हमें तुष्टिकरण करने वालों से सतर्क रहना है-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज मायापुर में विश्व हिन्दू परिषद के अन्तर्गत बजरंग दल के नेतृत्व में आयोजित विगत 19 सितम्बर से बद्रीनाथ के माणा गांव से प्रारम्भ हुई ’’शौर्य जागरण यात्रा’’ के समापन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कहा कि ’’शौर्य जागरण यात्रा’ नाम से ही, उसका उद्देश्य स्पष्ट हो जाता है। उन्होंने कहा कि आज जो भी फैसले होते हैं, वे न्याय व संतुष्टि करण के आधार पर होते हैं, हमें तुष्टिकरण करने वालों से सतर्क रहना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर जल्दी ही बनकर तैयार हो जायेगा। काशी कॉरिडोर अपना भव्य स्वरूप प्राप्त कर चुका है। राज्य सरकार उत्तराखंड को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्कृष्ट उत्तराखंड बनाने के लिए वचनबद्ध है। आज केदारनाथ का पुनर्निर्माण तथा बदरीनाथ के मास्टर प्लान का कार्य चल रहा है। रोपवे परियोजनाओं-केदारनाथ रोपवे, हेमकुण्ड रोपवे पर तेजी से कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में सुरक्षा का माहौल है। आज भारत विश्व की पांचवी आर्थिक शक्ति बन गया है। भारत आर्थिक रूप से महाशक्ति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है तथा लोगों की आस्था का केन्द्र है। राज्य सरकार इसके मूल स्वरूप को बनाये रखने के लिये कृत संकल्पित हैं। समान नागरिक संहिता का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि जल्दी ही इस कार्य के लिये गठित कमेटी सारा संकलन करके ड्राफ्ट देने वाली है, जिसे जल्दी ही लागू किया जायेगा।
’’शौर्य जागरण यात्रा’’ के समापन कार्यक्रम को श्रीमहन्त रविन्द्र पुरी, केन्द्रीय संगठन मंत्री विनायक, देवशरण आनन्द ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर विधायक आदेश चौहान, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, सुरेश राठौर, भाजपा जिला अध्यक्ष रूड़की व हरिद्वार शोभाराम प्रजापति, संदीप गोयल, उपाध्यक्ष विकास तिवारी, आशु, लव शर्मा, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन उपस्थित रहे।

भूपतवाला में श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए सीएम, संत्संग की महिमा का किया बखान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में भूपतवाला स्थित वेद निकेतन धाम में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। रामचरित मानस की चौपाई-बिन सत संग विवेक न होई, राम कृपा बिनु सुलभ न सोई का उल्लेख करते हुये मुख्यमंत्री ने सत्संग की महिमा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा हमें जीवन में नई ऊर्जा देने का कार्य करती है।

मुख्यमंत्री ने सनातन धर्म का उल्लेख करते हुये कहा कि आज सनातन धर्म की पताका पूरे विश्व में फैल रही है तथा पूरा विश्व इससे परिचित होते हुये हमारी संस्कृति को किसी न किसी रूप में अपना रहा है। कोरोना काल का जिक्र करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में योग व आयुर्वेद को हमने काफी निकट से महसूस किया है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। हमारी इस विरासत को आज पूरा विश्व अपना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज पूरा देश चहुंमुखी विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर जल्दी ही बनकर तैयार हो जायेगा। वर्ष 2013 की भयंकर त्रासदी में केदारनाथ परिसर को काफी नुकसान पहुंचा था, जिसको दिव्य व भव्य बनाने का कार्य प्रधानमंत्री ने वर्ष 2014 में प्रारम्भ करवाया था। आज उस स्थान पर भव्य व दिव्य केदारपुरी अपना स्वरूप ले चुकी है। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ को संवारने का कार्य भी काफी तेजी से किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ व हेमकुंड साहिब की यात्रा को सुगम बनाने के लिये रोपवे की आधारशिला रखी जा चुकी है। आने वाले समय में श्रद्धालुओं की केदारनाथ व हेमकुंड साहिब की यात्रा काफी सुगम होने वाली है। उन्होंने कहा कि जिस यात्रा को करने में तीन से चार दिन लगते थे, वह यात्रा अब कुछ ही घण्टों में सम्पन्न हो जायेगी। उन्होंने कहा कि ये सभी कार्य प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में आगे बढ़ाये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था आज ग्यारहवें से पांचवें नंबर की अर्थव्यवस्था बन गयी है तथा भविष्य में यह तीसरे नम्बर की अर्थव्यवस्था बने इसके लिये निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने हरिद्वार व ऋषिकेश कॉरिडोर विकसित करने का संकल्प लिया है जो शीघ्र ही मूर्त रूप में साकार होगा। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पूर्णता की ओर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मानस खण्ड के अन्तर्गत 60-65 मन्दिरों का एक कॉरिडोर विकसित करने जा रही है, जिसके प्रथम चरण में 16 मन्दिरों को विकसित करने का कार्य हाथ में लिया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है तथा यहां लोग श्रद्धा व आस्था से आते हैं, आप जिधर जायेंगे, वहां पर्वत, मन्दिर आदि दिखाई देंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटन व फिल्म निर्माण की दृष्टि से आप जिधर भी दृष्टि डालेंगे, पूरा उत्तराखण्ड ही डेस्टिनेशन है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के मूल स्वरूप को बनाये रखने के लिये हमने कठोर कदम भी उठाये हैं तथा जहां पर भी अवैध अतिक्रमण किया गया था, उसे कठोरता से हटाया गया है। इसके अलावा धर्मान्तरण और अतिक्रमण को रोकने एवं समान नागरिक संहिता के लिये भी हमने कठोर निर्णय लिये हैं तथा समान नागरिक संहिता पर जल्दी ही कानून बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि हम देवभूमि उत्तराखण्ड को देश का नम्बर-1 राज्य बनाने के लिये विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे है।

श्रीमद् भागवत कथा कार्यक्रम के आयोजक भरत सिंह रहेवर तथा रजनी भाई पटेल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में हो रहे चहुंमुखी विकास कार्यों की प्रशंसा की।

इस अवसर पर महानिर्वाणी के सचिव महन्त रविन्द्रपुरी, महामण्डलेश्वर स्वामी ललितानन्द, महामण्डलेश्वर हरिचेतनानन्द, हरिद्वार नगर विधायक मदन कौशिक, रूड़की विधायक श्री प्रदीप बत्रा, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, भाजपा जिला अध्यक्ष शोभाराम प्रजापति सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

मंत्री डा. अग्रवाल ने भारत गौरव ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

देशभर के 11 ज्योतिर्लिंग की रामकथा यात्रा का शुभारंभ आज योगनगरी रेलवे स्टेशन से हुआ। 1008 श्रद्धालु कैलास और चित्रकूट ट्रेनों में सवार होकर तीर्थस्थलों के दर्शन के लिए रवाना हुए। इन ट्रेनों को कथा मर्मज्ञ मोरारी बापू और मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल नेभगवान श्रीराम के जयकारों के बीच हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

योगनगरी रेलवेस्टेशन पर भारतीय रेलवे कैटरिंग एंडएं टूरिज्म कॉरपोरेशन नेट्रेनों को हरी झंडी दिखाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान मोरारी बापू ने कहा कि भगवान श्रीराम ने सेतु बनाकर सभी को जोड़ा। जगद्गुरू शंकराचार्य ने पूरे भारत को जोड़ा। ऐसेही यह उत्तर, पूर्व और पश्चिम तथा दक्षिण को आध्यात्म द्वारा जोड़नेका पवित्र प्रयास है। कहा कि उत्तराखंड मेंगंगा का उद्गम स्थल हैऔर गंगा ऊपर से नीचे की ओर बहती है, इसके चलते रामकथा यात्रा को यहां से शुरू करने का फैसला लिया गया। यह यात्रा सनातन धर्म के प्रति लोगों को बड़ा संदेश देगी।

मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल नेकहा कि इस यात्रा के कार्यक्रम का हिस्सा बनकर उन्हे ंबेहद खुशी महसूस हुई। भारतीय संस्कृतिकी समृद्ध विरासत के संवर्द्धन में रेल यात्रा बेहतर कदम है। मौके पर रेलवेके मुरादाबाद मंडल के डीआरएम राजकुमार सिंह, एडीआरएम निर्भय नारायण सिंह, कविता शाह, सुमित पंवार, इंद्रकुमार गोदवानी, दिनेश सती, पवन शर्मा आदि मौजूद रहे।

आस्था एवं विकास से सनातन संस्कृति के संरक्षण का कार्य किया जा रहा हैः मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ओम पुल, निकट डामकोठी, हरिद्वार स्थित गंगा घाट में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए विभिन्न प्रदेशों से देवभूमि उत्तराखण्ड आये शिवभक्त कावड़ियों के चरण धोकर एवं उन्हें सम्मान स्वरूप गंगाजल भेंट कर उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने डामकोठी में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ कावड़ यात्रा का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के विभिन्न राज्यों से उत्तराखंड आए कावड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि हरिद्वार पूरे देश की श्रद्धा का केंद्र है। इस पवित्र जगह मां गंगा एवं भगवन भोलेनाथ का विशेष आशीर्वाद है। श्रावण मास में कावड़ यात्रा का विशेष महत्व है। राज्य सरकार को कावड़ियों का स्वागत करने का सौभाग्य मिला है। कावड़ यात्रा को सुगम सुरक्षित बनाकर सरकार इस यात्रा में कावड़ियों का सहयोगी बनकर कार्य कर रही है। कावड़ियों की सेवा करना सभी के लिए पुण्य का काम है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने कावड़ यात्रा के लिए विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य कैंप, शौचालय, पार्किंग, टीन शेड, विश्राम स्थल की पर्याप्त व्यवस्था की है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष व्यवस्थाओं को और अधिक सुधारा गया है। उन्होंने कहा पिछले वर्ष कावड़ यात्रा में करीब चार करोड़ कावड़िए उत्तराखंड आए। भगवान भोलेनाथ की कृपा से पिछले वर्ष की यात्रा सकुशल संपन्न हुई। उन्होंने कहा इस वर्ष भी बड़ी संख्या में कांवड़ियों के उत्तराखंड आने का अनुमान है। जिसके लिए शासन प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। उनके नेतृत्व में भव्य एवं दिव्य केदारनाथ का निर्माण हुआ है। बद्रीनाथ में मास्टर प्लान पर कार्य चल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ, महाकाल जैसे विभिन्न मंदिरों का पुनर्निर्माण कार्य भव्यता के साथ चल रहा है। उन्होंने कहा आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख विश्व स्तर पर हो रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज राज्य में चौतरफा सड़कों का जाल बिछ रहा है। सरकार आस्था एवं विकास से सनातन संस्कृति के संरक्षण का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा सभी कांवड़ श्रद्धालु गंगा जल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। कांवड़ मेले के सुचारू प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री ने सामाजिक संस्थाओं, स्वयं सेवी संस्थाओं, के कार्यों की भी सराहना की।
इस दौरान कार्यक्रम में सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, विधायक मदन कौशिक, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, विधायक आदेश चौहान, पूर्व विधायक संजय गुप्ता एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज से लोगों ने लिया आशीर्वाद

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज अपने दो दिवसीय प्रवास पर योग नगरी ऋषिकेश पहुंचे। यहां पहुंचने पर महामंडलेश्वरों, संतों एवं स्थानीय लोगों द्वारा उनका स्वागत किया गया। ऋषिकेश में अपने पहले कार्यक्रम में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी विवेकानंद सरस्वती ने स्वामी नारायण घाट में गंगा आरती में सम्मलित हुए।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को शंकराचार्य स्वामी आविमुकातेश्वरानंद सरस्वती ने कर्म और भाग्य को परिभाषित करते हुए कहा कि भाग्य फलित होता है। उन्होंने बसुदेव और नंद का उदाहरण दिया। गंगा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गंगा जल स्पर्श मात्र से ही सभी राग द्बेष से मुक्त हो जाते हैं।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गंगा जल और सामान्य जल में अंतर है। कहा कि पानी के प्रछालन से शरीर की गंदगी दूर होती है लेकिन गंगा जल मन के मेल को धोती है। उन्होंने संतो से आहवान किया कि अपने व्यवहार मे सरल और तरलता लाएं। राग द्बेष से दूर रहकर आदर्श प्रस्तुत करें और समाज का मार्गदर्शन करें।
इस अवसर पर स्वामीनारायण आश्रम के सुनील भगत ने शंकराचार्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। महामंडलेश्वर अभिषेक चैतन्य हरिद्वार के महंत प्रेमानंद शास्त्री ज्योतिर्मठ के प्रभारी ब्रह्मचारी मुकुंदानंद, स्वामी सहजानंद, ब्रह्मचारी श्रवणानंद, ज्योर्तिमठ के मीडिया प्रभारी डॉ बृजेश सती, ब्रह्म कपाल तीर्थ पुरोहित पंचायत के अध्यक्ष उमेश सती, अजय पांडे, कार्यक्रम के सह संयोजक रवि प्रपन्नाचार्य, स्वामीनारायण आश्रम के पीआरओ सौरभ राणा कोटी, जोशीमठ के पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रकाश रावत मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा-राज्य में जबरन धर्मान्तरण कानूनन अपराध, हमने बनाया है कानून

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कनखल, हरिद्वार में विश्व हिन्दू परिषद द्वारा आयोजित केन्द्रीय मार्ग दर्शक मण्डल की बैठक में प्रतिभाग किया तथा आज के सत्र का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में धर्म एवं संस्कृति का लगातार उत्थाान हो रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम का भव्य मन्दिर बनाने का कई वर्षों का सपना अब साकार होने जा रहा है। वहां श्रीराम का भव्य व दिव्य मन्दिर तैयार हो रहा है। उज्जैन में महाकालेश्वर ने दिव्य व भव्य स्वरूप प्राप्त कर लिया है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद वहां का पूरा स्वरूप ही परिवर्तित हो गया है। वहां पर अब पांच लाख से अधिक श्रद्धालु गंगा से पवित्र जल लेकर वहां आसानी से जलाभिषेक कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। आने वाले समय में रोपवे बन जाने से केदारनाथ तथा हेमकुण्ड धाम की यात्रा और भी आसान होने वाली है। चारधाम यात्रा की भांति कुमाऊं में मानसखंड मन्दिर माला मिशन के तहत कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता के लिए बनाई गई समिति ने 90 प्रतिशत से अधिक का कार्य पूरा कर लिया है, जो आगामी 30 जून तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर देगी। उन्होंने कहा कि राज्य में जबरन धर्मान्तरण की रोकथाम के लिये सख्त कानून बनाया गया है।
बैठक में महामण्डलेश्वर स्वामी परमानन्द गिरिजी महाराज, परम पूज्य शंकराचार्य वासुदेवानन्द सरस्वती, राम राजेश्वरा महाराज, महामण्डलेश्वर विश्वेश्वरानन्द महाराज, महामण्डलेश्वर यतीन्द्रानन्द गिरि, स्वामी विवेकानन्द महाराज, सचिव महानिर्वाणी अखाड़ा रवीन्द्र पुरी, स्वामी गिरधर गिरि महाराज आदि ने अपने-अपने विचार रखे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के कोने-कोने से आये हुये धर्माचार्यों, सन्त-महात्माओं का एक-एक करके माल्यार्पण करते हुये उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

सरल और विनम्र मुख्यमंत्री धामी ले रहे जनहित में बड़े फैसले-स्वामी हरिचेतनानन्द

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को हरिपुर कलां हरिद्वार में हरि सेवा आश्रम के वार्षिकोत्सव, दशहरा महोत्सव एवं श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में प्रतिभाग किया। उन्होंने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का मंत्रोच्चारण के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया तथा आरती एवं पूजा-अर्चना की एवं संतों व महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री ने समारोह को सम्बोधित करते हुये हरि सेवा आश्रम के वार्षिकोत्सव की सभी को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी तथा समारोह में उन्हें आमन्त्रित करने के लिये आभार प्रकट करते हुये कहा कि श्रीमद्भागवत जैसे पुण्य कार्य में सहभागी होने का उन्हें अवसर प्रदान किया। उन्होंने कहा कि आज इस पावन अवसर पर हम यहां किसी के बुलावे पर न आकर उस ईश्वर की असीम कृपा की वजह से यहां पहुंचे हैं। उन्होंने महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद का जिक्र करते हुये कहा कि स्वामी जी ने अपना जीवन राष्ट्र, धर्म तथा संस्कृति को समर्पित किया है।
पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जिक्र करते हुये कहा कि उनके नेतृत्व में आज पूरा देश तेजी से विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इस समय कई देशों के प्रवास पर हैं, जिस देश में भी वे जा रहे हैं, वहां उत्सव हो रहा है तथा भारत के प्रति विश्व का नजरिया बदला है।
मुख्यमंत्री ने कोरोना काल का जिक्र करते हुये कहा कि भारत ने कई देशों को कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति करके लाखों लोगों की जान बचाई है तथा वैक्सीन के पैकिंग के डिब्बों के माध्यम से विश्व बन्धुत्व-सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामया का सन्देश दिया। उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा देश है, जो सम्पूर्ण मानव मात्र व पूरे विश्व की चिन्ता करता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत को प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जी-20 की अध्यक्षता करने का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री के विस्तृत विजन की वजह से जी-20 की बैठकें देश के कोने-कोने में हो रही हैं तथा हमारे प्रदेश उत्तराखण्ड को भी जी-20 की तीन बैठकें करने का शुभ अवसर प्राप्त हुआ है, जिनमें से एक बैठक रामनगर में हो चुकी तथा एक का शुभारम्भ आज ऋषिकेश में हो रहा है एवं तीसरी बैठक भी आगामी दिवसों में ऋषिकेश-नरेन्द्रनगर में आयोजित होगी। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था पहले 11वें स्थान पर थी, जो प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व की वजह से पांचवें स्थान की अर्थव्यवस्था बन गयी है, आयोध्या में राम मन्दिर का निर्माण हो रहा है, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर अपना भव्य स्वरूप प्राप्त कर चुका है, केदारनाथ भव्य व दिव्य बन गया है, आने वाले समय में हेमकुण्ड धाम की यात्रा और भी आसान होने वाली है, जहां गोविन्दघाट से हेमकुण्ड तक रोपवे का निर्माण होने जा रहा है, जिससे यात्रा में बहुत ही कम समय लगेगा, कई रोपवे के निर्माण के साथ ही गुणावत्तापरक सड़कों का पूरे प्रदेश में जाल बिछाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा की भांति कुमाऊं में मन्दिर माला मिशन के तहत पर्यटन को बढ़ाने का निरन्तर प्रयास किया जा रहा है।
महामण्डलेश्वर स्वामी हरिचेतनानन्द ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कहा कि मुख्यमंत्री का गऊ, गंगा, सन्त तथा सैनिकों के प्रति विशेष लगाव है। उन्होंने कहा कि इस संसार में जिन्होंने भी बड़े-बड़े जन-कल्याणकारी कार्य किये हैं, विनम्र बनकर ही किये हैं, उसी तरह पुष्कर सिंह धामी भी हैं, जो विनम्रता के साथ बड़े-बड़े जन-कल्याणकारी निर्णय ले रहे हैं।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री का हरि सेवा आश्रम पहुंचने पर पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्रम तथा पगड़ी पहनाकर भव्य स्वागत व अभिनन्दन किया गया। इस अवसर पर महन्त दुर्गादास, महामण्डलेश्वर ललितानन्द गिरि, महामण्डलेश्वर जगदीश दास महाराज, गोविन्ददास महाराज, महन्त कमलदास महाराज, प्रहलाद दास महाराज, भारत माता के प्रबन्ध न्यासी आई0डी0 शर्मा, रूड़की विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व कैबिनेट मंत्री यतीश्वरानन्द, पूर्व विधायक लक्सर संजय गुप्ता, झबरेड़ा पूर्व विधायक देशराज कर्णवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष संदीप गोयल, विकम भुल्लर, रमेश शास्त्री, नन्दलाल, प्रो0 हेमलता, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल उपस्थित रहे।

हिंदू नेशनल इंटर कॉलेज में आयोजित श्रीराम कथा में शामिल हुए सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को हिन्दू नेशनल इंटर कॉलेज लक्ष्मण चौक में आयोजित श्री राम कथा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने श्री राम कथा व्यास पद्म विभूषण जगत गुरु स्वामी रामभद्राचार्य का अभिनन्दन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज जी के मुखारबिन्द से राम कथा का वर्णन दार्शनिक है, अतुलनीय है तथा साक्षात प्रभु राम के आशीर्वाद के समान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का पावन जीवन चरित्र समूची मानवता के लिए दिग्दर्शन है, प्रेरणा एवं प्रकाश है। उनके जीवन से हम सबको विषम परिस्थितियों में जूझने की प्रेरणा मिलती है। यह हम सबका सौभाग्य है कि स्वामी जी के मुखारबिन्द से हमें श्री राम कथा श्रवण का आनंद प्राप्त हो रहा है। तथा यह वर्तमान पीढ़ी का भी सौभाग्य है कि वह श्रीराम कथा श्रवण की परंपरा से जुड़ रही है। उन्होंने कहा कि स्वामी जी धार्मिक और सामाजिक सेवा संस्थान के माध्यम से दीन दुखियों, दिव्यांगों एवं विद्यार्थियों की सेवा करने के साथ शिक्षा प्रदान करने कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, आज अभूतपूर्व रूप से भारत का सांस्कृतिक उत्थान हो रहा है। सनातन संस्कृति का परचम विश्व में लहरा रहा है और हमारी आस्था के केन्द्रों का इतिहास और महत्व उसी गौरव के साथ प्रदर्शित किया जा रहा है, जिसके साथ इसे किया जाना चाहिए था। चाहे श्री राम मंदिर का निर्माण हो, बाबा विश्वनाथ मंदिर का अविस्मरणीय पुनरुद्धार हो, केदारपुरी व बद्रीनाथ पुरी का पुनर्निर्माण व सौन्दर्यीकरण हो।प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत की अस्मिता के प्रतीकों व सांस्कृतिक धार्मिक- धरोहरों को जिस प्रकार से संरक्षित व संवर्धित किया जा रहा है उसकी शब्दों में व्याख्या संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है। हमारा प्रदेश दो देशों की अन्तराष्ट्रीय सीमा से जुड़़ा है। गंगा, यमुना का उद्गम स्थल तथा धर्म, आध्यात्म तथा संस्कृति का केंद है। देवभूमि का मूल स्वरूप बना रहे इसके लिये राज्य में समान नागरिक संहिता हमारे राज्य की जरूरत थी। इसके लिये कमेटी का गठन किया गया, कमेटी द्वारा जून तक इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया जायेगा। इसके पश्चात राज्य में इसे लागू किया जायेगा। यह किसी के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में लैंड जेहाद के रूप में हो रहे धार्मिक अतिक्रमण को समाप्त करने का कार्य किया जा रहा है। राज्य में अवैध अतिक्रमण को किसी भी दशा में होने नहीं दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में धर्मांतरण पर अब हमने कड़ा कानून बनाया है। इसके अंतर्गत 10 साल तक की कैद का प्रावधान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड से हर नए कार्य की शुरुआत होती है और जो हमारे यहां शुरू होता है वो पूरे देश में जाता है। धर्मांतरण पर कानून समय की आवश्यकता थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि उत्तराखण्ड देश और दुनिया का नम्बर वन पर्यटन प्रदेश बनने के साथ ही हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की भी वैश्विक पटल पर पहचान बने। उन्होंने कहा कि इस बार कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड की झांकी मानसखण्ड को प्रथम पुरस्कार मिलना प्रदेश के साथ ही हमारी लोक संस्कृति का भी सम्मान है।
इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, मेयर सुनील उनियाल गामा आदि उपस्थित थे।

श्री हेमकुंट साहिब तथा लोकपाल तीर्थ लक्ष्मण जी मंदिर के कपाट खुले

प्रसिद्ध गुरूद्वारा हेमकुंट साहिब की यात्रा आज से शुरू हो गयी है। आज प्रातरू दस बजे श्री ‘जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल’ के उदघोष के बीच गुरूद्वारा श्री हेमकुंट साहिब के द्वार खुल गये है। कपाट खुलने के बाद हजारों श्रद्धालुओं ने अरदास की तथा गुरू ग्रंथ साहिब का पाठ किया।

इस अवसर पर गुरूद्वारा हेमकुंट साहिब ट्रस्ट के पदाधिकारी गण तथा हजारों श्रद्धालुगण मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि हेमकुंट साहिब के लिए भी श्रद्धालुओं हेतु पंजीकरण अनिवार्य है मार्ग में अभी भी बर्फ जमी है सेना ने बड़ी मशक्कत के बाद हेमकुंट साहिब तक पहुंचने का मार्ग बनाया है।
17 मई बुधवार को हेमकुंट साहिब गुरुद्वारा ऋषिकेश से राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल अवकाश प्राप्त गुरूमीत सिंह तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंज प्यारों तथा निशान साहिब को रवाना किया था। इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, वन मंत्री सुबोध उनियाल, शहरी विकास मंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल गुरू द्वारा श्री हेमकुंट ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सरदार नरेन्द्र जीत सिंह बिंद्रा, सरदार सेवा सिंह आदि मौजूद रहे। बीते शुक्रवार को जत्था घांघरिया पहुंचा था तथा आज सुबह घांघरिया से कपाट खोलने हेतु हेमकुंट पहुंच गया।

हेमकुंट साहिब के निकट आज ही प्रसिद्ध श्री लोकपाल तीर्थ लक्ष्मण जी मंदिर के कपाट भी खुल गये है।

25 लाख के करीब पहुंचने वाला है श्रद्धालुओं का पंजीकरण

चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण का आंकड़ा 25 लाख पार पहुंचने वाला है। इसमें केदारनाथ धाम के लिए सबसे अधिक 8.65 लाख यात्रियों ने पंजीकरण कराया है। मौसम खराब होने से फिलहाल आठ मई तक केदारनाथ के लिए पंजीकरण पर रोक लगाई गई है। पूर्व में जिन यात्रियों ने पंजीकरण किया है, उन्हें ही यात्रा की अनुमति होगी।
सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए यात्रियों का पंजीकरण अनिवार्य किया है। चारों धामों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कोई संख्या तय नहीं है। लेकिन लगातार मौसम खराब होने के कारण यात्रा प्रभावित हो रही है। पर्यटन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार 22 फरवरी से अब तक चारधाम यात्रा के लिए 24.53 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण कराया है। इसमें 22 अप्रैल से 5 मई तक चार लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
पर्यटन विभाग के अनुसार चारधाम यात्रा को लेकर तीर्थयात्रियों में काफी उत्साह है। खराब मौसम को देखते हुए केदारनाथ धाम का पंजीकरण रोका गया है। बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के लिए नियमित रूप से पंजीकरण हो रहे हैं।

चारधाम के लिए पंजीकरण की स्थिति
धाम पंजीकरण की संख्या
केदारनाथ 864597
बदरीनाथ 725370
गंगोत्री 442372
यमुनोत्री 394896
हेमकुंड साहिब 25674