मामूली विवाद में भाई ने भाई को मारा चाकू, मौत

ऋषिकेश कोतवाली पुलिस के मुताबिक चंद्रेश्वर नगर में रहने वाले शिवा का अपने ही कमरे में रहने वाले रिश्तेदार में भाई छोटू के साथ खाना खाने के दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। बात इतनी बढ़ गई कि छोटू ने शिवा की छाती पर चाकू से हमला कर दिया।
लहूलुहान हालत में शिवा को राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए शिवा को एम्स के लिए रेफर कर दिया। इलाज के दौरान एम्स में शिवा ने दम तोड़ दिया।

हृषिकेश भगवान भरत महाराज की डोली यात्रा में उमड़े श्रद्धालु

वसंत पंचमी पर शनिवार को प्राचीन श्री भरत मंदिर से हृषिकेश भगवान भरत महाराज की डोली यात्रा धूमधाम से निकाली गई। श्रद्धालुओं ने यात्रा मार्ग पर रंगोली सजाकर और पुष्प वर्षा कर डोली का स्वागत किया।
शनिवार को झंडा चौक स्थित श्री भरत मंदिर में पूजा अर्चना के बाद पारंपरिक वाद्य यंत्रों के बीच भगवान भरत की डोली निकाली गई। महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य महाराज ने डोली की पूजा अर्चना की। मंदिर परिसर से निकली डोली की अगवानी हर्षवर्धन शर्मा, महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य महाराज व वरुण शर्मा ने की। पुराने बद्रीनाथ मार्ग मायाकुंड से होकर डोली त्रिवेणी घाट पहुंची। यहां डोली को गंगा स्नान कराया गया। इसके बाद डोली मंदिर परिसर में पहुंची।
डोली यात्रा में महामंडलेश्वर ललित आनंद महाराज, महामंडलेश्वर दयाराम दास, महेंद्र जगदीश प्रपन्नाचार्य, महंत मनोज द्विवेदी, महंत विनय सारस्वत, महंत रवि प्रपन्नाचार्य, पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, डीडी तिवारी, जयेंद्र रमोला, शूरवीर सिंह सजवाण, सीएस शर्मा, संजीव चौहान, रामकृपाल गौतम, राम चौबे, सुधीर कुकरेती, बचन पोखरियाल, मधुसूदन शर्मा, राहुल शर्मा, कनक धनाई, मेजर गोविंद सिंह रावत, यमुना प्रसाद त्रिपाठी, नवीन मेंदोला, धनंजय रांगड, सुरेंद्र भट्ट, शिव प्रसाद बहुगुणा, जितेंद्र बिष्ट आदि शामिल रहे।

बसंत पंचमी पर डोली निकालने की है परंपरा
पौराणिक मान्यता है कि वसंत पंचमी के दिन ही आद्य गुरु शंकराचार्य ने मायाकुंड गंगा में रखी गई भगवान भरत की मूर्ति को श्री भरत मंदिर में पुनर्स्थापित किया था। तभी से वसंत पंचमी पर उनकी डोली यात्रा निकालने की परंपरा रही है।

चार निर्धन कन्याओं की शादी करवाई
श्री भरत मंदिर परिवार ने वसंत पंचमी पर चार निर्धन कन्याओं की शादी का आयोजन किया। इसमें कन्यादान की पूरी परम्परा का निर्वहन किया गया। बेटियों की विदाई की सारी रस्में निभाई गईं।

कोरोना से मौत के मामले बढ़े

उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में 1183 संक्रमित मिले हैं। जबकि 15 मरीजों की मौत हुई है। 20715 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक शुक्रवार को 13 जिलों में 1183 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। देहरादून जिले में 369, हरिद्वार में 73, ऊधमसिंह नगर में 87, चमोली में 94, अल्मोड़ा में 125, रुद्रप्रयाग में 104, नैनीताल में 62, पौड़ी में 77, पिथौरागढ़ में 52, टिहरी में 43, उत्तरकाशी में 48, चंपावत में 44 और बागेश्वर जिले में 5 संक्रमित मिले हैं। कोरोना की तीसरी लहर में मृतकों की संख्या 178 हो गई है। जबकि शुक्रवार को 4186 संक्रमित स्वस्थ हुए हैं। इन्हें मिलाकर 59561 मरीजों ने संक्रमण को मात दी है।
वहीं, ऋषिकेश में 20 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। इनमें लक्ष्मणझूला के नौ, ऋषिकेश के आठ और मुनिकीरेती के तीन लोग शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी संक्रमितों को आइसोलेट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों को भी चिन्हित किया जा रहा है।

बदलते मौसम से अभी राहत मिलने की उम्मीद नही

मौसम विभाग ने उत्तराखंड में सात फरवरी तक बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। 6 और 8 फरवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम में फिर बदलाव दिखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड में कहीं-कहीं शीत दिवस रहने की संभावना है। इसे लेकर अगले दो-तीन दिन राज्य में येलो अलर्ट रहेगा। मौसम विभाग ने सात फरवरी तक चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में बारिश-बर्फबारी की संभावना जताई है। शेष राज्य में मौसम शुष्क रहेगा।
वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी के अलावा पाला पड़ने की संभावना है। वहीं, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाया रह सकता है। 2000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में मध्यम बर्फबारी से सड़कें अवरूद्ध हो सकती हैं। जिला प्रशासन से बर्फ से अवरूद्ध सड़कों को खोलने के लिए आवश्यक व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया है। लोगों को फिलहाल पर्वतीय स्थानों में यात्रा न करने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि उत्तर पाकिस्तान से लगे इलाके और जम्मू कश्मीर वाले क्षेत्र से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके अलावा राजस्थान और उससे जुड़े हुए इलाकों में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। 6 के बाद 8 फरवरी को भी एक और पश्चिमी विक्षोभ प्रभावी दिख रहा है।
उधर, उत्तराखंड में पिछले 24 घंटे में 23.6 एमएम बारिश दर्ज की गई है। सभी 13 जिलों में जमकर बारिश हुई है, जिसमें अल्मोड़ा में 21.1, बागेश्वर 28.6, चमोली 25.2, चंपावत 16.1, देहरादून 19.2, पौड़ी गढ़वाल 11.3, टिहरी 26.4, हरिद्वार 27.6, नैनीताल 35.3, पिथौरागढ़ 33.6, रुद्रप्रयाग 18.7, ऊधमसिंह नगर 26.3 और उत्तरकाशी में 15.4 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा मुनस्यारी, धनोल्टी, चकराता, नैनीताल, मुक्तेश्वर, मसूरी, टिहरी, लोहारखेत, पिथौरागढ़, गंगोत्री, ओली में अच्छा हिमपात देखने को मिला है।

एसडीआरएफ टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर लोगों को राहत पहुंचाई

जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, पोलिंग पार्टियां विषम मौसम में भी पोलिंग बूथ तक पहुंचने लगी हैं। लेकिन उत्तराखंड के ठंड के मौसम औऱ दुर्गम रास्तों से होकर पोलिंग बूथ तक पहुंचना और चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देना पोलिंग पार्टियों के लिए कड़ी परीक्षा जैसा है। पोलिंग पार्टियां बीते दो दिनों से हो रही भारी बर्फबारी में फंस रही हैं। ऐसी ही तस्वीर चमोली जनपद से आई है। जहां दिनभर बर्फबारी में फंसी पोलिंग पार्टी को एसडीआरएफ ने सकुशल रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
दरअसल गुरुवार को चमोली जनपद के बछुआखाल से एक पोलिंग पार्टी वापस कर्णप्रयाग लौट रही थी। इसी दौरान जबरदस्त बर्फबारी से रास्ते जाम हो गए। पोलिंग पार्टी का वाहन भारी बर्फ के बीच कई घंटों तक फंसा रहा। इस घटना की जानकारी जैसे ही एसडीआरएफ टीम को मिलती है, एसडीआरएफ रेस्क्यू टीम एचसी भगत सिंह कंडारी के नेतृत्व में रेस्क्यू हेतु रवाना हुई।
भारी बर्फबारी व रात्रि के घनघोर अंधेरे जैसी विषम परिस्थितियों में 7-8 किमी पैदल चलने के बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुँची। एसडीआरएफ जवानों द्वारा पोलिंग टीम के 6 सदस्यों को सुरक्षित कर्णप्रयाग पहुंचाया गया। इसके अलावा एसडीआऱफ ने प्रदेश के कई हिस्सों में बर्फ में फंसे लोगों औऱ पर्यटकों को सुरक्षित स्थानो पर पहुंचाया। उत्तरकाशी के राड़ी टॉप में एक वाहन के बर्फ में फंसे होने की सूचना पर एसडीआरफ ने तत्काल 2 लोगों को सुरक्षित बड़कोट पहुँचाया गया। रुद्रप्रयाग के त्रिजुगी नारायण मंदिर से 3 किलोमीटर नीचे कुछ लोग बर्फ में फंसे थे, जिन्हें एसडीआरएफ टीम निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया।
अल्मोड़ा जनपद के मजखाली में कुछ लोगो के फंसे होने की सूचना एसडीआरएफ को प्राप्त हुई जिस पर एसडीआरएफ रेस्क्यू टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू किया जा रहा है। चमोली के सेलंग क्षेत्र में कुछ वाहन बर्फ में फंसे होने की सूचना पर एसडीआरएफ टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर वहां फंसे हुए वाहनों को धक्का मारकर पार कराया। नैनीताल में बर्फबारी के कारण वाहनों के फंसे होने की सूचना पर एसडीआरएफ टीम द्वारा धक्का मारकर वाहनों को पार कराया गया।

भौतिक रूप से चलेंगी पहली से नौवीं तक की कक्षाएं

प्रदेश में कोरोना संक्रमण के कारण बंद चल रहे कक्षा एक से नौवीं तक के सभी सरकारी, अशासकीय और निजी स्कूल अगले सप्ताह से खुल जाएंगे शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम के मुताबिक स्कूलों को 7 तारीख से भौतिक रूप से खोलने के संबंध में आज आदेश जारी हो गया है
कक्षाओं को भौतिक रूप से खोल दिया गया है, लेकिन कक्षा एक से नौवीं तक के स्कूल अब भी बंद हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक स्कूलों को खोले जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। स्कूलों को खोले जाने के दौरान कोरोना को लेकर जारी दिशा निर्देशों प्रदेश के सभी सरकारी, अशासीय एवं का पूरी तरह से पालन करना होगा। स्कूल निजी स्कूल 16 जनवरी से बंद हैं। हालांकि भौतिक रूप से खेलने के साथ ही उनमें 31 जनवरी से कक्षा 10वीं से 12वीं तक की ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी रहेगी। नर्सरी व प्ले ग्रुप की क्लास अभी संचालित नही होगी।

बंसत पंचमी पर होती है मां सरस्वती की विशेष पूजा अर्चना

हिंदू कैलेंडर के अनुसार 5 फरवरी 2022, शनिवार का दिन विशेष है। इस दिन माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। इस तिथि को बसंत पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। बंसत पंचमी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। बसंत पंचमी का पर्व इस वर्ष शनिवार के दिन पड़ रहा है। शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित है।

मकर राशि में शनि का गोचर
मकर राशि में ग्रहों की विशेष स्थिति देखने को मिल रही है। वर्तमान समय में मकर राशि में तीन ग्रहों की युति बनी हुई है। मकर राशि के स्वामी शनि देव है. जो वर्तमान समय में मकर राशि में ही विराजमान हैं। जहां पर वे बुध और सूर्य के साथ युति बना रहे है। 2022 में बसंत पंचमी पर तीन ग्रहों की युति मकर राशि में बनी हुई है।

इन 5 राशियों पर शनि की विशेष दृष्टि है
वर्तमान समय में मिथुन, तुला राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है। जबकि धनु, मकर और कुंभ राशि पर शनि की साढ़े साती चल रही है। 5 राशियों पर शनि की विशेष दृष्टि है। जिन लोगों को शनि देव अशुभ फल प्रदान कर रहे हैं। उनके लिए 5 फरवरी का दिन विशेष है। इस दिन शनि देव और माता सरस्वती की पूजा करने से विद्यार्थियों को शिक्षा में आने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। ज्योतिष शास्त्र में सरस्वती जी को ज्ञान देवी और शनि देव को परिश्रम का कारक माना गया है।

बसंत पंचमी शुभ मुहूर्त
पंचमी तिथि का आरंभ- 05 फरवरी 2022, शनिवार को प्रातः काल 3 बजकर 47 मिनट से।
पंचमी तिथि का समापन- 6 फरवरी 2022, रविवार को प्रातः काल 3 बजकर 46 मिनट पर।

बसंत पंचमी पूजा शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार माता सरस्वती की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 07 बजकर 07 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट है। इस दौरान पूजा करना शुभ माना जाएगा. यह पूजा के लिए अच्छा समय है। वहीं, इस दिन का शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से दोपहर 12 बजकर 57 मिनट तक है। इस दिन राहुकाल सुबह 09 बजकर 51 मिनट से दिन में 11 बजकर 13 मिनट तक है।

कांग्रेस ने पत्रकारों के मुद्दों को घोषणा पत्र में शामिल किया

उत्तराखंड आंदोलन में भले ही पत्रकारों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया हो और इस आंदोलन को जन आंदोलन में बदला हो लेकिन राज्य बने 20 साल हो गए पत्रकारों के हितों के लिए सरकारें बहुत ज्यादा काम करती दिखाई नहीं दी है। कोई भी राजनीतिक दलों के घोषणा पत्रों में भी आज तक पत्रकारों को शायद ही जगह मिली हो।
लेकिन इस बार कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में पत्रकारों के लिए अलग से कई घोषणाएं की हैं जिन्हें सरकार में आने के बाद पूरा करने का वादा करने की बात कही गई है। कांग्रेस के घोषणा पत्र के अनुसार कांग्रेस सत्ता में आई तो कांग्रेस पार्टी वायदा करती है. भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम, 1996 की तर्ज पर पत्रकार कल्याण बोर्ड का गठन करेगी। इस बोर्ड का पैसा पत्रकारों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के लिए किया जायेगा।
न्यूज पोर्टलों को समाचार पत्रों एवं टीवी चैनलों के समकक्ष मान्यता प्रदान करने हेतु आवश्यक कदम उठाए जांएगे। पत्रकारों के स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा के लिए 50 प्रतिशत अंशदान राज्य सरकार देगी। छोटी पत्रिकाओं, छोटे मझोले अखबारों तथा ग्रामीण पत्रकारों के हितार्थ नयी नीति बनाई जायेगी। जिला स्तर पर पत्रकार ग्रुप हाउसिंग सोसाईटीज का गठन करने की प्रक्रिया में पत्रकार कल्याण बोर्ड के साथ मिलकर आवश्यक कदम उठाये जायेंगे। एक्रीडेशन की नीति को और उदार बनाया जायेगा तथा छोटे मझाले अखबार और पत्र पत्रिकाओं से जुड़े पत्रकारों को भी इसमें शामिल किया जायेगा।
साफ है कांग्रेस ने छोटे पत्र-पत्रिकाओं और पोर्टल से जुड़े पत्रकारों को भी अपने घोषणापत्र के केंद्र में रखा है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बताया कि इस बार कांग्रेस ने तमाम पत्रकारों की जरूरतों को देखते हुए घोषणापत्र में उन्हें समुचित जगह दी है। उनके अनुसार हमारी कोशिश रहेगी सरकार बनने के बाद अपनी इन तमाम घोषणाओं को जल्द से जल्द पूरा किया जाये।

बेरोजगार मतदाता किस पर करेगा भरोसा

प्रदेश में 8 लाख 42 हजार बेरोजगार पंजीकृत हैं। जबकि पूरे राज्य में कुल 82 लाख वोटर हैं। इनमें से करीब 25 फीसदी मतदाता बुजुर्ग हैं। यदि इन वोटरों को हटा दिया जाए तो राज्य में बेरोजगार वोटरों का आंकड़ा इससे भी ऊपर निकल जाता है। सेंटर फॉर मॉनीटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) की रिपोर्ट भी राज्य में बेरोजगारी और रोजगार के कम मौके होने की तस्दीक कर रही है। प्रदेश में नौ फीसदी नौकरी योग्य ग्रेजुएट युवा बेरोजगार घूम रहे हैं।
शहरी इलाकों में 4.3 फीसदी जबकि ग्रामीण इलाकों में 4.0 फीसदी बेरोगारी की दर है। उत्तराखंड में रोजगार एवं श्रम भागीदारी दर देश में सबसे कम है। सीएमआईई के अनुसार दिसंबर तक उत्तराखंड में रोजगार दर 30.43 फीसदी थी। यह राष्ट्रीय औसत 37.42 फीसदी से काफी कम है और देश में सबसे नीचे है।
इसके बाद गोवा 31.99, उत्तर प्रदेश 32.79 एवं पंजाब 36.86 का स्थान आता है। पर सरकार और मंत्री बेरोजगारी के लिए केवल कोरोना का कारण बताते रहे हैं। हालांकि कोरोना से पहले भी रोजगार की तलाश में पलायन सतत चलता रहा। इस कारण उत्तराखंड के सैकड़ों गांव वीरान हो चुके हैं।
हर बार किए जाते हैं वादेरू केंद्र और राज्य के हर चुनाव में मतदाताओं से रोजगार बढ़ाने के वादे किए जाते हैं। लेकिन चुनाव बीत जाने के बाद यह वादे कोरी घोषणाएं साबित होती हैं। इस बार भी बड़े-बड़े राजनीतिक दल और प्रत्याशी युवाओं को लुभाने के लिए नई-नई योजनाएं लाने का वादा कर रहे हैं। कोई नई नौकरियां लाने की बात कह रहा है तो कोई स्वरोजगार के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने का वादा कर रहा है। देखना है कि चुनाव संपन्न होने के बाद युवाओं से किए जा रहे वायदों पर कितना काम होता है।
प्रदेश में 25 से 45 साल के लोगों में बेरोजगारी की दर सबसे अधिक है। इसमें युवा पुरुष व महिलाएं दोनों ही शामिल हैं। जबकि यही वर्ग प्रदेश का सबसे बड़ा मतदाता भी है। साफ है सरकार और राजनीतिक दलों का फोकस मुख्य समस्या पर नहीं है। प्रदेश में महिलाओं की बेरोजगारी दर 7.6 फीसदी है। कुमाऊं विवि में समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. डीएस बिष्ट के अनुसार युवाओं को योग्यता अनुसार काम न मिले तो उसका सीधा असर समाज पर पड़ता है। रोजगार के नए मौके तलाशने के लिए सरकार को ज्यादा ठोस कदम उठाने होंगे।

राजपाल खरोला को कांग्रेस संगठन ने मना ही लिया, मिली नई जिम्मेदारी

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और पूर्व में ऋषिकेश विधानसभा से विधायक प्रत्याशी रहे राजपाल खरोला को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल द्वारा उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी का वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष संगठन नियुक्त किया गया है। साथ ही उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी देवेंद्र यादव द्वारा राजपाल खरोला को उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस समन्वय समिति का अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर भी नियुक्ति दी गई है। यह पद कुछ दिनों पूर्व तक पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के पास था, कुछ समय पूर्व जब प्रदेश प्रभारी द्वारा पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय से सभी पद वापस ले लिए गए थे उस वक्त से यह पद खाली रह गया था क्योंकि यह पद उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस समन्वय समिति के अध्यक्ष का है।
यह इसलिए भी अत्यधिक महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि इस समिति में सदस्य के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदीप टम्टा, काजी निजामुद्दीन, करण मेहरा, प्रकाश जोशी, नव प्रभात, आयेंद्र शर्मा, विजय सारस्वत, धीरेंद्र प्रताप, राजीव महर्षि जैसे नेता इस कमेटी के सदस्य हैं। साथ ही इस कमेटी के स्थाई सदस्यों में प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष एवं प्रदेश सह प्रभारी हैं।
पूर्व में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव रहे राजपाल खरोला का पूर्व में उत्तराखंड युवा कांग्रेस के प्रथम प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उनका राजनीतिक अनुभव बहुत लंबा है। एनएसयूआई से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले राजपाल खारोला पूर्व में छात्र संघ के अध्यक्ष रहे। एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष रहे। विभिन्न प्रदेशो के विधानसभा चुनाव में विगत कई वर्षाे से वे अपनी राजनितिक अनुभवो का लाभ कांग्रेस पार्टी को देते आये है। वही लगातार तीन बार से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव के पद पर कार्य कर रहे थे।
कुछ दिन पूर्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी उनका नाम आया था किंतु कुछ राजनीतिक घटनाक्रम के चलते उनका नाम वहां से हटना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना रहा और फिर इस बात की भी चर्चा रही की कांग्रेस हाईकमान द्वारा उन्हें चुनाव लड़ने के लिए कहां गया और टिकट बंटवारे के समय उनका टिकट कटना क्षेत्र की जनता व कांग्रेस के लोगों में भारी चर्चा का विषय बना रहा।
उनका ऋषिकेश विधानसभा में सक्रिय न रहना भी कांग्रेस हाईकमान के लिए व कांग्रेस प्रत्याशी के लिए चिंता का विषय बना हुआ था जिस पर कांग्रेस हाईकमान लगातार विचार मंथन कर रहा था और अब राजपाल खारोला को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन व उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस समन्वय समिति का अध्यक्ष/चेयरमैन जैसा महत्वपूर्ण पद दिया जाना यह दर्शाता है कि निश्चित ही पार्टी हाईकमान में उनकी पकड़ पहले से अधिक मजबूत हुई है और कांग्रेस हाईकमान द्वारा भी उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है क्योंकि राजपाल खरोला उत्तराखंड युवा कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष रहे हैं। विश्वस्त सूत्रों के द्वारा जानकारी प्राप्त हुई है कि कांग्रेस हाईकमान द्वारा उनके राजनीतिक भविष्य के लिए भी आश्वस्त किया गया है।