केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान करेंगे उत्तराखंड में एनईपी का शुभारम्भ

उत्तराखंड में विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्राथमिक स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू करने के बाद अब इसी माह उच्च शिक्षा विभाग में भी एनईपी लागू कर दी जायेगी, जिसकी सभी तैयारियां पूरी कर दी गई है। इस बात की जानकारी सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को दी। उन्होंने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री को उच्च शिक्षा विभाग में एनईपी-2020 लागू करने के मौके पर बतौर मुख्य अतिथि अमंत्रित किया। जिस पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने अपनी सहमति दी है।

उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से शिष्टचार भेंट की। इस दौरान रावत ने केन्द्रीय मंत्री से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, पीएम-श्री योजना सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। रावत ने बताया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां विद्यालयी शिक्षा में एनईपी को लागू कर दिया गया है, जिसकी सराहना देशभर में हो रही है। उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा में भी इसी सत्र से सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में स्नातक स्तर पर एनईपी लागू कर दी जायेगी। जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई है। रावत ने बताया कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के शुभारम्भ केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कर कमलों से किया जायेगा। इसके लिये देहरादून में माह सितम्बर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। पीएम-श्री योजना के तहत देशभर के 14500 विद्यालयों को विश्व स्तरीय बनाये जाने पर उन्होंने केन्द्रीय मंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पीएम-श्री योजना से न सिर्फ पिछड़े क्षेत्रों के स्कूलों की सूरत बदलेगी बल्कि छात्र-छात्राओं को बेहत्तर शिक्षा मुहैया हो सकेगी। केन्द्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान रावत ने एच0एन0बी0 गढ़वाल केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कार्मिकों की विभिन्न मांगों पर भी चर्चा की, साथ ही एनआईटी सुमाडी में चल रहे निर्माण कार्यों से भी केन्द्रीय शिक्षा मंत्री को अवगत कराया। इसके अलावा उन्होंने रूसा फेज-2 के अंतर्गत स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष अवशेष राशि को जारी करने की मांग भी धर्मेंद्र प्रधान से की, जिस पर केन्द्रीय मंत्री ने सकारात्मक रूख अपनाते हुये शीघ्र अवशेष राशि जारी करने का आश्वासन दिया साथ ही उन्होंने रूसा फेज-3 से संबंधित निर्माण कार्यों की डीपीआर शीघ्र केन्द्र सरकार को भेजने को कहा।

इस अवसर पर रूसा सलाहकार प्रो एम0एस0एम0 रावत, प्रो के0डी0 पुरोहित, संयुक्त निदेशक एवं नोडल रूसा डॉ ए0एस0 उनियाल भी मौजूद रहे।

प्रदेश में बनाई जा रही समान नागरिक संहिता अन्य राज्यों के लिए भी होगी अनुकरणीय-सीएम

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता हेतु सुझावों के लिए गठित विशेषज्ञ समिति ने सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की। मुख्यमंत्री ने समिति के अध्यक्ष और सदस्य गणो के साथ विचार विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रदेश की जनता से वादा किया था कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता को लागू किया जाएगा। पहली कैबिनेट बैठक में समान नागरिक संहिता के ड्राफ्ट के लिए समिति के गठन को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने समिति के अब तक के कार्यो की प्रशंसा करते हुए कहा कि विशेषज्ञ समिति ने तेजी से काम किया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विशेषज्ञ समिति प्रबुद्ध जनो के साथ आम जन से सुझाव प्राप्त कर प्रदेश की जनता के लिये हितकारी समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार करेगी। यह दूसरे प्रदेशों के लिये भी अनुकरणीय होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता के संबंध में उत्तराखण्ड की जनता का सकारात्मक रेस्पोंस है। अच्छी भावना के साथ किये गये कार्य सफल होते हैं।

विशेषज्ञ समिति की अध्यक्ष जस्टिस (से.नि.) रंजना प्रकाश देसाई ने बताया कि समान नागरिक संहिता के संबंध मे सुझाव प्राप्त करने के लिये पोर्टल/वेबसाइट https://ucc.uk.gov.in का शुभारंभ किया गया है। इस पर प्रदेश के जनप्रतिनिधि, नागरिक, प्रबुद्धजन, संगठन, संस्थाएं अपने सुझाव अगले 30 दिन अर्थात 7 अक्टूबर तक भेज सकते हैं। समिति हर सुझाव पर पूरी गंभीरता से विचार करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम समान नागरिक संहिता के रूप में आज़ादी के अमृत काल में एक बड़ी इबारत लिखने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से अपने सुझाव देने का आग्रह करते हुए कहा है कि राज्य सरकार अपने हर वादे को पूरा करने के लिए संकल्पबद्ध है। देश में आज तक किसी भी कानून को बनाते समय इतने बड़े स्तर पर जनता से सुझाव नहीं मांगे गए। प्रदेश के सभी नागरिकों और हितधारकों को एसएमएस और व्हाट्सएप पर पोर्टल के लिंक के साथ अपील भेजी जा रही है। जिसके माध्यम से वे अपने सुझाव एक माह के भीतर दे सकते हैं।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर उत्तराखण्ड के निवासियों के व्यक्तिगत नागरिक मामलों को नियंत्रित करने वाले प्रासंगिक कानूनों – विवाह, तलाक, संपत्ति का अधिकार, उत्तराधिकार, विरासत, गोद लेने और रखरखाव व संरक्षता विषयक सहित – पर मसौदा कानून तैयार करने या मौजूदा कानून में संशोधन करने तथा समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन के सम्बंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया था।
समिति की अनेक बैठकें हो चुकी हैं जिनमें व्यापक विचार विमर्श किया गया है। अब https://ucc.uk.gov.in का शुभारंभ किया गया है। इस पर प्रदेश के जनप्रतिनिधि, नागरिक, प्रबुद्धजन, संगठन, संस्थाएं अपने सुझाव अगले 30 दिन अर्थात 7 अक्टूबर तक भेज सकते हैं।

इस दौरान समिति के सदस्य जस्टिस (से.नि.) प्रमोद कोहली, मनु गौड़, शत्रुघ्न सिंह (से.नि. आईएएस), प्रो सुरेखा डंगवाल, सदस्य सचिव एवं अपर स्थानीय आयुक्त अजय मिश्रा उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ एस एस संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

भारत जोड़ो पदयात्रा और जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन

अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के 7 सितंबर से कन्याकुमारी से कश्मीर तक 3570 किलोमीटर की भारत जोड़ो पर यात्रा का शुभारंभ राहुल गांधी के नेतृत्व में शुरू हो चुका है। जिसके मध्य नजर जिला एवं नगर कांग्रेस कमेटी ढालवाला मुनिकीरेती द्वारा 14 बीघा पुल से क्रांति चौक तक भारत जोड़ो पदयात्रा एवं जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमे सभी कांग्रेस जन 14 बीघा के पुल पर एकत्रित हुए और जहां से कैलाश गेट पर राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ साकेतिक जाम लगा कर जोर दार नारे बाजी की।
इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता जगमोहन भंडारी एवं दिनेश व्यास तथा राजेंद्र सिंह राणा ने कहा कि आज पूरे देश को जोड़ने की आवश्यकता है। भाजपा की डबल इंजन सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ जो खिलवाड़ किया है उसे उत्तराखंड के नौजवान इस छलावे से बहुत दुखी हैं। जिला अध्यक्ष उत्तम सिंह असवाल ने कहा कि आज देश को सामाजिक तौर पर भाजपा ने छिन्न-भिन्न कर दिया है। जिसको जोड़ने की बहुत आवश्यकता है। साथ ही आर्थिक तौर पर युवाओं को बेरोजगार कर उत्तराखंड में अपने चहेतों को अपने रिश्तेदारों को और बाकी अयोग्य लोगों से लाखों रुपया लेकर जो भर्ती घोटाला किया, उसकी सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान जज की निगरानी में सीबीआई जांच करा कर युवाओं के सपनों को जोड़ने की आवश्यकता है। साथ ही जो धर्म के आधार पर देश को बांटने का काम हो रहा है उसमें सभी धर्मों के लोगों को एक साथ जोड़ने की आवश्यकता है।
नगर अध्यक्ष महावीर खरोला ने प्रदेश सरकार द्वारा भर्ती घोटाले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। इस अवसर पर उत्तम असवाल जिला अध्यक्ष, महावीर खरोला शहर अध्यक्ष, जगमोहन भंडारी, राजेन्द्र राणा, पूर्व अध्यक्ष दिनेश व्यास, आशीष रानाकोटी, प्रदेश सचिव।दिनेश सकलानी, अजय रमोला, कार्यकारी अध्यक्ष लेखराज भंडारी, अनिल रावत, विपिन रावत, बलवंत चौहान, शिवम भट्ट, विक्की प्रजापति, सुरेंद्र भंडारी, दयाल भंडारी, गबर चौहान, सरस्वती जोशी, बंदना नेगी, अनिता कोटियाल, उर्मिला ममगाईं , प्यारी रावत आदि मौजूद थे।

अपनों को नौकरी लगाता तो परिवार के ही 20 से 30 बन जाते शिक्षक-पूर्व शिक्षा मंत्री

उत्तराखंड में इन दिनों सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक के नेताओं पर भाई भतीजा वाद को लेकर गंभीर आरोप लग रहे हैं,सत्ता के रूतबे के दम पर नेताओं ने अपने-अपने करीबीयों को नौकरी पर लगाया। उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से जहां उत्तराखंड सेवा अधीनस्थ चयन आयोग पेपर लीक मामले की जांच चल रही है। जिसमें केई आरोपियों को पकडा जा चुका हैं, तो वहीं दूसरी तरफ विधानसभा में बैकडोर से हुई नियुक्तियों को लेकर पूर्व विधान सभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल और प्रेमचंद अग्रवाल की मुश्किले बढ़ी हुई है। क्योंकि विधान सभा में बैकडोर से हुई भर्तियों की जांच चल रही है। इन सब के बीच कई पूर्व मंत्रीयों पर भी मंत्री रहते हुए अपने करीबीयों को नौकरी लगाने के आरोप लग रहे है। पूर्व शिक्षा मंत्री और गदरपुर से विधायक अरविंद पाण्डेय पर भी शिक्षा मंत्री रहते अपने करीबीयों को नौकरी लगाने के आरोप लगे हैं,यहां तक कि शोसल मीडिया पर एक लिष्ट वायरल हो रही थी, जिसमें बिहार के रिश्तेदारों को उत्तराखंड नौकरी लगाने के आरोप अरविंद पाण्डेय पर लगे,लेकिन इन्ही आरोप को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे अरविंद पाण्डेय से पत्रकारों ने कई तहर के सवालों की बछौर की तो अरविंद पाण्डेय ने बडी सहजता से उनके उपर लग रहे आरापों के जवाब दिए।

नियमों की अनदेखी से हुई हैं नियुक्ति जो जांच के लिए हूं तैयार
अरविंद पाण्डेय का कहना है कि जो लिस्ट शोसल मीडिया में वायरल की गई है,उसको लेकर यहीं कहना चाहता हूं कि यदि अगर नियुक्ति में अगर कहीं कोई अनदेखी हुई है तो दुनियां की कोई भी सबसे बड़ी जांच मेरे उपर कराई जाएं उसके लिए मैं तैयार हूं। ईश्वर को साक्षी मानकर जांच में पूरा सहयोग करूंगा। और अगर जांच में दोषी पाया जाता हूं कि नियमों की अनदेखी कर मेरे कार्यकाल में नियुक्ति हुई है,तो प्रदेश की जनता जो सजा देना चाहेगी उसे हंसकर भुगतने के लिए तैयार हूं।

अपनों को नौकरी लगाता तो परिवार के ही 20 से 30 बन जाते शिक्षक
इतना की नहीं अरविंद पाण्डेय का कहना है कि उनके परिवार में 20 से 30 लोगों ने बीएड किया हुआ है,अगर मैं कोई शिफारिश करता तो प्रदेश में मंत्री रहते हुए मेरे कार्यकाल में 15000 के लगभग भर्ती हुई है,उसमें परिवार के कई लोग शिक्षक बन जाते। लेकिन पूरी पारदर्शिता और नियमों को देखते हुए भर्ती हुई है। यहां तक कि अशासकीय स्कूलों में भर्ती के लिए 25 नम्बर के इंटरव्यू को 5 नम्बर का किया गया ताकि शिक्षकों की भर्ती में पारदर्शिता आएं और आज अशासकीय स्कूलों में योग्य शिक्षक ही भर्ती हो रहे है। क्योंकि आवेदन करने वाले अभियार्थियों में सबसे पहले टॉप सेवन की मैरिड बनती है,जिन्हे इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। जबकि इंटरव्यू में 5 से 3 नम्बर देना अनिवार्य है। यानी के मेरे रहते अनिमियतताओं के जो आरोपा लगते थे। उन आरोपों को दूर किया गया।

उत्तराखंड आन्दोलन में गया हूँ जेल
अरविंद पांडेय का कहना है कि कुछ लोग उनकी छवि यूपी बिहार से होने की भी बताने की कोशिश करते हैं,लेकिन वह साफ कहना चाहते हैं कि वह उधम सिंह नगर के रहने वाले हैं,और उत्तराखंड आंदोलन के दौरान उन्होंने बढ़-चढ़कर भाग लिया था,यहां तक कि वह कहना चाहते हैं कि जब वह उधम सिंह नगर में उत्तराखंड आंदोलन के दौरान अलग राज्य उत्तराखंड बनाए जाने की मांग को लेकर आंदोलन करते थे, तो उन्हें स्थानीय जनता भी पीटा करती थी और यूपी में रहने के लिए ही उस समय कहती थी। लेकिन उन्होंने उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर मुखरता से उठाया और जेल तक गई लेकिन अब जब उन्हें इस तरह की बातें सुनने को मिलती है तो उन्हें ठीक नहीं लगता है।

शादाब शम्स का बड़ा बयान, उत्तराखंड में गरजेंगे वक्फ बोर्ड के बुलडोजर

भाजपा के तेजतर्रार नेताओं में शुमार शादाब शम्स के हाथों में उत्तराखंड वक्फ बोर्ड की कमान आ गई है। बोर्ड का अध्यक्ष चुने जाने के बाद शम्स ने बोर्ड के अन्य सदस्यों के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। बाद में उन्होंने बोर्ड के सदस्यों और अधिकारियों के साथ विभिन्न विषयों पर विमर्श किया। मीडिया से बातचीत में शम्स ने कहा कि वर्ष 2000 में उत्तराखंड में वक्फ बोर्ड की परिसंपत्तियां डेढ़ लाख करोड़ रुपये की थीं, जो अब काफी बढ़ चुकी हैं। उन्होंने बताया कि बोर्ड की जमीनों पर जगह-जगह बड़े पैमाने पर अतिक्रमण है। माफिया के कब्जे से इन जमीनों को मुक्त कराने के लिए बोर्ड के बुलडोजर गरजेंगे। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था पर भी जोर रहेगा। इसके लिए ऐसे शिक्षण संस्थान खोले जाएंगे, जिनमें सभी धर्मों के बच्चे पढ़ाई कर सकें। उन्होंने कहा कि बोर्ड की व्यवस्थाओं को भी चुस्त-दुरुस्त किया जाएगा।
बतातें चले कि बुधवार को सचिवालय में हुए उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चुनाव में शम्स को निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया। 10 सदस्यीय बोर्ड शामिल विपक्ष के चार सदस्यों ने भी उनके पर सहमति जताई। बोर्ड के नवनिर्वाचित अध्यक्ष शम्स ने कहा कि उनकी प्राथमिकता बोर्ड की जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराना है। इसके लिए दो बुलडोजर खरीदे जाएंगे। इनमें एक गढ़वाल और दूसरा कुमाऊं क्षेत्र में तैनात रहेगा। वक्फ बोर्ड के चुनाव की प्रक्रिया पिछले आठ माह से चल रही थी। 10 सदस्यीय बोर्ड का गठन होने के बाद इन्हीं में से अध्यक्ष का निर्वाचन किया जाता है। अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पूर्व में चम्पावत उपचुनाव के कारण शुरू नहीं हो पाई थी। बाद में इसके लिए सात सितंबर की तिथि तय की गई। सचिवालय में निर्वाचन अधिकारी एवं प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण एल फैनई की देखरेख में चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई। बोर्ड के सभी सदस्यों की ओर से शादाब शम्स के नाम पर सहमति जताए जाने के बाद शम्स ने नामांकन भरा। तय समयावधि बीतने पर निर्वाचन अधिकारी ने शम्स के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रहे शम्स पूर्व में 15 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष का दायित्व भी निभा चुके हैं। बोर्ड के अध्यक्ष का कार्यकाल पांच वर्ष का है।

सितंबर को होगी बोर्ड की पहली
नवनिर्वाचित वक्फ बोर्ड की पहली बैठक 15 सितंबर को होगी। बोर्ड के अध्यक्ष के अनुसार बैठक का एजेंडा तय किया जा रहा है। इसमें बोर्ड की जमीनों से अतिक्रमण हटाने समेत अन्य विषय शामिल किए जा रहे हैं।

भाजपा की सक्रिय राजनीति में अहम चेहरा
शादाब शम्स उत्तराखंड भाजपा की सक्रिय राजनीति में एक अहम चेहरा हैं। बता दें 2021 में भाजपा राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा द्वारा उत्तराखंड के भाजपा नेता शादाब शम्स को पश्चिम बंगाल का प्रभारी बनाया था। भाजपा नेता शादाब शम्स 15 सूत्रीय कार्यक्रम कियान्‍वयन समिति के उपाध्‍यक्ष भी रहे हैं।

वक्फ बोर्ड क्या होता है
वक्फ बोर्ड इस्लामिक इमारतों, संस्थान और जमीनों के सही रख-रखाव के साथ ही इनके इस्तेमाल की व्‍यवस्‍था देखता है। वक्फ बोर्ड न्यायिक व्यवस्था के तहत गठित कानूनी बोर्ड है। वक्फ बोर्ड अपनी संपत्ति का अपने हिसाब से इस्तेमाल कर सकता है। लेकिन इसके लिए उसे बोर्ड के सदस्यों की मंजूरी लेनी जरूरी होती है।

स्मार्ट सिटी के कार्यो में और तेजी लाई जायेगी-प्रेमचन्द अग्रवाल

देहरादून स्मार्ट सिटी के अंतर्गत वित्त, शहरी विकास व आवास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने 5 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही चार विभिन्न स्थानों पर 4 स्मार्ट टॉयलेट का शुभारंभ किया।
गुरुवार को देहरादून स्थित परेड ग्राउंड से कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल, सीईओ स्मार्ट सिटी व जिलाधिकारी सोनिका, मेयर सुनील उनियाल गामा, मंडल अध्यक्ष राजपुर रोड विशाल गुप्ता आदि ने संयुक्त रूप से 5 इलेक्ट्रिक बसों को रवाना किया। इसके बाद इलेक्ट्रिक बस पर सवार होकर मंत्री डॉ अग्रवाल स्मार्ट टॉयलेट पहुंचे। यहां रिबन काटकर स्मार्ट टॉयलेट का शुभारंभ किया।
इस दौरान मंत्री डॉ अग्रवाल ने स्मार्ट टॉयलेट के संबंध में जानकारी भी प्राप्त की। साथ ही स्मार्ट कॉलेज के लिए सीईओ स्मार्ट सिटी की प्रशंसा भी की।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत कुल 27 परियोजनाएं प्रस्तावित थी जिनमें से 5 परियोजनाओं को पूर्व में ही पूर्ण कर जनता को समर्पित किया जा चुका है, अन्य परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि वर्षा काल के कारण बाधित कार्यों की प्रगति में अब तीव्रता आएगी।
डॉ अग्रवाल ने बताया कि स्मार्ट सिटी के अंतर्गत 5 इलेक्ट्रिक बसों का आईएसबीटी से सहस्त्रधारा रुट पर संचालन किया जाएगा। जो देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड एवं ईबे ट्रास कंपनी के मध्य अनुबंध के तहत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि देहरादून नगर में वर्तमान में कुल 20 की बसों का बेड़ा तैयार हो गया है। डॉ अग्रवाल ने बताया कि कुल 21 किलोमीटर के रूट पर 35 बस स्टॉपेज आएंगे। इसका न्यूनतम किराया 10 रुपए है। बताया कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का मुख्य उद्देश्य वायु एवं ध्वनि प्रदूषण मुक्त तथा बेहतर सुविधा युक्त पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा आईएसबीटी से राजपुर रोड एवं आईएसबीटी से सेलाकुई व रायपुर तथा एयरपोर्ट रूट में संचालित 15 बसों के माध्यम से अब तक कुल 980474 यात्रियों को सुविधा युक्त यात्रा मिल पाई है। आप ही एक करोड़ 91 लाख रुपए का राजस्व भी प्राप्त हुआ है।
डॉ अग्रवाल ने बताया कि चार नवनिर्मित की स्मार्ट टॉयलेट जो परेड ग्राउंड, पुरानी तहसील परिसर, सब्जी मंडी परिसर और आईएसबीटी परिसर पर बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना में स्वीकृत एक करोड़ 81 लाख रुपए के तहत देहरादून शहर में अभी तक 7 स्मार्ट टॉयलेट का निर्माण किया जा चुका है। जिनमें तीन टॉयलेट्स पूर्व में ही जन सुविधा को देखते हुए शुरू किए गए हैं जबकि चार स्मार्ट टॉयलेट का आज लोकार्पण किया गया।
डॉ अग्रवाल ने बताया कि इन स्मार्ट टॉयलेट में महिलाओं पुरुषों तथा दिव्यांगों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। जिनमें चार डब्ल्यूसी महिलाओं के लिए, 4 डब्लयूसी व सात यूरेनील पुरुषों के लिए तथा एक डब्लयूसी दिव्यांगों के लिए होगा। डॉ अग्रवाल ने बताया कि समस्त स्मार्ट टॉयलेट पूर्ण रूप से जीपीआरएस युक्त हैं। इनमें स्वचालित सफाई व्यवस्था जैसे फ्लशिंग, कांटेक्टलैस हैंड वॉशिंग, हैंड ड्रायर, सोप डिस्पेंसर आदि के साथ महिलाओं के लिए विशेष रूप से सेनेटरी वेंडिंग तथा डिस्पोजेबल मशीन लगाई गई है। उन्होंने बताया कि अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इस टॉयलेट के प्रयोग में मुफ्त यूरिनल तथा टॉयलेट हेतु सुविधा शुल्क 5 रुपए निर्धारित किया गया है जिसका भुगतान डिजिटल अथवा कैश के माध्यम से किया जाएगा।

लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला की बोर्ड बैठक में सभासदों ने घरों से कूड़ा उठान में सोर्स सेग्रीगेशन में लापरवाही बरते जाने पर नाराजगी जताई। इसके बाद पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी बिफर गए, उन्होंने मौके पर ही संबंधित कार्यदायी संस्था के कर्मियों को बुलाया और जमकर फटकार लगाई। कहा प्रत्येक घर से सेग्रिगेशन में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गुरुवार को नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला की बोर्ड बैठक में प्रत्येक घर से कूड़ा न उठाए जाने की समस्या सभासदों ने अध्यक्ष के समक्ष रखी। पालिकाध्यक्ष रतूड़ी ने कार्यदायी संस्था के सुपरवाइजरों को बुलाया और सभी को फटकार लगाई। पालिकाध्यक्ष ने सुपरवाइजरों को प्रत्येक घर से कूड़ा उठवाने के निर्देश दिए। तंग गलियों में आवाज लगाकर कूड़ा उठाने के लिए कहा, साथ ही कूड़ा न देने वालों के नाम नोट कर निकाय कार्यालय में देने के निर्देश दिए।
इसके अलावा बोर्ड बैठक में क्षेत्र के आवारा और पालतु कुत्तों पर चर्चा की गई। पर्यावरण मित्रों को ड्रेस उपलब्ध करवाने हेतु सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। बताया कि गंगा क्षेत्र में पशुओं द्वारा गंदगी किए जाने पर पांच हजार रुपये तक का चालान किया जाएगा। पशुपालकों के लाइसेंस बनाए जायेंगे।
मुनीकीरेती-ढालवाला क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र में भवन और संपत्ति पर कर लगाया जाएगा। नगर क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों के लिए ओपन जिम सामग्री लगाई जाएगी। साथ ही पालिका के बकायेदारों के खिलाफ आरसी की कार्रवाई किए जाने का निर्णय भी लिया गया। पालिका क्षेत्र में गंगा घाट, आस्था पथ पर क्योस्क के माध्यम से दुकान बनाकर सौंदर्यीकरण किए जाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
मौके पर ईओ तनवीर मारवाह, सभासद मीनू, सुभाष चौहान, धर्म सिंह, मनोज बिष्ट, गजेंद्र सिंह सजवाण, बिरेंद्र सिंह चौहान, सुषमा नेगी, विनोद सकलानी, वंदना थलवाल, सोविता भंडारी, सांसद प्रतिनिधि भगवती काला, विधायक प्रतिनिधि दीपक थलवाल, वरिष्ठ लेखालिपिक बेताल सिंह, कर निरीक्षक अनुराधा गोयल, लिपिक प्रकाश अवस्थी, पिंकी तड़ियाल, विकास सेमवाल, दीपक कुमार आदि उपस्थित थे।

धामी तुम बढ़े चलो भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसो

इसमें कोई दोराय नहीं कि नेताओं के भाई-भतीजावाद और नकल माफिया की ओर से की गई सरकारी नौकरियों की सौदेबाजी ने पात्र युवाओं का हक मारा है। पिछले दो दशक से लगातार बेरोजगारों को छला जा रहा है। माफिया, नौकरशाह और राजनेता नापाक गठजोड़ करके सपनों के सौदागर बने हुए हैं। अब जबकि इस गठजोड़ के कारनामे उजागर होने रहे हैं तो युवा आक्रोशित हैं। उनमें उबाल है। वो सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष आन्दोलन को हवा दे रहा है। लोकगायक अपनी नई रचनाओं से युवा ताकत को जागृत कर रहे हैं। इसी बहाने अंदरखाने सियासत भी तेज हो गई है।
विरोध के माहौल के बीच एक लोकगायक ने परिदृश्य से हटकर नया गीत बनाया है, जो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। इस गीत के गायक हैं डा. अजय ढौंढियाल। ढौंढियाल पेशे से पत्रकार हैं और हमेशा जनहित के मुद्दों पर मुखर रहे हैं। अब लोकगीत और संगीत को माध्यम बनाकर वो समाज को लोकतंत्र में संभावित खतरों से सचेत कर रहे हैं। उनके नये गीत का शीर्षक हैं श्चल चल रे धामी बढ़ने चल बढ़ने चलश्। इस गीत में ढौंढियाल ने सरकार का एकतरफा सामूहिक विरोध करने के बजाए उस पर भरोसा जताने का आह्वान किया है। उनका यह गीत मैंने भी सुना। मौजूदा माहौल में लीक से हटकर गाया गया यह गीत चौंकाता है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या ढौंडियाल ने सरकार की चाटुकारिता में ये गीत गया है? मैंने फोन लगाकर सीधे ढौंढियाल जी से ही यह सवाल पूछ लिया। उनका जवाब सुनकर लगा कि वास्तव में गीत के माध्यम से उठाए गए उनके पहलू पर भी विचार किया जाना चाहिए। ढौंढियाल ने कहा यह हमारे प्रदेश का दुर्भाग्य है कि सरकारी सिस्टम की कोई खामी या कारनामा उजागर होने के बाद विपक्ष हो या सत्ता पक्ष के कुछ लोग सरकार को अस्थिर करने में जुट जाते हैं। मिशन मोड में मुख्यमंत्री को हटाने की कोशिशें शुरू हो जाती हैं। असली मुद्दा पीछे छूट जाता है और समूची ताकत तख्ता पलट के लिए एकजुट हो जाती है। ऐसा सिर्फ अभी नहीं हो रहा। राज्य बनने के बाद लगातार सरकारों को अस्थिर किया गया। यही वजह है कि नारायण दत्त तिवारी जी को छोड़कर कोई भी मुख्यमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सका। मौजूदा समय में पुष्कर सिंह धामी उस सरकार के मुखिया हैं जिसे जनता के प्रचण्ड बहुमत के साथ लगातार दूसरी बार सत्ता सौंपी है। धामी नौकरी में हुई धांधली की अपने राज्य की एजेंसी एसटीएफ से जांच करवा रहे हैं। अभी तक लग रहा है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है। धामी भी लगातार जनता को विश्वास दिला रहे हैं कि एक भी दोषी नहीं छूटेगा। ऐसे में युवाओं और जनता समेत सत्ता पक्ष विपक्ष के सभी लोगों को उन पर भरोसा करना चाहिए। सिर्फ इस आशंका पर कि जांच में असली दोषियों को सजा नहीं मिलेगी, सरकार को अस्थिर करना ठीक नहीं। खासतौर पर विपक्ष का मापदण्ड दोहरा दिखाई दे रहा है। जिस सीबीआई की निष्पक्षता पर विपक्ष हमेशा अंगुली उठाता रहा है, आज उसी से इस संवेदनशील मामले की जांच के लिए हल्ला काटा जा रहा है। कुल मिलाकर राजनैतिक अस्थिरता से राज्य का भला होने वाला नहीं है। समस्या को जड़ से दूर करने में सभी को सहयोग करना होगा। सरकार की उपलब्धियों को तात्कालिक प्रभाव से खारिज नहीं किया जा सकता। अपने मुख्यमंत्री पर भरोसा रखना होगा। मुख्यमंत्री भरोसा तोड़ते हैं तो फिर जतना के पास विकल्प की कमी नहीं हैं।

(लेखक दीपक फर्सवाण एक पत्रकार है)

चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टॉफ का बनेगा पृथक कैडर

चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय स्थित मुख्य सचिव सभागार में आयोजित बैठक में चारधाम यात्रा मार्ग पर तीर्थ यात्रियों की सुविधा को देखते हुये नये अस्पताल खोलने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही इन अस्पतालों के लिये चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ का पृथक से कैडर बनाया जायेगा। मुख्य सचिव डॉ एसएस संधु ने प्रभारी सचिव स्वास्थ्य आर राजेश कुमार को नये अस्पतालों की शीघ्र डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिये हैं।
स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि चार धाम यात्रा मार्ग पर तीर्थ यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुये यात्रा मार्ग पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नये अस्पताल खोलने का निर्णय लिया गया है। इन अस्पतालों में चिकित्सकों, टेक्नीशियनों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ के लिये पृथक कैडर बनाया जायेगा, जिनको अन्य अस्पतालों से अधिक वेतनमान दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को दो सप्ताह के भीतर डीपीआर बनाकर कैबिनट के लिये प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दे दिये गये हैं। रावत ने कहा कि आने वाले समय में चार धाम यात्रियों की संख्या डेढ़ से दो गुना बढ़ने की पूरी संभावना है। इसी के मध्यनजर सूबे के चार धाम यात्रा रूट पर स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहत्तर बनाने का निर्णय लिया गया है। इन अस्पतालों में योगदान देने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों, चिकित्सकों, टेक्नीशियनों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ को अपेक्षाकृत अधिक वेतनमान एवं चार धाम यात्रा भत्ता दिया जायेगा। इससे चार धाम यात्रा पर आने वाले सभी यात्रियों को बेहत्तर चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकेगी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की ओर से चार धाम यात्रा मार्ग पर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं संबंधी प्रस्तुतिकरण भी दिखाया गया।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ एसएस संधु, प्रभारी सचिव स्वास्थ्य आर राजेश कुमार, महानिदेशक स्वास्थ्य डा शैलजा भट्ट, निदेशक एनएचएम डॉ सरोज नैथानी, संयुक्त निदेशक डॉ आरपी खंडूडी, सीएमओ रूद्रप्रयाग सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

स्मार्ट सिटी के कार्यो को शुरु नही करने पर कंपनी को हटाया

स्मार्ट सिटी के कार्याे में लेटलतीफी पर सरकार ने कड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कार्यकारी संस्था हिंदुस्तान स्टील वर्क्स कंस्ट्रक्शन लिमिटेड जो नामित होने के बाद भी काम शुरू नहीं कर पाई। उसको हाई पावर कमेटी के निर्णय के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुमोदन पर हटाने का निर्णय लिया है।
इसी संदर्भ में मंगलवार को शहरी विकास व आवास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने सीईओ स्मार्ट सिटी/जिलाधिकारी सोनिका के साथ बैठक कर निर्देशित किया। उन्होंने शीघ्र ही पीडब्ल्यूडी विभाग से इस कार्य को प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। जिससे जनता को सुविधा मिल सके।
डॉ अग्रवाल ने सीईओ सोनिका को शहर में वर्षाकाल से क्षतिग्रस्त सड़कें/गड्ढों में पेंच वर्क करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम लोगों की परेशानी को देखते हुए इस कार्य में तेजी लाई जाये।