माता अहिल्या का उद्धार कर श्रीराम ने श्राप से दिलाई मुक्ति

सुभाष बनखंडी श्री रामलीला कमेटी के द्वारा रंगमंच के तीसरे दिन श्रीराम जन्म, श्री सीता जन्म, ताड़का और सुबाहु वध व अहिल्या उद्धार की लीलाओं का मंचन स्थानीय कलाकारों द्वारा दिया गया।
श्रीराम जन्म की लीला में दर्शाया गया कि राजा दशरथ की संतान ना होने के चलते उनके द्वारा एक यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसके पश्चात उनकी तीन रानियों को चार पुत्रों की प्राप्ति हुई। वहीं, श्री सीता जन्म में दर्शाया गया कि राजा जनक के यहां अकाल पड़ने की वजह से ऋषि-मुनियों ने उन्हें स्वयं हल चलाने की सलाह दी गई। जिसके फलस्वरुप राज्य में वर्षा होने की संभावना जताई गई। राजा जनक के द्वारा हल चलाने पर पृथ्वी से एक घड़े में उन्हें एक कन्या की प्राप्ति हुई। जिसका नाम सीता रखा गया और राज्य में वर्षा होने से अकाल की समस्या का समाधान हो गया।
वहीं, ताड़का और सुबाहु वध में दर्शाया गया कि राक्षसों का आंतक बढ़ने से ऋषि-मुनियों के यज्ञ प्रभावित होने लगे। जिस पर विश्वामित्र ऋषि ने राजा दशरथ से मदद मांगी। उन्होंने श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ जंगल ले जाकर ताड़का और मारिच-सुबाहु का वध करने की बात कही। राजा दशरथ ने स्वयं चलकर उनका वध करने का अनरोध किया लेकिन विश्वामित्र ने उनके पुत्रों के द्वारा ही उनका वध होगा, ऐसा बताया। जिस पर पिता की आज्ञा पाकर श्रीराम और लक्ष्मण जंगल पहुंचे। उन्होंने ताड़का और सुबाहु का वध किया। मारिच श्रीराम से अपनी जान बचाकर भागने में सफल रहा।
वहीं, अहिल्या उद्धार में दर्शाया गया कि विश्वामित्र ने श्रीराम के द्वारा पत्थर बनी अहिल्या का उद्धार करवाया। इस अवसर पर रामलीला कमेटी सुभाष बनखंडी के अध्यक्ष विनोद पाल, महामंत्री हरीश तिवाड़ी, राजेश दिवाकर, राकेश पारछा, दीपक जोशी, रोहताश पाल, हुकुम चंद, मनमीत कुमार, पप्पू पाल, संजय शर्मा, प्रशांत पाल, महेंद्र कुमार, अनिल धीमान, ललित शर्मा, दया शंकर पांडेय, अशोक मौर्य, सुभाष पाल, पवन पाल, नीतीश पाल आदि उपस्थित रहे।

सीएम ने दिलाया भरोसा तो मान गए परिजन

अंकिता भंडारी का आखिरकार अंतिम संस्कार कर दिया गया है। श्रीनगर के आईटीआई घाट पर अंकिता के भाई ने मुखाग्नि दी। इस दौरान भारी भीड़ घाट पर अंकिता को विदाई देने के लिए जुटी। वहीं इससे पहले अंकिता की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को लेकर नाराज लोगों ने बदरीनाथ-ऋषिकेश हाईवे को जाम कर दिया था। अंकिता हत्याकांड को लेकर लोगों में उबाल बना हुआ है। बताया जा रहा है कि अंकिता का परिवार पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं थे और परिजनों ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया था।
हालांकि सीएम और जिला प्रशासन के समझाने पर परिवार अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुआ। वहीं अंकिता के पिता की अपील करने के बाद आक्रोशित लोगों का गुस्सा शांत हुआ। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराएंगे और पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से हर संभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस जघन्य अपराध में जो भी लिप्त होगा, उसे सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। मामले में एसआईटी जांच कर रही है। उन्होंने लोगों से जांच में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि एक बेटी के साथ ऐसी घटना हुई है ऐसे में लोगों का आक्रोशित होना भी स्वाभाविक है।

चोरी के आरोप में घर का नौकर दोस्त सहित गिरफ्तार

पुलिस ने एक घरेलू नौकर और उसके दोस्त को चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। जिन्हें पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है।
कोतवाली पुलिस के मुताबिक गली नंबर तीन वीरभद्र रोड निवासी देवेंद्र कुमार पुत्र रघुवीर सिंह तोमर ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि शनिवार शाम को वे अपनी पत्नी के साथ रोज की तरह आस्थापथ पर घूमने के निकले थे। जिसके बाद वापस लौटे तो कमरे का ताला टूटा था और सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा था। कमरे की दराज में एक प्लास्टिक के डिब्बे में रखे चांदी के 77 सिक्के, सिंडीकेट बैंक की पासबुक, एक घड़ी और 10 हजार की नकदी गायब थी। उन्होंने अपने नौकर पर चोरी का शक जाहिर किया। पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी नौकर लालू कुमार यादव पुत्र राम पुकार यादव, निवासी ग्राम वीरपुर मधेपुर और मनोज यादव पुत्र रामकिशन यादव, निवासी ग्राम सिजौल मैलाम जिला मधुबनी बिहार को भरत विहार के हरिद्वार रोड से गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से पुलिस ने चोरी का माल भी बरामद किया। कोतवाल रवि सैनी ने बताया कि लालू और मनोज आपस में दोस्त है। लालच के चक्कर में लालू ने अपने दोस्त के साथ चोरी का प्लान बनाया। घटना को अंजाम देने के बाद वह बिहार भागने की फिराक में थे।

प्रदेश की कानून व्यवस्था एवं अमन चैन बनाना अधिकारियों का दायित्व-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में कानून एवं व्यवस्था से सम्बन्धित घटनाओं को गम्भीरता से लेने के निर्देश जिलाधिकारियों को दिये हैं। उन्होंने निर्देश दिये हैं कि कानून एवं व्यवस्था से सम्बन्धित घटना चाहे वह राजस्व क्षेत्र की हो या पुलिस क्षेत्र की, जिसे भी कोई सूचना प्राप्त होती है तो उसे गम्भीरता से लेकर उसके समाधान की त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित कराये।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में वन क्षेत्र या अन्य क्षेत्रों में होटल, रिसोर्ट या धार्मिक कार्यों के लिये हो रहे अतिक्रमण का चिन्हीकरण कर उस पर सख्ती के साथ त्वरित कार्यवाही के भी निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के मदरसों के सत्यापन के साथ ही डेमोग्राफिक चेंज के प्रकरणों में भी सख्ती से कार्यवाही के निर्देश दिये। रविवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कानून व्यवस्था, अवैध अतिक्रमण, आपदा आदि से सम्बन्धित विभिन्न विषयों पर शासन के उच्चाधिकारियों के साथ गहनता से समीक्षा की। समीक्षा बैठक में सभी मण्डलायुक्त एवं जिलाधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे। मुख्यमंत्री ने जनपदवार जिलाधिकारियों से उनके स्तर पर की जा रही कार्यवाही तथा समस्याओं के समाधान के लिये किये प्रयासों की जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जनपद स्तर पर सभी सम्बन्धित बिन्दुओं का कलेंडर तैयार कर उनकी पाक्षिक या मासिक समीक्षा कर रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हाल ही में घटित कुछ घटनाओं से प्रदेश की छवि धुमिल हुई है। इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इस दिशा में सभी अधिकारी सर्तकता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि देवभूमि हमारा प्रदेश है, यहां अमन, चैन व शांति हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अपराधी कोई भी हो उसे बख्शा न जाए। इमानदारी से कार्य करने वालों को परेशान न किया जाए। बाहरी प्रदेशों से आने वालों पर कड़ी नजर रखी जाए। भविष्य में प्रदेश की जन संख्या घनत्व के कारण किसी परेशानी का सामना न करना पड़े, यह भी सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान त्वरित ढंग से हो, इसके लिये सचिवालय में सोमवार को नो मिटिंग डे तथा पर्वतीय जिलों में 10 से 1 बजे तक अधिकारियों को जनता से मिलने के निर्देश दिये गये। जनपदों की कोई समस्या सचिवालय न आये यह भी जिलाधिकारी सुनिश्चित करें। इसके लिये बहुउद्देशीय शिविर तहसील दिवस के आयोजन के साथ दूरस्थ क्षेत्रों में जन समस्यायें सुनने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। इस सम्बन्ध में उन्होंने ऊधमसिंह नगर की भांति ई-समाधान चौपाल की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सरलीकरण, समाधान निस्तारण एवं संतुष्टि के तहत की गई समस्याओं के समाधान का भी विवरण तैयार करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने सड़कों की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर 15 अक्टूबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने अवैध शराब, अवैध खनन पर भी प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिये। प्रदेश में बढ़े डेंगू के रोगियों की संख्या के दृष्टिगत इसके रोकथाम की भी कारगर व्यवस्था करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस सन्धु ने सभी सभी जिलाधिकारियों को मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अधिकारी सही गलत की पहचान कर दोषियों को सजा देने की कार्यवाही करें। अवैध अतिक्रमणों में राजस्व, वन एवं सिंचाई आदि विभागों की संयुक्त टीम बनायी जाए। जहां पर अतिक्रमण हटाया जाए वहां पुनः अतिक्रमण न हो यह भी सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव शैलेश बगोली, सचिन कुर्वे, चंद्रेश यादव, अपर सचिव अतर सिंह सहित पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा वर्चुअल रूप से सभी मण्डलायुक्त व जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य क्लेम एक्सचेंज सहित कई योजनाएं की लांच

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के चार वर्ष तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में दो दिवसीय आरोग्य मंथन-2022 कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ0 मनसुख मंडाविया ने स्वास्थ्य क्लेम एक्सचेंज, नेशनल ई-रुपी पोर्टल सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम में सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने भी प्रतिभाग किया।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के चार वर्ष तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के एक वर्ष पूर्ण पर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दिल्ली के एक निजी होटल में आरोग्य मंथन-2022 कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें उन्हें विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बुलाया गया था। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में केन्द्रीय स्वास्थ्य डॉ मनसुख मंडाविया द्वारा आयुष्मान भारत योजना एवं आयुष्मान डिजिटल योजनाओं की समीक्षा की गई तथा स्वास्थ्य क्षेत्र की बेहतरी के लिए स्वास्थ्य क्लेम एक्सचेंज, नेशनल ई-रुपी पोर्टल सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आये स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों एवं विशेष आमंत्रित सदस्यों से सुझाव मांगे गये। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ रावत ने उत्तराखंड में दोनों योजनाओं के संचालन को लेकर संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिसमें उन्होंने बताया कि राज्य में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत लगभग 50 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं, जिसके अंतर्गत करीब 5.50 लाख लोगों ने निःशुल्क उपचार का लाभ प्राप्त किया है। इसी प्रकार एडीबीएम के अंतर्गत अबतक प्रदेश में लगभग 28 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ आईडी बन चुकी है। उन्होंने बताया कि विगत 7 सितम्बर से प्रदेश में जन आरोग्य अभियान के तहत लोगों की निःशुल्क जांच की जा रही है। जिसके अंतर्गत अभी तक लगभग 1.50 लाख लोगों की जांच की जा चुकी है। जिसमें उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, ओरल कैंसर, स्तन कैंसर, नेत्र परीक्षण, टीबी स्क्रीनिंग आदि प्रमुख बीमारियों की जांच की जा रही है। डॉ रावत ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को भरोसा दिलाया कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा भविष्य के लिये लांच सभी योजनाओं को उत्तराखंड में योजनाबद्ध तरीके से लागू किया जायेगा ताकि प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं का बेहत्तर लाभ मिल सके।

श्री नानकमत्ता साहिब में हेली सेवा शुरु करने पर होगा विचार-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब पहुंचकर शीश नवाया। इसके पश्चात पुष्कर सिंह धामी ने डेरा कार सेवा पहुंचकर बाबा हरबंश सिंह, बाबा फौजा सिंह, बाबा टहल सिंह की श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा हाथ जोड़कर नमन किया। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सरोपा व प्रतीक चिह्न भेंट किया। उन्होंने कहा कि बाबा टहल, हरबंश सिंह, बाबा फौजा सिंह ने स्वयं कष्ट सह कर व भूखे-प्यासे रहकर समाज की भलाई एवं सेवा का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सिख पंथ ने सदा मानव सेवा एवं सेवा भाव का प्रसार किया है और देश तथा गरीबों की सेवा की है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नानकमत्ता शहर का नाम श्री नानकमत्ता साहिब करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नानकमत्ता साहिब में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के आवागमन हेतु हेली सेवा शुरू करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि धर्म एवं राष्ट्र की रक्षा में हंसते-हंसते अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले गुरुओं के पराक्रम, तपस्या, त्याग एवं बलिदान तथा उनके संस्कार व व्यक्तित्व की युवा पीढ़ी में झलक हो, इसलिए हमें अपने गुरुओं को याद करना होगा और उनके इतिहास का स्मरण करना होगा। उन्होंने कहा कि गुरुओं ने हमें धर्म, संस्कृति के साथ मान सम्मान से जीवन जीने की प्रेरणा दी है। गुरु तेग बहादुर ने औरंगजेब के जुल्म से धर्म की रक्षा की थी। उन्होंने कहा कि धर्म एवं समाज की रक्षा के लिए गुरु द्वारा दिए गए बलिदान को हम कभी भूल नहीं सकते।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर से धारा 370 हटाकर एक राष्ट्र, एक विधान, एक निशान को लागू किया है। धामी ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में कमेटी ड्राफ्ट बनाने का काम कर रही है, ड्राफ्ट पूरा हो जाने पर उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य होगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य जब 25 वर्ष पूर्ण कर रहा होगा तब राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। धामी ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने के लिए 1064 नंबर लांच किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति रिश्वत घूस आदि लेने की मांग करता है तो 1064 नंबर पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं, शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि कई सारे रिश्वतखोरों एवं भ्रष्टाचारियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरलीकरण, समाधान, निस्तारण के मंत्र को आत्मसात करते हुए सरकार चल रही है। धामी ने कहा कि राज्य में नई कार्य संस्कृति विकसित हो रही है, जिससे कि जरूरतमंदों का काम बिना किसी सिफारिश के स्वतः ही होते चले जाएं।
इस दौरान कमेटी अध्यक्ष हरबंश चुघ, महासचिव अमरजीत सिंह सहित भजन सिंह, राजपाल सिंह, चरणजीत सिंह, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाधिकारी युगल किशोर पंत, एसएसपी मंजूनाथ टीसी, संगत आदि उपस्थित रहे।

फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कार्यवाही होगी-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिवंगत अंकिता भण्डारी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दुख की इस घङी में सरकार उनके शोक संतप्त परिजनों के साथ है। मुख्यमंत्री ने परिवारजनो द्वारा सहयोग किये जाने पर उनका आभार भी व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक सहायता सहित हर प्रकार की सहायता के लिए राज्य सरकार सदैव बिटिया अंकिता के परिवार के साथ है। इस घटना के लिए जिम्मेदार दोषी लोगों को बिल्कुल भी नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण की तेजी से जांच करने के लिए एसआईटी का गठन किया जा चुका है तथा इस मामले में संलिप्त दोषी लोगों को शीघ्रता से सजा मिले इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कार्यवाही की जाएगी। राज्य सरकार इस जघन्य अपराध की त्वरित एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई करेगी जो इस प्रकार के घृणित कार्य को करने वाले अपराधियों के लिए एक नजीर साबित होगी।

पीएम आवास में स्वीकृत आवासों के सापेक्ष पूर्ण और आवंटन में लाया जाए सुधारः सीएस

मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने सचिवालय में सम्बन्धित अधिकारियों के साथ प्रगति पोर्टल के अन्तर्गत नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन, पीएम स्वनिधि और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की प्रगति की समीक्षा की।

मुख्य सचिव ने नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन के अन्तर्गत टावर लगाने एवं ओएफसी आदि के लिए राइट ऑफ वे आवेदनों के सम्यक् निस्तारण हेतु सभी जिलाधिकारियों तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए स्थानीय निकायों को अपने बायलॉज में परिवर्तन करने की आवश्यकता है तो शीघ्रातिशीघ्र किया जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को पेंडेंसी के निस्तारण के लिए उचित प्रणाली विकसित किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही प्रतिदिन समीक्षा की जाए और इसके लिए वर्कशॉप भी आयोजित की जाएं। कहा कि समस्याओं का अध्ययन कर प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए, ताकि एप्लीकेशन के रिजेक्शन को कम किया जा सके।

मुख्य सचिव ने पीएम स्वनिधि योजना के अन्तर्गत राज्य के 25 हजार स्ट्रीट वेंडर्स को ऋण उपलब्ध कराने के लक्ष्य को निर्धारित समय सीमा में हासिल करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेपर वर्क पूरा करने हेतु में एक या दो बार कैंप लगाए जाएं। ई – केवाईसी के लिए सीएससी आदि को भी कैंप में शामिल किया जाए ताकि सभी काम एक साथ हो सकें। मुख्य सचिव ने पीएम स्वनिधि में पर्वतीय जनपदों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि मैदानी जनपदों को तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने एसएलबीसी को बैंकों को भी इस सम्बन्ध में अवगत कराए जाने हेतु निर्देशित किया, ताकि बैंक भी एप्लीकेशंस को सरसरी तौर पर निरस्त न करें और ऋण स्वीकृति देने में तेजी लाएं।

मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में भी स्वीकृत आवासों के सापेक्ष पूर्ण और आबंटित की स्थिति में तेजी से सुधार लाने के निर्देश दिए। कहा कि क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना, लाभार्थी के नेतृत्व में व्यक्तिगत घर निर्माण गरीब बेघर लोगों के लिए बहुत ही लाभकारी है। बीएलसी के अन्तर्गत केंद्र सरकार द्वारा तीसरी/अंतिम किश्त प्रोजेक्ट पूर्ण होने के बाद दी जाती है, जिस कारण कई बार लाभार्थी का आवास धन की कमी के कारण पूरा नहीं हो पता या उसमें देरी होती है। इसके लिए एक नया मैकेनिज्म तैयार किया जाए ताकि लाभार्थी को बाकी का पैसा राज्य सरकार की और से मिल जाए और प्रोजेक्ट पूर्ण होने पर यह केंद्र से राज्य सरकार को रिफंड हो जाए।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन,सचिव शैलेश बगोली, निदेशक आईटीडीए अमित सिन्हा सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी भी उपस्थित थे।

प्रसिद्ध पवनदीप राजन ने की शिष्टाचार भेंट, आगामी फिल्म में संगीत निर्देशन की दी जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से प्रसिद्ध गायक पवनदीप राजन ने शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उनके संगीत निर्देशन में हिन्दी एवं नेपाली भाषा में बनी फिल्म प्रेम गीत 3 आगामी 23 सितम्बर को रिलीज हो रही है।

मुख्यमंत्री ने पवनदीप राजन के प्रयासों की सराहना की तथा फिल्म के सफल प्रदर्शन के लिये शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर निर्माता निर्देशक सुभाष काले व सन्तोष सेन, अभिनेता प्रदीप खड़का, अभिनेत्री क्रिस्टियाना गुरूंग आदि भी उपस्थित थे।

सीएम धामी का बयान, मदरसों का सर्वे उत्तराखंड में ही, बताया जरूरी

उत्तर प्रदेश में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे शुरू हो चुका है। जिसको लेकर सियासी बयानबाजी जारी है। वहीं अब उत्तराखंड में भी मदरसों का सर्वे कराने का फैसला किया गया है। इस संबंध में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बयान दिया है, सीएम ने मदरसों के सर्वे को जरूरी बताया है।

उत्तराखंड में मदरसों के सर्वे के सवाल पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया में बयान दिया. उन्होंने कहा, ष्मदरसों का ठीक प्रकार से सर्वे होना बहुत जरूरी है। इसलिए हम इनका सर्वे करवाएंगे, क्योंकि ये संस्थाएं भी हमारी ठीक होनी चाहिए। इसलिए सर्वे बहुत जरूरी है। इस दौरान राज्य में वक्त बोर्ड की जमीनों पर बनाए गए मदरसों का भी सर्वे किया जाएगा।

राज्य में करीब 103 मदरसे
सीएम धामी ने कहा, राज्य में मदरसों के चिन्हीकरण की जरूरत है. उत्तराखंड में मदरसों का सर्वे होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मदरसों को लेकर तमाम तरह की बातें सामने आ रही हैं। इसलिए उनका एक बार सर्वे होना जरूरी है, जिससे वस्तु स्थिति एक बार स्पष्ट हो जाए. बताया जाता है कि उत्तराखंड में करीब 103 मदरसे हैं।

अब मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राज्य में जल्द मदरसों का सर्वे शुरू हो सकता है। सर्वे में पता लगाने का प्रयास होगा कि क्या राज्य में मदरसे नियमों के अनुसार चल रहे हैं. कितने मदरसे नियमों के अनुसार नहीं चल रहे हैं। इसके अलावा मदरसों के रजिस्ट्रेशन की जांच के साथ ही तमाम तरह की जानकारी ली जाएगी।

बता दें कि यूपी में मदरसों के सर्वे का काम शुरू हो चुका है। राज्य में सर्वे का काम पांच अक्टूबर तक पूरा होना है। वहीं 10 अक्टूबर तक इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को दे दी जाएगी, जबकि 25 अक्टूबर तक ये रिपोर्ट शासन को भेजी जानी है।