राष्ट्रपति पुरस्कार हासिल करना प्रत्येक शिक्षक का होता है सपना

शिक्षक दिवस पर उत्तराखंड की एक महिला सहित दो शिक्षकों को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसमें महिला शिक्षिका सुधा पैंयूली को देहरादून और पुरूष शिक्षक डा. केवलानंद कांडपाल को बागेश्वर में जिलाधिकारी ने पुरस्कार दिया।

शिक्षक दिवस पर कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रपति पुरस्कार हासिल करना प्रत्येक शिक्षक का सपना होता है। देहरादून से प्रत्येक वर्ष राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए शिक्षक चुने जाते हैं, यह वाकई में बड़ी उपलब्धि है। 

बता दें कि सुधा पैन्यूली 30 वर्षों से शिक्षा विभाग में शिक्षिका के रूप में अपनी सेवा दे रही हैं। वर्तमान में वह कालसी ब्लाक स्थित एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल में उप प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत हैं।

वहंी, राजकीय हाईस्कूल पुड़कुनी (कपकोट) के प्रधानाचार्य डॉ. केवलानंद कांडपाल को डीएम विनीत कुमार ने मेडल और प्रशस्ति पत्र दिया। डीएम विनीत कुमार ने कहा कि हमें ऐसे शिक्षकों की जरूरत है, जो विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए कार्य करें। उन्होंने डॉ. कांडपाल प्रेरणा लेने की अपील की।

14 सितंबर से श्रीदेव सुमन की परीक्षा, शिक्षकों को लाना होगा मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र

14 सितंबर से श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय की परीक्षा शुरू होने जा रही है। परीक्षा में बाहरी राज्यों से आने वाले छात्रों को कोविड निगेटिव रिपोर्ट अपने साथ लानी होगी। साथ ही परीक्षा में तैनात रहने वाले शिक्षकों को भी मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र देना होगा। श्रीदेव सुमन विवि की परीक्षा के लिए गढ़वाल मंडल में 180 केंद्र बनाए गए हैं।
विवि के परीक्षा नियंत्रक डा. आरएस चैहान ने बताया कि श्रीदेव सुमन विवि की स्नातक, स्नातकोत्तर अंतिम सेमेस्टर, स्नातक प्रथम वर्ष और बीएड की मुख्य परीक्षाएं 14 सितंबर से 12 अक्तूबर के बीच संपन्न होनी है। विवि की परीक्षाएं बहुविकल्पीय प्रश्नों के आधार पर ओएमआर शीट के माध्यम से संपन्न कराई जाएगी। परीक्षा के लिए डेढ़ घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
बताया कि परीक्षा केंद्र में बिना मास्क प्रवेश नहीं, कंटेनमेंट जोन से आने वाले छात्र को एडमिट कार्ड या कॉलेज का आईकार्ड लाना होगा, अन्य राज्यों से आने वाले छात्रों को कोविड-19 रिपोर्ट अपने साथ लानी होगी। परीक्षा कक्ष, एंट्री गेट से लेकर वॉशरूम तक सैनिटाइज किया जाएगा। साथ ही सभी दरवाजों के हैंडल, रेलिंग, लिफ्ट बटन को भी सैनिटाइज करना होगा। बताया कि हर पाली की परीक्षा के बाद छात्रों की टेबल और कुर्सी को सैनिटाइज, परीक्षा कार्य में लगे पूरे स्टाफ को अपने स्वास्थ्य को लेकर सेल्फ डिक्लरेशन देना होगा। साथ ही पूरे स्टाफ की थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य तौर पर करनी होगी।

रात्रि में घर लौट रहे एक शिक्षक पर जानलेवा हमला, गोली लगने से हुई मौत

हरिद्वार जिले के रूड़की में एक शिक्षक पर बदमाशों से गोली चला दी। गोली शिक्षक के सिर में लगने से उनकी मौत हो गई। अस्पताल में डाॅक्टर ने उन्हें मृत घोषित किया।
बता दें कि सुल्तानपुर क्षेत्र स्थित ओसपुर गांव निवासी 40 वर्षीय शिक्षक ओम सिंह बृहस्पतिवार रात करीब नौ बजे वह बाइक से गांव लौट रहे थे। गांव के पास ही बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। रास्ते से गुजर रहे एक ग्रामीण ने उन्हें लहूलुहान हालत में सड़क किनारे पड़ा देखा तो परिजनों को सूचना दी। परिजन सहित सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचे। परिजनों ने आननफानन में उन्हें सुल्तानपुर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां डाॅक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कोतवाली प्रभारी हेमेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि शिक्षक के सिर में गोली लगी थी। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। परिजनों से जानकारी ली जा रही है। अभी तक तहरीर नहीं आई। तहरीर आने पर केस दर्ज किया जाएगा।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे प्रोजेक्ट में गुणवत्ता, गति व पारदर्शिता का रखा जाए विशेष ख्यालः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलाधिकारियों से ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन निर्माण के प्रगति के सम्बन्ध में समीक्षा की। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के साथ समन्वय बनाकर हर तरह की प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराएं। उन्होंने सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को भी निर्देश दिये कि अवशेष कार्य को जल्द से जल्द टाईमलाईन सहित पूर्ण कर लिया जाए साथ ही कार्यों में गुणवत्ता, गति एवं पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाय। मुख्य सचिव ने आर.वी.एन.एल. के अधिकारियों से कहा कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार की ओर से पूरा सहयोग दिया जायेगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि जल संस्थान जल्द से जल्द पाईप लाइन शिफ्टिंग का कार्य पूर्ण कर लें उसमें आ रही समस्याओं से समय-समय पर शासन को अवगत कराया जाए ताकि समस्याओं का निराकरण हो। रेल लाइन से संबंधित भूमि अधिग्रहण के कार्य के पश्चात् भूमि मुआवजा सम्बन्धी कार्य प्राथमिकता के आधार पर किये जाए। टनल निर्माण एवं अन्य निर्माण से होने वाले मलबा के निस्तारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को अवशेष निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये।
मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने निर्देश दिये कि रेलवे लाइन में बनने वाले टनलों में विशेषकर जो वन क्षेत्र में हो उन टनलों में सेंसरयुक्त गेट लगाये जाएं जिससे जंगली जानवरों के टनल में जाने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिल सके। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 58 के 03 स्थानों ब्यासी डायवर्जन, नरकोटा डायवर्जन व सुमेरपुर डायवर्जन के प्रकरणों पर भी चर्चा की गई।

टिहरी डीएम ने जताई नाराजगी, बोले छोटे कस्बों के शुरू और अंतिम छोर पर पसरा रहता है कूड़ा

जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल के अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में गंगा समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने एएमए जिला पंचायत को निर्देश दिए कि जनपद के छोटे कस्बों में कूड़े के निस्तारण के लिए ठोस कार्रवाई अमल में लाई जाए। इसके लिए पर्यावरण मित्रों की दो अलग-अलग टीमों के गठन के निर्देश दिए हैं। जिसमें से एक टीम डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन वह दूसरी टीम कूड़े के पृथकीकरण का कार्य करेगी। जिलाधिकारी ने एएमए को यह भी निर्देश दिए कि कूड़े के पृथकीकरण के बाद जैविक कूड़े से कमपोस्ट बनाई जा सके इस हेतु कंपोस्टिंग पीटो का निर्माण भी प्राथमिकता के आधार पर हो।
जिलाधिकारी ने नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंगा वे गंगा प्रहरियों की बैठक तत्काल करते हुए बैठक के मिनट्स को उपलब्ध कराएं। जिलाधिकारी ने कहा कि कंडिसौड़, जाखणीधार व केम्पटी के जैसे बड़े कस्बो में कूड़ा के प्रबंधन की ठोस रूपरेखा तैयार करते हुए प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि जनपद हर छोटे कस्बों के शुरू एवं समाप्ति पर कूड़े के ढेर प्राय देखने को मिलते हैं जो कि निराशाजनक है। कहा कि कस्बो में पसरे कूड़े का निस्तारण करना अनिवार्य है ताकि जनपद को साफ और स्वच्छ रखा जा सके। इसके अलावा उन्होंने उपजिलाधिकारियों को कूड़े के सोर्स पृथकीकरण के दौरान नगर पालिकाओं-पंचायतो में उपस्थित रहते हुए लोगो में जागरूक करने के निर्देश दिए है। बैठक में डीएफओ कोको रोसे, परियोजना निदेश डीआरडीए भरत चंद्र भट्ट, ईई राजकीय सिंचाई, ऐ सी एम ओ डॉ० दीपा रुबाली, ऐ एमए जिला पंचायत आदि उपस्थित थे।

गढ़वाल विवि का परीक्षा कार्यक्रम जारी

गढ़वाल विवि में 19 सितंबर से स्नातक, स्नातकोत्तर और व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू होंगी। विवि के अनुसार, नए कार्यक्रम के तहत परीक्षा कार्यक्रम विवि की वेबसाइट में अपलोड कर दिया गया है। 
एमएचआरडी (मानव संसाधन विकास मंत्रालय) और यूजीसी ने सभी विवि को 30 सितंबर तक परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं। पूर्व में विवि की ओर से एक सितंबर और 10 सितंबर से परीक्षा शुरू कराने का निर्णय लिया गया था, लेकिन परीक्षा बार-बार टालनी पड़ी।
अब विवि ने एक बार फिर नई तिथि तय की है। विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. आरसी भट्ट ने बताया कि विवि के परिसरों और संबद्ध शिक्षण संस्थानों में  19 सितंबर से बीए, बीएससी, बीकॉम, बीपीएड के अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू होेंगी। 

परीक्षा तिथियां
एलएलबी – 20 से 26 सितंबर
बीएध्बीएससी – 19 सितंबर से 9 अक्तूबर 
एमससी – 19 से 3 अक्तूबर
एमकॉम- 20 से 3 अक्तूबर
एमए- 28 से 10 अक्तूबर 
नेट – 16 से 25 सितंबर 
बीफार्मा – 19 से 29 सितंबर
एमबीए- 20 से 30 सितंबर
जर्नलिज्म एंड मॉस कम्युनिकेशन – 19 से 27 सितंबर
बीसीए, बीएससी (आईटी) और बीएससी (सीएस) – 19 से 27 सितंबर
एमएससी (आईटी) व एमएससी (सीएस) की परीक्षा- 19 से 1 अक्तूूबर

उत्तराखंड में रक्षा क्षेत्र की संभावनाओं पर सीएम से चर्चा

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुख्यमंत्री आवास में डीआरडीओ के चेयरमैन डॉक्टर सतीश रेड्डी ने मुलाकात की। इस दौरान उत्तराखंड में रक्षा क्षेत्र की संभावनाओं पर चर्चा हुई। हाल में भारत सरकार ने रक्षा क्षेत्र में 101 रक्षा उपकरणों के विदेशी आयात पर रोक लगाने का फैसला किया है, ऐसे में उत्तराखंड में रक्षा से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।
इस दौरान डीआरडीओ की लैब को उत्तराखंड में उद्योगों से जोड़ने एवं सीमांत इलाकों में खेती किसानी से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। प्रदेश के युवाओं को डीआरडीओ में प्रशिक्षण देने एवं इंजीनियरिंग के छात्रों को डीआरडीओ की देहरादून स्थित आईआरडीए समेत कई लैब में इंटर्नशिप कराने पर भी सहमति बनी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार डॉ. के. एस. पवार एवं डीआरडीओ प्रमुख के प्रौद्यागिक सलाहकार संजीव जोशी भी उपस्थित थे।

इस वर्ष भी आयोजित होगी छड़ी यात्रा, कुंभ मेले को लेकर तैयारियां शुरु

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि कुम्भ मेला 2021 दिव्य एवं भव्य रूप से आयोजित किये जाने के लिये राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी अखाड़ों के सन्त महात्माओं के सहयोग एवं आशीर्वाद से यह आयोजन सफल होगा। सचिवालय में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं महामंत्री तथा अन्य पदाधिकारियों के साथ कुम्भ मेले के आयोजन के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने व्यापक विचार विमर्श किया। इस अवसर पर नगर विकास मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव ओम प्रकाश, पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार के साथ ही शासन के उच्चाधिकारी एवं मेले से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेले की व्यवस्थाओं के तहत किये जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी स्थायी व अस्थायी निर्माण कार्यों को 15 दिसम्बर से पूर्व सम्पन्न करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये।
बैठक में सभी अखाड़ों के सुझावों पर मुख्यमंत्री ने नील धारा सहित अन्य क्षेत्रों में निर्मित होने वाले स्नान घाटों के नाम 13 अखाड़ों के ईष्ट देवों के नाम पर रखे जाने, 2010 कुम्भ मेले की भांति इस बार भी उतने ही क्षेत्रफल में कुम्भ मेले के आयोजन, मंशा देवी हिल वाई पास सड़क को मेले के दौरान प्रयोग में लाये जाने तथा आन्तरिक सड़कों के निर्माण में तेजी लाये जाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में संत महात्माओं को भू समाधि के लिये स्थान चयन को संत समाज के हित में लिया गया निर्णय बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष भी सभी अखाड़ों के सहयोग से छड़ी यात्रा आयोजित की जायेगी धर्मस्व एवं संस्कृति विभाग इसका नोडल विभाग होगा। उन्होंने कहा कि कुम्भ मेले को भव्य एवं दिव्य रूप से आयोजित किये जाने के लिये लगातार बैठकें की जाती रही हैं। कोविड के कारण उत्पन्न समस्याओं का तत्समय आभास नहीं था। पूरा विश्व इस संकट का सामना कर रहा है। इससे सभी स्तरों पर कार्यों की गति में अवरोध पैदा हुआ है उन्होंने कहा कि इस दौरे से भी हम निजात पायेंगे तथा संतों के आशीर्वाद से इस आयोजन को बेहतर तरीके से सम्पन्न कर पायेंगे। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में देश काल व परिस्थिति के अनुसार भी निर्णय लिया जायेगा। आगे स्थितियां कैसी होगी, इसका पूर्वानुमान लगाया जाना कठिन है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी संत महात्माओं को उनकी अगुवाई में राम मन्दिर निर्माण के शिलान्यास के लिये भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि इसके लिये हमारे संत महात्माओं ने भी अपना बलिदान दिया। आखिर वह शुभ दिन आया जब प्रधानमंत्री ने श्री राम के भव्य मन्दिर का शिलान्यास किया।
इस अवसर पर नगर विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कुम्भ मेले के आयोजन में सभी अखाड़ों का सहयोग मिल रहा है। अखाड़ों की सुविधा के लिये भी सभी व्यवस्थायें की जा रही हैं। निर्माण कार्यों में तेजी लायी गई है। कोरोना के कारण इसकी गति कुछ धीमी जरूर हुई है। कुम्भ मेले से सम्बन्धित सभी पुलों, स्नान घाटों, सड़कों, आस्था पथों आदि का निर्माण 15 दिसम्बर तक पूर्ण हो इसका प्रयास किया जा रहा है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने उज्जैन व प्रयाग राज कुम्भ की भांति अखाड़ों को धनराशि व अन्य सुविधायें उपलब्ध कराये जाने की बात रखी। उन्होंने अखाड़ों में साफ-सफाई व अतिक्रमण को हटाने, आवागमन व पेशवाई मार्ग निर्धारण, पुलों, घाटों के निर्माण में तेजी लाये जाने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कुम्भ मेले के सफल आयोजन के लिये सभी अखाड़ों की ओर से हर संभव सहयोग का भी आश्वासन दिया।
इस अवसर पर मेलाधिकारी दीपक रावत द्वारा निर्माण कार्यों से संबंधित प्रस्तुतीकरण दिया गया। बैठक में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महन्त हरि गिरि, महन्त प्रेम गिरि, महन्त महेश पुरी, महन्त सत्यगिरि, महन्त कैलाशपुरी, महन्त मुकुन्दानन्द ब्रहमचारी, महन्त सोमेश्वरानन्द ब्रहमचारी, महन्त ओंकार गिरि, महन्त रविन्द्र पुरी सहित बड़ी संख्या में संत महात्मा एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

महापौर के आश्वासन पर माने आंदोलनकारी

शिवाजी नगर घर बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहा धरना महापौर अनिता ममगाई के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। धरने पर बैठी मात्रृ शक्ति एवं तमाम आंदोलनकारियों ने धरने को समाप्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए महापौर का आभार जताया। साथ ही विश्वास जताया कि विकास की राह में उन्हें अब अपने आशियानों से वंचित नही होना पड़ेगा।
अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए महापौर अनिता ममगाई ने शिवाजी नगर घर बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले आंदोलन कर रहे लोगों से मुलाकात की। जिसके बाद उन्होंने आश्वासन दिया कि नमामि गंगे योजना के नाले टेपिंग योजना को क्षेत्रवासियों के लिए नुकसान की योजना नही बनने दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति तिनका-तिनका जोड़कर घर बनाता है। योजना से प्रभावित लोगों के घर ना उजड़े इसके लिए उन्होंने कार्यदायी संस्था पेयजल निगम के अधिकारियों से बात की है।
महापौर ने निर्देश दिये कि योजना को मूर्त रूप देने के लिए एडवांस से एडवांस तकनीक का इस्तेमाल किया जाये ताकि नुकसान कम से कम हो जिसकी जद में आने वाले लोग इसे बर्दाश्त कर सके। महापौर की पहल और आश्वासन पर धरना दे रहे आंदोलनकारियों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। इस दौरान पार्षद जयेश राणा, पार्षद विजेंद्र मोघा, पार्षद विजय बडोनी, पार्षद लव कांबोज, पार्षद गुरविंदर सिंह, सुभाष वाल्मीकि, सुरेंद्र सुमन आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

पौड़ी जिले में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दे रही सरकार

पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने जनपद पौड़ी में पर्यटन विभाग द्वारा 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन योजना के अन्तर्गत चयनीत योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होने गुमखाल के समीप कीर्तिखाल में कीर्तिखाल से भैरंवगढ़ी रोपवे योजना के साथ ही सतपुली में 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन के अन्तर्गत विभिन्न पर्यटन योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियां से कार्य प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाये जाने के भी निर्देश दिये।
सचिव पर्यटन ने सतपुली में पर्यटन विभाग की 40 शैय्या वाले आवास गृह एवं विवाह समारोह मल्टी परक हाल के निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण कर भवन के डिजाईन एवं सुविधा के बारे में मौके पर जानकारी ली। इसके बाद उन्होने सतपुली में चयनीत पार्किग स्थल एवं सतपुली में नयार नदी के उस पार निर्माणधीन एग्लिंग हट्स कम होमस्टे व नयार नदी में बनने वाले अन्य पर्यटन विकास परक कार्यों की संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। इसके उपरान्त सचिव जावलकर दिवा की डाडा रोपवे योजना के स्थलीय निरीक्षण किया।
सचिव जावलकर ने कहा कि इस क्षेत्र में एडवेंचर टूरिज्म की अपार सम्भावनाएं है। नयार नदी में फिशिंग व एंगलिंग का अच्छा स्कोप है। विगत दिनों में पैराग्लाइडिंग व पैरासिलिंग के जो प्रयास किये गये थे, उसके भी अच्छे परिणाम आये है। कहा कि यहां पर राफ्टिंग, क्याकिंग, पैराग्लाइडिंग, पैरासिलिंग, एंगलिंग आदि की अपार सम्भावनाएं हैं, इसलिए इसे एक अच्छे डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज जीएमवीएन का टीआरएच 40 बैड कैपसिटी का उद्घाटन भी किया जा रहा है, जो थर्टीन डिस्ट्रिक्ट थर्टीन डेस्टिनेशन का पार्ट है। पैरासिलिंग के जो ट्रायल हुए थे, उसकी रिपोर्ट प्राप्त कर उसके लॉचिंग पार्ट डेवलप किया जा रहे है। कुछ रोपवे भी प्रस्तावित है, जिनका अध्ययन कर उन पर भी कार्य किया जाना प्रस्तावित है।
सचिव जावलकर ने कहा कि दीवा का डांडा से हिमालय का बहुत अच्छा दर्शन होता है और यहां पर रोपवे का प्रस्ताव दिया गया था, जिस पर कार्य चल रहा है कि किस तरह से बनाया जाय। कहा कि क्षेत्र का निरीक्षण किया जायेगा और तत्पश्चात टेण्डर प्रक्रिया की कार्यवाही की जायेगी।
इस अवसर पर जिला पर्यटन विकास अधिकारी/साहसिक खेल अधिकारी पौड़ी खुशाल सिह नेगी, उपजिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।