बागेश्वर के ग्रामीण क्षेत्रों पर आधारित रिर्पोट का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग की बैठक आयोजित हुई। आयोग में सदस्यों की नियुक्ति के पश्चात आयोग की यह पहली बैठक रही जिसमें उपाध्यक्ष सहित सभी नामित सदस्य एवं उच्चाधिकारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद बागेश्वर के ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक व आर्थिक विकास को सुदृढ़ करने एवं पलायन को कम करने हेतु आयोग द्वारा की गई सिफारिशों से सम्बन्धित पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि पलायन आयोग द्वारा पलायन के मूल कारणों से सम्बन्धित दी गई प्राराम्भिक रिपोर्ट से ही स्पष्ट था कि राज्य से पलायन मुख्यतः शिक्षा व स्वास्थ्य की बेहतर सुविधा एवं रोजगार की कमी रही है। उन्होंन कहा कि आयोग के सुझावो पर राज्य सरकार द्वारा नीतिगत निर्णय लिये जा रहे है। उन्होंने कहा कि आयोग को वर्किंग एजेन्सी के रूप में नहीं अपितु राज्य से पलायन रोकने तथा ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक व आर्थिक विकास के लिये थिंकटेक के रूप में कार्य करना होगा। आयोग के सदस्यों को ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न स्तरों पर कार्य करने का अनुभव है। उनके अनुभव राज्य के समग्र विकास में उपयोगी होंगे इसका उन्होंने विश्वास जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोविड-19 से पूर्व ही मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, सोलर स्वरोजगार योजना तथा ग्रोथ सेन्टरों की स्थापना, एलईडी योजना का कार्य गतिमान रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक विकास एवं स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के साधन उपलब्ध करना इसका उद्देश्य था। सीमान्त क्षेत्रों के समग्र विकास के लिये मुख्यमंत्री सीमान्त सुरक्षा निधि की व्यवस्था की गई है। स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की सरकारी खरीद के लिये 5 लाख तक की सीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा यूनीफार्म आपूर्ति के क्षेत्र में भी कार्य किया जा रहा है, पर्वतीय क्षेत्रों में इसे और विस्तार दिये जाने की जरूरत है। इनमें आत्मविश्वास जगाने की भी उन्होंने जरूरत बतायी। मुख्यमंत्री ने अच्छी शिक्षा व्यवस्था के लिये भी सदस्यों से सुझाव देने को कहा। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों के कारगर ढ़ंग से उपयोग की दिशा में पहल की गई है। चीड़ से बिजली व पेलेटस बनाये जा रहे है। एलईडी निर्माण में 15 संस्थाये कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने राज्य में स्वयं का रोजगार खड़ा कर समाज को प्रेरणा देने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करने पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने क्षेत्रीय स्तर पर युवाओं को तकनीकि प्रशिक्षण आदि की व्यवस्था पर भी ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री ने ग्रोथ सेन्टरों में क्रेडिट कार्ड योजना आरम्भ किये जाने की भी बात कही।
बैठक में उपाध्यक्ष, ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग डॉ0 एस0एस0नेगी ने बताया कि आयोग द्वारा अब तक राज्य के पर्वतीय जनपदों, ईको टूरिज्म, ग्राम्य विकास एवं कोविड-19 के प्रकोप के दौरान राज्य में लौटे प्रवासियों एवं उनके पुनर्वास पर आधारित 11 सिफारिशे प्रस्तुत की जा चुकी है।
बागेश्वर के ग्रामीण क्षेत्रों पर आधारित रिपोर्ट के सम्बन्ध में डॉ. नेगी ने बताया कि जनगणना वर्ष 2011 के अनुसार जनपद बागेश्वर की जनसंख्या 2,59,898 है, इनमें 1,24,326 पुरूष तथा 1,35,572 महिलाएं है। पिछले 10 वर्षों में 346 ग्राम पंचायतों से कुल 23,388 व्यक्तियों द्वार अस्थायी रूप से पलायन किया गया है। पिछले 10 वर्षों में 195 ग्राम पंचायतों से 5912 व्यक्तियों द्वार पूर्णरूप से स्थायी पलायन किया गया है। आंकड़े दर्शाते है कि जनपद के सभी विकासखण्डों में स्थायी पलायन की तुलना में अस्थायी पलायन अधिक हुआ है। जनपद की प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2016-17 के लिए अनन्तिम रूप से 1,00,117 रूपये है।
आयोग द्वारा जनपद हेतु जो सिफारिशें रखी हैं उनमें प्रमुख रूप से पशुधन की गुणवत्ता में सुधार लाने एवं कृत्रिम गर्भाधान केन्द्रों की संख्या बढ़ाना, दुग्ध उत्पादन एवं दुग्ध उत्पादकों की उपज हेतु पनीर, घी आदि बनाने का प्रशिक्षण दिये जाने, दुग्ध समितियों की सक्रियता बढ़ाने एवं दुग्ध प्रसंस्करण केन्द्र खोले जाने। होम स्टे की संख्या बढ़ाये जाने, इकोटूरिज्म गतिविधियों को पर्यटक स्थलों के रूप में विकसित किए जाने, पर्यटन से जुड़े कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ाए जाने, क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं उद्यमिता विकास कार्यक्रम आयोजित किये जाने, मनरेगा में समान अवसर और भागीदारी सुनिश्चित करके महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बनाए रखना, फसलों को बंदरों और जंगली सूअरों जैसे जानवरों से नुकसान से बचाव हेतु वन विभाग की सहायता से बन्दरबाड़ो, सोलर पावर फैन्सिंग का निर्माण कराये जाना, ग्राम पंचायतों में नर्सरियों बनाये जाना तथा औषधीय एवं सुगंधित पौंधों की कृषि को महत्वपूर्ण आजीविका उत्पादन गतिविधियों में विकसित किए जाना, जनपद में जड़ी-बूटी की खेती एवं कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जाना, जनपद में चाय के क्षेत्रफल को बढ़ावा दिया जाना, जनपद में बागवानी के क्षेत्रों को बढ़ाये जाना शामिल है।
इस अवसर पर आयोग के सदस्यों रामप्रकाश पैन्यूली, सुरेश सुयाल, दिनेश रावत घण्डियाल, अनिल सिंह शाही एवं वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से रूद्रप्रयाग से रंजना रावत ने अपने सुझाव रखे।
अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार ने आयोग की सिफारिशों पर की जा रही कार्यवाही की जानकारी दी। आयोग के सदस्य सचिव रोशन लाल एवं अन्य अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

एम्स में नौ माह का शिशु का सिकुड़ा हार्ट सर्जरी के जरिए हुआ सही

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में कॉर्डियो थोरेसिक सर्जरी विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उधमसिंहनगर निवासी एक 9 महीने के शिशु के सिकुड़े हुए हार्ट की सफलतापूर्वक सर्जरी को अंजाम दिया है। एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने इस उपलब्धि के लिए चिकित्सकीय टीम की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि पीडियाट्रिक कॉर्डियक सर्जरी एक टीम वर्क है। जिसमें बच्चों के दिल के विशेषज्ञ, पीडियाट्रिक सीटीवीएस सर्जन व कॉर्डियक एनेस्थिटिस्ट के अलावा पीडियाट्रिक कॉर्डियोलॉजिस्ट, कॉर्डियक रेडियोलॉजिस्ट, नर्सिंग आदि की अहम भूमिका होती है। निदेशक प्रो. रविकांत ने बताया कि एम्स ऋषिकेश बच्चों के हृदय संबंधी बीमारियों के इलाज का विशेष ध्यान रखते हुए ​भविष्य में हृदय संबंधी सभी गंभीर बीमारियों के समुचित उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने को प्रयासरत है। जिससे कि मरीजों को हृदय से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए उत्तराखंड से बाहर के चिकित्सालयों में परेशान नहीं होना पड़े।
चिकित्सकों के अनुसार उधमसिंहनगर निवासी 9 महीने के शिशु को बचपन से ही दूध पीने में कठिनाई होती थी। जांच के बाद पता चला कि उसके हार्ट के वाल्ब में जन्म से सिकुड़न है एवं एक पीडीए नामक धमनी जिसे जन्म के बाद बंद होना चाहिए मगर वह नहीं हुई थी। इससे बच्चे के दिल पर अधिक दबाव बन रहा था एवं बच्चे का वजन नहीं बढ़ पा रहा था। इस बच्चे का वजन मात्र 5 किलोग्राम था, उसे दूध पीते वक्त माथे पर पसीना आता था और दूध रुक रुक कर पाता था, जो कि बच्चों में हार्ट फेलियर के लक्षण है। उन्होंने बताया ​कि बच्चे की पहली जांच हल्द्वानी में हुई थी जहां से उसे एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया था।

आवश्यक परीक्षण एवं जांच के उपरांत बच्चे की धमनी का संस्थान के पीडियाट्रिक सीटीवीएस विभाग के चिकित्सकों की टीम ने डा. अनीश गुप्ता के नेतृत्व में सफलतापूर्वक किया। चिकित्सक के अनुसार सर्जरी के बाद उसके वाल्ब की दिक्कत काफी हद तक कम हो गई है तथा शिशु की हालत में लगातार सुधार हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया ​कि भविष्य में बच्चे के वाल्ब का आपरेशन किए जाने की संभावना है। ऑपरेशन के बाद शिशु को आईसीयू में डा. अजय मिश्रा की देखरेख में रखा गया व इसके बाद उसे डा. यश श्रीवास्तव की निगरानी में शिफ्ट किया गया।

एम्स का अनुरोध, बच्चों में निम्न लक्षण होने पर पीडियाट्रिक कॉर्डियोलॉजिस्ट से कराएं जांच – 1-होंठ एवं नाखून का नीला पड़ना, 2- सांस फूलना, 3-वजन न बढ़ना, 4-दूध पीने में कठिनाई या माथे पर पसीना आना, 5-जल्दी थकान होना, 6- धड़कन तेज चलना।

हाईकोर्ट ने ईवीएम गड़बड़ी के आरोपों को नकारा, याचिकाएं खारिज

हाईकोर्ट ने विधान सभा चुनाव 2017 में ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर कांग्रेस नेताओं द्वारा दायर पांचों चुनाव याचिकाओं को खारिज कर दिया है ।
न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ ने प्रदेश के 2017 में हुए विधान सभा चुनाव में ईवीएम मशीनों में हुई गड़बड़ी के मामले में मंगलवार को अपना निर्णय सुनाया है। कोर्ट ने पांच चुनाव याचिकाओं को वेरिफाइड नहीं होने के कारण निरस्त कर दिया है। जिनकी 14 अक्टूबर को सुनवाई पूरी करते हुए निर्णय सुरक्षित रख लिया था। हाईकोर्ट के फैसले से ईवीएम को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठा रही कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। जबकि भाजपा को विपक्ष पर हमलावर होने का अवसर मिल गया है। हालांकि याचिकाकर्ताओं की अधिवक्ता की ओर से कहा गया है कि हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
कांग्रेस के पराजित प्रत्याशी व पूर्व मंत्री नवप्रभात, विक्रम सिंह नेगी, राजकुमार, अम्बरीष कुमार, मसूरी की गोदावरी थापली ने बीजेपी के जीते हुए प्रत्याशी मुन्ना सिंह चैहान, खजान दास, आदेश कुमार चैहान और गणेश जोशी व अन्य के निवार्चन को चुनौती दी थी। याचिका में उन्होंने चुनाव आयोग व सरकार पर आरोप लगाया गया था कि इन भाजपा प्रत्याशियों को जिताने के लिए ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी की हुई है, लिहाजा इनके निवार्चन को निरस्त किया जाय, जबकि जीते हुए प्रत्याशियों की तरफ से कहा गया था कि ये याचिकाएं आधारहीन हैं। ईवीएम मशीनों में किसी भी तरह की गड़बड़ी नही हुई है, अभी तक याचिकर्ताओ ने गड़बड़ी होने का कोई सबूत पेश नही किया है लिहाजा सभी याचिकाएं निरस्त किए जाने योग्य है।

नड्डा की मौजूदगी में प्रसिद्ध डॉ. यशपाल रावत बने भाजपाई

अल्मोड़ा के सल्ट निवासी डॉ. यशपाल रावत आज भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें भाजपा में शामिल किया। डॉ. रावत सल्ट सीट के उप चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी हो सकते हैं।

चामुण्डा चिकित्सालय काशीपुर के स्वामी व प्रख्यात सर्जन डॉ यशपाल ने आज भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। जिसके बाद से चर्चाएं गर्म हो गई हैं कि वह सल्ट विधानसभा सीट पर होने वाले उप चुनाव में भाजपा प्रत्याशी हो सकते हैं। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने डॉ यशपाल का भाजपा में स्वागत किया। प्रदेश अध्यक्ष बंसीधर भगत व प्रदेश उपाध्यक्ष खिलेन्द्र चैधरी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। डॉ यशपाल मूलतः सल्ट निवासी हैं और काशीपुर में उनका चिकित्सालय है।

सातताल व सूखाताल का होना पुनर्जीवीकरण, सीएम ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नैनीताल के आस-पास के क्षेत्रों का पर्यटन की दृष्टि से विकास किये जाने पर ध्यान देने को कहा है। उन्होंने नैनीताल सहित आस पास के क्षेत्रों में पार्किंग की व्यवस्था में भी सुधार पर ध्यान देने पर बल दिया।

जिलास्तरीय प्राधिकरण नैनीताल के माध्यम से नैनीताल, सातताल, सूखाताल, हल्द्वानी तहसील भवन एवं रामनगर से सम्बन्धित विभिन्न योजनाओं से सम्बन्धित प्रस्तुतीकरण का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सातताल व सूखाताल के पुनर्जीवीकरण के साथ ही इन्हें पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किये जाने पर ध्यान दिया जाय। इन क्षेत्रों में किये जाने वाले निर्माण कार्यो में स्थानीय शिल्प शैली को उपयोग में लाये जाने, इन स्थलों को बर्ड वाचिंग स्थल के रूप में विकसित करने के लिये वन विभाग के सहयोग से चिडियों के अनुकूल पौधो के रोपण पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने इन क्षेत्रों से अवैध निर्माण हटाने के साथ ही पर्याप्त पार्किंग स्थल विकसित किये जाने पर ध्यान देने को कहा।

मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी तहसील को शहर से बाहर उपयुक्त स्थल पर शिफ्ट करने को कहा तथा इस भवन को मिनी सचिवालय के रूप में पर्याप्त पार्किंग सुविधा के साथ बहुमंजिला बनाया जाय ताकि अन्य आफिस भी इसमें शिफ्ट किये जा सके। मुख्यमंत्री ने रामनगर में भी पार्किंग स्थल के निर्माण पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने नैनीताल रोपवे निर्माण के लिये एचएमटी परिसर में भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश सचिव राजस्व को दिये।

वीसी नैनीताल विकास प्राधिकरण रोहित मीना द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि सातताल के समग्र विकास के लिये सातताल में पर्यटको की सुविधा के साथ ही बच्चों के लिये चिल्ड्रन पार्क की व्यवस्था बनायी जायेगी। उन्होंने कहा कि इस पर लगभग 07 करोड़ का व्यय आगठित है। इसी प्रकार सूखाताल के लिये बनायी जा रही योजनाओं पर लगभग 25 करोड़ का व्यय आगणित है। उन्होंने कहा कि नैनीताल में पार्किंग के लिये भी कई स्थान चिन्हित किये गये हैं। रामनगर में भी पार्किंग स्थल की व्यवस्था की योजना है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, सचिव आर.के.सुधांशु, अमित नेगी, शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, सौजन्या, आयुक्त कुमाऊं अरविन्द सिंह ह्यांकी, प्रभारी सचिव सुशील कुमार आदि उपस्थित थे।

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने दिवंगत भाजपा विधायक को दी श्रद्धांजलि

सल्ट विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे भाजपा के कद्दावर नेता सुरेंद्र सिंह जीना के आकस्मिक निधन पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई। स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा विधायक सुरेंद्र सिंह जीना के चित्र पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। मौके पर सभी के द्वारा दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।

स्पीकर ने कहा कि उत्तराखंड के प्रिय विधायक सुरेंद्र सिंह जीना का इस प्रकार से हमारे बीच से जाना उत्तराखंड के लिए अपूरणीय क्षति है वहीं उनके लिए व्यक्तिगत क्षति भी है, उन्होंने कहा कि जीना जी के संग उनके आत्मीय एवं पारिवारिक संबंध थे।

उन्होंने कहा कि विधायक जीना जिस प्रकार से सदन के भीतर अपने क्षेत्र एवं लोगों की समस्याओं को उठाते थे, प्रश्न करते थे, एवं तर्क-वितर्क करते थे वह सभी के लिए एक सीख बन गई है। दिवंगत विधायक सुरेंद्र सिंह जीना से जुड़े कई संस्करणों को याद कर स्पीकर भी भावुक हो उठे। श्रद्धांजलि सभा में विधानसभा अध्यक्ष के चचेरे भाई कृष्ण चंद अग्रवाल को भी श्रद्धांजलि दी गई जिनका विगत दिनों डोईवाला में निधन हो गया था।

श्रद्धांजलि सभा के अवसर पर मंडल अध्यक्ष श्यामपुर गणेश रावत, वीरभद्र मंडल अध्यक्ष अरविंद चैधरी, मंडल महामंत्री रवि शर्मा, महामंत्री सुमित पंवार, रविंद्र राणा, पार्षद अनीता प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य मुकेश गौनियाल, आशीष रागढ़, क्षेत्र पंचायत सदस्य पंकज पाल, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य शिवानी भट्ट, पार्षद प्रदीप कोहली, सुभाष बाल्मीकि, विनोद भट्ट, सुरेंद्र राणा, शुभांकित रावत, निखिल बड़थ्वाल, प्रिया ढकाल, चंदू यादव आदि उपस्थित रहे।

सीएम त्रिवेंद्र ने चंपावत में 18 करोड़ 65 लाख की लागत से 12 योजनाओं का किया शिलान्यास

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जनपद चम्पावत के लोहाघाट में बने ग्रोथ सेंटर का निरीक्षण कर ग्रोथ सेंटर के भवन का सुदृढ़ीकरण तथा लौह बर्तन एवं कृषि यंत्र उत्पादन मशीनों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने लगभग 11 करोड़ 93 लाख की सात विभिन्न विकास योजनाओं के लोकार्पण के साथ ही लगभग 18 करोड़ 65 लाख लागत की 12 योजनाओं का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने ग्रोथ सेंटर के निरीक्षण के दौरान कहा कि ग्रोथ सेंटर आत्मनिर्भर भारत और वोकल फोर लोकल का अच्छा उदाहरण है, इसलिए ग्रोथ सेंटर से जुड़े लोगों के स्किल डेवलवमेंट की भी व्यवस्था की जाय। मुख्यमंत्री द्वारा राजकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र नरियाल गांव का भी भ्रमण किया गया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश की जनता को लाभान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने चिकित्सा विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि वर्तमान समय में कोविड- 19 से निपटने के लिए हम सभी को सामूहिक रूप से प्रयास करने होंगे, इसमें किसी भी प्रकार का शिथिलता न बरती जाय। कोरोना संक्रमण वायरस के नियंत्रण व रोकथाम के लिए लगातार प्रचार-प्रसार किया जाय। कहा कि हमारा मकसद स्वरोजगार को बढ़ावा देना है तथा प्रति व्यक्ति आय में बढोत्तरी करना है, इसलिए नियोजित तरीके से खपत की पूर्ति करने के लिए एक बेहतर योजना होनी चाहिए। मनरेगा की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक व्यक्तियों का पंजीकरण कराने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए कहा कि इस योजना के तहत एक रूपये में पानी के कनेक्शन दिये जा रहे है इसलिए विभाग प्रत्येक दिन का लक्ष्य निर्धारित कर धरातलीय कार्य करें। सीएम ने पिरूल से बिजली उत्पादन की अत्यधिक संभावनाओं को देखते हुए कहा कि लोगो को इसके लिए प्रेरित एवं जागरूक कर जिससे वनाग्नि को काफी हद तक रोका जा सकता हैं एवं लोगो की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया जा सकता हैं।

बैठक में जिलाधिकारी सुरेंद्र नारायण पांडे, प्रभारी मंत्री अरविंद पांडेय, विधायक पूरन सिंह फर्त्याल, कैलाश चन्द गहतोड़ी, जिला पंचायत अध्यक्षा ज्योति राय, दायित्वधारी हयात सिंह मेहरा, मंडलायुक्त अरविंद सिंह ह्यांकी, जिलाधिकारी सुरेंद्र नारायण पांडेय आदि उपस्थित थे।

नैनीझील का जल होगा स्वच्छ और स्वस्थ, सीएम ने जल गुणवत्ता प्रणाली का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एक दिवसीय नैनीताल भ्रमण के दौरान नैनीझील में एक करोड़ की लागत से यूएनडीपी के सहयोग से स्थापित दिव्य नैनीझील जल गुणवत्ता आंकलन प्रणाली का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि नैनीझील अपनी प्राकृतिक सुन्दरता के लिए दुनिया भर में जानी जाती है व सदैव से ही पर्यटकों को आकर्षित करती रही है। उन्होने कहा कि नैनीझील हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग है। उन्होंने जिला प्रशासन व यूएनडीपी को इस अभिनव पहल के लिए बधाई देते हुए सभी से नैनीझील को स्वस्थ व स्वच्छ रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि जल गुणवत्ता प्रणाली जल संरक्षण के साथ ही जल की निर्मलता बनाये रखेगी। प्रदेश में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रदेश की नदियों, झीलों तालाबों और जलस्रोतों को पुर्नजीवित करने के लिए व्यापक जन अभियान शुरू किया गया है, जिसमें सफलता मिली है।

कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन प्रदेश है। यहां अतिथि देव भवः के साथ ही स्थानीय उत्पाद व स्थानीय भोजन को बढावा देना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश मे होम स्टे को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में 2200 होम स्टे संचालित है इनको और बढाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल में एसटीपी व पार्किग के निर्माण की स्वीकृति दे दी गई है। बलिया नाले पर अल्पकालीन व दीर्घकालीन दोनों योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा रैमजे चिकित्सालय को पीपीपी मोड पर चलाये जाने हेतु शीघ्र विज्ञप्ति जारी की जायेगी ताकि यहां की जनता व आने वाले पर्यटकों को और बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें मिल सके।

क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्य ने जनपद आगमन पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद अदा करते हुये जिला प्रशासन द्वारा किये जा रहे कार्यो की तारीफ की।

बागेश्वर में अधिकारियों की बैठक पर बोले सीएम, मनरेगा में अधिक से अधिक लोगों का पंजीकरण करें

मुख्यमंत्री ने बागनाथ मंदिर में जाकर पूजा अर्चना कर मंदिर की परिक्रमा की। इस दौरान उन्होंने नये निमार्ण, जीर्णोद्धार तथा सौंैदर्यीकरण कार्यों के बारे में जानकारी लेते हुए कहा कि मंदिर का परिदृश्य पहाड़ी शैली पर हों इस ओर कार्यदायी संस्था को कार्य करने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बागेश्वर में अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं व कार्यों की समीक्षा बैठक की। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि वर्तमान समय में कोविड-19 से निपटने के लिए हम सभी को सामूहिक रूप से प्रयास करने होंगे, इसमें किसी भी प्रकार का शिथिलता न बरती जाय। इस कार्य में पुलिस को एक्टिव होकर कार्य करना होगा तथा बिना मास्क व नियमों का पालन न करने वालों के विरूद्ध आवश्यक कार्रवाई करते हुए जुर्माना वसूला जाय।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि इस योजना से लाभार्थियों को लाभान्वित करने के लिए विभाग निरंतर बैंकों के साथ समन्वय स्थापित करें। लाभार्थियों की परेशानियों को दूर करने के लिए बैंकों के साथ मेले का आयोजन करें तथा इसके लिए जनपद स्तर पर एक नोडल अधिकारी की तैनाती की जाय। सीएम ने पशुपालन विभाग को पोल्ट्री के क्षेत्र में सुनियोजित तरीके से कार्य करने को कहा, उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य परिणात्मक होना चाहिए। मनरेगा की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक व्यक्तियों का पंजीकरण कराने के निर्देश दिये।

ग्रोथ सेंटर योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि ग्रोथ सेंटर आत्मनिर्भर भारत और वोकल फोर लोकल का अच्छा उदाहरण है, इसलिए ग्रोथ सेंटर से जुड़े लोगों के स्किल डेवलवमेंट की भी व्यवस्था की जाय। ग्रोथ सेंटरों की उत्पादों की सीजनल ही नहीं बल्कि नियमित बिक्री सुनिश्चित की जाय। उन्होंने कहा कि शहद की बहुत मॉग रहती है इसलिए इससे संबंधित ग्रोथ सेंटर बनाये जाने के लिए कार्य किया जाय। उन्होंने मसाला प्रसंस्करण ग्रोथ सेंटर के बारे में कहा कि इसके उत्पाद पूर्ण रूप से आर्गेनिक हो तथा इन्हें प्रमाणित ऐजेंसी द्वारा प्रमाणित कराया जाय। उन्होंने किसानों की आय में अभिवृद्धि के लिए भेड़ पालकों को संगठित करने को कहा ताकि भेड पालक ऊन को एकत्रित कर क्रेता विक्रेता सम्मेलन के माध्यम से विक्रय कर पायें, जिससे उनकी आय में अभिवृद्धि हो पायेगी, तथा उन्हें उन्नत नस्लों के भेड़ों को पालने के लिए प्रोत्साहित किया जाय।

जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत एक रूपये में पानी के कनेक्शन दिये जा रहे है। तथा यह कार्य तीन चरणों में पूर्ण करना है जिसमें प्रथम चरण पर पानी का कनेक्शन, द्वितीय चरण में पानी की मात्रा तथा तृतीय चरण में गुणवत्ता इसलिए विभाग प्रत्येक दिन का लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करें, इसके लिए उन्होंने ग्राम व न्याय पंचायत स्तर पर कार्य योजना तैयार करने को कहा।

मुख्यमंत्री घोषणा के संबंध में उन्होंने कहा कि जो कार्य शासन स्तर पर लम्बित है उन्हें चिन्हित कर तत्काल शासन को प्रेषित की जाय। सिंचाई विभाग द्वारा बागेश्वर के घाट निर्माण के संबंध में उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में स्थानीय पत्थरों का उपयोग किया जाय। जिला योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि 40 प्रतिशत धनराशि का व्यय रोजगारपरक योजनाओं पर अनिवार्य रूप से किया जाय।

बैठक से पूर्व मुख्यमंत्री ने जनपद में ई ऑफिस का शुभारम्भ किया। इस संबंध में जिलाधिकारी विनीत कुमार ने अवगत कराया कि इस प्रक्रिया को जिला कार्यालय से शुरू किया जा रहा है तद्पश्चात मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा तहसील कार्यालयों में प्रारम्भ किया जायेगा।

बाल विकास कार्यालय में नौकरी और स्थाई निवास का प्रस्ताव लेकर हंसा प्रहरी से मिली रेखा आर्य

विधायक का चुनाव लड़ चुकी और वर्तमान में हरिद्वार में भीख मांगकर अपना और बच्चे का जीवन यापन करने वाली हंसा प्रहरी की सुध अब सरकार की ओर से राज्यमंत्री रेखा आर्य ने ली। उन्होंने हंसा प्रहरी के मीडिया में छाने के बाद उनके समक्ष हरिद्वार बाल विकास कार्यालय में नौकरी और स्थाई निवास का प्रस्ताव रखा।

कौन है हंसा प्रहरी
हंसा प्रहरी अल्मोड़ा जिले के हवालबाग ब्लॉक स्थित ग्राम रणखिला गांव की निवासी है। पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी हंसी की इंटर तक की शिक्षा गांव में ही हुई और फिर उसने कुमाऊं विश्वविद्यालय के अल्मोड़ा परिसर में प्रवेश ले लिया। छात्र राजनीति में सक्रिय रहकर कुमाऊं विश्वविद्यालय के अल्मोड़ा परिसर में छात्रसंघ उपाध्यक्ष भी निर्वाचित हुई। अंग्रेजी और राजनीति शास्त्र में एमए डिग्रीधारी हंसा वर्तमान में हरिद्वार में अपने बेटे के साथ भीख मांगती है और फर्राटेदार अंग्रेजी बोलती है। उनकी एक बेटी नानी के पास रहती है।