वर्चुअल रैलियों में तेजी लाने के लिए भाजपा ने बनाई ये रणनीति

कोरोना संक्रमण ने लोगों की जीवनशैली से लेकर सियासत तक गहरा असर छोड़ा है। अब इसका असर विधानसभा चुनावों पर भी दिख रहा है। इसकी काट निकालने के लिए राजनीतिक दलों ने डिजिटल माध्यम को हथियार बनाया है। कांग्रेस फिलहाज भाजपा से डिजिटिल माध्यम में आगे नजर आ रही है। वहीं अब भाजपा ने निर्णय लिया है कि उत्तराखंड की हर विधानसभा क्षेत्र में एक आईटी एक्सपर्ट को नियुक्त करेगी। भाजपा का यह फैसला चुनाव आयोग द्वारा 15 जनवरी तक रोड शो और रैलियों के आयोजन पर रोक लगाने के बाद आया है।

मोबाइल फोन पर भेजा जाएगा एक लिंक
उत्तराखंड भाजपा के महासचिव कुलदीप कुमार ने बताया कि पार्टी बूथ और राज्य स्तर पर सभी महत्वपूर्ण बैठकें करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। पार्टी ने पूरी योजना बना ली है। हम एक साथ एक हजार लोगों को वन-वे एड्रेस दे सकते हैं। इंटरैक्टिव वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर कम से कम 500 लोगों से जुड़ सकते हैं। बैठकों और कार्यक्रमों को मूर्त रूप देने के लिए देहरादून में एक स्टूडियो खोला जाएगा। जोकि एक-दो दिन में बनकर तैयार हो जाएगा। स्टूडियो में दो लोगों के बैठने का मंच होगा। निर्वाचन क्षेत्र के सभी लोगों को उनके मोबाइल फोन पर एक लिंक भेजा जाएगा। इसके जरिए लोग जुड़ सकते हैं।
कुलदीप कुमार ने कहा कि भाजपा ने राजधानी देहरादून में एक वॉर रूम आईटी सेल बनाने का भी प्रस्ताव रखा है। जिससे पार्टी एक बार में 15 वरिष्ठ नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक कर सकती है। इसके जरिए पार्टी एक दिन में 10 से अधिक विधानसभा सीटों को कवर करने में सक्षम होगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय भाजपा नेताओं की रैली देहरादून कार्यालय से दिल्ली कार्यालय से जोड़कर संपन्न कराई जा सकेगी। जिसके बाद पार्टी के नेता विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों के लोगों को संबोधित कर सकेंगे। 70 सदस्यीय उत्तराखंड विधानसभा के चुनाव के लिए मतदान होगा। 14 फरवरी जबकि मतगणना 10 मार्च को होनी है।

कांग्रेस ने किशोर को अनुशासन हीनता के चलते सभी पदों से मुक्त किया

आज बुधवार को कांग्रेस ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को चुनाव संबंधित समितियों समेत सभी पदों से हटा दिया है। इस संबंध में प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने आदेश जारी कर दिया है। किशोर उपाध्‍याय पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने और भाजपा के नेताओं से मुलाकात कर कांग्रेस की सरकार के खिलाफ मुहिम को कमजोर करने का आरोप लगाया गया है।

रात के अंधेरे में भाजपा नेताओं से मिले
उत्‍तराखंड विधानसभा चुनाव के मौके पर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के रात के अंधेरे में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री और चुनाव प्रभारी से मुलाकात ने राजनीति को गर्मा दिया है। इससे कांग्रेस भी असहज नजर आ रही थी। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने ऐसी किसी संभावना से इन्कार किया। उन्होंने कहा कि किशोर भाजपा जैसी सांप्रदायिक पार्टी में जाएंगे, ऐसा नहीं लगता।

कांग्रेस छोड़ने की चर्चाएं तेज
बता दें कि प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने चार जनवरी की रात भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार से उनके फ्लैट में मुलाकात की थी। इस दौरान वहां केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के चुनाव प्रभारी प्रल्हाद जोशी भी मौजूद थे। इस मुलाकात के बाद किशोर उपाध्याय के भाजपा में जाने की चर्चाएं तेज हो गईं थीं। दरअसल, बीते दिनों किशोर उपाध्‍याय भाजपा राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख व राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी से भी मिले थे। उनके भाजपा नेताओं से मुलाकात के बाद कांग्रेस छोड़ने की चर्चाएं तेज हो गए थी।

कांग्रेस चुनाव घोषणापत्र समिति की हुई वर्चुअल बैठक
कांग्रेस चुनाव घोषणापत्र समिति की वर्चुअल बैठक हुई। बैठक में समिति अध्यक्ष नवप्रभात व संयोजक सूर्यकांत धस्माना समेत सदस्यों ने शिरकत की। यह तय किया गया कि चुनाव घोषणापत्र में उपनल कर्मचारियों की मांगों को भी जगह दी जाएगी।

केंद्र और राज्य सरकार ने खींचा विकास का मजबूत खाका-धामी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भाजपा की जीत के प्रति आश्वस्त हैं। उन्होंने कहा कि 2014 से लेकर अब तक केंद्र की मोदी सरकार ने करीब एक लाख करोड़ से अधिक की योजनाएं उत्तराखंड के लिए स्वीकृत की हैं। उनमें से कई पूरी हो चुकी हैं। कई पर काम चल रहा है। प्रधानमंत्री ने जहां देहरादून और हल्द्वानी में बारी-बारी से उत्तराखंड को 18 हजार करोड़, 17.5 हजार करोड़ की सौगात दी। उन्होंने कहा कि सड़कों का नेटवर्क हो या दिल्ली से देहरादून के बीच की दूरी, केंद्र और राज्य की सरकार ने मिलकर विकास का मजबूत खाका खींचा है।

सरकार ने 500 से अधिक फैसले लिए
सीएम धामी ने कहा कि कुछ लोग भले ही जनता को टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन को लेकर बरगलाने की कोशिश कर रहे हों लेकिन उनकी सरकार ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। देहरादून के एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाने के साथ प्रदेश में नए हवाई मार्ग चिन्हित कर उड़ान शुरू की गईं। कई अन्य जगहों पर शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने 500 से अधिक फैसले लिए। इन फैसलों का वित्तीय प्रबंधन करते हुए आदेश जारी किए। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी चुनाव आयोग की सभी गाइडलाइंस का पालन करेगी। 2025 में रजत जयंती वर्ष तक निश्चित तौर पर वह उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदेश बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना हो या गरीब कल्याण योजना, भाजपा की सरकार ने अंतिम छोर तक इनका लाभ पहुंचाने पर फोकस किया है। आने वाला दशक उत्तराखंड का होगा। अटल जी ने उत्तराखंड बनाया था और मोदी के नेतृत्व में उसे संवारेंगे।

मैं उम्र में छोटा लेकिन सबका आशीर्वाद
मुख्यमंत्री धामी ने कहा सरकार ने पूरी पारदर्शिता के साथ काम किया है। रोजगार के सवाल पर सीएम धामी ने कहा कि हम हर विभाग के आंकड़े सबके सामने रखेंगे। हमने 24 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। पुलिस में कई साल बाद भर्ती निकाली है। हमारे यहां कोई द्वेष नहीं है। मैं उम्र में छोटा जरूर हूं लेकिन मुझे सबका आशीर्वाद मिला हुआ है।

कांग्रेस के कारनामों और हमारी सरकार के कामों के बीच मुकाबला
कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि इस बार कांग्रेस के कारनामों और हमारी सरकार के कामों के बीच मुकाबला होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और करप्शन एक-दूसरे के पूरक हैं। करप्शन की जननी कांग्रेस है। लोकतंत्र के महापर्व में कांग्रेस के कारनामों और भाजपा के कार्यों के बीच मुकाबला होगा। उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और करप्शन एक-दूसरे के पूरक हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांग्रेस और करप्शन एक दूसरे के पूरक हैं। उनके काले और खूनी पंजे को जनता जरूर सबक सिखाएगी। उन्होंने किया है, करती है, करेगी सिर्फ भाजपा का नारा देते हुए कहा कि कांग्रेस की हालत 900 चूहे खाकर बिल्ली हज को जाने वाली है। एक किताब पढ़ी थी फाउंटेन हेड, उत्तराखंड में करप्शन की फाउंटेन हेड यानी करप्शन की जननी कांग्रेस है। उन्होंने कहा कि जिनके घर शीशे के होते हैं, वह दूसरों पर पत्थर नहीं उछाला करते। उनकी सरकार में खनन का भ्रष्टाचार सबको याद है। जनरल बिपिन रावत पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले आज सैनिक हितों की बात करते हैं।

उत्तरायणी का त्योहार और मकर सक्रांति का पर्व हिन्दुओं के लिए है महत्वपूर्ण

उत्तराखंड में हर तीज-त्योहार का अपना अलग ही उल्लास है। यहां शायद ही ऐसा कोई पर्व होगा, जो जीवन से न जोड़ता हो। ये पर्व-त्योहार उत्तराखण्डी संस्कृति के प्रतिनिधि भी हैं और संस्कारों के प्रतिबिंब भी। हम ऐसे ही अनूठे पर्व ‘मकरैंण’ से आपका परिचय करा रहे हैं। यह पर्व गढ़वाल, कुमाऊं व जौनसार में अलग-अलग अंदाज में मनाया जाता है।
मकर संक्रान्ति का त्यौहार उत्तराखण्ड में उत्तरायणी, उत्तरैण आदि नामों से जाना जाता है। उत्तरायणी शब्द उत्तरायण से बना है। उत्तरायण मतलब जब सूर्य उत्तर की ओर जाना शुरू होता है। दरअसल, त्योहार एवं उत्सव देवभूमि के संस्कारों में रचे-बसे हैं। पहाड़ की ‘पहाड़’ जैसी जीवन शैली में वर्षभर किसी न किसी बहाने आने वाले ये पर्व-त्योहार अपने साथ उल्लास एवं उमंगों का खजाना लेकर भी आते हैं।
हिन्दुओं के सबसे पवित्र धार्मिक आयोजनों में से एक मकर सक्रांति भी है। सूर्य ग्रह के मकर राशि में प्रवेश करने के कारण मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 14 जनवरी को पड़ रहा है। मकर संक्रान्ति के दिन गंगा स्नान और दान पुण्य का विशेष महत्व है। साल 1982 में उत्थान मंच में उत्तरायणी मेले का पहली बार आयोजन किया गया था। चार दशक बाद भी पूरे रीति-रिवाजों के साथ इस त्योहार को मनाया जाता है। भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में मकर संक्रांति के पर्व को अलग-अलग तरह से मनाया जाता है। आंध्रप्रदेश, केरल और कर्नाटक में इसे “संक्रांति” कहा जाता है और तमिलनाडु में इसे “पोंगल पर्व” के रूप में मनाया जाता है। पंजाब और हरियाणा में इस समय नई फसल का स्वागत किया जाता है और लोहड़ी पर्व के रूप में मनाया जाता है। वहीं असम में “बिहू पर्व” के रूप में इस पर्व को उल्लास के साथ मनाया जाता है।
इस अवसर पर कुमाऊ क्षेत्र के बागेश्वर जिले में प्रसिद्ध उत्तरायणी कौथिक (मेला) का आयोजन किया जाता है। यह उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में आयोजित सबसे बड़े मेलों में से एक है और हर साल 14 जनवरी को आयोजित होने वाले मकर संक्रांति उत्सव के दौरान मनाया जाता है। उत्तरायणी महोत्सव उत्तराखंड के कुमाऊं और गढ़वाल दोनों क्षेत्रों में मनाया जाता है। मेले में आने वाले देश-विदेश के पर्यटक व स्थानीय लोग यहां पर होने वाली विभिन्न गतिविधियों के साथ मनोरंजन का भी आनंद लेते हैं। साथ ही, स्वादिष्ट भोजन का आनंद उठा सकते हैं और राज्य के हस्तनिर्मित शिल्प खरीद सकते हैं। भारत में सबसे लोकप्रिय मेलों में से एक के रूप में जाना जाता है, उत्तरायणी मेला बागेश्वर में शुरू हुआ, लेकिन अब उत्तराखंड के अंदर और बाहर विभिन्न शहरों में फैल गया है। यह त्योहार स्थानीय लोगों के लिए अपनी संस्कृति, विरासत, नृत्य और संगीत को प्रदर्शित करने का एक अवसर है।

यह है घुघुति की कथा
एक राजा था, जिसकी कोई संतान नहीं थी तो मंत्री हर वक्त इस षड्यंत्र में रहता था कि राजा के बाद राज्य उसे मिल जाए। लेकिन एक संत के आशीर्वाद से राजा को एक पुत्र की प्राप्ति हुई। प्रसन्न होकर रानी मां बेटे को एक माला पहना दी। युवराज थोड़ा बड़ा हुआ और खेलने-कूदने लगा। उसे ये माला बहुत प्रिय थी। रानी अपने बेटे को प्यार से घुघुतिया कहकर बुलाती थी। जब राजकुमार शैतानी करता तो वह कहती कि तंग मत कर नहीं तो तेरी माला कौंवे को दे दूंगी।
फिर वह कहने लगती, काले कौंवा काले घुघुति माला खा ले। यह सुनकर बहुत से कौंवे आ जाते थे। रानी मां उनके लिए भी रोटी और दाने डाल देती। धीरे-धीरे वे कौंवे राजकुमार के मित्र बन गए। उधर मंत्री का षड्यंत्र जारी था। एक दिन उसने राजकुमार का अपहरण कर लिया। जब मंत्री के साथी राजकुमार को लेकर जंगल जा रहे थे तो उसके रोने की आवाज सुनकर बहुत से कौवे आ गए। उन्होंने उसकी घुघती माला पहचान ली और गले से झपट कर उड़ गए। तभी से उत्तराखंड में घुघुती माला बनाए जाने की पंरपरा चल पड़ी। बच्चे घुघुती की बनी माला गले में डाल लेते हैं और कौवों को बुलाते हैं। काले कौवा काले घुघुति माला खा ले। उत्तराखंड की वादियों में ये आवाज आज भी गूंज रही है।

उत्तरायणी का त्यौहार जीवन में सकारात्मक सोच के साथ सदैव कर्म के पथ पर आगे बढ़ने की भी प्रेरणा देता है। यह पावन पर्व मांगलिक कार्यों के शुभारम्भ से भी जुड़ा है। भगवान सूर्य की आराधना का यह पर्व हम सबके जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करता है। कोरोना काल में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोरोना गाइडलाइन का पालन कर पर्व मनाएं। शासन व प्रशासन की ओर से सुरक्षा के तमाम इंतजाम किए जा रहे हैं।
-दिलीप जावलकर, सचिव पर्यटन

श्रीमद्भागवत कथा कभी सम्पूर्ण नही होती, विश्राम के बाद दूसरे स्थान में शुरु हो जाती है-व्यास

गुमानीवाला कैनाल रोड़ गली नम्बर 6 में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ विधिविधान एवं शांति पूर्वक सम्पन्न हो गयी। इस अवसर पर कथा व्यास वैष्णवाचार्य पण्डित शिव स्वरूप आचार्य ने कहा कि प्रभु नाम संकीर्तन कथाएं कभी सम्पूर्ण नहीं होती बस स्थान परिवर्तन होता है। इसलिए कथा विश्राम लेती हैं। कथा विश्राम के अवसर पर ग्रामीणों ने कथा व्यास सहित कथा में सम्मिलि आचार्यों का अंग वस्त्र भेंटकर सम्मान किया।
कथा विश्राम के बाद भव्य भण्डारे का आयोजन किया गया। कथा के समापन पर ग्रामीणों ने राष्ट्रीय कथा वक्ता कथा व्यास वैष्णवाचार्य पण्डित शिव स्वरूप नौटियाल को सम्मानित कर राज्य के वाद्य यंत्र ढोल दमाऊ के साथ विदाई दी।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य संजीव चौहान, आचार्य दिल मणि पैन्यूली, दर्शन लाल सेमवाल, दिनेश खण्डूरी, शिव प्रसाद सेमवाल, आचार्य महेश पन्त, उदय पैन्यूली, जगदीश नौटियाल, प्रमोद चौहान, धनी राम नौटियाल, नंद लाल यादव, रोशन लाल बेलवाल, विजय राम जोशी, पुष्कर सिंह रावत, मंगला देवी नौटियाल, अनुराधा, रेखा सिलस्वाल, शोभा नेगी, मंगसिरी रावत, सविता रतूड़ी, शिवि रतूड़ी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

कोतवाली पुलिस ने आचार संहिता उल्लंघन का केस दर्ज किया

कोतवाली पुलिस ने आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में दो सियासी दलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक बुधवार को आगामी विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत आदर्श आचार संहिता और कोविड नियमों के अनुपालन में कार्रवाई की गई। इसके तहत श्यामपुर फाटक से नीचे श्यामपुर खदरी रोड पर वार्ड नंबर एक खदरी खड़क माफ सड़क मार्ग पर सार्वजनिक संपत्ति विद्युत पोल और हरिद्वार बाईपास मार्ग पर मंसा देवी फाटक के पास जंगलात चौकी को जाने वाले मार्ग पर स्थित विद्युत पोल पर दो अलग-अलग राजनीतिक दलों का चुनाव संबंधी बोर्ड लगा पाया गया। लिहाजा कोतवाली पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति पर राजनीतिक पार्टियों का प्रचार प्रसार के मामले में उत्तराखंड लोक संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 2003 के तहत अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है।

डीजीपी ने चुनाव को लेकर दिये अहम निर्देश

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव का काउंटडाउन शुरू हो गया है। ऐसे में चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्क तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस महकमे ने कमर कस ली है। लेकिन पुलिस प्रशासन के सामने कोविड के तेजी से फैलते संक्रमण के चलते चुनौतियां भी बढ़ गई है। ऐसे में फ्रंटलाइन में तैनात पुलिसकर्मियों को भी बूस्टर डोज लगाई जा रही है। इसी कड़ी में डीजीपी अशोक कुमार ने भी खुद कोविड बूस्टर डोज लगाकर अभियान को शुरू किया।
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर केंद्रीय पैरामिलिट्री फोर्स की 25 कंपनियों की टुकड़ियां उत्तराखंड पहुंच चुकी है। जबकि, संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च भी निकाला जा रहा है। सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म पर किसी तरह की अराजकता, सांप्रदायिक और वोट बैंक के लिए गुमराह करने वाले पोस्ट पर भी नजर रखी जा रही है।
पुलिस विभाग ने अलग से जिलेवार इंटेलिजेंस सेल के साथ ही सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को अपग्रेड कर मुस्तैदी से निगरानी के लिए रखा है। डीजीपी अशोक कुमार के मुताबिक, सोशल मीडिया के जरिए माहौल खराब करने आदि की शिकायत सामने आने पर उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ताकि शांति और निष्पक्ष तरीके से चुनाव संपन्न कराई जा सके.उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार के मुताबिक, चुनाव के दरमियान अराजकता, सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वाले और क्रिमिनल बैकग्राउंड से जुड़े लोगों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। चुनाव से पहले हथियार बंदूक, पिस्टल जैसे लाइसेंसी असलहा धारकों समेत आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों पर गुंडा एक्ट, गैंगस्टर वारंट, तामील कराने और उन्हें शांति व्यवस्था के लिए थाने स्तर पाबंद करने जैसे कानूनी कार्रवाई भी तेजी से सुनिश्चित की जा रही है।
डीजीपी अशोक कुमार का कहना है कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राज्य के सभी जिलों में प्रभारियों को कड़े दिशा निर्देश देकर कानून व्यवस्था की सुदृढ तैयारी की जा रही है। जिलेवार सुरक्षा नोडल अधिकारी नियुक्त करने के साथ ही पर्याप्त संख्या में पुलिस सुरक्षा बलों की अलग-अलग स्थानों में तैनाती सुनिश्चित की जा रही है। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील चुनाव इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और फ्लैग मार्च निकाल कर जनता को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव का संदेश दिया जा रहा है। फ्रंटलाइन पुलिसकर्मियों को कोविड बूस्टर डोजः डीजीपी अशोक कुमार के मुताबिक, कोविड-19 की लहर जिस तरह से तेजी से फैल रही है, ऐसे में चुनाव ड्यूटी को कराना एक अलग से चुनौती बनी हुई है, लेकिन इसके बावजूद महामारी में फ्रंटलाइन वॉरियर्स के रूप में काम कर रहे पुलिसकर्मियों को वैक्सीन की बूस्टर डोज दी जा रही है।

टूट रहे रिकॉर्ड, आज मिले कोरोना के 2127 केस

उत्तराखंड में कोरोना के सारे रिकॉर्ड टूटने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मंगलवार को जारी हेल्थ रिपोर्ट में प्रदेशभर में 2127 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। प्रदेश में एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 6603 हो गई है। आईआईटी रुड़की में कोरोना के 13 केस भी आए हैं। मंगलवार को दून मेडिकल कॉलेज में भर्ती एक संक्रमित मरीज की मौत हो गई, जिससे राज्य में कोरोना संक्रमण के बाद मरने वाले मरीजों की कुल संख्या 7430 हो गई है। राज्य के विभिन्न अस्पतालों व होम आईसोलेशन में रह रहे 416 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है जिसके बाद अब एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 6603 हो गई है।
हेल्थ बुलेटिन के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 991 कोरोना केस राजधानी देहरादून में मिले हैं। नैनीताल 451, हरिद्वार 259, उधमसिंह नगर 189, पौड़ी 48, उतरकाशी 13, टिहरी 35, बागेश्वर 04, अलमोड़ा 43, पिथौरागढ़ 30, रुद्रप्रयाग 13, चंपावत 26 और चमोली जिले में कोरोना के 25 नए केस आए हैं। कोरोना के बढ़ते केसों के बीच हेल्थ विभाग पहले से ज्यादा अलर्ट मोड पर आ गया है। संदिग्धों की पहचान करन उन्हें आइसोलेट किया जा रहा है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

संक्रमण दर 10 फीसदी के करीब
मंगलवार को कारोना के अत्यधिक मरीज मिलने से राज्य में एक बार फिर कोरोना संक्रमण की दर दस फीसदी के करीब चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। राज्यभर की लैब से 21 हजार से अधिक सैंपलों की जांच रिपोर्ट आई जिसमें 2127 नए मरीज मिले हैं। जबकि 25 हजार 371 मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। राज्य में कोरोना की तीसरी लहर के दौरान पहली बार मंगलवार को 25 हजार से अधिक सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। अभी तक सरकार ने एक दिन में 25 हजार जांच का लक्ष्य तय किया था लेकिन अब इसे बढ़ाए जाने की जरूरत महसूस हो रही है।

संक्रमण दर में देहरादून टॉप पर
पहली और दूसरी लहर की तरह ही कोरोना की तीसरी लहर में भी देहरादून जिला कोरोना संक्रमण में सबसे आगे चल रहा है। एसडीसी फाउंडेशन की आरे से मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक सप्ताह में देहरादून संक्रमण के मामले में राज्य में पहले स्थान पर है। देहरादून में इस दौरान 11 प्रतिशत से अधिक की संक्रमण दर रही है। नैनीताल में 10 प्रतिशत, पौड़ी में पांच प्रतिशत के करीब, हरिद्वार में 3.27 प्रतिशत संक्रमण दर है। इसके अलावा राज्य के अन्य जिलों में अभी संक्रमण दर कम है। हालांकि इन जिलों में सैंपलों की जांच भी बेहद कम हो पा रही है।

80 पर्यटकों सहित रिकॉर्ड 117 लोग संक्रमित मिले
तीर्थनगरी ऋषिकेश में मंगलवार को कोरोना के रिकॉर्ड नए मामले सामने आए। लक्ष्मणझूला और ऋषिकेश क्षेत्र में 80 पर्यटकों समेत 117 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। संक्रमितों में ऋषिकेश रोडवेज डिपो का एक कर्मचारी भी शामिल है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी के होमआइसोलेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
लक्ष्मणझूला क्षेत्र के कोविड नोडल अधिकारी डा. राजीव कुमार ने बताया कि क्षेत्र में 80 पर्यटकों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव मिली है। संक्रमित पर्यटक दिल्ली, गाजियाबाद, मोदीनगर, रुड़की, राजस्थान आदि इलाके के रहने वाले है। इनकी एक दिन पहले जांच की गई थी। ये सभी लोग वापस लौट चुके है। इसके साथ ही यमकेश्वर और लक्ष्मणझूला क्षेत्र के 13 स्थानीय लोगों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव मिली है। स्थानीय लोग को मिलाकर कुल 93 कोरोना के नए केस क्षेत्र में मिले हैं।
वहीं, सरकारी अस्पताल ऋषिकेश में बीते सोमवार को 126 लोगों ने आरटीपीसीआर टेस्ट कराया था। सभी के सैंपल जांच के लिए एम्स ऋषिकेश भेजे गए थे, इनकी रिपोर्ट मंगलवार को मिली। स्वास्थ्य पर्यवेक्षक एसएस यादव ने बताया कि 24 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। संक्रमित बापूग्राम, 20 बीघा, आवास विकास कॉलोनी, श्यामपुर, गंगा नगर, शिवलोक कॉलोनी, इंदिरानगर, सुमन विहार, मनीराम रोड, तपोवन, हीरालाल मार्ग, ढालवाला आदि क्षेत्रों के निवासी हैं। बताया कि सभी ने बुखार, जुकाम और खांसी की शिकायत होने पर जांच करायी थी।

आखिरी समय में सरकार ने मृत्यंजय मिश्र की बहाली कर विवाद को दिया जन्म

उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के आरोपी अफसर मृत्युंजय मिश्रा को बहाल करके प्राइम पोस्टिंग देने के मामले में उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार सवालों के घेरे में आ गयी है। विजिलेंस ने शासन को लिखे पत्र में कहा है कि आयुर्वेद विवि के कुलसचिव के पद पर मृत्युंजय मिश्रा की पोस्टिंग उचित नहीं है। क्योंकि मिश्रा के खिलाफ जांच के बाद केस अदालत में ट्रायल पर है।
बता दें कि इस मुक़दमे में गवाह भी आयुर्वेद विवि के अधिकारी हैं। ऐसे में यदि मिश्रा यहां कुलसचिव रहेंगे तो गवाहों पर दबाव बनाने की आशंका रहेगी। विजिलेंस की चिट्ठी के बाद इस मामले में शासन के अधिकारियों के साथ ही विभागीय मंत्री हरक सिंह रावत की भूमिका संदिग्ध होने के साथ पूरी सरकार कटघरे में आ गयी है। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए बस इतना ही कहा कि वह इस मामले को दिखवा रहे हैं।
आपको बता दें कि सरकार ने डा मृत्युंजय कुमार मिश्रा का निलंबन समाप्त कर उन्हें उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलसचिव पद पर बहाल कर दिया है। साथ ही डा. मिश्रा को निलंबन अवधि का वेतन भुगतान नियमानुसार करने के आदेश भी दिए गए हैं। आयुष शिक्षा सचिव चंद्रेश कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी किया।
आदेश में बताया गया कि डा मिश्रा के खिलाफ 25 जुलाई, 2018 से जारी सतर्कता जांच के क्रम में विभागीय स्तर पर जांच अधिकारी की नियुक्ति और विभागीय अनुशासनिक जांच कराने को शासन ने औचित्यपूर्ण नहीं पाया है। डा. मिश्रा का निलंबन इस प्रतिबंध के साथ समाप्त किया गया है कि सतर्कता विभाग की जांच रिपोर्ट प्रशासनिक विभाग को प्राप्त होने पर गुण दोष के आधार पर यथोचित कार्यवाही की जाएगी। मृत्युंजय मिश्रा को 27 अक्टूबर, 2018 को कुलसचिव पद से निलंबित कर आयुष शिक्षा सचिव कार्यालय से संबद्ध किया गया था। तीन दिसंबर, 2018 को मिश्रा को गिरफ्तार कर जिला कारागार में भेजा गया था।
उधर, आयुष शिक्षा सचिव ने अलग आदेश जारी कर आयुर्वेद विश्वविद्यालय में ही कुलसचिव पद पर अस्थायी रूप से तैनात किए गए डा राजेश कुमार अदाना को उप कुलसचिव का प्रभार दिया गया है। नियमित उप कुलसचिव की तैनाती तक यह प्रभार सौंपा गया है। डा राजेश कुमार को इस प्रभार के लिए अलग से वेतन-भत्ते देय नहीं होंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

हरीश रावत की प्रेस वार्ता, कहा-14 फरवरी को भाजपा की विदाई निश्चित

पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश रावत ने सरकार पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्‍होंने कहा बैकडेट पर तबादले और राजनीतिक नियुक्तियां की गईं। चुनाव आयोग से शिकायत की गई। उन्‍होंने आबकारी व तबादलों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्‍होंने प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से वार्ता में ये बात कही।
प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कहा कि 14 फरवरी को राज्य से भाजपा की विदाई निश्चित है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पांच साल में राज्य का विकास ठप हो गया है। रविवार को राजपुर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की उपस्थिति में हरिद्वार के पूर्व जिला पंचायत सदस्य विजेंद्र चौधरी व लक्सर से गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन चौधरी राजेंद्र सिंह ने अपने 59 समर्थकों के साथ कांग्रेस का दामन थामा। सभी को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पार्टी की सदस्यता दिलाई।
पार्टी की सदस्यता दिलवाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में शामिल होने वालों की संख्या से साफ जाहिर होता है कि भाजपा के कुशासन से समाज का हर तबका त्रस्त हो चुका है। पिछली कांग्रेस सरकार के समय जिन जनहित की योजनाओं को शुरू किया गया था, भाजपा ने सत्ता में आते ही उन्हें बंद कर दिया। कांग्रेस को सत्ता सौंपकर राज्य में विकास के पहियों को चलाना चाहती है। इस अवसर पर चौधरी उदयवीर, चौधरी पुलकित, सचिन कुमार, विनोद चौधरी उपस्थित रहे।