सीएम ने एसबीआई का आपदा राहत कोष में सहयोग करने पर जताया आभार

जोशीमठ में भू-धंसाव वाले क्षेत्र से विस्थापित लोगों के राहत और पुनर्वास के लिए भारतीय स्टेट बैंक द्वारा गुरूवार को उत्तराखण्ड राज्य आपदा राहत कोष में 2 करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में भारतीय स्टेट बैंक, नई दिल्ली मण्डल के मुख्य महाप्रबंधक कल्पेश कृ. अवासिया ने भेंट कर 2 करोड़ रूपये का चेक सौंपा। मुख्यमंत्री ने प्रभावितों की सहायता के लिए इस सहयोग राशि के लिए भारतीय स्टेट बैंक का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के चिन्हित चार वाइब्रेंट विलेज माणा, नीति, मलारी एवं गूंजी में अवस्थापना विकास से संबंधित अनेक कार्य किये जाने हैं, इसके लिए भी उन्होंने एस.बी.आई से सहयोग की अपेक्षा की।
भारतीय स्टेट बैंक, नई दिल्ली मण्डल के मुख्य महाप्रबंधक कल्पेश कृ. अवासिया ने कहा कि एस.बी.आई सामाजिक जिम्मेदारियों के अन्तर्गत समाज में जागरूकता फैलाने तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता करने के लिए समय-समय पर समाज के विभिन्न स्तरों पर आर्थिक सहयोग प्रदान करता रहता है। भविष्य में भी राज्य की विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में योगदान देता रहेगा।
इस अवसर पर एस.बी.आई के उत्तराखण्ड अंचल के उप महाप्रबंधक राजकुमार सिंह एवं अमरेन्द्र कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।

सहभोज कार्यक्रम कर संघ की परिपाटी को आगे बढ़ा रहे सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी जिले के भ्रमण के दौरान चिन्यालीसौड़ में पार्टी कार्यकर्ताओं से भेंट कर उनके साथ अपने भोजन का टिफिन साझा किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के सर्वागींण विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही हैं, राज्य सरकार के जन कल्याणकारी प्रयासों को केंद्र सरकार का भरपूर सहयोग मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गत 9 वर्षों के दौरान देश-विदेश में भारत का मान सम्मान बढ़ा है और राज्य तथा देश मे इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के सहयोग से इन 9 सालों की उपलब्धि को जन-जन तक पहुचाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे कार्यकर्ता पार्टी, सरकार और जनता के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी है। जनकल्याण के कार्यों में पार्टी कार्यकर्ताओं के सुझाव पर प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने कार्यकर्ता से सरकार की उपलब्धि को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रो तक पहुँचने का आहवान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश से गंगोत्री तक रेल मार्ग का निर्माण प्रस्तावित है इसके साथ ही विकासनगर-बडकोट मोटर मार्ग को चौड़ीकरण किया जाएगा, यमुनोत्री में रोपवे कार्य का निर्माण जल्द शुरू कर दिया जाएगा। इससे गंगोत्री-यमुनोत्री की यात्रा अधिक सरल एवम सुगम हो जाएगी और जिले में यात्रा से जुड़े कारोबार में तेजी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता कानून जल्द ही प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा।
इस दौरान गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, जिलाधिकारी अभिषेक रुहेला, एसडीएम भटवाड़ी चत्तर सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष भाजपा सत्येंद्र सिंह राणा, पूर्व चेयरमैन बडकोट अतोल रावत, महामंत्री भाजपा मुकेश टम्टा, वरिष्ठ भाजपा नेता सूरत राम नोटियाल आदि गणमान्य लोग मौजूद रहे।

राज्य के पौराणिक स्थलों को तीर्थाटन और पर्यटन की दृष्टि से किया जायेगा विकसित-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को चोपड़ाधार कटखाण, चिन्यालीसौड, उत्तरकाशी स्थित नागराज मंदिर में भगवान नागराज प्रकट दिवस के अवसर पर आयोजित आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक मेले ‘गौ महोत्सव’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने नागराज मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उन्होंने मंदिर परिसर में कथावाचक स्वामी गोपाल मणि महाराज की कथा में सम्मिलित होकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नागराज मंदिर में पैदल एवं सड़क मार्ग का निरीक्षण कर, मार्गों को शीघ्र विकसित किए जाने की बात कही। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान का भी आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोपाल मणि महाराज को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पूज्य संत गोपाल मणि महाराज जी के प्रयासों से देश-विदेश में सनातन संस्कृति को संवारने एवं लोगों में गौ सेवा का भाव पैदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान नागराज की महिमा से हम सभी भली-भांति परिचित हैं और इसी कारण यहां देश-विदेश से श्रद्धालु शीश झुकाने आते है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन भारतीय संस्कृति में गाय को मां का दर्जा प्राप्त है। गाय हमारी संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण अंग है। जो लोग गाय पालते हैं उनके पास धन संपदा की कोई कमी नहीं रहती। गौ रक्षा की बात करना हमारे लिए गर्व की बात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के डेयरी सेक्टर को मजबूत करना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में से एक है। प्रदेश सरकार गौ संरक्षण एवं डेयरी विकास की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा उत्तराखंड की स्थानीय संस्कृति तथा धार्मिक आयोजनों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिए जाने पर कार्य किया जा रहा है। उत्तराखंड से जाकर विदेशों में बसे हमारे प्रतिभाशाली लोग भी अपनी लोक संस्कृति को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने का काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि के सभी देव स्थानों, मंदिरों और पूजा स्थलों को विकसित करने और उनका नियमित रखरखाव करने के लिए प्रतिबद्ध है। देवभूमि के प्रसिद्ध मंदिरों के साथ-साथ स्थानीय पूजा स्थलों और पौराणिक स्थलों को भी तीर्थाटन और पर्यटन के नक्शे पर स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। उत्तराखंड को देश और दुनिया की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक राजधानी बनाने के लिए हम निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार, उत्तराखंड के गांवों और युवाओं को जितना हो सके उतना सशक्त बनाए जाने पर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि सुदूर गांवों तक सभी प्रकार की सुविधाएं पहुंचे। देवभूमि के सभी गांव 21वीं सदी के गांव बने। प्रदेश में सैकड़ो दिव्य स्थल एवं पौराणिक धरोहरों को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने का कार्य भी तेज़ी से चल रहा है। जिससे स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होने कहा राज्य के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता से उत्तराखंड राज्य को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
इस अवसर पर संत गोपाल मणि महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड का चौमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री के नागराज मंदिर में आने से इस क्षेत्र के लोगों में खुशी के साथ क्षेत्र के विकास की उम्मीद जगी है।
इस दौरान विधायक सुरेश चौहान, विधायक संजय डोभाल, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण, पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

272 अभ्यर्थियों को सीएम ने प्रदान किये नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्राविधिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 272 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। प्राविधिक शिक्षा विभाग द्वारा पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों के लिए मई 2023 में देहरादून में रोजगार मेले आयोजन किया गया था। विभिन्न कंपनियों में इन विद्यार्थियों के चयन के बाद आज नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये।
मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को बधाई दी एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 9 वर्षों से देश में युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में जो अभियान चल रहा है, उसमें रोजगार मेले की एक कड़ी और जुड़ी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के उचित अवसर मिले इसके लिए विभिन्न तकनीकी संस्थाओं में प्रशिक्षण हेतु आधुनिक सुविधायें, ढांचागत विकास, उच्च स्तरीय ई-लर्निंग केन्द्रों की स्थापना, विभिन्न तकनीक के विस्तार, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्रों की स्थापना के लिए सरकार द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य प्रदेश को सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विकसित करते हुए जनमानस की समस्याओं का पारदर्शिता पूर्ण निराकरण कर गुड गवर्नेंस देना है। इस कार्य में तकनीकी शिक्षा विभाग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन छात्र-छात्राओं को आज नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं उनके अन्दर जो जोश एवं प्रतिभा परिलक्षित हो रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वे इसी जोश के साथ अपनी लगन, ज्ञान एवं स्किल के बल पर उन्हें रोजगार देने वाली कम्पनियों की अपेक्षाओं में खरा उतरेंगे। मुख्यमंत्री ने उद्योगों के प्रतिनिधियों से अपेक्षा की है कि वे इंटर्नशिप, इण्डस्ट्रियल ट्रेनिंग के साथ-साथ हैण्डस आन प्रैक्टिकल के लिए राज्य सरकार को सहयोग देंगे एवं उत्तराखण्ड के छात्र-छात्राओं को इस क्षेत्र में और अधिक अवसर प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्थापना की रजत जयन्ती हेतु सरकार ने 25 संकल्प लिए हैं, इसी कड़ी में तकनीकी शिक्षा विभाग को वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली व्यावसायिक शिक्षा मिशन योजना के क्रियान्वयन हेतु जिम्मेदारी दी गयी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस प्रयास से प्रदेश में व्यावसायिक व तकनीकी शिक्षा के माध्यम से रोजगार व स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
तकनीकि शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को शुभकामना देते हुए कहा कि आज इन युवाओं का पढ़ाई करने के बाद नौकरी करने का सपना पूरा हो रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जिन प्रतिष्ठानों द्वारा इनको नियुक्ति दी जा रही है, सभी अभ्यर्थी इन प्रतिष्ठानों में पूरी लगन के साथ कार्य करेंगे। हमारे ये अभ्यर्थी लगन से कार्य करेंगे, तो औद्योगिक संस्थानों का झुकाव हमारे युवाओं की ओर तेजी से बढ़ेगा। तकनीकि शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य के पॉलिटेक्निक के बेहतर अवस्थापना सुविधाओं के लिए 1 साल में 300 करोड़ रूपये दिये गये। इंडस्ट्री के साथ बैठक कर उनकी मांग के आधार पर राज्य में कोर्स बढ़ाये गये हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार मेलों के माध्यम से 60 प्रतिशत युवाओं का चयन हो रहा है। कुछ पॉलिटेक्निक से लगभग शत प्रतिशत छात्रों का भी चयन हो रहा है।
इस अवसर पर जानकारी दी गई कि 25 अप्रैल 2023 को कुमांऊ क्षेत्र के विभिन्न पॉलीटेक्निक संस्थाओं में अध्ययन कर रहे छात्र-छात्राओं हेतु राजकीय पॉलिटेक्निक काशीपुर में जो रोजगार मेले का आयोजन कराया गया था, उसमें 430 छात्र -छात्राओं ने रोजगार प्राप्त किया। इसी प्रकार गढ़वाल क्षेत्र के लिए 8 मई 2023 को आयोजित कराए गए रोजगार मेले में करीब 608 युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ। ऑनलाईन प्लेसमेंट सेल के माध्यम से 401 एवं विभिन्न संस्थाओं में आयोजित कैंपस प्लेसमेंट द्वारा 669 छात्रों को रोजगार प्रदान किये जाने के साथ ही कुल 2108 छात्रों को रोजगार प्राप्त हुआ है।
इस अवसर पर विधायक प्रमोद नैनवाल, सुरेश सिंह चौहान, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव रविनाथ रमन, निदेशक प्राविधिक शिक्षा आर.पी.गुप्ता, महानिदेशक यू कॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत एवं प्राविधिक शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा-पर्यावरण दिवस मात्र एक दिन नही मनाया जाये, प्रतिदिन प्रकृति का संरक्षण करने पर दिया जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास के समीप वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्कूल के छात्र-छात्राओं को जूट के बैग भी प्रदान किये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर घोषणा की कि राज्य के चार जनपदों देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर एवं नैनीताल में 50-50 किमी के साईकिल ट्रैक बनाये जायेंगे एवं 9 जनपदों में यथा संभव साईकिल ट्रैक बनाये जायेंगे। राज्य में स्प्रिंग व रिवर रिजुवनेशन बोर्ड बनाया जायेगा। सभी 13 जनपदों में स्वच्छता के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाली एक-एक ग्राम पंचायत को पुरस्कृत किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारियों की बैठक लेते हुए निर्देश दिये कि जनपदों में पर्यावरण संरक्षण के लिए नियमित जन जागरूकता अभियान चलाये जाए और इस दिशा में विभिन्न विभागों के माध्यम से लगातार कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान के लिए जन सहयोग भी लिया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध जल, हवा, मिट्टी एवं पर्यावरण मिले, इसके लिए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सभी को ध्यान देना होगा। वैश्विक तापमान में वृद्धि एवं जल स्तर का नीचे जाना सभी के लिए चिंता का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रदेश का अधिकांश क्षेत्र वनों से आच्छादित है, वनों के संरक्षण के लिए हमें इससे होने वाले फायदे को लोगों की आजीविका से जोड़ना होगा जिससे इकोलॉजी पर आधारित रोजगार को बढ़ाना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिट्टी को बचाने के लिए हमें 5 प्रमुख बातों पर फोकस करना होगा। मिट्टी को केमिकल फ्री कैसे बनाएं। मिट्टी में जो प्राकृतिक जैविक खाद के रूप में काम आने वाले जीव रहते हैं, हम उन्हें कैसे बचाएं। मिट्टी की नमी को कैसे बनाए रखें और उस तक जल की उपलब्धता कैसे बढ़ाएं। भूजल कम होने की वजह से मिट्टी को जो नुकसान हो रहा है, उसे कैसे दूर करें। वनों का दायरा कम होने से मिट्टी का जो लगातार क्षरण हो रहा है, उसे कैसे रोकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड देने का बहुत बड़ा अभियान चलाया, जिससे किसानों को काफी लाभ हुआ। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश में पिछले 9 साल से जो भी प्रमुख विकास योजनाएं संचालित हो रही हैं, उन सभी में किसी न किसी रूप से पर्यावरण संरक्षण की बात होती है, स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन के तहत शहरों में आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स का निर्माण, सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति का अभियान हो या फिर नमामि गंगे के तहत गंगा स्वच्छता का अभियान हो, पर्यावरण रक्षा के क्षेत्र में हमारे देश के प्रयास बहुआयामी रहे हैं। जल संरक्षण की दिशा में देशभर में अमृत सरोवर की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गर्व का विषय है कि राज्य को जो 975 अमृत सरोवर बनाने का लक्ष्य मिला था, उसके सापेक्ष अब तक करीब 1092 अमृत सरोवरों का निर्माण किया जा चुका है।
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। यह चुनौती पूरे विश्व की है। उन्होंने कहा कि जिस तेज गति से भौगोलिक एवं जलवायु परिवर्तन हो रहा है, यह चिंता का विषय है। राज्य में पर्यटन आधारित गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं, इसके दृष्टिगत भी हमें पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक वृक्षारोपण एवं स्वच्छता की दिशा में और प्रयास करने होंगे। जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में विशेष प्रयास करने होंगे। पर्यावरण संरक्षण के लिए जन सहभागिता को बढ़ाना होगा, इसमें जनपदों में जिलाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि वन सम्पदाओं को लोगों की आजीविका से जोड़ना जरूरी है। वन पंचायतों को मजबूत बनाना जरूरी है, लाखों लोग इससे जुड़े होते हैं।
बैठक के दौरान जिलाधिकारियों ने जनपदों में पर्यावरण संरक्षण के लिए किये जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। बैठक शुरू होने से पूर्व उड़ीसा के बालासोर में हुई रेल दुर्घटना में मृतकों के प्रति शोक संवेदना प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव वन आर. के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक अनूप मलिक, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

क्रिकेटर आकाश मधवाल ने सीएम से मुलाकात की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड के क्रिकेटर आकाश मधवाल ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उन्हें सम्मानित किया एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उत्तराखण्ड के क्रिकेटर आकाश मधवाल ने आईपीएल 2023 में मुंबई इंडियंस की टीम से खेलते हुए गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड एथलेटिक्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जितेन्द्र नेगी एवं संजय सिंह भी उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री का विरोध करना मर्यादा के विरुद्ध-अग्रवाल

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व संसदीय कार्यमंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने लोकतंत्र के मंदिर नए संसद भवन के उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा किये जाने का विरोध कर रहे विपक्षियों के रुख की आलोचना की है।
शनिवार को संसदीय कार्यमंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि जनता की आशाओं के प्रतीक, भव्य, अद्भुद व आलीशान संसद भवन, जिसमें आधुनिकता एवं संस्कृति का संगम समाहित है, यह बुलंद भारत की नई तस्वीर है। नई संसद स्वतंत्रता के बाद बना गौरवशाली एवं ऐतिहासिक भी है। ऐसे पल पर विपक्ष को राजनीति करने से बाज आना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष को इसके उद्घाटन पर लोकतंत्र के त्योहार के रूप में मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष को खुश होना चाहिए कि देश को नई संसद मिल रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को रिकॉर्ड समय में नई संसद बनाने के लिए सरकार की प्रशंसा करनी चाहिए, जबकि वे सरकार की आलोचना कर रहे हैं।
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि वह नई संसद के उद्घाटन के बेवजह विवाद के खिलाफ हैं। विपक्ष के पास मुद्दों की कमी है वह हमेशा सही चीज का ही विरोध करते है। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष राष्ट्रपति से इतना ही प्रेम दर्शा रहा है तो राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष ने उनके खिलाफ कैंडिडेट क्यों खड़ा किया था।
संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति बनने के बाद विपक्ष ने उनपर अभद्र भाषा का प्रयोग किया। यही नहीं बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण का भी विरोध कर विपक्ष ने लोकतंत्र के मूल्यों का अपमान किया था। मगर, आज उन्हीं से नई संसद भवन का उद्घाटन कराने पर आतुर दिख रहे है जो कि सिर्फ राजनीति भर है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी रहे प्रधानमंत्रियों ने लोकतंत्र के ऐसे नए आयामों का लोकार्पण व शिलान्यास किया है। इस लिए बेवजह प्रधानमंत्री पर निशाना साधना छोड़ दे और कार्यक्रम में शामिल होकर इसकी शोभा बढ़ाये।

दो दिवसीय दिव्यांगजन शिविर का पुलिस महानिदेशक ने किया शुभारंभ

उद्धार, नागपुर, महाराष्ट्र की एक सामाजिक संस्था, उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति व उत्तरांचल प्रेस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में प्रेस क्लब में दो दिवसीय निःशुल्क दिव्यांगजन हेतु कृत्रिम अंग फिटमेंट एवं वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रेस क्लब सदस्यों ने ही नहीं बल्कि दूर-दराज इलाकों से पहुंचे दिव्यांगजन ने स्वास्थ्य जांच का लाभ उठाया व मौके पर ही कृतिम अंग भी प्राप्त किए। शिविर का शुभांरभ बतौर मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, उद्धार सामाजिक संस्था की अध्यक्ष कुसुम अग्रवाल, सस्था के सचिव कुंज बिहारी लाल व प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय राणा ने दीप प्रज्जवलित कर किया। शिविर में 78 लोगों की जांच की और कृत्रिम अंग प्रदान किए गए। यह शिविर 28 मई को भी चलेगा।
शनिवार को प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बतौर मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने शिविर के उद्घाटन से पूर्व पूरे शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न भागों से आए हुए दिव्यांगजनों से वार्ता कर संस्था के कार्याे की सराहना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि उद्धार संस्था की तकनीशियन टीम जो कि स्वयं दिव्यांग होने के बावजूद दिव्यांग लोगों की सहायता कर रही है, ये अपने आप में बहुत बड़ा काम है। उन्होंने कहा कि इससे शारीरिक तौर पर कमजोर लोगों को फायदा होगा। उन्होंने उद्धार संस्था नागपुर कोे इस प्रयास के लिए बधाई दी।
उद्धार नागपुर महाराष्ट्र समाजिक संस्था के सचिव कुंज बिहारी लाल ने कहा कि लगातार 34 सालों से संस्था दिव्यांगजन के स्वास्थ्य जांच से लेकर उनके लिए कृत्रिम अंग निःशुल्क मुहैया कराने का कार्य कर रही हैं। अब तक वे अलग-अलग राज्यों में 3200 से अधिक दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग प्रदान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य दिव्यांग लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है। कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति के अपर परियोजना निदेशक डॉ. अजय नगरकर ने सरकार की योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय राणा व संचालन संयुक्त मंत्री मीना नेगी ने किया। इस अवसर पर संस्था के सदस्य संजय राजगड़िया, रूचिका राजगड़िया, अक्षय राजगड़िया, अंकिता राजगड़िया, श्रृति कृष्णा, प्रद्धुमन कृष्णा, देवांशी राजगड़िया रूंगटा व महावीर विकलांग समिति के तकनीकि टीम के लीडर डॉ. देवकी नंदन व उनकी टीम डॉ दीन दयाल, तुफान सिंह, रामप्रसाद, राजेंद्र, चंदन सिंह, जगदीश, स्वास्थ्य विभाग के प्रचार प्रसार अनिल सती के साथ ही उत्तरांचल प्रेस क्लब महामंत्री विकास गुसाईं, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रश्मि खत्री, कनिष्ठ उपाध्यक्ष दरवान सिंह, संयुक्त मंत्री राजीव थपलियाल, कोषाध्यक्ष मनीष चंद्र भट्ट, सम्प्रेक्षक मनोज सिंह जयाडा, कार्यकारिणी सदस्य प्रवीन बहुगुणा, मंगेश कुमार, मो. फहीम तन्हा, पदेन सदस्य जितेंद्र अंथवाल आदि उपस्थित रहे।

नीति आयोग की बैठक में ग्रीन बोनस सहित राज्य हित के कई मुद्दों को सीएम ने उठाया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 8वीं बैठक में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के विकास में मार्गदर्शन और सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए राज्य से संबंधित विभिन्न विषयों को रखा।

ग्रीन बोनस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र में वनों, बुग्यालों, ग्लेशियरों का संरक्षण करके हम सम्पूर्ण राष्ट्र को महत्वपूर्ण पर्यावरणीय सेवायें उपलब्ध करा रहे हैं। आईआईएफएम, भोपाल के एक अध्ययन के अनुसार उत्तराखण्ड के वनों से प्राप्त होने वाली इन सेवाओं का न्यूनतम मौद्रिक मूल्य 95,000 करोड़ रूपये प्रतिवर्ष है। भविष्य में राज्यों के मध्य संसाधनों के आवंटन में इन वन एवं पारिस्थितिकी सेवाओं के मानक को बढ़ाने का उन्होंने अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक यह प्रणाली अस्तित्व में नही आती तब तक उत्तराखण्ड राज्य को ग्रीन बोनस प्रदान किया जाये।

भ्रमणशील जनसंख्या
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्यतः विभिन्न केन्द्र पोषित योजनाओं में स्थिर जनसंख्या के मानक का उपयोग किया जाता है। महत्वपूर्ण तीर्थ स्थानों विशेष तौर पर चार धाम तथा कांवड़ यात्रा मे उत्तराखण्ड में बड़ी संख्या में तीर्थ यात्रियों एवं पर्यटकों का वर्ष भर आवागमन होता है, जो राज्य की जनसंख्या का पांच से छह गुना है। तीर्थ यात्रियों एवं पर्यटकों को समस्त आधारभूत सुविधायें जैसे-पार्किंग, यातायात, पेयजल, स्वच्छता, आवास, परिवहन, जन सुरक्षा इत्यादि राज्य के सीमित संसाधनों से ही करनी होती है। उन्होंने वित्तीय संसाधनों के आवंटन एवं नीति निर्माण में इस महत्वपूर्ण तथ्य को सम्मिलित किये जाने का अनुरोध किया।

बाह्य सहायतित परियोजनायें
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की लगभग 19,000 करोड़ रूपये की 11 वाह्य सहायतित परियोजनायें पाइप लाइन में हैं। इन परियोजना प्रस्तावों पर नीति आयोग, डी.ई.ए, सम्बन्धित केन्द्रीय मंत्रालयों से संस्तुति तथा फण्डिंग एजेंसियों से सैद्धान्तिक सहमति प्राप्त हो चुकी है। राज्य के वित्तीय संसाधन बहुत सीमित हैं जिस कारण ई.ए.पी तथा सी.एस.एस पर ही हमारी निर्भरता है। वित्त मंत्रालय के आदेश के अनुसार उत्तराखण्ड एवं हिमाचल प्रदेश हेतु इसमें बमपसपदह लगायी गयी है। इन परियोजनाओं पर कटौती किये जाने से राज्य में अवस्थापना सुविधाओं के सृजन तथा आजीविका के अवसर बाधित हो जायेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री जी से इसका समुचित समाधान करवाने का अनुरोध किया।

ऊर्जा
मुख्यमंत्री ने राज्य में 25 मेगावाट से कम लघु एवं सूक्ष्म जल विद्युत परियोजनाओं की ही उत्पादन क्षमता लगभग 3500 मेगावाट है। इसमें से मात्र 200 मेगावाट का ही दोहन हो रहा है। उन्होंने अनुरोध किया कि 25 मेगावाट से कम क्षमता की परियोजनाओं के अनुमोदन तथा क्रियान्वयन का अधिकार राज्य सरकार को प्रदान किया जाए। इस निर्णय से लगभग 3000 मेगावाट तक विद्युत क्षमता का उपयोग शीघ्र करके विकसित भारत/2047 के विजन के अन्तर्गत स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन करते हुए नेट जीरो के लक्ष्यों को हासिल करने में भी सहयोग दे पायेंगे।

नदी जोड़ो परियोजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि महत्वाकांक्षी नदी जोड़ो योजना के अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा कुछ हिमनद नदियों को वर्षा आधारित नदियों से जोड़ने पर विचार किया जा रहा है। ऐसी अति महत्वपूर्ण ‘‘नदी-जोड़ो परियोजना’’ के क्रियान्वयन हेतु अत्यधिक धनराशि की आवश्यकता है, इसके लिये मुख्यमंत्री ने भारत सरकार से विशेष वित्तीय सहायता एवं तकनीकी सहयोग का अनुरोध किया।

केन्द्र पोषित योजनाओं में लचीलापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र पोषित अधिकांश योजनाएं वन साइज फिट ऑल के आधार पर बनती हैं। जो राज्यों की अपनी विशिष्ट परिस्थितियां एवं आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं होती है, परन्तु राष्ट्रीय कृषि विकास योजना जैसी योजनायें भी हैं जिसकी गाइडलाईन में पर्याप्त लचीलापन है। इसके कारण राज्य की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार कार्य करने की स्वायत्ता रहती है। स्वायत्ता की यही प्रक्रिया अन्य केन्द्र पोषित योजनाओं के लिये भी अपनायी जानी चाहिये ताकि उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य केन्द्र पोषित योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें।

औद्योगिक प्रोत्साहन नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लागू औद्योगिक प्रोत्साहन नीति वर्ष 2017 के अन्तर्गत प्राप्त प्रोत्साहन वर्ष 2022 में समाप्त हो चुके हैं, जबकि जम्मू कश्मीर तथा पूर्वाेत्तर राज्यों हेतु इसी प्रकार की अन्य औद्योगिक नीति वर्तमान में भी चल रही है। पर्वतीय राज्य होने के कारण हमारी समस्यायें भी उन्हीं राज्यों की तरह ही हैं। उन्होंने औद्योगिक प्रोत्साहन नीति को उत्तराखण्ड राज्य में भी आगामी 5 वर्षाे के लिये विस्तारित करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की कड़ी में उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य-सशक्त उत्तराखण्ड 2025 की अवधारणा के आधार पर तेज गति से कार्य प्रारम्भ कर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नीति आयोग, भारत सरकार की तर्ज पर राज्य में स्टेट इंस्टीट्यूट फॉर इंपावरिंग एंड ट्रांसफॉर्मिंग उत्तराखण्ड (सेतु) का गठन किया है। गुजरात के जी.आई.डी.बी की तर्ज पर अवस्थापना सुविधाओं के सृजन हेतु उत्तराखण्ड निवेश और अवस्थापना विकास बोर्ड का गठन किया गया है ताकि घरेलू एवं अन्तर्राष्ट्रीय निवेशकों को राज्य में आकर्षित किया जा सके। जल संरक्षण को बढ़ावा देने, बाढ़ नियन्त्रण में सहायक और सभी विकास कार्याे में इकोनॉमी तथा इकोलॉजी का सन्तुलन सुनिश्चित करने के लिये ‘स्प्रिंग एंड रिवर रिजूवनेशन अथॉरिटी बनायी जा रही है। इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा जल आधारित रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। नगरीय मल्टी मॉडल परिवहन सुविधा के लिये यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटयन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (यू.एम.टी.ए) का गठन किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पी0एम0 गतिशक्ति में गुजरात के बाद उत्तराखण्ड दूसरा राज्य है, जिसके द्वारा अधिकतम कार्य पूर्ण किया गया है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में बद्री-केदार धाम के पुननिर्माण का संकल्प शीघ्र साकार होने जा रहा है। इसके लिये राज्य की ओर से मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुमांऊ क्षेत्र में स्कन्द पुराण में उल्लिखित प्रमुख पौराणिक मंदिर तथा गुरूद्वारा को एक सर्किट के रूप में जोड़ने के लिये मानसखण्ड मंदिर माला मिशन प्रारम्भ की गयी है। इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर लगभग 50,000 परिवारों को प्रत्यक्ष तथा परोक्ष रूप से रोजगार मिलने का अनुमान है। प्रथम चरण में 16 मंदिरों का अवस्थापना विकास किया जा रहा है। पहली बार जागेश्वर मंदिर पर आधारित गणतंत्र दिवस की झांकी को पहला स्थान मिला।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में ‘‘मिनिमम गवर्नमेंट मैक्सिमम गवर्नेंस’’ की अवधारणा के अन्तर्गत आई.टी का अधिक से अधिक उपयोग किया जा रहा है। अपणि सरकार पोर्टल पर लगभग 70 प्रतिशत सेवायें ऑनलाईन उपलब्ध है। ‘अपणों स्कूल अपणों प्रमाण’ के अन्तर्गत विद्यालय में ही छात्र-छात्राओं को सभी प्रमाण पत्र निर्गत किये जा रहे हैं। रोजगार के सृजन की दृष्टि से 18000 पॉली हाउस एक साथ स्वीकृत किये गये जबकि विगत वर्षों में लगभग 500 पॉली हाउस प्रतिवर्ष स्वीकृत होते थे। आगामी दो वर्षाे में प्रत्यक्ष तथा परोक्ष रूप से लगभग एक लाख से अधिक रोजगार का सृजन होगा। पर्यटन नीति 2023 के अन्तर्गत लगभग 40 हजार करोड़ रूपये का निवेश सम्भावित है, जिससे बड़ी संख्या में रोजगार सृजन होगा। विदेशों में रोजगार के आकर्षक अवसर उपलब्ध कराने हेतु मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना लायी गयी है। पर्यटक स्थलों पर सुगमतापूर्वक आवागमन के लिये 58 हैलीपोर्ट तथा हैलीपैड निर्मित किये गये हैं एवं 29 हैलीपोर्ट तथा हैलीपैड निर्माणाधीन है। स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रकार के ड्रोन के निर्माण तथा दूरस्थ क्षेत्रों में आवश्यकीय सेवाओं, विकास कार्याे की निगरानी के लिये ‘ड्रोन यूसेज एंड प्रमोशन पॉलिसी’ लायी जा रही है। सात जनपदों के 250 कृषकों को वर्तमान में ड्रोन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राज्य में महिलाओं को अधिक सशक्त बनाने के लिये 2025 तक 1.25 लाख लखपति दीदी का लक्ष्य रखा गया है एवं 33,158 परिवारों को लखपति दीदी के रूप में तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा-राज्य में जबरन धर्मान्तरण कानूनन अपराध, हमने बनाया है कानून

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कनखल, हरिद्वार में विश्व हिन्दू परिषद द्वारा आयोजित केन्द्रीय मार्ग दर्शक मण्डल की बैठक में प्रतिभाग किया तथा आज के सत्र का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में धर्म एवं संस्कृति का लगातार उत्थाान हो रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम का भव्य मन्दिर बनाने का कई वर्षों का सपना अब साकार होने जा रहा है। वहां श्रीराम का भव्य व दिव्य मन्दिर तैयार हो रहा है। उज्जैन में महाकालेश्वर ने दिव्य व भव्य स्वरूप प्राप्त कर लिया है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद वहां का पूरा स्वरूप ही परिवर्तित हो गया है। वहां पर अब पांच लाख से अधिक श्रद्धालु गंगा से पवित्र जल लेकर वहां आसानी से जलाभिषेक कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। आने वाले समय में रोपवे बन जाने से केदारनाथ तथा हेमकुण्ड धाम की यात्रा और भी आसान होने वाली है। चारधाम यात्रा की भांति कुमाऊं में मानसखंड मन्दिर माला मिशन के तहत कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता के लिए बनाई गई समिति ने 90 प्रतिशत से अधिक का कार्य पूरा कर लिया है, जो आगामी 30 जून तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर देगी। उन्होंने कहा कि राज्य में जबरन धर्मान्तरण की रोकथाम के लिये सख्त कानून बनाया गया है।
बैठक में महामण्डलेश्वर स्वामी परमानन्द गिरिजी महाराज, परम पूज्य शंकराचार्य वासुदेवानन्द सरस्वती, राम राजेश्वरा महाराज, महामण्डलेश्वर विश्वेश्वरानन्द महाराज, महामण्डलेश्वर यतीन्द्रानन्द गिरि, स्वामी विवेकानन्द महाराज, सचिव महानिर्वाणी अखाड़ा रवीन्द्र पुरी, स्वामी गिरधर गिरि महाराज आदि ने अपने-अपने विचार रखे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के कोने-कोने से आये हुये धर्माचार्यों, सन्त-महात्माओं का एक-एक करके माल्यार्पण करते हुये उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।