राज्य स्थापना दिवस पर सीएम ने राज्य के विकास का संकल्प दोहराया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामना दी है। मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों, राज्य आन्दोलनकारियों एवं देश के लिये सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उत्तराखण्ड की मजबूत नींव रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी बाजपेई को भी राज्य की जनता की ओर से नमन किया है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि प्रदेश की महान जनता के आशीर्वाद, सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देवभूमि उत्तराखण्ड तथा उत्तराखण्डवासियों से अपार आत्मिक स्नेह है। उन्होंने 21वीं शदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है, प्रधानमंत्री ने केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्यों तथा बद्रीनाथ धाम के विकास कार्याे की भांति ही अब मानसखंड के विकास पर भी स्वयं की इच्छा और रूचि व्यक्त की है। उनकी हाल ही की आदि कैलाश तथा जागेश्वर धाम की यात्रा से मानसखण्ड क्षेत्र में पर्यटन एवं कुमाऊँ क्षेत्र के पौराणिक एवं ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में पर्यटकों के आवागमन की नई उम्मीद जगी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र सरकार के सहयोग का ही परिणाम है कि 2012 से 2017 के बीच प्रतिवर्ष मिलने वाला वार्षिक अनुदान रूपये 5615 करोड़ रूपये 2017 से 2022 के डबल इंजन युग में बढ़कर दोगुनी रूपये 11168 करोड़ हो गयी है। यही नहीं इस अवधि में केन्द्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड में अनेक उच्च स्तरीय संस्थाएं स्थापित हुई हैं। प्रदेश में रेल, सड़क, हवाई यात्रा सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश के लिए पर्यटन, आयुष व वेलनेस, आईटी, सौर ऊर्जा सहित सर्विस सेक्टर पर विशेष फोकस किया जा रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों को एमएसएमई के केंद्र में रखा गया है। सीमांत तहसीलों के लिए मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना शुरू की है। राज्य में निवेश की संभावनाओं के दृष्टिगत अगले माह 9 व 10 दिसम्बर को देहरादून में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें 2.50 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य है। पिछले एक वर्ष से देश, विदेश और राज्य के प्रमुख उद्योग समूहों एवं स्टेकहोल्डरों के साथ लगातार बैठकें आयोजित की गई। लंदन, बर्मिंघम, अबू धाबी, दुबई, चेन्नई, मुंबई, दिल्ली, बैंगलोर, अहमदाबाद जैसे देश और दुनिया के प्रमुख शहरों में निवेश को आकर्षित करने हेतु भव्य एवं सफल रोड शो आयोजित किये गये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक के रोड शो से लगभग एक लाख, 24 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, इससे यह सिद्ध होता है कि देश ही नहीं बल्कि विदेशों के उद्यमी भी उत्तराखंड में निवेश करने के लिए उत्साहित हैं। सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि के मूल सिद्धांत को अपनाकर राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। इन प्रयासों से हम राज्य की जीएसडीपी को आगामी 5 वर्षों में दुगना करने में सफल होंगे। राज्य में जी 20 की सभी बैठकों के हमारे अनुभव अविस्मरणीय रहे हैं। जी 20 के सम्मेलनों का आयोजन हमारे लिए नए अवसर, नए अनुभव, अपनी पारम्परिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक विरासत, पर्यटन की क्षमताओं और सॉफ्ट पावर को अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का स्वर्णिम अवसर रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में महिलाओं का कल्याण और विकास ही हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु लखपति दीदी योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जा रहा है। हमने 2025 तक 1.25 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। राज्य की महिलाओं को सरकारी नौकरी में क्षैतिज आरक्षण के लिए विधेयक लागू किया जा चुका है। ’मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ के तहत महिला समूहों द्वारा उत्पादित सामग्री को ब्लॉक स्तर पर बाज़ार उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीर भूमि होने के नाते सैनिकों और उनके परिजनों का सम्मान हमारा कर्तव्य है। देहरादून में भव्य सैन्य धाम की स्थापना की जा रही है। राज्य में वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान में वृद्धि की गई है। राज्य सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में दस प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है। राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन बढ़ाने के साथ ही राज्य आंदोलकारियों की मृत्यु के पश्चात उनके आश्रितों को भी पेंशन देने का निर्णय लिया है। सरकार राज्य आंदोलनकारियों को ’एक समान पेंशन’ देने के लिए कार्ययोजना तैयार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल एवं खिलाड़ियों के हित में नई खेल नीति बनायी गई है। खिलाड़ियों को जमीनी स्तर से खेल क्षेत्र में रूचि लाने हेतु 14 से 23 वर्ष तक के खिलाड़ियों को ’’मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’’ के अंतर्गत 2000 प्रति माह छात्रवृत्ति एवं 10 हजार रुपए प्रति वर्ष संबंधति खेलों हेतु किट खरीदने के लिए दिए जा रहे है। ’’मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना’’ में 08 से 14 वर्ष के उभरते खिलाड़ियों को 1500 रूपये प्रतिमाह की खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है। साथ ही खिलाड़ियों को नियमानुसार त्वरित वित्तीय लाभ दिये जाने हेतु ’मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’ की स्थापना भी की गयी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य की युवा प्रतिभा के साथ न्याय हो, यह हमारा ध्येय है। राज्य सरकार की भर्तियों में घोटाले करने वाले दोषियों के खिलाफ प्रदेश में पहली बार बड़े स्तर पर कड़ी कार्यवाही की गई है। देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया। राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा जारी कैलेण्डर के अनुसार पारदर्शिता के साथ भर्ती प्रक्रियाए समयबद्धता से संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ ही स्वरोजगार को भी अधिक से अधिक प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए 200 करोड़ का वेंचर फण्ड तैयार करने जा रही है। इससे युवा उद्यमियों को सरकारी स्तर पर फण्ड मिल सकेगा। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना को मंजूरी देने के साथ राज्य के युवाओं को देश से बाहर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने के लिये राज्य में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ का गठन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गये हैं। देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून सबसे कम समय में हमने लागू किया है। भ्रष्टाचार की शिकायतों को दर्ज करने के लिए हमने जनता के लिए 1064 वेब एप लॉन्च किया है। अपणि सरकार पोर्टल, ई-कैबिनेट, ई-ऑफिस, सीएम डैशबोर्ड उत्कर्ष,सीएम हेल्पलाइन 1905, सेवा का अधिकार और ट्रांसफर एक्ट की पारदर्शी व्यवस्था बनाकर राज्य में भ्रष्टाचार के समूल नाश का प्रयास किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में हमनें प्रभावी कदम उठाये हैं। राज्य में कोई भी किसी पंथ, समुदाय, धर्म, जाति का हो सबके लिये एक समान कानून हो, यही हमारा प्रयास है। समान नागरिक सहिंता सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास के मूलमंत्र की दिशा में बढ़ाया गया महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में गत वर्षाे की भांति इस वर्ष भी आस्थावान श्रद्धालुओं ने चारधाम में एक नया रिकॉर्ड बनाया हैं। इस वर्ष अभी तक 55 लाख से अधिक चारधाम यात्रियों का आगमन हो चुका है। चारधाम यात्रा के सफल संचालन के पीछे केन्द्र सरकार का अभूतपूर्व सहयोग तथा राज्य सरकार की प्रभावी कार्ययोजना तथा क्रियान्वयन रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू कर सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा आसानी से उपलब्ध करवाने के लिए मिशन मोड पर कार्य किया जा रहा है। हाल ही में राज्य में पीएम श्री योजना का शुभारम्भ हुआ है तथा 141 पीएम विद्यालय तथा नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय विद्यालयों का शिलान्यास किया गया है। प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव की क्षमता रखने वाले विद्या समीक्षा केन्द्र का शुभारम्भ हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयुष्मान योजना का लाभ जन जन तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। आयुष्मान कार्ड व आभा आई डी बनाने का भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निशुल्क जांच योजना के तहत मरीजों को 207 प्रकार की पैथोलॉजिकल जांचों की निशुल्क सुविधा दी जा रही है। ऊधमसिंह नगर में एम्स का सैटेलाईट सेंटर बनने से एक बड़ी आबादी को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिलेगी। राज्य सरकार का संकल्प 2025 तक उत्तराखण्ड को ड्रग फ्री तथा 2024 तक क्षय रोग मुक्त प्रदेश बनाने का है।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड को आगामी दशक तक देश का विकसित सर्वश्रेष्ठ एवं अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार एवं प्रशासन के साथ ही प्रत्येक उत्तराखण्डवासी से सहयोग की अपेक्षा की है। उन्होंने का कि गत 23 वर्षाे में राज्य ने कई उपलब्धियां प्राप्त की हैं, किन्तु अभी हमें बहुत आगे जाना है तथा देवभूमि उत्तराखण्ड को एक प्रगतिशील, उन्नत एवं हर क्षेत्र में आदर्श राज्य बनाना है। इस महान उद्देश्य की प्राप्ति जनसहयोग से ही संभव है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग एवं विकल्प रहित संकल्प से हम इस लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड का अनुपम सौंदर्य, पर्वतीय परिदृश्य और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत इसे अद्वितीय राज्य बनाते हैं। हमें राज्य के समृद्ध सांस्कृतिक विरासत तथा ऐतिहासिक मूल्यों के प्रति भी समर्पित रहना होगा।

राजधानी में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की नितांत आवश्यकता-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को बढ़ाये जाने के साथ ही हैलीपैड्स और हेलीपोर्ट्स के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पूरे प्रदेश में अधिक से अधिक हेलीपैड बनाए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इनसे प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को आपातकालीन परिस्थितियों में बहुत मदद मिलेगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय निवेश को बढ़ाने के लिए राजधानी में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की नितांत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय बनाए जाने हेतु तेज़ी से प्रयास किए जाएं। एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा यदि दिलचस्पी नहीं दिखाई जाती है तो राज्य सरकार को अपने स्तर से भी जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय बनाया जाएगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि इन सभी हेलीपैड्स और हेलीपोर्ट्स को बनाये जाने हेतु डेडिकेटेड टीम लगाई जाए ताकि इन प्रोजैक्ट्स पर प्रतिदिन कार्य हो साथ ही मॉनिटरिंग भी हो सके। उन्होंने कहा कि मसूरी, ऋषिकेश, हरिद्वार और पर्यटन स्थलों पर तेजी से कार्य किया जाए। उन्होंने आईडीपीएल भूमि पर भी एक हैलीपैड तैयार किए जाने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर सचिव ी सचिन कुर्वे एवं अपर सचिव सी. रविशंकर सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

ठोस कूड़ा प्रबंधन के लिए कार्य योजना तैयार करें-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में प्रदेश के सभी स्थानीय निकायों में ठोस कूड़ा प्रबन्धन के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ठोस कूड़ा प्रबंधन के लिए कार्य योजना तैयार किए जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी स्थानीय निकायों से 100 प्रतिशत सेग्रीगेशन ऐट सोर्स लागू किया जाए।
मुख्य सचिव ने सभी स्थानीय निकायों में कूड़ा उठाने वाले वाहनों की संख्या की जानकारी माँगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों के लिए आवश्यक वाहनों की शीघ्र व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कहा कि सड़कों से बड़े डस्टबिन हटाए जाने चाहिए। उन्होंने सभी यूएलबी से आवासीय भवनों, व्यावसायिक भवनों और संस्थानों से श्रेणीवार घर-घर से कूड़ा उठान और कूड़े का स्रोत से पृथक्करण (सेग्रीगेशन एट सोर्स) की रिपोर्ट भी तलब की। उन्होंने इसके लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग और थर्ड पार्टी सर्वे की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिये।
मुख्य सचिव ने पेयजल निगम द्वारा संचालित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के सम्बन्ध में भी जानकारी ली। उन्होंने सभी एसटीपी का थर्ड पार्टी सर्वे और रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिये गए। मुख्य सचिव ने प्रमुख सचिव शहरी विकास को भी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर अपनी टीम दुरुस्त किए जाने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर के सुधांशु सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बदरीनाथ धाम आगमन पर राष्ट्रपति का जोरदार स्वागत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को उत्तराखंड स्थित भू-बैकुंठ धाम पहुंचकर भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए। मंदिर में करीब 25 मिनट तक पूजा करते हुए राष्ट्रपति ने देश की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। बदरीनाथ धाम आगमन पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति की अगवानी की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की बीच भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से बुधवार को सुबह 10ः20 बजे बद्रीनाथ आर्मी हेलीपैड पहुंची हेलीपैड पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, अन्य जनप्रतिनिधियों सहित जिलाधिकारी हिमांशु खुराना एवं पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। यहां से राष्ट्रपति काफिले के साथ मंदिर पहुंची और मंदिर में बद्री विशाल की वेद पाठ एवं विशेष पूजा की। बद्रीनाथ के मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी एवं तीर्थ पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा संपन्न की। मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, उपाध्यक्ष किशोर पंवार एवं अन्य पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को बद्री विशाल का प्रसाद एवं अंग वस्त्र भेंट किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर परिसर में राष्ट्रपति को भोजपत्र पर बनी बद्रीनाथ मंदिर की प्रतिकृति, आरती और स्थानीय उत्पादों की टोकरी भेंट की। भू-बैकुंठ धाम की अलौकिक सुंदरता देख राष्ट्रपति अभिभूत दिखीं। मंदिर में पूजा दर्शन के बाद राष्ट्रपति बद्रीनाथ से श्रीनगर के लिए प्रस्थान किया।

मंत्री अग्रवाल ने आपदा प्रभावितों को बांटे 20 लाख रुपये के चेक

क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बीते माह अगस्त में आई आपदा से मंशा देवी वार्ड संख्या 37 में 800 प्रभावित परिवारों को करीब 20 लाख रुपए की राहत राशि के चौक वितरित किये।
रविवार को मंशा देवी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि अगस्त माह में अत्यधिक भारी वर्षा के कारण ऋषिकेश विधानसभा में काफी नुकसान निरीक्षण के दौरान देखने को मिला।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि उनके द्वारा मौके पर ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में हुए नुकसान का जायजा भी लिया गया था बताया कि मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों को नुकसान का आकलन कर मुआवजा राशि देने के निर्देश भी दिए थे।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि आपदा की घड़ी में सरकार जनता के साथ खड़ी है। कहा कि लोगों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आपदा की घड़ी में सभी ने धैर्य रखते हुए एक दूसरे की मदद की। डॉ अग्रवाल ने मौके पर वार्ड संख्या 37 में 800 आपदा से प्रभावित परिवारों को करीब 20 लाख रुपए के आपदा राहत के चेक वितरित किए।
इस मौके पर तहसीलदार चमन, मंडल अध्यक्ष भाजपा वीरभद्र सुरेंद्र सिंह, राज्य आंदोलनकारी सरोज डिमरी, महिला मोर्चा मण्डल अध्यक्ष निर्मला उनियाल, पार्षद विजेंद्र मोंगा, गढ़वाल मंडल प्रदेश संयोजक युवा मोर्चा संजीव कुमार, मण्डल उपाध्यक्ष विजय जुगलान, मण्डल अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा अनिल कुमार, गीता मित्तल, पूनम डोभाल, समाजसेवी मानवेन्द्र कंडारी, पार्षद वीरेंद्र रमोला, ममता सकलानी आदि उपस्थित रहे।

तीन दिन की लंबी धार्मिक यात्रा को माना जा रहा है प्रचार से राहुल गांधी का पलायन

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का प्रचार चरम पर है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी तीन दिन की धार्मिक यात्रा पर केदारनाथ धाम पहुंच गए हैं। उनकी इस यात्रा को भाजपा चुनाव प्रचार से उनके पलायन के रूप में देखा रही है। प्रचार युद्ध में भाजपा के सामने लगभग घुटने टेक चुकी कांग्रेस अब ‘सॉफ्ट हिन्दुत्व’ का कार्ड खेलने की फिराक में है। लेकिन राहुल गांधी को केदारनाथ में देखकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने जमकर मोदी, जय श्री राम के नारे लगाए। इससे साफ है कि चुनाव से ऐन पूर्व राहुल गांधी के सॉफ्ट हिन्दुत्व के प्रपंच को जनता सिरे से खारिज कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भगवान शिव के अनन्य भक्त हैं। केदारनाथ धाम से उनकी गहरी आस्था जुड़ी हुई है। भगवान शिव के प्रति उनकी अगाध श्रृद्धा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद वह अभी तक छह बार (3 मई 2017, 20 अक्तूबर 2017, 7 नवंबर 2018, 18 मई 2019, 5 नवंबर 2021 और 21 अक्टूबर 2022) केदारनाथ धाम की यात्रा पर आ चुके हैं। वह हर साल केदारनाथ धाम की शरण में आते हैं सिर्फ 2020 में कोरोना प्रकोप के चलते वह केदारनाथ धाम की यात्रा पर नहीं आ सके थे। इसके अलावा मोदी देश और विदेश में हिन्दुओं के धार्मिक स्थलों में पूजा अर्चना करते रहे हैं। अब तक भाजपा के हिन्दुत्व प्रेम पर कटाक्ष करने वाले राहुल अब प्रधानमंत्री मोदी की राह पर चलने का प्रयास कर रहे हैं। वह अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर रविवार को केदारनाथ धाम पहुंचे लेकिन उनकी कोशिशों पर उस वक्त पलीता लग गया जब केदारनाथ में पहुंचते ही राहुल गांधी को देखकर लोग मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे। सवाल यह है कि जब पांच राज्यों में चुनाव का प्रचार चरम पर है तो ठीक उसी वक्त राहुल ने केदारनाथ धाम की तीन दिन की यात्रा का लम्बा कार्यक्रम क्यों बनाया। क्या हर बार ही तरह राहुल ने इस बार भी चुनावी प्रचार में ताकत झोंकने के बजाए पलायन किया है।
दरअसल, हर बार राहुल गांधी चुनाव प्रचार के वक्त कभी विदेश तो कभी अन्य स्थानों की यात्रा पर चले जाते हैं। वो स्टार प्रचारक के रूप में जिम्मेदारी उठाने से भागते रहे हैं। उनका फण्डा यह है कि कांग्रेस जीत गई तो वह जीत का श्रेय खुद ले लेंगे और हार गई तो उनकी जवाबदेही तय नहीं होगी। इससे पहले कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश के चुनाव में भी राहुल प्रचार से नदारद थे। जबकि प्रियंका मोर्चे पर डटी रही।

डिजिटल दौर में अर्थव्यवस्था के साथ जीवन शैली में भी सुधार हुआ-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ’डिजिटल नवाचार से सुशासन की ओर’ के अन्तर्गत सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी द्वारा निर्मित विभिन्न एप एवं पोर्टल का शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न ग्राम प्रधानों को डिजिटल साक्षर बनाने की दिशा में कराये गये प्रशिक्षण के सर्टिफिकेट वितरित किए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी द्वारा निर्मित आई.एफ.एम.एस मोबाइल एप्लीकेशन, ई-पेंशन पोर्टल, सिंगल साइन ऑन, स्टेट पोर्टल (नवीनीकरण), स्टेट जी.ओ पोर्टल, डी.बी.टी पोर्टल, यू.के विजिटर पास एप, पसारा पोर्टल, मुख्यमंत्री जन समर्पण (तहसील दिवस) पोर्टल, मुख्यमंत्री संदर्भ पोर्टल, पी.एम गतिशक्ति उत्तराखंड पोर्टल एवं अपुणी सरकार पोर्टल में अतिरिक्त सेवाओं का शुभारंभ किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन वर्जन 2, सीएम जन समर्पण (तहसील दिवस) पोर्टल, अपुणी सरकार पोर्टल, सीएम संदर्भ पोर्टल, यूके विजिटर एप, पी.एम गतिशक्ति उत्तराखंड पोर्टल, आई.टी.डी.ए ट्रेनिंग, डीबीटी पोर्टल, सिंगल साइन ऑन, आई.एफ.एम.एस मोबाइल एप्लीकेशन एवं ई-पेंशन पर आधारित लघु फिल्मों का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह कार्यक्रम डिजिटल क्षेत्र में नवाचार का दिन है। आज आमजन को सुविधा पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न सेवाओं का सरलीकरण कर उन्हें ऑनलाइन किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा ऑनलाइन सेवा के क्षेत्र में नित नए कार्य किया जा रहे है। हमारा राज्य डिजिटल के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में आगे बढ़े इसके लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। डिजिटल क्रांति के क्षेत्र में आज हमारा राज्य निरंतर आगे बड़ रहा है। डिजिटल दौर में अर्थव्यवस्था के साथ जीवन शैली में भी सुधार हुआ है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ई-गवर्नेंस की मदद से गुड गवर्नेंस और पेपरलेस गवर्नेंस की ओर बढ़ रही है। राज्य में टेक्निकल एजुकेशन एवं ऑनलाइन ट्रेनिंग से भी युवाओं को जोड़ने का कार्य जारी है। राज्य सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को डिजिटाइजेशन से जोड़कर विकास को आगे बढ़ा रही है। उत्तराखंड राज्य को डिजिटल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में भी नेटवर्क कनेक्टिविटी पर तेजी से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने ई गवर्नेंस को प्रमोट करते हुए भ्रष्टाचार पर रोक लगाने का काम किया है। सरकारी कार्यालय में ऑनलाइन प्रणाली लागू होने से भ्रष्टाचार पर बड़ी चोट हुई है। राज्य के प्रत्येक नागरिक में सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि का भाव जगा है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि आम जन को घर बैठे सरकारी सुविधाओं का लाभ मिले। उन्हें बेवजह सरकारी कार्यालय के चक्कर न काटने पड़े।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया के अंतर्गत ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। आज भारत के प्रत्येक क्षेत्र में डिजिटल ट्रांजेक्शन पेमेंट की सुविधा मौजूद है। प्रधानमंत्री ने ई गवर्नेंस के माध्यम से गुड गवर्नेंस की राह, संपूर्ण देश को दिखाई है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और उत्तराखंड राज्य निरंतर विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। आज भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
सचिव शैलेश बगौली ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर राज्य के अंतर्गत डिजिटाइजेशन को तीव्र गति के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। आम जन को किसी तरह की दिक्कत ना हो इसके लिए अधिक से अधिक सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन किया जा रहा है। उन्होंने कहा 4जी सैचुरेशन स्कीम के अंतर्गत उत्तराखंड में 500 से अधिक मोबाइल टावर लगाने का कार्य गतिमान है। 950 सरकारी सेवाओं को सेवा का अधिकार के अंतर्गत लिया गया है। जिसमें से 600 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन माध्यम पर मौजूद हैं।
सचिव शैलेश बगौली ने कहा कि राज्य के अंदर डिजिटल रिकॉर्ड कीपिंग पर कार्य जारी है। स्टेट डाटा सेंटर को अपडेट किया गया है। सीएम हेल्पलाइन 1905 को नए और अत्यधिक टेक्नोलॉजी से जोड़ा गया है। तहसील स्तर पर होने वाली शिकायतों के सरलीकरण हेतु ई सिस्टम बनाया गया है।
इस दौरान कार्यक्रम में विधायक दुर्गेश्वर लाल, अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, सचिव वित्त डॉ. वी. षणमुगम, विशेष सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल, महानिदेशक यू कास्ट प्रो. दुर्गेश पंत, निदेशक आईटीडीए श्रीमती नितिका खण्डेलवाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

युवाओं को नियुक्ति पत्र मिले, धामी का जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय, देहरादून में राज्य सम्पत्ति विभाग के अन्तर्गत स्वागती पद पर 8 संस्तुत अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नव नियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा आगामी समय में सभी अभ्यर्थी राज्य के विभिन्न अतिथि गृहों में अपनी सेवाएं देंगे। स्वागती द्वारा किए जाने वाले सरल एवं सौम्य व्यवहार से ही हम अतिथि देवो भवः के सिद्धांत को पूरा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी नवनियुक्त अभ्यर्थी अपने कर्तव्य का पूर्ण मनोयोग एवं जिम्मेदारी से पालन करें।
इस दौरान सचिव विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव लक्ष्मण सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

टिहरी झील में आगामी 24 नवंबर से शुरू होने जा रहा टिहरी अंतरराष्ट्रीय एक्रो फेस्टिवल

उत्तराखंड के पर्यटन मानचित्र में टिहरी झील सबसे तेजी से उभरता हुआ नया स्थल है। एडवेंचर टूरिज्म के शौकीनों के लिए यह स्थान हॉट फेवरेट साबित हो रहा है। यही वजह है कि डेस्टिनेशन उत्तराखंड के अंतर्गत राज्य की धामी सरकार द्वारा यहां नियमित रूप से विभिन्न आयोजन किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब टिहरी झील में 24 से 28 नवंबर तक अंतरराष्ट्रीय टिहरी एक्रो फेस्टिवल 2023 का आयोजन होने जा रहा है।
उत्तराखंड में साहसिक खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि डेस्टिनेशन उत्तराखंड को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार पूरी तन्मयता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को साहसिक पर्यटन के खेलों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा नित नए आयोजन किये जा रहे हैं। टिहरी झील में आयोजित होने वाला अंतरराष्ट्रीय एक्रो फेस्टिवल इस दिशा में नए आयाम स्थापित करेगा।

देश-विदेश के 135 पायलट करेंगे भागीदारी
नवंबर में, राज्य टिहरी झील में पहली बार अंतरराष्ट्रीय एक्रो फेस्टिवल 2023 की मेजबानी करने जा रहा है। टिहरी एक्रो फेस्टिवल 2023, 24 नवंबर को शुरू होगा और 28 नवंबर को समाप्त होगा। इस रोमांचकारी इवेंट में प्रतिस्पर्धा करने के लिए 35 अंतर्राष्ट्रीय पायलट और 100 भारतीय पायलट भाग लेंगे। इस आयोजन में एक्रो फ्लाइंग, सिंक्रो फ्लाइंग, विंग सूट फ्लाइंग, डी-बैगिंग जैसे कई साहसिक कार्य देखने को मिलेंगे।
टिहरी के जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी ने बताया कि टिहरी झील में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें देश-विदेश से खिलाड़ी प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने बताया कि आयोजन के दौरान यूफोरिया, पांडवास जैसे नामी बैंड भी शाम के समय अपनी प्रस्तुति देंगे।

इंस्टाग्राम पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने वीडियो शेयर करते हुए ये लिखा…
लुभावने टिहरी एक्रो फेस्टिवल का अनुभव करें, जिसमें 150 से अधिक विस्मयकारी हवाई कलाबाज़ों का जमावड़ा है, जो 24-28 नवंबर, 2023 तक होने वाला है। मंत्रमुग्ध होने के लिए तैयार रहें क्योंकि ये प्रतिभाशाली कलाकार अपने उल्लेखनीय कौशल, ताकत और कलात्मक चालाकी का प्रदर्शन करेंगे। यह असाधारण घटना एक अविस्मरणीय माहौल का वादा करती है जो आपको पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर देगी। इस सनसनीखेज अवसर को हाथ से न जाने दें-अपने कैलेंडर पर निशान लगाएं और इस अविस्मरणीय उत्सव का हिस्सा बनें।

हर घर नल योजना के तहत ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के हर घर में पहुंचे पानी

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने जल जीवन मिशन के तहत ऋषिकेश विधानसभा में हर घर नल के कार्यों की प्रगति जानी। इस दौरान मंत्री डॉ अग्रवाल ने कार्यों को गुणवत्ता के साथ करने तथा ससमय पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैराज रोड स्थित कैम्प कार्यालय में हुई बैठक में डॉ अग्रवाल को जल संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत भट्टोवाला, चक जोगीवाला, छिद्दरवाला, गढ़ी मयचक, गौहरी माफी, गुमानीवाला, हरिपुरकलां, खांड गांव रायवाला, खेरीकला, साहबनगर में जल जीवन मिशन के प्रोजेक्ट गतिमान हैं। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश तहसील के कई क्षेत्रों में फेज दो के कार्य गतिमान है। जिस पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने निर्देशित कर कहा कि जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही न बरती जाए, लोगों को आवागमन में परेशानी न हो, इसका विशेष ख्याल रखा जाए।
डॉ अग्रवाल ने निर्देश दिए कि हर हाल में गतिमान कार्यों को समय पर पूर्ण किया जाए। साथ ही उच्च गुणवत्तापूर्ण कार्य हो, इसका ध्यान रखा जाए। इस मौके पर जल संस्थान के सहायक अभियंता एवीएस रावत, अपर सहायक अभियंता मनोज डबराल आदि उपस्थित रहे।