होटल कारोबार को तात्कालिक और दीर्घकालिक दोनों तरह का लाभ मिलना तय

राष्ट्रीय खेलों से खेल विकास की प्रबल संभावनाओं के बीच होटल इंडस्ट्री भी झूम उठी है। दून-हरिद्वार से लेकर खटीमा-पिथौरागढ़ तक के होटल राष्ट्रीय खेलों के लिए आरक्षित हो गए हैं। उत्तराखंड के 12 शहरों में खिलाड़ियों और अन्य तमाम लोगों को रूकवाने की व्यवस्था की गई है। होटल इंडस्ट्री की बेहतरी के लिए इस स्थिति को शुभ संकेत माना जा रहा है। उत्तराखंड के होटल कारोबारी उत्साहित हैं। तात्कालिक लाभ तो उन्हें मिल ही रहा है, दीर्घकालिक लाभ की भी वे उम्मीद कर रहे हैं।

38 वें राष्ट्रीय खेलों में दस हजार से ज्यादा खिलाड़ी उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। खेलों से संबंधित अन्य अफसर व स्टाफ अलग हैं। इन सभी के लिए राष्ट्रीय खेल सचिवालय के स्तर पर होटलों में रूकने का इंतजाम कराया गया है। इसके अलावा, जिस तरह की सूचनाएं मिल रही हैं, उसमें खिलाड़ियों के रिश्तेदार व अन्य लोग भी अपने स्तर से होटलों में कमरों की बुकिंग करा रहे हैं। उत्तराखंड में कड़कड़ाती सर्दी के बीच राष्ट्रीय खेलों का आयोजन होटल इंडस्ट्री को गरमी प्रदान कर रहा है। भीमताल-टनकपुर के होटल कारोबारी हों या फिर कोटी कालोनी टिहरी के होटल व्यवसायी, राष्ट्रीय खेलों की वजह से सबकी आंखों में चमक आ रही है।

हल्द्वानी होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज जायसवाल का मानना है कि राष्ट्रीय खेल होटल वालों के लिए भी बड़ा अवसर है। हम मेहमानों को अच्छी सर्विस देंगे, ताकि वे अच्छी स्मृतियां लेकर उत्तराखंड से जाएं और हमारे होटलों का नाम पूरे देश तक फैले। दून होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राजेश भारद्वाज को राष्ट्रीय खेलों से होटल इंडस्ट्री को तात्कालिक और दीर्घकालिक दोनों तरह के फायदे मिलते दिखते हैं। भारद्वाज का कहना है कि इस आयोजन से होटल इंडस्ट्री को मजबूती मिलेगी।

होटलों में कमरों की स्थिति

शहर आवश्यकता
देहरादून 2431
हल्द्वानी 1221
हरिद्वार 556
रुद्रपुर 553
शिवपुरी ऋषिकेश 402
कोटी कालोनी टिहरी 226
अल्मोड़ा 147
पिथौरागढ़ 129
नैनीताल 113
खटीमा 118
टनकपुर 85
भीमताल 62

राष्ट्रीय खेलों का आयोजन न सिर्फ खेलों, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी उत्तराखंड को आगे बढ़ाने वाला साबित होगा। यह आयोजन हम सभी का है। हमारी कोशिश है कि देशभर से आने वाले खिलाड़ी उत्तराखंड में आकर अच्छा अनुभव करें। उत्तराखंड के हर एक व्यक्ति से अपील है कि वे राष्ट्रीय खेलों में अपना-अपना योगदान सुनिश्चित करें।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

राष्ट्रीय खेलों से उत्तराखंड की होटल इंडस्ट्री को देशभर में एक्सपोजर मिलेगा। इसके दीर्घकालिक फायदे में ज्यादा देखता हूं। सबसे अहम बात राष्ट्रीय खेलों का उत्तराखंड में होना है। ऐसे में इंडस्ट्री से जुड़े हर व्यक्ति की यह जिम्मेदारी है कि देशभर से आने वाले लोगों को वह अच्छी सेवाएं दें। ताकि पूरे देश में उत्तराखंड का नाम हो।
– पंकज गुप्ता, अध्यक्ष, इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड।

राष्ट्रीय खेलः नेशनल फेडरेशन स्पोर्ट्स ऑफ इंडिया के माध्यम से मिलेंगे खेल स्वयंसेवक

राष्ट्रीय खेलों में 1200 विशिष्ट खेल स्वयंसेवकों की भी तैनाती की जाएगी। नेशनल फेडरेशन स्पोर्ट्स ऑफ इंडिया के स्तर पर उत्तराखंड को यह स्वयंसेवक उपलब्ध कराए जाएंगे। उत्तराखंड अपने स्तर से भी करीब 2300 सामान्य स्वयंसेवकों को चयनित करने जा रहा है। विशिष्ट खेल स्वयंसेवक इनसे अलग होंगे। हालांकि सामान्य स्वयंसेवकों के साथ ही इन्हें भी व्यवहार और शिष्टाचार की ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी।

उत्तराखंड राष्ट्रीय खेलों के 38 वें संस्करण की मेजबानी कर रहा है। यह आयोजन 28 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। तमाम तरह की व्यवस्थाओं को बनाने के लिए दो तरह के स्वयंसेवक अपना योगदान करेंगे। इसमें से सामान्य स्वयंसेवकों की भर्ती की प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है। 30 हजार से ज्यादा लोगों ने स्वयंसेवक बनने के लिए रजिस्ट्रेशन किया है। इन सभी को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई है। ऑनलाइन परीक्षा भी ली गई है। इसके परिणाम के आधार पर ही स्वयंसेवक भर्ती किए जाएंगे।

राष्ट्रीय खेल सचिचालय के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशांत आर्या के अनुसार-सामान्य स्वयंसेवकों के अलावा विशिष्ट खेल स्वयंसेवकों की भी तैनाती की जाएगी। नेशनल फेडरेशन स्पोर्ट्स ऑफ इंडिया के माध्यम से ये स्वयंसेवक उत्तराखंड को प्राप्त होंगे, जिनकी विभिन्न स्थानों पर तैनाती की जाएगी।

विशिष्ट खेल स्वयंसेवकों की ये है विशिष्टता

नेशनल फेडरेशन स्पोर्ट्स ऑफ इंडिया इन विशिष्ट खेल स्वयंसेवकों को उपलब्ध कराता है। खेल पृष्ठभूमि वाले इन स्वयंसेवकों को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का अनुभव होता है। सामान्य स्वयंसेवकों को जहां पार्किंग, मेहमानों को लाने-ले जाने संबंधी अन्य सामान्य व्यवस्थाओं में उपयोग किया जाता है, वहीं विशिष्ट स्वयंसेवकों को खेल से सीधे जुड़ी व्यवस्थाओं में जिम्मेदारी दी जाती है। स्वयंसेवकों से संबंधित कार्य देख रहे प्रतीक जोशी के अनुसार-विशिष्ट खेल स्वयंसेवकों को प्रतिदिन एक हजार रूपये मानदेय दिया जाएगा। सामान्य स्वयंसेवक का प्रतिदिन का मानदेय पांच सौ रूपये तय किया गया है।

38 वें राष्ट्रीय खेलों के लिए उत्तराखंड पूरी तरह से तैयार है। यह खुशी की बात है कि हर वर्ग राष्ट्रीय खेलों से किसी न किसी रूप में जुड़ने के लिए तैयार है। खेलों का यह बहुत बड़ा उत्सव है, जो कि उत्तराखंड में खेल विकास के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण साबित होगा।
– पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार।

मुख्यमंत्री ने चकरपुर, खटीमा में नव निर्मित वन चेतना केंद्र स्पोर्ट्स स्टेडियम का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चकरपुर, खटीमा में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹ 1615.62 लाख की लागत नव निर्मित वन चेतना केंद्र स्पोर्ट्स स्टेडियम का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित स्टेडियम के उद्घाटन पर सभी क्षेत्रवासियों को शुभकामना देते हुए कहा कि 2017 में खटीमा के विधायक के रूप में उन्होंने इस स्टेडियम की घोषणा की थी। हालांकि, कई बाधाओं के चलते उनके विधायक रहते हुए इस स्टेडियम का कार्य पूर्ण नहीं हो सका था। लेकिन प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में उन्हें इसका शुभारंभ करने का सुअवसर प्राप्त हुआ, जो उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा ये स्टेडियम क्षेत्र के युवाओं को खेल का मंच प्रदान करेगा, जहाँ वे अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे और उसके माध्यम से राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खटीमा सहित पूरे राज्य का गौरव बढ़ा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनिर्मित स्टेडियम आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। जहां बास्केटबॉल, फुटबॉल, वालीबॉल, कबड्डी जैसे खेलों के मैदानों का निर्माण कराया गया है, साथ ही खिलाड़ियों के ठहरने के लिए हॉस्टल और इनडोर कार्यक्रमों के लिए बहुउद्देश्यीय हॉल का भी निर्माण किया गया है। नए स्टेडियम में आगामी राष्ट्रीय खेलों की मलखंभ प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा राष्ट्रीय खेलो के आयोजन से क्षेत्र के युवाओं में खेलों के प्रति रुचि और उत्साह को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल, युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण होने के साथ ही युवाओं में अनुशासन, टीमवर्क और संघर्षशीलता जैसे गुणों का भी विकास करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के प्रारंभ से ही ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने की मजबूत नींव रखी है। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छू रहा है तथा वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार द्वारा प्रदेश में नई खेल नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी, आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों के खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण और शिक्षा तथा खेल-छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण और पुरस्कार राशि को दोगुना करने जैसे कदम भी उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हम शीघ्र ही राज्य में एक खेल विश्वविद्यालय भी स्थापित करने जा रहे हैं, जो खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाएँ उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आज देवभूमि और वीरभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। आगामी 28 जनवरी से हमारे राज्य में 38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन होने जा रहा है। इस बार, हम राष्ट्रीय खेलों को ‘ग्रीन गेम्स’ की थीम पर आयोजित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खेलों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा मुझे पूर्ण विश्वास है कि राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हमारे प्रदेश के युवाओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से वादा करते हुए कहा कि इस बार के राष्ट्रीय खेल न केवल ऐतिहासिक होंगे, बल्कि खेलों के क्षेत्र में उत्तराखंड की साख को विश्वस्तरीय रूप देने में भी सफल रहेंगे। उन्होंने कहा खटीमा उनका घर है, यहीं से उन्होंने अपनी जनसेवा की यात्रा आरंभ की थी, और इस क्षेत्र की प्रत्येक गली, प्रत्येक गाँव उनके दिल के करीब है। उन्होंने कहा कि खटीमा की माटी और यहाँ के लोगों से उन्हें हमेशा ऊर्जा और प्रेरणा मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खटीमा में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल से लेकर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। गदरपुर और खटीमा बाईपास का निर्माण, नए हाईटेक बस स्टैंड का निर्माण कार्य, खटीमा को अन्य क्षेत्रों से जोड़ने वाली सड़कों के चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण का कार्य जैसे अनेकों कार्य इस क्षेत्र में हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश एवं खटीमा क्षेत्र के विकास में आगे भी कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। राज्य सरकार सर्वश्रेष्ठ उत्तराखंड निर्माण के अपने विकल्प रहित संकल्प के आधार पर निरंतर कार्य कर रही है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने मलखम्ब खिलाड़ियों से संवाद किया व उनके खेल प्रतिभा को देख उनकी उसकी सराहना की।

इस अवसर पर विधायक खटीमा भुवन चंद कापड़ी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल जिंदल, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, पूर्व दर्जामंत्री राजपाल सिंह, विवेक सक्सेना, गिरीश जोशी, भैरव दत्त पाण्डे, जीवन धामी, कैलाश चंद्र, अमित पाण्डे, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, निदेशक खेल प्रशांत आर्या, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

राष्ट्रीय खेलों से छात्र-छात्राओं को जोड़ने के लिए युवा दिवस से पहल

38 वें राष्ट्रीय खेलों की गतिविधियां जिन भी शहरों में प्रस्तावित है, वहां पर छात्र-छात्राओं को इससे जोड़ने के लिए पहल की जा रही है। युवा दिवस यानी 12 जनवरी से प्रचार के आठ कंटेनरों को स्कूल-कॉलेजों के लिए रवाना किया जा रहा है। छात्र-छात्राएं इस प्रचार कंटेनरों के माध्यम से खेल मुकाबले के लिए अपनी सीट बुक करा सकेंगे। राष्ट्रीय खेल देखने के लिए निःशुल्क प्रवेश की व्यवस्था है।
उत्तराखंड अपनी स्थापना के रजत जयंती वर्ष में इस बार राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी कर रहा है। राष्ट्रीय खेल 28 जनवरी से लेकर 14 फरवरी तक प्रस्तावित हैं। देहरादून के अलावा हरिद्वार, शिवपुरी-ऋषिकेश, कोटी कालोनी टिहरी, नैनीताल, रूद्रपुर, खटीमा, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ जैसी जगहों पर विभिन्न खेलोें की प्रतियोगिताएं होनी हैं। राष्ट्रीय खेल सचिवालय तैयारियों में जुटा पड़ा है। कोशिश ये ही है कि हर वर्ग को इस आयोजन से परोक्ष या प्रत्यक्ष रूप से जोड़ा जाए। छात्र-छात्राओं को इस आयोजन से जोड़ने के लिए अब युवा दिवस के मौके को चुना गया है।

विशेष प्रमुख खेल सचिव और राष्ट्रीय खेल सचिवालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित सिन्हा के अनुसार-प्रचार के आठ कंटेनर 12 जनवरी से विभिन्न स्कूल-कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के बीच पहुंचेगे। इस दौरान क्यू आर कोड के जरिये छात्र-छात्राएं अपनी सीट भी बुक करा सकेंगे।

हम 38 वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के साथ सभी वर्गों का जुड़ाव चाहते हैं। राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करना हमारे लिए गौरव का विषय है। सभी खेल मुकाबलों में प्रवेश निशुल्क रखा गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस महा आयोजन के गवाह बन सके। मैं छात्र-छात्राओं और युवाओं से खास तौर पर अपील करूंगा कि वह इस आयोजन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

नेशनल गेम्स के आयोजन के लिये सीएम ने केंद्रीय खेल मंत्री का जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया से शिष्टाचार भेंट कर उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की तैयारियों के बारे में जानकारियां साझा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के 38वें संस्करण की मेजबानी का सौभाग्य उत्तराखण्ड को प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय खेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 28 जनवरी से 14 फरवरी, 2025 तक चलने वाले राष्ट्रीय खेलों के इस महापर्व में भारत के विभिन्न प्रान्तों से आए लगभग 10 हजार से अधिक कुशल खिलाड़ियों द्वारा प्रतिभाग किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए काफी तैयारियां की गई हैं। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से उत्तराखंड में खेल संस्कृति का विकास होगा। प्रदेश में खेल अवस्थापनात्मक सुविधाओं का इस प्रकार विकास किया जा रहा कि राज्य के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से जनपद अल्मोड़ा के डीनापानी में उच्च स्तरीय खेल सुविधाओं (हाई एल्टीट्यूट सेन्टर) के निर्माण और प्रत्येक विकासखण्ड स्तर पर खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किए जाने हेतु एक-एक बहुद्देशीय स्पोर्ट्स हॉल की स्थापना के लिए आवश्यक धनराशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्टस कॉलेज परिसर में स्थित आईस स्केटिंग रिंग के संचालन के लिए पूर्व में प्रेषित प्रस्ताव पर स्वीकृति के साथ ही राज्य सरकार द्वारा जनपद नई टिहरी स्थित शिवपुरी में संचालित साहसिक प्रशिक्षण केन्द्र के उच्चीकरण के लिए भी धनराशि की स्वीकृति दिए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से जिला चम्पावत में महिला स्पोर्ट्स कालेज की भूमि पर इण्डोर आर्टिफिशियल रॉक क्लाइबिंग वाल के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता का आग्रह किया।

अतः आपसे सादर अनुरोध है कि राज्य के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय खेल सुविधाओं हेतु उपरोक्त प्रस्तावों पर स्वीकृति निर्गत करने का कष्ट करें। आपकी इस सहृदयता से प्रदेश के खिलाड़ियों के मनोबल एवं उत्साह को नई ऊर्जा प्रदान होगी। केंद्रीय खेल मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में खेल अवस्थापनात्मक सुविधाओं के विकास के लिए केंद्र से हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

राष्ट्रीय खेलों के लिए पांडवाज बैंड ने तैयार किया मोटिवेशनल सॉंग हल्ला धूम धड़क्का

अडग अडग अगवाड़ी हिट/प्रीत बढ़ा, रीत बढ़ाश् (अडिग होकर कदम आगे बढ़ा/प्यार, सौहार्द बढ़ा/परंपरा रीत बढ़ा)। राष्ट्रीय खेलों के मोटिवेशनल सांग हल्ला धूम धड़क्का की यह शुरूआती पंक्तियां हैं। इसे उत्तराखंड के प्रख्यात पांडवाज बैंड ने तैयार किया है। अपने नाम के अनुरूप हल्ला धूम धड़ाका गीत धूम मचाने के लिए तैयार है। इसे रिलीज कर दिया गया है।

जाहिर तौर पर तीन मिनट के इस गीत का मिजाज खेलों और युवाओं को समर्पित है। चूंकि इसे राष्ट्रीय खेलों के लिए तैयार किया गया है, इसलिए इसका फलक बड़ा है। बावजूद इसके, उत्तराखंड की लोक संस्कृति की झलक पूरी शान से गीत में मौजूद है। खास तौर पर, जब पारंपरिक वेशभूषा में गाते और ढोल-दमाऊ बजाते पांडवाज ग्रुप के कलाकार दिखाई देते हैं। इस गीत को शिवानी भागवत, ईशान डोभाल और सुशांत भट्ट ने गाया है। विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा मानते हैं कि बहुत कम समय में पांडवाज ने एक बेहतरीन गीत तैयार किया है। राष्ट्रीय खेलों के लिए यह गीत युवाओं को प्रेरित करेगा।

वोकल फॉर लोकल के लिए पांडवाज को मौका
-पांडवाज बैंड ने उत्तराखंडी लोक संगीत के क्षेत्र में खास जगह बनाई है। लोक और आधुनिक संगीत का तालमेल इस बैंड की सबसे बड़ी खासियत है। राष्ट्रीय खेलों के प्रचार-प्रसार में पांडवाज बैंड की सरकार ने विशेष भूमिका निर्धारित की है। राष्ट्रीय खेलों की मशाल के विभिन्न स्थानों पर भ्रमण के दौरान पांडवाज ग्रुप के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, मोटिवेशन सांग के लिए पांडवाज को अवसर दिया गया। सरकार ने पांडवाज को अवसर देकर लोकल फॉर वोकल का उदाहरण पेश किया है।

ये हमारा परम सौभाग्य है कि राष्ट्रीय खेलों के आयोजन में पांडवाज बैंड की भूमिका रखी गई है। यह गीत दस दिनों में तैयार किया गया है। शूटिंग देहरादून स्टेडियम और आस-पास ही की गई। इस गीत को तैयार करते वक्त हमें कलात्मक स्वतंत्रता दी गई है। इसलिए और भी अच्छा लगा। राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी उत्तराखंड के लिए बहुत बड़ा अवसर है।
ईशान डोभाल, पांडवाज बैंड के संस्थापक सदस्य।

राष्ट्रीय खेलों का आयोजन न सिर्फ खेल प्रतिभाओं, बल्कि उत्तराखंड के स्थानीय कलाकारों व अन्य क्षेत्रों से जुडे़ लोगों को भी आगे आने का अवसर प्रदान करेगा। उत्तराखंडी लोक संस्कृति का भी इस आयोजन के जरिये प्रचार-प्रसार होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर हमारी सरकार वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए भी काम कर रही है।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

प्रधानमंत्री को दिया राष्ट्रीय खेलों में आने का आमंत्रण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री को मलारी (चमोली) की शॉल और नारायण आश्रम की प्रतिकृति भेंट की।

मुख्यमंत्री धामी ने राज्य के विकास में प्रधानमंत्री के नेतृत्व, मार्गदर्शन और सहयोग के लिए प्रदेश की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य में संचालित विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश – कर्णप्रयाग रेल परियोजना के प्रथम चरण पर तेजी से काम चल रहा है। टनकपुर बागेश्वर रेल परियोजना का सर्वे का कार्य हो चुका है। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना की स्वीकृति और परियोजना का पूर्ण वित्तीय व्यय भार केंद्र सरकार द्वारा किए जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश में प्रस्तावित बुनियादी विकास कार्यों के लिए ऋषिकेश के पुराने रेल स्टेशन को बंद करने और सभी ट्रेनों का संचालन ऋषिकेश के नए योग नगरी रेलवे स्टेशन से किए जाने का अनुरोध किया। पुराने स्टेशन की भूमि पर जो रेल ट्रैक है, उसका उपयोग नई सड़क व्यवस्था के लिए किया जा सकेगा जिससे यातायात में सुधार होगा।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में जल जीवन मिशन की प्रगति की जानकारी देते हुए जल जीवन मिशन में आवंटित केंद्रीय अंशदान की अवशेष धनराशि जल्द अवमुक्त किए जाने के लिए संबंधित को निर्देशित करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश को रिवर राफ्टिंग में पबवदपब बपजल के रूप में चयनित करने पर आभार व्यक्त करते हुए हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर परियोजना के लिए राज्य के सीमित संसाधनों को देखते हुए केंद्र स्तर से संसाधन उपलब्ध कराए जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश में भूतापीय ऊर्जा के दोहन के लिए आइसलैंड एंबेसी के सहयोग से एक एमओयू प्रस्तावित है। इस एमओयू पर भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से आवश्यक अनापत्ति पत्र प्राप्त किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना के लिए सभी तकनीकी और वित्तीय सहयोग राज्य सरकार को प्रदान किए जाने का अनुरोध किया ताकि वर्ष 2070 तक कार्बन नेट जीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने में उत्तराखंड अहम भूमिका निभा सके।

मुख्यमंत्री ने सड़क परिवहन मंत्रालय में प्रेषित प्रस्तावों ऋषिकेश बायपास, हरिद्वार बायपास (पैकेज 2), देहरादून – मसूरी कनेक्टिविटी, देहरादून रिंग रोड, चंपावत बायपास, लालकुआं, हल्द्वानी और काठगोदाम बायपास और मानसखंड प्रॉजेक्ट की स्वीकृति के लिए संबंधित को निर्देशित किए जाने का भी अनुरोध किया।

द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए चयनित कोच सुभाष राणा बोले, नेशनल गेम्स बहुत बड़ा अवसर

द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए चयनित कोच सुभाष राणा मानते हैं कि 38 वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी हमारे लिए किसी सौगात से कम नहीं है। इस आयोजन के दौरान खेलों के लिए इतना बड़ा आधारभूत ढांचा उत्तराखंड में तैयार हो जाएगा, कि खेल प्रतिभाओं को प्रशिक्षण के लिए बाहर नहीं जाना पडे़गा। स्थिति ऐसी बदलेगी कि अन्य प्रदेशों के खिलाड़ी प्रशिक्षण के लिए यहां आने शुरू हो जाएंगे। राणा का यह भी कहना है कि सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ियों के अन्य प्रदेशों से खेलने पर भी रोक लग जाएगी। इस तरह से यह आयोजन खेल पलायन को भी रोकेगा। श्री राणा ने राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी को शुभकामनाएं भी दी।

द्रोणाचार्य पुरस्कार मिलने पर राणा का कहना है-जब आपके काम को मान्यता मिलती है, तो स्वाभाविक तौर पर उत्साह बढ़ता है और खुशी मिलती है। 38 वें राष्ट्रीय खेलों के लिए उत्तराखंड की मेजबानी को वह खेल विकास के लिए बहुत बडे़ अवसर के तौर पर देखते हैं। राणा के अनुसार-राष्ट्रीय खेल जहां भी होते हैं, वहां खेल का बड़ा आधारभूत ढांचा तैयार हो जाता है। इससे खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने और निखरने का अवसर मिलता है। खेल का जो आधारभूत ढांचा उत्तराखंड में दस-बीस वर्षों बाद तैयार होना था, वह राष्ट्रीय खेलों की वजह से कुछ दिनों में ही तैयार मिलेगा। नई प्रतिभाओं को आगे आने में इससे बहुत लाभ मिलेगा। उत्तराखंड खेलों में नई ऊंचाइयां प्राप्त करेगा।

उत्तराखंड से खेलने के लिए कर रहे संपर्क

विभिन्न खेलों में अन्य प्रदेशों का प्रतिनिधित्व कर रहे कई खिलाड़ी अब उत्तराखंड से खेलने के इच्छुक हैं। सुभाष राणा ने एक बातचीत में इस बात की पुष्टि की है। उत्तराखंड की शूटिंग फेडरेशन से जुडे़ सुभाष राणा के अनुसार-ऐसे कई खिलाड़ियों ने उनसे संपर्क किया है। कई खिलाड़ी खेलों की अन्य फेडरेशन से भी संपर्क कर रहे हैं।

खिलाड़ी/कोच बतौर ये हैं उपलब्धियां

जाने-माने शूटर रहे सुभाष राणा के खाते में चार अंतर्राष्ट्रीय स्वर्ण और दो रजत पदक शामिल हैं। उन्होंने वर्ष 1994 में इटली और वर्ष 1998 में स्पेन में हुई विश्व शूटिंग चौंपियनशिप में भाग लिया था। एक कोच के तौर पर उनकी उपलब्धियों की चर्चा करें, तो वर्ष 2020 में टोक्यो पैरालंपिक में शामिल हुई शूटिंग टीम को उन्होंने प्रशिक्षित किया था। इस टीम ने पैरालंपिक में पांच मेडल जीते थे। भारतीय पैरा शूटिंग टीम के वह लंबे समय तक प्रशिक्षक रहे हैं।
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द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए चयनित होने पर सुभाष राणा को हार्दिक बधाई। उन्होंने उत्तराखंड का मान बढ़ाया है। खेल क्षेत्र में उत्तराखंड दिन प्रतिदिन आगे बढ़ रहा है। अब राष्ट्रीय खेलों का आयोजन खेल विकास में एक नई इबारत लिखेगा। खेलों में उत्तराखंड और देश का नाम आगे बढ़ान वाले सभी खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों से मेरी अपील है कि वे राष्टीय खेलों में अपनी भागीदारी निभाएं।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

सीएम ने नवनिर्मित आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्पलैक्स का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में नव निर्मित आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में 54 करोड़ 31 लाख रूपये की 239 योजनाओं को लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा हमारी सरकार जिन योजनाओं का शिलान्यास करती है, उनका लोकार्पण भी करती है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकास अनवरत रूप से चलते रहे, यह हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा जिन परियोजना का आज लोकार्पण हुआ है, उनसे आने वाले समय में धर्मनगरी हरिद्वार में विकास की गंगा भी बहेगी। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की ओर से नवनिर्मित सिटी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में बनाए गए लॉंग टेनिस कोर्ट, क्रिकेट प्रैक्टिस पिच, बैडमिंटन कोर्ट, हरिद्वार के साथ पूरे प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण और मददगार साबित होगा। निश्चित रूप से यह हमारे खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में हर प्रकार से उनके विकास में सहयोग करेगा। सिटी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स हमारे प्रदेश में आयोजित होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की दृष्टि से भी बड़ी उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिथौरागढ़ में पिछले वर्ष 12 अक्टूबर को हमारे राज्य में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन का उद्घोष किया था, राष्ट्रीय खेलों की तैयारी जोरो शोरों से चल रही है। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से पहले हमने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर खेल स्टेडियम, इनडोर आउटडोर स्टेडियम का पुनर्निर्माण कार्य किया है। उन्होंने कहा हरिद्वार में भी राष्ट्रीय खेल का आयोजन किया जाएगा। जिससे कुंभ नगरी हरिद्वार को खेल नगरी के रूप में नई पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शीतकालीन यात्रा की तेजी से तैयारी कर रही है। शीतकाल यात्रा शुरू होने से क्षेत्र में पूरे साल यात्रा अनवरत चलेगी। जिसका मुख्य आधार हरिद्वार होगा। जिससे रोजगार के कई अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के शिक्षा, स्वास्थ्य, रेलवे, हवाई कनेक्टिविटी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है। हरिद्वार में भी अनेकों विकास कार्य गतिमान है। हरिद्वार के अंदर निर्मित हो रहे मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। लालढांग क्षेत्र में मॉडर्न डिग्री कॉलेज की स्थापना की गई है। ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ग्राम श्यामपुर में स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई है। धर्मनगरी हरिद्वार को भव्य और दिव्य रूप देने के लिए राज्य सरकार हरिद्वार और ऋषिकेश में कॉरिडोर का कार्य कर रहे है। हरिद्वार में हैली सेवाओं के लिए हैलीपैड का निर्माण करने के साथ ही नगर की जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए कई योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर की पैड़ी से माँ चंडीदेवी तक रोपवे के निर्माण को हरी झंडी दी गई है। जिसका निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ हो जायेगा। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण की ओर से शंकराचार्य फ्लाईओवर के नीचे गेम जोन बनाकर खिलाड़ियों को वॉलीबॉल, टेबल टेनिस, क्रिकेट सहित अन्य खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ दूधाधारी फ्लाई ओवर के नीचे बड़े स्तर पर पार्किंग, कमर्शियल एवं पार्क सहित विकास कार्य कराए जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा कावड़ पटरी मार्ग को स्थाई रूप से विकसित किया गया है। उन्होंने कहा राज्य सरकार प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, पलायन को जड़ से समाप्त करने और राज्य के अंदर निवेश लाने, उद्योग स्थापित करने और स्वरोजगार को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाओं पर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दुग्ध उत्पादन, मधु उत्पादन, कृषि, बागवानी, सुगंधित फूलों की खेती और होम स्टे निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। लखपति दीदी योजना के माध्यम से वित्तीय सहायता प्राप्त कर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। पिछले तीन वर्षों में पारदर्शिता के साथ 19000 से भी ज्यादा लोगों को सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में किसी भी होनहार छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा राज्य सरकार डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है। राज्य सरकार प्रदेश में जल्द ही समान नागरिक संहिता को लागू करने वाली है। जिसके लिए सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, विधायक मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, कुंवर प्रताप सिंह चौंपियन, जिलाध्यक्ष संदीप गोयल, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, देशराज कर्णवाल, जिलाधिकारी कमेन्द्र सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोभाल, एचआरडीए सचिव उत्तम सिंह चौहान, एचआरडीए उपाध्यक्ष अंशुल सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

38 वें राष्ट्रीय खेल में योग को शामिल करने के बाद मुहिम तेज होना तय

ओलंपिक में योग को शामिल करने की मुहिम अब उत्तराखंड से परवान चढे़गी। 38 वे राष्ट्रीय खेलों में योग को शामिल करने के दूरगामी परिणाम तय माने जा रहे हैं। उत्तराखंड के लिए यह दोहरी खुशी का मौका है। पहली बार राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी की खुशी अपनी जगह है। इसके अलावा, एक खेल के रूप में योग का राष्ट्रीय खेलों में पदार्पण भी उत्तराखंड की ही धरती पर हो रहा है।

योग को ओलंपिक खेलों में शामिल कराने के लिए केंद्र सरकार ने एक अभियान छेड़ा हुआ है। कई मंचों पर भारत अपनी इस मांग को प्रभावशाली ढंग से उठा चुका है। केंद्र सरकार प्रयासरत है कि अगले ओलंपिक खेलों में योग को र्प्रारंभिक तौर पर शामिल कर लिया जाए। इसके बाद, वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों में योग को एक मेडल गेम के रूप में मान्यता मिल जाए। राष्ट्रीय खेलों का योग को हिस्सा बनाने की बातें पहले से होती रही हैं, लेकिन उत्तराखंड में होने जा रहे 38 वें राष्ट्रीय खेल में इसे औपचारिक तौर पर शामिल कर लिया गया है। उत्तराखंड और योग प्रेमियों के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

उत्तराखंड ओलंपिक संघ के महासचिव डा डीके सिंह इसका पूरा श्रेय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को दे रहे हैं। बकौल, डा सिंह-मुख्यमंत्री ने भारतीय ओलंपिक संघ से इसके लिए ठोस पैरवी की। इसके नतीजतन ही योग अब राष्ट्रीय खेलों का हिस्सा है।

अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक संघ पर पडे़गा अब दबाव
भारत की ओर से अभी तक ओलंपिक खेलों में योग को शामिल करने की मांग जरूर की जा रही थी, लेकिन उसके अपने राष्ट्रीय खेलों में ही यह शामिल नहीं था। अब 38 वें राष्ट्रीय खेलों में योग के शामिल होने से अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक संघ के समक्ष प्रभावपूर्ण पैरवी संभव हो सकेगी।

दुनिया में लगातार बढ़ रही योग की स्वीकार्यता
केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के काबिज होने के बाद से योग की स्वीकार्यता पूरी दुनिया में बढ़ी है। योग के ब्रांड अंबेसडर बनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग का व्यापक प्रचार-प्रसार किया है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रभाव भी बढ़ा है। केंद्रीय खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने योग को लेकर एक अलग फेडरेशन का निर्माण किया है। इस फेडरेशन के मार्फत ही योग को ओलंपिक में शामिल करवाने की पैरवी की जा रही है।

दो-तीन दिन के भीतर डीओसी उत्तराखंड में
योग और मलखंब को राष्ट्रीय खेलों में शामिल करने का औपचारिक पत्र उत्तराखंड को प्राप्त हो गया है। शुभंकर समारोह में भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष डा पीटी ऊषा ने सार्वजनिक तौर पर इसकी जानकारी साझा की थी। उत्तराखंड ओलंपिक संघ के महासचिव डा डीके सिंह के अनुसार-दो-तीन दिन के भीतर इस संबंध में डायरेक्टर ऑफ कम्पटीशन (डीओसी) की टीम उत्तराखंड पहुंच रही है। योग की प्रतिस्पर्धा अल्मोड़ा में कराई जा रही है, जबकि मलखंब के लिए खटीमा चयनित किया गया है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में योग का दुनिया भर में व्यापक प्रचार प्रसार हुआ है। वह दिन दूर नहीं, जब योग ओलंपिक खेलों का भी हिस्सा होगा। उत्तराखंड इस मामले में सौभाग्यशाली है कि वह 38 वें खेलों की मेजबानी योग खेल के साथ कर रहा है। निश्चित तौर पर इससे ओलंपिक में योग को शामिल करने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री