प्रस्तावित परियोजनाओं को जल्द ही धरातल में उतारने की तैयारी

शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि 2700 करोड़ रुपये की लागत से जल्द ही हरिद्वार-ऋषिकेश में मेट्रो नियो परियोजना तैयार होगी। ऋषिकेश से नीलकंठ महादेव मंदिर तक रोपवे परियोजना को बोर्ड की स्वीकृति मिल चुकी है। इसे भी आगामी कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा।
सोमवार को बैराज रोड स्थित ऋषिकेश कैंप कार्यालय में मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने एमडी उत्तराखंड मेट्रो जितेंद्र त्यागी के साथ बैठक की। जितेंद्र त्यागी ने बताया कि हरिद्वार-ऋषिकेश में मेट्रो नियो परियोजना की डीपीआर तैयार हो चुकी है, इसमें 34 किमी की लंबाई में 20 स्टेशन बनाए जाने हैं। इसकी लागत 2700 करोड़ रुपये होगी। बताया कि इस संबंध में कार्यवाही गतिमान है। आईएसबीटी से गांधी पार्क तक 10 किमी तथा एफआरआई से रायपुर तक 13 किमी तक मेट्रो के लिए डीपीआर स्वीकृत होने के बाद केंद्र सरकार के इंस्टीट्यूट आफ अर्बन ट्रांसपोर्ट में कार्यवाही गतिमान है। इसकी कुल लागत 1850 करोड़ रुपये है। मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने छह माह के भीतर कार्यवाही को पूर्ण करने के बाद टेंडर प्रक्रिया को अमल में लाने के निर्देश दिए।
कबीना मंत्री ने कहा कि हरकी पौड़ी से चंडी देवी मंदिर रोपवे परियोजना में केंद्र से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इसमें दो स्टेशन और 13 टावर बनाए जाने हैं। करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से 2.3 किमी तक इसका निर्माण किया जाना है। इसके लिए हरिद्वार में सिंचाई विभाग की जमीन देखी जा रही है। बताया कि इस मामले में विभागीय मंत्री सतपाल महाराज से वार्ता की गई है। हरिद्वार शहर में हरिद्वार दर्शन के नाम से पॉड टैक्सी चलाई जानी है, इसकी भी डीपीआर तैयार हो चुकी है। 04 कॉरिडोर्स और 21 किमी की लंबाई वाले हरिद्वार दर्शन की लागत 1684 करोड़ रुपये रहेगी। यह परियोजना अभी प्रस्तावित है। इसके अलावा ऋषिकेश से नीलकंठ महादेव मंदिर तक रोपवे परियोजना को बोर्ड की स्वीकृति मिल चुकी है, इसे आगामी कैबिनेट में लाया जाएगा।
कहा कि सभी परियोजनाओं के निर्माण से जहां एक ओर गुणवत्तापूर्ण, प्रदूषण मुक्त, वातानुकुलित एवं आरामदायक परिवहन सुविधा प्राप्त होगी, वहीं दूसरी ओर वर्तमान सड़क पर परिवहन एवं भीड़ कम करने में मदद मिलेगी। इससे यातायात का दबाव भी कम होगा। इन परियोजनाओं से यात्रियों एवं पर्यटकों को सुरक्षित यात्रा एवं समय की बचत होगी। इससे राज्य में पर्यटकों की आमद बढ़ेगी और राजस्व में वृद्धि होगी। मेट्रो नियो के निर्माण में राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के साधन भी पैदा होंगे और पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा।

कनाडा के उच्चायुक्त से विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में भारत में कनाडा के उच्चायुक्त कैमरोन मैके ने भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री से पर्यटन, कृषि, जल, विद्युत एवं सौर उर्जा के साथ शैक्षिक आदान प्रदान के क्षेत्र में सहयोग की सम्भावनाओं पर चर्चा की। अवगत कराया कि भारत के साथ कनाडा के अच्छे वाणिज्यिक सम्बन्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में उद्योगों के लिये देवभूमि के अनुरूप सुरक्षित व शान्त माहोल है। श्रमिकों एवं उद्यमियों के सम्बन्ध भी बेहतर है। कानून व्यवस्था की कोई समस्या नही है। ईज ऑफ डूइंग विजनेस की प्रभावी व्यवस्था बनी है। राज्य में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में कृषि, बागवानी, रोड एयर एवं रेल कनेक्टिविटी, टूरिज्म आदि के क्षेत्र में बेहतर ढ़ंग से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कनाडा की दिल्ली स्थित ट्रेड प्रमोशन टीम के साथ समन्वय कर व्यापार एवं निवेश से सम्बन्धित सम्भावनाओं को धरातल पर लाने के प्रयास किये जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आठ वर्ष के कार्यकाल में देश में परिस्थितियां बदली है। निवेशकों की सुरक्षा का बेहतर वातावरण बना है। सभी के लिये समान कार्य संस्कृति के अवसर उपलब्ध हुए है।
इस अवसर पर कनाडा एम्बेसी के कन्सोलेट जनरल उतर भारत पैट्रिक हावर्ड तथा सचिव शैलेश बगोली आदि उपस्थित रहे।

एमपी के सीएम भी पहुंचे, धामी के साथ घटनास्थल का भी किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के रिखाऊखड्ड डामटा के समीप बस दुर्घटना स्थल का स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बस दुर्घटना में मृतक रामसजी एवं बांके बिहारी के रिश्तेदार कृष्ण बिहारी द्विवेदी से बातचीत की तथा वाहन दुर्घटना में मृतक सभी श्रद्धालुओं के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक अन्य बस में सवार मध्यप्रदेश के तीर्थ यात्रियों से भी बातचीत की।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। कल घटना की सूचना मिलते ही हम लगातार उत्तराखंड सरकार के सम्पर्क में थे। जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री के निर्देशन में राहत और बचाव कार्य तत्काल प्रारम्भ किए। रेस्क्यू ऑपरेशन में जितनी जल्दी हो सकता था सभी ने तेजी से काम किया। जिला प्रशासन और स्थानीय निवासियों द्वारा रात में ही पार्थिव शरीर को गहरी खाई से निकाला। पोस्टमार्टम व पंचनामा की कार्यवाही तेजी से की गई। यात्रियों के पार्थिव शरीर को जौलीग्रांट देहरादून भेजा गया है। यात्रियों के पार्थिव शरीर को सेना के हेलीकॉप्टर के माध्यम से खजुराहो (मध्यप्रदेश) पहुंचाया जाएगा। जहां से उनके पार्थिव शरीर को उनके घर भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हृदयविदारक बस दुर्घटना के मजिस्ट्रियल जाँच के आदेश दिए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा करने आ रहें तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने एवं सुगम व सुदृढ़ यात्रा को लेकर लगातार रजिस्ट्रेशन कि व्यवस्था कर रहे है उसके बावजूद यह घटना हुई जो बेहद दुःखद है इस घटना का संज्ञान प्रधानमंत्री ने भी स्वयं व्यक्तिगत रूप से लिया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री जी लगातार पहले दूरभाष पर घटना की जानकारी लेते रहें और उसके बाद घटनास्थल पहुंचे है। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस द्वारा तेजी से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। तीर्थ यात्रियों के पार्थिव शरीर को खाई से निकाला। राज्य सरकार की यही कोशिश है की उनके पार्थिव शरीर जल्द उनके घरों को पहुंच जाएं। तीर्थ यात्रियों के पार्थिव शरीर को डामटा से सड़क के माध्यम से जॉली ग्रांट एयरपोर्ट के लिए भेजा गया है। प्रधानमंत्री राहत कोष और मध्य प्रदेश सरकार ने मृतक के परिजनों एवं घायलों को मुआवजा राशि देने का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतक परिजनों को 2 लाख एवं घायलों को 50 हजार एवं मध्यप्रदेश की सरकार मृतक के परिजनों को 5 लाख एवं घायलों को 50 हजार की राशि देगी। हमारी सरकार भी मृतक के परिजनों को 1 लाख एवं घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा राशि देगी।
इस दौरान गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार, डीआईजी पुलिस करन सिंह नगन्याल, डीएम उत्तरकाशी अभिषेक रुहेला, डीएम टिहरी इवा आशीष श्रीवास्तव, एसपी अपर्ण यदुवंशी, पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, जिलाध्यक्ष भाजपा रमेश चौहान, प्रदेश मीडिया प्रभारी भाजपा मनबीर सिंह चौहान, एसडीएम चतर सिंह चौहान, शालिनी नेगी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

बजट को संतुलित और हर वर्ग के लिए बनाना है-वित्त मंत्री

विधानसभा स्थित कार्यालय में वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने आगामी बजट सत्र को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान बजट को संतुलित और हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए बनाने के लिए निर्देशित किया।
सोमवार को हुई बैठक में सचिव वित्त मीनाक्षी सुंदरम सहित अधिकारियों को मंत्री अग्रवाल ने निर्देश दिए कि बजट जनता के द्वारा, जनता को समर्पित हो। कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि राज्य के दुर्गम, अति दुर्गम क्षेत्रों में रह रहे लोगों को इसका लाभ मिले।
अग्रवाल ने कहा कि राज्य से खासकर पहाड़ी क्षेत्रों से लोग पलायन न करें, ऐसी योजना बजट में बनाये। इसके लिए विशेषतौर पर युवाओं के लिए रोजगार का प्रावधान बजट में शामिल करें। इससे राज्य की प्रतिभाओं को प्रदेश के भीतर ही काम मिल सके।
अग्रवाल ने कहा कि बजट में ऐसी भी योजना शामिल करें कि हमारे राज्य का धार्मिक स्वरूप भी बना रहे और पर्यटन को फोकस किया जा सके। उन्होंने कहा कि पर्यटन हमारे राज्य की आर्थिकी का मुख्य आधार है। इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
अग्रवाल ने निर्देशित करते हुए कहा कि राज्य में कृषि क्षेत्रों को बढ़ावा मिले, इसके लिए पारंपरिक खेती, बागवानी के लिए भी बजट में स्थान दिया जाए। कहा कि चुनाव से पूर्व भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में जो वायदे जनता से किये, उनको भी बजट में शामिल करें।
अग्रवाल ने बताया कि राज्य में निराश्रित और आवारा पशुओं का जमघट देखने को मिलता है, पहली बार बजट में ऐसे पशुओं की रोकथाम के लिए योजना तैयार की जा रही है। कहा कि इस बार का बजट आम जनता सहित स्टेट होल्डर्स की ओर से सुझाये गए सुझावों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।
बैठक में अपर सचिव वित्त रोहित मीणा, बजट अधिकारी मनमोहन मैनाली मौजूद रहे।

आपदा कंट्रोल रूम पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की ली जानकारी

यमुनोत्री मार्ग पर डामटा के समीप रविवार को हुई बस दुर्घटना की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सचिवालय स्थित आपदा कंट्रोल रूम पहुंचे। उन्होंने बस दुर्घटना पर शोक व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्याे में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में मारे गये लोगों की आत्मा की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी ईश्वर से कामना की है। उन्होंने घायलों के उपचार की समुचित व्यवस्था के निर्देश भी जिलाधिकारी उत्तरकाशी को दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने आपदा कंट्रोल के संचालन व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया तथा ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों से भी कंट्रोल रूम के संचालन से सम्बन्धित प्रक्रियाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में यात्रा अपने चरम पर है। यात्रा संचालन में व्यवस्थाओं के साथ ही किसी भी प्रकार की अनहोनी पर त्वरित राहत सम्बन्धी कार्य संचालित हो। इसके लिए कारगर व्यवस्था बनायी जाए। सभी जनपदों से आपदा कंट्रोल रूम को 24 घंटे सूचनाएं उपलब्ध कराये जाने के साथ ही जनपदों के आपदा कंट्रोल रूमों को भी और अधिक सक्रिय किये जाने के उन्होंने निर्देश दिए।
दुर्घटनाग्रस्त हुई बस में सवार लोग मध्यप्रदेश के होने के कारण मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से दूरभाष पर वार्ता कर दुर्घटना की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समस्या में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से किये जा रहे है।

तो सरकार ने भी माना अचानक बढ़े चारधाम यात्रा के श्रद्धालु, व्यवस्थाओं की भी दी जानकारी

रविवार को देहरादून स्थित सचिवालय, मीडिया सेंटर में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर, स्वास्थ्य सचिव राधिका झा, प्रो. हेम चंद्र पांडे (कुलपति, एच.एन.बी चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय), महानिदेशक सूचना रणबीर सिंह चौहान द्वारा चार धाम से संबंधित जानकारियों को अवगत करवाने हेतु संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई।
इस दौरान अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि अन्य सालों के मुकाबले इस साल भारी संख्या में यात्री एवं श्रद्धालु चार धाम यात्रा पर आ रहे हैं। उन्होंने चार धाम यात्रा को राज्य के विकास हेतु अति महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यात्रियों को स्वास्थ्य सुरक्षा पेयजल ठहरने जैसी तमाम सुविधाएं मिले इसके लिए सभी विभाग आपस में समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया उत्तराखण्ड सरकार के सभी विभाग यथा पर्यटन (नोडल विभाग), धर्मस्व, चिकित्सा, परिवहन, नागरिक उड्डयन एवं जिला प्रशासन आदि द्वारा यात्रा को सुचारू एवं सुरक्षित बनाने हेतु सभी प्रकार की व्यवस्थाएँ की गयी है।
डीजीपी अशोक कुमार ने बताया की दिनांक 4.06.2022 तक चारधाम यात्रा में आये यात्रियों की संख्या लगभग 1611598 है। उन्होंने बताया दिनांक 04.06.2022 तक चारधाम यात्रा में आये वाहनों की संख्या-154983 रही। उन्होने बताया पुलिस द्वारा यात्रा के दौरान बिछडे 920 यात्रियों को उनके साथ आये श्रद्धालुओं से मिलाया गया, यात्रा के दौरान 300 यात्रियों को रेस्क्यू कर उनका जीवन बचाया गया, 80 यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया एवं 54 घायलों की मदद की गयी, 130 यात्रियों के गुम हुये सामान को वापस कराया गया। उन्होंने बताया चारधाम यात्रा में लगभग 4500 पुलिस बल, 06 कम्पनी, एसडीआरएफ 25 सब टीम, एलआईयू 70, होमगार्ड 700, पीआरडी 600, एनडीआरएफ 02 टीम नियुक्त किया गया है। यात्रा सीजन हेतु अतिरिक्त 47 पोस्ट/चौकियां स्थापित की गयी हैं। यात्रा मार्गों पर 57 टूरिस्ट पुलिस केन्द्र स्थापित किये गये हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान तक हैली ऑनलाइन बुकिंग फर्जीवाडा एवं फर्जी रजिस्ट्रेशन के सम्बंध में 16 अभियोग पंजीकृत कर 20 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। चारधाम यात्रा एवं विभिन्न धार्मिक/पर्यटक स्थलों पर मिशन मर्यादा अभियान के दौरान लगभग 20000 लोगों के विरूद्ध कार्यवाही की गयी। उन्होंने बताया बढते यातायात के दृष्टिगत कई स्थानों पर वन-वे ट्रैफिक प्लान बनाया गया है। रुद्रप्रयाग जनपद में यात्रियों की सुविधा हेतु 04 सुपर जोन, 10 जोन एवं 26 सेक्टर में विभाजित कर श्री केदारनाथ में एक पुलिस उपाधीक्षक एवं एक अपर पुलिस अधीक्षक को गौरीकुण्ड में नियुक्त कर सुदृढ पुलिस प्रबंध किये गये हैं। साथ ही धामों में श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु पर्याप्त संख्या में बैरिकेडिंग, रस्से व्यवस्थाओं के साथ साथ पंक्तिबद्ध दर्शन कराये जा रहे हैं। राज्य के धामों में वीआईपी गेट की पूर्व प्रचलित व्यवस्था को समाप्त किया गया है।
स्वास्थ्य सचिव राधिका झा ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा चार धाम हेतु की गई तैयारियां के बारे में अवगत करवाया। कहा कि चिकित्सा विभाग द्वारा सुरक्षित यात्रा के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है जो 2019 की तुलना में कहीं अधिक है और अनेक नये प्रयास भी किए गए हैं। चिकित्सा कर्मियों की तैनाती में बढ़ोतरी करते हुए 178 चिकित्साधिकारी तैनात किये गए हैं, जो वर्ष 2019 की तुलना में 66 प्रतिशत अधिक है। फर्स्ट मेडिकल रिस्पांडर एवं मेडिकल रिलीफ पोस्ट की संख्या में भी वृद्धि की गई है। एंबुलेंस की संख्या में भी गत वर्षों की तुलना में 33 प्रतिशत वृद्धि करते हुए यात्रा मार्ग पर 119 एम्बुलेंस तैनात की गई है। यात्रियों को त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए पहली बार हेली एम्बूलेंस सेवाएं दी जा रही है, इसके अतिरिक्त सभी चिकित्सा इकाइयों पर ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति रखी गयी है। 2019 की तुलना में 108 एम्बूलेंस द्वारा दी गयी सेवाओं में 173 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी दर्ज की गयी है। उन्होंने बताया हृदय रोगियों के समुचित उपचार हेतु पहली बार विशेषज्ञ चिकित्सकों को ब्ंतकपवसवहल में प्रशिक्षण देकर यात्रा मार्ग पर स्थित प्रमुख चिकित्सालयों में तैनात किया गया है। यात्रा में तैनात चिकित्सकों को एम्स ऋषिकेश के माध्यम से हाई एल्टीट्यूड सिकनेस के उपचार हेतु प्रशिक्षण भी पहली बार दिया गया है। यात्रियों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए हाल ही में एम०बी०बी०एस० उत्तीर्ण 75 बांडधारी चिकित्सकों की तैनाती अगले 3 माह के लिए यात्रा से संबंधित अस्पतालों/जनपदों में की गई है। उन्होंने कहा कि चारों धाम उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित है जिसमें क्रमशः- केदारनाथ धाम की औसत ऊंचाई 3580 मी0, बद्रीनाथ 3415मी0, यमुनोत्री 3235मी0 तथा गंगोत्री 3415मी० समुद्रतल से ऊंचाई पर स्थित है। बिना किसी विराम के मैदानी क्षेत्रों से आये हुए यात्रियों को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित धामों पर जाने में प्रतिकूल स्वास्थ्य स्थितियों का सामना करना पड़ता है, जिसमें सांस फूलना, ठण्ड लगना एवं हृदयाघात जैसी स्थितियां प्रमुख है। इसके अलावा यह भी देखा गया है कि यात्रियों को पर्वतीय मौसम एवं वातावरण के प्रति अभ्यस्त होने में भी समय लगता है। इन सभी कारणों के फलस्वरूप हर वर्ष ही दुर्भाग्यपूर्ण रूप से हृदय गति रुकने से मृत्यु होती आयी है जैसे वर्ष 2017 में भी 112 यात्रियों की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हुई थी।
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि राज्य में पहली बार यात्रा मार्गों पर हेल्थ स्क्रीनिंग की व्यवस्थाएं की गई हैं जिसमें 9 प्रमुख स्थानों क्रमश- बद्रीनाथ के लिए गौचर एवं पाण्डुकेश्वर, केदारनाथ के लिए सोनप्रयाग, जवारी बॉयपास एवं कुण्डपुल तथा यमुनोत्री के लिए दोबाटा, जानकी चट्टी एवं गंगोत्री के लिए हिना एवं गंगोत्री में हेल्थ स्क्रीनिंग की जा रही है। हैल्थ स्क्रीनिंग में ऐसे यात्रियों को आगे की यात्रा से रोका जा रहा है, जिनकी स्वास्थ्य स्थिति यात्रा के अनुकूल नहीं है। अभी तक 87 यात्रियों को स्क्रीनिंग उपरान्त वापस लौटाया गया है। उन्होने बताया यद्यपि यात्रियों की अत्यधिक संख्या को देखते हुए सभी की हेल्थ स्क्रीनिंग किया जाना। सहज नहीं हो पा रहा है तथापि चिकित्सा विभाग द्वारा 50 वर्ष से अधिक आयु के सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। बहुत से उत्साही यात्री चिकित्सकीय परामर्श के उपरान्त भी अंडरटेकिंग देकर यात्रा जारी रख रहे हैं। उन्होंने बताया की वर्तमान तक दो लाख से ऊपर रोगियों की हेल्थ स्क्रीनिंग की गई है, 71,646 यात्री ओपीडी में देखे गए हैं एवं 381 रोगियों को एंबुलेंस सेवा प्रदान की गई है तथा 5000 से अधिक यात्रियों को आपातकालीन सेवाएं भी प्रदान की गयी है। हेलीकॉप्टर एंबुलेंस का उपयोग 30 रोगियों को एम्स ऋषिकेश लाकर सफलतापूर्वक उपचार कराया गया है।
सरकार द्वारा कुलपति चिकित्सा विश्वविद्यालय की अध्यक्षता में गठित विशेषज्ञ समिति द्वारा इन मृत्यु के कारणों का विश्लेषण किया गया है। विश्लेषण अनुसार कोविड महामारी के दूरगामी प्रभाव के कारण मैदानी क्षेत्रों से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में यात्रा करने का जोखिम अत्यधिक बढ़ गया है। उन्होंने बताया विशेषज्ञ समिति द्वारा यह मंतव्य देते हुए सुझाव दिये गये हैं कि बुजुर्ग एवं अन्य बीमारियों से ग्रसित यात्रियों का पूर्व स्वास्थ्य परीक्षण आवश्यक है और सभी यात्रियों को मेडिकल एडवाइजरी का अनुपालन करते हुए ही यात्रा पर आना चाहिए क्योंकि अभी तक हुई मृत्यु में 60 प्रतिशत से अधिक लोग को-मोरबीडीटी से ग्रसित थे एवं 60 प्रतिशत लोग 50 वर्ष से अधिक की आयु के थे। उन्होंने कहा विभिन्न वैज्ञानिक शोध के अनुसार कोविड महामारी के प्रतिकूल प्रभाव अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने पर और अधिक देखे गये हैं। विशेषज्ञ समिति ने दिनांक 5.06.2022 को दिये गये सुझावों में कहा गया है कि बुजुर्ग, कोविड प्रभावित तथा अन्य रोगों से ग्रसित यात्री स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय परामर्श उपरान्त ही यात्रा पर आएं. यात्रा के दौरान 48 घण्टे तक स्थान विशेष के अनुसार ढलने के उपरान्त तथा तत्समय की स्वास्थ्य स्थितियों को देखते हुए सतर्कता से यात्रा करें।
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने बताया कि वर्ष 2019 में रिकॉर्ड 34 लाख यात्री उत्तराखंड की चार धाम यात्रा पर आए थे, परंतु वर्ष 2022 में मात्र 1 माह में यह संख्या 16 लाख तक पहुंच चुकी है जो कि चार धाम यात्रा की व्यापक लोकप्रियता और उत्तराखंड के प्रति देशभर में लोगों के बढ़ते आकर्षण का प्रतीक है। केदारनाथ धाम में भी वर्ष 2019 में रिकॉर्ड 10 लाख लोग दर्शन के लिए पहुंचे थे जबकि वर्ष 2022 में मात्र 1 माह की अवधि के भीतर 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं द्वारा केदारनाथ धाम के दर्शन किए गए हैं। उन्होंने कहा पर्यटन विभाग द्वारा पहली बार यात्रियों की सुरक्षा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है ताकि किसी दिन विशेष पर धामों की धारण क्षमता के अनुरूप लोग वहां पहुंच सके और यात्रा प्रबंधन को बेहतर किया जा सके। पंजीकरण का उद्देश्य यात्रा मार्ग पर उपलब्ध सुविधाओं के अनुरूप संख्या में श्रद्धालुओं को धामों पर जाने के लिए पंजीकृत करना है जिससे कि उनकी यात्रा सुखद एवं सुरक्षित हो सके।
पर्यटन सचिव ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए पर्यटन विभाग द्वारा पहली बार एक टोल फ्री कॉल सेंटर का संचालन किया जा रहा है। जिसमें एक समय पर 6 लोगों को एक साथ यात्रा के संबंध में विविध जानकारियां दी जाती हैं और किसी प्रकार की समस्या की स्थिति में उसे संबंधित विभाग को सौंप दिया जाता है। कॉल सेंटर में अब तक लगभग 12500 से अधिक कॉल रिसीव हो चुके हैं इस प्रकार प्रतिदिन लगभग 400 लोगों द्वारा कॉल सेंटर पर कॉल करके चार धाम यात्रा के संबंध में विभिन्न प्रकार की जानकारियां प्राप्त की जा रही हैं। उन्होंने कहा ऋषिकेश तथा हरिद्वार में बिना रजिस्ट्रेशन के ही यात्रा के लिए आ चुके लोगों की आस्था को ध्यान में रखते हुए एसडीआरएफ तथा पर्यटन विभाग द्वारा फिजिकल रजिस्ट्रेशन केंद्रों के माध्यम से इन यात्रियों का पंजीकरण किया जा रहा है। प्रतिदिन औसतन पांच से छह हजार ऐसे श्रद्धालुओं को धामों के लिए पंजीकृत करते हुए यात्रा पर भेजा जा रहा है। ऋषिकेश में आईएसबीटी ऋषिकेश हरिद्वार में चमगादड़ टापू पर फिजिकल रजिस्ट्रेशन काउंटर संचालित किए जा रहे हैं। राज्य भर में कुल 18 फिजिकल पंजीकरण केंद्र बनाए गए हैं। रजिस्ट्रेशन काउंटर तथा मंदिरों में दर्शन हेतु कतार प्रबंधन के लिए टोकन सिस्टम की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि पहली बार यात्रा मार्ग पर निरंतर निगरानी बनाए रखने के लिए सर्विलांस कैमरा स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त धामों पर यात्रियों की संख्या का सटीक आकलन करने के लिए हेडकाउंट कैमरा स्थापित किए गए हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से यात्रियों को यात्रा पंजीकरण, हेल्थ एडवाइजरी तथा मौसम की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। ताकि वह यात्रा के पूर्व इन जानकारियों के आधार पर अपनी योजना बना सकें। यात्रा पर जाने वाले प्रत्येक वाहन का पंजीकरण अनिवार्य है निजी वाहनों का पंजीकरण रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर स्वयं का रजिस्ट्रेशन करते समय ही हो जाता है।सुलभ इंटरनेशनल संस्था के माध्यम से चारधाम यात्रा मार्ग पर 144 स्थाई शौचालय (1513 सीट) का संचालन एवं रखरखाव किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सभी जनपदों में आवश्यकतानुसार अस्थाई फ्लेक्सी शौचालय भी स्थापित किए गए हैं।
प्रो. हेम चंद्र पांडे (कुलपति, एच.एन.बी चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय) ने बताया कि विभिन्न वैज्ञानिक शोध के अनुसार कोविड महामारी के दूरगामी प्रभाव के कारण मैदानी क्षेत्रों से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में यात्रा करने का जोखिम अत्यधिक बढ़ गया है। उन्होंने कहा हमारे द्वारा सुझाव दिये गये हैं कि बुजुर्ग एवं अन्य बिमारियों से ग्रसित यात्रियों का पूर्व स्वास्थ्य परीक्षण आवश्यक है और सभी यात्रियों को मेडिकल एडवाईजरी का अनुपालन करते हुए ही यात्रा पर आना चाहिए क्योंकि अभी तक हुई मृत्यु में 60 प्रतिशत से अधिक लोग को-मोर्बिडिटी से ग्रसित थे एवं 60 प्रतिशत लोग 50 वर्ष से अधिक की आयु के थे। उन्होंने कहा विभिन्न वैज्ञानिक शोध के अनुसार कोविड महामारी के प्रतिकूल प्रभाव अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने पर और अधिक देखे गये हैं। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग, कोविड प्रभावित तथा अन्य रोगों से ग्रसित यात्री स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय परामर्श उपरान्त ही यात्रा पर आएं. यात्रा के दौरान 24 से 48 घण्टे तक स्थान विशेष के अनुसार ढलने के उपरान्त तथा तत्समय की स्वास्थ्य स्थितियों को देखते हुए सर्तकता से यात्रा करें।

कल जारी होंगे उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा के परिणाम

उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा का रिजल्ट 6 जून 2022 को घोषित किया जायेगा। जिसे परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया जायेगा। हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर में राज्य के शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत की उपस्थिति में घोषित किये जायेंगे।
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की सचिव डॉ नीता तिवारी ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि 6 जून को अपराह्न 4 बजे उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं एवं 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम जारी कर दिये जायेंगे। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर में इस वर्ष के हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट सूबे के शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत की गरिमामयी उपस्थिति में घोषित किये जायेंगे। डॉ तिवारी ने बताया कि परीक्षाफल घोषित होने के उपरांत परिषद कार्यालय रामनगर की आधिकारिक वेबसाइट www-ubse-uk-gov-in व www-uaresults-nic-in पर रिजल्ट जारी किये जायेंगे, जहाँ परीक्षार्थी अपना परीक्षाफल देख सकेंगे। उन्होंने बताया कि परिषद द्वारा बोर्ड परीक्षाएं 28 मार्च 2022 से 19 अप्रैल 2022 के मध्य आयोजित की गई थी जो कि 1333 परीक्षा केन्द्रों में सफलतापूर्वक सम्पादित की गई। इस वर्ष संपादित बोर्ड परीक्षाओं के अंतर्गत हाईस्कूल में कुल 129778 एवं इंटरमीडिएट में कुल 113164 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा के उपरांत दिनांक 25 अप्रैल 2022 से 9 मई 2022 के मध्य उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया। विद्यालयी परिषद की सचिव ने बताया कि शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत के निर्देश पर पूरी पारदर्शिता के साथ समय पर बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा परिणाम तैयार किये गये हैं। सोमवार को रामनगर में शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत एवं परिषद के सभापति व निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ आरके कुंवर सहित विभागीय अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षाफल घोषित कर दिये जायेंगे।

सरकारी स्कूलों में किताब बांटने में देरी पर आज हुई बड़ी कार्रवाई

उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों में किताबें में बांटने में हुई देरी को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने 600 से ज्यादा अधिकारी-कार्मिकों के वेतन पर रोक लगा दी। खुद को भी नैतिक रूप से जिम्मेदार मानते हुए खुद तिवारी ने भी सभी छात्रों को किताब न मिलने तक वेतन नहीं लेने का निर्णय किया है।
ब्लॉकवार शतप्रतिशत किताब वितरण का प्रमाणपत्र देने पर ही वेतन जारी किया जाएगा। यह पहला मौका है जबकि शिक्षा विभाग इस इतने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है। महानिदेशक ने बताया कि कि सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जहां जहां किताबें नहीं बंट पाई हैं, वहां छुट्टियों के दौरान भी घर घर जाकर किताबें मुहैया कराई जाएं। इसके लिए एक हफ्ते का वक्त मुकर्रर किया गया है। बेसिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशकों से किताबों के समय पर न बंटने के लिए जिम्मेदार अफसर-कार्मिकों की सूची सोमवार तक मुहैया कराने के निर्देश भी दिए हैं।
अप्रैल के पहले हफ्ते तक किताबें मुहैया कराने के दावे के बावजूद आज तक शिक्षा विभाग शतपतिशत छात्रों को किताबें नहीं दे पाया। यह बात दीगर है कि महानिदेशक की अध्यक्षता में 17 मई को हुई बैठक में अधिकांश अधिकारियों ने दावा किया था कि वो शतप्रतिशत किताबें बंटवा चुके हैं।
हाल में विभिन्न जिलों में हुए मुआयनों में अधिकारियों के किताब वितरण के दावे हवाई साबित हुए। आज महानिदेशक ने सुबह सुबह ही अधिकारियों के वाट्सअप ग्रुप में तीन बिंदुओं पर कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया। साथ ही शाम को चार बजे वर्चुअल बैठक भी बुला ली।
बैठक में महानिदेशक ने किताबें का वितरण समय पर न होने के लिए कड़ी नाराजगी जाहिर की। कहा कि प्रत्येक छात्रों को किताबें मुहैया कराना सीईओ की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। किताब वितरण से जुड़े बेसिक, माध्यमिक शिक्षा निदेशक समेत सभी अफसर और जिला और ब्लॉकवार कार्मिकों का वेतन पुस्तक वितरण पूरा होने तक रुका रहेगा।
वहीं, अपनी गलतियों को दूसरे सिर मढ़ने के दौर में महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी ने एक मिसाल पेश की है। तिवारी ने कहा कि समय पर किताब न मिल पाने से वो स्वयं भी व्यथित हैं। यदि बच्चों को समय पर किताब मिल जाती तो वो अधिक समय पढ़ाई को दे पाते। अब गर्मियों का अवकाश शुरू हो गया है।
ऐसे बिना किताब के रहना और भी गलत है। विभागीय मुखिया होने के नाते यह मेरा भी नैतिक अपराध है। जब तक सभी छात्रों को पुस्तक मिलने का प्रमाणपत्र नहीं मिल जाएगा तब तक मैं भी वेतन नहीं लूंगा। उन्होंने कहा कि 31 मई तक अधिकांश छात्रों को किताबें मुहैया करा दी गई हैं। कुछ स्थानों पर तकनीकी और व्यहारिक रूप से किताबें नहीं पहुंच पाई हैं, उन्हें सर्वाेच्च प्राथमिकता से पहुंचाया जाएगा।

सचिवालय एवं विधानसभा को प्लास्टिक मुक्त बनाया जायेगा-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय के निकट कैंट रोड पर वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम में वन मंत्री सुबोध उनियाल एवं पर्यावरणविद्, पद्मभूषण प्राप्तकर्ता डॉ. अनिल प्रकाश जोशी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड पॉल्यूशन कन्ट्रोल बोर्ड द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘‘एनुअल वाटर क्वालिटी रिपोर्ट 2021‘‘ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि चंपावत को वोकल फॉर लोकल आधारित आर्थिकी एवं पारिस्थितिकी के रूप में खड़ा किया जायेगा, ताकि हिमालय के लिए यह एक मॉडल बन सके। उन्होने कहा कि सचिवालय एवं विधानसभा को प्लास्टिक मुक्त बनाया जायेगा। प्लास्टिक मुक्ति का अभियान निरन्तर चलाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी शहरों में स्वच्छता अभियान चलाया जाए। देहरादून से इसकी शुरुआत की जाए, उसके बाद अन्य शहरों में स्वच्छता के अभियान चलाये जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक जनपद में 75 आर्द्रभूमियों की पहचान कर उनका जीर्णाेद्धार करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वर्षा जल संचयन, सौर ऊर्जा, पर्यावरण पर्यटन की दिशा में भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी विशेष ध्यान रखें कि जनपदों के दुर्गम क्षेत्रों में मार्गों की कनेक्टिविटी अच्छी हो, कनेक्टिविटी की छोटी-छोटी योजनाओं को प्राथमिकता पर रखा जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड को प्रकृति का वरदान है। हमारा प्रदेश जैव विविधताओं वाला प्रदेश है। पर्यावरण का संरक्षण करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। हमें पर्यावरण मॉडल की दिशा में कार्य करना होगा। हमारी आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध जल, हवा, मिट्टी एवं पर्यावरण मिले, इसके लिए पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण पर सभी को विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि तापमान में वृद्धि एवं जल स्तर का नीचे जाना चिंता का विषय है। जल संचय एवं जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में कार्य किये जाएं। जल संरक्षण की दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा देशभर में अमृत सरोवर की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम ‘‘केवल एक पृथ्वी’’ है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी ने हमको सब कुछ दिया है। हमें प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना होगा। जीडीपी के साथ जीईपी का आकलन करना जरूरी है।
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्वतीय राज्य होने के कारण पर्यावरण संरक्षण के लिए सबको अपनी जिम्मेदारी का एहसास होना चाहिए। जंगल हमें विरासत में मिला है। इनके संरक्षण के लिए हमें इनको लोगों की आजीविका से जोड़ना होगा। इकोलॉजी बेस एम्प्लॉयमेंट को जनरेट करना होगा। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण और उनके संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए। वृक्षारोपण एवं उनके संरक्षण के लिए हर विभाग को अलग-अलग क्षेत्र क्षेत्र देकर उनकी जिम्मेदारी तय करनी होगी। वन पचायतों को मजबूत करने के साथ ही उनको आजीविका से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विकास सतत चलने वाली प्रक्रिया है। विकास एवं पर्यावरण में संतुलन बनाये रखना जरूरी है।
पर्यावरणविद्, डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य को इकोलॉजी और इकोनॉमी से जोड़कर आगे बढ़ाना चाहते हैं, यह एक सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बहुत जरूरी है। उत्तराखण्ड देवभूमि है और देवों का हमेशा प्रकृति से जुड़ाव रहा है। उन्होंने कहा कि तापमान वृद्धि से ग्लेशियरों का तेजी से पिघलना, चिंताजनक है। राज्य में पर्यावरण संरक्षण के लिए निरन्तर प्रयोग होने चाहिए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक विनोद कुमार सिंघल, निदेशक पॉल्यूशन कन्ट्रोल बोर्ड श्री एस.के सुबुद्धि, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी व जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

14 जून से विधानसभा सत्र, सरकार ने की तैयारी शुरु

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर चंपावत उपचुनाव में रिकॉर्ड मतों से जीत प्राप्त करने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बधाई व शुभकामनाएं दी। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री को पौधा भी भेंट किया।
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष के बीच प्रदेश के विकास को लेकर विभिन्न विषयों पर चर्चा वार्ता हुई। इस अवसर पर 14 जून से होने वाले विधानसभा के बजट सत्र की तैयारियों को लेकर भी बातचीत हुई। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी ने अपनी विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी वार्ता की।