महिलाएं आत्म निर्भर बनेगी तभी तो सवरेगा उत्तराखंड
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ‘‘मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजना’’ के तहत महिलाओं सम्मानित किया
देहरादून।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ‘‘मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजना’’ के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं व किशोरियों को सिलाई मशीनें व सहायता राशि प्रदान की। उन्होंने ‘हमारी कन्या हमारा अभिमान’ योजना के तहत भी चैक वितरित किए। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि ‘‘मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजना’’ को महिलाओं का बहुत समर्थन मिला है। महिला सशक्त आजीविका योजना कोष स्थापित किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार 50 लाख रूपए देगी। हमें खुशी है कि योजना से बड़ी संख्या में महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने में मदद मिली है। इस योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं आजीविका में आत्मनिर्भर हो सकती हैं। देहरादून में इसमें अच्छा काम हुआ है। देहरादून की बालिकाएं राज्य के लिए मापदंड स्थापित करेंगी।
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि प्रतियोगिता के जमाने में हमें अपने उत्पादों की गुणवŸाा बेहतर करनी होगी। महिला स्वयं सहायता समूह इस दिशा में बहुत उत्साहवर्धेक काम कर रहे हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम न केवल उनकी आजीविका के लिए प्रशिक्षण की योजना संचालित कर रहे हैं बल्कि अब सरकारी खरीद के साथ इसे जोड़ रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक सरकारी विभाग अपने लिए आवश्यक सामानों की खरीद के लिए बजट का एक निश्चित प्रतिशत महिला स्वयं सहायता समूहों से खरीदने पर व्यय करें। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि महिला सशक्त आजीविका योजना कोष स्थापित किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार 50 लाख रूपए देगी। राज्य के प्रत्येक विधायक से इस कोष के लिए 1-1 लाख रूपए व सांसदो ंसे 5-5 लाख रूपए दिए जाने का अनुरोध करेंगे। इस कोष से महिलाओं के प्रशिक्षण के काम को और भी तेजी से बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि विकास समावेशी होना चाहिए। इसमें सभी वर्गों की भागीदारी होनी चाहिए। हमने एक दर्जन से भी अधिक प्रकार की सामाजिक कल्याण की पेंशनें प्रारम्भ कीं। पेंशन राशि को 400 रूपए से बढ़ाकर एक हजार रूपए किया। पेंशन लाभार्थियों की संख्या 1 लाख 74 हजार से बढ़कर 7 लाख से भी ज्यादा हो गई हैं। हमारी कन्या हमारा अभिमान योजना के तहत उन माताओं को सम्मान राशि प्रदान की जाती हैं जिनके दो कन्याएं हैं। महिलाओं की भर्ती के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उनको वार्षिक टर्नओवर पर 5 प्रतिशत बोनस दिया जा रहा है। साथ ही 5 हजार रूपए राशि से उनका बैंक खाता राज्य सरकार खुलवा रही है। केपिटल सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। ऊधमसिंह नगर में महिला उद्यमिता पार्क स्थापित किया जा रहा है। राज्य में परिवर्तन के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि ‘‘मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजना’’ राज्य के पांच जिलों में संचालित की जा रही है। इसमें महिलाओं व किशोरियों को आजीविका के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। प्रशिक्षण के उपरांत उन्हें 50 हजार रूपए तक की परिसम्पŸिायां आजीविका के लिए प्रदान की जाती हैं। इसी योजना के तहत मद्रासी कालोनी, देहरादून की 100 महिलाओं को निस्बड के सहयोग से प्रशिक्षण प्रदान किया गया था। इसमें 64 महिलाओं को वस्त्र डिजाईनिंग व 36 महिलाओं को ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण दिया गया।
इस अवसर पर केबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल, विधायक राजकुमार, प्रमुख सचिव राधा रतूड़ी, अपर सचिव विम्मी सचदेवा रमन, जिलाधिकारी देहरादून रविनाथ रमन आदि मौजूद थे।
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धमकाने वाले एसडीएम का हुआ तबादला
http://sankhnaad.com/ की खबर ….. आपदा पीडितो के साथ मजाक कर रहा प्रशासन! का डीएम टिहरी ने लिया संज्ञान
लक्ष्मीराज चौहान को नरेन्द्रनगर का एसडीएम बनाया
केके मिश्रा को मुख्यालय से सबंद्ध किया
ऋषिकेश।
नरेन्द्रनगर एसडीएम केके मिश्रा का गुरुवार को टिहरी डीएम ने बतादला कर दिया। उन्हे टिहरी मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। लक्ष्मीराज चौहान को नरेन्द्रनगर का नया एसडीएम बनाया गया है।
http://sankhnaad.com की खबर ….. आपदा पीडितो के साथ मजाक कर रहा प्रशासन! का डीएम टिहरी ने संज्ञान लिया है। एसडीएम केके मिश्रा ने बुधवार को नरेन्द्रनगर के कुमारखेडा के ग्रामीणों को आपबीती सुनाते समय धमकाया था। एसडीएम ने आपदा पीडितों को नेतागीरी न करने की धमकी भी दी थी। जिससे ग्रामीण आक्रोशित थे, उनका कहना था कि उनकी परेशानी से प्रशासन का कोई लेना देना है। अपनी बात रखने पर एसडीएम उन्हें धमका रहे है। वह कहां जायें?
मौके पर एक टीवी पत्रकार को मर्यादा में रहने की हिदायत भी एसडीएम को भारी पडी। आपके प्रिय समाचार पोर्टल http://sankhnaad.com ने जैसे ही खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो टिहरी डीएम इन्दुधर बौडाई ने मामले का संज्ञान लेते हुए गुरुवार को एसडीएम केके मिश्रा को मुख्यालय से अटैच कर दिया। नरेन्द्रनगर के एसडीएम लक्ष्मीराज चौहान का बनाया गया है। बतातें चले कि चौहान पूर्व में भी नरेन्द्रनगर के एसडीएम रह चुके है।
प्रदेशभर के स्कूलों में दीक्षा का शुभारंभ

देहरादून।
मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने बुधवार को सचिवालय में विद्यालयी शिक्षा में गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम ’दीक्षा’ (डेडीकेशन टू एनहेंस एजूकेशन नॉलेज, स्किल एण्ड हैबिट एसेसमेंट) का शुभारम्भ किया। मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों से आधार कार्ड, मॉडल स्कूल और आपदा से क्षतिग्रस्त स्कूलों कीे मरम्मत कीे प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिये कि आधार कार्ड बनाने के कार्य को अभियान के रूप में चलायें। मॉडल स्कूलों का मौके पर जाकर मुआयना करें। क्षतिग्रस्त स्कूलों के मरम्मत का कार्य प्राथमिकता के आधार पर करें।
मुख्य सचिव ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि हर ब्लॉक में मॉडल स्कूल खोलने का प्रयोग सफल रहा है। ऐसे स्कूलों में छात्रों के नामांकन का प्रतिशत बढ़ा है। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष बल दिया। सचिव विद्यालयी शिक्षा डी.सेंथिल पांडियन ने दीक्षा के माध्यम से प्रारम्भिक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सतत् व व्यापक मूल्यांकन (कांटीन्युवस एण्ड कांप्रीहेंसिव एवेल्युएशन) के बारे में विस्तार जानकारी दी। उन्होंने शिक्षा अधिकारियों को माध्यमिक स्तर पर अधिगम स्तर आंकलन (लर्निंग लेवल एसेसमेंट) के बारे में बताया। सतत् और व्यापक मूल्यांकन में सभी बच्चों के सभी पक्षों का मूल्यांकन किया जाए। इसमें शैक्षिक पक्ष, सह-शैक्षिक पक्ष (रूचि, खेलकूद, संगीत, कला, व्यवहार, स्वच्छता, स्वास्थ्य आदि से संबंधित) शामिल है। अधिगम स्तर आंकलन में कक्षा 9 के विद्यार्थियों के अकादमिक पक्ष (हिन्दी, गणित, विज्ञान, अंग्रेजी विषयों में लर्निंग लेवल) का आंकलन किया जाए। आंकलन के बाद बच्चों को सुधारात्मक शिक्षण दिया जाए। उन्होंने बताया कि कक्षा कक्ष में दीक्षा कार्यक्रम के तहत कक्षावार और विषयवार संकेतक(इंडीकेटर) बनाये गये है। इसके आधार पर मॉनिटरिंग की जाए। इस कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए जवाबदेही भी तय की गई है।
बैठक में अपर सचिव शिक्षा रंजना, निदेशक आर.के.कुंवर, प्राथमिक शिक्षा निदेशक सीमा जौनसारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
आपदा पीड़ितो के साथ मजाक कर रहा प्रशासन!

आपदा पीड़ितों को अपनी हक की आवाज उठाना पड़ा भारी
एसडीएम नरेन्द्रनगर ने आपदा पीड़ितो पर नेतागीरी करने का लगाया आरोप
ऋषिकेश।
बीते 17 जुलाई को नरेन्द्रनगर के कुमारखेड़ा में आई आपदा ने 250 से अधिक ग्रामीणों की जिंदगी में तूफान ला दिया। आपदा में पहाड़ टूटने के साथ ही कुमारखेड़ा गांव के कई घर क्षतिग्रस्त हो गये थे। पूरे गांव पर सकंट मंडराने लगा तो प्रशासन ने ग्रामीणों को दूसरे स्थान में शिफ्ट कर दिया। लेकिन आपदा पीड़ित जब अपनी मूलभूत जरुरतों के लिए प्रशासन से मदद मांगने गये तो आपदा पीड़ितो पर एसडीएम केके मिश्रा ने नेतागीरी करने का आरोप लगाया। सूत्रों की माने तो एसडीएम ने अपने हक की आवज उठा रहे ग्रामीणों को धमकाने का प्रयास भी किया। मौके पर मौजूद एक टीवी पत्रकार को देख एसडीएम ने उन्हें मर्यादा में रहने की नसीहत भी डे डाली।
आपदा पीड़ितों पर प्रशासन किस तरह मेहरबान है इसका नजारा नरेन्द्रनगर एसडीएम कार्यालय में देखने को मिला। 17 जुलाई को नरेन्द्रनगर के कुमारखेड़ा गांव में पहाड़ी खिसकने से कई गांव में सकंट मडराने लगे तो प्रशासन ने 250 ग्रामीणों को शिफ्ट किया। आपदा पीड़ितो का आरोप है कि प्रशासन ने शिफ्ट कराने के बाद उनकी कोई सुध नही ली है। उनके परिजनों को भंडारे से खाना लाकर खिलाने के अलावा कोई चारा नही है। ऐसे में अपनी मांगों को लेकर जब ग्रामीण एसडीएम कार्यालय पहंुचे तो एसडीएम नरेन्द्रनगर ने उन्हें नेतागीरी नही करने की सलाह डे डाली। ग्रामीणों का आरोप है कि एसडीएम यही तक नही रुके उन्होंने आपदा पीड़ितों को आपबीती सुनाने पर धमकाया और चुप रहने को कहा। मौके पर एक टीवी चैनल पत्रकार पर जब एसडीएम की नजर पड़ी तो उन्होंने मीडियाकर्मी को मर्यादा में रहकर पत्रकारिता करने की नसीहत भी डे डाली। एसडीएम के व्यवहार से ग्रामीणों में काफी आक्रोश बताया जा रहा है।
मामला बढ़ने और मीडिया तक पहुंचने पर एसडीएम नरेन्द्रनगर को अपनी गलती का एहसास भी शीघ्र हो गया। एसडीएम ने गुस्से पर काबू रखते हुए बताया कि आपदा पीड़ितों में गुस्सा था, लेकिन वार्ता करने पर सभी ग्रामीण शांत भी हो गये।
तीन विद्यालयों को मेरिट सूची में 3 अंकों की अर्हता नही मिल सकेगी
ऑटोनॉमस कॉलेज में प्रथम वर्ष एडमिशन की मेरिट सूची तैयार करने में जुटे प्राध्यापक
ढालवाला व मुनिकीरेती के तीन विद्यालयों के पास आउट छात्रों को जिला वरीयता के अंक नही मिल सकेंगे
शखनाद न्युज ब्यूरो। ऋषिकेश
ऑटोनॉमस कॉलेज के प्रथम वर्ष के छात्रों में प्रवेश को लेकर कडा मुकाबला देखने को मिल रहा है। कॉलेज प्रशासन की टीम मेरिट सूची तैयार करने में जुटी हुई है। लेकिन नगर से सटे तीन विद्यालयों के पास आउट छात्रों को मेरिट सूची में जिला वरीयता के 3 अंक नही मिल सकेंगे।
महाविद्यालय की प्रथम वर्ष में 875 सीटों के लिए 2460 छात्रों ने आवेदन किये है। सोमवार से कॉलेज प्रशासन ने मेरिट सूची तैयार करना शुरु कर दिया है। प्रवेश को लेकर नगर सहित आसपास क्षेत्रों के छात्रों ने आवेदन किया है। मेरिट सूची तैयार कर रही टीम छात्रों को मिलने वाले अंकों का लेखा जोखा तैयार करने में जुटी हुई है।
गौरतलब है कि कॉलेज प्रशासन छात्रों को कई प्रकार के अंक देता है, जिसमें स्थानीय निवासी होना, उत्तराखंड बोर्ड, जिला वरीयता अंक, 12वीं की परीक्षा संबधित संकाय के अंक, एनसीसी/एनएसएस, खिलाडी, स्वतंत्रता सेनानी आश्रित आदि शामिल है। लेकिन ढालवाला के पुष्पा वढेरा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज व कैलाशगेट के ओमकारांनद सरस्वती निलायम स्कूल के पास आउट छात्रों को जिला टिहरी होने के कारण जिला वरीयता के 3 अंक नही मिल पायेंगे।
मोदी के आध्यात्मिक गुरु स्वामी दयानंद सरस्वती को दी गई भू-समाधि
भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री राममाधव, विहिप नेता अशोक सिंघल व साध्वी प्राची पहुंचे
आरएसएस के कार्यवाह दात्रात्रेय ने भी पार्थिव शरीर पर पुष्प चढ़ाए
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आध्यात्मिक गुरु ब्रह्मलीन स्वामी दयानंद सरस्वती को शुक्रवार सुबह शीशमझाड़ी (ऋषिकेश) स्थित दयानंद आश्रम परिसर में भू-समाधि दी गई। भू-समाधि के वक्त उमड़े जनसमूह ने स्वामी दयानंद सरस्वती के पार्थिव शरीर पर पुष्प चढ़ाए। इस दौरान कई भक्तों और संतों की आंखें भर आईं।
अस्वस्थ चल रहे वेदों के ज्ञाता स्वामी दयानंद सरस्वती 27 अगस्त को कैलीफोर्निया से भारत आए थे। 11 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने आध्यात्मिक गुरु स्वामी दयानंद का हाल जानने ऋषिकेश पहुंचे थे। 13 सितंबर को तबीयत बिगड़ने पर स्वामी दयानंद सरस्वती को हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में भर्ती कराया गया था। 10 दिन इलाज के बाद बुधवार देर रात स्वामी दयानंद सरस्वती ने अंतिम सांस ली। गुरुवार को उनका पार्थिक शरीर अंतिम दर्शन के लिए आश्रम परिसर में रखा गया।
शुक्रवार सुबह स्वामी दयानंद सरस्वती के पार्थिव शरीर को भू-समाधि स्थल के पास लाया गया। यहां वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ चेन्नई से आए वेदपाठी जमुनाथ गनपाति ने भू-समाधि की प्रक्रिया शुरू की। यहां भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री राममाधव, विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल, राष्ट्रीय स्वयं सेवक के कार्यवाह दात्रात्रेय, विहिप के संगठन महामंत्री डॉ. दिनेश कुमार, साध्वी प्राची, आश्रम के ट्रस्टी स्वामी शुद्दानंद सरस्वती, सुप्रीम कोर्ट के जज शरद कुमार, कुंभ मेलाधिकारी एसए मुरूगेशन सहित बड़ी संख्या में पहुंचे उनके अनुयायियों और स्थानीय लोगों ने स्वामी दयानंद सरस्वती के पार्थिव शरीर पर फूल चढ़ाए। ठीक दस बजकर पांच मिनट पर मंत्रोच्चारण के बीच भू-समाधि की प्रक्रिया शुरू हुई, जो सुबह 11 बजे तक चली। भू-समाधि के वक्त उपस्थित जनसमूह की आंखें नम हो गईं। इससे पहले तड़के से ही आश्रम परिसर में लोगों की भीड़ जुटती रही। भू-समाधि के बाद आश्रम के संतों और वहांमौजूद लोगों ने गंगा स्नान किया। आश्रम के ट्रस्टी स्वामी शुद्दानंद सरस्वती ने बताया कि आठ अक्तूबर को षोड़षी भंडारा आयोजित किया जाएगा।
इस अवसर पर ऋषिकेश विधायक प्रेमचन्द अग्रवाल, नरेन्द्रनगर विधायक सुबोध उनियाल, पालिकाध्यक्ष मुनिकीरेती शिवमूति कंडवाल, भाजपा प्रदेश महामंत्री ज्ञान सिंह नेगी, चित्रमणि, योगेश मिश्रा, भुवनचन्द्र, ज्योति सजवाण,इन्द्रकुमार गोदवानी, राकेश पारछा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
थैंक यू मित्र पुलिस उत्तराखंड
शिवपुरी हादसे में घायल विदेशी महिला का बैग पुलिस ने सकुशल लौटाया। बैग मिलने से उत्साहित महिला ने उत्तराखंड पुलिस के कार्य की सराहना की। बीते 30 अगस्त को पौडी से ऋषिकेश आ रही एक बस श्विपुरी के पास अनियंत्रित होकर ढाई सौ मीटर खाई में गिर गई थी। जिसमें छ लोगो की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि 24 लोगो घायल हो गये थे। सूचना पाकर मौके पर पहुंची मुनिकीरेती थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रेसक्यू अभियान चलाया। जिसमें 24 लोगो की जिन्दगी बचाई गयी। इस हादसे में घायलो का सामान अस्त-व्यस्त हो गया था।
घायलो में शामिल कोलम्बिया मूल की रहने वाली एलैक्जैन्ड्रा का सामान भी हादसे में खो गया था। घटना के दूसरे दिन पुलिस ने घटनास्थल पर खोजबीन की। इस अभियान में पुलिस ने एलैक्जैन्ड्रा का सामान सकुशल बरामद कर लिया। सामान में एलैक्जैन्ड्रा के महत्वपूर्ण दस्तावेज व मोबाईल शामिल था। वर्तमान में उक्त विदेशी महिला का उपचार जौलीग्रांट अस्पताल में चल रहा हैं।
गंगोत्री-यमुनोत्री आने वाले यात्रियों का होगा पंजीकरण
उत्तरकाशी। गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले यात्रियों का इस साल बॉयोमैट्रिक पंजीकरण होगा। इसके लिए यमुनोत्री हाईवे पर दोबाटा बड़कोट और गंगोत्री हाईवे पर पंजीकरण केंद्र बनाए जाएंगे।
सोमवार को जिला सभागार में जिलाधिकारी इंदुधर बौड़ाई की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यात्रा तैयारियों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने पेयजल, स्वास्थ्य, विद्युत, व सुरक्षा व्यवस्था आदि मूलभूत सुविधाओं को 10 अप्रैल तक दुरुस्त किये जाने को संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया। यात्रा मार्ग चौबीस घंटे यात्रियों के लिए खुले रहे इसके लिए बीआरओ व लोक निर्माण विभाग को कड़े निर्देश दिए । चारधाम यात्रा के दौरान सभी तीर्थ यात्रियों को बायोमैटिंक पंजीकरण होना है इसके लिए यमुनोत्री मार्ग के दोबाट एवं गंगोत्री रूट पर गंगोरी को चयनित किया गया है Read more
केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों में खलल, बदरीनाथ हाईवे भी बंद
देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में उमड़े बादलों ने सोमवार को भी चारधाम समेत चोटियों को बर्फबारी दे डाली, जबकि निचले इलाकों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हुई।
बारिश व बर्फबारी ने मार्च में फिर से ठंडक का अहसास तो कराया ही, पर्वतीय इलाकों में दुश्वारियां भी बढ़ गई हैं। केदारनाथ में विद्युत व संचार व्यवस्था की बहाली में बर्फबारी ने बाधाएं खड़ी की हुई है। साथ ही वहां पुनर्निर्माण कार्य में व्यवधान पड़ा है। वहीं बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग लामबगड़ में अवरुद्ध हो गया है। इसके अलावा बारिश-बर्फबारी के साथ ही जगह-जगह ओलावृष्टि के कारण गेहूं, मटर, सरसों आदि की फसलों को खासा नुकसान पहुंचने से किसानों के चेहरे मुरझाए हुए हैं। यही नहीं, दो दिन से रुक रुककर बारिश से जनजीवन पर भी असर पड़ा।
हालांकि, सोमवार को शाम तक अधिकांश इलाकों में वर्षा थम गई थी, मगर आसमान में आंशिक रूप से बादलों की मौजूदगी बनी हुई है। उधर, मौसम विभाग की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ का असर सोमवार को भी उत्तरकाशी, चमोली व पिथौरागढ़ में वर्षा-बर्फबारी हो सकती है।
यहां हुई बर्फबारी –
बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, हेमकुंड साहिब, गोरसों, चोपता, हनुमानचट्टी, तुंगनाथ, मदमहेश्वर, पिथौरागढ़ जिले की ऊंची चोटियां आदि।
मौसम की दुश्वारियां –
-बर्फबारी से केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य बाधित, विद्युत व संचार सुविधा की बहाली में बाधा
-बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में बंद, हनुमानचट्टी में भी बर्फ हटाने का कार्य बाधित
-टिहरी जिले में हेंवलघाटी और चंबा-मसूरी फलपट्टी में ओलावृष्टि व बारिश से टमाटर समेत नकदी फसलें चौपट
-चमोली के थराली, नारायणबगड़, गैरसैण व देवाल के दूरस्थ गांवों में ओलावृष्टि से फसलों को भारी क्षति
मौसम का पूर्वानुमान –
मंगलवार को उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं विशेषकर उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जनपदों के 10 फीसद क्षेत्रफल में वर्षा व बर्फबारी की संभावना है। सूबे के अन्य जनपदों में मौसम शुष्क रहेगा।
बेमौसमी बारिश के गेंहू को नुकसान
विकासनगर: कई बार हो चुकी बेमौसमी बारिश से पछवादून में गेहूं की फसल पकने की अवधि में करीब 15 दिन का फर्क पड़ गया है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक पकने वाली गेहूं की फसल इस बार अप्रैल अंतिम व मई प्रथम सप्ताह तक पककर तैयार होगी। बारिश के साथ तेज हवा से गेहूं की खड़ी फसल गिरने से उत्पादन में बीस प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। Read more
