इन नियमो का पालन करने से चारधाम यात्रा पर नही करना होगा कठिनाईयों का सामना

चारधामों के कपाट खुलने के लगभग चार महीने के बाद शनिवार से चारधाम यात्रा शुरू होगी। शुक्रवार को सरकार ने चारधाम यात्रा की मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में दर्शन के लिए आने वाले यात्रियों को पंजीकरण करने के बाद ई-पास जारी किए जाएंगे। जिसके बाद ही चारधामों में दर्शन की अनुमति मिलेगी।
राज्य के बाहर से आने वाले यात्रियों को स्मार्ट सिटी पोर्टल पर भी अनिवार्य रूप से पंजीकरण करना होगा। कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लगाने के 15 दिन के बाद प्रमाण पत्र दिखाने पर यात्रा की अनुमति दी जाएगी। लेकिन केरल, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश से आने वाले यात्रियों को दोनों डोज लगवाने के बाद 72 घंटे पहले की कोविड जांच निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य की गई है। 
सचिव धर्मस्व हरिचंद्र सेमवाल ने चारधाम यात्रा की एसओपी जारी की है। इस बीच चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड ने भी एसओपी जारी कर दी है। दोनों एसओपी में एक समान प्रावधान हैं। चारधामों में यात्रा का संचालन 18 सितंबर से होगा। यात्रा में राज्य और बाहर से आने वाले यात्रियों को सशर्त अनुमति दी जाएगी।
धामों में दर्शन करने के लिए यात्रियों को सबसे पहले देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट पर पंजीकरण करना होगा। जिसके बाद देवस्थानम बोर्ड की ओर से सीमित संख्या में प्रतिदिन ई-पास जारी किए जाएंगे। मंदिर परिसर के मुख्यद्वार पर दर्शन करने से पहले यात्रियों का ई-पास चेक किया जाएगा। 

मंदिर परिसर में प्रसाद चढ़ाने और तिलक लगाने पर प्रतिबंध
कोविड संक्रमण को देखते हुए चारधामों में दर्शन करने वाले यात्री प्रसाद नहीं चढ़ाएंगे। साथ ही मंदिरों में यात्रियों को तिलक भी नहीं लगेगा। मंदिर में मूर्तियों और घंटियों को छूने, तप्त कुंडों में स्नान पर प्रतिबंध रहेगा। केदारनाथ धाम में एक समय में छह यात्री ही सभामंडप से दर्शन कर सकेंगे। गर्भगृह में जाने की अनुमति नहीं होगी। 

केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मंदिर परिसर में दिन में तीन बार सैनिटाइजेशन और साफ सफाई की जाएगी। मंदिरों में कोविड प्रोटोकाल का पालन कर मास्क पहनने, सोशल डिस्टेसिंग की निगरानी देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड की ओर से सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। प्रत्येक धाम में स्वास्थ्य विभाग की ओर से नोडल अधिकारी तैनात किया जाएगा। एसओपी का पालन कराने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और एसडीएम की होगी। 
 
यात्रा के लिए ऐसे करेंगे पंजीकरण
चारधाम यात्रा के लिए राज्य और बाहर से आने वाले यात्रियों को देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड की वेबसाइट https://badrinath-kedarnath.gov.in/ पर पंजीकरण करना होगा। बाहरी राज्यों से आने वाले यात्रियों को सबसे पहले स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य होगा। जबकि राज्य के यात्रियों को इस पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करना होगा। यात्रा के लिए ई-पास के लिए देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट पर पंजीकरण करना होगा। जिसके बाद ई-पास जारी किए जाएंगे। जिन लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज 15 दिन पहले लग चुकी है। उन्हें कोविड जांच नहीं करानी होगी। एक डोज लगाने वाले को कोविड जांच की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य है। केरल, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश से आने वाले यात्रियों को वैक्सीन की दोनों डोज लगाने के बाद 72 घंटे पहले की कोविड निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य होगा। 

चारधामों में दर्शन के लिए ये रहेगी प्रतिदिन संख्या
बदरीनाथ-1000
केदारनाथ-800
गंगोत्री-600
यमुनोत्री-400

यात्रियों को बिना आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट के न जाने दें
चारधाम यात्रा के लिए डीआईजी नीरू गर्ग ने रेंज के सभी एसएसपी, एसपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कहा कि कोविड संक्रमण को देखते हुए यात्रियों को बिना आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट और देवस्थानम बोर्ड पंजीकरण किए बिना यात्रा पर न जाने दिया जाए। चेकिंग के लिए सभी स्थानों पर चौकपोस्ट बनाकर उनमें पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। इस दौरान उन्होंने सभी जनपदों में यात्रा के लिए सीओ को नोडल अधिकारी बनाया है। 
डीआईजी ने यात्रा के दौरान शासन-प्रशासन और हाईकोर्ट की ओर से दिए गए दिशा-निर्देशों का भी कड़ाई से पालन करने और इस संबंध में यात्रियों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए। कहा कि निर्धारित संख्या से अधिक यात्रियों को चार धाम यात्रा के लिए अनुमन्य न किया जाए। यात्रा आरंभ में ही हरिद्वार, ऋषिकेश, मुनि की रेती, लक्ष्मणझूला आदि स्थानों पर फ्लैक्स आदि के जरिये व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
टिहरी में भद्रकाली, तपोवन, सुवाखोली, कैम्पटी, पौटी में कोटद्वार, श्रीनगर में सघन चेकिंग किया जाए। इस दौरान उन्होंने जनपद उत्तरकाशी के यमुनोत्री में सीओ बड़कोट गंगोत्री में सीओ उत्तरकाशी, केदारनाथ में सीओ गुप्तकाशी व बदरीनाथ में सीओ चमोली को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
नोडल अधिकारी जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त प्रशासनिक अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में एसएसपी देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी, चमोली आदि मौजूद रहे।
चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने बताया कि सरकार की ओर से यात्रा शुरू करने की अधिसूचना जारी की जाएगी। जिसके बाद बोर्ड की ओर से चारधामों में कोविड प्रोटोकाल का पालन करने के लिए एसओपी जारी की जाएगी। यात्रा के लिए तैयारियां पूरी है। 

धामी सरकार की मजबूत पैरवी से ही खुली चारधाम यात्रा
सरकार की ओर से मजबूत पैरवी होती तो चारधाम यात्रा के द्वार पहले ही खुल जाते। लेकिन यात्रा संचालन करने के लिए सरकार की तरफ से कमजोर होमवर्क भी दिखाई दिया। अब कोर्ट ने रोक हटाई तो यात्रा की राह में मौसम की चुनौतियां भी खड़ी है। चारधाम यात्रा के लिए लगभग डेढ़ माह ही समय बचा है। भारी बारिश से चारधाम यात्रा के सड़क मार्गों की हालत खराब है। कई संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन का खतरा बरकरार है। 

धामी सरकार के 200 करोड़ के राहत पैकेज से भी मिली राहत
प्रदेश सरकार ने चारधाम यात्रा संचालन न होने से पर्यटन क्षेत्र को दो सौ करोड़ का पैकेज देकर राहत का मरहम लगाया था। चारधाम व पर्यटन कारोबार से जुड़े 50 हजार लोगों को छह माह तक प्रति माह दो हजार रुपए की आर्थिक सहायता देेने की घोषणा की थी। अब तक 11813 लाभार्थियों के खाते में कुल 440.54 लाख की राशि दी गई। 655 पंजीकृत टूर ऑपरेटरों एवं एडवेंचर टूर ऑपरेटरों को 10 हजार रुपए प्रति आपरेटर देने की घोषणा की थी। इसमें 208 लाभार्थियों को 20.80 लाख रुपये की राशि दी गई। 630 पंजीकृत रीवर राफ्टिंग गाइड में से 209 को 20.90 लाख, टिहरी झील में 86 मोटर बोट संचालकों को 10 हजार रुपये के अनुसार 8.60 लाख की राशि दी गई।

कार्यों की गुणवत्ता से ना किया जाए समझौता-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ एस.एस. सन्धु ने शुक्रवार को भगवान केदारनाथ के दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कार्यों में बेहतर गुणवत्ता के साथ ही तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कार्यों में गति लाने के लिए आवश्यक मैन पावर, मशीनरी एवं मटीरियल की पर्याप्तता सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों में गति लाने के लिए वीकली टारगेट निर्धारित कर अचीवमेंट की समीक्षा नियमित रूप से की जाए।
मुख्य सचिव ने केदार पुरी के दोनों तरफ की पहाड़ियों पर वन विभाग को आकर्षक प्लांटेशन करने के निर्देश दिए। उन्होंने वहां काम कर रही लेबर से भी बात की, मुख्य सचिव ने अधिकारियों को श्रमिकों के लिए उचित व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने चोराबाड़ी ट्रेक रूट को विकसित किए जाने के साथ ही गरुड़ चट्टी से रामबाड़ा तक पुराने मार्ग को सुचारू करने हेतु फॉरेस्ट क्लीयरेंस पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने निर्माणाधीन शंकराचार्य समाधि स्थल का निरीक्षण भी किया। उन्होंने मंदाकिनी एवं सरस्वती नदी के संगम पर निर्मित हो रहे स्नान घाटों केदारनाथ गरुड़ चट्टी को जोड़ने वाले निर्माणाधीन पुल व पहाड़ी शैली में निर्मित हो रहे भवनों का जायजा भी लिया। मुख्य सचिव ने वहां मौजूद अधिकारियों से निर्माण कार्यों में गति एवं समय से पूरा करने के साथ ही कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने सुव्यवस्थित और सुरक्षित चारधाम यात्रा हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर एवं जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग भी उपस्थित थे।

सरकार की मजबूत पैरवी से हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा से प्रतिबंध हटाया

उत्तराखंड चारधाम यात्रा पर लंबे समय से लगी रोक पर गुरुवार को हुई सुनवाई के बाद माननीय उच्च न्यायालय ने चारधाम यात्रा पर लगी रोक को कुछ प्रतिबंधों के साथ हटा दिया है।

मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने केदारनाथ धाम में प्रतिदिन 800, बद्रीनाथ धाम में 1000, गंगोत्री में 600, यमनोत्री धाम में 400 श्रद्धालुओं को दर्शन करने की अनुमति दे दी है।

चारधाम यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को 72 घंटे पूर्व तक की कोविड जांच की नेगेटिव रिपोर्ट अथवा दोहरी वैक्सीन का प्रमाण पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। साथ ही तीर्थ यात्रियों को देवस्थानम बोर्ड में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। न्यायालय ने चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में होने वाली चारधाम यात्रा के दौरान आवयश्यक्तानुसार पुलिस फोर्स लगाने को कहा है। भक्त किसी भी कुंड में स्नान नहीं कर सकेंगे।

मुख्य सचिव डॉ एसएस संधू ने सचिवालय में चारधाम त्यारियो की बैठक के दौरान सम्बंधित सभी विभागों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा के लिए समय काफी कम बचा है वे अपनी सारी तैयारियां पूरी करें। उन्होंने कहा कि चारधाम प्रदेश के लाखों व्यक्तियों के रोजगार और आजीविका का साधन है। चारधाम आने वाले सभी श्रद्धालुओं को मास्क पहनना, शारीरिक दूरी के मानक का अनुपालन कराना और सैनिटाइजेशन कराना सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि माननीय हाईकोर्ट ने स्थानीय लोगों की आजीविका, कोविड नियंत्रण में होने, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, एसओपी का कड़ाई से पालन आदि के आधार पर चारधाम यात्रा पर लगी रोक को हटाया है। यात्रा शुरू होने से हजारों यात्रा व्यवसायियों व तीर्थ पुरोहितों समेत उत्तरकाशी, चमोली व रुद्रप्रयाग जिले के निवासियों की आजीविका पटरी पर लौट सकेगी।

छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की धमकी देने पर निकली आक्रोश रैली

पीजी कॉलेज ऋषिकेश (श्री देव सुमन कैम्प्स) में छात्र – छात्राओं के खिलाफ F.I.R. दर्ज करने की धमकी व अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के लिए छात्रों द्वारा कॉलेज में जन आक्रोश रैली निकाली गई।
छात्र नेता हिमांशु जाटव व अनिरुद्ध शर्मा ने कहा कि छात्र हितों की हर हक की लड़ाई लड़ी जाएगी और प्राचार्य द्वारा प्रशासन को छात्र छात्राओं के बीच ला कर तानाशाही दिखाई गई जिसके छात्रसंघ पूर्ण रूप से विरोध करते है छात्र छात्राओं के हक के लिए छात्रसंघ किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है इसलिए आज पूरे कॉलेज कैंपस में कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रवेश प्रक्रिया बंद कर वीसी को से बात करने के मांग की।
धरने में पूर्व महासंघ महासचिव संजीत कुमार, पूर्व छात्रसंघ सचिव ऋषभ जैन, रोहित सोनी, आयूष चौहान, राजू, विनीत रतूड़ी, रोहित नेगी, अनुज पाल, अब्दुल, साक्षी तिवारी, सिमरन अरोड़ा, गरिमा, यश अरोड़ा, नीतीश चमोली, मोहित मौर्य, अमन पांडेय, निशांत बागड़ी, कुनाल वाल्मीकि, आकाश उनियाल, विशाल भारती आदि छात्र छात्राएं मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के कार्यों में तेजी लाने के दिये निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेल विकास निगम के अधिकारियों के साथ ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन स्थित रेल विकास निगम के कार्यालय में परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभी तक बेहतर समन्वय से काम किया जा रहा है। आगे भी इसे बनाए रखने की जरूरत है। राज्य सरकार द्वारा हर सम्भव सहयोग किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चार धाम सड़क परियोजना के साथ ही ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उत्तराखण्ड को बड़ी देन है। वह समय दूर नहीं, जब पहाड़ में रेल का सपना पूरा होगा। इससे राज्य की आर्थिकी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के मुख्य परियोजना प्रबंधक हिमांशु बडोनी ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि मार्च 2024 तक परियोजना को पूर्ण किए जाने के लक्ष्य के साथ काम किया जा रहा है। अभी तक परियोजना में अपेक्षानुरूप गति से काम हुआ है। ऋषिकेश के बाद परियोजना मुख्यतः अंडरग्राउंड है। भूमि अधिग्रहण किया जा चुका है। इस रेल लाईन पर 12 स्टेशन और 17 टनल बनाये जा रहे हैं। काम निर्धारित समयावधि में पूरा किया जा सके, इसके लिए विभिन्न स्थानों पर एक साथ काम चल रहा है। एप्रोच रोड़ पहले ही बनाई जा रही हैं। रेल परियोजना के निर्माण में राज्य सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है।
बडोनी ने बताया कि रेल विकास निगम द्वारा अनेक जनकल्याणकारी काम किए जा रहे हैं। श्रीनगर में 52 बेड का संयुक्त चिकित्सालय बनाया जा रहा है। ऑक्सीजन प्लांट भी बनाए गए हैं। रेल परियोजना की बेल्ट को हॉर्टिकल्चर और हनी बेल्ट के रूप में विकसित किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए वृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया जा रहा है।
बैठक में विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, रंजीत सिन्हा, रेल विकास निगम के अपर महाप्रबंधक विजय डंगवाल, वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक ओमप्रकाश मालगुडी, अपर महाप्रबंधक सुमित जैन, अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन और गुल्लर डोगी, टिहरी में परियोजना के तहत बनाई जा रही टनल का स्थलीय निरीक्षण भी किया।

कर्नाटक मूल के एम्स में डॉक्टर की संदिग्ध परिस्थिति में मौत

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में स्नातकोत्तर के तृतीय वर्ष के एक चिकित्सक की मौत हो गई है एम्स के लॉ ऑफिसर प्रदीप पांडे ने बताया कि चिकित्सक ने हॉस्टल के कमरे के अंदर सुसाइड कर लिया है वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है अप पुलिस मौत के कारणों की जांच में जुट गई है।।

कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि 26 वर्षीय शिवानंद बोन पुत्र बच कांत बोर्न निवासी गंगा कॉलोनी बसवा कल्याण जिला बिदार कर्नाटक हाल निवासी जूनियर रेजिडेंट ऐम्स ऋषिकेश में रहता था। सोमवार की रात उसकी डयूटी थी। मगर डयूटी पर न आने और फ़ोन भी न उठाने पर जब हॉस्टल के कमरे में गये तो कमरा भीतर से बंद था। मौके पर पुलिस की मौजूदगी में कमरा खोला तो शिवानंद मृत मिला। उसके कमरे से पुलिस को कुछ दवाइयां और इंजेक्शन मिले हैं हत्या के कारणों की अभी जानकारी नहीं मिल पाई है फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

ज्ञान करतार स्कूल के सफलतम तीन वर्ष

निर्धन बच्चों को शिक्षा देने में नई इबारत लिख रहा ज्ञान करतार स्कूल ने हिंदी दिवस के अवसर पर अपने सफलतम तीन वर्ष पूरे किए।

संस्थान के संथापक गुरविंदर सलूजा ने बताया कि 14 सितंबर 2018 को इस संस्थान की स्थापना की गई। जिसका मुख्य उद्देश्य ऐसे निर्धन परिवारों के बच्चों को शिक्षा देना था जो अपने बच्चों को शिक्षा दिला पाने में असमर्थ हैं। इसी लक्ष्य के साथ स्थापना हुई और इसमें हम सफल भी रहे है। बताया कि 37 बच्चों के साथ इसकी स्थापना हुई। जिसमें बच्चों को निशुल्क शिक्षा के साथ, किताब, ड्रेस और मील फ्री दिया जाता है। वर्तमान में यहाँ 123 बच्चे शिक्षा ले रहे हैं। वर्तमान में चार कक्षाएं यहाँ संचालित हो रही है। बताया कि यह संस्था हर साल 50 स्टूडेंट्स को एडमिशन देती है।

राजकुमार को शामिल कर भाजपा ने कांग्रेस पर फिर बनाई बढ़त

विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही उत्तराखंड में सियासत तेज हो गई है। बड़े नेताओं को पार्टी से जोड़ने की कवायद की कड़ी में रविवार दोपहर उत्तरकाशी जिले की पुरोला विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक राजकुमार भाजपा में शामिल हो गए। नई दिल्ली पार्टी मुख्यालय में उन्होंने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख व राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। बता दें कि उत्तराखंड में लगभग चार-पांच माह बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले सभी पार्टियां लगातार कद्दावर नेताओं को अपने पाले में लाने की कवायद में जुटी हुई है। फिलहाल भाजपा इसमें सबसे आगे है। हाल ही में धनोल्टी विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक प्रीतम सिंह पंवार भाजपा में शामिल हो चुके हैं। उनके भाजपा में शामिल होने के बाद कुछ और विधायकों के भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं जोरों पर हैं। कहा गया कि एक अन्य निर्दलीय और एक कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल हो सकते हैं। इन चर्चाओं के बीच रविवार दोपहर पुरोला विधायक राजकुमार ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।
राजकुमार बीते तीन दिनों से दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं। पहले उनके शनिवार को भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं चल रही थीं। हालांकि ऐसा नहीं हो पाया। इसके पीछे कारण यह बताया गया कि कुछ बिंदुओं को लेकर कांग्रेस विधायक और भाजपा के बीच सहमति नहीं बन पाई थी।
शनिवार देर रात तक विभिन्न बिंदुओं पर सहमति बनाने पर विचार-विमर्श हुआ। रविवार सुबह सभी बिंदुओं पर सहमति बन गई। इसके बाद दोपहर में पुरोला विधायक विधिवत रूप से भाजपा में शामिल हो गए। उनके भाजपा में आने से अब भाजपा में विधायकों की कुल संख्या 57 पहुंच गई है। हालांकि, भाजपा के गंगोत्री विधानसभा सीट के विधायक गोपाल सिंह रावत के निधन से भाजपा की एक सीट कम हो गई है। इस सीट पर उप चुनाव नहीं हुआ है।
आपको बता दें कि पुरोला से विधायक राजकुमार पहले भारतीय जनता पार्टी में ही थे। वे भाजपा से विधायक रह चुके हैं। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी न बनाए जाने पर वे कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

तीर्थ पुरोहितों के हक हकूक रहेंगे सुरक्षित, सीएम ने दिलाया विश्वास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में चारधाम तीर्थ पुरोहित हक-हकूकधारी महापंचायत समिति के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट वार्ता की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के चारधाम देश-दुनियां के लिए आस्था के प्रमुख केन्द्र हैं। सरकार का काम मंदिरों में अवस्थापना विकास को सुदृढ़ बनाना है। चारधाम यात्रा जल्द शुरू हो इसके लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम से जुड़े लोगों के हक-हकूक को किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं होने दिया जायेगा। देवस्थानम बोर्ड के तहत बनाई गई उच्च स्तरीय समिति द्वारा चारधाम से जुड़े तीर्थ पुरोहित की बात सुनकर सरकार के समक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। कमेटी में चारों धामों से दो-दो तीर्थ पुरोहितों को भी शामिल किया जायेगा। कमेटी की रिपोर्ट के बाद सरकार को निर्णय लेना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य हित में जो होगा, वह कार्य किया जायेगा।
बैठक के बाद गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं चारधाम महापंचायत समिति के संयोजक सुरेश सेमवाल ने कहा कि आज बड़ा सौभाग्य है कि ऊर्जावान मुख्यमंत्री ने हमें आज आमंत्रित किया था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट यह बात कही कि जो हाई पॉवर कमेटी बनाई गई है, उसमें आपकी ओर से आठ लोगों को मेंबर बनाया जायेगा। जो रिपोर्ट होगी, उसके आधार पर आगे उचित समाधान निकाला जायेगा। चारधाम महापंचायत समिति द्वारा मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया गया है कि हमारा जो भी धरना प्रदर्शन एवं आन्दोलन है, हम इसे स्थगित करते हैं। 30 अक्टूबर 2021 तक हमें इसे स्थगित रखेंगे। सभी विषयों को गंभीरता से लेने वाले मुख्यमंत्री हमें मिले हैं, उसके लिए उनका धन्यवाद भी व्यक्त किया।
चारधाम महापंचायत सदस्य उमेश सती ने कहा कि मुख्यमंत्री से आज सकारात्मक बातचीत हुई है। हमें पूरी उम्मीद है कि इस बातचीत से जल्द से जल्द उचित निष्कर्ष तक पहुंचेगे। मामले का उचित हल निकलने की पूरी आशा है। हम चारों धामों के लोगों ने निर्णय लिया है कि 30 अक्टूबर 2021 तक हम अपना आन्दोलन स्थगित रखेंगे। उसके बाद जैसा आउटकम सरकार की तरफ से आएगा, आगे के बारे में उसके बाद तय करेंगे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अरविंद पाण्डेय, गणेश जोशी, सचिव शैलेश बगोली, सीईओ देवस्थानम् बोर्ड रविनाथ रमन, सचिव एच.सी. सेमवाल, एसीईओ देवस्थानम् बोर्ड बी.डी. सिंह एवं चारधाम तीर्थ पुरोहित हक-हकूकधारी महापंचायत समिति के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

टिहरी झील में सी प्लेन और व्यवसायिक गतिविधियां संचालित करने के लिए विशेष योजना तैयार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान कोटी कॉलोनी में टिहरी झील का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने डोबरा चांठी पुल फ्लोटिंग हट्स का भी निरीक्षण किया। टिहरी झील को विश्वस्तरीय पर्यटक स्थल बनाने के लिए वेपकॉस कंपनी को तीन माह में डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए है। 1200 करोड़ के इस प्रोजेक्ट से झील के आसपास व्यवस्थाएं स्थापित की जानी है। इससे बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी झील को विश्व स्तरीय टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है उन्होंने कहा कि टिहरी झील में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिस को मूर्त रूप देने के लिए बुनियादी सुविधाएं स्थापित की जाएगी, ताकि पर्यटकों के आवागमन से स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हो सके।
इस अवसर पर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, स्थानीय विधायक धन सिंह नेगी विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह, विधायक प्रतापनगर विजय सिंह पवार जिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट, अपर निदेशक पर्यटन पूनमचंद आदि उपस्थित थे।