चंपावतः मॉर्निंग वॉक कर सीएम ने लिया विकास कार्यों का फीडबैक

अपने चंपावत भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज मॉर्निंग वॉक पर निकले और इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के लोगों से बातचीत कर न केवल विकास कार्यों को लेकर फीडबैक लिया बल्कि आमजन की समस्याओं को भी जाना।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने जिला भ्रमण के दौरान प्रातः कालीन सैर पर अवश्य जाते हैं। रुद्रप्रयाग, पौड़ी, देहरादून आदि जगहों पर वे अक्सर ऐसा करते देखे गए हैं। ऐसा करने के पीछे उनका मकसद यही है कि वे बगैर किसी ताम झाम के बीच आमजन की वास्तविक समस्याओं को जानें और विकास कार्यों पर भी फीडबैक लें।

इसी क्रम में आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने चंपावत भ्रमण के दौरान प्रातः सैर पर निकले। धामी सर्किट हाउस से निकलते हुए ब्लॉक रोड स्थित नित्यानंद जोशी की चाय की दुकान पर पहुंचे और सबसे पहले सूर्य नमस्कार किया। फिर चाय की चुस्की के साथ नित्यानंद जोशी और अन्य लोगों से बात करते हुए उनका हाल चाल जाना। इस दौरान उन्होंने सरकारी योजनाओं, कार्यक्रमों और विकास कार्यों पर चर्चा की। इसी दौरान वहां मौजूद मासूम रियांश से भी उन्होंने बातें की और अपना आशीर्वाद दिया।

इसके बाद वे नागनाथ वार्ड होते हुए निकले जहां उन्होंने पानी भर रही महिला से बातें की और पेयजल की स्थिति के बारे में जाना, जिस पर महिला ने मुख्यमंत्री को बताया कि पानी नियमित आ रहा है।

उसके बाद मुख्यमंत्री मुख्य बाजार होते हुए गोरलचोड़ मैदान पहुंचे। मुख्य बाजार में उन्होंने दुकान स्वामियों से भी बात कर उनके हाल चाल जाने ।
गौरलचौड़ मैदान पंहुचकर मुख्यमंत्री ने वहॉ विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं की प्रेक्टिस कर रहे युवाओं से बातें की और उनका उनका उत्साहवर्धन करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

नकल विरोधी कानून के समर्थन में छात्रों ने चलाया हस्ताक्षर अभियान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को राधा स्वामी सत्संग व्यास रुद्रपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों एवं विद्यार्थियों द्वारा आयोजित हस्ताक्षर अभियान में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता एवं सुचिता को सुनिश्चित कराने के लिए राज्य में नकल विरोधी कानून लाये जाने पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों एवं विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सभी प्रतियोगी परीक्षाएं नकलविहीन होंगी, पारदर्शिता के साथ होंगी, आप अपनी परीक्षाओं की तैयारियां करें, हमारे भाई-बहनों का समय भी खराब नहीं होगा, भर्तियां कैलेण्डर के अनुसार होंगी’’ लिखकर अपने हस्ताक्षर भी किये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में भर्ती घोटाले नासूर एवं कैंसर की तरह फैल रहा था, जिसकी सरजरी करना बहुत जरूरी था। इस बार कुछ छात्र-छात्राओं द्वारा वीपीडीओ भर्ती परीक्षा में भी पेपर लीक होने की आशंका जताई गई थी, जिसकी कराने पर प्रारम्भिक रूप से ये लगने लगा कि इस परीक्षा में गड़बड़ी हुई है। उन्होने कहा तभी से हमने तय किया कि यही नही हम पुरानी सभी भर्तियों की जांच करायेगें और हमने जांच का निर्णय लिया जिसमें जांच करने पर इस अपराध में जो संलिप्त थे वो 60 से भी ज्यादा लोग जेल जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ी को जड़ से खत्म करने के लिए हमने भारतवर्ष का सबसे सख्त कानून बनाया है जिसमें नकल कराने वाले व्यक्ति के लिए उम्र कैद तक का भी प्रावधान करने के साथ ही सारी सम्पत्ति जब्त करने का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि जो अभ्यर्थी नकल करने में एक बार पकड़ा गया तो 03 साल तक अगर वह इसमें फिर से संलिप्त पाया जाता है तो अगले 10 वर्षाे तक वह किसी परीक्षा में भाग नही ले सकता है और पूरे देश का सर्वाधिक सख्त कानून है। उन्होने कहा कि बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं, उनके भविष्य से कोई खिलवाड़ न करे उनकी उम्मीदों को ना तोडे़, इन सभी बातों पर गहनता से विचार करते हुए हमने ये नकल विरोधी सख्त कानून बनाया।
मुख्यमंत्री ने कहा गरीब माता-पिता अपने बच्चे को पढ़ाने के लिए अपनी सारी जमा पूँजी लगा देते है, अगर उस पर ही ऐसी डकैती हो जायेगी तो उन माता-पिता के पास क्या बचेगा। उन्होने कहा कि हमारे पास संसाधनों का आभाव होते हुए भी हमारे बच्चे और हमारे युवा बेरोजागार भाई-बहनों को मिलने वाली नौकरियों में हम कोई कटोती नही करेंगे, चाहे अन्य संसाधनों में कटौती करनी पड़े। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं का केलेण्डर जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि भर्तियां पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता से नकलविहीन सम्पन्न होंगी, जिससे पात्र व्यक्तियों का चयन होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों सम्पन्न हुई पटवारी एवं लेखपाल भर्ती परीक्षा में एक लाख तीन हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनके आने-जाने हेतु मुफ्त यात्रा सुविधा दी गई थी। उन्होंने कहा कि पीसीएस की शुरू हो रही मुख्य परीक्षाओं में भी उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की व्यवस्था की है।
इस दौरान विधायक शिव अरोरा, मेयर रामपाल सिंह, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, भाजपा प्रदेश मंत्री विकास शर्मा, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, सहित आईजी नीलेश आनन्द भरणे, जिलाधिकारी युगल किशोर पन्त, एसएसपी मन्जूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी विशाल मिश्रा, अपर जिलाधिकारी जय भारत सिंह, उप जिलाधिकारी प्रत्यूष सिंह, कौस्तुभ मिश्रा, सहित अमित नारंग, भारत भूषण चुघ, सुरेश कोली सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

बार कौंसिल ऑफ उत्तराखण्ड के भवन का सीएम ने किया शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित कैंप कार्यालय में गौलापार हल्द्वानी में बनने जा रहे।

बार कौंसिल ऑफ उत्तराखण्ड के भवन का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं एक अधिवक्ता होने के नाते प्रदेश के लगभग 25 हजार अधिवक्ताओं की सबसे बड़ी संस्था के लिये गौलापार हल्द्वानी में बार कांउसिल ऑफ उत्तराखण्ड के प्रदेश कार्यालय के भवन का शिलान्यास करने का उन्हें अवसर मिला है।

उन्होंने बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड के चेयरमैन एवं सभी सदस्यों एवं प्रदेश के लगभग 25 हजार अधिवक्ताओं को उत्तराखण्ड में स्वयं के भवन निर्माण एवं भूमि क्रय करने एवं उस पर कार्यालय का निर्माण करने की बधाई देते हुए कहा कि कार्यालय के निर्माण का कार्य चरणबद्ध तरीके से यथा समय पूर्ण हो तथा इसी प्रकार बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड प्रदेश के सभी 25 हजार अधिवक्ताओं के हितों का कार्य करती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि काउंसिल के भवन का भविष्य की जरूरतों की दृष्टि से बेहतर ढंग से निर्माण किया जाय, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस भवन के बनने के बाद हाईकोर्ट व अन्य कार्यों से आने वाले अधिवक्ताओं के लिये काफी सुविधा हो जायेगी।

बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड के चेयरमैन मनमोहन लाम्बा द्वारा मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि लगभग 25 हजार अधिवक्ताओं की पत्रावलियों एवं कर्मचारियों के कार्यालय में बैठने एवं कार्य करने की सुचारू व्यवस्था नहीं थी इसलिये बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड ने अपने अधिवक्ताओं से धन एकत्रित कर गौलापार में कार्यालय के भवन निर्माण की भूमि दिनांक 24 अगस्त, 2022 को क्रय की है तथा बार काउंसिल का नाम उक्त भूमि पर राजस्व अभिलेखों में अंकित हो गया है। चैयरमैन द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि पूरे देश में कुल 21 बार काउंसिल हैं और उत्तराखण्ड बार काउंसिल पूरे देश में पहली बार काउंसिल है जिसने अधिवक्ताओं से धन एकत्रित कर बार काउंसिल के कार्यालय के निर्माण हेतु अपनी अपनी भूमि क्रय की है।

इस अवसर पर बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड के वाइस चेयरमैन राव मुनफैत अली, वरिष्ठ सदस्य सुरेंद्र पुण्डीर, चंद्र शेखर तिवारी, योगेन्द्र तोमर, सुखपाल सिंह, अनिल पंडित आदि उपस्थित थे।

खटीमा के लाल ने पौड़ी की पीड़ा को समझकर खोई रौनक को लाने का किया प्रयास

देहरादून। पौड़ी की खोई हुई रौनक फिर से लौटेगी। जिले का मंडल मुख्यालय गुलजार होगा। खटीमा के लाल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने दो दिवसीय दौरे में पौड़ी के उस दर्द को गहराई से महसूश किया जिसको पूर्ववर्ती मुख्यमंत्रियों ने या तो समझा नहीं या फिर समझने की कोशिश नहीं की। यूपी के समय पौड़ी जनपद का जो जलवा हुआ करता था, अलग राज्य गठन के बाद पौड़ी जिले की रौनक धीरे-धीरे कम होने लगी। सब्बि धाणी देहरादून के तहत सरकारी ऑफिस धीरे-धीरे देहरादून या मैदानी जनपदों में खिसकने लगे। पौड़ी जिले से मूल निवासी कई नेता, विधायक, मंत्री और मुख्यमंत्री बने लेकिन बावजूद उसकी खोई रौनक लौटाने में कामयाब नहीं हुए। मुख्यमंत्री धामी ने पौड़ी के दर्द को समझते हुए खोई हुई रौनक को लौटाने का बेड़ा उठाया है। पौड़ी से देहरादून पहुंचते ही अधिकारियों को इसको लेकर विस्तार से कार्य योजना बनाने के निर्देश जारी कर दिये हैं।

मुख्यमन्त्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दिनांक 12 एवं 13 फरवरी 2023 को गढ़वाल मण्डल में मुख्यालय पौड़ी का सघन दौरा किया गया। इस दौरान जहाँ एक और मुख्यमन्त्री द्वारा अन्त्योदय निःशुल्क गैस रिफिल योजना का पूरे प्रदेश में एक साथ शुभारम्भ करने हेतु पौड़ी को चुना गया, वहीं दूसरी और करोड़ों की लागत के विभिन्न विभागीय योजनाओं का शुभारम्भ एवं लोकार्पण भी किया गया। मुख्यमन्त्री द्वारा पौड़ी क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणा भी की गयी। साथ ही पौड़ी की निरन्तर हुई उपेक्षा के दर्द को गहराई से महसूस किया गया।

दिनांक 14 फरवरी को पौड़ी दौरे के अवसर पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए मुख्यमन्त्री द्वारा पौड़ी के ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व के साथ-साथ प्राकृतिक सुन्दरता की और अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया और पौड़ी के सर्वागीण विकास के लिए विशेष कार्य योजना बनाये जाने के निर्देश दिये। साथ ही पौड़ी के गढ़वाल मण्डल मुख्यालय होने के बावजूद मण्डलीय स्तरीय कार्यालयों का मण्डल मुख्यालय से संचालित न होने का संज्ञान लेते हुए सचिव, मा० मुख्यमन्त्रीध् जनपद के प्रभारी सचिव को निर्देशित किया है कि एक सप्ताह में अध्ययन करके यह रिपोर्ट प्रस्तुत करें कि कौन-कौन से ऐसे मण्डल स्तरीय कार्यालय है, जिनका कार्यालय भवन पौड़ी में स्थापित है या स्थापित होना चाहिए और उनका संचालन मण्डल कार्यालय से न होकर राजधानी देहरादून या अन्यत्र से हो रहा है।

उल्लेखनीय है कि ऐतिहासिक दृष्टि से प्रशासनिक रूप से पौड़ी का विशेष महत्व रहा है और इसी ऐतिहासिकता की दृष्टि से पौड़ी को गढ़वाल मण्डल का मण्डल मुख्यालय बनाया गया। समय के साथ पौड़ी से धीरे-धीरे मण्डल स्तरीय कार्यालयों का देहरादून या अन्यन्त्र स्थानों से संचालित होने की परम्परा शुरू हुई, जिससे पौड़ी मण्डल मुख्यालय का महत्व कम होने लगा।

मुख्यमन्त्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा पौड़ी की इस पीड़ा को महसूस किया है और पौड़ी का भ्रमण खत्म होने के तत्काल बाद ही राजधानी देहरादून में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पौड़ी के विकास की कार्य-योजना के साथ-साथ पौड़ी की ऐतिहासिकता और गौरव को पुनः स्थापित किये जाने की आवश्यकता पर कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमन्त्री के इस प्रयास से उम्मीद की जानी चाहिए कि आने वाले वर्षों में पौड़ी अपने गौरव को पुनः प्राप्त कर सकेगा।

स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का लाभ आम जनमानस तक पहुंचे-स्वास्थ्य सचिव

स्वास्थ्य सचिव डा0 आर. राजेश कुमार ने शुक्रवार को सुशीला तिवारी चिकित्सालय, मेडिकल काॅलेज तथा महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण दौरान आर राजेश कुमार ने चिकित्सा अधिकारियों को मनोयोग से कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा आम जनमानस को सुचारू चिकित्सा उपचार मिल सके यही हमारी प्राथमिकता है।
सचिव ने कहा कि जिन चिकित्सालयों में स्पेशलिस्ट डाक्टरों की कमी है जल्द ही तैनाती की जायेगी।
स्वास्थ्य सचिव ने मेडिकल कालेज के आडिटोरियम के निरीक्षण के दौरान पाया कि कोविड 19 में दौरान डीआरडीओ द्वारा अस्थाई चिकित्सालय स्थापित किया गया था। उक्त चिकित्सालय के बैड, वैटिंलेटर, मल्टीपैरा मशीन आदि आडिटोरियम में पाये गये उन्होंने स्वास्थ्य से सम्बन्धित उपकरणों की शीघ्र से सूची बनाकर बेस चिकित्सालय पिथौरागढ, मेडिकल कालेज अल्मोडा को भेजने के निर्देश मौके पर दिये। उन्होंने प्राचार्य मेेडिकल कालेज हल्द्वानी को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय बनाकर इस कार्य को पूर्ण करें। उन्होंने प्राचार्य को निर्देश दिये कि चिकित्सालय के लिए किसी भी प्रकार के उपकरण की आवश्यकता हो तो शीघ्र जनहित हेतु उसकी पूर्ति करें। उन्होंने कहा इस हेतु धन की कोई कमी नही होने दी जायेगी। उन्होने प्राचार्य से कहा कि चिकित्सालय से सम्बन्धित जो भी कार्य हों उन कार्यो कोे जिलाधिकारी के संज्ञान में लाना जरूरी है।
सचिव कुमार ने कहा कि कैंसर हास्पिटल परिसर में बनने वाले नवनिर्माण भवन की जद मे आ रहे पेड की अनुमति एवं आपत्तिों का शीघ्र निराकरण हेतु वन विभाग से कार्यवाही की जायेगी ताकि निर्माण कार्यो को समय से प्रारम्भ किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इस हेतु 160 चिकित्सालय के स्टाप की स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई है। स्वास्थ्य सचिव द्वारा कैंसर चिकित्सालय के ओपीडी, के साथ ही सुशीला तिवारी चिकित्सालय मेे काॅडियोलाॅजी, जनरल वार्ड, आईसीयू, ओपीडी, डायलेशिस के साथ ही भर्ती मरीजों से रूबरू हुये तथा उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना। उनके द्वारा अटल आयुष्मान कार्ड काउन्टर का भी निरीक्षण किया गया। इसके पश्चात सचिव द्वारा महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया गया। महिला चिकित्सालय मे ओपीडी, वार्ड के साथ ही मरीजों से मिले।
निरीक्षण के दौरान प्राचार्य डा0 अरूण जोशी, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 भागीरथी जोशी, प्राचार्य पिथौरागढ डा0 अरविन्द, संयुक्त निदेशक डा0 महेन्द्र कुमार, डा0 एमके पंत, जनसम्पर्क अधिकारी आलोक उप्रेती के साथ ही स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी उपस्थित रहे।

बेस अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सचिव ने दिए दिशा-निर्देश

जनपद भ्रमण पर आये स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर आर राजेश कुमार ने बेस चिकित्सालय का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि जल्द ही सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के लोगों को बेस चिकित्सालय का लाभ मिलेगा। सचिव ने कहा फिलहाल मेडिकल कॉलेज पिथौरागढ़ का संचालन मेडिकल एजुकेशनल डिपार्टमेंट के माध्यम से किया जाएगा और डॉक्टरों की तैनाती बेस चिकित्सालय में की जाएगी जिनके सहयोग से चिकित्सालय का संचालन कार्य किया जाएगा। उन्होंने बेस अस्पताल में 100 अतिरिक्त बेड के का प्रबंध करने के लिए कहा। उन्होंने पेयजल निगम को सप्ताह के अंदर टेंडर फाइनल कर जल आपूर्ति का शेष कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए।
प्रधानाचार्य बेस चिकित्सालय द्वारा सचिव महोदय के समक्ष विशेषज्ञ डॉक्टरों को बेस चिकित्सालय में तैनात करने की मांग की गई इसके अतिरिक्त एंबुलेंस, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड आदि भी मुहैया कराने की मांग रखी जिस पर सचिव ने प्रधानाचार्य बेस चिकित्सालय को एक सप्ताह के भीतर प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी, प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा और सीएमओ पिथौरागढ़ के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक उपकरणों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए जिसे उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके साथ ही एक सप्ताह में किए गए कार्यों की स्थिति के संबंध में वीसी के माध्यम से अवगत कराने के लिए कहा। प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज पिथौरागढ़ ने मेडिकल कॉलेज के निकट स्थित रेशम विभाग की 1.87 हेक्टेयर भूमि को मेडिकल कॉलेज पिथौरागढ़ को देने की मांग रखी।
स्वास्थ्य सचिव द्वारा मोस्टामानु में मेडिकल कॉलेज कैंपस के लिए चयनित लैंड का स्थलीय निरीक्षण भी किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी पिथौरागढ़ रीना जोशी, ज्वाइंट डायरेक्टर चिकित्सा शिक्षा विभाग डॉक्टर एम के पंत, प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी अरुण जोशी, प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा, उप जिलाधिकारी अनुराग आर्य, तहसीलदार पिथौरागढ़ आदि अन्य स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे।

चंपावत पहुंचे स्वास्थ्य सचिव ने जिला अस्पताल का किया निरीक्षण

तीन दिन के सीमांत क्षेत्र के भ्रमण पर पंहुचे स्वास्थ्य सचिव उत्तराखंड शासन डॉ आर राजेश कुमार ने बुधवार को चम्पावत जिले का भ्रमण कर जिला चिकित्सालय चंपावत का निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जिला चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्वास्थ्य सुविधाओं के सम्बंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिला चिकित्सालय में एमरजेंसी, दंत रोग विभाग, पैथोलॉजी लैब, महिला वॉर्ड में भर्ती महिलाओं एवं प्रसव से सम्बंधित विभिन्न प्रकार की व्यवस्थाएं व भर्ती मरीजों का हाल जाना तथा भर्ती मरीजों से वार्ता करने के साथ ही अस्पताल से उन्हें दी जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड सरकार की ओर से मरीजों को निशुल्क जांच सुविधा के लिए संचालित चंदन लैब का भी निरीक्षण करते हुए पंजिका में जांच से संबंधित विवरणों व बीमारियों आदि के बारे में जानकारी ली। इस दौरान चिकित्सालय में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला चिकित्सालय में प्रत्येक मरीज को बेहतर उपचार मिले। उन्होंने कहा कि चंपावत जिला चिकित्सालय में प्राथमिकता से चिकित्सकों की तैनाती की गई है। अन्य मेडिकल स्टाफ की भी शीघ्र तैनाती की जाएगी। इसके अतिरिक्त अन्य सुविधाओं को भी बढ़ाया गया है।
स्वास्थ्य सचिव ने जिला चिकित्सालय में आईसीयू का संचालन न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए शीघ्र इसे संचालित करने के निर्देश पीएमएस को दिए। उन्होंने आईसीयू के संचालन में आ रही कार्मिकों विशेष रूप से नर्स की शीघ्र तैनाती करने की बात कही। इस दौरान उन्होंने जिसके चिकित्सालय के निकट बनने वाले क्रेटिकल केयर यूनिट स्थल का भी निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यदाई संस्था ब्रिडकुल के अधिकारियों द्वारा निर्माण के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य सचिव ने क्रिटिकल केयर यूनिट और हॉस्पिटल को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग को बनाए जाने हेतु जिलाधिकारी को शीघ्र ही प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी, सीएमओ डॉ केके अग्रवाल, सीडीओ आर एस रावत, एडीएम हेमन्त वर्मा पीएमएस डॉ एच एस ऐरी, एसडीएम रिंकू बिष्ट, एसीएमओ इंद्रजीत पांडे, श्वेता खर्कवाल, सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

बेस चिकित्सालय पहुंचे मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी को दिये निर्देश

प्रदेश के मुख्य सचिव एसएस संधु ने जनपद के नैनी सैनी एयरपोर्ट एवं पिथौरागढ़ स्थित बेस चिकित्सालय भवन का स्थलीय निरीक्षण किया।
मुख्य सचिव ने सर्वप्रथम नैनी सैनी एयरपोर्ट का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान जिलाधिकारी द्वारा नैनी सैनी हवाई पट्टी के विस्तार की कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण भी पावर प्रजेंटेशन के माध्यम से मुख्य सचिव के समक्ष रखा गया। इस दौरान मुख्य सचिव द्वारा सचिव दिलीप जावलकर से नैनी सैनी में हवाई सेवा शुरू होने के बारे में जानकारी ली गई। जिस पर सचिव श्री जावलकर ने बताया कि आगामी 2 माह के भीतर हवाई सेवा शुरू हो जाएगी।
इसके बाद मुख्य सचिव द्वारा पिथौरागढ़ स्थित बेस चिकित्सालय भवन का स्थलीय निरीक्षण किया गया। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि बेस चिकित्सालय भवन के हैण्ड ओवर की कार्रवाई तुरन्त की जाए। उन्होंने कहा कि बेस चिकित्सालय भवन के उचित रख-रखाव का भी ध्यान रखा जाय। इस दौरान मुख्य सचिव ने बताया कि सचिव स्वास्थ्य बेस चिकित्सालय के निरीक्षण के लिए पहुंच रहे हैं। संभावना है कि बेस चिकित्सालय का संचालन अति शीघ्र शुरू हो जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि पिथौरागढ़ स्थित बेस चिकित्सालय के संचालन को लेकर सचिवालय स्तर पर भी कुछ दिन पूर्व मीटिंग आयोजित की गई थी।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, सचिव सिविल दिलीप जावलकर, सचिव परिवहन अरविंद सिंह हयांकी, जिलाधिकारी रीना जोशी, मुख्य विकास अधिकारी वरुण चैधरी, एसपी लोकेश्वर सिंह, अपर जिलाधिकारी फिंचाराम चैहान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एचएस हंयाकी आदि उपस्थित थे।

सीएम ने परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में बच्चों से किया संवाद, बढ़ाया हौसला

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने जनपद भ्रमण के दौरान थारू राजकीय इंटर कॉलेज पहुंचकर परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। सीएम धामी ने कॉलेज पहुंच कर अपनी पुरानी यादें ताजा की। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री इस विद्यालय के छात्र रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करते थे और लिखने के लिए तख्ती का उपयोग किया करते थे। उन्होंने कहा कि उनके आगे बढ़ने में विद्यालय का बहुत बड़ा योगदान है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एग्जाम के दौरान उत्पन्न होने वाले तनाव, जिज्ञासा आदि पर मार्गदर्शन किया है, धामी ने कहा कि तनाव से दूर रहने हेतु एक्जाम वारियर परीक्षा पे चर्चा पुस्तक को अवश्य पढ़ना चाहिए।
बालिका अष्टवी राज ने प्रश्न पूछा कि जैसे परीक्षा की घड़ी नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे घबराहट बढ़ती जा रही, किस प्रकार टाइम मैनेजमेंट करें कि सारे सब्जेक्ट कवर हो जाएं, इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा से घबराने की जरूरत नहीं है, कठिन लगने वाले सब्जेक्ट को अधिक समय दीजिए, शिक्षकों, दोस्तों के साथ टॉपिक एवं विषय पर विस्तार से चर्चा कीजिए। उन्होंने कहा कि मैं भी सामान्य छात्र रहा हूं, हमें किसी भी सब्जेक्ट को कठिन नहीं मानना चाहिए बल्कि एक पाठ के बाद दूसरे पाठ को इस प्रकार लेना चाहिए कि कुछ अच्छा और नया सीखने के लिए मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति स्वयं के लिए सबसे अच्छा टाइम मैनेजर होता है, अपनी आवश्यकता के अनुसार टाइम मैनेज करना चाहिए और प्रातःकाल जरूर उठना चाहिए तथा दिनचर्या में व्यायाम एवं खेलों को भी शामिल करना चाहिए।
मोहम्मद रेहान ने प्रश्न पूछा कि बारहवीं के बाद क्या विकल्प चुनना चाहिए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सभी विद्यार्थियों को यह जरूर सोचना चाहिए कि हमें किस क्षेत्र में आगे बढ़ना है, क्या करना है। धामी ने कहा कि हमें अपनी रूचि के अनुसार करियर का विकल्प चुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे गुरु एवं अभिभावक कैरियर चुनने के लिए गाइड कर सकते हैं परंतु कैरियर का चुनाव हमें अपनी रूचि के अनुसार ही करना चाहिए।
मोहम्मद आरिफ ने प्रश्न किया कि एग्जाम के नजदीक आने पर प्रेशर एवं डिप्रेशन बढ़ता जा रहा है, पढ़ाई कैसे की जाए, इस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “मन के जीते जीत है, मन के हारे हार“। धामी ने कहा कि एग्जाम से डरने की जरूरत नहीं है, एग्जाम युद्ध का मैदान नहीं है और प्रश्न सिलेबस के बाहर से भी आने वाले नहीं है अर्थात प्रश्न सिलेबस से ही पूछे जाएंगे, श्री धामी ने कहा कि टाइम का ही मैनेजमेंट करना है और पूरी निष्ठा ईमानदारी एवं लगन से पढ़ाई करने के साथ-साथ व्यायाम एवं खेलकूद को भी समय देना चाहिए। प्रेरणा ने प्रश्न पूछा कि पहले और अब की पढ़ाई में क्या परिवर्तन दिखाई दे रहा है, इस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अंतर इतना है कि पहले तख्ती पर पढ़ाई लिखाई होती थी और टाट एवं चटाई पर बैठकर पढ़ाई करते थे। उन्होंने कहा कि साइंस एंड टेक्नोलॉजी तेजी से आगे बढ़ रही है तकनीकी ज्ञान वर्तमान के बच्चों को ज्यादा है।
प्रियांशी ने पूछा कि नकारात्मक विचारों से कैसे बचा जाए, मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति को सकारात्मक सोच रखनी चाहिए क्योंकि सोच से ही विचार उत्पन्न होते हैं, उन्होंने कहा कि मन में सकारात्मक सोच, उत्साह एवं उमंग होनी चाहिए। हमारे मन में उत्साह होगा तो हमारे अंदर ऊर्जा आएगी और खराब सोच भूल जाएंगे। धामी ने कहा कि अपनी सोच के दायरे को कुआ की तरह सीमित न रखते हुए विशाल महासागरों की तरह बढ़ाना होगा, स्वामी विवेकानंद ने भी कहा है कि मनुष्य अनंत शक्ति एवं ऊर्जा का भंडार है।
आरिश ने प्रश्न पूछा कि स्पोर्ट्स के क्षेत्र में कौन-कौन सी योजनाएं हैं जिससे आगे बढ़ा जा सकता है, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार नई स्पोर्ट्स नीति लेकर आई है जिसमें प्रावधान किया गया है कि यदि कोई खेल क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करता है तो उसके बाहर आने जाने, रहने, खाने के साथ ही नौकरी की भी व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि नौकरियों में खेल कोटा शुरू कर रहे हैं।
अनमोल प्रजापति ने प्रश्न किया कि अपनी घबराहट एवं झिझक को कैसे दूर कर सकते हैं, इस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमें अपने सोचने का नजरिया बदलना चाहिए, उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि आप किसी सभा में बोल रहे हैं तो यह सब मन से निकाल देना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति हमसे ज्यादा विद्वान इस सभा में उपस्थित है, क्योंकि उस समय सभी विद्वान सिर्फ और सिर्फ आपको सुन रहे होते हैं, आपको सकारात्मक विचारों के साथ अपनी बात को रखते रहना चाहिए। श्री धामी ने कहा कि मन में नकारात्मक सोच नहीं रहनी चाहिए और मोरल हाई रखना चाहिए, झिझक स्वतः ही दूर हो जाएगी।
अंजू गंगवार ने प्रश्न पूछा कि पॉलिटिक्स में कैसे आगे बढ़ा जाए, इस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उदाहरण देते हुए कहा कि जितने भी लोग देश दुनिया में इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया है उनका शुरुआती जीवन में कुछ बनने के लिए नहीं सोचा होगा, मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि “मुझे कुछ बनने के लिए नहीं बल्कि कुछ करने के लिए बनना है“। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति ही नहीं अपितु अपनी रूचि के अनुसार चुने गए कार्य क्षेत्र में पूरी ईमानदारी निष्ठा एवं लगन, समय बाध्यता के साथ कार्य करोगे तो निश्चित ही उस क्षेत्र के लीडर कहलाओगे। इसके साथ ही रिजवान अहमद ने एनसीसी, राहुल बडोनी ने इंग्लिश मीडियम आदि के बारे में प्रश्न पूछा, जिनका जवाब भी मुख्यमंत्री ने दिया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ऑडिटोरियम को आधुनिक बनाने, मुख्य भवन की मरम्मत कराने तथा फील्ड-खेल मैदान का सौंदर्यीकरण कराने की घोषणा की।
इस दौरान जिलाधिकारी युगल किशोर पंत, एसएसपी मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी विशाल मिश्रा, मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी आर्य सहित विद्यार्थी तथा शिक्षक आदि उपस्थित रहे।

जनता की समस्याएं उनके क्षेत्र में जाकर सुने अधिकारी-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सर्किट हाउस काठगोदाम में अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त करने के लिये जो भी शिकायतें लोगों द्वारा की जाती है उन पर त्वरित कार्यवाही की जाय। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों एवं समस्याओं का निराकरण होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने आयुक्त एवं आईजी को सख्त निर्देश दिये है कि जो भी भ्रष्टाचारी होगा उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाय। उन्होंने कहा कि प्रदेश का कोई भी नागरिक भ्रष्टाचार के सम्बन्ध में टोल फ्री नम्बर 1064 पर जानकारी दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से उत्तराखण्ड में आने वाले बाहरी असामाजिक तत्वों पर रोक लगाना जरूरी है। इसके लिए पुलिस महकमे के साथ ही वन विभाग व अन्य विभागों को चैकन्ना रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा इसके लिए सघन चेकिंग अभियान समय-समय पर चलाये जांए।
मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ईमानदारी एवं तत्परता से करें। जन समस्याओं का निराकरण अपना दायित्व समझें। उन्होंने कहा कि कार्यों के प्रति लापरवाही बरतने पर सम्बन्धित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। अधिकारी जनता एवं जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद कर विकास कार्यों को गति दें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आम जनमानस के साथ ही जनप्रतिनिधियों के फोन अवश्य उठायें तथा लोगों को सकारात्मक रूप से सुनवाई कर समस्या का समाधान करें। उन्होंने समीक्षा के दौरान कहा कि कोई भी विभाग अपनी जिम्मेदारी दूसरे विभाग पर ना डाले। इससे कार्यों में विलम्ब होता है।
मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों में धीमी गति से कार्य करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की उन्होंने अधिकारियों से कहा कार्यों में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश में विकास कार्यों के प्रोजेक्ट वन विभाग की आपत्तियों के कारण जो प्रोजेक्ट लम्बित है उन्हें सम्बन्धित अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर सरलीकरण के साथ समाधान करें जिससे विकास कार्यों को गति मिल सकेगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने आयुक्त दीपक रावत को निर्देश दिये कि कुमाऊं मण्डल में होने वाले विकास कार्यों की मॉनिटरिंग की जाए कार्यों में कोताही व शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही अमल में लाई जाए।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान अधिकारियों से कहा कि ग्राम स्तर की समस्यायें आम जनमानस की जिला स्तर पर ना आये इसके लिए जिलाधिकारी के साथ ही जनपद स्तरीय अधिकारी क्षेत्रों में जाकर लोगों के बीच उनकी परेशानियों से रूबरू हों ताकि क्षेत्रवासियों की समस्या का समाधान मौके किया जा सके। इसके लिए नोडल अधिकारियों के साथ ही जिला स्तरीय अधिकारी रोस्टर बनाकर क्षेत्रों में कैम्प का आयोजन करें। बैठक में मुख्यमंत्री को जनपद में हो रहे विकास कार्यों की प्रगति पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत की गई।
बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत बेला तोलिया, मेयर डा0 जोगेन्द्र पाल सिंह रौतेला, विधायक दीवान सिंह बिष्ट, रामसिंह कैडा, डा0 मोहन सिंह बिष्ट, जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट के साथ ही आयुक्त दीपक रावत, आईजी नीलेश आन्नद भरणे, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, एसएसपी पंकज भटट के साथ ही मण्डल एवं जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।