने में अड़चने नहीं पैदा होंगी। इससे दोनों जिलों में विकास कार्यों को गति मिलेगी। कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में अक्सर समय पर बजट ना मिलने के कारण विकास कार्य अवरुद्ध हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि डॉ अग्रवाल के टिहरी जिले में प्रभारी मंत्री बनने पर यहां की जनता को सीधा लाभ मिलेगा। कहा कि डॉ अग्रवाल सबका साथ सबका विकास की धारणा से कार्य करते हैं। प्रभारी मंत्री बनने से हर वर्ग के लिए कार्य किया जाएगा। इस मौके पर आतिशबाजी कर डॉ अग्रवाल को बधाई दी गयी।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों को जिलों में प्रभारी मंत्री के रूप में जिम्मेदारी सौंपी है इस क्रम में कैबिनेट मंत्री व ऋषिकेश विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल को टिहरी और उत्तरकाशी जिले की जिम्मेदारी मिली है।
स्वागत करने वालों में ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी, प्रधान भगवान सिंह मेहर, सोबन सिंह कैंतुरा, प्रधान प्रतिनिधि बलविंदर सिंह लाला, पूर्व प्रधान हरीश कक्कड़, मण्डल अध्यक्ष महिला मोर्चा समा पंवार, क्षेत्र पंचायत सदस्य अमर खत्री, महामंत्री श्यामपुर मण्डल भूपेंद्र रावत, कैलाश रतूड़ी, बृज मोहन जोशी, बिशन सिंह बिष्ट, कपिल कक्कड़, राकेश पोखरियाल, अनिता राणा, कुलवीर बिष्ट, अम्बर गुरंग, आयुष रावत, चन्द्रवीर सिंह सजवाण, धर्म सिंह चौहान सहित टिहरी जिले के प्रवासी ग्रामीण आदि उपस्थित रहे।

सीएम ने 77 अतिसंवेदनशील स्थलों पर क्रेश बैरियर लगाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चमोली, उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग, टिहरी एवं पौड़ी के चारधाम यात्रा मोटर मार्ग पर चिह्नित 77 अतिसंवेदनशील स्थलों पर क्रेश बैरियर लगाए जाने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में कैबिनेट मंत्री लोक निर्माण विभाग सतपाल महाराज और कैबिनेट मंत्री परिवहन विभाग चंदनराम दास को अर्द्ध शासकीय पत्र लिखकर चिह्नित संवेदनशील स्थलों पर दो चरणों में क्रेश बैरियर लगाने के लिए कहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा मार्गों में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली क्षति की रोकथाम एवं दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को गहरी खाई में गिरने से बचाने हेतु क्रेश बैरियर लगाये जाने की नितान्त आवश्यकता है। चारधाम यात्रा मार्ग पर अभी भी कई ऐसे अति संवेदनशील स्थल मौजूद हैं, जहा 2 क्रेश बैरियर के मध्य काफी फासला है, जो कि उक्त दुर्घटनाओं को रोकने में अपर्याप्त हैं। पुलिस विभाग द्वारा जनपद चमोली, उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग टिहरी एवं पौड़ी के चारधाम यात्रा मोटर मार्ग पर 77 अतिसंवेदनशील स्थलों को चिन्हित किया गया हैं।
मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री लोक निर्माण विभाग सतपाल महाराज और कैबिनेट मंत्री परिवहन विभाग चंदनराम दास को इन अतिसंवदेनशील स्थलों में से शीर्ष-10 स्थलों पर शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर प्रथम फेस में 10 क्रैश बैरियर लगवाने एवं तत्पश्चात् शेष 67 स्थलों पर भी क्रैश बैरियर लगवाने के लिए अपने स्तर से तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है।