अपनी बोली, भाषा और पहनावे को लेकर कैबिनेट मंत्री ने युवाओं से की अपील

देवभूमि गढ़ विरासत संरक्षण समिति साहबनगर की ओर से प्रथम सांस्कृतिक महोत्सव का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने राज्य की संस्कृति को बचाये रखने के लिए युवाओं से अपील की। कहा कि आप देशभर में जहाँ भी रहे, अपने प्रदेश की कोई भी एक वेशभूषा को जरूर पहनें।
बुधवार देर रात को साहबनगर नया पंचायत भवन में आयोजित महोत्सव का शुभारंभ करते हुए अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान में हमारे युवा अपनी संस्कृति, भाषा, बोली और मेले, लोकगीतों को भूलते जा रहे है। अग्रवाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि ऐसा ही रहा तो वह दिन दूर नहीं जब हमारी संस्कृति, भाषा, बोली को बोलने वाला तक नहीं होगा, न ही इसका अस्तित्व रह जायेगा।
अग्रवाल ने कहा कि हम पहाड़ी लोग हैं, हमारे यहां हर एक बोली, मेले, लोकगीत, जागर, वेशभूषा आदि का विशेष महत्व है। आज हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तराखंडी टोपी जो हमारी पारंपरिक वेशभूषा का हिस्सा है, को पहनते है। इससे देश सहित विदेश में उत्तराखंड का मान बढ़ा है और यह हमारे लिए गर्व की बात है।
अग्रवाल ने कहा कि देवभूमि गढ़ विरासत संरक्षण समिति साहबनगर हमारी संस्कृति आदि को संरक्षित करने में अहम भूमिका निभा रही है, हमें इसी तरह अपनी राज्य की विरासत को संभालना होगा, इसकी कमान युवाओं के कंधे पर है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि आप देशभर में जहाँ भी रहे, अपने प्रदेश की कोई भी एक वेशभूषा को जरूर पहनें।
अग्रवाल ने इस मौके पर जागर सम्राट व लोकगायक प्रीतम भरतवाण व उनकी टीम द्वारा दिये गए लोकगीत, जागर, पँवाडे, पांडव वार्ता, लोक नृत्यों की प्रस्तुतियों की सराहना की।
इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख डोईवाला भगवान सिंह पोखरियाल, जिला पंचायत सदस्य रीना रमन रांगड़, ग्राम प्रधान साहबनगर ध्यान सिंह असवाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य अमर खत्री, आयोजक सुरेंद्र बिष्ट, कैलाश रतूड़ी, विक्की पंवार, रोशन कुड़ियाल, कांग्रेस नेता जयेंद्र रमोला, अम्बर गुरंग, विक्रम क्षेत्री, लक्की पैन्यूली, रूपेश थलवाल, एसएन बहुगुणा, विक्रम रमोला, बलविंदर सिंह, जगदम्बा प्रसाद बडोनी, करण सिंह पोखरियाल, मायाराम पैन्यूली, मकान सिंह रावत, विपिन पैन्यूली, रोशन सिंह चौहान, पंडित रामानंद सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

बिना पंजीकरण के वापस लौटेंगे श्रद्धालु, इस लिए इस नियम का करें पालन

चार धाम यात्रा पर जाने के इच्छुक यात्रियों को यह सलाह दी जाती है कि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए उपलब्ध स्लॉट के अनुसार पंजीकरण करवाने के उपरांत ही अपना टिकट और आवास बुक करें। अगले 7 दिनों की अवधि हेतु चारों धामों के सभी स्लॉट बुक होने के चलते यात्रा के लिए काउन्टर पर पंजीकरण उपलब्ध नहीं है। जैसे ही पंजीकरण के स्लॉट उपलब्ध होंगे, वैसे ही श्रद्धालुओं का पंजीकरण संभव हो सकेगा। साथ ही सभी फिजिकल ऑफलाइन काउंटर यथावत बने रहेंगे।
कुछ दिन पूर्व यह तथ्य संज्ञान में आया था कि कुछ लोग ऑफलाइन माध्यम से अगले महीनों के स्लॉट की बुकिंग कराकर उसी दिन तीर्थ यात्रियों को लेकर दर्शन के लिए रवाना हो रहे हैं। मार्ग में पुलिस द्वारा रजिस्ट्रेशन की जांच किए जाने पर ऐसे वाहनों को रोक दिया गया और तीर्थ यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसा होने के कारण धामों में क्षमता से अधिक भीड़ भी पहुंच रही थी। इससे बचने के लिए अगले 7 दिनों के भीतर वाहन क्षमता के अनुसार कोई रजिस्ट्रेशन स्लॉट उपलब्ध ना होने के कारण फिलहाल बुकिंग को अगले 7 दिनों तक के लिए बंद किया गया है, यद्यपि सभी स्थानों पर फिजिकल रजिस्ट्रेशन काउंटर यथावत बने रहेंगे और अगले 7 दिनों के भीतर यात्रा करने वाले श्रद्धालु वहन क्षमता के अनुरूप रजिस्ट्रेशन प्लॉट उपलब्ध होने की दशा में यहां से अपना पंजीकरण करवा सकेंगे।
सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने बताया कि ऑफलाइन पंजीकरण का उद्देश्य अगले 7 दिनों की अवधि में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध करवाना है, यद्यपि रजिस्ट्रेशन स्लॉट उपलब्ध ना होने की दशा में ऐसा कर पाना कदाचित संभव नहीं है क्योंकि इससे चार धाम मार्ग पर क्षमता से अधिक लोग पहुंच जाते हैं और पुलिस और प्रशासन को उन पर नियंत्रण पाना मुश्किल होता है। इसके अतिरिक्त स्वयं यात्रियों को भी आवास तथा वाहन की सुविधाएं नहीं मिल पाती है। उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा।
ज्ञातव्य है कि वाहन क्षमता के अनुरूप चारधाम में श्रद्धालुओं की संख्या को नियंत्रित करने के लिए स्लॉट व्यवस्था लागू की गई है। उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) की ओर से ऑनलाइन और फिजिकल काउंटरों के माध्यम से तीर्थयात्रियों का पंजीकरण कराया जा रहा है। तीर्थयात्रियों को यूटीडीबी की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ऋषिकेश, हरिद्वार, उत्तराखंड की सीमा सहित यात्रा मार्ग पर कुल 18 से 20 केंद्रों में ऑफलाइन पंजीकरण किया जा रहा है।

एक दो साल बाद श्री बदरीनाथ धाम के पुर्ननिर्माण कार्यों की देश विदेश में होगी प्रशंसा-संधु

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने श्री बद्रीनाथ में चल रहे विभिन्न पुर्ननिर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों की अच्छी प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इतनी ऊंचाई पर जिस तेजी से कार्य हो रहा है, यह सराहनीय है। मुख्य सचिव ने कहा कि श्री बद्रीनाथ में काफी कार्य इसी सीजन में पूरे हो जायेंगे। श्री बद्रीनाथ आने वाले श्रद्धालुओं को कम से कम असुविधा हो, इसके प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक-दो साल में केवल भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया में भी लोग उदाहरण देंगे कि इतनी अधिक ऊंचाई के धार्मिक स्थल होने पर भी श्री बद्रीनाथ में सराहनीय कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के सुझावों को भी ध्यान में रखा जायेगा। मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि चारधाम यात्रा आने से पूर्व रजिस्ट्रेशन अवश्य करायें।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिये यह सुनिश्चित किया जाए कि यात्रा के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं सुचारू रहें। श्रद्धालुओं को भगवान बद्रीविशाल के दर्शन हेतु हर संभव सुविधा मिले। इस अवसर पर उन्होंने हेलिपैड, दर्शनी गेट, बस स्टैंड, अराइवल प्लाजा, लूप रोड, शेष नेत्र व बद्रीश झील का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्य सचिव ने यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर भी पुलिस व प्रशासन तथा सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को मूलभूत सुविधाओं बिजली, पानी तथा मोबाइल कनेक्टिविटी की सुचारू व्यवस्था रखने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव ने हेमकुंड साहिब के यात्रा मार्ग पर अतिरिक्त मेडिकल टीम की व्यवस्था करने और हेमकुंड जाने वाली सड़क को 15 जून तक दुरस्त करने के भी निर्देश दिये। विभिन्न कार्यों के निरीक्षण के बाद मुख्य सचिव ने श्री बद्रीनाथ धाम में पूजा-अर्चना की।
इस अवसर पर डीजीपी अशोक कुमार, पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर, जिलाधिकारी चमोली हिमांशु खुराना, मुख्य विकास अधिकारी वरूण चौधरी, एसपी स्वेता चौबे उपस्थित रहे।

राज्यपाल और सीएम ने हेमकुंड साहिब के लिए संगतो को किया रवाना

श्री हेमकुंड साहिब के कपाट 22 मई को खुल रहे हैं। आज ऋषिकेश स्थित गुरूद्वारा से हेमकुंड साहिब के लिए संगतो को रवाना किया गया। गुरूद्वारा परिसर ऋषिकेश में यात्रियों के रजिस्ट्रेशन शुरू हुए। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि) गुरमीत सिंह व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ऋषिकेश पहुंचे। उन्होंने गुरूद्वारा में मत्था टेका और गुरूवाणी पाठ में शामिल हुए।
लक्ष्मण झूला रोड पर स्थित हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा मैनेजमेंट ट्रस्ट ने अतिथियों का स्वागत किया गया। श्री हेमकुंड यात्रा हेतु व्यापक तैयारियां की गयी है। कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल भी गुरूवाणी पाठ में शामिल हुए तथा गुरुद्वारा ऋषिकेश में मत्था टेका। इस अवसर पर बङी संख्या में सिक्ख संगत जत्थे मौजूद रहे।
इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी संगतों को हेमकुंड साहिब यात्रा की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैसे तो वह कई बार इस यात्रा के प्रारंभ होने के मौके पर आते रहे हैं लेकिन यह पहला मौका है जब वे बतौर मुख्य सेवक के रूप में शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना गुरुकृपा के कुछ भी नहीं होता। प्रदेश में चार धाम यात्रा के साथ ही हेमकुण्ड यात्रा शुरू हो रही है। इस बार पिछले सालों की तुलना में कई गुना अधिक यात्री चार धाम यात्रा में पहुंचे हैं, सरकार सुरक्षित चार धाम एवं हेमकुण्ड साहिब यात्रा के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का संकल्प है कि प्रदेश में आने वाले हर एक श्रद्धालु सुरक्षित आए और दर्शन करके सुरक्षित वापस लौटे।
मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह करते हुए कहा कि जिन श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी कुछ परेशानी हो रही हो, डॉक्टर की सलाह के बिना यात्रा न करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केदारनाथ धाम का भव्य पुनर्निर्माण कार्य हुआ है। अब बदरीनाथ धाम का काम जारी है। उन्होंने कहा कि बनारस में काशी विश्वनाथ हो या अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण, ये सब प्रधानमंत्री के दृढ़ संकल्प और आस्था का ही परिणाम है कि इन सभी मंदिरों का भव्य और दिव्य स्वरूप देश दुनिया के सामने दिख रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ही सहयोग से हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर रोपवे बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि चार धाम हेमकुंड साहिब के अलावा कुमाऊं क्षेत्र और गढ़वाल क्षेत्र के अन्य धार्मिक स्थानों का भी सर्किट विकसित किए जाएं। उन्होंने कहा कि पर्यटन को आर्थिकी का मजबूत स्रोत बनाने के लिए प्रदेश में होम स्टे मॉडल को विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में अब तक लगभग 3600 होम स्टे रजिस्टर्ड हो चुके हैं।
इस अवसर पर हेमकुंड मैनेजमेंट ट्रस्ट के उपाध्यक्ष नरेन्द्रजीत सिंह बिंद्रा ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री का आभार जताया।

1 जून से 6 जुलाई तक ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा

महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड बंशीधर तिवारी ने बताया कि शैक्षिक सत्र 2022-23 में 1 जून, 2022 से 6 जुलाई, 2022 तक समस्त प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों में ग्रीष्म अवकाश रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि दिनांक 31 मई, 2022 को अंतर्राष्ट्रीय तम्बाकू निषेध दिवस पर कक्षा 6 से 12 तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं एवं समस्त शिक्षकों द्वारा तम्बाकू निषेध सम्बन्धी शपथ भी ली जायेगी। महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड बंशीधर तिवारी ने बताया कि 31 मई, 2022 तक सभी विद्यालय विधिवत संचालित होंगे।

केदारपुरी में निर्माण कार्यो का मुख्य सचिव ने लिया जायजा

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने श्री केदारनाथ में चल रहे निर्माण कार्यों का संबंधित अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया। मुख्य सचिव ने निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्देश दिए कि केदारपुरी में जो भी निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, उन कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ में यात्रियों की सुविधाओं के दृष्टिगत हर संभव व्यवस्थाएं की जाएं। केदारनाथ धाम में जो भी निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, उन कार्याे से केदारनाथ धाम में दर्शन करने आ रहे तीर्थ यात्रियों को कोई असुविधा न हो, इसके लिए निर्माण सामग्री को सुव्यवस्थित ढंग से रखने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने तीर्थ पुरोहितों हेतु बनाये जा रहे आवासीय भवनों का निर्माण कार्य को शीर्ष प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी, तीर्थ पुरोहितों के साथ समन्वय कर धाम के विकास कार्यों में और अधिक गति लाएं। मुख्य सचिव द्वारा चिकित्सालय कंट्रोल सेंटर, संगमघाट, मंदिर समिति का प्रशासनिक भवन, आस्था पथ आदि निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया। मुख्य सचिव ने केदारनाथ धाम में बनाये जा रहे वाटर एटीएम के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश कार्यदायी संस्था को दिए। निरीक्षण के बाद मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने श्री केदारनाथ के दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की प्रगति एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग मयूर दीक्षित, पुलिस अधीक्षक रूद्रप्रयाग आयुष अग्रवाल, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी केदारनाथ योगेंद्र सिंह मौजूद रहे।

सौर ऊर्जा के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार उठा रही जरुरी कदम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में उत्तराखण्ड सरकार और भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। सीएम आवास मे आयोजित कार्यक्रम में राज्य में नवीकरणीय एवं अन्य परियोजनाओं के विकास और शत प्रतिशत वित्तीय निवेश किये जाने के लिए यह एमओयू किया गया है।
उत्तराखण्ड सरकार की ओर से सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुन्दरम और भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड की ओर से मुख्य महाप्रबंधक नवीनीकरण ऊर्जा शैली अब्राहम व अधिशासी निदेशक अमित गर्ग ने हस्ताक्षर किए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एमओयू पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में रिन्यूबल एनर्जी विशेष तौर पर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रगति होगी। ऊर्जा और पर्यटन राज्य के विकास के दो प्रमुख आधार हैं। प्रदेश में आर्थिक विकास के साथ-साथ उद्योगों और घरेलू क्षेत्र में ऊर्जा की मांग बढ़ती जा रही है। राज्य सरकार की पूरी कोशिश है कि उत्तराखण्ड ऊर्जा सरप्लस स्टेट बने। इसके लिये सौर ऊर्जा पर भी फोकस किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता, प्रक्रियाओं के सरलीकरण की है। जितना ज्यादा प्रक्रियाओं को सरल किया जाएगा उतना ही राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश होगा। हमें प्रोफेशनल एप्रोच अपनानी होगी। प्रदेश के विकास के लिये हमें इकोनोमी और इकोलॉजी में संतुलन रखते हुए आगे बढ़ना है। इस दृष्टि से रिन्यूबल एनर्जी बहुत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने बीपीसीएल को राज्य में सौर ऊर्जा में आगे आने के लिये धन्यवाद किया और कहा कि राज्य सरकार द्वारा हर संभव सहयोग दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य की ऊर्जा नीति में जरूरी होने पर सुधार किये जाएं और विशेष तौर पर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में कार्य करने के इच्छुक संस्थाओं और उद्यमियों को हर संभव सहयोग दिया जाए।
भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड के सीएमडी अरूण कुमार सिंह ने कहा कि उत्तराखण्ड में रिन्यूबल एनर्जी के विकास के लिये बीपीसीएल काम करेगा। संसाधनों और टैलेंट की कमी नहीं है। हमें आपसी समन्वय और सहयोग से देश की प्रगति में योगदान देना है। उत्तराखण्ड में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकास हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया कि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा आवश्यक औपचारिकताओं को तेजी से पूरा किया गया है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव उत्तराखण्ड राधा रतूङी, बीपीसीएल के सीएमडी अरुण कुमार सिंह, निदेशक सुखमल जैन, स्टेट हैड मिहिर जोशी, अपर सचिव रंजना, डॉ इक़बाल अहमद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

ईमेल आईडी जारी कर वित्त मंत्री ने की सुझाव देने की अपील

वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों से जुडे प्रतिनिधि अपने प्लान व सुझाव बनाकर uttarakhandbudget@gmail.com पर ईमेल के माध्यम से उपलब्ध कराएं। इसके अलावा अन्य नागरिक भी प्रदेश के विकास में अच्छे सुझाव ईमेल के माध्यम से दे सकता है। कहा कि बजट में सभी के विचारों को समावित किया जायेगा, ताकि प्रदेश के विकास के लिए एक अच्छा बजट मिल सके।

कहा कि वर्ष 2022-23 का बजट आम आदमी का बजट होगा। यह तभी होगा जब प्रदेश के हर वर्ग, हर क्षेत्र का व्यक्ति, लघु उद्योग से जुड़ा व्यक्ति, गृहणी आदि के सुझाव मिलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता की बजट बनाने में एक अहम भूमिका होगी।

कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि 21वी दशक उत्तराखण्ड का होगा इसके तहत इस वर्ष सभी क्षेत्रों में उत्तराखण्ड के लिए पर्यटन, शिक्षा, रोजगार आदि के लिए अच्छा वर्ष होगा।

बजट 2022-23 के लिए सीएम की मौजूदगी में वित्त मंत्री लेंगे प्रतिनिधि समूहों से सुझाव

प्री बजट स्टेक होल्डर्स कंसल्टेंशन के तहत बजट 2022-23 के निर्माण में गढ़वाल और कुमायूँ मंडल में प्रतिनिधि समूहों के साथ वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल पहली बार एक संवाद कार्यक्रम के तहत वार्ता करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहेंगे।

वित्त मंत्री ने बताया कि उत्तराखंड के बजट 2022-23 के निर्माण में जन सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए पहली बार एक संवाद कार्यक्रम किया जाएगा। जिससे उत्तराखंड के बजट में उनकी इच्छा के अनुरूप कल्याणकारी योजनाओं को शामिल किया जा सके।

वित्त मंत्री ने बताया कि कुमायूँ मंडल के नैनीताल और गढ़वाल मण्डल के देहरादून में यह संवाद कार्यक्रम आयोजित होगा। बताया कि नैनीताल क्लब, नैनीताल में यह कार्यक्रम 14 मई को शाम चार बजे आयोजित किया जाएगा। जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी की मौजूदगी में कुमायूँ मंडल से संबंधित समूहों जैसे होटल व रेस्टोरेंट एसोसिएशन, टूर ऑपरेटर एसोसिएशन, ट्रेड एसोसिएशन, सिडकुल एसोसिएशन, डेयरी फेडरेशन, चार्टड अकाउंटेंट आदि से सुझाव लिया जाना है।

बताया कि कुमायूँ मंडल के अंतर्गत जिला पंचायत अध्यक्ष, मेयर आदि को भी संवाद कार्यक्रम का हिस्सा बनाते हुए सुझाव लिए जाएंगे। बताया कि विभिन्न प्रतिनिधि समूहों की अपेक्षाएं, उनके सुझावों को ध्यान में रहते हुए उत्तराखंड का बजट 2022-23 बनाया जाएगा। जिसमें सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास की भावना निहित हो। कहा कि बजट में राज्य के सुगम और दुर्गम इलाकों में निवासरत लोगों को लाभ मिले, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। इस दौरान बजट से सम्बंधित सभी अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

बता दें कि सरकार वर्ष 2022-23 के बजट की तैयारियों में जुट गई है। आगामी विधानसभा सत्र के दौरान बजट प्रस्तुत किया जाना है। वित्त विभाग की ओर से विभिन्न विभागों से बजट के बारे में प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं।

केन्द्रीय कृषि मंत्री से विभिन्न योजनाओं की स्वीकृति की मांग

कृषि मंत्री गणेश जोशी द्वारा केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर से नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकात कर राज्य के कृषि एवं उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए स्वीकृति तथा बजट स्वीकृतियों की पैरवी की गई।
1. पीअर-टू-पीअर लर्निंग के लिए उत्तराखण्ड में आयोजित होने वाले हिमालयी राज्यों के कृषि मंत्रियों व विभागाध्यक्षों के सम्मेलन का उद्घाटन करने आएंगे केन्द्रीय कृषि मंत्री।
2. प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए परम्परागत कृषि विकास योजनांतर्गत 4300 तथा नमामि गंगे योजनांतर्गत 1800 नए क्लस्टरों हेतु बजट आवंटन।
3. पर्वतीय क्षेत्रों के कृषकों द्वारा उत्पादित परम्परागत फसलों के स्थानीय बीजों को सत्यापित बीजों के रूप में अनुदान पर वितरित किए जाने की अनुमति तथा राज्य को चार किश्तों के बजाए, पूर्व की भांति 50-50 प्रतिशत की दो किश्तों बजट आवंटित किए जाने हेतु।
4. राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत कृषक उत्पादक संगठन-एफपीओ के गठन हेतु सीबीबीओ के चयन मानकों में शिथिलता।
5. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन-गेहूं के अंतर्गत बजट प्राविधान को बढ़ा कर 400 लाख किए जाने के लिए।
6. उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा विशेष आर्थिक सहायता हेतु हार्नेसिंग द हॉर्टिकल्चर पोटेन्सिअल ऑफ उत्तराखण्ड के प्रस्ताव हेतु 2000 करोड़ की बजट स्वीकृति।
7. बागवानी मिशन योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 हेतु 200 करोड़ परिव्यय की कार्ययोजना तथा प्रधानमंत्री कृषि योजना के ‘‘पर ड्रॉप, मोर क्रॉप’’ घटक की कार्ययोजना हेतु 99.36 करोड़ की स्वीकृति।