सीएम बोले सरकार ने जो वायदे जनता से किए अधिकांश पूरे हुए, शेष पर तेजी से हो रहा कार्य

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पिथौरागढ़ के विकास कार्य के लिए 112 करोड़ 47 लाख 11 हजार की लागत के 27 विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया। जिसमें 32 करोड़, 30 लाख, 63 हजार रूपये की लागत से निर्मित 15 योजनाओं का लोकार्पण एवं 80 करोड़, 16 लाख, 48 हजार रूपये की लागत की कुल 12 विकास कार्यों का शिलान्यास शामिल है।

देवसिंह मैदान में स्थित नवनिर्मित बहुमंजिला कार पार्किंग के लोकार्पण कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के आज साढ़े तीन साल पूर्ण हो रहे हैं। सरकार द्वारा इन साढ़े तीन सालों में राज्य के विकास हेतु जो वादे किये गये थे उनमें से अधिकांश पूर्ण कर लिये गये हैं। शेष विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने हेतु कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। सरकार द्वारा राज्य में इन्वेस्टर समिट का आयोजन कर पहाड़ों के लिए 40 हजार करोड़ के एमओयू साइन किये गये। इनमें से अनेक होटल व्यवसाय के क्षेत्र में भी कार्य हुए जिनसे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिला है जिसका सीधा लाभ स्थानीय जनता को मिल रहा है। वर्तमान में सरकार द्वारा स्वरोजगार को बढ़ाये जाने हेतु विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कार्य कराये जा रहे हैं जिसमें से 800 करोड़ की सोलर फार्मिंग का कार्य प्रारम्भ हो गया है।

25 हजार बंदरों के लिए 04 बंदरबाड़े बनाए जा रहे
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि स्वरोजगार के क्षेत्र में राज्य में 10 हजार नौजवानों को मोटर बाईक टैक्सी दी जा रही है, इसके अतिरिक्त कैंपा के तहत 40 हजार लोगों को प्रत्येक गांव में ही कार्य उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों एवं काश्तकारों को बन्दरों से होने वाले नुकसान को रोके जाने हेतु सरकार द्वारा प्रदेश में 25 हजार बन्दरों की क्षमता वाले 04 बन्दरबाडे बनाये जा रहे हैं जिसका शिलान्यास आगामी 09 नवम्बर 2020 को किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में समय-समय पर सरकारी विभागों में नौकरी हेतु भर्तियां की गयी, वर्ष 2017 में राज्य में 1084 चिकित्सक तैनात थे जो आज 2500 तक हो गये हैं। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से शीघ्र ही 4 हजार नयी भर्तियां की जायेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य की कुल 86 प्रतिशत साक्षरता दर है इससे शत प्रतिशत करने के लिये एक पढ़े, एक को पढ़ायें के तहत राज्य की निरक्षरता को दूर कर उत्तराखंड को निरक्षरता से दूर किया जा सकता है।

आपदा प्रभावितों की पुनर्वास की व्यवस्था करेगी राज्य सरकारः त्रिवेंद्र

सीएम त्रिवेन्द्र सिंह पिथौरागढ़ जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्र तहसील बंगापानी के राजकीय इंटर कालेज बरम में आपदा प्रभावितों के लिए बनाए गए राहत शिविर में पहुंचे। यहां उन्होंने निरीक्षण के बाद आपदा प्रभावितों की समस्याएं सुनी। उन्होंने आपदा की घटना में मृतकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुःख की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने शिविर में आपदा प्रभावितों को प्रशासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आपदाग्रस्त परिवारों की परिस्थिति उनके कष्ट वह समझ सकते हैं, जो भी प्रभावित हैं, जांच के उपरांत उनकी सुविधा अनुसार उनके पुनर्वास की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाएगी। जिलाधिकारी पिथौरागढ़ द्वारा इस हेतु प्रस्ताव भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में विस्थापन की नीति नहीं थी अब पुनर्वास हेतु सरकार द्वारा नीति बना दी गई है। इन 2 वर्षों में 350 परिवारों को विस्थापन करने का कार्य भी किया गया। नीति बनने के उपरांत कार्य करने में सुविधा भी मिलेगी। इस दौरान उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित व्यक्ति को रोजगार से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों को मानकों के अनुरूप पूरी मुआवजा राशि दी जाएगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास हेतु विभिन्न घोषणाऐं भी की। जिसमें दारमा घाटी में विभिन्न सड़कों का निर्माण, नगर पालिका धारचूला क्षेत्रान्तर्गत तट बंध निर्माण के 2 करोड़ 50 लाख, सीमांत क्षेत्र की तीनों घाटियों व्यास, दारमा व चैदास में 5 मोबाइल टावर जो भी कंपनी स्थापित करेगी उसे राज्य सरकार 40 लाख रुपये वहन करेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान तक क्षेत्र में लगभग 300 सेटेलाइट फोन भी बांटे गए हैं। उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज धारचूला का नाम दानवीर जसुली शोकयानी दताल के नाम रखने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त धारचूला घट काली नदी में सुरक्षा दीवार निर्माण कर बाईपास सड़क का निर्माण, खोतिला के गाँव के लिए स्लाइडिंग एरिया में सुरंग का निर्माण या अन्य विकल्पों से रास्ता निर्माण किया जाएगा।इसके अतिरिक्त धारचूला मिनी स्टेडियम में पर्वतारोहण हेतु दीवार का निर्माण, मुख्यमंत्री सड़क योजना से 28 करोड़ रुपये से सड़कों का निर्माण, नप्लचु से रोंगकांग तक सड़क का निर्माण व सामुदायिक मंच का निर्माण, तवाघाट-लिपुलेख सड़क निर्माण पूर्ण होने के उपरांत गुंजी में टैक्सी स्टैंड का निर्माण किए जाने की घोषणा, ग्राम सभा नाबि के मंदिर का सौंदर्यीकरण, दांतु, गो, फिलम मोटर मार्ग का निर्माण, तिदांग से सीपू तक मोटर मार्ग का निर्माण आदि घोषणाएं की।

भ्रमण के दौरान उत्तराखंड संविदा श्रम सलाहकार बोर्ड के माननीय अध्यक्ष शमशेर सत्याल, जिलाधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदण्डे, पुलिस अधीक्षक प्रीति प्रियदर्शिनी आदि उपस्थित रहे।

शिक्षामंत्री ने निर्देश देकर स्कूलों को बंद ही रखने को कहा

21 सिंतबर से उत्तराखंड में स्कूल न खोलने का राज्य सरकार ने निर्णय लिया है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने इस मामले में निर्देश दिए हैं। बता दें कि 21 सिंतबर से 50 प्रतिशत स्टाफ स्कूल आने और कंटेनमेंट जोन से बाहर के स्कूलों में कक्षा नौ से 12 तक के बच्चों को स्कूल आने की इजाजत दी गई थीं। मगर, इस संबंध में अभिभावकों की लिखित अनुमति अनिवार्य रखी गई थी। मगर, राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण को भांपते हुए प्रदेश में स्कूल बंद ही रखने का ऐलान किया है।

विदित है कि प्रदेश में पाॅजीटिव मरीजों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है। वर्तमान में 33 हजार के पार इसके मरीज हो गए है। वहीं, एक्टिव केस 10374 के करीब है।

एयर मार्शल ने मुख्यमंत्री से किया चैखुटिया में एयरपोर्ट के लिए भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से एयर मार्शल राजेश कुमार एवीएसएम वीएम एडीसी एओसी-इन-सी, सेंट्रल एयर कमांड आईएएफ ने मुलाकात की। उन्होंने सामरिक महत्व के दृष्टिगत उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में एयर फोर्स की गतिविधियों के क्रियान्वयन हेतु एयर डिफेन्स राडार तथा एडवांस लैंडिंग ग्राउंड की स्थापना आदि हेतु भूमि की व्यवस्था के संबंध में मुख्यमंत्री से वार्ता की।

मुख्यमंत्री ने एयर मार्शल की अपेक्षानुसार उत्तराखण्ड में एयरफोर्स की गतिविधियों के संचालन हेतु भूमि की उपलब्धता के लिये एयर फोर्स एवं शासन स्तर पर नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिये। ये अधिकारी संयुक्त रूप से आवश्यकतानुसार भूमि चिन्हीकरण आदि के संबंध में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सैनिक बाहुल्य प्रदेश है सेना को सम्मान देना यहां के निवासियों की परम्परा रही है। सैन्य गतिविधियों के लिये भूमि की उपलब्धता के लिये राज्य वासियों का सदैव सहयोगात्मक रवैया रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंतनगर एयर पोर्ट को ग्रीन फील्ड एयर पोर्ट तथा जौलीग्रांट को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से युक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी चैखुटिया में एयर पोर्ट के निर्माण हेतु सैन्य अधिकारियों द्वारा इस स्थान को उपयुक्त बताया गया था। उन्होंने कहा कि राज्य में एयर फोर्स को उसकी गतिविधियों के संचालन हेतु भूमि की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जायेगी।

एयर मार्शल राजेश कुमार एवीएसएम वीएम एडीसी एओसी-इन-सी, सेंट्रल एयर कमांड आईएएफ ने मुख्यमंत्री से पंतनगर, जौलीग्रान्ट तथा पिथौरागढ़ हवाई अड्डे के विस्तार के साथ ही चैखुटिया में एयर पोर्ट हेतु भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि देश के उत्तर पूर्व क्षेत्र की भांति, उत्तराखण्ड के जनपद चमोली, पिथौरागढ़ तथा उत्तरकाशी क्षेत्र में राडार की स्थापना हेतु भूमि की उपलब्धता होने से सुविधा रहेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में उत्तराखण्ड जैसे सीमांत क्षेत्र में उपयुक्त स्थलों पर राडार एवं एयर स्ट्रिप की सुविधा जरूरी है। उन्होंने उत्तराखण्ड में एयर फोर्स की गतिविधियों के लिये दिये जा रहे सहयोग के लिये मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

काशीपुर में सामूहिक दुष्कर्म का मामला, पुलिस ने तत्परता दिखाकर आरोपियों को किया अरेस्ट

काशीपुर कोतवाली क्षेत्र में एक भाई ने तहरीर देकर बताया कि उनकी नाबालिग बहन के साथ तीन लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया है। पुलिस ने मामले को गंभीर पाते हुए नामजद आरोपियों को अरेस्ट कर लिया है। तहरीर में बताया गया कि सोमवार शाम को उनकी नाबालिग बहन को गोपीपुरा गांव का सत्येंद्र नामक युवक बहला-फुसला कर ले गया।

आगे उसके दो साथी सोनू और मुकुल कुमार मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि तीनों ने नाबालिग के साथ दुराचार किया। बताया कि नाबालिग किसी तरह भागकर देर रात्रि घर पहुंची। पुलिस ने पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया। एसआई सीमा कोहली ने पीड़िता के बयान लिए और उसे लेकर घटना स्थल का निरीक्षण किया। फिर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म की धारा बढ़ा दी। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल भी कराया। बताया जा रहा है कि पीड़िता ने इस साल कक्षा-8 की परीक्षा पास की थी। एसएसआई सतीश चंद्र कापड़ी ने बताया, आरोपियों को जेल भेज दिया है।

द्वारहाट विधायक की पत्नी ने थाने में दी एक ओर तहरीर, अल्मोड़ा की महिला पर लगाया धमकाने का आरोप

भाजपा विधायक महेश नेगी पत्नी रीता नेगी ने नेहरू काॅलोनी थाने में सोमवार को एक ओर तहरीर दी। बताया कि अल्मोड़ा की महिला उनके गवाह को धमका रही है। उन्होंने कार्रवाई की मांग की। इस पर पुलिस ने जांच भी शुरू कर दी है।

नेहरू कालोनी थाने में 13 अगस्त को भाजपा विधायक महेश नेगी की पत्नी रीता नेगी ने अल्मोड़ा की एक महिला और उसके परिजनों पर ब्लैकमेलिंग का मुकदमा दर्ज कराया था। महिला ने भी विधायक पर आरोप लगाए थे।

विधायक की पत्नी रीता नेगी नेहरू कालोनी थाने में थाना प्रभारी राकेश गुसाईं से मिली। तहरीर देकर उन्होंने बताया कि उक्त महिला उनके गवाह को फोन कर धमकियां दे रही है और परेशान किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस को मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया है। पुलिस अब मामले की जांच में भी जुट गई है।

देहरादून के नेहरू काॅलोनी थाने में द्वारहाट विधायक और पत्नी पर मुकदमा दर्ज

उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के द्वारहाट विधायक महेश नेगी और उनकी पत्नी रीता नेगी के खिलाफ न्यायालय के आदेश के बाद मुकदमा दर्ज हो गया है। देहरादून के नेहरू काॅलोनी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। विधायक पर दुष्कर्म करने और उनकी पत्नी पर जान से मारने की धमकी और मामले को दबाने का आरोप लगा है।

बीते शनिवार को एसीजेएम पंचम की कोर्ट ने विधायक पर दुष्कर्म और रीता नेगी पर अनैतिक कार्य करते हुए मामले को दबाने के आरोप में अविलंब मुकदमा दर्ज करने को कहा था। बता दें कि पिछले महीने विधायक की पत्नी ने महिला के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया गया है कि महिला विधायक से संबंध होने की बात करके उनसे पांच करोड़ रुपये मांग रही है।

महिला ने अपनी बच्ची को भी विधायक की ही बताया था और बच्ची का डीएनए विधायक से मैच कराने की मांग की थी। मामले में राज्य महिला आयोग और बाल आयोग ने पुलिस को अपनी रिपोर्ट देने को कहा था।

राष्ट्रपति पुरस्कार हासिल करना प्रत्येक शिक्षक का होता है सपना

शिक्षक दिवस पर उत्तराखंड की एक महिला सहित दो शिक्षकों को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसमें महिला शिक्षिका सुधा पैंयूली को देहरादून और पुरूष शिक्षक डा. केवलानंद कांडपाल को बागेश्वर में जिलाधिकारी ने पुरस्कार दिया।

शिक्षक दिवस पर कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रपति पुरस्कार हासिल करना प्रत्येक शिक्षक का सपना होता है। देहरादून से प्रत्येक वर्ष राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए शिक्षक चुने जाते हैं, यह वाकई में बड़ी उपलब्धि है। 

बता दें कि सुधा पैन्यूली 30 वर्षों से शिक्षा विभाग में शिक्षिका के रूप में अपनी सेवा दे रही हैं। वर्तमान में वह कालसी ब्लाक स्थित एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल में उप प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत हैं।

वहंी, राजकीय हाईस्कूल पुड़कुनी (कपकोट) के प्रधानाचार्य डॉ. केवलानंद कांडपाल को डीएम विनीत कुमार ने मेडल और प्रशस्ति पत्र दिया। डीएम विनीत कुमार ने कहा कि हमें ऐसे शिक्षकों की जरूरत है, जो विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए कार्य करें। उन्होंने डॉ. कांडपाल प्रेरणा लेने की अपील की।

हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने दर्ज किया पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा

ऊधमसिंहनगर पुलिस के एक चैकी प्रभारी व उनकी टीम पर ढाबा संचालक को चरस के मुकदमे में झूठा फंसाने के आरोप में सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि चैकी प्रभारी, तीन सिपाहियों और दो एसपीओ ढाबे पर पहुंचे और संचालक से मारपीट की। इसके बाद उसके पास से चरस बरामद दिखाई। संचालक ने जब हाईकोर्ट की शरण ली तो सारी कहानी की पोल खुलनी शुरु हुई।
मामला केलाखेड़ा थाना की बेरिया दौलत पुलिस चैकी क्षेत्र का है। यहां हाईवे के पास अनिल शर्मा का पंडित ढाबा है। गत 28 जुलाई की शाम को वहां पर चार-पांच पुलिसकर्मी आए और कर्मचारियों से मारपीट करने लगे। एक कर्मचारियों का फोन भी छीन लिया और अपने मालिक को बुलाने को कहा। ढाबे पर मौजूद मालिक से भी उन्होंने मारपीट की। इसके बाद कर्मचारी को गाड़ी में बैठाकर ले गए और उसके पास से चरस बरामद दिखाई। लेकिन, यह सारी घटना ढाबे पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। 
पुलिसकर्मियों की चालाकी यहीं नहीं रुकी। अगले दिन दो पुलिसकर्मी ढाबे पर आए और सीसीटीवी फुटेज को डिलीट कर दिया। साथ ही किसी को न बताने की धमकी भी दे गए। इसके बाद अनिल शर्मा ने गत सात अगस्त को इस मामले में हाईकोर्ट में रिट दायर की। हाईकोर्ट के संज्ञान में जब यह मामला आया तो उन्होंने एसएसपी ऊधमसिंह नगर से रिपोर्ट मांगी। इस मामले में एसएसपी ने केलाखेड़ा एसओ को लाइन हाजिर और चैकी प्रभारी व तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। पूरे प्रकरण में सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सर्विलांस समेत अन्य साक्ष्य भी पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे थे।
अनिल शर्मा ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने 18 अगस्त को प्राथमिक जानकारी को दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इसके अगले ही दिन हाईकोर्ट ने इस मामले में सीबीआई को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। सीबीआई देहरादून शाखा ने चैकी प्रभारी बेरिया दौलत प्रकाश चंद टम्टा, सिपाही त्रिभुवन सिंह, चंदन सिंह बिष्ट, हरीश गिरी और स्पेशल पुलिस अफसर (कोरोना काल में जनता के बीच से बनाए गए थे) परवेज अहमद व राजवंत सिंह के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुकदमे की जांच इंस्पेक्टर हरीश सिंह कर रहे हैं। 

आईपीसी की धाराएं जिन पर मुकदमा हुआ है दर्ज
120बी-आपराधिक षडयंत्र रचना 
166- लोकसेवक रहते कानून की अवज्ञा करते हुए किसी को चोट पहुंचाना 
167-अशुद्ध दस्तावेज रचना
193- कोर्ट में झूठे साक्ष्य पेश करना। 
201- साक्ष्य छुपाना या मिटाना 
211- किसी को नुकसान पहुंचाने की नियत से झूठा आरोप लगाना। 
220-निर्दोष व्यक्ति को जबरन रोककर रखना। 
323- मारपीट करना। 
342- गलत तरीके से किसी भी व्यक्ति को रोककर रखना। 
348-ज 465-जालसाजी।

गलत ग्रुप का ब्लड चढ़ने से गर्भवती महिला की हालत बिगड़ी

ऊधमसिंह नगर में लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। सरकारी अस्पताल की महिला लैब टेक्नीशियन ने गर्भवती का ब्लड ग्रुप गलत बताया और निजी अस्पताल ने भी ब्लड ग्रुप की बगैर जांच किए बिना महिला को ब्लड चढ़ा दिया। परिजनों का आरोप है कि गलत ग्रुप का ब्लड चढ़ने से महिला की हालत बिगड़ गई। 
ग्राम गढ़ी हुसैन निवासी अजय कुमार ने विधायक आदेश चैहान को दिए पत्र में बताया कि उसकी पत्नी सविता रानी गर्भवती थी। प्रसव के लिए उसके गांव की आशा कार्यकर्ता ने सरकारी अस्पताल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मातृ एवं बाल सुरक्षा कार्ड बनवाया था। उसने बताया कि ब्लड ग्रुप चेक करने वाली लैब तकनीशियन ने उसकी पत्नी के कार्ड पर उसका ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव लिख दिया, जबकि उसका ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव है। 5 मई 2020 को सरिता को ग्राम पंचायत की आशा कार्यकर्ता सरकारी अस्पताल साथ लेकर आई थी। महिला डॉक्टर से बात करने के बाद आशा कार्यकर्ता ने उसके शरीर में ब्लड की कमी बताकर प्रसव न होने की जानकारी दी।
उसके बाद वह सरिता को नगर के एक निजी अस्पताल में ले गया। अस्पताल की महिला डॉक्टर ने ब्लड मंगवाकर चढ़ा दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। वह पत्नी को पीएचसी पतरामपुर ले गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उसे रेफर कर दिया। वह अपनी पत्नी को लेकर मुरादाबाद पहुंचा। वहां एक निजी अस्पताल में जांच कराने पर ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव पाया गया। गलत ग्रुप का खून चढ़ने से उसकी पत्नी की हालत बिगड़ी है। उसने बताया कि घर बेचकर उसे पत्नी का इलाज कराना पड़ा। इस शिकायती पत्र को पढ़ने के बाद विधायक आदेश चैहान ने सरकारी अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों को जमकर खरी-खोटी सुनाई और घटना की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। वहां पर एसडीएम सुंदर सिंह भी मौजूद रहे।