महक जैन ने बढ़ाया ऋषिकेश का मान, किया सम्मानित

लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन ने ऋषिकेश की बेटी महक जैन को सम्मानित किया। महक ने सिविल सेवा परीक्षा में देश में 17वीं रैंक प्राप्त की है।
सोमवार को हरिद्वार मार्ग स्थित आईसीए कंप्यूटर संस्थान में लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन ने कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाली ऋषिकेश निवासी महक जैन को सम्मानित किया गया। क्लब के संस्थापक ललित मोहन मिश्र ने कहा कि बेटियां बेटों से कम नहीं है। महक की इस सफलता से अन्य बालिकाओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा। अन्य छात्राओं को भी महक से प्रेरणा लेनी चाहिए। महक जैन ने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा पास कर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। महक जैन ने छात्र-छात्राओं से अपने अनुभव बांटे और उन्हें किसी भी परीक्षा की तैयारी करने के टिप्स भी दिए। कहा कि सफलता का मूल मंत्र मेहनत और लगन है।
मौके पर मेमोरी चैंपियन प्रतीक यादव, संस्थान अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, महेश किंगर, क्लब अध्यक्ष जगमीत सिंह, विकास ग्रोवर, पवन शुक्ला, लायन आशु ढंग, विक्की पनेशर, श्रेयांश जैन, मोनिका जैन आदि मौजूद रहे।

सीएम ने 77 अतिसंवेदनशील स्थलों पर क्रेश बैरियर लगाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चमोली, उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग, टिहरी एवं पौड़ी के चारधाम यात्रा मोटर मार्ग पर चिह्नित 77 अतिसंवेदनशील स्थलों पर क्रेश बैरियर लगाए जाने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में कैबिनेट मंत्री लोक निर्माण विभाग सतपाल महाराज और कैबिनेट मंत्री परिवहन विभाग चंदनराम दास को अर्द्ध शासकीय पत्र लिखकर चिह्नित संवेदनशील स्थलों पर दो चरणों में क्रेश बैरियर लगाने के लिए कहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा मार्गों में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली क्षति की रोकथाम एवं दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को गहरी खाई में गिरने से बचाने हेतु क्रेश बैरियर लगाये जाने की नितान्त आवश्यकता है। चारधाम यात्रा मार्ग पर अभी भी कई ऐसे अति संवेदनशील स्थल मौजूद हैं, जहा 2 क्रेश बैरियर के मध्य काफी फासला है, जो कि उक्त दुर्घटनाओं को रोकने में अपर्याप्त हैं। पुलिस विभाग द्वारा जनपद चमोली, उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग टिहरी एवं पौड़ी के चारधाम यात्रा मोटर मार्ग पर 77 अतिसंवेदनशील स्थलों को चिन्हित किया गया हैं।
मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री लोक निर्माण विभाग सतपाल महाराज और कैबिनेट मंत्री परिवहन विभाग चंदनराम दास को इन अतिसंवदेनशील स्थलों में से शीर्ष-10 स्थलों पर शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर प्रथम फेस में 10 क्रैश बैरियर लगवाने एवं तत्पश्चात् शेष 67 स्थलों पर भी क्रैश बैरियर लगवाने के लिए अपने स्तर से तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है।

देश के विकास में मिशन कर्मयोगी का रहेगा विशेष योगदान-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में आयोजित अमृत महोत्सव डिजिटल प्रदर्शनी एवं आजादी का अमृत महोत्सव सेमिनार का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की एवं परिसर में 22 राज्यों द्वारा लगाए गए हस्तकला स्टालों का अवलोकन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन व प्रेरणा से “मिशन कर्मयोगी“ के अन्तर्गत एवं संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के साथ समृद्ध भारतीय संस्कृति की व्यापक स्तर पर प्रचारित-प्रसारित करने हेतु डिजिटल प्रदर्शनी के माध्यम से एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि आप लोग “आजादी का अमृत महोत्सव“ वर्ष में प्रशिक्षण प्राप्त कर “मिशन कर्मयोगी“ के तहत अपना काम शुरू करेंगे। उन्होंने कहा आगामी 25 वर्ष में यह देश जितना विकास करेगा, उसमें बहुत बड़ी भूमिका आप सभी अधिकारियों की होगी। भारतीय सिविल सेवकों को और भी अधिक रचनात्मक, सृजनात्मक, विचारशील, नवाचारी, अधिक क्रियाशील, प्रगतिशील, ऊर्जावान, सक्षम, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी समर्थ बनाते हुए भविष्य के लिए तैयार करना “मिशन कर्मयोगी“ का मुख्य लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर हम आज उत्सव मना रहे हैं, जिसे प्रधानमंत्री ने आजादी का अमृत महोत्सव नाम दिया गया है। उन्होंने कहा यह समय ना केवल इस देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर बलिदानियों को नमन करने का है बल्कि उनके सपनों को साकार करने का भी है। उन्होंने सभी स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए कहा की हम और हमारी आने वाली पीढ़ियां उनके द्वारा किए संघर्ष की सदा सर्वदा ऋणी रहेंगी। उन्होंने कहा आजादी का यह अमृत महोत्सव ना केवल उनके द्वारा किए गए त्याग को पुनः स्मरण करने का अवसर है बल्कि उनके सपनों को याद करते हुए नवीन संकल्पों को लेने का भी अवसर है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी भारत के जन-जन को कर्तव्य के लिए जागरूक करके, इस देश में बहुत बड़ा बदलाव ला सकते है। उन्होंने कहा आप सभी को इस देश के अलग अलग हिस्सों में जाकर कर्तव्य भावना का विस्तार करना है, जन-जन में कर्तव्य बोध जागृत करना है। फल या लाभ की चिंता किए बिना कर्म को कर्तव्य भाव से, सेवा भाव से करने में ही आंतरिक शांति मिलती है। बिना फल की अपेक्षा किए, ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभाओ, इसमें यह भाव छिपा है कि यदि आप फल की इच्छा को केंद्र में रख कर किसी कर्तव्य का वहन करेंगे तो कहीं ना कहीं आप पर एक अवांछित दबाव बना रहेगा। सामाजिक लक्ष्य की प्राप्ति के लिए दो महत्वपूर्ण कारक होते हैं, पहला नेतृत्व कौशल और दूसरा कुशल प्रबंधन।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपनी सनातन संस्कृति और भारत की पुरातन पद्धतियों का उचित अध्ययन करें तो ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसका समाधान हमारे पूर्वजों ने नहीं सुझाया है। हमारी समृद्ध संपदाओं के आधार पर तय की गई नीतियों के कारण ही आज विश्व भारत की ओर आशा भरी दृष्टि से देख रहा है। उन्होंने कहा आदरणीय प्रधानमंत्री जी का भी कथन है कि अमृतकाल के इस दौर में हमें रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म को अगले स्तर पर लेकर जाना है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के विभिन्न क्षेत्रों की कार्यशैली में बदलाव आया है। उन्होंने कहा आज प्रत्येक योजनाएं जमीनी स्तर पर लागू हो रही हैं एवं प्रत्येक वर्ग के ध्यान में रखकर योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकार पहुंचे इसके लिए कई कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा हम उत्तराखंड में निरंतर गुड गवर्नेंस पर फोकस कर रहे हैं और जन सरोकारी कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा आज भी मैं अपने को विद्यार्थी मानता हूं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमने सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण एवं संतुष्टि को अपनी कार्यपद्धति का सिद्धांत बनाया है और इसी मूल मंत्र को आधार बना कर जनसमस्याओं को सुलझाया जा रहा है। उन्होंने कहा आप सभी भी आने वाले समय में सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण मंत्र के साथ जन सेवा करेंगे ऐसी मैं अपेक्षा करता हूं। उन्होंने कहा हम उत्तराखंड के सतत और सर्वांगीण विकास का विकल्प रहित संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे हैं और अपने इस संकल्प को हम समयबद्ध अवधि में निश्चित ही सिद्ध कर के दिखाएंगे। उन्होंने कहा हमारा राज्य जब अपने 25वें वर्ष में प्रवेश करेगा अर्थात रजत जयंती मनाएगा, तब यह राज्य देश के श्रेष्ठ राज्य में होगा।
सचिव गोविंद मोहन ने अपने संबोधन में कहा कि हमारा उद्देश्य वर्तमान परिस्थितियों के विकास के साथ ही अपने महान वीरों के बलिदान को याद करना भी है। उन्होंने कहा विभिन्न परिस्थितियों के बावजूद हमारे देश ने विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। जो कुछ हमने हासिल किया है वह सराहनीय कार्य है। उन्होंने अगले 25 वर्ष को भारत का अमृत काल बताया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन अनुसार देश में 50,000 से ज्यादा कार्यक्रम आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत किए गए हैं एवं प्रत्येक 30 मिनट में एक कार्यक्रम देश में आयोजित किया जा रहा है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी के निदेशक श्रीनिवास कटिकितला, संयुक्त निदेशिका राधिका रस्तोगी, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी के फैकल्टी मेम्बर्स एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा व रॉयल भूटान सिविल सर्विसेज के 2020 व 2021 बैच के प्रशिक्षु अधिकारीगण एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

आपातकाल लगाकर लोकतंत्र का गला घोंटने वाली कांग्रेस अपनी अंतिम सांसें गिन रही

इंदिरा गांधी द्वारा 1975 में 25 जून को लगाये गए आपातकाल को काला अध्याय के रूप में याद किया जाता रहेगा। यह बात आपातकाल की 47वीं वर्षगांठ पर आयोजित विधानसभा स्तर के कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने कही। इस मौके पर आंदोलन में जेल जाने वाले लोकतंत्र सेनानियों के आश्रितों को सम्मानित किया गया।
रविवार को देहरादून तिलक रोड स्थित आरएसएस कार्यालय में आपातकालीन की बरसी पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी के शासन के दौरान 1975 में लगा आपातकाल काले अध्याय से कम नहीं था। इस दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचला गया। आपातकाल के दौरान पूरे देश में लोकतांत्रित तरीके से आंदोलन हुए।
डा. अग्रवाल ने कहा कि इस वक्त सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग भी किया गया। डा. अग्रवाल ने कहा कि उनके परिवार ने भी अनेक यातनाएं सही और जेल की हवा भी खाई। कहा कि जेल में आपातकाल के दौरान पकड़े गए लोगों को सामान्य कैदी की तरह ही रखा जाता था। उन्हें कीड़े लगे चावल और पानी वाली दाल मिलती थी।
डा. अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस ने उस समय अपनी सत्ता बचाने और राजनीति स्वार्थ पूरा करने के लिए लोकतंत्र की हत्या देश में आपातकाल लगाकर की थी। कहा कि आपातकाल की नींव 12 जून 1975 को ही रख दी गई थी। इस दिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को रायबरेली के चुनाव अभियान में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का दोषी पाया था और उनके चुनाव को खारिज कर दिया था। इतना ही नहीं, इंदिरा पर छह साल तक चुनाव लड़ने पर और किसी भी तरह के पद संभालने पर रोक भी लगा दी गई थी। जब 25 जून 1975 की आधी रात इमरजेंसी लागू की गई थी जनता के सारे अधिकार छिन गए थे।
डा. अग्रवाल ने बताया कि आपातकाल में जयप्रकाश नारायण की अगुवाई में पूरा विपक्ष एकजुट हो गया और देशभर में इंदिरा के खिलाफ आंदोलन शुरू हुआ। सरकारी मशीनरी विपक्ष के आंदोलन को कुचलने में लग गई थी। आंदोलनकारियों को जेल में डाला जाने लगा। 21 मार्च 1977 तक देश आपातकाल में पिसता रहा।
इस मौके पर प्रान्त प्रचारक युदवीर ने कहा कि आपातकाल के काले अध्याय को आने वाली को बताना होगा। इसके लिए सरकार से मांग की जाएगी कि इसको राजकीय पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाए। इससे हमारे युवाओं को उस कठिन दौर में हुई स्थिति का पता चल सकेगा।
इस मौके पर 40 लोकतंत्र सैनानियों व उनके आश्रितों को पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया गया। आयोजन को राकेश ओबराय, प्रभाकर उनियाल, विनय गोयल, प्रेम बडाकोटी, दयाराम, राजकुमार टांक, रविदेव आनंद ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन योगेश अग्रवाल ने किया।

धामी और सैनी का रुड़की में हुआ भव्य स्वागत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को रुड़की स्थित नेहरू स्टेडियम में आयोजित सम्मान समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री का उपचुनाव में ऐतिहासिक जीत एवं डॉ. कल्पना सैनी को राज्यसभा सांसद मनोनीत होने पर भव्य स्वागत किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि आपकी मेहनत एवं समर्पण भाव ने उत्तराखंड में पुनः सरकार बनाकर मिथक तोड़ने का कार्य किया है। उन्होंने सांसद कल्पना सैनी को राज्यसभा हेतु निर्विरोध चुने जाने बधाई दी। उन्होंने कहा मुझे पूर्ण विश्वास है कि कल्पना सैनी इस दायित्व को भी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगी। उन्होंने कहा राज्यसभा में आपकी उपस्थिति से पूरे उत्तराखंड को आपके अनुभव का लाभ मिलेगा और सर्वश्रेष्ठ उत्तराखंड का जो संकल्प लेकर हम चल रहे हैं उसको अपेक्षित बल मिलेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार आपस में समन्वय बनाकर 2025 तक उत्तराखंड को हिंदुस्तान का सर्वश्रेष्ठ एवं आदर्श राज्य बनाएंगे एवं अपने देश, अपनी मातृभूमि की सेवा कर हम एकात्म मानववाद के दर्शन को सार्थक कर पाएंगे। उन्होने कहा मुझे गर्व है कि हम एक ऐसी विचारधारा से जुड़े हैं जिसका हमेशा से ये मंत्र रहा है कि“व्यक्ति से बड़ा दल, दल से बड़ा देश“। उन्होंने कहा ये परंपरा और ये सिद्धांत डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी, श्रद्धेय दीनदयाल उपाध्याय और आदरणीय अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर आज तक अनवरत चली आ रही है। उन्होंने कहा हमारा मूल उद्देश्य ही भारतीयता की प्रेरणा के साथ जन सेवा करना है। उन्होने कहा आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हम अपने राज्य व इस महान राष्ट्र के सपनों को पूर्ण करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। उत्तराखंड में हमें मिली जीत ने हमारे दायित्वों को बढ़ा दिया है और अब हमें एक क्षण की भी देर ना करते हुए इस राज्य की जन आकांक्षाओं को पूर्ण कर के दिखाना है। हमें गांव-गांव तक बुनियादी सुविधाओं को पहुंचाना है, प्रदेश में रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है, अपनी सांस्कृतिक पहचान को और अधिक समृद्ध बनाना है। उन्होने कहा उत्तराखंड सरकार “विकल्प रहित संकल्प“ के साथ कार्य कर रही है। इसकी सिद्धि के लिए हम दिन-रात एक कर देंगे। उन्होने कहा हमे समाज के दायित्वों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए उन्हें पूर्ण करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के विभिन्न क्षेत्रों की कार्यशैली में बदलाव आया है। आज प्रत्येक योजनाएं जमीनी स्तर पर लागू हो रही हैं एवं प्रत्येक वर्ग के ध्यान में रखकर योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकार पहुंचे इसके लिए कई कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा भारत अब अपने हितों को आगे कर अन्य देशों से बात करता है और आज विकसित राष्ट्र भी भारत की नीतियों का अनुसरण कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज भारत जिस विकास यात्रा पर अग्रसर है, हमें उत्तराखंड को उसका सबसे योग्य बनाना है।
इस दौरान अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने मुख्यमंत्री को चंपावत उपचुनाव में ऐतिहासिक जीत पर बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश, मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लगातार आगे बढ़ रहा है। हमारी सरकार विकल्प रहित संकल्प के नारे के साथ विकास योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। सतपाल महाराज ने डॉ. कल्पना सैनी को राज्यसभा सांसद बनने पर बधाई देते हुए उन्हें धनी व्यक्तित्व का बताया।
कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने भी अपने संबोधन में मुख्यमंत्री को उपचुनाव में ऐतिहासिक विजय एवं कल्पना सैनी को राज्यसभा सांसद बनने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
इस दौरान राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक प्रदीप बत्रा, विधायक आदेश चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ जयपाल सिंह चौहान, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चौंपियन, खिलेन्द्र चौधरी, आदेश सैनी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर घोंटा था लोकतंत्र का गलाः डा. प्रेमचंद

इंदिरा गांधी द्वारा 1975 में 25 जून को लगाये गए आपातकाल को काला अध्याय के रूप में याद किया जाता रहेगा। यह बात आपातकाल की 47वीं वर्षगांठ पर आयोजित विधानसभा स्तर के कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने कही। इस मोके पर आंदोलन में जेल जाने वाले लोकतंत्र सेनानियों के आश्रितों को सम्मानित किया गया।

आवास विकास स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आपातकालीन की बरसी पर विधानसभा स्तर पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी के शासन के दौरान 1975 में लगा आपातकाल काले अध्याय से कम नहीं था। इस दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचला गया। आपातकाल के दौरान पूरे देश में लोकतांत्रित तरीके से आंदोलन हुए।

डा. अग्रवाल ने कहा कि इस वक्त सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग भी किया गया। डा. अग्रवाल ने कहा कि उनके परिवार ने भी अनेक यातनाएं सही और जेल की हवा भी खाई। बताया कि बड़े भाई ताराचंद ने इंदिरा गांधी को पत्र भेजकर उनके द्वारा किये जा रहे कार्याे को गलत ठहराया था। कहा कि जेल में आपातकाल के दौरान पकड़े गए लोगों को सामान्य कैदी की तरह ही रखा जाता था। उन्हें कीड़े लगे चावल और पानी वाली दाल मिलती थी।

डा. अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस ने उस समय अपनी सत्ता बचाने और राजनीति स्वार्थ पूरा करने के लिए लोकतंत्र की हत्या देश में आपातकाल लगाकर की थी। कहा कि आपातकाल की नींव 12 जून 1975 को ही रख दी गई थी। इस दिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को रायबरेली के चुनाव अभियान में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का दोषी पाया था और उनके चुनाव को खारिज कर दिया था। इतना ही नहीं, इंदिरा पर छह साल तक चुनाव लड़ने पर और किसी भी तरह के पद संभालने पर रोक भी लगा दी गई थी। जब 25 जून 1975 की आधी रात इमरजेंसी लागू की गई थी जनता के सारे अधिकार छिन गए थे।

डा. अग्रवाल ने बताया कि आपातकाल में जयप्रकाश नारायण की अगुवाई में पूरा विपक्ष एकजुट हो गया और देशभर में इंदिरा के खिलाफ आंदोलन शुरू हुआ। सरकारी मशीनरी विपक्ष के आंदोलन को कुचलने में लग गई थी। आंदोलनकारियों को जेल में डाला जाने लगा। 21 मार्च 1977 तक देश आपातकाल में पिसता रहा।

इस मौके पर लोकतंत्र सैनानियों व उनके आश्रितों को पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों आश्रितों में बृजेश चंद शर्मा, दया शंकर पांडेय, भारतेंदु शंकर पांडेय शामिल रहे।

इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता मयंक गुप्ता, मेयर अनिता ममगाई, देवेंद्र दत्त सकलानी, मण्डल अध्यक्ष ऋषिकेश दिनेश सती, मण्डल अध्यक्ष वीरभद्र अरविंद चौधरी, मण्डल अध्यक्ष महिला मोर्चा उषा जोशी, प्रधानाचार्य राजेन्द्र पांडेय, कपिल गुप्ता, संजय शास्त्री, सुमित पंवार, जयंत शर्मा, व्यापारी नेता प्रतीक कालिया, पार्षद प्रदीप कोहली, विजेंद्र मोघा, सोनू प्रभाकर, लक्ष्मी रावत, सुंदरी कंडवाल, तनु तेवतिया, राकेश पारछा, अनिता तिवाड़ी, माधवी गुप्ता, प्रमिला त्रिवेदी, आरती दुबे, नितिन सक्सेना, रुपेश गुप्ता, राजू शर्मा सहित आदि भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

मातृ व शिशु मृत्यु दर को कम करने को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की हुई बैठक

उत्तराखंड में मातृ मृत्यु एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक सोनिका की अध्यक्षता में मातृ एवं बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा बैठक चरणबद्ध तरीके से सम्पन्न हुई। जिसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा चार जनपदों देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, एवं उधम सिंह नगर को चिन्हित किया गया है, जो कि प्रदेश की कुल आबादी का 61 प्रतिशत है, इन्हीं चार जनपदों में कुल प्रसवों के 69 प्रतिशत प्रसव प्रत्येक वर्ष होते हैं।

समीक्षा बैठक में मिशन निदेशक एन.एच.एम. सोनिका द्वारा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित किये जाने एवं उनके देखभाल किये जाने हेतु प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अन्तर्गत नवीन वित्तीय प्रावधानों को लागू किये जाने के निर्देश दिए।

मिशन निदेशक द्वारा संस्थागत प्रसवों में बढोतरी किये जाने हेतु संचालित प्रसव केन्द्रों में मानव संसाधन की तैनाती तथा उनके प्रशिक्षण गुणवत्ता पूर्व सेवाएं प्रदान किये जाने पर विषेश ध्यान देने हेतु निर्देशित किया।

समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ सरोज नैथानी ने कहा कि मातृ एवं बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के लागू होने से उक्त चार जनपदों में पायी गयी कमीयों को दूर किये जाने हेतु योजना सम्पूर्ण टीम के साथ गहन अध्ययन करते हुए बनायी गयी है।

समीक्षा बैठक में कार्यक्रम अधिकारी डॉ अमित शुक्ला, डॉ सुजाता सिंह, डॉ अजय, डॉ नितिन अरोड़ा, डॉ नमिशा, डॉ दामिनी, देवेंद्र, डॉ गौरव गैरोला, पूनम जखमोला, दीपक पंवार, हेमा सहित चारों जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, एनएचएम की जिला यूनिट एवं राज्य स्तर से मातृ स्वास्थ्य, बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के कर्मचारी आदि लोग मौजूद थे।

आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट-उत्तराखंड की विकास दर 6.13 प्रतिशत

उत्तराखंड में लोगों का जीवन स्तर सुधरने के साथ ही प्रतिव्यक्ति आय में इजाफा हुआ है। विधानसभा बजट सत्र में वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22 की रिपोर्ट सदन में रखी। रिपोर्ट की मानें तो पिछले साल 1, 82,696 प्रति व्यक्ति आय थी, जो करीब आठ फीसदी इजाफ के साथ बढ़कर 1,96, 282 पहुंच गई है।
भले ही उत्तराखंड में प्रति व्यक्ति आय में इजाफा हुआ हो, लेकिन उत्तराखंड लगातार दूसरे साल प्रति व्यक्ति आय में हिमाचल प्रदेश से पिछड़ गया है। हालांकि, पिछले साल की तुलना में लोगों के जीवनापन में भी सुधार दर्ज किया गया है। रिपोर्ट की मानें तो उत्तराखंड में विकास दर में भी सुधार दर्ज किया गया है।
उत्तराखंड की विकास दर 6.13 प्रतिशत है। कोविड के कारण गत वर्ष के मुकाबले सुधार हुआ है। लेकिन, राष्ट्रीय स्तर से उत्तराखंड की विकास दर अभी भी काफी कम है । उत्तराखंड सरकार की कमाई का कुल प्रतिशत में से 19 प्रतिशत हिस्सेदारी आबकारी विभाग की है। इस साल शराब से 3260 करोड़ का राजस्व कमाया है।
अल्मोड़ा में गरीबी राष्ट्रीय औसत से अधिक है। अल्मोड़ा की 25.65 प्रतिशत आबादी बहुआयामी गरीब की श्रेणी में आई है। उत्तराखंड की करीब 17 प्रतिशत आबादी गरीब है। शिक्षा के बाद सर्वाधिक खर्च प्रशासनिक सेवाओं पर हुआ है। सरकार की ओर से 22 प्रतिशत खर्च प्रशासनिक सेवाओं पर किए गए है।

पशु धन और कृषि पर केन्द्र सरकार का विशेष ध्यान-संजीव बालियान

केंद्रीय पशुपालन राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था काफी हद तक खेती-बाड़ी पर निर्भर है। किसान के लिये उनके खेत और पशु ही उनकी संपत्ति हैं। इसलिये केंद्र सरकार खेती और पशुपालन पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने पशुपालकों से पशुओं के प्रजनन में उन्नत तकनीक अपनाने के साथ जमीनी स्तर पर इसके क्रिर्यान्वयन के महत्व पर बल दिया।
उत्तराखंड में पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के सहयोग से पहल की है। प्रदेश में नस्ल सुधार के लिए पहली भेड़ एवं बकरी कृत्रिम गर्भाधान प्रयोगशाला को स्थापित किया गया है। शुक्रवार को बैराज रोड स्थित पशुलोक में स्थापित प्रयोगशाला का केंद्रीय पशुपालन राज्यमंत्री डॉ. संजीव कुमार बालियान, पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा और वनमंत्री सुबोध उनियाल ने उद्धाटन किया। डॉ. बालियान ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ लैब का निरीक्षण भी किया। अधिकारियों से प्रयोगशाला से संबंधित अहम जानकारियां भी लीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भेड़ और बकरी अच्छी-खासी तादाद में हैं। उन्होंने कहा कि अब अच्छा सीमन और कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा होने से न सिर्फ नस्ल सुधार होगा, बल्कि बेहतर क्वीलिटी की ऊन मिलने से पशुपालकों की आय भी बढ़ेगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशन में उत्तराखंड आगामी 10 वर्षाे में महीन ऊन उत्पादक राज्य बनकर उभरेगा। इस मौके पर पशुपालन विभाग के सचिव बीवीआरसी पुरूषोत्तम, सचिव आरमीनाक्षी सुंदरम, पशुपालन विभाग निदेशक डॉ. प्रेम कुमार, अपर निदेशक डॉ. अविनाश आनंद, परियोजना समन्वयक डॉ. कमल सिंह, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. केके मिश्रा मौजूद रहे।

तीन हजार भेड़-बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान
प्रयोगशाला में दिसम्बर 2019 में आस्ट्रेलिया से आयातित उच्च गुणवत्ता के मैरीनो मेढ़ो के तथा सिरोही, बरबरी, जमुनापारी, बीटल, जाखराना प्रजाति के बकरों के वीर्य का उत्पादन कर राज्य में व्यापक स्तर पर संचारित किया जाएगा। राज्य में भेड़-बकरियों में नस्ल सुधार का कार्य किया जाना है। इससे भेड़ के ऊन गुणवत्ता में वृद्वि के साथ-साथ भेड़ व बकरियों के वजन में वृद्वि होगी तथा भेड़ बकरी पालको की आजीविका व जीवन स्तर पर सुधार होगा। उत्तराखंड भेड़ एवं ऊन विकास बोर्ड के माध्यम से संचालित योजनान्तर्गत वर्तमान तक लगभग 3000 भेड़ व बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान किया गया है।

प्राकृतिक आपदा से निपटने में मददगार साबित होगा नभ नेत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से ‘नभ नेत्र’ का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है, किसी भी आपदा की स्थिति में ड्रोन तकनीक पर आधारित यह मोबाइल ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन आपदा संबंधी डाटा जुटाने में कारगर साबित होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नभनेत्र की सराहना की और साथ ही डार्क की टीम को प्रमाणपत्र भी दिए।
आई.टी.डी.ए निदेशक अमित सिन्हा ने जानकारी दी कि उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा आने या आपात स्थिति बनने के समय डेटा जुटाने, प्रोसेस करने और स्थिति पर निगरानी रखने जैसी चुनौतियां रहती हैं। अब इन तमाम मोर्चों के लिए ड्रोन तकनीक की मदद बड़े पैमाने पर ली जा सकेगी। इसके लिए ड्रोन एप्लिकेशन रिसर्च सेंटर ने मोबाइल ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन विकसित किया है जिसका उद्देश्य आपदा या आपातकालीन स्थिति के दौरान ड्रोन का उपयोग करने एवं ड्रोन के माध्यम से डेटा एकत्रित करने में किया जायेगा। इसके साथ ही आपदा प्रभावित क्षेत्रों में ड्रोन के माध्यम से आपदा पूर्व एवं आपदा पश्चात मानचित्र तैयार किया जाएगा। यह स्टेशन पूरी तरह एक वाहन पर स्थापित किया गया है। इस ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन को डेटा प्रोसेसिंग के लिए हाई स्पीड वर्कस्टेशन, बैंडविड्थ एग्रीगेशन और बिना नेटवर्क जोन वाले क्षेत्रों के लिए वी-सैट से युक्त किया गया है। इस वाहन का उपयोग उत्तराखंड सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन और सभी संवेदनशील आपदा संभावित क्षेत्रों की 3डी मैपिंग के लिए किया जाएगा।
इस अवसर पर आईटीडीए से नवनीत शौनक, शयान अली, हिमांशी राणा, याशिका पाण्डे, शिखा पाण्डे, शशांक मुटनेजा, विपिन कुमार, दीपांकर बिष्ट आदि उपस्थित रहे।