औली मास्टर प्लान को लेकर सीएस ने की बैठक

मुख्य सचिव डॉ एसएस संधू ने औली पहुँचकर औली मास्टर प्लान को लेकर संबधित अधिकारियों के साथ बैठक की।

पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि औली को वर्ल्ड क्लास टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में तैयार किया जा रहा है जिसके लिए मास्टर प्लान लगभग अंतिम चरणों में है। मास्टर प्लान पर प्रेजेंटेशन के माध्यम से चर्चा की गयी। उन्होंने कहा कि यहां जमीन को लेकर कुछ समस्याएं हैं जिनका आई. टी. वी. पी, आर्मी तथा पर्यटन विभाग के साथ समाधान ढूंढने की बात हुई, जिससे प्रोजेक्ट का जल्द से जल्द शुरू किया जा सके। साथ ही उन्होंने औली का स्थलीय तथा हवाई निरीक्षण किया।

यात्रा को लेकर खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि इस रिकार्ड श्रद्धालु पहुँच रहे हैं जिससे हमारे स्थानीय व्यापारियों को अच्छी आय प्राप्त होगी।

इस दौरान जिला अधिकारी हिमांशु खुराना, एसडीएम कुम कुम जोशी सहित सभी संबधित अधिकारी मौजूद रहे।

नेशनल हाईवे के अधिकारियों के साथ मंत्री अग्रवाल ने की बैठक, जाम से निजात को लेकर हुई वार्ता

कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने नेशनल हाईवे के अधिकारियों के साथ श्यामपुर फाटक व मनसा देवी फाटक पर रेलवे ओवरब्रिज सहित ढालवाला से खारा स्रोत तक टलन निर्माण कार्यों के संदर्भ में समीक्षा बैठक की।

बैठक में डॉ अग्रवाल में श्यामपुर और मनसा देवी फाटक पर आरओबी बनाने सम्बंधी स्थिति जानी। एनएच की अधिशासी अभियंता रचना थपलियाल ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 58 पर चार धाम ऑल वेदर रोड प्रोजेक्ट के तहत श्यामपुर फाटक पर आरओबी बनाया जाना है उन्होंने बताया कि यह आरओबी 900 मीटर लंबा होगा। जो बंगाल नाला पुल के पहले से रेलवे लाइन के ऊपर से होता हुआ श्यामपुर की और हाईवे पर उतरेगा।

उन्होंने बताया कि यह आरओबी दुर्गा मंदिर आईडीपीएल के कुछ आगे से शुरू होकर वीरभद्र स्टेशन से योग नगरी और ऋषिकेश को आने वाली रेल लाइनों के ऊपर से होता हुआ मनसा देवी तिराहे से आगे बाईपास मार्ग पर जोड़ा जाएगा।

सहायक अभियंता शिव सिंह रावत ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड डोईवाला ने इन दोनों आर आओबी के लिए एलाइंमेंट सर्वे का काम पूरा हो चुका है इसकी स्वीकृति भारत सरकार से एनएच को मिल चुकी है।

अपर सहायक अभियंता छत्रपाल सिंह ने बताया कि एनएच-58 पर ढालवाला से खारा स्रोत तक टनल का निर्माण किया जाना है। बताया कि पुराना आरटीओ कार्यालय से आगे की पहाड़ी से एक किमी लम्बी टनल होगी। जो तपोवन हाईवे पर खुलेगी।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि चार धाम यात्रा, कावंड़ यात्रा और पर्यटन सीजन में वाहनों का अत्यधिक दवाब बन जाता है। साथ ही रेल के आवागमन के चलते फाटक पर और भी भयावह स्थिति पैदा हो जाती है। डॉ अग्रवाल ने एनएच अधिकारियों को स्वीकृति मिलने के बाद अब डीपीआर माह अक्टूबर तक जल्द तैयार करने को कहा है। कहा कि उसके उपरांत टेंडर की प्रक्रिया तय समय के भीतर पूरी कर निर्माण कार्य शुरू किया जाए। जिससे आने वाले डेढ़ साल बाद ऋषिकेश में जाम की समस्या से पूरी तरह निजात सके।

गोपेश्वर नगर पालिका में मास्टर प्लान के तहत होंगे कार्य-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गोपेश्वर में चमोली-गोपेश्वर नगर पालिका की नवनिर्वाचित अध्यक्ष पुष्पा पासवान के शपथ ग्रहण समारोह में प्रतिभाग किया। उन्होंने नवनिर्वाचित अध्यक्ष को जीत की बधाई देते हुए नगर पालिका के विकास कार्याे को आगे बढाने के लिए शुभकामनाएं दी। जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने नवनिर्वाचित पालिका अध्यक्ष को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि जिले की सबसे बडी नगर पालिका चमोली-गोपेश्वर को एक आदर्श नगर पालिका बनाने के लिए मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य किए जाएंगे ताकि नगर क्षेत्र में पार्किंग, भूस्ख्लन, बरसाती नालों एवं अन्य समस्याओं का सुनियोजित तरीके से समाधान हो सके। उन्होंने आश्वस्त किया कि नगर क्षेत्र के विकास कार्याे को तेजी से आगे बढाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के साथ विकल्प रहित संकल्प के साथ निरतंर विकास कार्याे को आगे बढाने का काम कर रही है। राज्य सरकार ने वृद्वावस्था, दिब्यांग सहित तमाम सामाजिक पेंशन को 1200 से बढ़ाकर 1500 करने का फैसला किया हैं। यही नहीं पहले एक परिवार में एक ही बुजुर्ग को पेंशन का लाभ दिया जाता था, लेकिन अब परिवार के दोनों बुजुर्ग दंपत्तियों को इसका लाभ दिया जा रहा है। पर्यावरण मित्रों के लिए 500 रु प्रतिदिन मानदेय का प्राविधान किया गया है। राज्य में 185 हजार अंत्योदय परिवारों को साल में तीन गैस सिलेंडर मुक्त देने का फैसला लिया गया है। सभी विभागों को अगले 10 वर्षाे के विकास कार्याे का रोडमैप तैयार करने हेतु निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य के नागरिकों के हित में जल्द ही एक समान नागरिक संहिता कानून लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निपथ योजना के तहत देश की सेवा करने वाले उत्तराखंड प्रदेश के अग्निवीरों को राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में रोजगार देने का प्राविधान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश का बहुमुखी विकास हो रहा है। प्रदेश के चारधाम यात्रा मार्ग का निर्माण किया गया है। केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम को मास्टर प्लान के तहत दिव्य और भव्य स्वरूप देने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस साल मात्र 44 दिनों में ही 23 लाख से अधिक यात्री चारधाम की यात्रा कर चुके है। दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड सड़क का निर्माण कार्य पूरा होने पर यह दूरी मात्र दो घंटे की हो जाएगी। उसके बाद और अधिक संख्या में तीर्थयात्री चारधाम पहुॅचेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यात्रा को सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्व है और यात्रा को सुव्यवस्थित बनाने लिए सभी प्रयास किए जा रहे है।
इस दौरान नीती माणा की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को पारम्परिक भोजपत्र की माला भेंट कर उनका अभिवादन किया।

सीएम ने श्री बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत संचालित कार्यो का निरीक्षण किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को श्री बदरीनाथ पहुंचकर मास्टर प्लान के तहत संचालित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को मास्टर प्लान के तहत संचालित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। कहा कि निर्माण कार्याे को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए। इस दौरान सीएम ने रिवर फ्रंट डेवलपमेंट, एराइवल प्लाजा, झीलों का सौंदर्यीकरण, अस्पताल का विस्तारीकरण, लूप रोड व बीआरओ बाईपास निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और निर्माण कार्याे की प्रगति पर संतुष्टि व्यक्त की। जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने मुख्यमंत्री को मास्टर प्लान के तहत प्रथम चरण में संचालित कार्याे की प्रगति से अवगत कराया।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के चारों धामों में हर साल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। तीर्थयात्रियों की यात्रा सुगम हो, इसके लिए सरकार संकल्पबद्ध है। कहा कि प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत बद्रीनाथ धाम में भी तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए ढांचागत विकास कार्य किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के सहयोग से बद्रीनाथ धाम में विकास कार्य किए जाएंगे। मास्टर प्लान के तहत स्ट्रीट स्कैपिंग, क्यू मैनेजमेंट, मंदिर एवं घाट सौंदर्यीकरण, तालाबों का सौंदर्यीकरण, बद्रीश वन, पार्किंग फैसिलिटी, सड़क एवं रिवर फ्रंट डेवलपमेंट आदि निर्माण कार्य चरणबद्ध ढंग से किए जाएंगे और बदरीनाथ मंदिर के चारों ओर श्रद्धालुओं के आवागमन की सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट केदारनाथ धाम की तर्ज पर बद्रीनाथ धाम को भी विकसित करने हेतु मास्टर प्लान के तहत चरणबद्ध ढंग से बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। जिसमें पहले चरण का कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बद्रीनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान श्री बद्रीनाथ की विशेष पूजा अर्चना करते हुए देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना भी की। बद्रीनाथ धाम में तीर्थयात्रियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, एडीएम आशीष त्रिपाठी, एसडीएम कुमकुम जोशी, सीओ धन सिंह तोमर, सीओ नताशा सिंह, सहकारी बैंक अध्यक्ष गजेंद्र रावत, मंदिर समिति के उपाध्यक्ष किशोर पंवार सहित मास्टर प्लान से संबंधित जिला स्तरीय विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य के प्रस्ताव को केन्द्र ने दी वित्तीय स्वीकृति, बहुरेंगे टिहरी के दिन

बहुपक्षीय विकास बैंकों की मदद से टिहरी झील और उसके जल ग्रहण क्षेत्र के समग्र विकास के राज्य सरकार के एक महत्वकांक्षी प्रस्ताव को केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके अंतर्गत प्रदेश सरकार को एशियन डेवलपमेन्ट बैंक तथा ब्रिक्स डेवलपमेंट बैंक के माध्यम से कुल 2030 लाख अमरीकी ड़ॉलर का ऋण मिलेगा। इस परियोजना के अन्तर्गत कोटी कालोनी, नई टिहरी, तिवाड़ गांव, डोबरा चांटी, टिहरी झील तथा मदन नेगी को कलस्टरों के रूप में विकसित किया जायेगा। परियोजना के अन्तर्गत टिहरी झील में चार स्थानों पर जल क्रीड़ा सम्बन्धित केन्द्र, टैन्ट कॉलोनी निर्माण, कोटी कॉलोनी से डोबरा-चांटी तक पर्यटन रोड का निर्माण, होम स्टे कलस्टरों का निर्माण, डोबरा चांटी पार्क, मल्टी लेवल कार पार्किंग, एकीकृत सूचना केन्द्र, मनोरंजन कॉम्पलेक्स, एक्वैटिक कॉम्पलेक्स, 3 स्टार बुटीक होटल, स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर, बायो डायर्वसिटी पार्क, योग एवं पंचकर्म केन्द्र, रोपवे निर्माण, तटीय क्षेत्र में वृहद वृक्षारोपण तथा लाइट एवं साउन्ड लेजर शो आदि विविध कार्य प्रस्तावित है। इस संबंध में एडीबी की टीम शीघ्र ही उत्तराखंड का दौरा करेगी।
इस परियोजना का उद्देश्य टिहरी को उत्तराखंड के ब्रांड टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने का है, जिसे स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत टिहरी शहर के एतिहासिक महत्व को पुर्नस्थापित करने, पर्यटन ढाँचे को मजबूत बनाने, बेहतर क्षमताओं से युक्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा पलायन को कम करने का काम किया जायेगा। परियोजना के उद्देश्यों में पर्यटकों के टिहरी प्रवास की औसत अवधि को बढ़ाकर तीन दिन तक करना भी शामिल है।
सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने कहा है, इस योजना के माध्यम से उत्तराखंड सरकार टिहरी को स्थानीय लोगों की भागीदारी के साथ एक वैकल्पिक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना चाहती है। इस परियोजना से प्रत्यक्ष तौर पर लगभग चालीस हजार और परोक्ष रूप से लगभग दो लाख परिवार लाभान्वित होंगे। उन्हांेने कहा कि इस परियोजना के लिए हरित तकनीकी का प्रयोग किया जायेगा और अनिवार्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। इस परियोजना के अन्तर्गत सतत विकास उद्देश्यों के अनुरूप इस संवेदनशील क्षेत्र में सतत एवं उत्तरदायी पर्यटन को सुनिश्चित किया जायेगा।
उन्होंने कहा परियोजना के माध्यम से बाजार की मांग के अनुरूप क्षमता निर्माण करते हुए स्थानीय लोगों के सामाजिक एवं आर्थिक स्तर मे सुधार लाया जायेगा। परियोजना का उद्देश्य पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना ग्रामीण क्षेत्र को आर्गेनिक होमस्टे के रूप में विकसित कर उत्तरदायी पर्यटन की दिशा में आगे कदम बढ़ाना है। परियोजना में स्वास्थ्य व स्वच्छता के स्तर को बेहतर बनाने के लिए सेनिटेशन की व्यवस्था का प्रस्ताव भी है। सचिव, पर्यटन ने कहा कि परियोजना की वहनीयता को बढ़ाने के लिए स्थानीय संसाधनों का उपयोग किया जायेगा और उर्जा के अक्षय स्रोतों उपयोग सुनिश्चित किया जायेगा। परियोजना के अन्तर्गत कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने की भी योजना है।
ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार ने वित्त मंत्रालय के समक्ष इस परियोजना का संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत किया था जिसमें टिहरी में पर्यटन अवस्थापना एवं सुविधाओं के विकास के साथ-साथ झील के चारों ओर एक रिंग रोड बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है। प्रस्ताव को नीति आयोग, ग्रामीण विकास मंत्रालय, सड़क परिवहन मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय के समर्थन के उपरान्त वित्त मंत्रालय द्वारा स्वीकृति दे दी गई है।

श्री केदारनाथ धाम पहुंचे थल सेनाध्यक्ष मनोज पांडे

थल सेनाध्यक्ष मनोज पांडे ने रविवार को केदारनाथ धाम पहुंचकर भगवान केदारनाथ के दर्शन किए। इस दौरान उनके साथ सेना के कई अधिकारी मौजूद थे। दर्शन के बाद कुछ देर यहां रुकने के बाद वह वापस हुए। जानकारी के मुताबिक रविवार को सेना के शीर्ष कमांडर थल सेनाध्यक्ष मनोज पांडे सपरिवार सुबह केदारनाथ धाम पहुंचे। उन्होंने भगवान केदारनाथ के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया। उनके साथ सेना के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। इधर, बदरी-केदार मंदिर समिति ने सेनाध्यक्ष का स्वागत किया और उन्हें केदारनाथ का प्रसाद भेंट किया। इस मौके पर पुजारी टी गंगाधर लिंग, मंदिर समिति प्रभारी अधिकारी आरसी तिवारी, मंदिर प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, अरविंद शुक्ला ने थलसेनाध्यक्ष को भगवान केदारनाथ का प्रसाद भेंट किया।

थौलधार में नागराजा डोली यात्रा में शामिल हुए सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज ग्राम सभा इडियान ब्लॉक थौलधार में गंगा दशहरा के अवसर पर भगवान कांगुडा नागराजा डोली यात्रा में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने नागराजा मंदिर कांगुडा में पूजा अर्चना कर राज्य की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राजकीय महाविद्यालय कमान्द में विज्ञान संकाय की कक्षाओं का संचालन करने, इंदिरा कटखेत मोटर मार्ग का डामरीकरण द्वितीय चरण, चापड़ा से अंधियारी तक मोटर मार्ग का निर्माण, कांगुडा पंपिंग पेयजल योजना का निर्माण,रौतू की बेली चलीधार मोटर द्वितीय चरण, देवभूमि कांगुडा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की। इस अवसर पर कैन्छु गांव के हाई स्कूल टॉपर मुकुल को सम्मानित भी किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड जब अपनी रजत जयंती मना रहा होगा तब वह देश के एक आदर्श एवं श्रेष्ठ राज्य के रूप में खड़ा होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने केदारनाथ में जो भविष्यवाणी की थी कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा, वह आज सच साबित हो रहा है। आज चारधाम यात्रा पर रिकार्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, व्यवस्थाओं को मध्य नजर रखते हुए रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री के 8 साल के कार्यकाल में नए-नए परिवर्तन हुए हैं, जितनी भी योजनाएं बनी है वह गरीबों को समर्पित की गई है। धारा 370 को हटाया गया, अयोध्या में मंदिर परिसर बनाया जा रहा है, केदारनाथ आपदा के बाद 400 करोड़ की लागत से पुनर्निर्माण का कार्य किये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य में भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर गरीब को छत मुहैया कराई जा रही है। उज्जवला योजना के तहत महिलाओं को धुआं रहित करने हेतु गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही किसान सम्मान निधि के अंतर्गत किसानों खातों में धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है, अटल आयुष्मान योजना अंतर्गत 5 लाख तक की निशुल्क स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराई जा रही है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का कार्य चल रहा है, एम्स ऋषिकेश में हजारों लोग ओपीडी में स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी विकास के कार्य चलते रहे और प्रथम और द्वितीय डोज का शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन का कार्य हुआ है तथा बूस्टर डोज का कार्य भी चल रहा है। देश के बाहर भी वैक्सीन भेजी गई। गरीब कल्याण योजना के तहत 80 करोड़ लोगों को राशन उपलब्ध कराया गया। आज भारत आत्मनिर्भर देश के रूप में खड़ा हो गया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य में भी एक समान कानून बनाने का संकल्प लिया गया है, इसके तहत समिति कार्य कर रही है। इसके साथ ही एक साल में मुफ्त 3 गैस के सिलेंडर गरीब परिवारों को देने का निर्णय लिया गया है। भ्रष्टाचार पर नकेल कसने हेतु टोल फ्री नंबर 1064 जारी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार तीन बिंदुओं सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के अनुसार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर के कार्य जिला स्तर पर ही होने चाहिए। जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि जनता की समस्याओं और शिकायतों के निस्तारण हेतु सोमवार का दिन जनता दर्शन हेतु समर्पित किया गया है।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक प्रीतम सिंह पंवार, जिला अध्यक्ष भाजपा विनोद रतूड़ी,
ब्लाक प्रमुख थौलधार प्रभा बिष्ट, मंडल अध्यक्ष रामचंद्र खंडूड़ी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, अपर जिलाधिकारी रामजी चरण शर्मा, एएसपी राजन सिंह, एसडीएम अपूर्वा सिंह सहित जनप्रतिनिधि जिला उपाध्यक्ष वीरेंदर राणा, वरिष्ठ भाजपा नेता राजेश नौटियाल, प्रधान पढ़ोगी विनोद प्रसाद भट्ट, प्रधान इडियान सरल देवी सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद रहे।

दिल्ली की लापता महिला परमार्थ घाट में मिलीं

दिल्ली से लापता एक महिला लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र के परमार्थ निकेतन घाट पर मिली। पुलिस ने दिल्ली पुलिस से संपर्क कर महिला को सुपुर्द किया।
लक्षमणझूला थाना निरीक्षक संतोष सिंह कुंवर ने बताया कि थाना मानसरोवर पार्क जिला शाहदरा, दिल्ली निवासी आकृति दुबे पत्नी अविनाश दुबे की परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। दिल्ली पुलिस महिला की तलाश में यहां पर पहुंची। लक्ष्मणझूला पुलिस की मदद से महिला को परमार्थ निकेतन घाट से सुबह सकुशल बरामद किया। इस दौरान दिल्ली पुलिस के एएसआई दीपक कुमार, हेड कांस्टेबल जसवीर सिंह, महिला के परिजन सुधीर पांडे और प्रीति पांडे, उप निरीक्षक मनोज रावत, कांस्टेबल मानवेन्द्र सुमन, कांस्टेबल पीएसी सुशील सिंह रावत, महिला कांस्टेबल कविता सैनी मौजूद रहे।

लोक गायक किशन सिंह पंवार का निधन, श्रद्धाजंलि दी

लोकप्रिय लोक गायक व समाजसेवी किशन सिंह पंवार का लंबी बीमारी के बाद मैक्स हॉस्पिटल देहरादून में निधन हो गया। पूर्णानंद घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
अपने गीतों में लोक जीवन के अनछुए पहलुओं को पिरोने वाले तथा पहाड़ी समाज के यथार्थ व्यथा व चिंतन को गीतों के माध्यम से दर्शाने वाले लोक गायक के साथ-साथ समाज सेवक भी थे। उन्होंने समाज के प्रति समर्पण भाव से स्वयं को समर्पित किया व अनेकों सामाजिक दायित्वों की पूर्ति करते हुये सांस्कृतिक व सामाजिक संस्था प्रतापनगर जलकुर घाटी महापंचायत की स्थापना भी की। ऋषिकेश, श्यामपुर, छिद्दरवाला के लोगों को समाज के प्रति संगठित किया। समाजसेवी डॉ. धीरेंद्र रांगड़ ने पंवार को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि समाजसेवा व संगीत में पंवार का योगदान अतुलनीय था उनका जाना उत्तराखंड के लिये अपूरणीय क्षति है।
प्रतापनगर जलकुर घाटी महापंचायत के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह कंडियाल, देवडोली समिति के भगवान सिंह रांगड़, मनसा देवी महिला जनकल्याण समिति की अध्यक्ष उषा भंडारी, हुकम सिंह रावत, बिमला रावत, महिपाल सिंह बिष्ट, धनसिंह रांगड़, यतेंद्र कंडियाल आदि ने पंवार के निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

चारधाम यात्रा मार्गो के नगर निकायों की शहरी विकास मंत्री ने की समीक्षा

शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने शहरी विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। बैठक में अग्रवाल ने चारधाम यात्रा रूट पर पड़ने वाले 27 शहरों, गंगा नदी के तट पर पड़ने वाले 15 नगरों सहित सभी नगर निकायों में सफाई व्यवस्था, स्थाई और अस्थाई शौचालयों की स्थिति, नाले की सफाई, दवा छिड़काव, पेयजल व्यवस्था आदि स्थितियां जानी और इस पर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।
मंगलवार को सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन के पंचम तल वीरभद्र सिंह गढ़वाली सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। सर्वप्रथम अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित मन की बात कार्यक्रम में केदारनाथ में गंदगी को लेकर किए गए जिक्र के संबंध में संबंधित ईओ से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए जानकारी जुटाई। ईओं को केदारनाथ के आसपास पूरी तरह से साफ सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। कहा कि इसकी वीडियों बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजें। अग्रवाल ने इसी तरह बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के ईओ से स्थिति जानी, जो संतोषजनक पाई गई।
अग्रवाल ने चमोली नगर पालिका के ईओ द्वारा प्लास्टिक, पॉलीथिन को बंद करने, बरसात को देखते हुए नालियों को पूर्ण रूप से साफ किए जाने पर प्रशंसा जाहिर की। इसी तरह क्रमवार रूद्रप्रयाग, पौड़ी, बड़कोट, श्रीनगर, रूड़की, हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, लंढौरा, मंगलौर, इमली खेड़ा, सेलाकुई, मसूरी, विकासनगर, झबरेड़ा, हरबटपुर, डोईवाला सहित सभी निकायों में सफाई व्यवस्था, शौचालयों, दवा छिड़काव की स्थिति जानी।
बैठक के दौरान अग्रवाल ने पिरान कलियर नगर पालिका क्षेत्र में रात्रिकाल में सफाई व्यवस्था न किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मौके पर सभी नगर निकायों को निर्देशित करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों के आसपास सफाई व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाए। सभी जगह तीन शिफ्टों में सफाई की जाएं। कूड़ा उठान का कार्य रात्रिकाल में किया जाए, जिससे अगले दिन लोगों को नगर साफ दिखाई दें।
अग्रवाल ने सख्त लहजे में सभी नगर निगम के नगर आयुक्तों, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि दवा छिड़काव के बावजूद जिस भी निकाय में डेंगू जैसी बीमारी फैलेंगी, इसके लिए निकाय के अधिकारी जिम्मेदार होंगे। कहा कि छिड़काव में दवा की मात्रा पर्याप्त हो। अग्रवाल ने सभी अधिकारियों को कहा कि मानसून से पूर्व नालियों को साफ किया जाए।
अग्रवाल ने कहा कि डेंगू जैसी बीमारियों से निजात पाने के लिए उसके लार्वा को नष्ट करने का जून माह सही समय है, क्यों कि लार्वा नष्ट न किया गया तो उसके बाद मच्छर पैदा होंगे और स्थिति नियंत्रण से बाहर चली जाएगी। इसके लिए उन्होंने घर-घर टीम भेजकर लार्वा को नष्ट करने के निर्देश दिए। अग्रवाल ने कहा कि ऐसे निजी कार्यक्रम जैसे शादी, जन्मदिन महोत्सव आदि, जहां निकाय की ओर से सफाई की जाती है, उनसे न्यूनतम चार्ज भी वसूला जाए, जिससे राजस्व में वृद्धि हो सके।
इस मौके पर अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, प्रभारी सचिव विनोद कुमार सुमन, निदेशक ललित मोहन रयाल, विभिन्न नगर निगमों के नगर आयुक्त, नगर पालिका और नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए जुड़े।