राज्य में कंटेंट क्रियेशन वर्किंग ग्रुप का गठन जल्दः त्रिवेन्द्र

राज्य स्थापना सप्ताह के तहत मसूरी में आयोजित फिल्म कान्क्लेव में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने हिन्दी, गढ़वाली एवं कुमांऊनी फिल्मों को अनुदान राशि के रूप में चेक वितरित किये। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने गढ़वाली फिल्म हैलो यूके के निर्माता मनीष वर्मा, बौडिगी गंगा के निर्माता अनिरूद्ध गुप्ता, भुली ए भुली के निर्माता ज्योति खन्ना, कुमाऊंनी फिल्म गोपी भिना की निर्माता मीनाक्षी भट्ट व उत्तराखण्ड में फिल्मायी गई हिन्दी फिल्म साइलेंट हिरोज के निर्माता कमल वीरानी, महेश भट्ट को अनुदान राशि के चेक भेंट किये। मनीष वर्मा के प्रतिनिधि के तौर पर आरके वर्मा और प्रदीप भण्डारी ने चेक प्राप्त किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि फिल्म कॉन्क्लेव में जो भी सुझाव प्राप्त हुए हैं, उन पर शीघ्र अमल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कंटेंट क्रियेशन वर्किंग ग्रुप का गठन किया जाएगा। फिल्म सिटी स्थापना की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की दिशा में भी विचार किया जा रहा है। राज्य में फिल्म नीति को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक फिल्म डायरेक्टरी का भी प्रकाशन किया जायेगा, जिसमें टैक्नीशियन, कलाकार तथा लोकेशन आदि के सम्बन्ध में जानकारी मिल सकेगी। जिससे फिल्म निर्माताओं को राज्य में उपलब्ध संसाधनों के विषय में जानकारी प्राप्त हो सकेगी।

क्लेमेंटाउन थाना सर्वश्रेष्ठ, मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पुलिस लाईन, देहरादून में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित रैतिक परेड में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया व राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर क्लेमेंटाउन थाना को सर्वश्रेष्ठ थाना चयनित होने पर सम्मानित किया गया। पुलिस के अधिकारियों को उत्कृष्ट कार्यों एवं विवेचना के लिए सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी के बाद देशी रियासतों के एकीकरण में लोह पुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल की अहम भूमिका रही। आजादी के बाद अंग्रेज भारत को छोड़कर तो चले गये थे, लेकिन उन्होंने देश को अनेक रियासतों में बांट दिया। देश की एकता और अखण्डता के लिए लिये सरदार पटेल ने रियासतों का एकीकरण कर अंग्रजों के सपने को चकनाचूर किया। सरदार पटेल जी का किसानों के लिए भी अद्धितीय चिंतन रहा। उनका मानना था कि बिना किसानों के भारत की कल्पना नहीं की जा सकती।
प्रशासनिक क्षेत्र के अलावा उनका अन्नपूर्ण भारत के लिए विशेष चिंतन रहा। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रयासों से सरदार पटेल जी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का सपना साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष जम्मू-कश्मीर की धारा 370 से आजादी का वर्ष भी है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का भविष्य उज्ज्वल दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरदार पटेल अहमदाबाद के मेयर थे, तब उन्होंने 222 दिन तक स्वच्छता को लेकर अभियान चलाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त भारत बनाने का आह्वाहन किया है। सरदार पटेल जी का जीवन आदर्श हमें हमेशा प्रेरित करता रहेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नैनीताल में ज्योलिकोट के पास पुलिस वाहन दुर्घटना में मृतक पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पुलिस कर्मियों के परिवारजनों को राज्य सरकार द्वारा हर सम्भव मदद दी जायेगी।
पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने कहा सरदार पटेल जी ने भारत के प्रथम गृह मंत्री बनने के बाद देशी रियासतों के विलय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल जी के जीवन से प्रेरणा लेते हुए हमें देश की अखण्डता व सम्प्रभुता को अक्षुण्ण रखते हुए कार्य करना होगा। उत्तराखण्ड पुलिस राज्य एवं देश को अक्षुण्ण रखने का पूरा प्रयास करेगी।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक हरवंश कपूर, खजान दास, गणेश जोशी, देशराज कर्णवाल, उमेश शर्मा काऊ, मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, मेयर ऋषिकेश अनीता मंमगाई, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था अशोक कुमार, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित थे।

नेलांग वैली को 30 किमी आगे तक खोलने की मुख्यमंत्री ने की घोषणा

हर्षिल एप्पल फेस्टिवल में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रतिभाग किया और उन्हें कई अहम घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि चीन सीमा से लगे प्रदेश के विकास खण्डों भटवाड़ी उत्तरकाशी, धारचूला, मुनस्यारी, पिथौरागढ़, जोशीमठ चमोली में केेन्द्रीय योजना सीमान्त विकास योजना की भांती स्टेट एरिया डेवलपमेंट योजना लागू की जाएगी। नेलांग वैली से 30 किमी आगे तक पर्यटन हेतु खोला जाएगा। सीमावर्ती नेलांग में जिन लोगों की सम्पत्ति है उनके लिए घर बनाने के लिए अलग से फंड की व्यवस्था की जाएगी। यदि कोई स्थानीय होम स्टे योजना के तहत अपना घर बनाना चाहता है तो उसे होम स्टे योजना के लाभ के अलावा सरकार अलग से सहायता करेगी। सीमावर्ती विकास खण्ड के लिए राज्य में अलग से किसान फंड बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की मांग के अनुरूप हर 15 दिन के भीतर मिट्टी की जांच व सेब के बारे में बागवानों को जानकारियां देने हेतु वैज्ञानिकों की सेवा ली जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र औद्यानिकी की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है। पूरे देश की 45 प्रतिशत भाग की सिंचाई गंगा बेसिन से ही होती है। कृषि उत्पादन के लिए मां गंगा का अहम योगदान है। राज्य सरकार किसानों को खेती करने के लिए 1 लाख रूपये तक ब्याज मुक्त ऋण दे रही है। इसके साथ ही कृषि समूह के लिए 5 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए तमाम योजनाएं देश भर में चल रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुजुर्ग किसान, श्रमिक, नाई, होटल, मनरेगा के अन्तर्गत श्रमिकों आदि के लिए श्रमयोगी पेंशन योजना लागू की है।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने हर्षिल में पहुँचकर लक्ष्मीनारायण मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की तथा तिलक सोनी द्वारा लिखित पुस्तक टेकिंग गढ़वाल इन हिमालय का भी विमोचन किया। इस अवसर पर विधायक गोपाल सिंह रावत ने कहा कि हर्षिल सेब महोत्सव आयोजित होने से किसान व बागवान को इसका लाभ मिला है। सेब की अनेक किस्म की प्रजाति आज हर्षिल में उत्पादित हो रही है। सेब के उत्पादन के लिये मिट्टी की जांच के साथ ही सेब के पेड़ के लिए कब-कब आवश्यक रासायनिक व जैविक खाद व दवाई डाली जानी है इन सबकी जानकारी सेब विशेषज्ञ व वैज्ञानिकों द्वारा दी गई है। उन्होंने कहा कि सेब के साथ हम नकदी फसलों को भी बढ़ावा दे रहे हैं, ताकि 2022 तक किसान की आय दोगुनी की जा सके।
इस अवसर पर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री व जिला प्रभारी मंत्री डा. धन सिंह रावत, जिला उपाध्यक्ष भाजपा विजय संतरी, जिलाधिकारी डॉ आशीष चैहान, पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट सहित अधिकारी, स्थानीय ग्रामीण व देशी विदेशी पर्यटक भी मौजूद थे।

पलायन और रोजगार के लिए पर्यावरण का संरक्षण जरुरीः बिपिन रावत

थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने चमोली जिले में चीन सीमा पर स्थिति अग्रिम चैकियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जवानों के साथ समय बिताया और स्थानीय लोगों से भी मुलाकात की। नीती घाटी में चीनी सैनिकों की घुसपैठ के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में चीन के साथ किसी तरह के टकराव की बात नहीं है।
थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत गुरुवार को हेलीकॉप्टर से सीधे मलारी पहुंचे। यहां उन्होंने सेना के ’’प्लांटेशन फॉर लाइवलीहुड’’ कार्यक्रम में शिरकत की। स्थानीय लोगों से मुलाकात कर समारोह में अखरोट और चिलगोजा के पौधों का रोपण किया गया। इस कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती क्षेत्र में स्थानीय लोगों की मदद से एक लाख पौधों का रोपण किया जाना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम से क्षेत्र में पर्यावरण का संरक्षण तो होगा ही, स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा।
इस दौरान स्थानीय लोगों ने जनरल बिपिन रावत से मोबाइल नेटवर्क न होने की समस्या उठाई। जनरल रावत ने कहा कि इस दिशा में हरसंभव कोशिश की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि संचार नेटवर्क न होने की वजह सेना नहीं है। उन्होंने कहा कि सेना सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। जनरल रावत ने जवानों और स्थानीय लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं भी दीं। दोपहर बाद वह हेलीकॉप्टर से दिल्ली रवाना हो गए। नीती घाटी में बाड़ाहोती नाम के स्थान पर चीनी सैनिकों की घुसपैठ सुर्खियां बनती रही है। पिछले साल जुलाई में चीनी सैनिकों ने इस क्षेत्र में पांच बार घुसपैठ की थी। गौरतलब है कि बाड़ाहोती 80 वर्ग किलोमीटर में फैला चारागाह है जहां पर स्थानीय लोग अपने जानवरों को लेकर आते हैं।

चुनाव परिणाम से पहले फडणवीस पहुंचे केदारनाथ, लिया जीत का आर्शीवाद

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से एक दिन पूर्व पत्नी सहित परिवारिक सदस्यों के साथ बुधवार को बाबा केदार के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने चुनाव में जीत के लिए बाबा का आशीर्वाद लिया।
सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस सुबह साढ़े दस बजे चार्टर हेलीकॉप्टर से केदारनाथ धाम पहुंचे। यह उनका निजी कार्यक्रम था, जिस कारण प्रशासन व पुलिस को इस बारे में कोई सूचना नहीं थी। मंदिर पहुंचने पर मुख्य पुजारी केदार लिंग ने उनकी पूजा संपन्न करवाई। रुद्राभिषेक करने के बाद फडणवीस ने मंदिर की परिक्रमा की और कुछ देर तक केदारनाथ की हिमाच्छादित चोटियों के सौंदर्य को निहारते रहे। इस दौरान मंदिर समिति की विजिटर बुक में फडणवीस ने लिखा कि वह बाबा केदार के दर्शनों से अभिभूत हैं और स्वर्ग में होने जैसा अहसास कर रहे है। करीब डेढ़ घंटा केदारनाथ धाम में रहने के बाद फडणवीस वापस लौट गए। गौरतलब है कि इसी वर्ष मई माह में लोकसभा चुनाव के सातवें एवं अंतिम चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ धाम पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने गर्भगृह में रुद्राभिषेक किया तो मंदिर की परिक्रमा भी की और दोपहर बाद करीब दो बजे वह साधना के लिए एकांत स्थल, मंदिर से 1.5 किलोमीटर दूर ध्यान गुफा में चले गए थे। यहीं रात्रि विश्राम भी किया था।

राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए बाल कल्याण परिषद ने भेजा राखी और आयुष का नाम

पौड़ी जिले की ग्राम देव कुंडई निवासी राखी ने गुलदार के हमले से अपने छोटे भाई की जान बचाई। राखी के इस साहस के लिए उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद ने उसका नाम राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए भेजा है। राखी सहित प्रदेश से दो बच्चों के नाम इस पुरस्कार के लिए भेजे गए हैं। जिसमें एक बच्चा देहरादून के डोईवाला विकासखंड का हैं।

केंद्र सरकार हर वर्ष बच्चों को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार देती है। इसके तहत इस वर्ष भी प्रदेश से बच्चों के नाम मांगे थे, लेकिन प्रदेश से 30 सितंबर तक एक भी नाम भारतीय बाल कल्याण परिषद नई दिल्ली को नहीं भेजा गया। पौड़ी गढ़वाल जनपद की राखी एवं दूसरा देहरादून जनपद के डोईवाला विकासखंड के आयुष कोठारी का है।

11 वर्षीय राखी ने दिखाया था अदम्य साहस
पौड़ी गढ़वाल जिले की देव कुंडई गांव निवासी राखी अपने चार साल के भाई राघव व मां के साथ 4 अक्तूबर 2019 को खेत पर गई थी। जहां से दोपहर करीब ढाई बजे भाई राघव को कंधे में बैठा कर वह घर लौट रही थी। रास्ते में अचानक गुलदार ने राघव पर हमला कर दिया, यह देख राखी अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए गुलदार से भिड़ गई।

गुलदार ने राखी पर अपने पंजों और दांतो से कई घाव किए, लेकिन लहूलुहान राखी ने गंभीर हालत के बावजूद हिम्मत दिखाई और अपने भाई को नहीं छोड़ा। इस बीच राखी की मां पीछे से आ गई। उसके शोर मचाने पर गुलदार जंगल की ओर भाग गया।

आयुष ने दिया सूझबूझ का परिचय
देहरादून जिले के डोईवाला विकासखंड के मिस्सरवाला निवासी आयुष कोठारी ने 24 जून 2019 को अपने परिवार से बिछड़े तीन वर्षीय बच्चे को सूझबूझ का परिचय देते हुए पुलिस के सुपुर्द कर उसे उसके परिजनों से मिलाया। लईक अहमद निवासी ग्राम धनोरा थाना शहजाद नगर जिला रामपुर उत्तर प्रदेश अपने रिश्तेदारों के यहां तेलीवाला डोईवाला आए थे।

जहां उनका पुत्र समद (3) अचानक लापता हो गया था। वह घर से आठ किलोमीटर दूर मिस्सरवाला पहुंच गया था। आयुष कोठारी की नजर बच्चे पर पड़ी, तो उसने अपने चचेरे भाई सूरज के सहयोग से उसे पुलिस स्टेशन तक पहुंचाया। आयुष व सूरज की बुद्धिमत्ता एवं सूझबूझ से समद अपने परिजनों के पास पहुंच गया।

सांसद ने की, मसूरी एक्सप्रेस में दो कोच कोटद्वार के लिए जोड़ने की मांग

पौड़ी गढ़वाल सीट से भाजपा सांसद तीरथ सिंह रावत ने अपने संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत कोटद्वार के लिए अतिरिक्त रेल सेवाओं के संचालन का आग्रह मुरादाबाद मंडल से किया है। उन्होंने कहा कि कोटद्वार से रामनगर और टनकपुर रेल सेवा आरंभ किए जाने से राज्य के दोनों मंडलों के लोगों को खासी सहूलियत होगी। सांसद तीरथ सिंह रावत ने बताया कि उत्तर रेलवे मुरादाबाद मंडल की बैठक में उन्होंने इस प्रकार का सुझाव दिया है। इनमें यह बात भी रखी गई कि रानीखेत एक्सप्रेस, उत्तरांचल संपर्क क्रांति को पीरुमदारा में यात्रियों की सुविधा के लिए दस मिनट के लिए रोका जाए। गढ़वाल एक्सप्रेस का कोटद्वार पहुंचने का समय दोपहर बाद तीन बजे का है, इस कारण कोटद्वार से गढ़वाल के अन्य हिस्सों में जाने वाले लोगों को यातायात सुविधा नहीं मिल पाती। लिहाजा, इस ट्रेन के समय में परिवर्तन कर इसका कोटद्वार पहुंचने का समय दोपहर एक बजे निर्धारित किया जाए। उन्होंने कहा कि मसूरी एक्सप्रेस में दो कोच देहरादून से कोटद्वार आने वाले यात्रियों के लिए होते थे लेकिन लंबे समय से यह व्यवस्था बंद है। इससे यात्रियों को खासी दिक्कत हो रही है। इस व्यवस्था को बहाल किया जाए। रावत के मुताबिक इन विषयों के अलावा रामनगर रेलवे स्टेशन को बरेली से मुरादाबाद डिविजन में शामिल करने और कोटद्वार व रामनगर रेलवे स्टेशन पर ओवरब्रिज निर्माण का विषय भी बैठक में रखा गया। भाजपा संासद ने उम्मीद जताई कि शीघ्र ही इस संबंध में रेलवे उचित कदम उठाएगा।

शैक्षणिक भ्रमण से बच्चों को देश की संस्कृति, रहन सहन की मिलती है जानकारीः टीएसआर

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण पर जा रहे देवप्रयाग विधानसभा के हाईस्कूल के टॉपर छात्र-छात्राओं से भेंट की। मुख्यमंत्री ने भ्रमण पर जाने से पूर्व इन बच्चों को डेंगू से सुरक्षा हेतु डेंगू डोज भी पिलाई। देवप्रयाग विधानसभा के 55 मेधावी छात्र-छात्राएं 15 सितम्बर से 19 सितम्बर तक पांच दिन के शैक्षणिक भ्रमण पर रहेंगे। यह भ्रमण रविवार को श्रीनगर से शुरू हुआ। इस भ्रमण के दौरान ये मेधावी बच्चे आईएमए, विज्ञान धाम, एफआरआई, पतंजलि योगपीठ, मंशा देवी, आईआईटी रूड़की व दिल्ली में विभिन्न स्थानों का भ्रमण करेंगे। भ्रमण के दौरान ये बच्चे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, राज्यपाल बेबी रानी मौर्य, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, गृह मंत्री अमित शाह, मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से भी भेंट करेंगे।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण से बच्चों को देश की संस्कृति, रहन-सहन व विभिन्न गतिविधियों की जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न स्थानों पर भ्रमण से बच्चों में सीखने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ेगी। जब बच्चे देशाटन के लिए जाते हैं, तो उनकी रूचि का भी पता चलता है, एक-दूसरे से भी बच्चों को काफी सीखने को मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट के टॉप 25 वें स्थान तक आने वाले बच्चों के लिए राज्य सरकार ने ‘‘देश को जानो योजना’’ की शुरूआत की है। इस भ्रमण के दौरान एक दिन की हवाई यात्रा भी करवाई जायेगी। इस यात्रा के दौरान बच्चों को देश की विभिन्न गतिविधियों से अवगत कराने के साथ ही प्रसिद्ध स्थलों का भ्रमण भी कराया जायेगा।

आकर्षण केन्द्र बन रहा डोबरा-चांटी पुल का डिजाईन

टिहरी झील में बन रहे देश के सबसे लंबे सस्पेंशन डोबरा-चांटी पुल के दोनों सिरे जुड़ चुके हैं और अब आसानी से डोबरा और चांटी के बीच जाया जा सकता है। इसी आकर्षण की वजह से डोबरा पुल पर इन दिनों स्थानीय और बाहर से आने वाले लोगों का जमावडा लगा है। ऐसे में लोनिवि को भी काम के दौरान परेशानी हो रही है। शनिवार को डीएम डॉ. वी षणमुगम ने पुल का दौरा किया और सुरक्षा प्रबंध के निर्देश दिए। डीएम ने चीफ प्रोजेक्टर मैनेजर एसके राय को निर्देश दिये कि जनपद के विभिन्न विभागों में तैनात इंजीनियरों की क्षमता विकसित करने के लिए उन्हें डोबरा-चांटी पुल का स्थलीय निरीक्षण करवाते हुए पुल निर्माण में आयी तकनीकि दिक्कतों एवं तकनीकि कमियों को दूर करने के लिए हुए प्रयासों से अवगत कराया जाए। साथ ही आइआइटी रूड़की व अन्य इंजीनियरिग कॉलेज के छात्र-छात्राओं व प्रोफेसरों को भी क्षमता विकसित करने के मकसद से डोबरा-चांठी पुल निर्माण की तकनीकि का अवलोकन कराया जाय। निर्माणाधीन डोबरा-चांटी पुल की कुल लंबाई 725 मीटर है। जिसमें 440 मीटर सस्पेंशन ब्रिज हैं तथा 260 मीटर आरसीसी डोबरा साइड एवं 25 मीटर स्टील गार्डर चांटी साइड है। पुल की कुल चैड़ाई सात मीटर है, जिसमें मोटर मार्ग की चैड़ाई 5.50 (साढ़े पांच) मीटर है, जबकि फुटपाथ की चैड़ाई 0.75 मीटर है। फुटपाथ पुल के दोनों ओर बनाया जा रहा है।

गंगोत्री और हिमालय घाटी का फोटो संग्रहालय विश्व को किया समर्पित

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने गंगोत्री धाम में पूजा अर्चना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने गंगोत्री धाम में मां गंगा से प्रदेश की खुशहाली व समृद्धि की कामना की।
इसके बाद मुख्यमत्री और केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री ने तपोवनम् कुटी, गंगोत्री में संयुक्त रूप से स्वामी सुंदरानंद के नवनिर्मित तपोवन हिरण्यगर्भ कलादीर्घा एवं तपोवनम् हिरण्यगर्भ मंदिर और ध्यान केन्द्र का उद्घाटन किया। हिरण्यगर्भ कलादीर्घा में स्वामी सुंदरानंद ने 1948 से अब तक गंगोत्री, हिमालय और उपला टकनौर की संस्कृति और परंपरा को तस्वीरों में कैद किया है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 81 करोड़ 19 लाख 68 हजार रूपये की विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण भी किया।

शिलान्यास की गई योजनाओं में कुवां कफनोल राड़ी मोटर मार्ग लागत 168.92, राजगढ़ी से मस्सू मोटर मार्ग लागत 106.03, राष्ट्रीय राजमार्ग से डंडालगांव तक मोटर मार्ग निर्माण लागत 50.00, स्याना चट्टी से कुंसाला मोटर मार्ग में सतह सुधार तथा क्षतिग्रस्त दिवारों व स्कवरों का पुनः निर्माण लागत 85.96, भाटिया प्रथम में पार्किग स्थल का निर्माण लागत 32.76, नाकुरी सिंगोट मोटर मार्ग के किमी 5,6,7 मंे चैड़ीकरण व डामरीकरण कार्य लागत 280.62, हरेथी से जिनेथ होते हुए पटारा स्यालना तक मोटर मार्ग का नव निर्माण लागत 210.60, ब्रहमखाल से मंडियासारी-मसौन मोटरमार्ग का निर्माण लागत 322.85, ज्ञानसू साल्ड मोटर मार्ग से उपला बस्ती ज्ञानसू तक मोटर मार्ग का निर्माण लागत 273.60, डुण्डा देवीदार से खटटूखाल तक मोटर मार्ग निर्माण 254.03, धनारी से पीपली थाती बैंड से धारकोट मुसड़गांव तक मोटर मार्ग का पुनः निर्माण कार्य व डामरीकरण व 24 मीटर स्पान का स्टील गार्डर सेतु सहित कार्य लागत 354.29, कमद अयारखाल मोटर मार्ग के किमी 1 से 5 तक डामरीकरण का कार्य लागत 411.57, द्वारी रेथल मोटर मार्ग का डामरीकरण का कार्य लागत 209.54, भटवाड़ी में मीनी स्टेडियम रेथल पंहुच मार्ग का डामरीकरण व विस्तार कार्य 330.26 इन्दरा टिपरी के कण्डारा खोल से दिवारी खोल तक मोटर मार्ग नव निर्माण कार्य 118.33, बादसी गोपाल गोलोकघाम मोटर मार्ग से खाण्ड तक मोटर मार्ग का नव निर्माण कार्य लागत 131.11, आराकोट कलीच थुनारा डामटी मोटर मार्ग का निर्माण 221.80, टिकोची पुल से झाकूली दूचाणू कण्डासी धार मोटर मार्ग का निर्माण लागत 440.00, कलीच थुनारा डामटी अवशेष मोटर मार्ग का विस्तार 175.00 स्यानाचट्टी से निसणी मोटर मार्ग लागत 380.16, पुजार गांव से पाली मोटर मार्ग लागत 278.51, स्यालना डांग सरतली मोटर मार्ग स्टेज 2 लागत 158.11, राजकीय आयुर्वेेदिक चिकित्सालय चमियारी भवन निर्माण का कार्य लागत 88.67, नौगांव पुरोला मोटर मार्ग के किमी 2 से थली लागत 623.3 कुल 57 करोड़ 5 लाख 75 हजार शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी जी का संकलन आने वाली पीढ़ी के लिए विश्व धरोहर हैं। स्वामी जी की 72 वर्ष की तपस्या का संग्रह आज विश्व को समर्पित हो गया है। स्वामी जी की तस्वीरें हिमालय को करीब से देखने के लिए पूर्ण सहयोग करेंगी। साथ ही हमारे वैज्ञानिकों और हिमालयन शोधकर्ताओं के लिए यह एक संजीवनी का कार्य करेगा। उन्होंन कहा कि स्वामी सुंदरानंद ने गंगोत्री धाम में एक विश्व धरोहर दी है, जिसका सरक्षंण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्वामी सुंदरानंद के स्वास्थ्य का हालचाल भी जाना।
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री ने कहा कि हमें गंगा की निर्मलता और इसके प्रवाह को सरंक्षित करना है। जिसके लिए गंगा किनारे रहने वाले 45 करोड़ लोगों को भी अपना कर्तव्य समझना चाहिए। सभी देशवासी मिलकर गंगा की निर्मलता और स्वच्छता को बनाये रखेंगे, तब जाकर गंगा की सेवा पूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति को अक्षुण बनाएं रखने में साधु समाज का अहम योगदान रहा है। हिमालय की विशालता गंगा की पवित्रता विश्व में अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि विश्व के अनेक लोग हिमालय व गंगा पर शोध करने आते हैं, इस कला दिर्घा के चित्रों यदि ठीक से देखा व समझा जाए तो निश्चित ही हिमालय के दर्शन एक ही स्थान पर हो सकते है।
इस अवसर पर स्वामी सुंदरानंद ऑटोग्राफी पुस्तक का भी विमोचन किया गया। इस अवसर पर विधायक गोपाल सिंह रावत, स्वामी सुन्दरानन्द महाराज, स्वामी राघवाचार्य महाराज, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान, पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट सहित देश विदेश से आये श्रद्धालु, साधु संत आदि उपस्थित थे।