बारिश ने रोकी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति

केदारनाथ हाईवे पर लगातार हो रहे भूस्खलन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाईवे पर जगह-जगह हो रहे भूस्खलन से केदारनाथ यात्रा बुरी तरह प्रभावित हो रही है। हाईवे पर आवाजाही बाधित होने से देश-विदेश से बाबा के दर्शनों के लिये यहां पहुंच रहे तीर्थ यात्री समय पर केदारनाथ धाम नहीं पहुंच पा रहे हैं। साथ ही केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ावों में समय पर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है। जिसका खामियाजा यात्रियों के साथ ही केदारघाटी की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
पहाड़ों में आफत की बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। लगातार हो रही बारिश से जहां आम जन जीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है। वहीं जगह-जगह भूस्खलन होने से जिदंगी पटरी से उतर रही है। केदारनाथ धाम की यात्रा में भी भूस्खलन बाधक बन रहा है। केदारनाथ हाईवे पिछले एक सप्ताह से भूस्खलन के कारण जगह-जगह बंद हो रहा है। केदारनाथ हाईवे बांसबाड़ा और डोलिया देवी में नासूर बन गया है। डोलिया देवी में आये दिन भूस्खलन होने से घंटों तक आवाजाही प्रभावित हो रही है। जिस कारण यात्रियों को कई घंटों तक यहां पर रूकना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि देश-विदेश से बाबा केदार के दर्शनों के लिये पहुंच रहे यात्रियों को बारिश में भीगकर हाईवे खुलने का इंतजार करना पड़ रहा है। केदारनाथ हाईवे के बंद होने से यात्रा के मुख्य पड़ाव सोनप्रयाग, सीतापुर, गौरीकुंड, फाटा आदि स्थानों में समय पर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है। केदारघाटी की जनता और केदारनाथ जाने वाले तीर्थयात्री केदारनाथ हाईवे पर जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं।

काश्तकारों को बड़ी राहत, जौनपुर विकासखण्ड में खुलेगा कोल्ड स्टोर

टिहरी जिले के जौनपुर विकासखण्ड के सकलाना क्षेत्र में काश्तकारों की नकदी फसल को बचाने के लिए एक कोल्ड स्टोर खोला जायेगा। यह निर्देश सचिव उद्यान डी सैंथिल पांडियन ने दिए है। सकलाना पट्टी के राजीव गांधी संसाधन परिषद मंज गांव में एकीकृत आजीविका मिषन की और से आयोजित कार्यषाला में उद्यान सचिव ने कहा कि योजना का मुख्य उद्देष्य काष्तकारों को आत्मनिर्भर बनाना है। कहाकि कृषि और उद्यान की उत्तराखण्ड में अपार संभावना है। बताया कि कृषि को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र में सात बडे और चालीस छोटे बीज संग्रह केन्द्र और 170 रैन वॅाटर हार्वेस्टिग टैंकों का निर्माण किया जाएगा। किसानों को फसल बीमा की जानकारी देते हुए समूह के माध्यम से फल, सब्जी, जड़ी-बूटी उत्पादन को प्रोत्साहन देने और मिलने की बात कही। सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए सचिव उद्यान ने बताया कि शीघ्र ही प्रदेष में नर्सरी लागू की जा रही है।

देश की सबसे लंबी सुरंग कहलायेगी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन

ऋषिकेश एशिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क भारतीय रेलवे के खाते में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के साथ ही एक उपलब्धि और जुड़ जाएगी। प्रस्तावित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर देश में अब तक की सबसे लंबी सुरंग बनने जा रही है। जिसकी लंबाई 15 किलोमीटर होगी। अभी तक भारतीय रेलवे जम्मू-कश्मीर में ही सबसे लंबी रेल सुरंग बना पाया है, जो सवा ग्यारह किलोमीटर लंबी है।
भारतीय रेलवे की बहुप्रतीक्षित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना अपने आप में कई मायनों में अनूठी है। 125 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन पर कुल 16 सुरंगें और 16 पुल बनने हैं। बड़ी बात यह कि इस रेल लाइन पर देश में अब तक की सबसे लंबी सुरंग बनने जा रही है। जिसकी लंबाई 15.100 किलोमीटर होगी। देश में अब तक सबसे लंबी रेल सुरंग उत्तर रेलवे ने जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2013 में तैयार की थी। जबकि, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन की बात करें तो यहां प्रस्तावित 16 सुरंगों में से पांच सुरंग नौ किलोमीटर से भी लंबी हैं। इसके अलावा छह सुरंगें छह से नौ किलोमीटर तक लंबाई की हैं। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर इसी वर्ष नंवबर-दिसंबर में काम शुरू होने की उम्मीद है।

छह किमी से लंबी सुरंग में बनेगी निकासी सुरंग
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन की एक और खासियत यह है कि इस पर रेल सिर्फ 20 किलोमीटर का सफर ही खुले आसमान के नीचे तय करेगी। बाकी रेल लाइन का 105 किलोमीटर हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरेगा। इस रेल लाइन पर छह किलोमीटर व इससे अधिक लंबाई की प्रत्येक सुरंग पर एक निकासी सुरंग भी बनाई जाएगी। ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के बीच प्रस्तावित 18 सुरंगों में से 11 सुरंगों की लंबाई छह किलोमीटर से अधिक है। इन सभी के साथ निकासी सुरंगें बनाई जानी हैं, जो आपात स्थिति में काम आएंगी।

रेल यात्रियों को महसूस नहीं होगी घुटन
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर जब यात्री 105 किलोमीटर का सफर 18 सुरंगों से तय करेंगे तो यहां उन्हें किसी भी तरह की घुटन महसूस नहीं होगी। रेल विकास निगम के परियोजना प्रबंधक ओमप्रकाश मालगुड़ी ने बताया कि इन सुरंगों में वेंटीलेशन की पर्याप्त व्यवस्था होगी। वेंटीलेशन सिस्टम पूरी तरह से आधुनिक व तकनीकी से लैस होगा। प्रत्येक सुरंग का डायमीटर आठ से दस फीट का होगा।

देश की सबसे लंबी पांच रेल सुरंग
टनल का नाम-जगह-लंबाई
पिर पंजल-जम्मू कश्मीर-11.215 किमी
करबड़े-महाराष्ट्र-6.506 किमी
नाथूवाड़ी-महाराष्ट्र-4.389 किमी
टाइक-महाराष्ट्र-4.077 किमी
बर्डेवाड़ी-महाराष्ट्र-4.000 किमी

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर प्रस्तावित सुरंग
ढालवाला से शिवपुरी-10.850 किमी
शिवपुरी से गूलर-6.470 किमी
गूलर से व्यासी-6.720 किमी
व्यासी से कौड़ियाला-2.200 किमी
कौड़ियाला से बागेश्वर-9.760 किमी
राजचौरा से पौड़ी नाला-220 मीटर
पौड़ी नाला से सौड़ (देवप्रयाग)-1.230 किमी
सौड़ से जनासू-15.100 किमी
लछमोली से मलेथा-2.800 किमी
मलेथा से नैथाणा (श्रीनगर)-4.120 किमी
श्रीनगर से परासू (धारी)-9.000 किमी
परासू से नरकोट-7.080 किमी
नरकोट से तिलनी-9.420 किमी
तिलनी से घोलतीर-6.460 किमी
घोलतीर से गोचर-7.160 किमी
रानो से सिवई-6.400 किमी

सुरंगों के लिए हो चुका भूगर्भीय सर्वेक्षण
रेल विकास निगम के परियोजना प्रबंधक ओम प्रकाश मालगुड़ी ने बताया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर 18 सुरंगों के लिए भूगर्भीय सर्वेक्षण हो चुका है। सुरंग निर्माण के लिए टीबीएम (टनल बोङ्क्षरग मशीन) व एनएटीएम (न्यू आस्ट्रीयन टनलिंग मैथड) से काम किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर में अब तक की सबसे बड़ी रेल सुरंग का निर्माण करने वाले इंजीनियर व विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है।

भूस्खलन से दस दुकानें हुई मलबे में ध्वस्त

भारी बारिश से चमियाला बाजार में भूस्खलन से दस निर्माणाधीन दुकानें मलबे में दब गईं। यहां सड़क पर खड़ा डंपर भी मलबे की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया।
चमियाला-बूढ़ाकेदार सड़क पर मलबा आने से दो घंटे तक यातायात बाधित रहा। भूस्खलन से आसपास की दुकान और भवनों को भी खतरा बना हुआ है।
चमियाला क्षेत्र में बुधवार शाम से ही भारी बारिश शुरू हो गई थी, जिससे रात को चमियाला बाजार में भूस्खलन हो गया। भूस्खलन से चमियाला निवासी सोहन लाल पुत्र रैठू लाल की निर्माणाधीन दुकानें मलबे में दब गईं।
दुकानों पर एक सप्ताह पूर्व छत डाली गयी थी, लेकिन भूस्खलन से आठ दुकानें पूरी तरह मलबे में दब गई। जबकि दो दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं। आसपास के भवन और दुकानों को भी भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। भूस्खलन के मलबे से चमियाला-बूढ़ाकेदार मार्ग पर गुरुवार सुबह दो घंटे तक यातायात बाधित रहा।

पंतजलि के सहयोग से बदलेगी प्रदेश के किसानों की आर्थिकी

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और बाबा रामदेव की मौजूदगी में राज्य सरकार और पतंजलि के बीच सहयोग कार्यक्रम पर विस्तृत विचार विमर्श किया गया। इस दौरान मुख्य रूप से 5 क्षेत्रों में आपसी सहयोग पर सहमति बनी।
मुख्यमंत्री आवास पर हुए इस कार्यक्रम में उत्तराखण्ड को जैविक कृषि और जड़ीबूटी राज्य बनाना, राज्य के मोटे अनाज की व्यवसायिक खपत को बढ़ाना, राज्य में आयुष ग्रामों की स्थापना करना, एक विशाल गोधाम (गाौ शाला) की स्थापना करना और पर्यटन को बढ़ावा देना सम्मिलित है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि यह सारे सेक्टर राज्य की समृद्धि और खुशहाली की दृष्टि से गेम चेंजर साबित होंगे। इन सारे क्षेत्रों में संभावनाओं पर अभी तक काफी विचार-विमर्श हुआ है, लेकिन अब इस क्षेत्र में कुछ कर दिखाने की जरूरत है। उन्होंने ये भी कहा कि सरकार कड़े और साहसिक फैसले लेने से नहीं हिचकेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वो एक महीन के अन्दर सभी क्षेत्रों में ठोस कार्ययोजना तैयार करें, जिसको लेकर ठीक एक महीने बाद समीक्षा बैठक की जाएगी और ठोस कार्ययोजना के आधार पर राज्य सरकार और पतंजलि के बीच आवश्यक समझौते भी किये जायेंगे। मुख्यमंत्री का कहना है कि जड़ीबूटी, औद्यानिकी, योग, आयुर्वेद और पर्यटन से राज्य के लोगों की आमदनी बढ़ाने पर कार्य किया जायेगा। पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन रोकना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना बहुत आवश्यक है।

किसानों की मदद करेगा पतंजलि
इस दौरान स्वामी रामदेव ने कहा कि पतंजलि संस्थान उत्तराखण्ड के किसानों को उनके उत्पादों के लिए प्रतिवर्ष एक हजार करोड़ रूपये से अधिक का भुगतान करने में सक्षम है। सिक्किम जिसे हाल ही में ऑर्गेनिक स्टेट का दर्जा दिया गया है, उससे कही अधिक भूभाग पर उत्तराखण्ड में ऑर्गेनिक खेती हो रही है।

नए पर्यटक स्थलों पर स्थापित होंगे पतंजलि आयुष ग्राम
कहा कि पतंजलि राज्य के उत्पादों के लिए बाईबैक सिस्टम बना रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के 13 जिले 13 नये पर्यटन स्थल बनाने के लक्ष्य की सराहना करते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि सभी नये पर्यटन स्थलों पर पतंजलि आयुष ग्राम की स्थापना में सहयोग देने को तैयार है।

विशाल गौशाला तैयार करने की योजना
यह भी कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से एक विशाल गोशाला की स्थापना करने की योजना है, जिसमें 40 से 60 लीटर दूध देने वाली गायों की नस्ल तैयार की जायेगी। वहीं कार्यक्रम में मौजूद आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि की रिसर्च लैब और अन्य सुविधाओं को आयुर्वेद के शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए खोला जायेगा। पतंजलि के 300 से अधिक वनस्पति विज्ञानी राज्य की एक-एक जड़ीबूटी और पौधे का सर्वेक्षण कर उनका डॉक्यूमेंटेशन कर सकते हैं।

मृतक किसान का परिवार गरीबी में कर रहा जीवन यापन

स्वाड़ी गांव के मृतक किसान राजू कुमार के परिजन बेहद गरीबी में जीवन-यापन कर रहे हैं। परिवार के मुखिया की मौत के बाद पूरा परिवार चिंतित है। चिंता जीवन-यापन की भी है और बैंक का ऋण चुकाने की भी। जो कमाने वाला था वह तो रहा नही, इसलिए आगे क्या होगा परिवार इसी चिंता में डूबा है। परिवार अभी मौत के सदमें से नही उभर पाया है। रहने के लिए मकान के नाम पर उनके पास दो जर्जर कमरे हैं। एक में परिवार के सात सदस्य रहते हैं और दूसरे कमरे में पशु रहते हैं। मकान भी इतना जर्जर है कि कभी भी गिर सकता है बारिश होने पर उससे पानी टपकता है। गौर करने वाली बात यह है कि उक्त परिवार के पास शौचालय भी नही है। परिवार में कोई भी कमाने वाला नही है। मृतक का सबसे बड़ा बेटा चौबीस साल का अजयवीर भी बेरोजगार है। मृतक का बैंक से लोन ले रखा था और लोन न चुका पाने की वजह से वह कई दिनों से तनाव में था और इसी वजह से उसने आत्म हत्या की। खास बात यह है कि शासन-प्रशासन यह कतई मानने को तैयार नही है कि उसने ऋण की वजह से आत्महत्या की। उसकी पत्नी रोशनी देवी ने बताया कि उसके पति राजू की कोई और समस्या नही थी, उसका किसी से कोई विवाद भी नही था और वह बीमार भी नही था, लेकिन दो बैंको से कर्ज लेने कारण वह कई दिनों से तनाव में था। बैंक कर्मचारी कई बार घर में भी आये और उन्होंने कर्ज चुकाने के लिए कई बार फोन भी किया। इसी तनाव की वजह से उसने आत्म हत्या की है।

योगी ने कंडारी को दिया प्रभावितों की समस्याओं के निदान का आश्वासन

श्रीनगर जलविद्युत परियोजना के प्रभावितों की समस्याओं के निदान को लेकर देवप्रयाग क्षेत्र के विधायक विनोद कंडारी शनिवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले। विधायक विनोद कंडारी ने योगी आदित्यनाथ को बताया कि श्रीनगर जलविद्युत परियोजना के निर्माण से कीर्तिनगर ब्लॉक क्षेत्र विशेषकर चौरास क्षेत्र के दर्जनों गांव की जनता प्रभावित हुई है। निर्माण के दौरान परियोजना की निर्माणदायी कंपनी जीवीके ने प्रभावितों के साथ उनके आर्थिक, सामाजिक पक्षों को लेकर अनुबंध किए, लेकिन उन्हें कंपनी क्रियान्वित नहीं कर रही है। जिससे प्रभावित बुरी तरह परेशान हैं। परियोजना से विद्युत उत्पादन भी हो रहा है। विधायक विनोद कंडारी ने लखनऊ से लौटने पर बताया कि इस मामले में योगी आदित्यनाथ ने पूरी मदद का आश्वासन भी दिया है। पिछले सप्ताह गढ़वाल केंद्रीय विवि के चौरास परिसर स्थित प्रेक्षागृह में प्रभावितों के साथ दिनभर पंचायत भी की थी जिसमें डीएम टिहरी के साथ ही परियोजना निर्माणदायी कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।

बदरीनाथ से लौट रहे श्रद्धालुओं की बस दुर्घटनाग्रस्त, दो की मौत

उत्तराखंड में दर्दनाक हादसा हुआ है। बदरीनाथ से लौट रहे चारधाम यात्रियों की बस कर्णप्रयाग में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बस एक मकान के ऊपर गिरी। हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। जबकि 33 घायल बताए जा रहे हैं। इनमें से सात यात्री गंभीर रूप से घायल हैं।
घायलों को सीएचसी कर्णप्रयाग में भर्ती कराया जा रहा है। हादसा करीब आज शाम 4.30 बजे हुआ। यह बस श्रद्धालुओं से भरी हुई थी। इसमें महाराष्ट्र के यात्री सवार थे। यह बदरीनाथ धाम के दर्शन कर वापस ऋषिकेश लौट रहे थे। सभी महाराष्ट्र के औरंगाबाद के रहने वाले हैं। पुलिस-प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।

अब हमारे देश के नागरिक पाकिस्तानी देशभक्ति गीत कर रहे शेयर

मसूरी में एक कश्मीरी व्यापारी ने सोशल मीडिया में पाकिस्तानी देशभक्ति गीत शेयर कर दिया। इसकी भनक लगते ही भाजपा कार्यकर्ता भड़क गए। उन्होंने कोतवाली में जमकर हंगामा किया और आरोपी व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जबकि आरोपी व्यापारी का कहना है कि उसका एकाउंट हैक हो गया था। जिसके बाद किसी अनजान ने यह हरकत की है।
कुलड़ी बाजार के एक कश्मीरी व्यापारी ने पाकिस्तानी गीत को अपने फेसबुक एकाउंट से शेयर कर दिया। इस गीत को एक बच्चे ने गाया है और यह पाकिस्तानी देशभक्ति गीत है। बुधवार को इसकी जानकारी भाजपा कार्यकर्ताओं को मिली तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। भाजपाई कोतवाली पहुंच गए और कार्रवाई की मांग करने लगे। शिकायत करने वालों में भाजपा मंडलाध्यक्ष मोहन पेटवाल, कुशाल राणा, त्रिलोक राणा, रजत अग्रवाल, संदीप साहनी, गजेंद्र, धर्मपाल पंवार आदि शामिल रहे।
उधर, कश्मीरी व्यापारी मंजूर अहमद का कहना है कि उनका फेसबुक एकाउंट हैक हो गया था, जिसके बाद किसी ने यह हरकत की है। भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष राकेश रावत ने बताया कि इस मामले की लिखित शिकायत पुलिस से की गई है। मामले की जांच साइबर सेल से कराने की मांग की है। प्रभारी निरीक्षक राजीव रौथाण ने बताया कि भाजपा की ओर से शिकायत मिली है। जिसके आधार पर मामले की जांच की जा रही है।

देहरादून का आशियाना बना राष्ट्रपति का सचिवालय

देहरादून।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देहरादून पहुंचकर राजपुर रोड आशियाना स्थित उपभवन का उद्घाटन किया। यहां वह विशिष्ट अतिथियों के साथ भोज में भी शामिल हुए। दिल्ली लौटते वक्त खराब मौसम के चलते उनका हेलीकॉप्टर जीटीसी हेलीपैड से जौलीग्रांट एयरपोर्ट के लिए उड़ान नहीं भर सका। ऐसे में वह सड़क मार्ग से जौलीग्रांट के लिए रवाना हुए।
करीब तीन घंटे देहरादून में बिताने के बाद राष्ट्रपति दिल्ली के लिए रवाना हो गए। खराब मौसम के चलते वह कार से ही जौलीग्रांट रवाना हुए। प्रेसिडेंट के लिए पहले ही से ही कंटीजेंसी प्लान तैयार किया गया था। इसी के तहत वह कार से जौलीग्रांट को रवाना हुए। इससे पहले जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर सेना के विशेष विमान से राष्ट्रपति दोपहर करीब पौने बारह बजे विशेष विमान से पहुंचे। इस मौके पर प्रदेश के राज्यपाल डॉ. केके पॉल, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उनकी आगवानी की। स्वागत के उपरांत राष्ट्रपति सेना के हेलीकॉप्टर से जीटीसी हेलीपैड पहुंचे। यहां से वह राजपुर रोड स्थित राष्ट्रपति आशियाना में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे।
इस दौरान वह राष्ट्रपति सचिवालय का उद्घाटन करने के साथ ही विशिष्ट अतिथियों के साथ भोज में शामिल हुए। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। जीटीसी हेलीपैड से लेकर आशियाना तक जब उनका काफिला गुजरा तो पूरी सड़क को जीरो जोन कर दिया गया। उनके आशियाना पहुंचने के बाद ही वाहनों की आवाजाही सुचारु हो सकी।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर सौंपा ज्ञापन
राष्ट्रपति डॉ. प्रणव मुखर्जी के उत्तराखण्ड आगमन पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के 6 सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिह के नेतृत्व में राष्ट्रपति से उनके निवास आशियाना में शिष्टाचार भेंट कर उन्हें ज्ञापन प्रेषित किया। राष्ट्रपति को सौंपे ज्ञापन में कांग्रेस प्रतिनिधिमण्डल ने कहा कि आज सबसे अधिक उपेक्षा देश के अन्नदाता की हो रही है। किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य न मिल पाने, समय पर खाद-बीज न मिल पाने तथा बिजली व सिंचाई सुविधा की परेषानियों के कारण किसान लगातार कर्ज के बोझ से दबता जा रहा है। फसल का उचित मूल्य न मिलने से किसान बैंकों का कर्जा नहीं लौटा पा रहे हैं। देशभर का किसान अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर आन्दोलनरत है और अपेक्षा कर रहा है कि केन्द्र सरकार उनकी समस्याओं का निदान करेगी, लेकिन केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के हित में अभी तक कोई भी सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसी स्थिति में देशभर में किसानों की आत्महत्या के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, औसतन प्रतिदिन 35 किसान आत्महत्या कर रहे हैं।

कांग्रेस प्रतिनिधिमण्डल ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में चुनाव के दौरान भाजपा ने अपने दृष्टि पत्र में राज्य की जनता से वायदा किया था कि सरकार बनने की दषा में किसानों के कर्ज मॉफ किये जायेंगे, किसानों को ब्याज रहित ऋण दिया जायेगा तथा गन्ना किसानों का बकाया भुगतान 15 दिन के अन्दर किया जायेगा। आज राज्य सरकार अपने इन तीनों वायदों से मुकर रही है। देश में किसानों की आत्महत्या से अभी तक अछूती देवभूमि उत्तराखण्ड में भी 16 जून 2017 से किसानें की आत्महत्या का सिलसिला जारी है। बैंक व साहूकारों के कर्ज के बोझ से दबे जनपद पिथौरागढ़, जनपद टिहरी के एवं जनपद उधमसिंहनगर के एक-एक किसान द्वारा आत्महत्या की गई तथा उधमसिंनगर के एक किसान की बैंक की वसूली के नोटिस आने के बाद हृदय घात से मृत्यु हुई। इस प्रकार राज्य में अब तक चार किसानों द्वारा की गई आत्महत्या से इस देवभूमि को शर्मसार होना पड़ा है। उत्तराखण्ड की देवभूमि में किसानों की आत्महत्या का सिलसिला आगे न बढ़े, इस हेतु राज्य सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान की दिषा में गम्भीर नहीं दिखाई दे रही है जो कि चिन्ता का विशय है।
उत्तराखण्ड राज्य में किसानों को उनकी समस्याओं से निजात दिलाने हेतु राज्य सरकार को अविलम्ब ठोस निर्णय लेने की जरूरत है। कांग्रेस ने मांग की है कि उत्तराखण्ड राज्य के किसानों का ऋण माफ किया जाय। फसलों का समर्थन मूल्य घोषित करते हुए लागत से डेढ गुना दाम पर किसानों के उत्पाद को खरीदा जाय। किसानों को कृषि कार्य हेतु ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाय। गन्ना किसानों का बकाया भुगतान शीघ्र किया जाय। मृतक किसानों के आश्रितों को समुचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाय। राष्ट्रपति ने प्रतिनिधिमण्डल की बातों को गम्भीरता पूर्वक सुनने के उपरान्त केन्द्र सरकार से इस विषय में वार्ता करने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि किसान हितों की रक्षा देशहित में आवश्यक है। कांग्रेस प्रतिनिधिमण्डल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक राजकुमार शामिल रहे।