धामी कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये

अन्य राज्यों की तुलना में उत्तराखण्ड राज्य में सिलिका सैण्ड की रायल्टी अधिक होने एवं इस कारण राज्य में सिलिका सैण्ड के व्यवसाय पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव के दृष्टिगत राज्य में सिलिका सैण्ड के व्यवसाय को सुदृढ एवं कारगर किये जाने के निमित्त अन्य राज्यों के अनुरूप रायल्टी दर व अपरिहार्य भाटक की वर्तमान प्रचलित दर को संशोधित किए जाने का निर्णय।
राज्य की सहकारी क्षेत्र की चीनी मिल बाजपुर (पेराई क्षमता 4000 टी.सी.डी.) की आसवनी में शून्य उत्प्रवाह संयंत्र (जेड.एल.डी.) न होने के कारण केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नई दिल्ली तथा उत्तराखण्ड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड देहरादून के आदेशों के क्रम में बाजपुर चीनी मिल की आसवनी में दिनांक 23 जनवरी 2017 से एल्कोहॉल उत्पादन कार्य पूर्ण रूप से बन्द होने के फलस्वरूप बाजपुर चीनी मिल एवं आसवनी की वित्तीय स्थिति प्रतिकूलतः प्रभावित हो रही है। अतः राज्य की सहकारी क्षेत्र की चीनी मिल बाजपुर की आसवनी को पुनः 25 के०एल०पी०डी० क्षमता पर संचालन के लिये आसवनी के आधुनिकीकरण करते हुए शून्य उत्प्रवाह संयंत्र (जेड.एल.डी.) लगाने, आसवनी में पूर्व स्थापित संयत्रों एवं कुछ अन्य संयत्रों के अनुरक्षण के लिये धनराशि बैंक से ऋण लिये जाने हेतु रू० 29.00 करोड़ की शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराये जाने का केबिनेट द्वारा निर्णय लिया गया है।
राज्य में वित्त, लेखा सम्बन्धी एवं अन्य विषयों पर समस्त विभागों तथा सचिवालय स्तर के कार्मिकों को प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से वित्त विभाग के अधीन पं० दीनदयाल उपाध्याय वित्तीय प्रशासन, प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान, उत्तराखण्ड देहरादून की स्थापना की गयी। साथ ही राज्य के अधिक से अधिक कार्मिकों के कौशल, प्रशासकीय प्रबन्धन एवं योग्यता क्षमता में वृद्धि करना, राज्य में विभिन्न वित्तीय नियमों, मैनुअलों एवं नियमावलियों में स्थापित नियमों की प्रास्थिति का परीक्षण, शोध एवं परिवर्तन की आवश्यकता पर राज्य सरकार को शोधात्मक परामर्श प्रदान करना, उक्त संस्थान का उद्देश्य है। संस्थान के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु विशेषज्ञ के रूप में मानव संसाधन का होना अपरिहार्य होने के दृष्टिगत संस्थान में सृजित पदों के अतिरिक्त पूर्णकालिक व्याख्याता/शोधकर्ता, Learning & Development Expert (Financial Management), Training Coordinator पदों का सृजन किए जाने का निर्णय लिया।
कोषागार विभाग के अन्तर्गत लेखा लिपिक का पद मृत संवर्ग घोषित होने के दृष्टिगत ऐसे नियमति एवं स्थायी अनुसेवक, जिन्होंने इण्टरमीडिएट (कॉमर्स) अथवा समकक्ष परीक्षा अथवा बी०कॉम परीक्षा उत्तीर्ण की हो, अनुसेवक के पद पर 10 वर्ष की निरन्तर सेवा पूर्ण कर ली हो तथा निर्धारित पाठ्क्रम के अनुसार अर्हता परीक्षा उत्तीर्ण कर ली हो, की पदोन्नति हेतु वर्तमान में सृजित कुल सहायक लेखाकार के 326 पदों के सापेक्ष जनपदवार कुल 17 पद आरक्षित किए जाने का निर्णय।
उत्तराखण्ड राज्य के चारधामों एवं श्री हेमकुण्ड साहिब की यात्रा हेतु प्रतिवर्ष लाखों की संख्या मे देशी एवं विदेशी तीर्थयात्री/पर्यटक आते है तथा प्रतिवर्ष यात्रियों की संख्या में निरन्तर हो रही वृद्धि के दृष्टिगत चार धाम यात्रा व्यवस्था को सुचारू रूप से संपन्न करने के उददेश्य से पूर्व से गठित यात्रा प्रशासन संगठन, ऋषिकेश का संगठनात्मक ढांचा अपर्याप्त होने के कारण उक्त संगठन का नाम परिवर्तित करते हुए चारधाम यात्रा प्रबन्धन एवं नियन्त्रण संगठन” (Chardham Yatra Management and Control Organisation) किया गया है। उक्त संगठन के स्थाई कार्यालय हेतु 11 पदों के सृजन की स्वीकृति तथा डाटा एन्ट्री ऑपरेटर, पूछताछ केन्द्र सहायक / सहायक स्वागती, अनुसेवक कार्य हेतु 9 व्यक्तियों की सेवायें आउटसोर्स के माध्यम से लिये जाने का प्रावधान किया गया है। जिसे कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई।
पशुपालन विभाग के नियमित पशुचिकित्साविदों को फरवरी, 2014 से उन्हें अनुमन्य मूल वेतन (निर्धारित वेतन+ ग्रेड वेतन) के योग के 25 प्रतिशत की दर से प्रैक्टिस बन्दी भत्ता (NPA) दिया जा रहा था। केन्द्रीय सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के क्रम में प्रदेश के विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों के लिए गठित वेतन समिति उत्तराखण्ड (2016) द्वारा दिये गये प्रतिवेदन / संस्तुतियों में पशुपालन विभाग के चिकित्सकों को प्रैक्टिस बन्दी भत्ता के सम्बन्ध में कोई उल्लेख न होने के कारण पशुपालन विभाग के पशुचिकित्साधिकारियों को प्रैक्टिस बन्दी भत्ता (NPA) दिया जाना रोक दिया गया था। पुनः प्रकरण वित्तीय नियम समिति को सन्दर्भित किया गया। वित्तीय नियम समिति द्वारा एलोपैथिक चिकित्सकों की भाँति राज्य पशुपालन विभाग के पशुचिकित्साविदों को 20 प्रतिशत प्रैक्टिस बन्दी भत्ता (NPA) अनुमन्य किये जाने की संस्तुति की गयी है। जिसके क्रम में मा0 मंत्रिमण्डल द्वारा पशुपालन विभाग के चिकित्साविदों को 20 प्रतिशत प्रैक्टिस बन्दी भत्ता (NPA) अनुमन्य किये जाने का निर्णय लिया गया है। इससे लगभग 400 पशुचिकित्साविद् लाभान्वित होंगे।
उत्तराखण्ड राज्य में वनाग्नि की घटनाओं हेतु चीड़ के वनों में पिरूल भी एक मुख्य कारण है । वनाग्नि सत्र 2023 में चीड़-पिरूल स्थानीय स्तर पर एकत्रीकरण करके व्यापक स्तर पर ब्रिकेट / पैलेट्स बनाये जाने की व्यवस्था विभाग स्तर से की जानी प्रस्तावित है। चीड़-पिरूल से घटित होने वाली वनाग्नि के रोकथाम हेतु एवं पिरूल एकत्रित करने के लिये क्षेत्रवासियों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किसी व्यक्ति विशेष द्वारा मान्यता प्राप्त संस्था यथा-वन पंचायत, स्वयं सहायता समूह एवं युवक मंगल दल आदि के माध्यम से वन क्षेत्रों में पिरूल को एकत्रित कर स्थाई रूप से निष्कासित करने पर विभाग द्वारा उस व्यक्ति को संस्था के माध्यम से राज्य सैक्टर की संगत योजनाओं अथवा कैम्पा के अन्तर्गत उपलब्ध धनराशि से रू0 2.00 प्रति किलोग्राम की दर से भुगतान किये जाने की स्वीकृति शासनादेश संख्या-2198 / X-2-2019-21 (9) 2015 दिनांक 05 नवम्बर, 2020 के द्वारा प्रदान की गयी थी। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में राज्य में चीड़-पिरूल एकत्रीकरण दर को आजीविका में वृद्धि के दृष्टिगत रू 2.00 प्रति किलोग्राम के स्थान पर रू0 3.00 प्रति किलोग्राम पुनरीक्षित किए जाने का निर्णय लिया गया।
उत्तराखण्ड राज्य में पशुधन हेतु वर्षभर हरे एवं सूखे चारे की उपलब्धता व पशुधन उत्पाद में वृद्धि के साथ महिलाओं के कार्यबोझ को कम करने के लिए उत्तराखण्ड चारा नीति प्रस्तावित की जा रही है। वर्तमान में आवश्यकता के सापेक्ष हरे चारे में 31 प्रतिशत तथा सूखे घारे में 17 प्रतिशत की कमी है। चारे की कमी की पूर्ति मुख्यत पंजाब एवं हरियाणा से आने वाले गेहूं के भूसे से की जाती है। भौगोलिक संरचना के कारण प्रदेश आपदा संभावित क्षेत्र है, जिसके कारण भी चारे की उपलब्धता बाधित होती रहती है। चारा नीति के क्रियान्वयन हेतु पशुपालन विभाग, सहकारिता विभाग, दुग्ध विकास विभाग तथा अन्य स्रोतों यथा REAP इत्यादि के समन्वय से कार्य सम्पादित किये जायेंगे तथा योजना में धनराशि की व्यवस्था राज्य अंश के अतिरिक्त भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं तथा अन्य योजनाओं के माध्यम से की जायेगी। राज्य में हरे चारे की पर्याप्त उपलब्धता हेतु पशुपालकों को 13300 उन्नत किस्म के चारा बीज वितरण कर हरा चारा उत्पादन वृद्धि, वर्तमान साइलेज निर्माण क्षमता से 25 हजार मी० टन वृद्धि, पशुपालकों को चैफ कटर वितरण तथा सिल्वीपाश्चर को बढ़ावा दिया जाना प्रस्तावित है। प्रथम वर्ष में 53400 मी० टन सूखा चारा तथा 1125300 मी० टन हरा चारा मध्यावधि (01 से 03 वर्ष) में 20 हजार मी० टन सूखा चारा तथा 19 हजार मी० टन हरा चारा तथा दीर्घावधि (03 से 05 वर्ष) 01 लाख टन हरा चारा उत्पादन की वृद्धि होगी । उत्तराखण्ड चारा नीति, 2023-28 लागू होने पर चारे की कुल 31 प्रतिशत कमी में से 2352 प्रतिशत की कमी दूर हो जायेगी। वर्तमान मे राज्य सूखे चारे की उपलब्धता में वृद्धि के लिये एफ०पी०ओ० की स्थापना कर दुग्ध उत्पादक समिति के सदस्यों से अतिरिक्त 5 हजार मी०टन फसल अवशेष कय भूसे का सुगम परिवहन के लिये समीपवती भूसा आधिक्य राज्य हरियाणा अथवा पंजाब में सार्वजनिक, सहकारी तथा निजी क्षेत्र की सहायता से एक 20000 मी० टन की सघनीकृत भूसा इकाई की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है। राज्य में भूसा भंडारण क्षमता में वृद्धि हेतु विभिन्न माध्यमों से 10 भूसा भंडारण गृह का निर्माण तथा राज्य में स्थापित चारा बैंकों में कॉम्पेक्ट फीड ब्लाक के अतिरिक्त साइलेज के भण्डारण क्षमता में वृद्धि किया जाना प्रस्तावित है। कुल प्रस्तावित व्यय रू0 13655.00 लाख में से JICA-NPDD से रू 2367.00 लाख REAP से रू० 225500 लाख नाबार्ड मे रू 2000.00 लाख: तथा राज्य सैक्टर से रू 6683.60 लाख का व्यय उक्त योजनाओं के माध्यम से किया जायेगा। राज्य सैक्टर में रू0 3110.00 लाख की योजनायें पूर्व से ही मतिमान है। इस प्रकार उत्तराखण्ड बारा नीति, 2023 – 28 में राज्य सेक्टर रू0 3573.00 लाख की अतिरिक्त आवश्यकता होगी। चारा नीति में प्राकृतिक आपदा एवं आकस्मिकता की स्थिति में प्रदेश में चारे की निर्वाध आपूर्ति हेतु कॉर्पस फण्ड / परिक्रानी निधि की स्थापना हेतु उत्तराखंड चारा नीति 2023- 28 को मंजूरी।
मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड सरकार के कुशल नेतृत्व एवं पशुपालन मंत्री, उत्तराखण्ड के योग्य निर्देशन में उत्तराखण्ड सरकार के द्वारा स्थानीय युवाओं, विशेषकर महिलाओं हेतु उद्यमिता विकास द्वारा प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार सृजन के लिये एवं सभी पशुपालको के समग्र विकास हेतु केबिनेट द्वारा मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड राज्य पशुवन मिशन (CMUSLM) को प्रारम्भ करने का निर्णय लिया है। इसके द्वारा न केवल युवाओं के लिये रोजगार सृजन होगा, अपितु ये योजनायें भूमिहीन एवं सीमांत गरीब किसानों के लिये जीविकोपार्जन के साधन उपलब्ध कराकर प्रतिलोमीप्रवास (रिवर्स माइग्रेशन) में सहायक सिद्ध होगी।
वर्तमान में उत्तराखण्ड युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग के अंतर्गत प्रांतीय रक्षक दल के स्वयंसेवकों के कार्यों के विनियमन हेतु राज्य में संयुक्त प्रान्तीय रक्षक दल अधिनियम, 1948 प्रचलित है। उत्तराखण्ड राज्य के परिप्रेक्ष्य में वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप प्रांतीय रक्षक दल के कार्यों में शान्ति सुरक्षा के साथ-साथ सरकारी व अर्द्धसरकारी अधिष्ठानों के अन्तर्गत विभिन्न प्रयोजनों के लिये आवश्यकतानुसार स्वयंसेवक के रूप में सहयोग प्राप्त किये जाने हेतु कतिपय अंशों को परिवर्तित एवं निष्प्रयोज्य धाराओं को हटाये जाने हेतु तथा पी०आर०डी० स्वयंसेवकों की मांग एवं कार्य के सापेक्ष उनके लिये अवकाश आदि की व्यवस्था किये जाने हेतु संयुक्त प्रान्तीय रक्षक दल अधिनियम, 1948 में संशोधन करते हुये उत्तराखण्ड रक्षक दल (संशोधन) अध्यादेश, 2023 प्रख्याजित किए जाने का निर्णय।
केबिनेट द्वारा स्टेट इंस्टीट्यूट फॉर इम्पावरिंग एण्ड ट्रांसफॉरमिंग (सेतु) का संगठनात्मक ढांचा गठन के संबंध में लिया गया निर्णय। इसके अंतर्गत नीति आयोग की भांति राज्य में नीति नियोजन से संबंधित संस्थान स्टेट इंस्टीट्यूट फॉर इम्पावरिंग एण्ड ट्रांसफॉरमिंग (सेतु) आयोग का गठन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत नागरिकों के विकास एवं कल्याण हेतु सामाजिक और व्यक्तिगत आकांक्षाओं की पूर्ति हेतु विषय निर्धारित करना तथा उस पर सक्रिय रहते नागरिकों की आवश्यकतानुसार कार्य करना । राज्य के चहुमुखी विकास हेतु नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना । राज्य के युवाओं के लिए अवसरों की समानता सुनिश्चित कराना। पर्यावरण को बचाते हुए सतत् विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति करना। सरकार को प्रत्यक्ष और उत्तरदायी बनाने के लिये प्रौद्योगिकी का उपयोग कर पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है। इसमें राज्य के संसाधनों के कुशल और प्रभावी उपयोग के लिये अभिसरण, समन्वय, सामुदायिक भागीदारी और नेटवर्किंग का उपयोग तथा राज्य के संसाधनों के कुशल और प्रभावी उपयोग के लिये अभिसरण, समन्वय, सामुदायिक भागीदारी और नेटवर्किंग का बेहतर तरीके से उपयोग हो सकेगा।
केबिनेट द्वारा मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना को दी गई मंजूरी। जिसके अन्तर्गत विदेश रोजगार हेतु युवाओं को Domain क्षेत्र में कौशल उन्नयन प्रशिक्षण के साथ-साथ सम्बन्धित देश के Language, Culture, Work Ethics, आदि के बारे में प्रशिक्षण भारत सरकार द्वारा Empanelled संस्थाओं के माध्यम से दिये जाने हेतु दिशा-निर्देश को मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदित किया गया है। उक्त योजना में राज्य सरकार द्वारा समस्त प्रशिक्षण पर होने वाले व्यय का 20 प्रतिशत वहन किया जायेगा। अभ्यर्थी द्वारा शेष प्रशिक्षण धनराशि हेतु बैंक से लोन लिये जाने पर उक्त ऋण पर देय ब्याज का अधिकतम 75 प्रतिशत भार राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। संस्था द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम की फीस को इस प्रकार निर्धारित किया जायेगा कि अभ्यर्थी के सेवायोजित होने से पूर्व 30 प्रतिशत की धनराशि देय होगी। प्रथम चरण में विभाग द्वारा Nursing एवं Hospitality के क्षेत्र में विदेश में उपलब्ध रोजगार के अवसरों से राज्य के युवाओं को जोड़े जाने हेतु प्रयास किये जाएगें।
उत्तराखण्ड में मानव वन्यजीव संघर्ष निवारण प्रकोष्ठ की स्थापना एवं उत्तराखण्ड में मानव वन्यजीव संघर्ष निवारण निधि की स्थापना को केबिनेट ने दी मंजूरी। राज्य में मानव एवं वन्यजीवों के मध्य होने वाली घटनाओं का वैज्ञानिक विश्लेषण किये जाने हेतु मानव वन्यजीव प्रकोष्ठ की स्थापना की जानी प्रस्तावित है, जिसमें प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) / मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक के कार्यालय सहयोग हेतु 01 वन क्षेत्राधिकारी अथवा समकक्ष उप वन क्षेत्राधिकारी (विभागीय तैनाती के माध्यम से), 01 पद जी०आई०एस० विशेषज्ञ एवं 02 पद विशेषज्ञ – जे०आर०एफ / एस०आर०एफ० बाह्य स्रोत अनुबंध के आधार रखे जाने का प्रस्ताव है। मानव वन्यजीव संघर्ष के प्रकरण में मृत किसी व्यक्ति के परिजनों अथवा घायल किसी व्यक्ति एवं उनके परिजनों को मौके की परिस्थिति के अनुसार कोई आकस्मिक एवं तात्कालिक सहयोग किये जाने एवं वन्यजीवों के डी०एन०ए० जांच एवं अन्य चिकित्सीय जांच आदि तथा मानव वन्यजीव संघर्ष के अन्तर्गत पकड़े गये वन्यजीवों को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने इत्यादि हेतु मानव वन्यजीव संघर्ष निवारण निधि की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है। उक्त निधि हेतु प्रत्येक वर्ष राज्य सरकार द्वारा 02.00 करोड़ रूपये तक की धनराशि उपलब्ध करायी जायेगी। इस धनराशि में राज्य सरकार द्वारा अपने विवेकानुसार कमी एवं वृद्धि की जा सकेगी। यह धनराशि नॉन लेप्सेबल धनराशि उपयोग हेतु बनी रहेगी। उक्तानुसार इस कोष का स्वरूप सतत् होगा।
केबिनेट बैठक से पूर्व उत्तराखंड की जनता की ओर से राज्य मंत्रिमण्डल द्वारा स्वर्गीय चन्दन राम दास के शोक संतप्त परिवार प्रति अपनी शोक संवेदनाए प्रकट की और दिवंगत आत्मा की शांति तथा उनके परिवार एवं शुभ चिन्तकों को इस गहन दुःख एवं अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की तथा दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना को राज्य कैबिनेट ने दी मंजूरी

आप विदेश में रोजगार के अवसर तलाश रहे हैं और कोई रास्ता बनता नहीं दिख रहा तो चिंता की कोई बात नहीं। राज्य की धामी सरकार ने युवाओं के इस सपने को पूरा करने के लिए ‘‘मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना’’ शुरू करने का निर्णय लिया है। आज राज्य मंत्रिमंडल ने इस पर अपनी मुहर भी लगा दी है। योजना की खास बात यह है कि विदेश में रोजगार के इच्छुक युवाओं को उस लिहाज से तराशने का काम भी राज्य सरकार करेगी। इसके अतिरिक्त चयनित होने वाले अभ्यर्थियों के टिकट, वीजा आदि से संबंधित प्रक्रियाओं में भी सरकार मदद करेगी।
मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना को आज मंत्रिमंडल के समक्ष रखा गया जिसे कैबिनेट ने अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। बताया गया कि विदेश में रोजगार के इच्छुक युवाओं से सम्बन्धित डाटाबेस तैयार करने के लिए ‘अपुणी सरकार पोर्टल’ पर एप्लीकेशन विकसित की जा चुकी है। इसके अलावा विदेश रोजगार के क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाओं से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट के माध्यम से प्रस्ताव आमंत्रित किये जा रहें हैं तथा अब तक इसी कड़ी में कई संस्थाओं के प्रस्ताव सरकार को प्राप्त हो चकें हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं को विदेश में उपलब्ध रोजगार से राज्य के युवाओं को जोड़े जाने के लिए प्रदेश में कार्य करने के इच्छुक हैं। इन संस्थाओं से विचार-विमर्श के बाद प्रथम चरण में नर्सिंग और हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्रों में राज्य के युवाओं हेतु उपलब्ध विदेश में रोजगार के अवसरों से जोड़े जाने हेतु कार्य किये जाने पर सहमति बनी है।
इसके लिए विदेश रोजगार हेतु युवाओं को डोमेन क्षेत्र में कौशल उन्नयन प्रशिक्षण के साथ-साथ सम्बन्धित देश की भाषा, संस्कृति एवं कार्य नियमों आदि के बारे में प्रशिक्षण दिया जाना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त चयनित अभ्यर्थियों के टिकट वीजा आदि से सम्बन्धित प्रक्रियाओं में भी सहयोग प्रस्तावित है।

नर्सिंग कॉलेज के प्रधानाचार्य संग हो चुकी है बैठक
नर्सिंग के क्षेत्र में विदेश में उपलब्ध रोजगार के अवसर की जानकारी देने के लिए समस्त नर्सिंग कॉलेजों के प्रधानाचार्यों के साथ वर्कशॉप की जा चुकी है तथा उनके द्वारा इस समबन्ध में पूर्ण सहयोग प्रदान किये जाने का आश्वासन भी दिया गया है। इसके अलावा नर्सिंग एवं हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्रों प्रशिक्षण प्रदान कर रहीं विभिन्न संस्थाओं से इस सम्बन्ध में विचार-विमर्श एवं युवाओं के साथ वर्कशॉप की जा चुकी है।

9 मई को होगी वर्कशॉप
आगामी 9 मई को विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों से एएनएम एवं जीएनएम उत्तीर्ण युवाओं हेतु जापान में एल्डरली केअर में उपलब्ध रोजगार के अवसरों के बारे में जानकारी प्रदान किये जाने के लिए वर्कशॉप भी रखी गयी है तथा उक्त वर्कशॉप में ही इच्छुक युवाओं का स्क्रीनिंग टेस्ट लिया जायेगा तथा चयनित युवाओं का प्रशिक्षण आरम्भ किया जायेगा। यह प्रशिक्षण स्किल हब सहसपुर में होना प्रस्तावित है।

राज्य स्तरीय वनाग्नि संकट प्रबंधन सेल की बैठक हर वर्ष फरवरी माह में आयोजित हो-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय वनाग्नि संकट प्रबंधन सेल की बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने वन विभाग को निर्देश दिए कि फायर अलर्ट पर तुरंत रिस्पांस दिया जाए उन्होंने कहा कि वनाग्नि को रोकने के लिए राज्य स्तरीय वनाग्नि संकट प्रबंधन सेल की बैठक हर वर्ष फरवरी माह में आयोजित कर ली जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जंगलों में लगने वाली आग एक बहुत बड़ा मुद्दा है जिसे बहुत ही गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जंगलों में लगी आग को रोकने के लिए स्थानीय लोगों का अधिक से अधिक सहयोग लिया जाए, इसके लिए उन्हें किसी प्रकार का प्रोत्साहन भी दिया जा सकता है। उन्होंने इसमें गैर सरकारी सामाजिक संस्थानों को भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने आग बुझाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि वनों में आग लगने के कारणों में पिरुल महत्वपूर्ण है इसके लिए जंगलों से पिरूल के निस्तारण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने पिरुल से पैलेट्स तैयार कर खाना बनाने के ईंधन के रूप में प्रयोग करने को बढ़ावा दिए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि आमजन इसका प्रयोग कर सकें इसके लिए अधिक से अधिक उद्यमियों को इसके पैलेट्स तैयार किए जाने के लिए प्रोत्साहित करना होगा, ताकि पिरुल के पैलेट्स की उपलब्धता सालभर रहे। साथ ही मिड डे मील में बनने वाले भोजन के लिए इसे चूल्हे के ईंधन के तौर पर इसके उपयोग को बढ़ावा दिया जाए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, वन विभाग प्रमुख (हॉफ) अनूप मलिक एवं सचिव विजय कुमार यादव सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

सरकार के सकंल्पों की मुख्य सचिव ने की समीक्षा

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में सरकार के ‘‘दृष्टिपत्र-25, संकल्प 2022’’ की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न हो इसके लिए सभी विभाग अपनी भूमि चिन्हित कर इसके लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाए। उन्होंने कहा कि पर्वतमाला योजना के तहत प्रदेशभर में विभिन्न रोप वे परियोजनाएं संचालित हो रही हैं जो शीघ्र पूर्ण हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि अन्य स्थानों पर भी रोप वे की संभावनाएं तलाशी जाएं।
मुख्य सचिव ने जनरल बिपिन सिंह रावत पूर्व सैनिक क्रेडिट गारंटी योजना के तहत प्रदेश के पूर्व सैनिक इस योजना का लाभ अधिक से अधिक उठा पाएं, इसके लिए इस सम्बन्ध में प्रदेश का डाटा एकत्रित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस परियोजना का प्रतिदिन मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने मानसखंड सर्किट तक पहुंच आसान बनाने के लिए टनकपुर, रामनगर और हल्द्वानी से मानसखंड सर्किट के लिए सड़कों के विकास पर फोकस किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूती प्रदान करने के लिए उनके द्वारा बनाए उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि मार्केटिंग के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने प्रदेश में जन औषधि केंद्रों की संख्या अधिक से अधिक बढ़ाए जाने के निर्देश दिए, कहा कि आमजन को सस्ती जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए जन औषधि केंद्र बहुत कारगर साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बहुत से खूबसूरत पर्वतीय शहर हैं जिनमें पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो सकने की अत्यधिक संभावनाएं हैं ऐसे शहरों को मसूरी एवं नैनीताल की तर्ज पर विकसित करने के लिए चिन्हित कर फीजिबिलिटी टेस्ट करवा लिया जाए। साथ ही उन्होंने प्रदेश में साहसिक पर्यटन की दृष्टि से उपयुक्त अधिक से अधिक पर्यटन स्थलों को चिन्हित कर विकसित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेशभर में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक ईको टूरिज्म स्थल चिन्हित कर विकसित किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाने की दिशा में अधिक से अधिक प्रस्ताव लाए जाएं। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्रियल एरिया के आसपास अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स की अत्यधिक आवश्यकता है। इससे इंडस्ट्रियल एरिया के आसपास रह रहे मजदूर वर्ग को सस्ती दरों पर किराए पर साफ सुथरे आवास मिल सकेंगे।
मुख्य सचिव ने उत्कृष्ट विद्यालय बनाए जाने में तेजी लाते हुए योजना को शीघ्र धरातल पर उतारे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा के अंतर्गत कॉलेजों के सुदृढ़ीकरण के साथ ही हॉस्टल उपलब्ध कराए जाने पर फोकस किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पुरुष एवं महिला हॉस्टल तैयार किए जाएं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, बृजेश कुमार संत, एस. एन. पाण्डेय, दीपेन्द्र कुमार चौधरी एवं विजय कुमार यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सड़क पर युवक ने मंत्री से की हाथापाई, कपड़े भी फाड़े

क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल पर जानलेवा हमला किया गया, इस पर डॉ अग्रवाल के कपड़े को फाड़ा गया। यही नहीं मंत्री के सुरक्षा कर्मी की भी वर्दी फाड़ दी और पिस्टल छीनने की कोशिश की गई।
मंगलवार को ऋषिकेश में मंत्री डॉ अग्रवाल भरत मन्दिर इंटर कॉलेज ऋषिकेश कार्यक्रम पूरा करके से दूसरे कार्यक्रम (परमार्थ निकेतन में सांसद निशंक) के लिए जा रहे थे। तभी हरिद्वार रोड पर जाम के चलते मंत्री डॉ अग्रवाल की गाड़ी रुकी।
इसी बीच मंत्री की गाड़ी के बगल में एक व्यक्ति सुरेंद्र सिंह नेगी ने आकर उनके साथ बदतमीजी कर गाली गलौच की। मंत्री की गाड़ी का शीशा खुला होने के चलते उक्त व्यक्ति ने मंत्री पर आक्रमण करते हुए उनके कुर्ते को पकड़कर फाड़ दिया। तभी मंत्री जी के सुरक्षा कर्मी ने बीच बचाव करने की कोशिश की तो सुरक्षकर्मी की भी वर्दी को फाड़ा गया। साथ सुरक्षाकर्मी की पिस्टल को भी छीनने का प्रयास किया।
मंत्री के साथ अभद्रता करने वाला युवक यही नही रुका। उसने सड़क किनारे पड़े पत्थर को मंत्री को चोटिल करने के उद्देश्य से उठाया। जिस पर मंत्री और सुरक्षकर्मी द्वारा अपना बचाव किया गया।

स्वप्रमाणन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली के तहत पहला मानचित्र आवेदक को मिला

शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा सरलीकरण से समाधान के सरकार के प्रयास के अंतर्गत आज उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण (UHUDA) द्वारा विकसित एवं आवास विभाग, उत्तराखण्ड सरकार द्वारा स्वीकृत स्वप्रमाणन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली के तहत प्रथम मानचित्र आवेदक मुक्ता जोशी पत्नी मुरलीधर जोशी को Architect/Licentiate स्वदेश सिंह द्वारा निर्गत किया गया।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में मात्र 3 दिन के समय में मानचित्र को स्वीकृति करते हुए मानचित्र निर्गत करने की कार्यवाही पूर्ण की गयी। यह प्रक्रिया और भी अल्प समय में की जा सकती है यदि सम्बन्धित Architect/Licentiate के डिजिटल हस्ताक्षर पूर्व से निर्मित हो। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में Architect/Licentiate को दिये गये उसकी व्यवसायिक शुल्क के अतिरिक्त प्राधिकरण स्तर पर मात्र रू0 44956:00 शुल्क जमा किया गया। इस पूरी प्रक्रिया मे प्राधिकरण के किसी भी कर्मचारी का कोई भी सम्पर्क Architect/Licentiate अथवा आवेदक के साथ नहीं हुआ। शून्य सम्पर्क युक्त इस प्रणाली से मात्र 3 दिन में मानचित्र स्वीकृत कर आवेदक को प्राप्त हो गया।
इस मौके पर आवेदक मुक्ता जोशी द्वारा इस प्रणाली की सरहाना करते हुए कहा गया है कि यह प्रक्रिया आमजनमानस के लिए अत्यंत सुविधाजनक और पारदर्शी है और उम्मीद से बेहतर है। प्रथम मानचित्र को मा0 मंत्री आवास प्रेमचंद अग्रवाल के कर कमलों से मानचित्र की प्रति आवेदक को उपलब्ध करायी गयी साथ ही प्राधिकरणों को निर्देश दिये गये कि इसका प्रचार-प्रसार करते हुए आमजनमानस को इसका लाभ प्रदान करें।
इस अवसर पर प्रकाश चंद्र दुम्का अपर आवास आयुक्त/ संयुक्त मुख्य प्रशासक UHUDA आनंद राम अधिशासी अभियन्ता एवं CSII से प्रशांत पोखरियाल उपस्थित रहे।

सशक्त उत्तराखण्ड बनाना हमारी प्रतिबद्धताः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मालसी स्थित होटल में कार्यक्रम में राज्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर बेबाकी से अपने विचार रखे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके कार्यव्यवहार में सौम्यता जरूर है लेकिन राज्य के व्यापक हित में कठोर निर्णय लेने में भी वे पीछे नहीे हटते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की देवतुल्य जनता ने राज्य में एक ही दल की सरकार को दुबारा न चुनने के मिथक को तोडा है। प्रदेश हित में हमने जो भी वायदे किये हैं उन्हे पूरा करने तथा 2025 तक उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों में सम्मिलित करने के लिये वे प्राण प्रण से जुटे हैं। प्रदेश के समग्र विकास में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ केन्द्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सशक्त उत्तराखण्ड बनाने की हमारी प्रतिबद्धता है। इसके लिये प्रदेश में समावेशाी विकास एवं सुदृढ़ अर्थव्यवस्था के लिये अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश के चहुमुखी विकास के लिये आगामी 10 सालों का रोड मैप तैयार करने के निर्देश सभी विभागों को दिये गये है। कृषि, बागवानी आदि के साथ प्राथमिक सैक्टरों को भी इसमें सम्मिलित किया जा रहा है। यही नही तमाम अनछुए क्षेत्रों को बढावा देने का भी कार्य हो रहा है। एक लाख पोली हाउसों के निर्माण से 05 लाख लोगों को रोजगार देने की योजना पर भी कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों से बेरोजगारी दूर नही की जा सकती इसके लिये स्वरोजगार की योजनाओं को बढावा दिया जा रहा है। हमारे युवा नौकरी मांगने वाले नहीं नौकरी देने वाले बने, इस दिशा में प्रभावी पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि जोशीमठ भू-धसाव से हुए प्रभावितों के साथ राज्य सरकार पूरी तरह सहयोगी के रूप में खडी है। इस कठिन दौर में राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा पूरी मदद दी जा रही है। जोशीमठ को बचाना हमारी प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधामों में हो रही वर्षा एवं बर्फबारी के बावजूद यात्रा अपने चरम पर है, लोगों की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा के लिये कारगर व्यवस्था की जा रही है। जोशीमठ का कुछ क्षेत्र ही भू-धसाव से प्रभावित है। जोशीमठ में यात्रियों के लिये आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के लिये देवभूमि के द्वार सभी के लिये खुले है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड धर्म, संस्कृति एवं आध्यात्म के साथ गंगा एवं यमुना का प्रदेश है। राज्य की सीमायें दो देशों से जुडी है। सैन्य बाहुल्य इस देवभूमि में रहने वाले सभी जाति, पंथ, संप्रदाय के लोगों के लिये बिना किसी तुष्टिकरण के सबका साथ, सबका विकास एवं सबका विश्वास की भावना के अनुरूप समान नागरिक संहिता बनाये जाने पर तेजी से कार्य हो रहा है। जून तक इसका ड्राफ्ट तैयार हो जायेगा। उत्तराखण्ड देश में इस कानून को लागू करने वाला पहला प्रदेश होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के अन्य राज्य भी इस दिशा में आगे आयेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नही होने दिया जायेगा, साथ ही ऐसे अतिक्रमणों को स्वयं हटाने के लिये सभी संबंधित से अपेक्षा भी की गयी है। तय समय सीमा में अतिक्रमण न हटाये जाने पर उन्हें हटाये जाने की कार्यवाही के भी सख्त निर्देश अधिकारियों को दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव राज्य के विकास से जुडी योजनाओं में साफ झलकता है। शीघ्र ही ऋषिकेश, कर्णप्रयाग रेललाइन का सपना साकार होने वाला है। टनकपुर, बागेश्वर के साथ गंगोत्री रेल लाइन के सर्वे का कार्य हो रहा है। देहरादून रेल लाइन का दोहरी करण, किच्छा, खटीमा रेल लाइन निर्माण के साथ राज्य को नई ट्रेनों की सौगात मिली है।
प्रधानमंत्री के मन की बात की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने समर्पण के साथ कार्य करने वाले संघर्षशील लोगों को पहचान दिलायी है। प्रधानमंत्री द्वारा इस माध्यम से लोगों को प्रोत्साहित करने का भी सराहनीय प्रयास किया गया है।
इस अवसर पर महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी भी मौजूद थे।

मुक्तेश्वर ने किया 13 डिस्ट्रिक्ट-13 डेस्टिनेशन की संकल्पना को साकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मुक्तेश्वर पहुंचकर 13 डिस्ट्रिक्ट-13 डेस्टिनेशन के अन्तर्गत शामिल मुक्तेश्वर का निरीक्षण किया गया। मुख्यमंत्री ने केएमवीएन मुक्तेश्वर पहुंचकर हिमदर्शन व्यू पॉइंट से लगभग 300 किलोमीटर में फैली हिमालयी पर्वत शिखर नन्दा देवी, त्रिशूल, नन्दकोट, नन्दा खाट, हाथीपर्वत, अन्नपूर्णा व पंचाचूली पर्वत को निहारा। कहा कि हिमालय पर्वत श्रृंखला विराट, विशाल, खूबसूरत और आध्यात्मिक है। हिमालय की ऊंचाई मन मे सकारात्मक का भाव लाता है।
मुक्तेश्वर को 13 डिस्ट्रिक्ट-13 डेस्टिनेशन के रूप में बेहतरीन तरीक़े से विकसित किया गया है जिससे यह देशियों के साथ ही विदेशियों की पहली पसंद बन रहा है। मुक्तेश्वर में महादेव मंदिर में सौंदर्यीकरण कार्य, चौली की जाली, मुक्तेश्वर गार्डन, हिमदर्शन, भालू गाड़ वाटरफॉल का विकास के साथ ही सरगाखेत में पुराने पुलिस थाने भवन का हैंडीक्राफ्ट कैफ़े के रूप में जीर्णाेद्धार किया गया है। लगभग 04 करोड 16 लाख की लागत से मुक्तेश्वर को विकसित किया गया है।
नैनीताल में बड़ी संख्या में आए पर्यटकों को वीवीआईपी व्यवस्थाओं से असुविधा न हो इसके दृष्टिगत सीएम पुष्कर सिंह धामी नैनीताल में पूर्व निर्धारित रात्रि विश्राम की जगह आज रात्रि प्रवास पर मुक्तेश्वर में ही करेंगे।
इस अवसर पर जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, पुलिस कप्तान पंकज भट्ट, एम डी केएमवीएन विनीत तोमर, एम डी एबी बाजपेई, अपर जिलाधिकारी शिवचरण द्विवेदी, विधायक राम सिंह कैडा, जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, डॉक्टर अनिल कपूर डब्बू, देवेंद्र ढैला, भावना पांडे,रंजन बरगली, कार्तिक हरबोला, कनिष्ठ ढींगरा, प्रदीप बिष्ट, कुंदन चिलवाल, देवेंद्र बिष्ट, हेम बोरा, उपजिलाधिकारी धारी योगेश मेहरा, तहसीलदार तान्या रजवार, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी से मिलने पहुंचे नन्हे मुन्ने बच्चे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को मुक्तेश्वर पहुंचे, जहां वह कुमाऊं मंडल विकास निगम मुक्तेश्वर में पहुंचे थे कि केंद्रीय विद्यालय मुक्तेश्वर के तीन नन्हे मुन्ने बच्चे मुख्यमंत्री से आकर मिले। अपने बीच मुख्यमंत्री को देख बच्चे काफी उत्साहित थे, केंद्रीय विद्यालय में कक्षा छठी की छात्रा करुणा और कक्षा तीसरी की छात्रा रुचि और कक्षा एक के छात्र शैलेश पांडे ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस दौरान सीएम धामी भी बच्चों को देख काफी प्रफुल्लित हुए उन्होंने नन्हे-मुन्ने बच्चों से बातचीत की और उनका हालचाल जाना और उनकी पढ़ाई के बारे में भी पूछा। इस दौरान बच्चे सीएम से मिलकर काफी खुश नजर आए, उन्होंने सीएम धामी का ऑटोग्राफ भी लिया।

मुख्यमंत्री धामी के निर्देश, पीएम के मन की बात कार्यक्रम को अधिक से अधिक सुने लोग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ’मन की बात’ कार्यक्रम का कल (रविवार) को 100वां संस्करण प्रसारित होने जा रहा है। ऐसे में राज्य में भी अधिकाधिक लोग पीएम की मन की बात सुन सकें इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी विद्यालयों, ग्राम सभाओं, डिग्री कॉलेज, पॉलिटेक्निक, आईटीआई में कार्यक्रम को सुनने की व्यवस्था को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गये ’मन की बात’ का कल 100वां संस्करण प्रातः 11 बजे प्रसारित होगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उन लोगों का विशेष उल्लेख करते हैं जो कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे तमाम +-लोग देश के कोने-कोने में हैं और अपने कार्यों से अलग पहचान बनाते हुए समाज को दिशा देने का काम भी कर रहे हैं। ऐसे लोगों के बारे में जानकारी और उनके कार्यों के बारे में जानकारी इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री द्वारा दी जाती है। इसके अलावा छात्रों के के लिये भी यह जानकारी बहुत उपयोगी होती है और पूर्व में छात्र और शिक्षक तथा आमजन इस कार्यक्रम को सुनते रहे हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कल प्रसारित होने वाले कार्यक्रम का 100वां संस्करण कई मायनों में महत्वपूर्ण है। इसलिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कल सभी विद्यालयों, ग्राम सभाओं, डिग्री कॉलेज, पॉलिटेक्निक, आईटीआई आदि में इस कार्यक्रम को सुनने की व्यवस्था की जानी है।