राष्ट्रीय खेल दिवस पर मेजर ध्यानचंद को किया याद, खिलाड़ियों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बहुउद्देशीय क्रीडा भवन, परेड ग्राउंड देहरादून में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सभी को खेल दिवस की शुभकामना दी तथा हॉकी के जादूगर के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पेरिस ओलंपिक 2024 में प्रतिभाग करने वाले उत्तराखंड के 4 खिलाड़ियों (लक्ष्य सेन, परमजीत सिंह, सूरज पंवार, अंकिता ध्यानी) को 50-50 लाख की धनराशि के चेक प्रदान किये।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर उत्तराखंड में आयोजित होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेल की वेबसाइट का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में राज्य के खिलाड़ियों को एक ही स्थान पर अपना पंजीकरण करने एवं उपलब्धियां दर्ज करने के उद्देश्य से न्ज्ञैत्ै पोर्टल भी लाचं किया गया है। उन्होंने उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के 3900 ( 1950 बालक एवं 1950 बालिकाएं) खिलाड़ियों को डी.बी.टी के माध्यम से कुल 58 लाख 50 हज़ार रूपये की छात्रवृत्ति वितरित की। मुख्यमंत्री ने 269 राष्ट्रीय, 58 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों एवं 65 प्रशिक्षको, इस प्रकार कुल 392 लोगों को डी.बी.टी के माध्यम से 7 करोड़ 4 लाख की पुरस्कार धनराशि का भी वितरण किया।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान घोषणा की कि महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, देहरादून के छात्रों हेतु खेल गतिविधियों से जुड़ी स्नातक कक्षाओं को भी प्रारंभ किया जाएगा। जिसे निर्माणाधीन खेल विश्वविद्यालय के साथ जोड़ा जायेगा। मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत चयनित 2600 खिलाडियों में से 10 प्रतिशत खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर चयनित कर विशेष प्रशिक्षण दिये जाने की व्यवस्था की जायेगी। भारत सरकार के खेल मंत्रालय द्वारा संचालित टारगेट ओलम्पिक पोडियम योजना की भांति राज्य सरकार द्वारा भी टारगेट इंटरनेशनल पोडियम योजना संचालित की जायेगी। जिससे कि उत्तराखण्ड राज्य के खिलाड़ियों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक अर्जित करने में सहायता प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मेजर ध्यानचंद का खेल के क्षेत्र में दिया गया योगदान प्रेरणादायी है। पेरिस ओलंपिक में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियो एवं पैरा ओलंपिक में प्रतिभाग करने जा रहे सभी खिलाड़ियों को भी शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा उत्तराखंड के जिन खिलाडियों ने पेरिस ओलंपिक तक का सफर तय किया है, यह अभी इन खिलाडियों की शुरूवात है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में खेल एवं खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने हेतु हर स्तर पर अभिनव प्रयास किए जा रहे हैं। देश के हर खिलाड़ी को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री निरंतर उनसे संवाद करते हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में खेल के लिए मजबूत आधार तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। खेल एवं खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नई खेल नीति लागू की गई है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरियों में प्रमोशन देने की शुरुआत की गई है। इसके तहत 31 खिलाड़ियों को सरकारी विभागों में नियुक्ति प्रदान की है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में खेल विश्वविद्यालय बनाने के लिए विधेयक भी पास कर दिया गया है। राज्य में खेल विश्वविद्यालय बनने से हमारे खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण, सुविधायें एवं अवसर प्राप्त होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री खेल विकास निधि की स्थापना की है। जिसमें पूर्व निर्धारित धनराशि में 100 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों के लिए खेल किट खरीदने हेतु दी जाने वाली धनराशि को 3 हजार से बढ़ाकर 5 हजार किया गया है। राज्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। राज्य में उत्तराखंड खेल रत्न पुरस्कार एवं हिमालय खेल रत्न पुरस्कार भी प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार ने खेल कोटे को फिर से लागू कर दिया है। खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के साथ खेल अवस्थापनाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मौजूद विभिन्न खेल मैदानों को राष्ट्रीय स्तर के मैदानों के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा राज्य के लिए हर्ष का विषय है कि प्रदेश को 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करना राज्य के लिए बड़ा अवसर है।

खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्य ने राष्ट्रीय खेल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित है। उन्होंने पहले के समय में चुनौतियों का सामना करते हुए पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन किया। आज अभिभावक अपने बच्चों को खेल के क्षेत्र में भी आगे बढ़ा रहे हैं। जब मेहनत और जुनून की पराकाष्ठा पार हो तब परिणाम जादूगरी में ही दिखते हैं। उन्होंने कहा खिलाड़ी की उपाधि आसान नही है। खिलाड़ी असंभव कार्य को संभव करके दिखाता है। मुख्यमंत्री श्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा खेल के क्षेत्र में ऐतिहासिक योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।

खेल मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत खिलाड़ियों के चयन एवं उनके लिए संसाधनों हेतु आर्थिक सहयता प्रदान की जा रही है। राज्य में खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है। सरकार द्वारा स्पोर्ट्स डेवलपमेंट फंड की व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही खेल सामग्री का वितरण भी किया जाएगा। 38वें राष्ट्रीय खेल की मेजबानी उत्तराखंड राज्य को मिली है, जिसके लिए सारी तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी हैं।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, निदेशक खेल जितेंद्र सोनकर एवं खेल जगत से जुडे़ प्रतिनिधि उपस्थित थे।

पेरिस ओलिंपिक में प्रतिभाग कर लौटे खिलाड़ियों का सीएम ने बढ़ाया उत्साह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में पेरिस ओलिंपिक में प्रतिभाग कर लौटे खिलाड़ियों अंकिता ध्यानी, परमजीत सिंह एवं सूरज पंवार ने भेंट की।
मुख्यमंत्री ने पेरिस ओलंपिक में प्रतिभाग पर तीनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उन्हें सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सूरज पंवार ने 42 किमी रेस वॉक मिक्स्ड रिले, परमजीत सिंह ने 20 किमी रेस वॉक एवं अंकिता ध्यानी ने 5000 मीटर में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री ने तीनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे आगे आने वाली प्रतियोगिताओं में पूरे समर्पण से अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और प्रदेश की जनता उनके साथ है।

38वें राष्ट्रीय खेल की तैयारियों को लेकर हुई अहम बैठक

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में राज्य में प्रस्तावित 38वें राष्ट्रीय खेलों से सम्बन्धित उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की बैठक सचिवालय में सम्पन्न हुई। मुख्य सचिव रतूड़ी ने आज की बैठक में उत्तराखण्ड में पहली बार प्रस्तावित 38वें नेशनल गेम्स की तैयारियों के सम्बन्ध में देहरादून, हल्द्वानी, रूद्रपुर, हरिद्वार, टिहरी व पिथौरागढ़ में निर्धारित आयोजन स्थलों, स्टेडियम व खेल परिसरों के आसपास की सड़कों के नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण की तैयारियों तथा इस सम्बन्ध में चीफ इंजीनियर लोक निर्माण विभाग को नोडल अधिकारी नियुक्त करने के सम्बन्ध में निर्देश दिए।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने नेशनल गेम्स में प्रतिभाग करने जा रहे उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन तथा इस सम्बन्ध में गुजरात एव केरल राज्यों के मॉडल का अध्ययन करने, नेशनल गेम्स के आयोजन के दौरान सुरक्षा व कानून व्यवस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन, नेशनल गेम्स के सम्बन्ध में प्रचार-प्रसार व जन जागरूकता हेतु नोडल अधिकारी नामित करने पर चर्चा की। मुख्य सचिव ने प्रस्तावित नेशनल गेम्स हेतु आईस रिंक, अर्न्तराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, टेनिस कोर्ट व घुड़सवारी के मैदानों के लिए बुनियादी ढांचे के विकास व रेनोवेशन कार्यों पर भी चर्चा की। बैठक के दौरान 38वें नेशनल गेम्स के सफल आयोजन में खेल विभाग की सहायता के लिए एक स्पोर्टस प्रोजेक्ट मेनेजमेंट यूनिट स्थापित करने तथा गेम्स मेनेजमेंट सिस्टम को संचालित करने के लिए एकीकृत स्पोर्टस पोर्टल व एप्प को डिजाइन व डेवलप करने पर भी चर्चा की गई।
बैठक में पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु, विशेष सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली सहित खेल विभाग व अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

खिलाड़ियों के बीच आकर हमेशा उत्साह और ऊर्जा का होता है संचारः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड, देहरादून में 24 जुलाई से 28 जुलाई तक आयोजित होने वाली 22वीं उत्तराखण्ड राज्य जूनियर एवं सीनियर बैडमिंटन चैपियनशिप का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन भी किया ।

मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि खिलाड़ियों के बीच आकर उनमें हमेशा उत्साह और ऊर्जा का संचार होता है। बैडमिंटन के क्षेत्र में उत्तराखंड, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशेष पहचान बना रहा है। लक्ष्य सेन सहित कई खिलाड़ी बैडमिंटन में इतिहास रचते हुए देश एवं प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। वर्तमान समय में खेल के बेहतर अवसर एवं संसाधन मौजूद हैं। युवा अपने प्रयासों से निरंतर प्रयास करते रहें, जिससे उन्हें भविष्य में निश्चित ही सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा खेल के प्रति लगन और अनुशासन, जीवन में नई ऊंचाइयां प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गये है। खिलाड़ियों को प्रोत्साहन दिया जाता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रमों के शुभारंभ से खेल को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया गया है। ओलंपिक में भारत के अच्छे प्रदर्शन के लिए खिलड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग एवं सुविधाएं दी जा रही है। हर अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेलों पर भारत के कदम निरंतर बढ़़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष आयोजित हो रहे पेरिस ओलंपिक में भारत की ओर से अब तक का सबसे बड़ा दल प्रतिभाग करने जा रहा है। राज्य सरकार भी प्रदेश में खेलो एवं खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए हर स्तर पर कार्य कर रही है। प्रदेश भर में प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन, खेल सामग्री का वितरण, आवासीय क्रीडा छात्रावास योजना के तहत खिलाड़ियों को मुफ्त शिक्षा, चिकित्सा, भोजन की सुविधा दी जा रही है। ओलंपिक में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतने पर क्रमशः 2 करोड़, 1.5 करोड़ एवं 1 करोड़ की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण, रजत एवं कास्य पदक विजेताओं को क्रमशः 6 लाख, 4 लाख, 3 लाख की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन को बढ़ावा देने के लिए नई खेल नीति लागू की गई है। इस वर्ष मेडल प्राप्त करने वाले 31 खिलाड़ियों को सरकारी विभागों में नियुक्तियां दी है। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत 8 से 14 वर्ष के 3900 खिलाड़ियों को 1500 प्रति माह छात्रवृत्ति दी जा रही है। खेल छात्रावास में रहकर तैयारी कर रहे खिलाड़ियों के दैनिक भत्ते को 175 से बढ़ाकर 225 कर दिया गया है। ग्रामीण स्तर पर ओपन जिम के लिए 10 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया है। उत्तराखंड को आगामी राष्ट्रीय खेलों के आयोजन का अवसर मिला है। जो हमारे लिए बड़ा अवसर है।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, यूएसबीए की अध्यक्ष डॉ. अलकनंदा अशोक, सचिव बी.एस मनकोटी, राकेश डोभाल एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों और बड़े शहरों में बनाएं जाए बहुउद्देशीय हॉल और खेल मैदानः सीएम

राज्य के सभी जनपदों और 50 हजार से अधिक आबादी वाले शहरों में खेल विभाग द्वारा आधुनिक सुविधायुक्त बहुउद्देशीय हॉल और खेल मैदान बनाएं जाएं। खेल विभाग 10 दिन में इसका पूरा प्रस्ताव तैयार कर 02 साल में इन्हें बनाकर पूर्ण करे। यह निर्देश मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में खेल विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुउद्देशीय हॉल और खेल मैदान के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए बहुउद्देशीय हॉल में बैडमिंटन, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और अन्य इंडोर गेम की व्यवस्था की जाय। इनके संचालन और रखरखाव की भी समुचित व्यवस्था करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि विभागों द्वारा जो भी योजनाएं बनाई जा रही हैं, वे ठोस तरीके से बने। यह सुनिश्चित किया जाय कि योजनाओं का कार्य धरातल पर दिखे। योजनाओं का आम जन को पूरा लाभ मिले, इसके लिए योजनाओं का विभिन्न माध्यमों से प्रचार एवं प्रसार भी किया जाए। सभी विभाग यह भी सुनिश्चित करें कि सरकारी संस्थान साफ-सुथरे हों। खेल विभाग द्वारा खिलाड़ियों और विभागीय कार्मिकों के सहयोग से खेल परिसरों में स्वच्छता अभियान चलाया जाय राज्य में खेलों को तेजी से बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने संस्थानों से कोई एक खेल गोद लेने की अपेक्षा की है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ युवा, स्वस्थ उत्तराखण्ड’ योजना के तहत ग्राम पंचायतों में स्थापित ‘ओपन जिम’ का क्रियान्वयन और प्रभावी तरीके से किया जाए।

बैठक में जानकारी दी गई मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत राज्य में 08 से 14 वर्ष के 3900 बालक एवं बालिकाओं को 1500-1500 रूपये की छात्रवृत्ति प्रतिमाह दी जा रही है। मुख्यमंत्री प्रोत्साहन खिलाड़ी योजना के तहत 2208 बालक एवं बालिकाओं को प्रतिमाह 2000-2000 रूपये की छात्रवृत्ति और 10-10 हजार रूपये प्रतिवर्ष खेल उपकरण के लिये दिया जा रहा है। आउट ऑफ टर्न योजना के अन्तर्गत 31 कुशल खिलाड़ियों को नियुक्ति प्रदान की गई है।

बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगोली एवं खेल निदेशक जितेन्द्र कुमार सोनकर उपस्थित थे।

चीन में उत्तराखंड के अंगद ने भारत का नाम किया रोशन

उत्तराखंड के अंगद बिष्ट की फुर्ती, मुक्कों और गजब के कुश्ती कौशल का दुनिया लोहा मान रही है। मिक्स् मार्शल आर्ट्स में अंगद बिष्ट रोज नए कीर्तिमान रच रहे हैं। बीते रविवार को एक बार एंगद की धमक दुनिया ने देखी जब उन्होंने चीन में आयोजित रोड टु यूएफसी के मुकाबले में फिलीपींस के जॉन अल्मांजा को हराकर रोड टू यूएफसी के सेमीफाइन में प्रवेश किया।

रोड टू यूएफसी मिक्स मार्शल आर्ट की ऐसी चौंपियनशिप है जिसमें एशिया के टॉप एथलीट भाग लेते हैं। और अपने प्रतिद्वंदियों को मात देकर फाइनल में जाते हैं। फाइनल जीतने वाला रेसलर दुनिया की सबसे खतरनाक मिक्स मार्शल आर्ट प्रतियोगिता यूएफसी (अल्टीमेट फाइटिंग चौंपियनशिप) के लिए क्वालिफाई करते हैं।

रविवार को फ्लाइवेट कैटेगरी में जैसी ही क्वाटरफाइनल मुकाबला शुरू हुआ अंगद बिष्ट ने विरोधी पर ताबड़तोड़ पंच बरसाना शुरू कर दिए। अंगद की फुर्ती और रौब के आगे विरोधी टिक नहीं सका औऱ बुरी तरह पिट गया। इसे देखते हुए रेफरी ने टेक्निकल नॉक आउट (ज्ज्ञव्) पद्धति से फैसला अंगद के पक्ष में दिया। आपको बता दें कि जब रेफरी को लगता है कि एक पहलवान के आगे दूसरा पहलवान कहीं नहीं टिक पा रहा और उसकी जान को भी खतरा हो सकता है, ऐसी स्थिति में ज्ज्ञव् से फैसला दिया जाता है। सेमीफाइनल मुकाबले में अंगद का मुकाबला कोरिया के रेसलर चाइ डोंग हून से होगा।

अंगद की जीत पर उनके गृह जनपद रुद्रप्रयाग में खुशियों का माहौल है। प्रदेशभर से सोशल मीडिया पर अंगद को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई मिल रही है।

अंगद बिष्ट मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में उत्तराखंड के युवाओं को प्रतिभाशाली बनाने के लिए देहरादून में म्यूटेंट एम.एम.ए. एकेडमी चलाते हैं। अंगद से कोचिंग लेने देशभर के फाइटर देहरादून आ रहे हैं। वह महिला फाइटरों को भी कोचिंग दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहाड़ के युवाओं का स्टेमिना और बॉडी स्ट्रक्चर काफी मजबूत होता है, बस जरूरत है तो उन्हें अच्छी कोचिंग की, जो प्रयास उनकी तरफ से पिछले किया जा रहा है।

देवभूमि ऋषिकेश मार्शल आर्टस ट्रेनिंग सेंटर के 60 खिलाड़ियों ने की बैल्ट परीक्षा उत्तीर्ण

सिको काई कराटे इंटरनेशनल इंडिया के तत्वधान में आज देव भूमि ऋषिकेश मार्शल आर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर की कोच शिवानी गुप्ता द्वारा खिलाड़ियों की बैल्ट परीक्षा ली गई। कोच शिवानी गुप्ता ने बताया कि बैल्ट परीक्षा से खिलाड़ी का मनोबल बढ़ता है और वह स्वयं को और बेहतर बनाने की कोशिश करता है।

कोच शिवानी गुप्ता ने बताया कि माधवन, दीक्षा देवनाथ, सलोनी, प्राची नौटियाल, अनय अग्रवाल, विनय, राघव, ध्रुव, श्री गुप्ता, अवयुक्त,रमन, दिग्विजय, ओंकार, ईवा, अवनी, आदित्य, अंशुमन, वेदांश, रियांश, करण,आरव, सोमेश सेमवाल,इशांत, सक्षम, अनुराग चमोली,शौर्य, शिवानी, पार्थ, काव्या रौतेला, वर्णिका ने यैलो बैल्ट परीक्षा उत्तीर्ण की। कार्तिक पोरवाल, दिव्यता मान, निकिता कौशिक, अंशिका रावत, श्रेया गोला, वैष्णवी चौहान, गरिमा, योगेश, नैतिक, संजय, समष्टि, समृद्धि, विष्णु, अनुराग ने ऑरेंज बैल्ट परीक्षा उत्तीर्ण की। हर्षित भट्ट, रक्षित, अंश, श्लोक, साइमन,वीर, तविषा,तेजस्वी ने ग्रीन बेल्ट परीक्षा उत्तीर्ण की।भव्या चौहान आस्था शाश्वत ने ब्लू बेल्ट परीक्षा उत्तीर्ण की।
जबकि सीनियर कैटेगरी में प्रिया वर्मा, सोनाक्षी पात्रों, सानिया, जयवर्धन रमोला, सार्थक भट्ट ने ब्राउन बेल्ट की परीक्षा उत्तीर्ण की।

इस अवसर पर कराटे इंडिया ऑर्गेनाइजेशन महासचिव संजीव कुमार जांगड़ा, कोच विपिन डोगरा एवं खेल प्रेमियों ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

मंत्री अग्रवाल ने ग्रेपलिंग खिलाड़ियों को किया सम्मानित

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने ग्रेपलिंग एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड द्वारा सातवीं स्टेट ग्रेपलिंग चौपियनशिप कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र व मैडल देकर सम्मानित किया।

श्री भरत मन्दिर पब्लिक स्कूल के हॉल में कार्यक्रम का शुभारंभ कर डॉ अग्रवाल ने कहा कि टूर्नामेंट किसी भी खेल का हो, यह हमें आपसी सौहार्द, भाईचारा को बढ़ावा देता हैै। इस तरह के आयोजन से हमारी प्रतिभाओं को एक मंच मिलता है और इस मंच के जरिए अपने हुनर को निखारने का मौका भी।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि जहां तक बात ग्रेपलिंग, कुश्ती, कराटे और मार्शल आर्ट की हो तो आजकल के माहौल को देखते हुए सभी अभिभावकों को अपने बच्चों को इस तरह के खेल के प्रति रूचि दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे आपके बच्चों को प्रत्यक्ष रूप से शारीरिक विकास तो होगा ही, साथ ही अप्रत्यक्ष रूप से मानसिक विकास भी होगा।

डॉ अग्रवाल ने प्रतिभाग कर रहे खिलाड़ियों को कहा कि मैच में चाहे विपरीत परिस्थितियां भी क्यों न बन रही हो, उस दौरान खेल भावना का विशेष ध्यान देना चाहिए। कहा कि क्यों कि खेल कोई भी हो, हमें झगड़ना नहीं सीखाता।

इस मौके पर डॉ अग्रवाल ने सातवीं प्रदेश ग्रेपलिंग चौंपियनशिप 2024 के लिए आयोजकों को बधाई दी। इस मौके पर महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य, अध्यक्ष ग्रेपलिंग एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड अखिलेश मित्तल, जिला उपाध्यक्ष दिनेश सती, महासचिव नवीन रयाल, कोषाध्यक्ष सागर गर्ग, महिला मोर्चा मण्डल अध्यक्ष माधवी गुप्ता, मंडल अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा राधे जाटव, मण्डल अध्यक्ष युवा मोर्चा जगावर सिंह, सुधा असवाल, अनिल रावत, अभिनव पाल आदि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से खेल के क्षेत्र में देश व प्रदेश का नाम रोशन करने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड के बहुउद्देशीय हॉल में रोल बाल फेडरेशन ऑफ़ इंडिया द्वारा आयोजित 16वीं सब जूनियर (अंडर-14) बॉयज एंड गर्ल्स नेशनल रोल बाल चौंपियनशिप में प्रतिभाग करते हुये खिलाड़ियों का उत्साहवर्द्धन किया।

मुख्यमंत्री ने इस मौक़े पर उत्तराखंड तथा हिमाचल के बीच आयोजित मैच का आनंद लिया तथा खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने इससे पहले सभी खिलाड़ियों का परिचय लिया तथा खेल के क्षेत्र में देश व प्रदेश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

उल्लेखनीय है कि 25 से 28 अप्रैल, 2024 तक आयोजित राष्ट्रीय स्तर की इस सब जूनियर (अंडर-14) बॉयज एंड गर्ल्स नेशनल रोल बाल चैपियनशिप में देशभर की 28 टीमें भाग ले रही हैं।

इस अवसर पर नेशनल रोल बाल चैंपियनशिप के प्रेजिडेंट पंकज भारद्वाज, सेकेट्री चिरतानजी नेगी, अमित भाटिया, आशीष नेगी, डॉ. वरुण प्रताप सिंह, प्रियांक शर्मा, प्रमोद कुमार सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे।

उत्तराखंड राज्य स्तरीय किक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में ऋषिकेश के खिलाड़ियों का रहा जलवा

उत्तराखंड एमेच्योर किकबॉक्सिंग एसोसिएशन के तत्वाधान में देहरादून में उत्तराखंड राज्य स्तरीय किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता परेड ग्राउंड देहरादून बैडमिंटन हॉल में आयोजित की गई।

प्रतियोगिता में नेशनल रेफरी किक बॉक्सिंग एवम कोच शिवानी गुप्ता ने बताया कि प्रतियोगिता का शुभारंभ 21 अप्रैल 2024 को उत्तराखंड एमेच्योर किक बॉक्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद कोटनाला ने दीप प्रज्वलित कर किया।

प्रतियोगिता में देवभूमि ऋषिकेश मार्शल आर्ट ट्रेनिंग सेंटर के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मनन डोगरा दो स्वर्ण, हर्षित भट्ट दो स्वर्ण, दिव्यता थापा दो स्वर्ण, सोनाक्षी पात्रों दो स्वर्ण, तविषा तनेजा दो स्वर्ण,वर्णिका दो स्वर्ण, श्लोक गैरोला स्वर्ण एवम रजत,निकिता कौशिक स्वर्ण एवम रजत,सान्या स्वर्ण एवम रजत, भव्या चौहान दो रजत, शिवानी रजत एवम कांस्य, गरिमा कोठियाल दो रजत,माधवन रजत एवम कांस्य, सार्थक भट्ट दो स्वर्ण, अंश पाल दो रजत, प्राची नौटियाल दो कांस्य पदक हासिल किए।

कोच शिवानी गुप्ता ने बताया कि खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता महाराष्ट्र पुणे के लिए हुआ है। इस अवसर पर उत्तराखंड एमेच्योर के किक बॉक्सिंग एसोसिएशन अध्यक्ष अरविंद कोटनाला, वर्किंग प्रेसिडेंट ओम प्रकाश मल, महासचिव सत्येंद्र कुमार, कोच मुक्ति, कोच विपिन डोगरा, कोच सुमित कुमार, कोच आदर्श कुमार, कोच मिंटू सैनी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे और उन्होंने खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य की कामना की।