सीएम ने रेल मंत्री से की राज्य में रेल सेवाओं के विस्तार की मांग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से टनकपुर-देहरादून के मध्य एक जनशताब्दी रेल सेवा और दिल्ली-रामनगर के मध्य शताब्दी एक्सप्रेस रेल सेवा संचालित किए जाने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से देहरादून से सहारनपुर को मोहण्ड होते हुए रेलवे से जोड़ने हेतु टनल आधारित रेल लाईन परियोजना ओर ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल लाईन परियोजना का शीघ्र परीक्षण कराकर इसके निर्माण की स्वीकृति प्रदान किए जाने का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रेल मंत्री से हरिद्वार से वाराणसी वंदे भारत रेल प्रारंभ किए जाने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व में मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से किच्छा-खटीमा नई रेल लाईन परियोजना की सम्पूर्ण लागत भारत सरकार द्वारा वहन किए जाने का आग्रह किया। उन्होंने अनुरोध किया कि रामनगर-हरिद्वार-देहरादून सीधी रेल सेवा संचालित की जाए। पूर्णागिरी मेले की अवशेष आयोजन अवधि हेतु देश के विभिन्न स्थानों मुख्यतः नई दिल्ली, मथुरा एवं लखनऊ आदि से टनकपुर के लिए पर्याप्त संख्या में रेल सेवा का भी संचालन प्रारम्भ किया जाए।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में रेल सेवाओं पर रेल मंत्री के साथ चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान में कुमाऊं और गढ़वाल को जोड़ने के लिये देहरादून-काठगोदाम जनशताब्दी एक मात्र रेल सेवा है। कुमाऊं क्षेत्र के एक बड़े हिस्से के साथ-साथ नेपाल बोर्डर होने के कारण वहां के लोगों का आवागमन भी टनकपुर से ही होता है। इसलिए टनकपुर-देहरादून के मध्य एक जनशताब्दी रेल सेवा संचालित करना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के जनपद नैनीताल के रामनगर क्षेत्रान्तर्गत स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जिम कार्बेट नेशनल पार्क में देश-विदेश से पर्यटकों का निरन्तर आवागमन होता है। अतः दिल्ली-रामनगर शताब्दी एक्सप्रेस रेल सेवा संचालित किया जाना अति आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून से नई दिल्ली तक रेल की यात्रा करने हेतु वर्तमान में हरिद्वार होकर जाना पड़ता है। हरिद्वार-देहरादून रेल लाईन सिंगल लेन है। देहरादून से हरिद्वार तक का अधिकांश अंश राजाजी नेशनल पार्क के अन्तर्गत होने के कारण वन्यजन्तु की सुरक्षा की दृष्टि से रेल की गति भी अत्यन्त नियंत्रित होती हैं। फलतः सम्पूर्ण यात्रा में अपेक्षाकृत अधिक समय लगता है। यदि देहरादून से मोहण्ड होते हुए सहारनपुर तक रेल लाईन जिसका कुछ भाग टनल के माध्यम से भी होगा, निर्मित कर दी जाती है तो नई दिल्ली एवं देहरादून के मध्य रेल द्वारा भी आवागमन अधिक त्वरित हो जायेगा। जिसके फलस्वरूप प्रदेश में पर्यटकों की आवाजाही सुविधाजनक होने के साथ-साथ व्यवसायिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में अपनायी जा रही टनल प्रणाली के समान ही देहरादून से सहारनपुर को मोहण्ड होते हुए रेलवे से जोड़ने हेतु टनल आधारित रेल लाईन परियोजना की संभाव्यता का परीक्षण कराकर परियोजना की स्वीकृति प्रदान की जाए।

रामनगर में 10062.02 लाख की विकास योजनाओं का हुआ लोकापर्ण व शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामनगर में 5904.68 लाख लागत की 14 विकास योजनाओं का लोकार्पण तथा 4157.34 लाख लागत की 02 योजनाओं का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर रामनगर में कार्बेट पार्क स्वागत कक्ष को आमडंडा में शिफ्ट करने की घोषणा की साथ ही उन्होंने रामनगर में एनएच मार्ग के दोनो ओर विद्युत लाईन को भूमिगत करने तथा रामनगर में प्राइवेट बसों हेतु सिंचाई विभाग की भूमि पर बस स्टेंट बनाने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिन योजनाओं का लोकार्पण किया उनमें रामनगर एवं बैलपडाव में वालपेंटिग एवं कल्चर पेंटिंग योजना हेतु कुल लागत 20.00 लाख, रामनगर के गांधीनगर मार्ग से ढैला बैराज व शमशानघाट तक मार्ग निर्माण लागत 94.23 लाख, रामनगर के आनन्दनगर पीपलपडाव मे जितेन्द्र के घर से चन्दन के घर तक निर्माण लागत 100.00 लाख, गांधीनगर शिवपुरी पुरानी बस्ती में जूनियर हाईस्कूल से मोहन प्रसाद के घर तक मार्ग निर्माण लागत 109.34 लाख, चन्द्रनगर मालधन चौड से शमशानघाट तक मार्ग निर्माण कार्य लागत 220.03 लाख, मालधन चौड मे ओमपाल चौधरी के घर से मुख्य मार्ग तक निर्माण कार्य लागत 80.15 लाख, ग्राम पंचायत गौतम नगर में भूपालराम के घर से चन्द्रनगर मुख्य मार्ग तक निर्माण कार्य लागत 48.29 लाख, रामनगर-हल्द्वानी -काठगोदाम -सितारगंज बिजटी मोटर मार्ग सतह निर्माण लागत 643.75 लाख, कालाढूगी के सरदार नगर-बाजपुर केशोवाला-बैलपडाव-कोटाबाग पुनः निर्माण कार्य लागत 2063.03 लाख, तुमडियाडाम में द्वितीय 60 मीटर स्पान निर्माण हेतु कार्य लागत 653.72, रामनगर में रिंग रोड का पुनः निर्माण कार्य लागत 751.14 लाख, नैनीताल-कालाढूगी-बाजपुर मोटर मार्ग सतह निर्माण कार्य लागत 378.81 लाख, रामनगर-कालाढूगी के नयांगाव से ढिकुली तक विद्युत लाइनों का सुदृढीकरण एवं लाइन शिफ्टिंग कार्य लागत 459.33 लाख तथा रामनगर मे रिंगरोड हाथीडंगर से मालधन ढेला तक पुनः निर्माण कार्य लागत 282.86 लाख की योजनायें शामिल हैं।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पुरानी तहसील में खाली पड़ी भूमि पर बहुमंजिला पार्किंग निर्माण लागत 1300.00 लाख एवं रामनगर में अन्तर्राज्जीय बस टर्मिनल का निर्माण कार्य लागत 2857.34 लाख की योजनाओं का शिलान्यास किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में आठ सालो में एक लाख करोड़ की योजनाओं का कार्य धरातल पर अवतरित किया गया जो दशकों से रूकी हुई थी उन योजनाओं पर स्वीकृति प्रदान की गई है। हल्द्वानी में जमरानी बांध की परियोजना पर अंतिम स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त हो चुकी है, जल्द ही इस योजना पर कार्य प्रारम्भ होगा। उन्होंने कहा उत्तराखण्ड का युवा एवं किसान विकास की मुख्यधारा की ओर अग्रसर हो रहे हैं, जिससे आने वाले वर्षाे में उत्तराखण्ड देश का अग्रणी राज्य में शुमार होगा। उन्होंने कहा विकास के कार्यों वर्तमान में गतिमान में यह कार्य रामनगर शहर के साथ ही उसके आसपास के क्षेत्रों के लोगों लिए कारगर सिद्ध हांगे।

उन्होंने कहा हम नकल अधिनियम का कानून लेकर आये इस कानून के लागू होने से नकल करने व कराने वालों पर कठोर सजा दी जायेगी, नकल करने व कराने वाले इस सम्बन्ध में सोच भी नही सकते हैं। उन्होने कहा परीक्षाओं को समयबद्ध तरीके से संपन्न करायेंगे। उन्होंने कि कहा सरकार अप्रैल माह में चार बडी परीक्षायें आयोजित करने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी परीक्षायें कैलेण्डर के अनुसार होगी। उन्होंने कहा हमारा लक्ष्य अन्त्योदय की सिद्वान्त पर कार्य करना है यानी कि समाज के अन्तिम छोर के व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुचाना है। राज्य में पर्यटन एवं रोजगार को बढावा देने के लिए सरकार कार्य कर रही है हमारा बजट रोजगार परक है, हम सरलीकरण, समाधान एवं निस्तारण मंत्र पर कार्य कर रहे है। जिससे उत्तराखण्ड देश का अग्रणी राज्य बन सके।

कार्यक्रम में विधायक दीवान सिंह बिष्ट, विधायक सल्ट महेश जीना, विधायक रानीखेत प्रमोद नैनवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, प्रमुख रेखा रावत, डॉ. अनिल कपूर डब्बू, राकेश नैनवाल, भुवन भट्ट ,नवीन भट्ट, आदित्य कोठारी, राजेन्द्र बिष्ट, लाखन निगलटिया, इन्द्र रावत, भगीरथ चौधरी, चंदन बिष्ट, रवि कुरिया के साथ ही आयुक्त दीपक रावत, डीआईजी नीलेश आनन्द भरणे, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, एसएसपी पंकज भट्ट आदि मौजूद थे।

दिव्यांग शब्द अपने आप में प्रेरणा का काम करता हैः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गौलापार स्थित दिव्यांग बच्चों के स्कूल ’नैब’ में जाकर बच्चों से मुलाकात की और उनको प्रोत्साहित किया। इस दौरान बच्चों ने भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को स्वागत गीत सुनाया। दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री ने नवरात्रि के मौके पर दिव्यांग बच्चों का कन्या पूजन किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शारीरिक रूप से अक्षम बच्चों को दिव्यांग का नाम दिया है, वह अपने आप में प्रेरणा का काम करता है। उन्होंने कहा कि सरकार दिव्यांग जनों के लिए कार्य कर रही है। इस संस्थान को आगे बढ़ाने के लिए और अवस्थापना सुविधा के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामनगर में हो रही चीफ साइंस एडवाइजर गोलमेज सम्मेलन को लेकर कहा कि ळ20 समिट के लिए पूरे देश भर में महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के बीच उत्तराखंड को तीन महत्वपूर्ण आयोजनों का अवसर मिला है। उनमें आज हो रहा गोलमेज सम्मेलन बेहद महत्वपूर्ण है उन्होंने कहा कि जिस तरह उत्तराखंड में विदेशी मेहमानों का पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत हुआ है। उत्तराखंड की इस समृद्ध संस्कृति को पूरे विश्व में पहुंचाने का काम करेंगे।

रामनगर में सीएम ने पहुंचकर किया पैदल निरीक्षण

उत्तराखण्ड के रामनगर में प्रथम जी-20 सम्मेलन के अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा क्षेत्र का भ्रमण किया गया। सीएम धामी के डिग्री कॉलेज रामनगर पहुंचने पर लोक सांस्कृतिक छोलिया दलों के साथ ही स्थानीय महिलाओं द्वारा कुमाऊॅनी परिधान में एकत्र हो कर फूलों की वर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया।
मुख्यमंत्री द्वारा डिग्री कालेज से पैदल ही मार्ग का निरीक्षण किया गया। मार्ग की दीवारों पर उत्तराखण्ड की संस्कृति को उकेरा गया है, उसे देखकर सीएम गौरवान्वित हुये। मुख्यमंत्री ने मार्ग की पेंटिंग को देखकर स्वयं फोटो खिचवाई। सीएम रामनगर की बदली तस्वीर देखकर प्रफुल्लित हुये। जी- 20 की मेजबानी के चलते मार्ग में जिन लोगों के अव्यवस्थित आवासीय भवन थे उनका सौंदर्यीकरण जिला प्रशासन द्वारा करने पर क्षेत्र के लोगों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया गया।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री द्वारा जीआईसी ढिकुली विद्यालय का लोकार्पण किया गया। जीआईसी ढिकुली स्कूल में सौन्दर्यीकरण एवं फर्नीचर की व्यवस्थायें उच्च कोटि के साथ सुसज्जित की गई है। सीएम धामी द्वारा विद्यालय की बाल वाटिका एवं झूलों का भी निरीक्षण किया गया।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री धामी ने ढिकुली गर्जिया मन्दिर पहुंचकर माता के दरबार में पूजा अर्चना की तथा प्रदेश में अमन एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। सीएम धामी ने गर्जिया मन्दिर के सौंदर्यीकरण हेतु प्रस्ताव सिंचाई विभाग को 15 अप्रैल तक देने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर विधायक दीवान सिंह बिष्ट, राकेश नैनवाल, इन्दर रावत, दिनेश मेहरा, चौहान चन्द्र इसके साथ ही जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, एसएसपी पंकज भट्ट, मुख्य अभियंता सिंचाई संजय शुक्ल, प्रभागीय वनाधिकारी कुंदन कुमार, एसडीओ पूनम के साथ ही गणमान्य एवं क्षेत्रीय जनता उपस्थित थी।

जी-20 की बैठक में शामिल होने को पहुंचे 17 देशों के 51 प्रतिनिधि

जी-20 सम्मेलन के अंतर्गत रामनगर (जनपद नैनीताल) में आयोजित होने वाली चीफ साइंटिफिक एडवाइजर्स की बैठक में भाग लेने के लिए 17 देशों के 51 प्रतिनिधि दोपहर 1ः30 बजे पंतनगर एयरपोर्ट पहुॅचें। जिसमें से 18 प्रतिनिधि भारत से, रसिया से 04, नाइजीरिया से 01, फ्रान्स से 02, इटली से 02, यूएसए से 02, कोरिया से 01, यूनाइटेड किंगडम से 05, जापान से 01, स्पेन से 01, साउथ अफ्रीका से 04, ऑस्ट्रेलिया से 01, नीदरलैण्ड से 01, कनाडा 02, सऊदी अरब से 03, ब्राजील से 01, चाईना से 02 से प्रतिनिधि पंतनगर एयरपोर्ट पहुॅचे। जबकि यूरोपियन संघ के 03 सदस्य रामनगर पहुॅचें।
मण्डलायुक्त दीपक रावत, आईजी नीलेश आनन्द भरणे तथा जिलाधिकारी युगल किशोर पन्त ने मेहमानों के पन्तनगर पहुॅचने पर स्वागत किया। इसके पश्चात कुमाऊॅनी परिधानों में सुशोभित सांस्कृतिक टीम द्वारा तिलक लगाकर, पहाड़ी टोपी, पटका, तुलसी माला पहनाकर स्वागत किया गया। सभी प्रतिनिधि पहाड़ी टोपी एवं कल्चर से अभिभूत एवं खुश नज़र आए। मेहमानो द्वारा पहाड़ी सांस्कृति आधारित छोलिया नृत्य एवं कार्यक्रम का भरपूर आनन्द लेते हुए, कुछ प्रतिनिधि इन लम्हों को अपने मोबाइल्स में कैद करते हुए एवं सेल्फी लेते हुए नज़र आए तो कुछ प्रतिनिधि कुमाऊनी संगीत की धुन पर नृत्य करने से खुद को नहीं रोक पाए और संगीत पर जमकर थिरके।
प्रतिनिधियों को स्थानीय उत्पादों से परिचित कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय उत्पाद पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें विभिन्न प्रकार के स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन किया गया।
प्रतिनिधियों के लंच की व्यवस्था स्थानीय होटल रेडीशन ब्लू में की गई थी, जिसमें पहाड़ी एवं स्थानीय व्यंजनों के साथ ही विभिन्न प्रकार के व्यंजनों की व्यवस्था की गई थी। अपराह्न 3ः30 बजे डेलीगेट्स ने रामनगर के लिए प्रस्थान किया।
इस दौरान मण्डलायुक्त दीपक रावत, आईजी नीलेश आनन्द भरणे, जिलाधिकारी युगल किशोर पन्त, एसएसपी मन्जूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी विशाल मिश्रा, प्रशिक्षु आईएएस अनामिका, प्रबन्ध निदेशक मण्डी आशीष भटगाई, अपर जिलाधिकारी जय भारत सिंह, उप जिलाधिकारी प्रत्यूष सिंह, तुषार सैनी, कौस्तुभ मिश्रा आदि उपस्थित थे।

जमरानी बांध परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में शामिल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मेहनत रंग लाती नजर आ रही है। जमरानी बांध परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में शामिल करने को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है।
प्रदेश की महत्वपूर्ण जमरानी बांध परियोजना को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (पी.आई.बी.) द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में शामिल करने के लिए स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री के अनुरोध पर पूर्व में जमरानी बांध परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत सम्मिलित करने की स्वीकृति जल शक्ति मंत्रालय द्वारा गठित स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में प्रदान की गई थी। अब वित्त मंत्रालय की पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड द्वारा इसे प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में शामिल करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

सरस आजीविका मेला का हुआ शुभारंभ, आप भी कीजिए विजिट…

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत के टनकपुर में आयोजित 10 दिवसीय सरस आजीविका मेला 2023 का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार एवं उत्तराखंड राज्य विकास ग्रामीण आजीविका मिशन ग्राम्य विकास विभाग उत्तराखंड के संयुक्त तत्वाधान में टनकपुर में आयोजित सरस मेला 2023 का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। शुभारंभ कार्यक्रम में नन्दा कॉवेन्ट स्कूल टनकपुर के बच्चों ने स्वागत गीत से सीएम का स्वागत किया। उसके बाद राजकीय बालिका इंटर कालेज, टनकपुर के बच्चों ने शानदार प्रस्तुति दी।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सरस आजीविका मेले में भारी संख्या में आय लोगों का हार्दिक स्वागत व अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि सरस आजीविका मेला अपने-आप में विशिष्ट है, क्योंकि इसका स्वरूप जहां एक ओर मेले जैसा है, वहीं यह व्यापारिक और स्वरोजगार के क्षेत्र में कार्य कर रहे युवाओं और महिलाओं को अपने कार्य का प्रदर्शन करने का एक मंच भी प्रदान करता है। प्रदेश का संपूर्ण विकास केवल तभी संभव है, जब प्रदेश का प्रत्येक नागरिक अपने-अपने दायित्वों का भली भांति निर्वहन करें। उन्होंने कहा की प्रदेश तभी आगे बढ़ सकता है जब लोग आगे बढ़े इसलिए इस बार गैरसैंण में प्रस्तुत सामान्य बजट को हर वर्ग के उत्थान के लिए रखा है, चाहे किसान हो, बागवानी करने वाला हो, स्वयं सहायता समूह के रूप में कार्य करने वाली महिलाएं हो, चाहे किसी भी क्षेत्र का व्यक्ति हो। इस प्रकार के आजीविका मेलों के माध्यम से जहां एक ओर स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित करने का मौका मिलता है वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा दिए गए “आत्मनिर्भर भारत“ मंत्र को भी मजबूती मिलती है। मेले के संचालन से जहां ग्रामीण उत्पादों के विपणन हेतु बाजार उपलब्ध होगा, वहीं देश-विदेश तक इन ग्रामीण उत्पादों के प्रचार प्रसार में सहायता भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि मेले हमारी एकता एवं संस्कृति को बनाये रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ ही व्यापारियों, कलाकारों, कारीगरों आदि को परस्पर अनुभवों के आदान-प्रदान में भी सहायता मिलती है। एक और जहां सरकार द्वारा उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा विभिन्न विभागों की जन कल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर समूहों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास एवं आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किये जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर अधिक से अधिक महिलाओं को अवसर प्रदान कर विकासात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी हेतु उन्हें प्रेरित व प्रोत्साहित भी किया जा रहा है, जिसके चलते विभिन्न विकासात्मक कार्यक्रमों में आज महिलाओं की सहभागिता भी बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि सरस मेले में भी महिला समूहों द्वारा विभिन्न स्टालों का संचालन व गुणवत्तापूर्ण उत्पादों का विपणन आर्थिक सशक्तता की ओर महिलाओं की रुचि को भी प्रदर्शित करता है। यहां उपस्थित महिला संगठनों की सक्रिय भागीदारी, स्थानीय उत्पादों से सजे उत्तराखण्ड राज्य के लगभग 100 से अधिक महिला समूहों के स्टालों का प्रदर्शन तथा महिलाओं का विपणन कौशल इस बात का संकेत है कि महिलाओं को प्रदेश की आर्थिकी से जोड़ने हेतु सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न योजनाएं कारगर साबित हो रही हैं। इस ओर और अधिक कार्य किये जाने की आवश्यकता है, जिससे भविष्य में प्रत्येक क्षेत्र में महिलायें स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बन सकें। सरकार द्वारा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों की व्यावसायिक गतिविधियों को गति देने, उनकी आर्थिक सशक्तता बढ़ाने व उन्हें स्थायित्व प्रदान करने के लिए उत्तराखण्ड राज्य के सभी 13 जनपदों के 95 विकासखण्डों में “ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना“ की शुरुआत की गयी है। इससे निश्चित ही स्वयं सहायता समूहों से जुड़े सदस्यों में व्यवसाय संचालन एवं विपणन कौशल के साथ साथ स्वावलंबन की भावना भी विकसित होगी और गरीब परिवार की आय में वृद्धि होगी। हमारे राज्य में 4 लाख 22 हजार परिवारों को संगठित कर 56 हजार 3 सौ 62 समूह तथा 5 हजार 7 सौ 18 ग्राम संगठन तैयार किये गये हैं। इन संगठनों को व्यवसायिक गतिविधियों से निरंतर जोड़े रखने के लिए 350 पंजीकृत सहकारिताओं का गठन किया गया है। जिनमें से आज यहां पर उत्तराखण्ड राज्य के सौ से अधिक तथा अन्य राज्यों के पैंतीस से अधिक स्वयं सहायता समूहों के हैंण्डी क्राफ्ट, हैण्डलूम, जैविक उत्पाद एवं स्थानीय व्यंजन आदि के स्टॉल प्रदर्शित किये गये हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारा देश हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। राज्य के लोगों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। ये प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व का ही कमाल है कि आज वैश्विक पटल पर हमारा देश विश्व को एक नई दिशा दिखाने का काम कर रहा है। प्रधानमंत्री का हमारी देवभूमि के प्रति विशेष लगाव रहा है और प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व से आज उत्तराखंड राज्य को जी-20 की तीन बैठके आयोजित करने का मौका मिला है, जिसकी प्रथम बैठक 28, 29 और 30 मार्च को रामनगर में होनी है।
प्रधानमंत्री के अनुरोध पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने 2023 को मिलेट वर्ष की संज्ञा दी है और यह हमारे लिए गर्व की बात है कि मिलेट मतलब मोटा अनाज जैसे मंडवा, झंगोरा जैसे आदि अनाजों की पारंपरिक खेती हमारे प्रदेश में होती है, इसे हम मिलेट अनाज ही नहीं पौष्टिक अनाज भी कह सकते है और मोटे अनाज को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए हम प्रयासरत हैं। हमारी सरकार हर क्षेत्र में लगातार अपने कर्तव्यों का पालन सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पलायन जैसी वृहद समस्या के निराकरण के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। युवाओं और महिलाओं को यदि रोजगार के सही अवसर अपने प्रदेश में ही मिलने लग जाएं तो वे अपनी जन्म भूमि को छोड़कर प्रदूषण से भरे हुए अन्य नगरों की ओर पलायन कभी नहीं करेंगे। प्रधानमंत्री जी ने जो हाल में जो “वोकल फॉर लोकल“ का नारा दिया है, उसे धरातल पर उतारने हेतु हमारी सरकार प्रतिबद्ध है और इस मेले में प्रदर्शित उत्पाद इसका प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा से इकोनॉमी विद इकोलॉजी की बात करता हूँ, इसके अंतर्गत हम प्रदेश के समुचित विकास के साथ ही यहां के प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। आपका यही सहयोग हमें दिन-रात मेहनत कर उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने विकल्प रहित संकल्प को पूर्ण करने की प्रेरणा देता है। मेरा मानना है कि एक समृद्धशाली उत्तराखंड के निर्माण के लिए यह आवश्यक है कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश में प्रत्येक स्थान पर निरंतर होते रहें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोकल उत्पादों को बढ़ावा/बाजार देने के लिए 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन अंतर्गत चंपावत नगर में हिमाद्री इंपोरियम केंद्र का जल्द निर्माण किए जाने, लोहाघाट में रामलीला मंदिर के समीप एक सांस्कृतिक मंच का निर्माण किए जाने, सरस मेले में विभिन्न संसाधनों हेतु विधायक निधि से 20 लाख रुपए देने की घोषणा की।

इस अवसर पर जनपद प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि आजीविका को मूल बिंदु रखते हुए आज इस मेले का आगाज हुआ है जिसकी सभी को बहुत बहुत बधाई। मेला सामाजिक एकता के प्रतीक ध्वजवाहक होते हैं। उन्होंने कहा कि यह मेला रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, नगर पंचायत अध्यक्ष बनबसा रेनू अग्रवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष निर्मल महरा, प्रदेश मंत्री भाजपा हेमा जोशी पूर्व दर्जा मंत्री हयात सिंह महरा, शिवराज सिंह, शंकर पांडेय, दीपक पाठक, हर्षवर्धन रावत,श्याम नारायण पांडेय, सतीश पांडे, प्रकाश तिवारी, दीपक रजवार, जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा, विभिन्न विभागीय अधिकारी गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि समेत भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन आरजे काव्य एवं हेमंत बिष्ट द्वारा किया गया।

मुख्यमंत्री ने की रामनगर में आयोजित होने वाली जी 20 बैठक की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में जी 20 बैठक की आयोजन व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने इस माह के अंत में रामनगर में होने वाली जी 20 की पहली बैठक की सभी आवश्यक व्यवस्थायें समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिये। आयोजन की व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की भी कोई कमी न रहे यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस सन्धु एवं शासन के उच्चाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयुक्त कुमाऊँ तथा जिला अधिकारी ऊधमसिंह नगर व नैनीताल भी बैठक से जुड़े रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जी 20 की राज्य में आयोजित होने वाली बैठकों से विश्व स्तर पर उत्तराखण्ड की पहचान बनने का अच्छा अवसर है। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को इस आयोजन की व्यवस्थाओं की समय से सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर्यटन एवं जैव विविधता से पूरे विश्व को परिचित कराने का भी यह अवसर है इसके लिये सभी स्तरों पर बेहतर व्यवस्थायें सुनिश्चित की जाये। जिलाधिकारी उधमसिंह नगर एवं नैनीताल को उन्होंने निर्देश दिये कि पंतनगर से रामनगर तक के सड़क मार्ग को सुव्यवस्थित किया जाय। सड़कों की मरम्मत के साथ मार्ग के आस पास के क्षेत्रों में सफाई, सुरक्षा एवं सौन्दर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाये।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का भी यह अच्छा अवसर है। यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि जिन उत्पादों को हम व्यापक स्तर पर वैश्विक पहचान दिला सकते हैं, उनकी विशिष्टता की पहचान कर ली जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि जी-20 की बैठकों में आयोजन स्थल पर उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों पर आधारित स्टॉल लगाये जाएं। उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाएं। आयोजन स्थल पर योग एवं पंचकर्म की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में होने वाले जी-20 की बैठक के बेहतर आयोजन के लिए राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के सुझाव भी लिया जाये। इस संबंध में व्यापक जन जागरूकता के प्रचार पर भी उन्होंने बल दिया।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु, सचिव शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, दीपेन्द्र कुमार चौधरी, विनोद कुमार सुमन, डॉ. इकबाल अहमद, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी तथा वन, स्वास्थ्य एवं पुलिस के उच्चाधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, जिलाधिकारी ऊधम सिंह नगर युगल किशोर पंत, जिलाधिकारी नैनीताल धीराज सिंह गर्बियाल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने टनकपुर में ली हॉट एयर बैलून एवं पैरामोटर के संबंध में विशेषज्ञों से जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने टनकपुर पूर्णागिरि भ्रमण के दौरान किरोड़ा नाला, टनकपुर में पूर्णागिरि मेले के दौरान आयोजित हॉट एयर बैलून एवं पैरा मोटर एडवेंचर एक्टिविटीज का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हॉट एयर बैलून एवं पैरामोटर के संबंध में विशेषज्ञों से जानकारी ली। उन्होंने जिला अधिकारी चंपावत को निर्देशित करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियों को जिले के अन्य जगहों पर भी शुरू किया जाए। उन्होंने कहा जिले के अन्य स्थान जहां भी हॉट एयर बैलून एवं पैरामोटर स्पोर्ट्स को शुरू किया जा सकता है उन स्थानों को भी चिह्नित कर विकसित किया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हॉट एयर बैलून एवं पैरामोटर एडवेंचर एक्टिविटीज से क्षेत्र के युवाओं को भी जोड़ा जाए ताकि अधिक से अधिक युवा साहसिक गतिविधियों से जुड़ सकें और इस क्षेत्र में अपना स्वरोजगार अपना सकें। उन्होंने कहा इससे स्थानीय लोगों को भी अधिक से अधिक रोजगार मिलेगा।

इस दौरान स्थानीय महिलाओं आदि ने क्षेत्र में साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा, अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, भाजपा जिला अध्यक्ष निर्मल महरा, प्रदेश मंत्री भाजपा हेमा जोशी, जिला अधिकारी नरेंद्र भंडारी, पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

राफ्टिंग के क्षेत्र में देश विदेश के नक्शे में आए टनकपुरः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर में टनकपुर-जौलजीबी रोड स्थित चरण मंदिर से बूम तक महाकाली नदी (शारदा नदी) में लगभग 11 कि.मी. राफ्टिंग की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महाकाली नदी एवं टनकपुर क्षेत्र भारत के साथ ही पूरे विश्व के नक्शे में आए इसके लिए राज्य सरकार लगातार कार्यरत है। उन्होंने कहा साहसिक खेल को बढ़ावा देकर हम इस क्षेत्र को एक नई पहचान दिलवाना चाहते हैं। आगामी सितंबर माह में महाकाली नदी में नेशनल राफ्टिंग प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। जिसमें विभिन्न राज्य के प्रतिभागी भाग लेंगे। इस हेतु 50 लाख की धनराशि जारी की गई है। उन्होंने कहा राज्य सरकार के नए उत्तराखंड के संकल्प में साहसिक पर्यटन प्राथमिकता है। इसे बढ़ावा देने के लिए राज्य के विभिन्न स्थानों पर कई कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में टनकपुर क्षेत्र को भी राफ्टिंग से जोड़ने के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मां पूर्णागिरि मंदिर में आने वाले श्रद्धालु तीर्थ यात्रा के साथ साहसिक गतिविधियों का भी आनंद लेंगे। इससे स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिलेगा। जिससे जिले एवं राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। उन्होंने कहा पूर्णागिरि मेले में आने वाले श्रद्धालु चंपावत एवं अन्य जिलों के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंचे उस पर भी कार्य किया जा रहा है।

इस दौरान सांसद अजय टम्टा जिलाधिकारी नरेंद्र भंडारी, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।