सड़कों से गौ वंश को हटाने के लिए युद्ध स्तर पर हो गौशालाओं का निर्माण-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में प्रदेश में गौशालाओं के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में अधिक से अधिक गौशालाओं का निर्माण शीघ्र से शीघ्र किया जाए ताकि प्रदेश की सड़कों से गायों को हटाकर गौशालाओं में शिफ्ट किया जा सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में शहरी विकास एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जिला परिषद के अंतर्गत यह कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना से प्रदेश को पूर्ण रूप से सैचुरेट करने के लिए बजट की व्यवस्था मिसिंग लिंक से की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि गौशालाओं को बड़ा बनाया जाए ताकि आने वाले 10-15 सालों तक उन्हें फिर से बढ़ाने की आवश्यकता न पड़े। इसके लिए पूर्व में भेजे गए छोटी गौशालाओं के प्रस्तावों को वापस लौटाकर अगले एक हफ्ते में बड़ी गौशालाओं के प्रस्ताव मांगे जाएं। उन्होंने अधिकारियों से अगले 10 दिन में सड़कों को लावारिस गायों से मुक्त किए जाने के लिए टाईमलाईन सहित कार्ययोजना प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि गौशालाओं के मैनेजमेंट और मॉनिटरिंग के लिए मैकेनिज्म भी तैयार किया जाए।
इस अवसर पर सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, एच.सी. सेमवाल एवं अपर सचिव अरूणेन्द्र चौहान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

धामी के निर्देश, हाइड्रो और सोलर ऊर्जा में उत्पादन को तेजी से बढ़ाया जाए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में ऊर्जा विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य में ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से कार्य किये जाएं। राज्य में निवेश में तेजी से वृद्धि होगी, इसको ध्यान में रखते हुए गतिमान परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि कार्यों को तेजी से धरातल पर उतारने के लिए और प्रयासों की जरूरत है। यह प्रयास किये जाएं कि परियोजनाओं को पूर्ण करने की जो समयावधि है, उस समयावधि के अन्दर पूर्ण हो जाएं। यदि कहीं पर किसी भी प्रकार की समस्याएं आ रही हैं, तो समस्याएं बताई जाएं, उनका उचित समाधान किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा से संबंधित जिन प्रस्तावों पर केन्द्र सरकार के स्तर से आवश्यक कार्यवाही होनी है, उनका विस्तृत प्रस्ताव बनाया जाय।
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि हाइड्रो और सोलर ऊर्जा में उत्पादन को तेजी से बढ़ाया जाए। यू.जे.वी.एन.एल की अतिरिक्त भूमि पर पर्यटन आधारित गतिविधियों और सोलर के लिए प्राथमिकता के आधार पर उपयोग किया जाए। इन्वेस्टर्स समिट में निवेश के लिए जिन परियोजनाओं के लिए करार किये गये हैं, उनकी ग्राउंडिग जल्द की जाए। लखवाड़ और किशाऊ बहुउदद्शीय परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य करने के मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये डिजिटल भुगतान को तेजी से बढ़ावा दिया जाय। राजस्व वृद्धि के लिए लगातार प्रयास किये जाएं। मुख्यमंत्री ने पिटकुल से विद्युत पारेषण तंत्र की मजबूती की दिशा में ध्यान देने को कहा। अल्प, मध्य एवं दीर्घकालिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी ध्यान देने के निर्देश दिये।
बैठक में जानकारी दी गई कि वर्तमान में हाइड्रो और सोलर ऊर्जा उत्पादन 7513 मिलियन यूनिट है, जिसे 2031 तक 18740 मिलियन यूनिट तक करने का लक्ष्य रखा गया है। 17 मे.वा. कीकुल 03 सौर ऊर्जा परियोजनाएं 2024 से शुरू होंगी। 29.25 मे.वा. की कुल 06 परियोजनाएं अक्टूबर 2025 तक शुरू होंगी। 2026 तक 5.5 मे.वा की नादेही, 18 मे.वा. की कर्मी कपकोट और 11.5 मे.वा. की बागेश्वर के पास शामा गांव सौर ऊर्जा परियोजना को 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में जानकारी दी गई कि अभी तक 21520 करोड़ की परियोजनाओं की ग्राउडिंग हो चुकी है। जिसमें 6780 करोड़ रूपये की जल विद्युत परियोजनाएं, 14670 रूपये करोड़ की पंप स्टोरेज परियोजनाएं और 70 करोड़ रूपये की सौर आधारित परियोजनाएं शामिल हैं। जबकि इन्वेस्टर्स समिट में निवेश के लिए हुए करारों पर 54977 करोड़ रूपये की जल विद्युत, पंप स्टोरेज, सौर आधारित एवं अन्य परियोजनाओं की ग्राउडिंग की कार्यवाही गतिमान है।
इस अवसर पर तिलोथ विद्युत गृह (मनेरी भाली प्रथम चरण) के आर.एम.यू के बारे में भी प्रस्तुतीकरण दिया गया। यू.जे.वी.एन.एल द्वारा नवाचार के रूप में हाइड्रो काइनेटिक टरबाइन के लिए आई.आई.टी रूड़की के साथ अनुसंधान और विकास कार्य किया जा रहा है। ग्रीन हाइड्रोजन के लिए प्रथम चरण में पथरी मोहम्मदपुर में एक मेगावाट क्षमता का प्लांट स्थापित किया जा रहा है। ‘‘जीरो इन्वेस्टमेंट/एक्सपेंस मॉडल’’ के आधार पर 01 जनवरी 2026 के बाद ऊर्जीकृत परियोजनाओं को ग्लोबल कार्बन काउंसिल के ग्रीनहाउस मिटिगेशन प्रोग्राम में पंजीकृत कर ‘कार्बन क्रेडिट’ जारी करा कर विक्रय करने की प्रक्रिया गतिमान है।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण समिति विश्वास डाबर, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, एमडी यू.जे.वी.एन.एल संदीप सिंघल, एमडी यूपीसीएल अनिल कुमार, एमडी पिटकुल पी.सी.ध्यानी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवसीय विद्यालय के लोकार्पण समारोह में फिर दिखा सीएम धामी का बच्चों के प्रति विशेष लगाव

मुख्यमंत्री साल के विशेष मौकों पर अक्सर बच्चों के बीच रहना पसंद करते हैं। बात चाहे नए साल की शुरुआत की हो या अपने जन्मदिन की। सीएम ऐसे खास पलों को सरकारी आवासीय विद्यालयों में रह रहे अपवंचित वर्ग के बच्चों के बीच रहकर अपना समय बिताना पसंद करते हैं।
साल 2024 के पहले दिन यानी आज भी मुख्यमंत्री सुबह सवेरे बच्चों के बीच नजर आए। मौका था नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवसीय विद्यालय के लोकार्पण समारोह कार्यक्रम का। इस दौरान जहां सीएम धामी ने अपने शब्दों से बच्चों को जीवन में लक्ष्य तयकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी तो इस दौरान सीएम धामी बच्चों संग हंसी ठिठोली भी मंच से करते दिखे।
इस दौरान उन्होंने बच्चों को अपने हाथों से ट्रैक सूट पहनाने के साथ ही उनके जूते के फीते भी बांधे और यह पहली बार नहीं हुआ कि धामी बच्चों को इस तरह लाड करते नजर आए। सीएम धामी जब अपने जन्मदिन पर बनियावाला स्थित विद्यालय में गए थे तो उस दिन दिल्ली से लौट रहे थे। कार्यक्रम में पहुँचने पर देर भी हो गई लेकिन धामी सीधे विद्यालय पहुँचे और बच्चों संग केक काटकर अपना खास दिन सेलिब्रेट किया।

मैक्स और दून अस्पताल में भर्ती मरीजों में हुई कोविड-19 की पुष्टि, मरीज स्वस्थ

उत्तराखंड में लंबे समय बाद कोरोना के 2 मामले सामने आये हैं। देहरादून के मैक्स अस्पताल में भर्ती रहे 77 वर्षीय पुरुष की रिपोर्ट शनिवार को पॉजिटिव आई थी। वहीं, रविवार को 72 वर्ष की महिला मरीज की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कोविड के नए वेरिएंट जेएन-1 की पहचान के लिए दोनों संक्रमित मरीजों के सैंपल को जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा गया है।
देहरादून के मैक्स अस्पताल में भर्ती रहे 77 वर्षीय व्यक्ति में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई है। मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। मरीज पूर्व से ही कई अन्य बीमारियों से ग्रसित हैं। जिनका उपचार अस्पताल से चल है। मरीज के परिजनों के मुताबिक उनकी हालत स्थिर है। स्वास्थ्य में पहले के मुकाबले सुधार है। और वह घर पर ही होम आईशूलेशन में हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीज के परिजनों के सम्पर्क में है और उनके स्वास्थ्य पर नज़रे बनाये हुए हैं।
वहीं दून अस्पताल में भर्ती 72 वर्षीय महिला में भी कोविड की पुष्टि हुई है। महिला को दून अस्पताल के कोविड वार्ड में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों की टीम महिला के स्वास्थ्य पर नज़रें बनाई हुई है।
सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा डॉ आर राजेश कुमार ने बताया की स्वास्थ्य विभाग की टीम दोनों रोगियों एवं उनके परिवारजनों से निरंतर संपर्क में है तथा चिंता का कोई विषय नहीं हैस
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के निर्देश पर कोविड प्रबंधन को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूर्ण रूप से तैयार है सभी जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों तथा चिकित्सा अधीक्षकों को चिकित्सालय स्तर पर कोविड के उपचार को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण रखने के निरंतर निर्देश दिए गए हैं तथा मॉक ड्रिल के माध्यम से तैयारी की निगरानी भी की जा रही है। माननीय मुख्यमंत्री जी कोविड प्रबंधन को लगातार फीडबैक ले रहे हैं।
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम रोगी के निवास स्थान पर नियंत्रण एवं रोकथाम कार्यवाही के लिए भेजी गई हैं। सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को कोविड प्रबंधन के लिए की जाने वाली किसी भी कार्यवाही में कोताही न बरतने के निर्देश दिए गए हैंस
स्वास्थ्य सचिव द्वारा सर्दी के मौसम में आम जनमानस से कोविड एवं इन्फ्लूएंजा जैसे रोगों को लेकर सावधानी एवं सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

सीएम से मिले वरिष्ठ नौकरशाह, नववर्ष की शुभकामनाएं दी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से नववर्ष के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस संधु के नेतृत्व में भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों तथा प्रभारी पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार के साथ भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों ने भेंट की। सभी ने मुख्यमंत्री को नववर्ष की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सभी अधिकारियों को नववर्ष की बधाई देते हुए कामना की कि नववर्ष में सभी के प्रयासों के साथ प्रदेश विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास में हम सब सहयोगी है। आम जनता के हित में संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से हो इसके लिये हमें जनता से समन्वय तथा योजनाओं को समयबद्धता के साथ धरातल पर उतारने के प्रयासों पर भी ध्यान देना होगा। जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारा दायित्व ही नही कर्तव्य भी है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनंद बर्द्धन, डी.जी.पी. अभिनव कुमार सहित वरिष्ठ आई.ए.एस. एवं आई.पी.एस. अधिकारी उपस्थित रहे।

निर्धारित समय से पहले उच्च गुणवत्ता के साथ तैयार हुआ आवासीय छात्रावास भवन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को नव वर्ष के अवसर पर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावास कौलागढ़ के भवन का लोकार्पण किया। इस भवन का शिलान्यास पिछले वर्ष मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ही किया था। 4 करोड़ 9 लाख 40 हजार रूपये की लागत से बना यह भवन एक साल से कम समय में बनकर तैयार हुआ। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर इस छात्रावास के बच्चों को गणवेश पहनाये और कंबल भी प्रदान किये। मुख्यमंत्री ने आवासीय छात्रावास का अवलोकन भी किया और बच्चों को छात्रावास में दी जा रही सुविधाओं का जायजा भी लिया।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पहले ही निर्देश दिये गये थे कि छात्रावासों में बच्चों को बेहतर गुणवत्ता के संसाधन उपलब्ध कराये जाएं। छात्रावास की बेहतर व्यवस्थाओं पर उन्होंने संतोष प्रकट किया। इस छात्रावास में 100 बच्चों के लिए आवासीय व्यवस्थाएं की गई है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि कमजोर, अपवंचित एवं साधन विहीन वर्ग की बेटियों की शिक्षा के लिए बनाये गये कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में खोले गये छात्रावासों एवं नेताजी सुभाषचन्द्र बोस छात्रावास के निकटवर्ती 11 विद्यालयों का इंटर स्तर पर उच्चीकरण भी किया जायेगा। इस अवसर पर उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नये वर्ष की शुरूआत में बच्चों के बीच आकर उन्हें सुखद अनुभव हुआ है। पिछले वर्ष 2 जनवरी 2023 को इसी विद्यालय के परिसर से मुख्यमंत्री द्वारा राजकीय बालिका इण्टर कालेज कौलागढ़ के मुख्य भवन एवं नेताजी सुभाष चन्द्र बोस छात्रावास झड़ीपानी का लोकार्पण और नेताजी सुभाष चन्द्र बोस छात्रावास कौलागढ़ का भी शिलान्यास किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस छात्रावास भवन का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर है। उनके जीवन से हमें ऊर्जा, परिश्रम और संकल्प से ही महान कार्य करने की सीख मिलती है। राज्य में कमजोर, पिछड़े, अनाथ एवं संसाधन विहीन बच्चों की शिक्षा व्यवस्था के लिए इस प्रकार के 13 छात्रावास संचालित हैं, जिनमें 1000 बच्चों के लिए निःशुल्क व्यवस्थाएँ की गयी है। बालिकाओं के लिए 40 कस्तूरबा गाँधी आवासीय बालिका छात्रावास अलग से संचालित किये जा रहे हैं, जिसमें सभी सुविधाएं निःशुल्क दी जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका छात्रावासों में रह रही बालिकाओं द्वारा बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने इसके लिये बालिकाओं के शिक्षकों, छात्रावास की वार्डन एवं इस कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की है। साधन विहीन एवं कमजोर पृष्ठभूमि की इन बालिकाओं के द्वारा श्रेष्ठ प्रदर्शन करना इस बात का द्योतक है कि हमारी बालिकाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है, आवश्यकता है तो केवल इन्हें समुचित अवसर तथा सही मार्गदर्शन देने की। उन्होंने कहा कि शिक्षा हमें उच्च विचार, उच्च आचार, उच्च संस्कार और उच्च व्यवहार के साथ ही समाज की समस्याओं का उचित समाधान भी उपलब्ध कराती है। बेटियों को बेहतर शिक्षा प्रदान कराना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में है। प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का जो नारा दिया है उस नारे को हमें सार्थक करना है। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृतकाल में हमारे इन बच्चों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। शिक्षा से ही कोई समाज समृद्धशाली और शक्तिशाली बन सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का मुख्य सेवक होने के नाते उनकी कोशिश है कि राज्य के हर बच्चे को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध करा सकें। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि उन्हें जो मन से अच्छा लगे वो कैरियर चुनें, क्योंकि बिना रुचि के आप कोई सफल काम नहीं कर सकते। अपनी रुचि के अनुसार हम आगे बढ़ते हैं तो जीवन में सफलता अवश्य मिलेगी। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति से जहां एक ओर स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा को नए आयाम प्राप्त होंगे, वहीं इससे सभी वर्ग के लोगों को समानता के आधार पर शिक्षा प्राप्त करने के अवसर भी प्राप्त होंगे। उत्तराखंड देश का प्रथम राज्य है जिसने स्कूली शिक्षा में नई शिक्षा नीति को लागू किया है।

धामी सरकार का बड़ा धमाका, अग्रिम आदेशों तक बाहरी व्यक्ति नही खरीद सकेंगे भूमि

मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश हित और जनहित में निर्णय लिया गया है कि भू-कानून समिति की आख्या प्रस्तुत किये जाने तक या अग्रिम आदेशों तक जिलाधिकारी उत्तराखंड राज्य से बाहरी व्यक्तियों को कृषि एवं उद्यान के उद्देश्य से भूमि क्रय करने की अनुमति के प्रस्ताव में अनुमति नहीं देंगे।
इसके पूर्व में भी मुख्यमंत्री उत्तराखंड में भूमि क्रय से पूर्व ख़रीदार के भूमि ख़रीदने के कारण पृष्ठभूमि के सत्यापन के उपरांत ही भूमि क्रय करने के निर्देश दिये थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में भू-कानून के संबंध में उच्च स्तरीय बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि भू-कानून के लिए बनाई गई कमेटी द्वारा बड़े पैमाने पर जन सुनवाई की जाय और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों और विशेषज्ञों की राय ली जाय। भू-कानून के लिए विकेंद्रीकृत व्यवस्था के लिए गढ़वाल और कुमाऊं कमिश्नर को भी शामिल किया जाए।
उत्तर प्रदेश जमींदारी एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950 की धारा 154 में वर्ष 2004 में किए गए संशोधन के अनुसार ऐसे व्यक्ति जो उत्तराखंड राज्य में 12 सितंबर 2003 से पूर्व अचल संपत्ति के धारक नहीं है उन्हें कृषि व औद्यानिकी के उद्देश्य से भूमि क्रय करने की जिला अधिकारी द्वारा अनुमति प्रदान किए जाने का प्रावधान है। वर्तमान में उत्तराखंड राज्य के लिए नए भू कानून तैयार किए जाने के संबंध में राज्य सरकार द्वारा प्रारूप समिति गठित की गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश हित और जनहित में यह निर्णय लिया गया है कि भू कानून समिति की आख्या प्रस्तुत किये जाने तक या अग्रिम आदेशों तक जिलाधिकारी उत्तराखंड राज्य से बाहरी व्यक्तियों को कृषि एवं उद्यान के उद्देश्य से भूमि क्रय करने की अनुमति के प्रस्ताव में अंतिम निर्णय नहीं लेंगें।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि समिति द्वारा विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों के सुझावों के आधार पर तेजी से ड्राफ्ट बनाया जाय। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी निर्णय प्रदेश के हित में लिए जा रहे है। राज्य की जनभावनाओं के अनुरूप और जो राज्यहित में जो सर्वाेपरि होगा, सरकार द्वारा उस दिशा में निरंतर कार्य किए जायेंगे।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, एडीजी ए. पी अंशुमन, सचिव एवं गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, अपर सचिव जे.सी. कांडपाल उपस्थित रहे।

प्रदेशवासियों को मुख्यमंत्री ने दी नववर्ष की शुभकामना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी प्रदेशवासियों को नववर्ष 2024 की शुभकामनाएं दी है। नववर्ष की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों के सुख, शांति व समृद्धि की कामना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है तथा उनके विजन के अनुरूप ही हर क्षेत्र में कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जो काम देशभर में हो रहे हैं वे नए भारत की शानदार तस्वीर को प्रस्तुत करते हैं। आज गांव-गांव में महिलाओं को घर, शौचालय, गैस, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और दूसरी आवश्यक जरूरतों पर भी सरकार पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ’आयुष्मान भारत योजना’ प्रदेशवासियों के लिए वरदान साबित हुई है। राज्य में सभी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड अटल आयुष्मान योजना से लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवाएं सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुई हैं। सरकार जच्चा-बच्चा की सुरक्षा के लिए कई योजनाएं चला रही है। गर्भवती महिलाओं के लिए ’’जननी सुरक्षा योजना’’ संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देते हुए मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए हमने मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना की शुरूआत की। इसके तहत अब बालक का जन्म होने पर भी मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट उपलब्ध कराई जायेगी। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से नारीशक्ति को सशक्त किया जा रहा है। शिक्षा एवं खेल नीति के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाया जा रहा है। प्रदेश में रोड, रेल, रोपवे निर्माण के क्षेत्र सहित बहुप्रतीक्षित जमरानी बांध परियोजना को वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बीते 9 वर्षों में व्यापार, उद्यम, क्रिएटिविटी को साथ लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में एक नया विश्वास पैदा हुआ है। अपनी माणा गांव की यात्रा के दौरान पीएम ने लोकल उत्पादों पर 5 प्रतिशत धनराशि खर्च करने का आग्रह किया था। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है। विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में हर किसी का योगदान जरूरी है। नीतियों के माध्यम से देश में ऐसा माहौल बना है जिसमें सामान्य से सामान्य परिवार का युवा भी उद्यमी बनने के बारे में सोच सकता है और उसपर अमल भी हो रहा है। हमारी सरकार युवाओं के लिए समर्पित सरकार है। हजारों सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया गतिमान है। यूपीएससी एवं डिफेंस फोर्सेज की एनडीए व अन्य परीक्षाओं में प्री परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को 1 लाख रुपए की वित्तीय सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में ’’ग्लोबल इन्वेस्टर समिट’’ आयोजित कर देश-विदेश के साथ ही प्रदेश के व्यापारियों को निवेश के प्रति आकर्षित करने का प्रयास किया गया है। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में साढ़े तीन लाख करोड़ रूपये से अधिक के एमओयू साइन हुए हैं। जिनमें से 44 हजार करोड़ से अधिक के एमओयू पर धरातल पर कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। उन्होंने कहा आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में हम दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड, डेस्टिनेशन उत्तराखंड के रूप में निवेश का हब बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में चाहे मूल निवास का मुद्दा हो, भू-कानून का मुद्दा हो या अन्य कोई भी जनहित से जुड़े मुद्दे हों राज्य के हित में जहां पर भी जो भी जरूरत पड़ेगी, हम उसमें एक प्रसेंट भी पीछे रहने वाले नहीं हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये केदारखंड के साथ मानसखंड का भी विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा केदारनाथ धाम, बद्रीनाथ धाम की तर्ज पर कुमाऊं के पौराणिक मंदिरों को भव्य बनाने के लिए मानसखंड मंदिर माला मिशन की कार्ययोजना पर राज्य सरकार कार्य कर रही है। मानस खण्ड के अन्तर्गत पौराणिक मन्दिरों के विकास से पर्यटकों को आधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी, वहीं पर्यटकों की संख्या में बढोत्तरी से प्रदेश की आर्थिकी मजबूत होगी और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। चारधाम सर्किट में आने वाले सभी मंदिरों और गुरुद्वारों में भौतिक ढांचे और परिवहन सुविधाओं के विस्तार की योजना पर भी कार्य किया गया है। इस वर्ष चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसके साथ ही इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में करोड़ों कावड़ यात्री हरिद्वार से गंगाजल लेकर से अपने-अपने क्षेत्रों की तरफ निकले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में विगत ढाई वर्षों में अनेक ऐसे महत्वपूर्ण और कठोर निर्णय हमने लिए हैं, जो विगत 23 वर्षों में संभव नहीं हो पाये थे। हमने एक ओर जहां उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया, वहीं धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून बनाया, प्रदेश में पहली बार लैंड जिहाद के खिलाफ कार्रवाई कर पांच हजार हेक्टेयर सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त किया गया है। भ्रष्टाचारियों के खिलाफ भी पहली बार कार्रवाई करने से हम पीछे नहीं हटे, हम देवभूमि में समान नागरिक आचार संहिता को भी लागू करने की तैयारी कर रहे हैं, शीघ्र ही इसे विधानसभा में प्रस्तुत किया जायेगा। उत्तराखण्ड देवभूमि है, हमारी देवभूमि का मूल स्वरूप बना रहे इस दिशा में प्रभावी कदम उठाये गये हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से राज्य के विकास में सहयोगी बनने की भी अपेक्षा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के ड्रीम प्रोजेक्ट को नए साल में लगेंगे पंख

उत्तराखंड के लिए नया साल 2024 नई उम्मीदें लेकर आएगा। खासकर सड़क परिवहन को लेकर स्वीकृत और प्रस्तावित पांच बड़ी योजनाएं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल हैं। इन योजनाओं को धरातल पर उतारने में धामी सरकार भी नए साल में संकल्पकृत हैं। खासकर पर्यटन के लिहाज से 4 बड़ी रिंग रोड और जाम से मुक्ति दिलाने वाले 6 रोड ओवर/अंडर ब्रिज योजनाओं के जमीन पर उतरने की उम्मीदें हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की कमान संभालते ही पर्यटन और तीर्थाटन को प्राथमिकता में रखा है। इनमें केदारखंड क्षेत्र के धामों और पर्यटन स्थलों को सड़क, पार्किंग, सुरक्षा कार्य, सौंदर्यीकरण आदि के रूप में संवारने का काम जारी है। जबकि मानसखंड में संवारने पर काम चल रहा है। बाबा केदारनाथ में 327 करोड़ के 47 बड़े काम में से 6 पूरे हो गए हैं। कुछ का पर कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। सभी कार्यों को सितंबर 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए बर्फबारी के बीच भी कई काम केदारनाथ में चल रहे हैं। इसी तरह भगवान बदरीनाथ धाम में 399 करोड़ से 32 कार्य किये जा रहे हैं। यहां अभी तक कुछ बड़े कार्य पूरे हो गए हैं। बाकी कार्य प्रगति पर हैं, जो अक्टूबर तक पूरे कर लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट मानसखंड को भी देवभूमि के तीर्थाटन और पर्यटन की मुख्य धारा से जोड़ने की शुरुआत हो गई है। यहां मानस खण्ड मंदिर माला योजना के तहत प्रथम चरण में प्रसिद्ध 16 मंदिरों को जोड़ने वाली लगभग 500 किमी से ज्यादा दूरी के 20 मार्गों पर करीब एक हजार करोड़ खर्च प्रस्तावित हैं। योजनाओं पर काम शुरू हो गया हैं। यह कार्य भी नए साल में धरातल पर उतर जाएंगे। इससे देवभूमि में सुगम और सुरक्षित तीर्थाटन के साथ ही पर्यटन को पंख लगेंगे।

टिहरी झील किनारे बनेगी 234 किमी लंबी सड़क
उत्तराखंड में टिहरी झील के विकास को लेकर मुख्यमंत्री धामी खासे गंभीर हैं। यहां जलक्रीड़ा और साहसिक गतिविधियों के अलावा वर्षभर पर्यटन से जोड़ने की योजना है। इसके लिए देहरादून से सुरंग मार्ग भी प्रस्तावित है। जबकि मसूरी, धनोल्टी, ऋषिकेश, नरेंद्रनगर, चम्बा सर्किट पर भी काम चल रहा है। इन्हीं योजनाओं में महत्वपूर्ण टिहरी झील के चारों तरफ 234 किमी रिंग रोड निर्माण प्रस्तावित है। इस योजना को धामी सरकार में स्वीकृति मिलने के बाद प्रथम चरण में 152 करोड़ के आगणन पर कार्य चल रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना पर धामी सरकार प्रथामिकता के साथ काम कर रही है। इस योजना के बनने से टिहरी बांध झील वर्षभर पर्यटन गतिविधियों का केंद्र रहेगी।

जाममुक्ति को तीन शहरों में बनेगी रिंग रोड
राज्य में पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राजधानी देहरादून, धर्मनगरी हरिद्वार और पर्यटन नगरी हल्द्वानी में रिंग रोड का निर्माण सरकार की प्रथामिकता में शामिल है। हल्द्वानी में रिंग रोड के प्रथम चरण के कार्यों की स्वीकृति मिल गई हैं। जल्द यहां कार्य शुरू होंगे। जबकि हरिद्वार और देहरादून रिंग रोड की एनएचएआई डीपीआर बनाने में कार्य कर रही है। इन तीन शहरों में लम्बे अरसे से रिंग रोड की जरूरत महसूस हो रही है। लेकिन बजट और तकनीकी अड़चनें आने से योजनाएं परवान नहीं चढ़ पाई। लेकिन 2024 में इन योजनाओ के धरातल पर उतरने की उम्मीदें हैं।

राज्य में 6 रोड ओवर और अंडर ब्रिज बनेंगे
शहर में जाम और वाहनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने दून, हरिद्वार और हल्द्वानी में 6 रोड ओवर और अंडर ब्रिज सेतु बंधन योजना से स्वीकृत कराए हैं। इन ब्रिज के लिए भारत सरकार से 194 करोड़ रुपये स्वीकृत हो गए हैं। लोनिवि के एचओडी दीपक यादव का कहना है कि नए साल में सभी ओवर और अंडर ब्रिज पर काम शुरू करने का लक्ष्य है। इनमें दून के धर्मपुर से हरिद्वार बायपास माता मंदिर रोड, हरिद्वार में ज्वालापुर से अम्बुवाला धनपुरा मार्ग, लक्सर में रुड़की से बालावाली मार्ग तथा नैनीताल में वनभूलपुरा से शनिबाजर मंडी गेट के बीच, गदरपुर से दिनेशपुर, मदकोटा से हल्द्वानी के बीच अंडर रोड ब्रिज बनेंगे। यह कार्य भी 2024 में धरातल पर दिखेंगे।

देवभूमि के केदारखण्ड और मानसखंड के विकास को लेकर सरकार काम कर रही है। तीर्थाटन और पर्यटन को बढ़ावा मिले, इसके लिए सड़क, पुल और जरूरी सुविधाएं जुटाई जा रही हैं। 2024 में राज्य के कई ड्रीम प्रोजेक्ट धरातल पर दिखेंगे। इसके लिए सरकार दिनरात काम कर रही है। सरकार लक्ष्य के साथ समय पर काम पूरा करने में जुटी हैं। रिंग रोड और ओवर ब्रिज बनने से सुगम परिवहन के साथ जाम से मुक्ति मिलेगी।
’’पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड’’

मन की बात कार्यक्रम आज जन की बात साबित हो रहा-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को प्रेमनगर, सुद्धोवाला में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 108वां संस्करण सुना। इस अवसर पर उन्होंने लेखक हरि सिंह बिष्ट द्वारा लिखी गई पुस्तक ’मन की बात-सकारात्मक संवाद से सशक्त भारत’ का विमोचन भी किया। इस पुस्तक में प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम के 75वें संस्करण से 99वें संस्करण तक विस्तार से वर्णन किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम सुनने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री ने हमेशा देश वासियों को जोड़ने और समाज में बेहतर कार्य करने के लिए लोगों को प्रेरित किया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्होंने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट कार्य करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने का कार्य भी किया है। विभिन्न क्षेत्रों में शोध और अनुसंधान के साथ विशिष्ट कार्य करने वालों को इस कार्यक्रम के माध्यम से अलग पहचान मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दुनिया के पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने देशवासियों को जोड़ने और समाज सेवा से जुड़े कार्यों के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए 100 से अधिक बार मन की बात साझा की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का देवभूमि उत्तराखण्ड से कर्म और मर्म का रिश्ता है। उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड का हर क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। राज्य में सड़क, रेल, हवाई और रोपवे कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हुआ है। केदारनाथ का पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ के मास्टर प्लान का कार्य तेजी से हुआ है। राज्य में अनेक परियोजनाओं पर कार्य चल रहे है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुण्डीर, भाजपा के प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, जिलाध्यक्ष भाजपा देहरादून ग्रामीण मीता सिंह, उपाध्यक्ष उच्च शिक्षा उन्नयन समिति डॉ. देवेन्द्र भसीन एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।