प्राकृतिक आपदा से निपटने में मददगार साबित होगा नभ नेत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से ‘नभ नेत्र’ का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है, किसी भी आपदा की स्थिति में ड्रोन तकनीक पर आधारित यह मोबाइल ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन आपदा संबंधी डाटा जुटाने में कारगर साबित होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नभनेत्र की सराहना की और साथ ही डार्क की टीम को प्रमाणपत्र भी दिए।
आई.टी.डी.ए निदेशक अमित सिन्हा ने जानकारी दी कि उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा आने या आपात स्थिति बनने के समय डेटा जुटाने, प्रोसेस करने और स्थिति पर निगरानी रखने जैसी चुनौतियां रहती हैं। अब इन तमाम मोर्चों के लिए ड्रोन तकनीक की मदद बड़े पैमाने पर ली जा सकेगी। इसके लिए ड्रोन एप्लिकेशन रिसर्च सेंटर ने मोबाइल ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन विकसित किया है जिसका उद्देश्य आपदा या आपातकालीन स्थिति के दौरान ड्रोन का उपयोग करने एवं ड्रोन के माध्यम से डेटा एकत्रित करने में किया जायेगा। इसके साथ ही आपदा प्रभावित क्षेत्रों में ड्रोन के माध्यम से आपदा पूर्व एवं आपदा पश्चात मानचित्र तैयार किया जाएगा। यह स्टेशन पूरी तरह एक वाहन पर स्थापित किया गया है। इस ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन को डेटा प्रोसेसिंग के लिए हाई स्पीड वर्कस्टेशन, बैंडविड्थ एग्रीगेशन और बिना नेटवर्क जोन वाले क्षेत्रों के लिए वी-सैट से युक्त किया गया है। इस वाहन का उपयोग उत्तराखंड सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन और सभी संवेदनशील आपदा संभावित क्षेत्रों की 3डी मैपिंग के लिए किया जाएगा।
इस अवसर पर आईटीडीए से नवनीत शौनक, शयान अली, हिमांशी राणा, याशिका पाण्डे, शिखा पाण्डे, शशांक मुटनेजा, विपिन कुमार, दीपांकर बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

सीएम ने श्री बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत संचालित कार्यो का निरीक्षण किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को श्री बदरीनाथ पहुंचकर मास्टर प्लान के तहत संचालित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को मास्टर प्लान के तहत संचालित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। कहा कि निर्माण कार्याे को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए। इस दौरान सीएम ने रिवर फ्रंट डेवलपमेंट, एराइवल प्लाजा, झीलों का सौंदर्यीकरण, अस्पताल का विस्तारीकरण, लूप रोड व बीआरओ बाईपास निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और निर्माण कार्याे की प्रगति पर संतुष्टि व्यक्त की। जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने मुख्यमंत्री को मास्टर प्लान के तहत प्रथम चरण में संचालित कार्याे की प्रगति से अवगत कराया।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के चारों धामों में हर साल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। तीर्थयात्रियों की यात्रा सुगम हो, इसके लिए सरकार संकल्पबद्ध है। कहा कि प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत बद्रीनाथ धाम में भी तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए ढांचागत विकास कार्य किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के सहयोग से बद्रीनाथ धाम में विकास कार्य किए जाएंगे। मास्टर प्लान के तहत स्ट्रीट स्कैपिंग, क्यू मैनेजमेंट, मंदिर एवं घाट सौंदर्यीकरण, तालाबों का सौंदर्यीकरण, बद्रीश वन, पार्किंग फैसिलिटी, सड़क एवं रिवर फ्रंट डेवलपमेंट आदि निर्माण कार्य चरणबद्ध ढंग से किए जाएंगे और बदरीनाथ मंदिर के चारों ओर श्रद्धालुओं के आवागमन की सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट केदारनाथ धाम की तर्ज पर बद्रीनाथ धाम को भी विकसित करने हेतु मास्टर प्लान के तहत चरणबद्ध ढंग से बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। जिसमें पहले चरण का कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बद्रीनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान श्री बद्रीनाथ की विशेष पूजा अर्चना करते हुए देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना भी की। बद्रीनाथ धाम में तीर्थयात्रियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, एडीएम आशीष त्रिपाठी, एसडीएम कुमकुम जोशी, सीओ धन सिंह तोमर, सीओ नताशा सिंह, सहकारी बैंक अध्यक्ष गजेंद्र रावत, मंदिर समिति के उपाध्यक्ष किशोर पंवार सहित मास्टर प्लान से संबंधित जिला स्तरीय विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य के प्रस्ताव को केन्द्र ने दी वित्तीय स्वीकृति, बहुरेंगे टिहरी के दिन

बहुपक्षीय विकास बैंकों की मदद से टिहरी झील और उसके जल ग्रहण क्षेत्र के समग्र विकास के राज्य सरकार के एक महत्वकांक्षी प्रस्ताव को केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके अंतर्गत प्रदेश सरकार को एशियन डेवलपमेन्ट बैंक तथा ब्रिक्स डेवलपमेंट बैंक के माध्यम से कुल 2030 लाख अमरीकी ड़ॉलर का ऋण मिलेगा। इस परियोजना के अन्तर्गत कोटी कालोनी, नई टिहरी, तिवाड़ गांव, डोबरा चांटी, टिहरी झील तथा मदन नेगी को कलस्टरों के रूप में विकसित किया जायेगा। परियोजना के अन्तर्गत टिहरी झील में चार स्थानों पर जल क्रीड़ा सम्बन्धित केन्द्र, टैन्ट कॉलोनी निर्माण, कोटी कॉलोनी से डोबरा-चांटी तक पर्यटन रोड का निर्माण, होम स्टे कलस्टरों का निर्माण, डोबरा चांटी पार्क, मल्टी लेवल कार पार्किंग, एकीकृत सूचना केन्द्र, मनोरंजन कॉम्पलेक्स, एक्वैटिक कॉम्पलेक्स, 3 स्टार बुटीक होटल, स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर, बायो डायर्वसिटी पार्क, योग एवं पंचकर्म केन्द्र, रोपवे निर्माण, तटीय क्षेत्र में वृहद वृक्षारोपण तथा लाइट एवं साउन्ड लेजर शो आदि विविध कार्य प्रस्तावित है। इस संबंध में एडीबी की टीम शीघ्र ही उत्तराखंड का दौरा करेगी।
इस परियोजना का उद्देश्य टिहरी को उत्तराखंड के ब्रांड टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने का है, जिसे स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत टिहरी शहर के एतिहासिक महत्व को पुर्नस्थापित करने, पर्यटन ढाँचे को मजबूत बनाने, बेहतर क्षमताओं से युक्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा पलायन को कम करने का काम किया जायेगा। परियोजना के उद्देश्यों में पर्यटकों के टिहरी प्रवास की औसत अवधि को बढ़ाकर तीन दिन तक करना भी शामिल है।
सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने कहा है, इस योजना के माध्यम से उत्तराखंड सरकार टिहरी को स्थानीय लोगों की भागीदारी के साथ एक वैकल्पिक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना चाहती है। इस परियोजना से प्रत्यक्ष तौर पर लगभग चालीस हजार और परोक्ष रूप से लगभग दो लाख परिवार लाभान्वित होंगे। उन्हांेने कहा कि इस परियोजना के लिए हरित तकनीकी का प्रयोग किया जायेगा और अनिवार्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। इस परियोजना के अन्तर्गत सतत विकास उद्देश्यों के अनुरूप इस संवेदनशील क्षेत्र में सतत एवं उत्तरदायी पर्यटन को सुनिश्चित किया जायेगा।
उन्होंने कहा परियोजना के माध्यम से बाजार की मांग के अनुरूप क्षमता निर्माण करते हुए स्थानीय लोगों के सामाजिक एवं आर्थिक स्तर मे सुधार लाया जायेगा। परियोजना का उद्देश्य पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना ग्रामीण क्षेत्र को आर्गेनिक होमस्टे के रूप में विकसित कर उत्तरदायी पर्यटन की दिशा में आगे कदम बढ़ाना है। परियोजना में स्वास्थ्य व स्वच्छता के स्तर को बेहतर बनाने के लिए सेनिटेशन की व्यवस्था का प्रस्ताव भी है। सचिव, पर्यटन ने कहा कि परियोजना की वहनीयता को बढ़ाने के लिए स्थानीय संसाधनों का उपयोग किया जायेगा और उर्जा के अक्षय स्रोतों उपयोग सुनिश्चित किया जायेगा। परियोजना के अन्तर्गत कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने की भी योजना है।
ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार ने वित्त मंत्रालय के समक्ष इस परियोजना का संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत किया था जिसमें टिहरी में पर्यटन अवस्थापना एवं सुविधाओं के विकास के साथ-साथ झील के चारों ओर एक रिंग रोड बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है। प्रस्ताव को नीति आयोग, ग्रामीण विकास मंत्रालय, सड़क परिवहन मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय के समर्थन के उपरान्त वित्त मंत्रालय द्वारा स्वीकृति दे दी गई है।

कैलाश गहतोड़ी को राज्य वन विकास निगम का अध्यक्ष बनाया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए अपनी चंपावत सीट छोड़ने वाले कैलाश गहतोड़ी को भाजपा ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। भाजपा ने गहतोड़ी को राज्य वन विकास निगम का अध्यक्ष बनाया है। ऐसे कयास पहले से ही लगाए जा रहे थे कि सीएम धामी के लिए अपनी सीट छोड़ने वाले कैलाश गहतोड़ी को इनाम मिल सकता है। सियासी जानकारों का मानना था कि विधायकी छोड़ने के बाद कैलाश गहतोड़ी का राजनीतिक ग्राफ ऊंचा होगा। इसका कारण यह है कि साल 2002 से अब तक मुख्यमंत्री के लिए जितने भी विधायकों ने इस्तीफा दिया है, उनमें से सभी को पार्टी और सरकार ने सम्मान दिया।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने दी बधाई
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने आज उत्तराखंड वन विकास निगम के नवनियुक्त चैयरमेन कैलाश चंद गहतोड़ी के स्वागत कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। साथ ही उत्तराखंड वन विकास निगम के नवनियुक्त चैयरमेन कैलाश चंद गहतोड़ी को कार्यभार ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा मुझे पूर्ण विश्वास है कि आपके नेतृत्व में वन विकास निगम लगातार ऊंचाई के पथ पर बढ़ता रहेगा। इस अवसर पर रायपुर से भाजपा के विधायक उमेश शर्मा काऊ, वन विकास निगम के प्रबंध निदेशक डॉ धनंजय मोहन, अपर प्रबंध निदेशक के.एम.राव, महाप्रबंधक निशांत वर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक (टिहरी क्षेत्र) आकाश वर्मा सहित कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

फ्रेंच यूनिवर्सिटी ने कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को डाक्टरेट की उपाधि दी

कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को फ्रेंच यूनिवर्सिटी (द एकॉल सुपीरियर रोबर्ट डी शोरबन) की ओर से डाक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया।
देहरादून के एक निजी रिसोर्ट में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष थॉमस पराडे, उपाध्यक्ष विवेक चौधरी, पदमश्री जितेंद्र सिंह संटी, भाजपा प्रवक्ता व बॉलीवुड अभिनेता डॉ मुकेश त्यागी, डॉ निर्मल बंसल ने डॉक्टरेट की उपाधि देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर अग्रवाल ने कहा कि यूनिवर्सिटी द्वारा विश्वभर में 20 हजार से अधिक विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले को सम्मानित किया जा चुका है। भारत में 400 सर्वक्षेष्ठ प्रतिभाओं को यूनिवर्सिटी में सम्मानित किया है। अग्रवाल ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में अच्छा काम करने वाले किसी सम्मान की चाह नहीं रखते है, मगर फ्रेंच यूनिवर्सिटी की ओर से सम्मान दिया जाना, सराहनीय है।
इस मौके पर उत्तराखंड से कैबिनेट मंत्री अग्रवाल को सोशल एक्टिविटी और वित्तीय उत्थान के लिए सराहनीय कदम उठाने, आचार्य आशीष सेमवाल को वेलनेस स्पुचिरिटी, कमल शर्मा को इंटरनेशनल फ़ोटो जर्नालिस्ट, आदित्य ठाकुर को इको टूरिज़्म के लिए डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया।
यूनिवर्सिटी के उपाध्यक्ष विवेक चौधरी ने बताया कि यूनिवर्सिटी का यूएई और साउथ ईस्ट एशिया के लिए आईआईपीपीटी फाउंडेशन के साथ करार है। बताया कि आईआईपीपीटी का 11वां सोरबन इंटरनेशनल कॉन्वोकेशन का आयोजन किया गया है। जिसमें मानद उपाधी से सम्मानित किया गया। इसमें समाज सेवक, उद्यमी, प्रोफेशनल, सोशल एक्टिविटीज शामिल है।
बताया कि रॉबर्ट डी सोरबन डॉक्टरेट डिग्री एक मानद उपाधी है जो जीवन मे वर्षों के अनुभव के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने पर दिया जाता है। इस मौके पर डीजीपी अशोक कुमार सहित देश विदेश से नागरिक उपस्थित रहे।

मानसखण्ड कॉरिडोर में अवस्थापना सुविधाओं का विशेष ध्यान देने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को विधानसभा में मानसखण्ड कॉरिडोर के संबंध में बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के साथ ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों को प्रदेश के अन्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में भी हर दृष्टि से भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड प्राकृतिक संपदाओं वाला राज्य है, अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कुमाऊं मानसखण्ड सर्किट में जो भी मन्दिर लिये जा रहे हैं, उनको सुव्यवस्थित तरीके से बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से जोड़ा जाय। गोल्ज्यू सर्किट को विकसित करने के लिए सुनियोजित प्लान बनाया जाए। 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रत्येक विभाग द्वारा क्या कार्ययोजना बनाई जा रही है, विभागों से जल्द उनकी कार्ययोजना मांगी जाय।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य का राजस्व बढ़ाने के लिए इनोवेटिव प्रयासों की जरूरत है। पर्यटन के क्षेत्र में राज्य में अनेक संभावनाएं हैं। पर्यटन स्थलों एवं धार्मिक स्थलों के लिए रोपवे, सड़क एवं अन्य अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए जो स्वीकृतियां हो चुकी हैं, उन कार्यों में तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक एवं आध्यात्मिक राज्य होने के साथ ही उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौन्दर्य भी पर्यटकों को आकर्षित करता है। राज्य में साहसिक खेलों के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं, इस दिशा में भी विशेष ध्यान दिया जाय। राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को राज्य में उद्योगों की स्थापना के लिए हर संभव सहायता देने के प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक सुदृढ़ नेटवर्क कनेक्टिविटी हो, इसके लिए सर्विस प्रोवाइडरों के साथ बैठक की जाय और उचित समाधान निकाला जाय।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव सी. रविशंकर, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग अयाज अहमद, लोक निर्माण विभाग एवं पर्यटन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

अग्निपथ योजना का विरोध रोकने के लिए सीएम भी उतरे मैदान में, गिनाई खूबियां

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा स्थित पंत भवन में केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के सम्बन्ध में प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। एक तरफ जहां दुनिया के कई बड़े देश विभिन्न संकटों से घिरे हुए हैं। वहीं भारत न केवल हर चुनौती से सफलतापूर्वक पार पा रहा है बल्कि विश्व का मागदर्शन भी कर रहा है। आज कूटनीति से लेकर आर्थिक मोर्चे तक भारत की नीतियों को आदर्श माना जा रहा है और विकसित देश भी इनका अनुसरण करने को बाध्य हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया भर में व्याप्त आर्थिक संकट से हम सभी भली भांति परिचित हैं। लेकिन इन हालातों के बीच एक भारत ही है जो अपने नागरिकों और विशेषकर युवाओं को आशा की किरण दिखाने में सफल हो रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा अगले 18 माह में दस लाख नौकरियां देने के निर्णय ने युवाओं के सपनों को उड़ान देने का कार्य किया है।
इस महाअभियान की शुरुआत ’अग्निपथ’ योजना को प्रारम्भ कर की गयी है। जिसके तहत सेना में ’अग्निवीरों’ को नियुक्त किया जाएगा। इससे ना केवल देश के युवाओं को बड़े स्तर पर रोजगार मिलेगा बल्कि हमारी सेनाएं भी और अधिक युवा व सशक्त होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की पहचान वीर भूमि के रूप में भी है। उन्होंने अग्नि पथ योजना के लिए प्रदेश की सवा करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सैनिक पुत्र होने के नाते स्वंय भी अपने को गौरवान्वित महससू कर रहा हूं कि मुख्य सेवक के रूप में इस योजना को उत्तराखण्ड में लागू करने का अवसर प्राप्त होगा। इस योजना के तहत 17 वर्ष से 21 वर्ष के युवाओं को सेना में भर्ती किया जाएगा और इसकी शुरुआत आगामी 90 दिनों में हो जाएगी।
भारतीय सेना इस योजना के लागू होने के पश्चात आने वाले समय में और अधिक जोश के साथ तिरंगे की आन-बान और शान को बढ़ाने का कार्य करेगी। साथ ही इस योजना द्वारा देश को ऐसे युवाओं की एक बड़ी सौगात भी मिलेगी जो अनुशासित होंगे, राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत होंगे और जिनके लिए राष्ट्र सर्वाेपरि होगा।
ऐसे ही युवा, नए भारत की नींव रखेंगे और जिस नींव पर उस नए भारत का निर्माण होगा जो पुनः विश्व गुरु कहलाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना में भर्ती होने का सपना रखने वाले उत्तराखण्ड के युवाओं के लिए तो ये योजना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होने वाली है। इस योजना के ऐलान के बाद मुझे प्रदेश के अलग अलग हिस्सों से युवाओं के संदेश मिल रहे हैं जिनमें उन्होंने राष्ट्र सेवा की दिशा में किए गए इस अनुपम प्रयास के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया है। इस योजना को लेकर देश का युवा अत्यंत उत्साहित है।
एक अग्निवीर ने तो मुझे दो लाइनें भी लिख कर भेजी हैं जिसे मैं आप सभी के साथ साझा करना चाहता हूं। उन्होंने लिखा कि-
“अग्निमय हूं, अग्निरूप मैं अग्नि से आकंठ हूं हां मैं अग्निवीर हूं……
धधक रही राष्ट्र भक्ति की ज्वाला हृदय में धधक रही राष्ट्र भक्ति की ज्वाला हृदय में
मैं उसी में आसक्त हूं, हां मैं अग्निवीर हूं…. हां मैं अग्निवीर हूँ……“
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना से उत्तराखण्ड का जुड़ाव सर्वविदित है, हमारे यहां के वीर सैनिकों की शौर्य गाथाओं से भारतीय सेना का इतिहास भरा पड़ा है। यहां के हर घर से कोई न कोई वीर सैनिक अवश्य ही भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहा होता है।
अतः हमने यह तय किया है कि अग्निपथ योजना के अंतर्गत मां भारती की सेवा के उपरांत अग्निवीरों को राज्य सरकार उत्तराखण्ड पुलिस आपदा प्रबन्धन, चार धाम यात्रा प्रबन्धन सहित अनेक सेवाओं में प्राथमिकता प्रदान करेगी, तत्सम्बन्धी नियम शीघ्र ही तय किये जायेंगे।
प्रदेश के युवाओं के सर्वांगीण विकास व उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने हेतु हमारी सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और हम निरंतर इस दिशा में प्रयासरत रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवा को अग्निवीर बन राष्ट्र व राज्य का नाम रोशन करेंगे और अपने शौर्य व पराक्रम का परचम चारों दिशाओं में फहराएंगे।

सोशल मीडिया में गृह मंत्री के फर्जी पत्र की जांच शुरु, केस दर्ज

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम एक फर्जी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने की जांच बैठा दी गई है। इस पत्र में भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता रही नुपूर शर्मा के एक रिश्तेदार को जेड सुरक्षा उपलब्ध कराने को कहा गया है। बुधवार को यह पत्र सोशल मीडिया में खूब वायरल हुआ।
केंद्रीय मंत्री शाह की तरफ से मुख्यमंत्री धामी को लिखे गए इस कथित पत्र में 13 जून की तिथि अंकित है। जिसमें कहा गया है कि संबंधित व्यक्ति आरएसएस और हिन्दु राष्ट्रीय विचारधारा के साथ ही नुपूर शर्मा का भी रिश्तेदार है। नुपूर शर्मा के साथ ही उनके रिश्तेदार को भी धमकियां मिल रही है लिहाजा तत्काल संबंधित व्यक्ति को जेड सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
इस पत्र के वायरल होते ही पीआईबी ने इसे ट्विटर पर टैग करते हुए फर्जी बताया। उधर, मुख्यमंत्री धामी ने फर्जी पत्र की गंभीरता को देखते हुए दोषी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कारवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री की अपर मुख्य सचिव राधा रतूङी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम को इस तरह का कोई पत्र नहीं भेजा है, यह पूरी तरह फर्जी है।
उन्होंने बताया कि एसटीएफ में सोशल मीडिया इंटरवेशंन सेल गठित है। जिसका मकसद सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक एंव गलत सूचना प्रसारित होने पर तत्काल प्रभाव से विश्लेषण कर वैधानिक एवं उचित कारवाई करना है। इस सेल को यह पत्र हुआ है, जिसके आधार से संबंधित व्यक्ति की तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि शरारत करने वालों ने इस पत्र का रुपांतरण इस तरह से किया है जिससे समाज में कानून व्यवस्था बाधित हो। बताया कि एसटीएफ को मुकदमा दर्ज कर कारवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। विदित है नुपूर शर्मा का एक रिश्तेदार दून में रहते हैं जो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं।

गृहमंत्री का फर्जी पत्र वायरल करने में केस
गृहमंत्री अमित शाह का उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को संबोधित पत्र वायरल करने के मामले में एसटीएफ ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि एसटीएफ उत्तराखंड का सोशल मीडिया इंटरवेंशन सेल कार्यरत है।
जिसका उदेश्य सोशल मीडिया पर भ्रामक या गलत सूचना प्रसारित होने पर तत्काल विश्लेषण कर वैधानिक कार्रवाई करना है। ऐसी पोस्टों को हटना भी है जिससे कानून व्यवस्था की समस्या बनें। इस सेल को गृहमंत्री का संशय पैदा करने वाला फर्जी पत्र मिला। इसे वायरल करने को लेकर केस किया गया है।

चारधाम आने वाले तीर्थ यात्रियों को मिलेगा बीमा कवर

बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर परिसर में दुर्घटना होने पर तीर्थ यात्रियों को एक लाख रुपये का बीमा कवर मिलेगा। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के प्रयासों से यह संभव हो पाया है। बदरीनाथ-केदार मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा हरीश गौड़ ने बताया कि आध्यात्मिक संस्था मानव उत्थान सेवा समिति की ओर से बीमा की प्रीमियम राशि युनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को दी गयी है। उन्होंने बताया कि मानव उत्थान सेवा समिति के संस्थापक पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज हैं। बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज एवं मानव उत्थान सेवा समिति का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि पहली बार चारधाम आने वाले तीर्थयात्रियों को बीमा कवर दिया जा रहा है।
मीडिया प्रभारी डॉ हरीश गौड ने बताया कि मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने इस संबंध में उपजिलाधिकारी जोशीमठ, उखीमठ, बड़कोट और भटवाड़ी को पत्र लिखकर सूचित किया है। उन्होंने लिखा है कि मंदिर परिसर में किसी दुर्घटना पर तीर्थ यात्रियों को यह बीमा कवर दिया जायेगा है। उन्होंने बताया कि बीमा राशि का भुगतान बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति के माध्यम से युनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा दिया जाएगा।

परिवहन मंत्री चन्दनराम दास मैक्स में भर्ती

परिवहन मंत्री चन्दनराम दास की विधानसभा सत्र के दौरान अचानक बिगड़ी तबियत के बाद कैबिनेट मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल ने अस्पताल पहुंचकर उनका स्वास्थ्य का हाल जाना।
बुधवार को विधानसभा में सत्र के दूसरे दिन दोपहर बाद परिवहन मंत्री चन्दन रामदास के स्वास्थ्य में अचानक गिरावट देखने को मिली। उन्हें पहले विधानसभा में ही बने चिकित्सको की टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। हालात बिगड़ने पर निजी अस्पताल में भर्ती किया गया।
सत्र की समाप्ति के बाद वित्तमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल सहित स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत उनके स्वास्थ्य का हाल जानने अस्पताल पहुंचे और चिकित्सको से जानकारी ली। वहीं, उन्होंने ईश्वर से उनके जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की।