नाबालिग से दुष्कर्म का इनामी आरोपित गिरफ्तार

एसओजी व पटेलनगर कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने मुंबई जाकर नाबालिग से दुष्कर्म के इनामी आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित 2017 में जेल से जमानत पर छूटने के बाद फरार हो गया था और पुलिस से बचने के लिए नाम बदलकर पंजाब व महाराष्ट्र में रह रहा था। रविवार को पत्रकारों से वार्ता में एसएसपी डा. योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि पटेलनगर कोतवाली में दर्ज एक दुष्कर्म के मामले में आरोपित मुनाजिर निवासी ग्राम बलवा महलगांव अररिया बिहार 2017 से जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद फरार चल रहा था।

न्यायालय में पेश न होने के कारण अदालत ने इसी वर्ष आरोपित को भगोड़ा घोषित किया था। आइजी गढ़वाल ने 2020 में आरोपित पर पांच हजार रुपये इनाम घोषित किया। आरोपित की तलाश में पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वह हर बार पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाता था। पुलिस को सूचना मिली कि मुनाजिर ठाणे (मुंबई) में है। 27 जुलाई को एसओजी की एक टीम को मुंबई भेजा गया तो पता लगा कि आरोपित अंजार नाम से पठानवाड़ी में रहकर मजदूरी कर रहा है। 29 जुलाई को पुलिस ने ठाणे में आरोपित को दहिसर चेक नाका, होटल सागर के सामने से गिरफ्तार कर लिया। आरोपित को पुलिस दो दिन का ट्रांजिट रिमांड लेकर शनिवार रात को देहरादून पहुंची।

एसएसपी ने बताया कि वर्ष 2015 में मुनाजिर बंजारावाला से 12 साल की बच्ची को बहला-फुसलाकर बिहार ले गया। वहां आरोपित ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। कुछ दिन बाद पुलिस ने बच्ची को पानीपत हरियाणा से बरामद करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

केदारनाथ में अवस्थापना सुविधाओं का विकास करने में जुटी धामी सरकार

विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम में यात्रा और पूजा का सफल आयोजन कराने के लिए रावल और पुजारियों को एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं मिलेगी। इसके लिए केदारनाथ धाम में रावल व पुजारियों के लिए तीन मंजिला इमारत का निर्माण किया जाएगा। जिसके लिए शासन की ओर से 10 करोड़ रुपये का बजट जारी किए गए हैं। केदारनाथ के रावल ही धाम में छह माह की पूजा-अर्चना के लिए पुजारी को अधिकृत करते हैं।

श्री केदारनाथ धाम से करीब 300 मीटर सरस्वती नदी समीप बनने वाले तीन मंजिला इमारत में 18 कक्षों का निर्माण किया जाएगा। 6.39 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस इमारत में रावल निवास, पुजारी आवास, भोग मंडी, पंथेर आवास, समालिया आवास, वेदपाठी आवास, पूजा कार्यालय आदि की व्यवस्था की जाएगी। जिसके लिए उत्तराखंड शासन की ओर से 10 करोड़ रुपये की धनराशि उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड को प्राप्त हो चुकी है। जिसकी पहली किस्त 27 मार्च और दूसरी किस्त 12 जुलाई को जारी की गई।

दिलीप जावलकर, पर्यटन सचिव ने बताया कि तीन मंजिला इमारत का निर्माण होने के बाद यात्रा के साथ पूजा का सफल और आसानी से आयोजन हो सकेगा। शासन की ओर से इसके लिए 10 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया गया है। इसका सीधा लाभ रावल व पुजारियों को मिलेगा।

रविनाथ रमन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड ने बताया कि 265 वर्ग मीटर में होने वाले भवन निर्माण के लिए स्थानीय जिलाधिकारी की ओर से उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड को मंदिर परिसर के समीप भूमि उपलब्ध करा दी गई है। निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना का लाभ दिलाये अधिकारी- रेखा आर्य

उन मातृ शक्तियों को मेरा अभिनंदन जिन्होंने एक बेटी को जन्म दिया। आप बेटियों को भी समान अधिकार दे रही है। ये प्रदेश के लिए गर्व की बात है। आपके इस सार्थक प्रयास की बदौलत एक दिन उत्तराखंड देवी की भूमि के रूप में जाना जाएगा। यह बात महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कही।

शनिवार को नई टिहरी के बहु उद्देशीय भवन में मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया इस मौके पर करीब 30 महिलाओं को महालक्ष्मी किट वितरित की गई। भाजपा जिला अध्यक्ष नई टिहरी विनोद रतूड़ी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सोच और मंत्री रेखा आर्य के सार्थक प्रयासों की बदौलत आज महिलाओ को इस योजना का लाभ मिल रहा है।

इस दौरान मंत्री रेखा आर्य ने अपने संबोधन की शुरुआत मातृ शक्तियों की जयकार से की। उन्होंने कहा कि आप की गोद मे जो महालक्ष्मी हैं। यही आगे चलकर उत्तराखंड संभालेंगी। कहा कि एक माँ की थकान अपनी बेटी की मुस्कान से दूर होती है, जबकि पुरुषों में ऐसा देखने को नहीं मिलता। कहा कि इन्हें समान अवसर दीजिये, ये भी हर क्षेत्र में बेहतर कर सकती हैं, ऐसी शक्ति ईश्वर ने इन्हें दी हैं।

उन्होंने कहा कि प्रसव के बाद हर माँ को जिस जिस सामान की जरूरत पड़ती है, वह सभी इस महालक्ष्मी किट में दिया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी का इस योजना को स्वीकृति देने के लिए आभार जताया। इस मौके पर जिलाधिकारी टिहरी ईवा, आशीष श्रीवास्तव, भाजपा जिलाध्यक्ष टिहरी विनोद रतूड़ी, जिला कार्यक्रम अधिकारी बबिता शाह, पूर्व दायित्व धारी बेबी असवाल, ब्लाक प्रमुख जाखणीधार श्रीमति सुनीता, ब्लाक प्रमुख चम्बा शिवानी बिष्ट, सीडीओ नमामि बंसल, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा रेखा राणा आदि मौजूद रहे।

केन्द्र सरकार की योजनाओं का उत्तराखंड को मिल रहा लाभ

राज्यपाल बेबी रानी मौर्य एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय, केदारपुरम में डॉ. भीमराव अम्बेडकर चेयर स्थापना उद्घाटन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. देवेन्द्र प्रसाद मांझी द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘रीविजिटिंग डॉ. अम्बेडकर-थॉटस एण्ड फिलासफी’’ पुस्तक का विमोचन भी किया।
शोध एवं नवाचार केन्द्र, गढ़वाली, कुमांउनी, जौनसारी भाषाओं में एक वर्षीय सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम, उत्तराखण्ड की लोक कला पर आधारित दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम सहित अनेक घोषणाएं
राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने दून विश्वविद्यालय में डॉ0 आम्बेड़कर फाउंडेशन, सामाजिक कल्याण एवं आधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पोषित डॉ0 आम्बेड़कर चेयर की स्थापना की घोषणा की। इसके साथ ही राज्यपाल ने दून विश्वविद्यालय में मौलिक शोध एवं नवाचार को विकसित करने हेतु शोध एवं नवाचार केन्द्र की स्थापना करने, सत्र 2020-21 से दून विश्वविद्यालय में बी.एस.सी इन्टेग्रेटेड बॉयोलॉजिकल सांइसेस, गढ़वाली, कुमांउनी, जौनसारी भाषाओं में एक वर्षीय सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम, उत्तराखण्ड की लोककला पर आधारित दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम (एम0ए0 थियेटर), एम0ए0,एम0एस0सी0 गृहविज्ञान, बी0ए0(ऑनर्स) मनोविज्ञान जैसे नये पाठ्यक्रमों के शुभारंभ की घोषणा की है।
कोविड-19 में अनाथ बच्चों के लिए दून विश्वविद्यालय में संचालित प्रत्येक पाठ्यक्रम में एक सीट इस सत्र में आरक्षित
राज्यपाल ने कहा कि कोरोना वायरस से फैली वैश्विक महामारी कोविड-19 की त्रासदी में जो बच्चे अनाथ हुए हैं उनके लिए दून विश्वविद्यालय में संचालित प्रत्येक पाठ्यक्रम में एक सीट इस सत्र में आरक्षित की जायेगी। यह सीट पूर्व से आवंटित सीटों के अतिरिक्त होगी।
राज्यपाल ने कहा कि दून विश्वविद्यालय इस चेयर के माध्यम से राज्य में महिला सशक्तीकरण, सामाजिक न्याय, सामाजिक बदलाव, मानवाधिकार एवं जातिगत भेदभाव जैसे विषयों पर अनुसंधान एवं शिक्षण के लिए विशेष रूप से सक्रिय रहेगा।
राज्यपाल मौर्य ने कहा कि भारतीय समाज के ताने-बाने की गहरी समझ रखने वाले बाबा साहेब ने संविधान में विभिन्न कानूनों का समावेश किया ताकि देश की सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। आज भी हम उस राष्ट्र के निर्माण में लगे हैं जिससे बाबा साहेब के सपनों का भारत बन सके। जहाँ लोग बिना छुआछूत, धर्म या जाति के भेदभाव के एक सम्मानित जीवन जी सकें। हमारे विश्वविद्यालयों का यह दायित्व है कि बाबा साहेब के सपनों को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वद्यालयों को लोक कलाओं, लोक संगीत एवं लोक संस्कृति के संरक्षण के लिये कार्य करना चाहिये।

दून विवि में पुस्तकालय भवन के लिए बजट की व्यवस्था जल्द
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दून विश्वविद्यालय को डॉ. भीमराव अम्बेडकर चेयर स्थापना का सौभाग्य प्राप्त हुआ, यह विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन संघर्ष एवं सामाजिक सरोकारों के लिए उनके द्वारा किये गये कार्यों से सभी परिचित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दून विश्वविद्यालय द्वारा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनेक सराहनीय प्रयास किये जा रहे हैं। दून विश्वविद्यालय में पुस्तकालय भवन के लिए बजट की व्यवस्था जल्द की जायेगी।

राज्य सरकार क्वालिटी ऑफ वर्क के लिए संकल्पबद्ध
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा हर क्षेत्र में क्वालिटी ऑफ वर्क देने का प्रयास किया जायेगा। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न समस्याओं के समाधान एवं शैक्षणिक गुणवत्ता के सुधार के लिए जल्द ही एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सीमित आर्थिक संसाधन हैं, इसके बावजूद भी राज्य सरकार द्वारा जनहित में अनेक निर्णय लिये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो भी घोषणाएं की जायेंगी, समयबद्धता के साथ वे पूर्ण भी की जायेंगी। सबको साथ लेकर राज्य को आगे बढ़ाया जायेगा। राज्य सरकार का प्रयास है कि 2027 तक उच्च शिक्षा, पर्यटन, कृषि एवं सड़कों के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनायेंगे।

रोजगार के लिए रोडमैप
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अपनी पहली कैबिनेट में ही सरकार ने जनहित से संबंधित अनेक निर्णय लिये। राज्य में विभिन्न विभागों के अनेक रिक्त पदों पर भर्तियां करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए प्रक्रिया भी तेज हो चुकी है। स्वरोजगार की दिशा में भी राज्य सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में 10 लाख से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए रोडमैप बनाया जा रहा है। कोविड की वजह से भर्ती प्रक्रियाओं में अभ्यर्थियों को अधिकतम आयुसीमा में एक साल की छूट प्रदान की गई है। एनडीए एवं सीडीएस की प्रारम्भिक परीक्षा पास करने के बाद अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी के लिए 50 हजार की वित्तीय सहायता एवं संघ लोक सेवा आयोग की प्रारम्भिक परीक्षा पास करने वाले सभी अभ्यर्थियों एवं पीसीएस प्रारम्भिक परीक्षा पास करने वाले चयनित 100 अभ्यर्थियों को मेन्स एवं साक्षात्कार के लिए 50-50 हजार रूपये की वित्तीय सहायता दी जायेगी।

कोविड-19 से प्रभावित पर्यटन व स्वास्थ्य क्षेत्र के लिये पैकेज
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखण्ड की महत्वपूर्ण यात्रा है। उत्तराखण्ड के ये धाम लोगों के आस्था के प्रमुख केन्द्र हैं। अनेक लोगों की आजीविका चारधाम यात्रा से जुड़ी है। पर्यटन और चारधाम यात्रा में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए 200 करोड़ का पैकेज दिया है। जिससे 01 लाख 65 हजार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। कोविड -19 से निपटने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र एवं इससे जुड़े कार्मिकों के लिए 205 करोड़ रूपये का राहत पैकेज दिया जा रहा है। इससे राज्य में 03 लाख 73 हजार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड से किसी के हक हकूक प्रभावित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जायेगा। इसके लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि दून विश्वविद्यालय में राज्य के पहले डॉ. भीमराव अम्बेडकर चेयर स्थापना हुई है। पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर भी दून विश्वविद्यालय में एक चेयर की स्थापना की जायेगी। दून विश्वविद्यालय में डॉ. नित्यानन्द हिमालयी शोध एवं अध्ययन संस्थान शीघ्र बनकर पूर्ण हो जायेगा।
विधायक विनोद चमोली ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने वंचित वर्गों के शोषण एवं रूढ़िवादिता को समाप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर डॉ. भीमराव अम्बेडकर फाउण्डेशन के निदेशक डॉ. देवेन्द्र प्रसाद मांझी, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, कुलसचिव डॉ. एस.एस. मन्द्रवाल, विश्वविद्वालय के प्रोफेसर एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

सीएम की अध्यक्षता में हुई उत्तराखण्ड चार धाम देवस्थानम् प्रबन्धन बोर्ड की बैठक, लिए अहम निर्णय


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड की तीसरी बैठक आयोजित हुई। बैठक में बोर्ड के वर्ष 2021-22 के बजट को अनुमोदित किया गया। इसके साथ ही जोशीमठ में श्री बद्रीनाथ वेद वेदांग स्नात्तकोतर संस्कृत महाविद्यालय जोशीमठ की अध्यासन वाली भूमि पर वेद अध्ययन केन्द्र स्थापित किये जाने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में बोर्ड द्वारा धार्मिक मान्यताओं को देखते हुए श्री बद्रीनाथ, श्री केदारनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री मन्दिरों के गर्भगृह से सजीव प्रसारण न किये जाने का भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।

बैठक में श्री केदारनाथ धाम में पूजाध्यात्रा व्यवस्था के सफल संचालन हेतु मास्टर प्लान के अनुसार आधारभूत संरचनाओं का निर्माण कार्य सम्पादित करने हेतु कन्सलटेंट चयनित किये जाने पर भी सहमति दी गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चारधाम स्थित मन्दिरों में पुरानी परम्परायें चलती रहेगी। राज्य सरकार का कार्य मन्दिर की आन्तरिक व्यवस्थाओं पर अधिकार करना नही बल्कि सहयोग करना है। हमारा उद्देश्य मन्दिर परिसरों की सुविधाओं के विकास में सहयोगी बनना है। उन्होंने सभी सदस्यों से इस सम्बन्ध में सभी को अवगत कराने की भी अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित लोगों से वार्ता भी की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा संचालित न होने की दशा में आवश्यकता पड़ने पर बोर्ड को अतिरिक्त वित्तीय सहायता दिये जाने पर भी विचार किया जायेगा, इसके लिये मुख्यमंत्री ने संशोधित प्रस्ताव प्रेषित करने को कहा।

बैठक में आयुक्त गढ़वाल एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम बोर्ड रविनाथ रमन ने बोर्ड के कार्यकलापों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में श्री बद्रीनाथ देवस्थानम हेतु 24.46 करोड़, श्री केदारनाथ देवस्थानम के लिये 29.92 करोड़ तथा गंगोत्री एवं यमुनोत्री के लिये 50-50 लाख का बजट प्रस्तावित है जिसे बोर्ड द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।
बैठक में पर्यटन मंत्री तथा उपाध्यक्ष चारधाम देवस्थानम बोर्ड सतपाल महाराज, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु, सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव वित वी षणमुगम, बोर्ड के सदस्यों में महाराजा मनुजेन्द्र शाह, निवास पोस्ती, आशुतोष डिमरी, गोविन्द सिंह पंवार, कृपाराम सेमवाल, जयप्रकाश उनियाल तथा महेन्द्र शर्मा उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड वीडी सिंह, वित नियन्त्रक जगत सिंह बिष्ट, डॉ. हरीश गौड, अनिल ध्यानी, प्रमोद नौटियाल, कुलदीप नेगी आदि उपस्थित थे।

कर्णप्रयाण-गैरसैंण विकास खंडों की सड़कों के संबंध में सीएम से मिले राष्ट्रीय मीडिया टीम के सदस्य

देहरादून। भाजपा की राष्ट्रीय मीडिया टीम के सदस्य सतीश लखेड़ा ने उत्तराखंड सदन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से कर्णप्रयाग-गैरसैंण विकास खंडों की सड़कों के संबंध में चर्चा की और इस आशय का उन्हें पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि वे शीघ्र इन सड़कों का संज्ञान लेंगे।

सतीश लखेड़ा ने कहा कि अनेक सड़कों के लिए लंबे समय से जन आंदोलन चल रहे हैं और वे आज भी विकास से कोसों दूर हैं। कुछ सड़कें विभिन्न अनापत्तियों के कारण शासन में रुकी हुई हैं। कुछ सड़कों के लिए समस्त औपचारिकताएं तो हो गई है किंतु धन जारी नहीं हुआ है अतः प्राथमिकता से जनहित में इन सभी पर शीघ्र कार्य किया जाना आवश्यक है।

सतीश लखेड़ा ने कर्णप्रयाग विकासखंड के ग्वाड़ से धनपुर मोटर मार्ग, सिन्द्रवाणी से सकण्ड मोटर मार्ग तथा उमट्टा दृ बरसाली- मैखुरा मार्ग के निर्माण हेतु मुख्यमंत्री धामी का ध्यान दिलाया।

सतीश लखेड़ा ने कहा निरंतर जनप्रतिनिधियों, संस्थाओं और मीडिया द्वारा भी इन मार्गों पर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया गया है। उन्होंने गैरसैण विकासखण्ड के खेतगधेरा से केड़ा-पंडाव मार्ग, कण्ड से बूराखोली मार्ग, खेती- रंडोली- बेनीताल मार्ग के शीघ्र निर्माण का अनुरोध किया साथ ही मालकोट से सेरा तेवाखर्क मार्ग आंदोलन के बारे में बताया और इस मार्ग की उपयोगिता के बारे में बताया। उन्होंने मैखोली- खिनसर- अक्षवाड़ा मोटर मार्ग, कोठा बैंड से दमदड़ मोटर मार्ग के शीघ्र निर्माण हेतु मुख्यमंत्री धामी से अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि जिन मार्गों पर संपूर्ण औपचारिकताएं हो चुकी है उनका प्राथमिकता से निर्माण प्रारंभ किया जाए। जिनकी शासन में अनापत्तियों को लेकर फाइल रुकी है, इस हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं और नई सड़कों के लिए शीघ्र ही सर्वे करके धन आवंटित किया जाए।

साइकिल यात्रा का हुआ आयोजन, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

ऋषिकेश साइकिल क्लब ने साइकिल यात्रा का आयोजन किया। इसके तहत क्लब सदस्य ऋषिकेश, बैराज, कौड़िया गांव होते हुए 35 किमी दूर पर्वतीय क्षेत्र किमसार पहुंचे। क्लब सदस्य जयेंद्र रमोला ने कहा कि क्लब का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण व सेहत को लेकर जागरूक करना है। वर्तमान में क्लब में 21 रेड राइडर्स हैं। क्लब सदस्य एम्स के नेत्र चिकित्सक डा. नीति गुप्ता ने कहा कि पिछले साल के कोरोना काल से बहुत से लोगों ने साइक्लिंग शुरू की। यह पर्यावरण संरक्षण के साथ ही स्वयं को फिट रखने का बेहतर तरीका है।

किमसार में साइकिल से पहुँचने वाले रेड राइडर्स जितेन्द्र बिष्ट, पंकज अरोड़ा, विपिन शर्मा, मनोज रावत, नरेन्द्र कुकरेजा, विपिन बबलू, देवेन्द्र राजपूत, विक्रम शेडगे, राजेश सूद, हरीश दरगन, दिग्विजय तोमर व मनीष मिश्रा टीम में शामिल थे।

डा. थपलियाल की विशेष सक्रियता से आवाज साहित्यिक संस्था पूरा किया एक वर्ष, सफलतम रहे 320 एपिसोड

जनकवि डा. अतुल शर्मा की कलम से….
डा. सुनील दत्त थपलियाल से मैं जब भी मिला तब तब उन्हें ऊर्जा और उत्साह से भरा हुआ पाया। ऋषिकेश में हुए एक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मैने शिरकत की। तब वहां डा. थपलियाल से मिला। एक स्वाभिमानी चेहरा, गठीला शरीर, चेहरे पर हमेशा की तरह मुस्कान। जब कार्यक्रम शुरु हुआ तो उन्हें सबसे पहले बुलाया गया। उद्बोधन की अदभुत कला बाजी शब्द के अनुशासन और सलीके से बात करते हुए वे धाराप्रवाह बोलने लगे। स्वागत का कार्यक्रम चला और साथ ही डॉ थपलियाल द्वारा संस्कृत की सूक्तियां के साथ मंत्रपाठ भी अनवरत् जारी रहा। बहुत गरिमामय वातावरण पूरे कार्यक्रम में उनकी वजह से बना रहा। मैने तो वहां कहा कि आपकी जिव्हा पर सरस्वती विजमान है। इस पर वे विनम्रता से झुक कर प्रणाम करने लगे चेहरे पर मुस्कान दिल में सम्मान की सूक्ति, यही पहचान है उनकी, संपूर्ण ऋषिकेश के साथ ही सम्पूर्ण उत्तराखंड के मंच संचालन का दायित्व संभालने में दक्ष हर प्रकार के कार्यक्रम के प्रबंधन में बेहतरीन भूमिका निभाने वाले डॉ सुनील दत्त अपने व्यवहार वाणी सेवा व सहयोग के लिए संपूर्ण क्षेत्र मै अच्छी प्रतिष्ठा रखते हैं।

वैश्विक संकट की घड़ी में
कोरोना महामारी से जब संपूर्ण जगह लॉकडाउन हो गया था। सब कुछ बंद हो गया। पर डॉ सुनील ने सामाजिक सेवा के साथ साहित्यिक सेवा को सोशलमीडिया के माध्यम से सक्रिय रखने का निर्णय अपने पूरी आवाज साहित्यिक संस्था की टीम के साथ लिया । 22 जून 2020 से आवाज साहित्यिक संस्था पेज पर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया, जिसमें साहित्य, संस्कृति, संवाद की तीन धाराओं को जोड़कर आवाज की आवाज को जन जन की आवाज के रूप में प्रस्तुत किया गया, जो लाखों लोगों की बेहतरीन पसंद बनी हुई है।
इसी बीच मैंने डा. सुनील दत्त थपलियाल को मोबाइल पर देखा। वे आवाज साहित्य संस्था ऋषिकेश द्वारा एक कार्यक्रम चला रहे थे। इसमें साहित्य कला संस्कृति से जुड़े व्यक्तित्वो को आमंत्रित करके बड़ा काम कर रहे थे। अपने लाईव प्रसारण के एक वर्ष पूरे करने पर 22जून को डिजिटल आवाज कार्यक्रम की वर्ष गांठ थी तो मै उनके पेज से जुड़ा था।
आवाज के साहित्यकारों की कवि गोष्ठी में जुड़ा। लेकिन इस पेज पर भी जब डॉ सुनील मुखर होते है। तो एक अलग ही आनन्द आ जाता है। यही पहचान है। शब्दो का अपार भंडार है उनके पास। संपूर्ण देश के साहित्यकारों को ऋषिकेश से जोड़कर सात समंदर पार भी आवाज को प्रसिद्धि दी है ।

कुछ समय पहले जब ….
एक दिन वे घर पर आये। मैं अजबपुर में रहता था। बारिश से भीगते हुए। उनके साथ शिवप्रसाद बहुगुणा भी थे। मैने समझ लिया। खैर मैने बहुगुणा जी के काव्य संग्रह मै देवभूमि से बोल रहा हूं को वही पढा और भूमिका लिख कर उन्हे सौप दी। इस समय भी साहित्य की चोकड़ी जम गई काफी देर तक साहित्य पर चर्चा चलती रही।
पिछले दिनो इसी पेज पर कवि गोष्ठी मे भाई प्रबोध उनियाल, रामकृष्ण पोखरियाल, महेश चिटकारिया, सत्येन्द्र सोशल, अशोक क्रेजी, नरेंद्र रयाल आदि ने काव्य पाठ किया तो मैंने उसकी अध्यक्षता की। डॉ सुनील के अदभुत संचालन में चले कार्यक्रम मै आंनद आ गया।

सबसे बड़ी बात है उनकी विनम्रता, कर्मठता, अध्ययन और परमार्थ
समय व परिस्थिति के साथ बेहतरीन अनुकूलन करने वाले, आवाज साहित्यिक संस्था के लाईव प्रसारण के संयोजक सुनील आज प्रत्येक साहित्यकार, संस्कृति संवाहक, संवाद के विशेषज्ञों के साथ ही आम दर्शकों में अपनी बेहतरीन पहचान बनाए हुए हैं। वर्तमान में श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज में सेवा देते हुए हर कार्य को बखूबी से निभाते हैं।
मै ईश्वर और ऋषिकेश नारायण से कामना करता हूं कि वे दीर्घायु हो लगातार उन्नति के नये आयाम छुये।

सीएम ने लिया बड़ासी पुल की एप्रोच रोड के क्षतिग्रस्त होने का मामला, बैठाई उच्च स्तरीय जांच

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने थानो रोड पर निर्मित बड़ासी पुल की एप्रोच रोड के क्षतिग्रस्त होने का संज्ञान लेते हुए इसके कारणों की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में भी इस पुल की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त हुई थी। पुल के एप्रोच रोड का बार-बार क्षतिग्रस्त होने पर मुख्यमंत्री ने असंतोष व्यक्त करते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिये हैं।

मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्थाओं के प्रमुखों के साथ ही विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के प्रति विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार निर्माण कार्यों के क्षतिग्रस्त होने से शासकीय धन की बरबादी के साथ ही जनता को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

मानव कंकाल मिलने से श्यामपुर में सनसनी, पुलिस तहकीकात में जुटी

कोतवाली ऋषिकेश की अंतर्गत श्यामपुर क्षेत्र में खंडहर में तब्दील एक मकान के अंदर से नर कंकाल मिला है। यह कंकाल पुरूष का है या महिला का। यह कह पाना अभी पुलिस के लिए भी मुश्किल है, पुलिस के मुताबिक कंकाल बक्से के अंदर मिला है, पुलिस की प्राथमिकता में कंकाल की शिनाख्त करना है। वहीं, देहरादून से पहुंची फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। कंकाल कितना पुराना है, यह फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही पता लग सकेगा। कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी के अनुसार यह मकान बिल्डर गंगाराम आडवाणी का है। उधर, एसएसपी डा. योगेन्द्र रावत ने इस मामले में एसओजी देहात एवं थाना स्तर पर टीम का गठन कर लिया है।

पवन कुमार नरवानी पुत्र दीवान चंद नरवानी ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी कि उनकी श्यामपुर बाईपास भट्टोवाला रोड पर मोबाइल की दुकान व रेस्टारेंट है। इसी के पीछे कई खाली कमरे है। बताया कि उनके यहां कार्यरत दो युवक को कमरों के अंदर से दुर्गंध आई। वहां जाकर देखा तो बक्सा पड़ा हुआ था। बक्से को खोलकर देखने पर उसके अंदर नर कंकाल मिला। इसके बाद वह घबरा गए। पुलिस सूचना पाकर मौके पर पहुंची और फोरेंसिक टीम को जानकारी दी। फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाएं।

पुलिस की प्राथमिकता शिनाख्त
कोतवाल शिशुपाल सिंह रावत ने बताया कि पुलिस की प्राथमिकता शव की शिनाख्त है, अभी यह कहा नहीं जा सकता है कि यह कंकाल पुरूष का है अथवा महिला का। बताया कि यह जानना सर्वप्रथम आवश्यक है। इसके बाद अन्य जानकारी जैसे यह कंकाल यहां तक कैसे पहुंचा और हत्या का एंगल भी देखा जाएगा। आसपास के सीसीटीवी रिकाॅर्ड भी खंगाले जाएंगे।

खंडहर में तब्दील व्यापारी का मकान
कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी के अनुसार, व्यापारी गंगाराम अडवाणी का यह पुराना मकान है, जो अब खंडहर में तब्दील हो चुका है। पांच साल पूर्व तक उनका यहां निवास था। कुछ माह पूर्व तक यहां मजदूर रहा करते थे। मगर, वर्तमान में यह पूरी तरह से बंद था।